Home Blog Page 270

पाकिस्तानी सेना ने भारत पर लगाया सीपीईसी में तोड़फोड का आरोप

पाकिस्‍तान के शीर्ष सेना अधिकारी ने एक बार फिर भारत पर गंभीर आरोप लगाया है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के  ज्वांइट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल जुबैर महमूद हयात ने भारत पर 50 अरब डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्‍तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना को विध्वंसकारी गतिविधियों के जरिए निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

 

जुबैर महमूद का कहना है कि भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसी रॉ तोड़फोड़ की कार्रवाई के जरिये सीपीईसी को निशाना बनाना चाहती है। यही वजह है कि वह इससे जुड़ी परियोजनाओं में तोड़-फोड़ की साजिश कर रहा है। पाकिस्तान के रक्षा बल में सर्वोच्च रैंक के सैन्य अधिकारी ने यह टिप्पणी यहां नौसेना कैडेट की एक पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए की। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में शांति एवं स्थिरता क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।


दरअसल सीपीईसी सडक, रेल और उर्जा परियोजनाओं का एक नेटवर्क है। यह दक्षिणी पाकिस्तान को और ग्वादर बंदरगाह को चीन के अशांत उयगुर स्वायत्त क्षेत्र से जोड़ता है। चूंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पीओके से होकर गुजरता है, इसलिए भारत ने इस परियोजना पर आपत्ति जताई है।

क्रिस गेल ने ‘लैला मैं लैला’ गाने पर लगाये सनी लियोनी वाले ठुमके

वेस्टइंडीज के खिलाड़ी हमेशा अपने अलग अंदाज और  मैदान पर लंबे-लंबे छक्कों के लिए जाने जाते हैं। खासकर दुनिया के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल और ब्रावो ऐसे कैरेबियाई खिलाड़ी हैं जो हमेशा सोशल मीडिया पर अपने नए-नए डांस के  वीडियो शेयर करते  रहते हैं। आम तौर पर विकेट लेने के बाद ब्रैवो, डैरेन सामी और गेल जैसे खिलाड़ी डांस करके ही जश्न मनाते दिखते हैं।

क्रिस गेल ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक ऐसा ही वीडियो शेयर किया है जिसे देखकर हर कोई दीवाना हो जाएगा। इस वीडियो में वह शाहरुख खान की फिल्म रईस के लैला मैं लैला गाने पर थिरकते दिखाई दे रहे हैं। गेल इस वीडियो में शानदार डांस स्टेप कर रहे हैं। सफेद सूट में गेल ग्रीन रूम में मस्ती कर रहे हैं और अपने प्रशंसकों को चुनौती दे रहे हैं।
https://www.instagram.com/p/BWkJpu6hnnx/
गेल ने अपने प्रशंसकों से कहा है कि वो भी इस गाने पर उनकी तरह डांस करें और उसे रिकॉर्ड करके उनके साथ शेयर करें। इस कॉन्टेस्ट में जो विजयी होगा उसे गेल 5 हजार अमेरिकी डॉलर बतौर पुरस्कार देंगे। गेल ने यह घोषणा की है कि #ChrisGayledanceChallenge के बेस्ट फाइव डांस परफॉर्मेंस को वो अपनी वॉल पर शेयर करेंगे।

‘एआईबी’ ने की मोदी की बेज्जती, फोटो पर लगाया डॉग फिल्टर

कॉमिडी ग्रुप ‘एआईबी’ एक बार फिर सुर्ख़ियों में है दरअसल ‘एआईबी’ ने प्रधानमंत्री मोदी की एक तस्वीर पर स्नैपचैट का डॉग फिल्टर लगाकर एक फनी तस्वीर पोस्ट कर दी, जिसके लिए उनके खिलाफ मामला  दर्ज हो गया है।
खबरों के मुताबिक, ‘एआईबी’ के खिलाफ यह एफआईआर मुंबई पुलिस की साइबर सेल में दर्ज की गई है। कॉमिडी ग्रुप ‘एआईबी’ बीते साल भी जमकर कॉन्ट्रोवर्सी में रहा, क्योंकि शो के कमीडियन तन्मय भट्ट ने एक विडियो में क्रिकेट के स्टार सचिन तेंडुलकर और सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का मजाक उड़ाया था।
  
‘एआईबी’ ने जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी की एक तस्वीर पर स्नैपचैट का डॉग फिल्टर लगाकर फनी तस्वीर शेयर की, एक ट्विटर यूज़र रितेश महेश्वरी ने मुंबई पुलिस के ट्विटर हैंडल को लिखा, ‘इस तरह के ‘भद्दे मजाक’ के खिलाफ लीगल ऐक्शन लिया जाना चाहिए।’ मुंबई पुलिस की साइबर पुलिस शाखा मामले की जांच कर रही है। महेश्वरी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर के हैंडल पर भी अपनी शिकायत रखते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री के लिए इस तरीके का बहूदा मजाक पर ‘एआईबी’ पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।’ 
जब की ‘एआईबी’ के को-फाउंडर तन्मय भट्ट ने  ग्रुप की वेबसाइट पर एक पोस्ट डालकर उस फनी फोटो का बचाव किया और ट्विटर पर भी अपना पक्ष रखा है। मुंबई पुलिस को पहले भी ‘एआईबी’ में अश्लील भाषा के इस्तेमाल को लेकर उसके खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। पुणे में इस शो से जुड़े 14 लोगों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की गई थी, जिसमें कई फिल्मी सितारों के नाम भी शामिल थे।

मुलायम-अखिलेश के काफिले से हटेंगी एसयूवी

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के काफिले में शामिल 3-3 स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) को वापस लेने का फैसला लिया है। दरअसल, एसयूवी की मांग अधिक होने की वजह से यह फैसला लिया गया है।
राज्य संपत्ति अधिकारी योगेश शुक्ला ने बताया कि अखिलेश और मुलायम के काफिले में तीन-तीन एसयूवी अधिक थी। ये गाड़ियां पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले में एस्कॉर्ट के रूप में चलती हैं। मुख्य गाड़ी जिनमें अखिलेश और मुलायम चलते हैं, उसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। जोएसयूवी उनके काफिले से ली जा रही है, उनके स्थान पर एम्बेसडर गाड़ियां दी जाएंगी।
सरकार के फैसले के मुताबिक अब सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के काफिले में एक सामान गाड़ियां रहेंगी। इनमें वन प्लस टू एसयूवी और तीन एम्बेसडर होगी। सूत्रों की मानें तो मुलायम और काफिले से हटाकर इन एसयूवी को राजनाथ सिंह और मायावती के काफिले में शामिल किया जाएगा। हालांकि राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारी का कहना है कि एसयूवी की डिमांड ज्यादा है और विभाग के पास एसयूवी कम है। लिहाजा ये कटौती करनी पड़ रही है।

चीन को सबक सिखाएगा भारत, ये है मास्टर प्लान

भारत सरकार ने चीन को कडा सबक सिखाने की तैयारी कर ली है। चीन को अलग थलग करने के लिए सरकार गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर दस आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्षों को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाने की योजना बना रही है। सूत्रों के मुताबिक भारत अपनी ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को बल देने के लिए ब्रुनेई, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलिपिंस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के राष्ट्राध्यक्षों को रिपब्लिक डे परेड में मुख्य अतिथि के तौर आने का न्यौता देने जा रहा है। 

 

हर साल 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली के राजपथ पर ‘रिपब्लिक डे परेड’ का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारत अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करता है। इतिहास में यह पहला मौका होगा जब एक साथ इतने देशों के राष्ट्राध्यक्ष ‘रिपब्लिक डे परेड’ में शिरकत करेंगे। दरअसल ‘एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस’ को आसियान कहा जाता है। 

वहीँ बीते दिनों भारत और आसियान देशों के बीच संबंधों की महत्ता को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था, ‘हमने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूती प्रदान करने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के भारत-आसियान सम्मेलन में इस बात पर जोर देते हुए कहा था कि भारत की ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ अब ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ बन चुकी है।’

चीन के साथ भारत के वर्तमान संबंधों को देखते हुए सरकार की इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्यूँकि दक्षिण-चीन सागर विवाद के बाद आसियान देशों के संबंध चीन के साथ उतने मधुर नहीं हैं। आसियान के चार देश वियतनाम, फिलिपिंस, मलेशिया और ब्रुनेई का चीन के साथ दक्षिण-चीन सागर मामले में विवाद चल रहा है।

बड़ा खुलासा : द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में लगा है ‘काला पैसा

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बन रही फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। कांग्रेस और एनसीपी ने आरोप लगाया है कि इस फिल्म को बनाने में काले पैसे का इस्तेमाल हो रहा है। इनका कहना है कि महाराष्ट्र के चीनी मिल घोटाले का पैसा इस फिल्म को बनाने में लगाया गया है।

   

दरअसल कांग्रेस और एनसीपी ने आरोप लगाया है कि सुगर फैक्ट्री घोटाले से अर्जित किए गये पैसे में से 328 करोड़ रुपये इस फिल्म को बनाने में लगाया गया है। क्यूँकि  सुगर फैक्ट्री घोटाले के मुख्य आरोपी रत्नाकर गुट्टे के बेटे विजय गुट्टे इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं।हालाकिं विजय इससे पहले बदमाशियां और इमोशनल अत्याचार दो फिल्मों को प्रोडयूस कर चुके हैं।

वहीँ कांग्रेस के स्पोक्सपर्सन सचिन सांवत ने ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के मेकर्स और आरएसएस के कनेक्शन की बात कही है। लेकिन रत्नाकर गुट्टे ने संघ से किसी तरह के कनेक्शन से इंकार किया है। रत्नाकर गुट्टे का कहना है कि उनके बेटे विजय गुट्टे के प्रोफेशनल करियर से उनका कोई लेना देना नहीं है।

जबकि एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भी फिल्म में घोटाले का पैसा लगाए जाने की बात कही है साथ ही उन्होंने बीजेपी और  फिल्म मेकर्स के कनेक्शन के मामले को उठाया है। हालांकि महाराष्ट्र बीजेपी के स्पोक्सपर्सन माधव भंडारी का कहना है कि बीजेपी का रत्नाकर गुट्टे से कोई लेना देना नहीं है असल में उनका ताल्लुक एनसीपी से है।

दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जीवन से जुड़ी एक फिल्म में बॉलिवुड ऐक्टर अनुपम खेर उनका किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म मनमोहन के मीडिया अडवाइजर रहे संजय बारू की किताब पर आधारित होगी। बारू की किताब ‘द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर: द मेकिंग ऐंड अनमेकिंग ऑफ मनमोहन सिंह’ 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बाजार में आई थी। इसमें मनमोहन के प्रधानमंत्री के तौर पर पहले कार्यकाल की तीखी समीक्षा की गई है।

देश के 46 म्‍यूजियमों में सेल्‍फी स्‍टिक पर लगा बैन

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने देश के 46 म्‍यूजियमों में सेल्‍फीस्‍टिक पर रोक लगा दी है। एएसआई ने पुरातत्व स्थल और संग्रहालयों के लिए फोटोग्राफी एवं फिल्‍मिंग पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार यह निर्णय लिया है।

ऐसे में आगरा में ताज संग्रहालय, दिल्ली में भारतीय युद्ध स्मारक संग्रहालय, कोणार्क में पुरातात्विक संग्रहालय, हम्पी और देश भर के संग्रहालयों में यह आदेश प्रभावी हो गया है। इस प्रतिबंध का फैसला कलाकृतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। पॉलिसी के अनुसार फोटोग्राफी सभी म्‍यूजियमों के लिए मुफ्त में होगी, लेकिन वे इसके लिए ट्राइपोड, मोनोपोड या फ्लैश-लाइट का उपयोग नहीं कर सकते हैं।


हालाँकि पर्यटक फोटोग्राफी के लिए केवल म्‍यूजियम की मौजूदा लाइट का ही इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यदि वे अकैडमिक काम के लिए मल्‍टीपल लेंस, ट्राइपॉड, मोनोपोड अंदर फोटोग्राफी के लिए ले जाना चाहते हैं तो जाने से 15 दिन पहले अनुमति लेनी होगी।

वहीँ यूएसए के डिज्नी लैंड में जुलाई 2015 से सेल्फी बंद कर दी गई है। डिज्‍नी वर्ल्‍डद पैलेस म्‍यूजियम बीजिंगसिस्टाइन चैपल वेटिकन सिटी और द मेट्रोपोलिटन म्‍यूजियम ऑफ आर्टन्‍यूयार्क में भी इस पर प्रतिबंध है।

इंडियन शॉर्ट फ़िल्म ने दिखाया पाकिस्तान का दर्द, जीते 22 अवॉर्डस्

सालगिरह किसी भी इंसान के लिए साल का सबसे अच्छा दिन होता है। फिर चाहे एक बेटे की सालगिरह उसके माता-पिता के लिए या माता-पिता की सालगिरह उनके बच्चों के लिए। खैर अगर बर्थडे हो, वो भी किसी 7 साल के मासूम बच्चे की तो उसके इस ख़ास दिन के लिए उसकी फरमाइशों की फेहरिस्त भी बहुत लम्बी होती है। अपने जन्मदिन के मौके पर बच्चे अपने पेरेंट्स से अपनी हर ख्वाहिश को पूरा करने मांग करते हैं।

ऐसी ही एक मांग है 6 साल के मासूम फ़ारुख की, जो अपनी मां के साथ पेशावर, पकिस्तान में रहता है। उस मासूम ने अपनी अम्मी से एक स्कूल बैग की मांग की. लेकिन उसकी मां के मना करने के बाद, वो दुखी हो जाता है और कहता है कि अगर उसको बैग नहीं मिला, तो वो कल से स्कूल नहीं जाएगा।

 

दिल को छू लेने वाली इस इंडियन शॉर्ट फ़िल्म ‘The School Bag’ की कहानी का आधार पाकिस्तान है। फ़िल्म में मां का किरदार रसिका दुग्गल और फ़ारुख का किरदार बाल कलाकार सरताज कक्कर ने निभाया है। विश्व स्तर पर ये फ़िल्म कई अवार्ड्स के लिए नॉमिनेटेड है और अभी तक ये 22 इंटरनेशनल अवॉर्ड्स जीत चुकी है।

किसी ने सच ही कहा है कि कभी-कभी अपना प्रभाव छोड़ने के लिए आपको केवल 15 मिनट की ज़रूरत होती है। ये बात इस शॉर्ट फ़िल्म पर एकदम फ़िट बैठती है. इसके कलाकारों के बेहतरीन प्रदर्शन से लेकर प्रभावशाली पटकथा से ही फ़िल्म का ताना-बाना बुना गया है। हालांकि, एक दुखद अंत के साथ फ़िल्म एक सवाल हम सबके लिए छोड़ती है।

Source : GazabPost

 

योगी आदित्यनाथ ने किसे बताया यूपी का लाल…

भारतीय जनता पार्टी ने तमाम कयासों के बीच आखिरकार एनडीए के अगले राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, इस नाम के साथ ही भाजपा दलित राजनीति को एक नया मुकाम देने की कोशिश कर रही है, पार्टी के देश के सर्वोच्च पद पर दलित उम्मीदवार को भेजने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। पार्टी की इस सोच को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे बढ़ाया है।



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनाथ कोविंद को यूपी का लाल बताते हुए पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यूपी के इस लाल को देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचाने के लिए चुना गया है उसके लिए मैं आदरणीय पीएम मोदी और अध्यक्ष अमित शाह का शुक्रिया अदा कर रहा हूं। उन्होंने प्रदेश के तमाम दलों से अपील की है कि वह दलगत राजनीति से उपर उठकर तमाम दल रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन दें।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक दलित जोकि यूपी के गांव के अत्यंत गरीब परिवार में गांव में पला हुआ है, ऐसे में यह ना सिर्फ दलित को सम्मान देना है बल्कि प्रदेश के 22 करोड़ लोगों का सम्मान है। देश में दलितों के लिए बड़ा सम्मान है, देश के सर्वोच्च पद पर दलित राष्ट्रपति को बैठाने का प्रयास मोदीजी और अमित शाह जी ने किया है, मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं यूपी के सभी राजनीतिक दलों से निवेदन करुगा कि यूपी के लाल राम गोविंद को सभी लोग दलगत भावना से उपर उठकर के उन्हें राष्ट्रपति बनने का योगदान दें।

अब शिवराज के बाद सिंधिया का सत्याग्रह

मध्य प्रदेश में किसानों पर गोलीबारी के मुद्दे पर कांग्रेस ने शिवराज सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। जिसके चलते कांग्रेस ने मैदान में अपने कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को मैदान में उतारा है। इसके साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घोषणा की है कि वह 14 जून से 72 घंटे का सत्याग्रह शुरू करने वाले हैं। इस सत्याग्रह की शुरुआत भोपाल से होगी। इससे पहले खुद मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान उपवास पर बैठे हुए हैं।

हालाँकि इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मध्य प्रदेश का दौरा कर फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों से मिल चुके हैं। बीते छह जून को मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में पांच किसानों की मौत हो गई थी। इसके अलावा छह अन्य किसान घायल भी हो गए थे। जिसके  बाद किसान भड़क गये और आंदोलन ने हिंसक रूप भी ले लिया।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस सांसद सिंधिया सत्याग्रह शुरू करने से एक दिन पहले यानी 13 जून को मंदसौर जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात भी करेंगे। साथ ही सिंधिया ने इस सत्याग्रह में लोगों से शामिल होने की अपील की है। वहीँ दूसरी तरफ  भोपाल के दशहरा मैदान में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान का उपवास दूसरे दिन भी जारी है। लेकिन मुख्यमंत्री  की तरफ से कर्ज माफी का आश्वासन नहीं मिलने के कारण उसी पंडाल में किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने भी उपवास शुरू कर दिया है।

शिवराज सिंह चौहान के अनिश्चितकालीन उपवास को ‘ढोंग और फर्जी’ करार देते हुए कांग्रेस ने पूछा है कि छह प्रदर्शकारी किसानों के मारे जाने पर राज्य सरकार ने हत्या का मामला क्यों नहीं दर्ज किया। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के साथ फर्जी उपवास पर बैठे हैं। उन्हें फर्जी उपवास छोड़कर राजनीतिक निर्वासन पर जाने की तैयारी करनी चाहिए।’ सुरजेवाला ने कहा, ‘पाखंड और किसानों के साथ दिखावटी सहानुभूति में शामिल होने के बदले उन्हें जवाब देना चाहिए कि छह किसानों के मारे जाने को लेकर हत्या का मामला अभी तक क्यों नहीं दर्ज किया गया?’

सुरजेवाला ने राज्य में हिंसा को उकसाने में कांग्रेस की संलिप्तता के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘किसानों को न्याय दीजिए। कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी है।’ सुरजेवाला ने कहा, ‘झूठा विडियो और दुष्प्रचार हमें चुप नहीं करा सकता। किसानों को फौरन न्याय दिया जाना चाहिए, नहीं तो हम आंदोलन शुरू करेंगे।’ बीजेपी और राज्य सरकार ने कांग्रेस पर किसानों को भड़काने और हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।