Home Blog Page 16

उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर को गिराया गया

नोएडा के सेक्टर 93ए में स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर को रविवार दोपहर गिरा दिया गया. अवैध रूप से निर्मित इस ढांचे को ध्वस्त करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के साल भर बाद यह कार्रवाई की गई.

लगभग 100 मीटर ऊंचे टावर को विस्फोट कर चंद सेकेंड में धराशायी कर दिया गया. दिल्ली की प्रतिष्ठित कुतुब मीनार (73 मीटर) से ऊंचे गगनचुंबी ट्विन टावर को ‘वाटरफॉल इम्प्लोजन’ तकनीक की मदद से गिराया गया.

टावर गिराए जाने के कुछ मिनट बाद आसपास की इमारतें सुरक्षित नजर आईं. विस्तृत सुरक्षा ऑडिट बाद में किए जाने की संभावना है.

ट्विन टावर भारत में अब तक ध्वस्त की गई सबसे ऊंचे ढांचे थे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगे नोएडा के सेक्टर 93ए में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी के भीतर 2009 से ‘एपेक्स’ (32 मंजिल) और ‘सियान’ (29 मंजिल) टावर निर्माणाधीन थे.

इमारत गिराने के लिए 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया. ट्विन टावर में 40 मंजिलें और 21 दुकानों समेत 915 आवासीय अपार्टमेंट प्रस्तावित किए गए थे.

दोनों टावर को गिराए जाने से पहले इनके पास स्थित दो सोसाइटी एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के करीब 5,000 लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके अलावा, करीब 3,000 वाहनों और बिल्ली तथा कुत्तों समेत 150-200 पालतू जानवरों को भी हटाया गया.

अनुमान के मुताबिक, ट्विन टावर को गिराने के बाद इसके 55 से 80 हजार टन मलबा हटाने में करीब तीन महीने का समय लगेगा.

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने अगस्त 2021 में ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था. उच्चतम न्यायालय ने एमराल्ड कोर्ट सोसायटी परिसर के बीच इस निर्माण को नियमों का उल्लंघन बताया था.

मुंबई की एडिफिस इंजीनियरिंग को 28 अगस्त को लगभग 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावर को सुरक्षित रूप से गिराने का कार्य सौंपा गया था. कंपनी ने इस जोखिम भरे काम के लिए दक्षिण अफ्रीका की जेट डिमॉलिशन्स के साथ एक करार किया था. शीर्ष न्यायालय द्वारा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) को परियोजना के लिए तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया था.

एडिफिस इंजीनियरिंग और जेट डिमॉलिशन्स ने इससे पहले 2020 में कोच्चि (केरल) स्थित मराडू कॉम्प्लेक्स को ढहाया था, जिसमें 18 से 20 मंजिलों वाले चार आवासीय भवन थे.

वर्ष 2019 में जेट डिमॉलिशन्स ने जोहानिसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में बैंक ऑफ लिस्बन की 108 मीटर ऊंची इमारत को ढहाया था, जिसके आठ मीटर के दायरे में कई भवन थे.

इमारतों को ध्वस्त किये जाने की इन दोनों ही प्रक्रियाओं को ‘इंप्लोजन तकनीक’ के माध्यम से अंजाम दिया गया था.

गुजरात दौरा: ‘स्मृति वन’ स्मारक का उद्घाटन, 4,400 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे के दूसरे दिन रविवार को कच्छ जिले के भुज में ‘स्मृति वन’ स्मारक का उद्घाटन करेंगे और 4,400 करोड़ रुपए की परियोजनाएं शुरू करेंगे. प्रधानमंत्री स्मृति वन जाते समय भुज में तीन किलोमीटर के रास्ते में रोडशो भी करेंगे.

स्मृति वन स्मारक को करीब 470 एकड़ के इलाके में बनाया गया है. यह स्मारक 13,000 लोगों की जान लेने वाले 2001 के भूकंप के बाद इस त्रासदी से उबरने के लोगों के जज्बे को दर्शाता है. इस भूकंप का केंद्र भुज में था.

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस स्मारक में उन लोगों का नाम अंकित है, जिनकी भूकंप के कारण मौत हुई. इसमें अत्याधुनिक ‘स्मृति वन भूकंप संग्रहालय’ भी है.

संग्रहालय 2001 के भूकंप के बाद गुजरात की स्थिति, पुनर्निर्माण की पहलों और सफलता की कहानियों को दर्शाता है तथा विभिन्न प्रकार की आपदाओं के बारे में एवं किसी भी प्रकार की आपदा के लिए भविष्य की तैयारियों की जानकारी देता है.

विज्ञप्ति में बताया गया है कि इसमें एक 5डी सिम्युलेटर है, जिसकी मदद से इस भूकंप के अनुभव को महसूस किया जा सकता है. इसके अलावा मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक अन्य ब्लॉक बनाया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी जिले के 948 गांवों और 10 कस्बों में सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरदार सरोवर परियोजना की कच्छ शाखा नहर का भी उद्घाटन करेंगे. 

वह भुज में एक क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, सरहद डेयरी के एक नए स्वचालित दूध प्रसंस्करण और पैकिंग संयंत्र, गांधीधाम में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कन्वेंशन सेंटर, अंजार में वीर बाल स्मारक और नखत्राणा में भुज 2 उप स्टेशन का भी उद्घाटन करेंगे.

इसके बाद, प्रधानमंत्री भारत में सुजुकी के 40 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर सम्मेलन केंद्र में एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जहां वह गुजरात के हंसलपुर में सुजुकी मोटर गुजरात इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी निर्माण सुविधा एवं हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के वाहन निर्माण केंद्र की आधारशिला भी रखेंगे.

Pakistan Floods: पाकिस्तान में घातक बाढ़ के दौरान खराब राहत कार्य, गुस्साए बलूच ने सरकार पर साधा निशाना

0

बलूचिस्तान में अब तक की सबसे भीषण बाढ़ ने इंटरनेट और मोबाइल संचार को पूरी तरह से बाधित करने के साथ इसे पाकिस्तान से अलग कर दिया है. भारी बारिश से सभी राजमार्गों, पुलों और रेल पटरियां भी बह गई है, जिससे यह प्रांत शेष पाकिस्तान से कट गया है. 

इस बीच, पाकिस्तान ने आपातकाल की घोषणा की है और वैश्विक समुदाय से बाढ़ से लड़ने के लिए दान की अपील की है, जिसने 30 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. पाकिस्तान सरकार ने लोगों से घरों में रहने को कहा है.

द नेशन के अनुसार, बलूचिस्तान में कुल 237 लोगों की मौत हुई है, जिसमें 29,818 घर बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं. बाढ़ के कारण पिछले कई दिनों से शिक्षण संस्थान बंद हैं.

पाकिस्तान की बाढ़ की प्रतिक्रिया बलूच लोगों द्वारा बहुत कम होने के लिए आलोचना के लिए आई है. कई लोगों ने विनाशकारी मानवीय स्थिति के लिए पाकिस्तानी सरकार और सेना में भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया है.

यूरोप स्थित बलूच मानवाधिकार परिषद (बीएचआरसी) के महासचिव कंबर मलिक बलूच ने पाकिस्तान की भारी आलोचना की. इंडिया नैरेटिव को दिए एक विशेष साक्षात्कार में, उन्होंने कहा, “सरकार के पास स्थिति को ठीककरने के लिए कोई समझ और योजना नहीं है. हालांकि सरकार ने बाढ़ के संबंध में बयान जारी किए हैं, आप कुछ प्रभावितों को बचाए जाने और राहत प्रदान करने के बारे में सुनते हैं लेकिन वह भी इतने छोटे पर पैमाने है कि यह ध्यान देने योग्य नहीं है.”

उन्होंने कहा कि सरकार की भूमिका आपातकालीन अलर्ट और बाढ़ पूर्वानुमान प्रदान करने तक ही सीमित है.

सरकार की अक्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) उचित बचाव सेवाएं प्रदान करने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित या प्रशिक्षित नहीं है. “ऐसे एक मामले में बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में स्थानीय सरकार और पीडीएमए दो शवों को एक कुएं से नहीं निकाल सके. आखिरकार, दो स्थानीय नागरिकों ने काम किया.”

कंबर ने कहा कि पाकिस्तान के प्रमुख राजनीतिक दल सत्ता के लिए लड़ने में व्यस्त हैं या सत्ता बनाए रखने के लिए सेना को खुश करना चाहते हैं, जबकि बलूच राजनीतिक दल और छात्र संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंच रहे हैं.

पाकिस्तान में रहने वाले एक बलूच पत्रकार ने इंडिया नैरेटिव को बताया कि पाकिस्तान बाढ़ से अभिभूत है. सरकार राहत प्रदान कर रही है लेकिन बाढ़ क्षेत्र बहुत बड़ा है और अभी भी बाढ़ आ रही है. सरकार के पास लोगों की मदद करने की पर्याप्त क्षमता नहीं है. यह स्थानीय संगठन और समुदाय आधारित समूह हैं, जो सरकार और पाकिस्तानी सेना की तुलना में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.

Allahabad High Court: इलाहाबाद HC ने बच्ची के गुप्तांगों को क्षत-विक्षत करने वाले की सजा बरकरार रखी

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 1988 में चार साल की बच्ची के गुप्तांगों को क्षत-विक्षत करने वाले व्यक्ति को दी गई कारावास की सजा को बरकरार रखा और सत्र अदालत ने आईपीसी धारा 324 और 354 के तहत आरोपी को दोषी ठहराया.

न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की खंडपीठ ने इशरत नामक एक व्यक्ति की अपील खारिज कर दी, जिसे अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश, कानपुर नगर द्वारा सत्र परीक्षण संख्या में दोषी ठहराया गया था. अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर यौन वासना और दुखवादी दृष्टिकोण से किया गया था और अपीलकर्ता किसी भी तरह की नरमी के लायक नहीं है.

अदालत ने अपीलकर्ता को दी गई सजा की अल्पकालिक सजा को चुनौती नहीं देने के लिए राज्य के वकील पर भी असंतोष व्यक्त किया और कहा, “यह बहुत खेदजनक स्थिति है कि राज्य ने विद्वान ट्रायल कोर्ट द्वारा मनाई गई उदारता के खिलाफ किसी भी अपील को प्राथमिकता नहीं दी है.” अभियोजन पक्ष के अनुसार, 29 नवंबर, 1988 को अपीलकर्ता ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का प्रयास करने के बाद उसके निजी अंगों को क्षत-विक्षत करने का अपराध किया.

20 अक्टूबर 1992 को इशरत को आईपीसी की धारा 324 (खतरनाक हथियार से चोट) के तहत दोषी ठहराया गया और तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. उसे धारा 354 (किसी महिला का शील भंग करने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत भी दोषी ठहराया गया और दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी.

Mumbai: अधिकारी मुंबई में दशहरा रैली के लिए किए गए आवेदन को स्वीकार नहीं कर रहें – आदित्य ठाकरे

शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने शनिवार को आरोप लगाया कि अधिकारी, पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली की अनुमति के लिए दिए गए आवेदन को स्वीकार नहीं कर रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि दशकों से शिवसेना मुंबई के दादर इलाके स्थित शिवाजी पार्क में दशहरा रैली करती रही है. यह रैली दिवंगत शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के उग्र भाषणों का पर्याय होती थी. यहां हवाई अड्डे पर ठाकरे से मीडिया ने शिवसेना के दोनों गुटों- उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट- द्वारा रैली की अनुमति मांगे जाने के बारे में पूछा गया.

इसपर उन्होंने कहा, ‘‘ शिवसेना मुंबई में वार्षिक दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति मांग रही है, लेकिन अधिकारी हमारा आवेदन स्वीकार नहीं कर रहे हैं. यह (एकनाथ शिंदे गुट) दमनकारी सरकार है.” जब यह पूछा गया कि क्या एकनाथ शिंदे गुट दशहरा रैली को ‘हाईजैक’ करने की कोशिश कर रहा है तो आदित्य ठाकरे ने कहा कि लोग जान चुके हैं कि बागियों के पीछे कौन है और वे उन्हें पसंद नहीं करते.

उन्होंने कहा कि ‘शिवसंवाद यात्रा’ को पूरे राज्य में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है. बाला साहेब ठाकरे के पोते आदित्य ठाकरे ने कहा, ‘‘ महाराष्ट्र और देश की जनता ने देख लिया कि यह (शिंदे सरकार) ‘खोके की सरकार’ (बागी विधायकों ने रुपये लेकर पाला बदला है और महाराष्ट्र में खोखा का अभिप्राय एक करोड़ रुपये से होता है. ”उन्होंने दावा किया, ‘‘जनता शिवसेना के साथ खड़ी है न कि इन ‘गद्दारों’ के साथ.”

आगरा : आपसी झगड़े के बाद पति ने पत्नी को यमुना में फेंका, पत्नी तैर कर घर पहुंची

आगरा (Agra) में आपसी झगड़े के बाद पति ने हत्या करने के इरादे से पत्नी को यमुना नदी (Yamuna River) में धक्का दे दिया, हालांकि पत्नी की किस्मत अच्छी थी और वह कम बहाव वाले क्षेत्र से तैर कर वापस घर पहुंच गयी. पुलिस (Police) ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है.

सिकंदरा थाना पुलिस ने बताया कि आपसी झगड़े के बाद स्थानीय युवक अरविंद अपनी पत्नी को संतोषी को बाइक से बटेश्वर ले गया और वहां यमुना पर बने पुल से उसे नदी में धक्का दे दिया. उन्होंने बताया कि संतोषी हालांकि, तैर कर वापस घर आ गयी और इस संबंध में थाने में तहरीर दी.

इस संबंध में सिकंदरा थाने के निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि मामला बटेश्वर का है, इसलिए हम संबंधित थाना पुलिस का इंतजार कर रहे हैं, वह आरोपी को अपनी हिरासत में ले जाएगी.

उन्होंने बताया कि तहरीर के आधार पर जीरो प्राथमिकी दर्ज करके आरोपी को हिरासत में रखा गया है, हालांकि उससे अभी कोई पूछताछ नहीं की गई है.

श्रीलंका को सहयोग की जरूरत है न कि ‘अवांछित दबाव’ की : भारत ने जहाज को लेकर चीन को लताड़ा

श्रीलंका (Sri Lanka) के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के चीन (China) के आरोप पर भारत (India) ने शनिवार को पलटवार करते हुए उससे दृढ़ता से कहा कि कोलंबो को अब सहयोग की आवश्यकता है न कि किसी अन्य देश के एजेंडे को पूरा करने के लिए ‘‘अवांछित दबाव या अनावश्यक विवादों” की जरूरत है.

चीन के बैलिस्टिक मिसाइल और उपग्रह निगरानी पोत ‘युआन वांग 5′ के हंबनटोटा बंदरगाह पर लंगर डालने पर भारत की आपत्ति की ओर इशारा करते हुए श्रीलंका में चीन के राजदूत की झेनहोंग ने शुक्रवार को कहा था कि बिना किसी साक्ष्य के तथाकथित सुरक्षा चिंताओं पर आधारित ‘बाहरी अवरोध’ श्रीलंका की संप्रभुता और स्वतंत्रता में पूरी तरह हस्तक्षेप है.

श्रीलंका में भारत के उच्चायोग ने ट्वीट किया, ‘‘हमने चीन के राजदूत की टिप्पणियों पर गौर किया है. बुनियादी राजनयिक शिष्टाचार का उल्लंघन उनका एक व्यक्तिगत गुण हो सकता है या किसी वृहद राष्ट्रीय रवैये को दर्शाता है.”

उन्होंने कहा कि चीनी राजदूत की झेनहोंग का भारत को लेकर नजरिया इससे प्रेरित हो सकता है कि उनका अपना देश किस तरह का बर्ताव करता है.

यहां भारतीय उच्चायोग ने कहा, ‘‘हम उन्हें आश्वस्त करते हैं कि भारत इससे बहुत अलग है.” उच्चायोग ने श्रीलंका के सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझने पर कहा, ‘‘श्रीलंका को सहयोग की आवश्यकता है न कि किसी दूसरे देश के एजेंडे को पूरा करने के लिए अवांछित दबाव या अनावश्यक विवादों की जरूरत है.”

चीनी राजदूत ने एक बयान में कहा था कि चीन इस बात से खुश है कि मामला निपट गया है और बीजिंग तथा कोलंबो संयुक्त रूप से एक दूसरे की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा करते हैं.

गौरतलब है कि चीन के बैलिस्टिक मिसाइल एवं उपग्रह निगरानी पोत ‘युआन वांग 5′ को 11 अगस्त को हंबनटोटा बंदरगाह पर पहुंचना था लेकिन भारत की सुरक्षा चिंताओं के बाद श्रीलंकाई अधिकारियों की अनुमति नहीं मिलने के कारण इसके पहुंचने में देरी हुई.

चीनी पोत 16 अगस्त को हंबनटोटा पहुंचा था और ईंधन भरने के लिए वहां खड़ा रहा. श्रीलंका ने जहाज को 16 अगस्त से 22 अगस्त तक बंदरगाह पर रहने की अनुमति इस शर्त के साथ दी थी कि वह श्रीलंका के विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्वचालित पहचान प्रणाली चालू रखेगा और श्रीलंकाई जलक्षेत्र में कोई वैज्ञानिक अनुसंधान नहीं किया जाएगा.

नई दिल्ली में इस बात की आशंका जताई गई थी कि चीन के जहाज की निगरानी प्रणाली श्रीलंकाई बंदरगाह जाने के मार्ग में भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों की जासूसी की कोशिश कर सकती है.

भोजपुरी एक्ट्रेस Neha Malik ने बेडरूम में कराया बोल्ड फोटोशूट, हॉटनेस देख आपके उड़ जाएंगे होश

भोजपुरी एक्ट्रेस नेहा मलिक इन दिनों सोशल मीडिया पर सुर्ख़ियों में हैं. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से बेहद बोल्ड वीडियो शेयर किया है. नेहा ने यह फोटोशूट बेडरूम में काराया है. उन्होंने ब्लैक कलर का सेक्सी ब्रा पहना है और उसके ऊपर व्हाइट शर्ट डाला हुआ है, जिसके बटन खुले हुए हैं और एक्ट्रेस एक से भड़कर एक सेक्सी पोज देते नजर आ रही हैं.

नेहा मलिक ने अपने लुक को परफेक्ट बनाने के लिए लाइट मेकअप किया है और बाल खुले रखे है, साथ ही ईयरिंग्स कैरी किए हैं जो उनपर काफी जच रहे हैं. भोजपुरी एक्ट्रेस नेहा मलिक का ये हॉट अन्दाज़ देखकर फैंस का बुरा हाल है…आप भी देखिए फ़ोटोज

Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री योगी ने ट्विन टावर को गिराते समय कड़ाई से सुरक्षा उपायों का पालन करने का किया आग्रह

उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने नोएडा में सुपरटेक (Supertech) के ट्विन टावर्स के ध्वस्तीकरण (Demolish) की प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

सरकारी बयान के अनुसार ध्वस्तीकरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए योगी ने कहा कि टावर को ध्वस्त करने की पूरी प्रक्रिया में आस-पास के आवासीय परिसर में रहने वाले लोगों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए, साथ ही, पर्यावरणीय मानकों का भी ध्यान रखा जाए. बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने डेढ़ दशक पुराने इस मामले के दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविन्द कुमार ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये हैं. कुमार ने बताया कि आगामी 28 अगस्त को निर्धारित ट्विन टावर्स के ध्वस्तीकरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. ट्विन टावर्स के निकट स्थित एमराल्ड कोर्ट के 660 भवन और एटीएस विलेज के 762 भवन 28 अगस्त को सुबह 07 बजे खाली करा लिये जाएंगे. एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसाइटी के वाहनों की वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था और बाग-बगीचों की सुरक्षा की जाएगी.

उन्‍होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ध्वस्तीकरण के दौरान ट्विन टावर्स के चारों ओर की सड़कों पर आवागमन प्रतिबंधित रखा जाएगा. ध्वस्तीकरण के समय सुरक्षा के दृष्टिगत नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे आधे घंटे बंद होगा.

उल्लेखनीय है कि एडफिस इंजीनियरिंग को 28 अगस्त को लगभग 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावर को सुरक्षित रूप से ढहाने का जिम्मा सौंपा गया है. कंपनी ने इस जोखिम भरे काम के लिए दक्षिण अफ्रीका की जेट डिमॉलिशन्‍स से हाथ मिलाया है. उसे दोनों टावर को कुछ इस तरह से गिराना है कि महज नौ मीटर की दूरी पर स्थित आवासीय इमारतों को कोई नुकसान न पहुंचे.

एजेंसी ने पूर्व में कोचीन में भी एक 20 मंजिला बहुखण्डी भवन का ध्वस्तीकरण किया है. ध्वस्तीकरण के लिए वॉटरफॉल इम्प्लोजन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. यह तकनीक नियोजित ध्वस्तीकरण हेतु उपयोग में लायी जाती है. इससे डिजाइन के अनुसार वांछित दिशा में भवन को गिराया जा सकता है. विगत 10 अप्रैल को एक टेस्ट ब्लास्ट भी किया गया था, जिसके नतीजों के आधार पर ब्लास्ट डिजाइन में संशोधन किया गया.

बयान के अनुसार ट्विन टावर्स को ध्वस्त करने के लिए लगभग 3700 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री को स्टोर किया गया. दोनों टावर्स में 9600 छेद करते हुए इनमें विस्फोटक सामग्री को रखा जा चुका है और अब इन्हें चार्ज किया जा रहा है. ध्वस्तीकरण के फलस्वरूप लगभग 80,000 टन मलबा उत्पन्न होगा. मलबे से स्टील व कंक्रीट को स्थल पर ही अलग किया जाएगा. करीब 50,000 टन मलबा ट्विन टावर्स के दो बेसमेंट में समायोजित हो जाएगा. शेष 30,000 टन मलबे को नोएडा में निर्मित सी0 एण्ड डी0 प्लांट में वैज्ञानिक तरीक़े से प्रोसेस कर उसे टाइल्स आदि में परिवर्तित किया जाएगा.

निर्धारित योजना के अनुसार मलबे के निस्तारण की यह पूरी कार्यवाही अगले तीन माह में पूरी कर ली जाएगी. मुख्यमंत्री ने ट्विन टावर्स के ध्वस्तीकरण के दृष्टिगत पर्यावरणीय चुनौतियों का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में ध्वस्तीकरण के बाद वायु गुणवत्ता की जांच के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा छह जगहों पर उपकरण लगाए जाएंगे. ध्वस्तीकरण के फलस्वरूप उत्पन्न होने वाली धूल को साफ करने के लिए वॉटर टैंकर, स्प्रिंकलर तथा स्मॉग गन का उपयोग किया जाएगा. लगभग दो किलोमीटर के दायरे में आने वाली सड़क के लिए स्वीपिंग मशीन भी लगाई जाएगी, साथ ही अन्य सफाईकर्मी भी तैनात होंगे.

ध्वस्तीकरण से उत्पन्न मलबे के सेग्रीगेशन के दौरान पैदा होने वाली धूल से एमेरल्ड टावर और एटीएस विलेज को बचाने के लिए 12 मीटर ऊंचे जियो फाइबर क्लॉथ का उपयोग होगा. बयान में कहा गया है कि ट्विन टावर्स प्रकरण में उच्‍च्‍तम न्यायालय का आदेश आने के बाद मुख्यमंत्री ने वर्ष 2004 से 2014 के मध्य के इस मामले की गहन जांच कराई. मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सितम्बर, 2021 में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई. जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में संलिप्त 26 अधिकारियों/कर्मचारियों, सुपरटैक लि0 के निदेशक एवं वास्तुविद के विरुद्ध कार्रवाई की गई है.

विराट कोहली को भारत ही नहीं अपने लिये भी रन बनाने होंगे: सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) अध्यक्ष सौरव गांगुली ने शुक्रवार को कहा कि संघर्ष कर रहे दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली को सिर्फ भारत के लिए बल्कि अपने लिए भी रन बनाने की जरूरत है. कोहली 2019 में ईडन गार्डन्स में बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद के टेस्ट में शतक जड़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन अंक में रन नहीं जुटा सके है. वह शनिवार से यहां शुरू हो रहे एशिया कप में फिर से पुरानी लय को हासिल करने की कोशिश करना चाहेंगे.

गांगुली ने यहां एक बातचीत के दौरान कहा, ‘‘ उसे (कोहली) न केवल भारत के लिए बल्कि खुद के लिए रन बनाने की जरूरत है. उम्मीद है कि यह उसके लिए अच्छा सत्र होगा. हम सभी को विश्वास है कि वह लय में वापस आएगा.”

भारत के सबसे सफल कप्तानों में एक रहे गांगुली ने कहा, ‘‘ मुझे यकीन है कि जैसे हम सब उसके शतक का इंतजार कर रहे है वह भी उसके लिए उतनी ही मेहनत कर रहा है. टी20 क्रिकेट में बल्लेबाज के पास समय कम होता है ऐसे में शतक लगने की संभावना कम हो जाती है लेकिन उम्मीद है कि कोहली के लिए यह सफल सत्र होगा.”

तैंतीस साल के कोहली ने जून-जुलाई में इंग्लैंड दौरे के बाद एक महीने के विश्राम पर है. भारतीय टीम ने इस दौरान वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे में सीमित ओवरों की श्रृंखला खेली है. पिछली  पांच पारियों में कोहली का सर्वोच्च स्कोर 20 रन रहा है जो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच की दूसरी पारी में बनाया था.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर की कप्तानी छोड़ने के बाद इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सत्र में उनका बल्ला उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. उन्होंने आईपीएल के इस सत्र में 16 मैचों में 22.73 के औसत से 341 रन बनाये गत चैम्पियन भारतीय टीम एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच से 28 अगस्त को अपने अभियान की शुरुआत करेगी. पाकिस्तान ने इसी स्थल पर पिछले साल विश्व कप में भारतीय टीम को करारी शिकस्त दी थी.

गांगुली ने कहा कि टी20 विश्व कप की हार का आगामी मैचों के नतीजों पर बहुत कम असर पड़ेगा. गांगुली ने कहा, ‘‘ मैं 1992 से भारत-पाक मैचों को करीब से देख रहा हूं. इन 30 वर्षों में हम केवल एक बार हारे हैं. यह कोई जादू नहीं है कि नतीजा हमेशा आपके पक्ष में रहेगा. आप कभी-कभार हारते हैं, यह कोई बड़ी बात नहीं है.”

बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में गांगुली का कार्यकाल सितंबर में समाप्त होने वाला है और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ छह साल के कार्यकाल के बाद ‘कूलिंग ऑफ’ अवधि में संशोधन के लिए बोर्ड की याचिका पर फैसला करेगी. उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष बनने से पहले बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) में काम किया था.

उन्होंने कहा, ‘‘ यह मेरे हाथ में नहीं है. मुझे नहीं पता, जो भी होना होगा वह होगा. हम देखेंगे.” गांगुली ने इस मौके पर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) चुनावों में अध्यक्ष पद के लिए पूर्व खिलाड़ियों बाइचुंग भूटिया और कल्याण चौबे के बीच मुकाबला होने पर खुशी जतायी. उन्होंने कहा, ‘‘खेल प्रशासन में खिलाड़ियों का आना अच्छा होता है. उन्हें खेल का कहीं बेहतर ज्ञान है. यह बहुत अच्छा है कि कल्याण चौबे और बाइचुंग भूटिया एआईएफएफ शीर्ष पद के लिए मुकाबले में हैं. ‘