Home Blog Page 15

IND vs PAK: पाकिस्तान से मिली रोमंचक जीत से गदगद रोहित शर्मा, बोले- ‘ये दिल मांगे मोर..’

चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर एशिया कप में जीत के साथ आगाज करने वाले भारतीय कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने कहा कि उन्हें एकतरफा जीत की बजाय इस तरह के मैच जीतना अधिक पसंद है. जीत के लिये 148 रन का लक्ष्य भारत ने दो गेंद बाकी रहते पांच विकेट खोकर हासिल किया.

रोहित ने मैच के बाद कहा ,‘‘ हमें पारी आधी होने के बाद भी भरोसा था. इसी तरह का भरोसा हम इस टीम को देना चाहते हैं कि मैच में किस तरह वापसी की जाती है. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी को अपनी भूमिका पता है.” उन्होंने कहा ,‘‘ एकतरफा जीत दर्ज करने से ऐसे मैच जीतना बेहतर है . ”

उन्होंने अपने तेज गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा ,‘‘ पिछले एक साल से हमारे तेज गेंदबाज शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. कई बार चुनौतियां मिलती हैं लेकिन उनका सामना करके ही हम आगे बढ सकते हैं.

हरफनमौला प्रदर्शन करके मैच जिताने वाले हार्दिक पंड्या के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘ हार्दिक ने टीम में वापसी के बाद से शानदार प्रदर्शन किया है. उसने आईपीएल भी बहुत अच्छा खेला. उसकी बल्लेबाजी के बारे में हम जानते हैं और वह बेहतरीन फॉर्म में है.”

ट्विन टावर के दोषियों के खिलाफ बीजेपी सरकार क्यों नहीं कर रही कार्रवाई: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party)अध्‍यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सोमवार को नोएडा के ट्विन टावर (Twin Tower) ध्वस्तीकरण के मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उप मुख्‍यमंत्री इस मामले के दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि टावर मामले में बीजेपी ने न तो उच्‍च न्‍यायालय में हुयी बहस को पढ़ा है और न ही उच्‍चतम न्‍यायालय के आदेश को जिनमें ट्विन टावर मामले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है. यादव ने आरोप लगाया कि ‘‘भाजपा से बड़ा झूठ कोई नहीं बोल सकता, भाजपा के लोग बहुत बड़े झूठे हैं.”

गौरतलब हैं कि रविवार को उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था,”नोएडा का सुपरटेक ट्विन टॉवर अखिलेश यादव और सपा के शासनकाल के भ्रष्टाचार और अराजकता की नीति का जीवंत प्रमाण है. आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार में सपा के भ्रष्टाचार की इमारत ढहेगी. यह है न्याय, यही सुशासन.”

औरैया से लौटते समय सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तिर्वा तहसील में बने एक लाख लीटर की क्षमता वाले गाय दूध प्रसंस्करण संयंत्र और ‘भारत-इजराइल मैत्री वेजिटेबल प्लांट’ का निरीक्षण किया.

उन्होंने निरीक्षण के बाद तिर्वा में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि सपा की सरकार में किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए आधुनिक गाय के दूध को प्रसंस्करित के लिए संयंत्र शुरू किया गया था, लेकिन यह सरकार इस संयंत्र को नहीं चला सकी.

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर यह संयंत्र चलता तो कन्नौज जिले के आसपास के दर्जनों जिलों को लाभ मिलता और किसानों व गौ पलकों को भी इसका लाभ मिलता. उन्होंने आरोप लगाया कि संयंत्र में टेट्रा पैकिंग की इकाई लगाई थी, जिसे भाजपा सरकार आज तक चालू नहीं कर पाई.

कांग्रेस ने महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा, देश को ‘नफरत की आग में झोंकने’ का आरोप लगाया

कांग्रेस (Congress) ने महंगाई (Inflation) के मुद्दे को लेकर सोमवार को देश के 22 शहरों में संवाददता सम्मेलन का आयोजन किया और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हैं, लेकिन इस सरकार ने देश को ‘नफरत की आग’ में झोंक दिया है. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह भी कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और करों के बोझ के तले जनता दबी जा रही है, जिसके खिलाफ कांग्रेस ‘भारत जोड़ो’ यात्रा शुरू करने जा रही है.

उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘महंगाई का जाल तोड़ो, भारत जोड़ो! आज देश में सबसे बड़ी समस्याएं हैं-बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती नफरत. ‘बहुत हुई महंगाई की मार’ वाला जुमला आप सबको याद ही होगा, लेकिन आज खाद्य पदार्थों पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाकर जनता से वसूली की जा रही है.” राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन आज देश में 45 वर्षों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है. कहा था, ‘हम 2022 तक विश्वगुरु बनेंगे’, लेकिन आज देश को नफरत की आग में झोंक दिया गया है.”

उन्होंने कहा, ‘‘मुद्दे कई हैं जिन पर बात होनी चाहिए, सवाल उठने चाहिए, जवाब मिलने चाहिए. अगर सरकार द्वारा जनता के मुद्दे उठाने के लिए द्वेष, भय और प्रतिशोध की राजनीति की जाएगी तो हम सब कुछ झेलने के लिए तैयार हैं. सच बोलने के लिए मुझ पर जितने आक्रमण करने हैं, कर लें, मैं पीछे नहीं हटूंगा.”कांग्रेस ने चार सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘महंगाई पर हल्ला बोल’ रैली से पहले, सोमवार को देश के 22 शहरों में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया.

दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने यह दावा भी किया कि बेरोजगारी और महंगाई नरेंद्र मोदी सरकार के दो भाई हैं. उन्होंने कहा, ‘‘सीएमआईई (सेंटर फॉर मानिटरिंग ऑफ इंडियन इकॉनोमी) के आंकड़ों के अनुसार, बेरोजगारी दर 8 प्रतिशत बनी हुई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में तो बेरोजगारी दर शहरी क्षेत्रों से भी अधिक है. मगर मोदी सरकार को इन सबसे कहां फर्क पड़ता है ? मोदी सरकार ‘बांटो और राज करो’ तथा ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग में लगी हुई है.”

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के समय कच्चे तेल का मूल्य 106 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल था, उस दौरान पेट्रोल की कीमत 71 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 55 रुपये प्रति लीटर थी. उन्होंने कहा कि 2014 में केन्द्र में भाजपा नीत सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही ईंधन पर उत्पाद शुल्क लगातार बढ़ाया जा रहा है. खेड़ा ने कहा, ‘‘लेकिन हर सप्ताह असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विवाद पैदा किया जा रहा है. वे धर्म, भाषा और लोगों के पहनावे के आधार पर समाज को बांट रहे हैं. हर दिन नया विवाद पैदा हो रहा है.”

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने लखनऊ में दावा किया, ‘प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष में रह कर बहुत बड़ी-बड़ी बात करते थे मगर आज उन्होंने ही जनता को महंगाई के बोझ तले दबा दिया है. आज 
जब 45 वर्षों में सबसे अधिक बेरोजगारी है और आय घट गयी है तब देश को महंगाई तले रौंदा जा रहा है. पिछले आठ वर्षों में मोदी सरकार का रिकॉर्ड इस सच्चाई को उजागर करता है.’ पार्टी नेताओं देश के कई अन्य शहरों में महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

Sonali Phogat Case: गोवा सरकार कार्रवाई रिपोर्ट खट्टर को सौंपेगी

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता सोनाली फोगाट हत्याकांड (Sonali Phogat Murdercase) में कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) हरियाणा सरकार को सौंपेगी. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि गोवा पुलिस मामले की सही दिशा में जांच कर रही है. उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि गोवा पुलिस ने अब तक अच्छी जांच की है.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को एटीआर सौंपी जाएगी. सावंत ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार जरूरत पड़ने पर फोगाट की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी कहा था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उनसे बात की थी और मामले की विस्तृत जांच का अनुरोध किया था.

टिकटॉक ऐप से मशहूर हुईं फोगाट (42) की पिछले हफ्ते गोवा में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस ने अब तक फोगाट के निजी सहायक सुधीर सांगवान और एक अन्य सहयोगी सुखविंदर सिंह सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.

Lalbaugcha Raja 2022 First Look: कीजिए मुंबई के लालबाग के राजा के मुख दर्शन…

मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित लालबाग के राजा का आज अनावरण किया गया. कोरोना महामारी के कारण दो साल के ब्रेक के बाद लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की तरफ़ से इस बार तैयरियाँ ज़ोरों पर हैं. आप भी मुंबई के लालबाग के राजा के मुख दर्शन का लाभ लीजिए.

आपको बता दें कि लालबाग़ के राजा के दर्शनों के लिए गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन हज़ारों की तादात में श्रधालु पहुँचते हैं।

Delhi: एंबुलेंस नहीं मिलने पर, 2 साल के मासूम के शव को हाथ में ले जाने को मजबूर हुआ भाई

सोशल मीडिया पर 10 साल के एक लड़के का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसकी गोद में दो साल के भाई का शव नजर आ रहा है. इस वीडियो को देखने के बाद लोगों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ काफी गुस्सा है. 10 साल के इस लड़के का नाम सागर कुमार है.

पुलिस के अनुसार, दो साल के बच्चे कला कुमार की शुक्रवार को उसकी सौतेली मां सीता ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी. दिल्ली सहारनपुर हाइवे पर बैंक के पास रोते हुए मासूम को चुप ना करा पाने पर महिला ने बच्चे को कार के आगे धक्का दे दिया.कार की टक्कर से मासूम की मौत हो गयी.

बागपत के सर्कल अधिकारी देवेंद्र कुमार शर्मा ने कहा, स्थानीय लोगों ने हमें सूचित किया, जिसके बाद महिला के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

लड़के के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया.पोस्टमार्टम के बाद शव उसके पिता प्रवीण कुमार को सौंप दिया गया, जो शामली जिले में दिहाड़ी मजदूर हैं.

प्रवीण के साथ उसका रिश्तेदार रामपाल और उसका बेटा सागर भी था. रामपाल ने आरोप लगाया कि प्रवीण ने बार-बार एक स्वास्थ्य अधिकारी से शव ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. लेकिन उसके अनुरोध पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.

शिंदे सरकार के एक फैसले से BMC को होगा 1000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, यहां जानें क्या है पूरा मामला?

महाराष्ट्र सरकार ने संपत्ति कर (Property Tax) वृद्धि को एक और वित्तीय वर्ष के लिए टालने का फैसला किया है. अब इस फैसले से बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को 1,080 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने वाला है. संपत्ति कर संग्रह बीएमसी के लिए राजस्व के मुख्य स्रोतों में से एक है और मुंबई नगर निगम (एमएमसी) अधिनियम के अनुसार, संपत्ति कर की दर हर पांच साल के बाद संशोधित की जाती है.

पिछली संपत्ति कर वृद्धि 2015 में लागू की गई थी, जिसके बाद अगला संशोधन 2020 में होना था. हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण, तत्कालीन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली राज्य महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार ने कर दरों में वृद्धि नहीं की थी. 2020 में, शहर में दूसरी लहर आने के बाद 2021 में इस निर्णय को फिर से दोहराया गया.

हालांकि, अगले कुछ महीनों के भीतर निकाय चुनाव होने के साथ, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 25 अगस्त को राज्य विधानसभा के आखिरी दिन कहा कि उन्होंने नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल को अभी तक कर दरों में एक और वर्ष वृद्धि नहीं करने का निर्देश दिया है.

अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) पी वेलरासु ने बताया कि “इस साल संपत्ति कर की दरों को 18% संशोधित किया जाना था, जिसका अर्थ है कि राजस्व में 1,080 करोड़ की वृद्धि हो सकती थी. पिछले साल हमारे पास कर संग्रह ₹6,000 करोड़ के करीब था और अगर यह वृद्धि लागू की गई होती, तो कर संग्रह इस वित्तीय वर्ष के अंत तक ₹7,080 करोड़ तक पहुंच सकता था.”

बकौल हिन्दुस्तान टाइम्स, वित्त वर्ष 2021-22 में, बीएमसी ने अपने संपत्ति कर संग्रह को ₹392 करोड़ से अधिक हासिल किया क्योंकि यह ₹5,400 करोड़ के अपने वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले संपत्ति करों में ₹5,792 करोड़ की वसूली करने में सक्षम था.

अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, 31 पैसे गिरकर डॉलर के मुकाबले 80.15 पर पहुंचा

डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 31 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 80.15 रुपये पर आ गया. यह डॉलर के मुकाबले रुपये का अब तक का सबसे निचला स्तर है.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 80.10 पर खुला. बाद में और गिरावट दर्ज करते हुए 80.15 पर आ गया. आज की गिरावट ने पिछले महीने के रिकॉर्ड को भी तोड़ कर दिया है.

इससे पहले शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 79.84 पर बंद हुआ था. विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई दर से निपटने के लिए सख्त रुख अपनाने की बात कहने के बाद डॉलर में मजबूती आई.

Frozen Shoulder: कंधे में रहती है अकड़न? जानें इग्नोर करना क्यों हो सकता है खतरनाक

0

फ्रोजन शोल्डर को एडहेसिव कैप्सुलिटिस भी कहा जाता है, इसमें कंधे के ज्वॉइंट्स में अकड़न और दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है. फ्रोजन शोल्डर के संकेत और लक्षण काफी धीरे-धीरे दिखने शुरू होते हैं और समय के साथ ही दर्द काफी ज्यादा बढ़ जाता है. कंधे के दर्द को लंबे समय तक इग्नोर करने से फ्रोजन शोल्डर का खतरा बढ़ जाता है. ऐसा आमतौर पर किसी सर्जरी या चोट लगने के कारण होता है.

 फ्रोजन शोल्डर के बारे में बताते हुए एक महिला ने बताया कि उसकी दोस्त को गिरने के कारण कंधे में काफी दर्द का  सामना करना पड़ रहा था.  ऐसे में महिला ने बताया कि कंधे में दर्द होना काफी आम है जो शोल्डर में चोट लगने के कारण होता है. लेकिन अभी भी लोग यह नहीं जानते कि इसे ठीक कैसे करना है.

आमतौर पर, फ्रोजन शोल्डर की समस्या का सामना 40 से 60 साल की उम्र के बीच किया जाता है. महिलाओं को इस समस्या का सामना काफी ज्यादा करना पड़ता है. 

फ्रोजन शोल्डर की समस्या होने पर कंधे की मसल्स में काफी ज्यादा अकड़न का सामना करना पड़ता है. जिसके मुख्य लक्षण कंधे में दर्द और सही तरह से काम ना करना है. फ्रोजन शोल्डर के कारण व्यक्ति को अपने रोजाना के काम करने में भी काफी दिक्कत होती है. इससे कई बार इलाज में दिक्कत आती है. 

डायबिटीज के मरीजों में फ्रोजन शोल्डर की समस्या का जोखिम 10 से 20 फीसदी होता है और दोनों की कंधों में इसके लक्षण दिखाई दे सकते हैं. फ्रोजन शोल्डर की समस्या से एकदम से छुटकारा नहीं मिलता. इसे ठीक होने में काफी समय लग जाता है.

फ्रोजन शोल्डर के कारण

कंधे के ज्वॉइंट्स  के बाहर एक कैप्सूल होता है, फ्रोजन शोल्डर में यह कैप्सूल सख्त या स्टिफ होने लगता है, जिससे कंधे की गति काफी कम हो जाती है. इस बात का पता लगाना काफी मुश्किल है कि किन लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है लेकिन लंबे समय तक कंधे को स्थिर रखने के बाद ऐसा होने की संभावना ज्यादा होती है जैसे कि सर्जरी के बाद या हाथ में फ्रैक्चर.

फ्रोजन शोल्डर के लक्षण

फ्रोजन शोल्डर की समस्या तीन स्टेज में विकसित होती है.

फ्रीजिंग स्टेज- कंधे के किसी भी मूवमेंट से दर्द होता है, और कंधे की मूवमेंट लिमिटेड हो जाती है. 

फ्रोजन स्टेज- इस स्टेज में दर्द कम हो सकता है. हालांकि कंधे में अकड़न काफी ज्यादा होती है और इसका इस्तेमाल करना काफी मुश्किल हो जाता है. 

थॉइंग स्टेज- इस स्टेज में कंधे की मूवमेंट में थोड़ा सुधार होना शुरू हो जाता है. 

रिस्क फैक्टर

ऐसे बहुत से कारण हैं जिनके कारण फ्रोजन शोल्डर की समस्या बढ़ सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में- 

उम्र और सेक्स- 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों, खासतौर पर महिलाओं में फ्रोजन शोल्डर की समस्या काफी आम होती है. 

कंधे काम ना करना या बहुत कम काम करना- जिन लोगों का कंधा काफी लंबे समय तक रेस्ट की पोजीशन में रहता है उनमें फ्रोजन शोल्डर का खतरा काफी ज्यादा होता है. कई कारणों के चलते कंधे की मूवमेंट रुक सकती है जैसे- रोटेटर कफ की चोटआर्म का टूटनास्ट्रोकसर्जरी के बाद रिकवरी

कैसे बचें फ्रोजन शोल्डर की समस्या से- 

फ्रोजन शोल्डर का सबसे आम कारण शोल्डर में चोट लगना, आर्म टूटना या स्ट्रोक के बाद कंधे में मूवमेंट का बंद हो जाना है. अगर चोट के कारण आप कंधे को नहीं हिला पा रहे हैं तो इसके लिए अपने डॉक्टर से बात करें और उनसे कुछ एक्सरसाइज का पूछें. इससे आपके कंधों में मूवमेंट होती रहेगी और फ्रोजन शोल्डर की समस्या का सामना नहीं करना पडे़गा. 

Source: Aaj Tak

Mutual Fund कंपनियों में Silver ETF लाने की होड़, अब तक 1400 करोड़ रुपये की संपत्तियां जुटाई

0

म्युचुअल फंड (Mutual Fund) कंपनियों ने इस साल सिल्वर ईटीएफ (Exchange Traded Fund) श्रेणी में कई नई कोष पेशकशें की हैं. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा 2021 में पेश किए गए नव-सृजित परिसंपत्ति वर्ग की शुरुआत के बाद से म्यूचुअल फंड कंपनियों ने इसके जरिये 1,400 करोड़ रुपये की संपत्तियां जुटाई हैं.

सेबी के पास उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार, कोटक एसेट मैनेजमेंट कंपनी सहित म्यूचुअल फंड कंपनियों ने निवेशकों के लिए सिल्वर ईटीएफ के साथ-साथ सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स के लिए बाजार नियामक के पास दस्तावेजों का मसौदा जमा कराया है.

ये एनएफओ (नई कोष पेशकश) निवेशकों को डिजिटल तरीके से निवेश करने और चांदी का स्वामित्व रखने का अवसर प्रदान कर रहे हैं. उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और निप्पन इंडिया म्यूचुअल फंड ने सिल्वर ईटीएफ शुरू किया है.

इसके अलावा, इन परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों में से प्रत्येक के पास सिल्वर फंड ऑफ फंड (एफओएफ) है, जो अपने संबंधित ईटीएफ में निवेश करता है. इनके अलावा, डीएसपी म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के सिल्वर ईटीएफ के एनएफओ इस महीने बंद हुए हैं, जबकि एडलवाइस गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ एफओएफ वर्तमान में निवेशकों के लिए खुले हैं.

मॉर्निंगस्टार इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, उद्योग जुलाई के अंत तक सिल्वर ईटीएफ के जरिये पहले ही 1,400 करोड़ रुपये की संपत्तियां जुटा चुका है. नवंबर, 2021 में सेबी के सिल्वर ईटीएफ की अनुमति देने के बाद से संपत्ति प्रबंधन कंपनियों में इसे लाने की होड़ मची है.

मॉर्निंगस्टार इंडिया की वरिष्ठ विश्लेषक-प्रबंधक शोध कविता कृष्णन ने कहा, ‘‘सेबी के कदम ने म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिए सिल्वर ईटीएफ का रास्ता खोल दिया है. बहुत से निवेशक चांदी को महंगाई के खिलाफ ‘हेजिंग’ के लिए इस्तेमाल करते रहे है. ऐसे में इससे उन्हें भौतिक रूप से चांदी रखने के बजाय फॉर्म या कोष के रूप में इसे रखने का विकल्प मिला है.

एडलवाइस एएमसी की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी राधिका गुप्ता ने कहा, ‘‘हाल के समय में चांदी का प्रदर्शन कमजोर रहा है. इसकी वजह से एएमसी सिल्वर ईटीएफ और एफओएफ ला रही हैं क्योंकि यह संभवत: बहुमूल्य धातु में निवेश के लिए उचित समय है.’’ कृष्णन ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन, सौर और 5जी जैसे नए युग के उद्योगों में चांदी की भारी मांग है. इस वजह से भी निवेशक चांदी में निवेश को लेकर अधिक जागरूक हुए हैं.”