मुंबई: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 1 प्रतिशत तक टूटकर बंद हुए।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 719.08 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,524.26 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 243.70 अंक यानी 1.04 प्रतिशत फिसलकर 23,123 के स्तर पर पहुंच गया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा दबाव
व्यापक बाजार में बिकवाली और भी अधिक रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.40 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में कमी दिखाई दी।
रियल्टी, मेटल और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा टूटे
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी में 2.56 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 2.33 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी, ऑयल एंड गैस, मीडिया, फाइनेंशियल सर्विसेज और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी दबाव में रहे।
इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट
निफ्टी 50 के केवल 9 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। मैक्स हेल्थ, पावरग्रिड, भारती एयरटेल, बीईएल, नेस्ले इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
वहीं, विप्रो के शेयरों में सबसे बड़ी 8.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा जियो फाइनेंशियल, इटरनल, हिंडाल्को और श्रीराम फाइनेंस के शेयर भी 3 प्रतिशत से अधिक टूटे।
पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी चिंता
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमलों के बाद क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इससे निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी।
निफ्टी के लिए ये स्तर महत्वपूर्ण
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी फिलहाल अपने हालिया उच्च स्तरों से नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार में कमजोरी का संकेत देता है।
- 23,250-23,300 का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
- इसके ऊपर 23,450 का स्तर अगला प्रमुख अवरोध होगा।
- नीचे की ओर 23,100 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है।
- यदि यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 23,000 तक फिसल सकता है।
- इसके नीचे 22,800-22,850 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डेली आरएसआई फिलहाल 37 के आसपास है, जो बाजार में कमजोर धारणा को दर्शाता है। हालांकि बाजार धीरे-धीरे ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में आने वाले सत्रों में शॉर्ट कवरिंग के कारण राहत भरी तेजी भी देखने को मिल सकती है।

