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कैसे रखें रमजान में सेहत का ध्यान?

रमजान में रोजा रखने वाले एक महीने तक अब पूरे दिन बिना खाए और बिना पानी पिए रहेंगे। कैसे ऐसे में स्वास्थ्य का ध्यान रखना काफी चुनौती पूर्ण कार्य बन जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक जो लोग बीमार हैं, वे रोजा तो रख सकतें हैं लेकिन अपनी बीमारी को नजर अंदाज न करें। खानपान में एहतियात बरतें। चूंकि रोजा में लोग पानी नहीं पीते हैं तो ऐसे में डिहाइड्रेशन का खतरा बना रहता है। जिसके लिए जरुरी हो जाता है कि कुछ चीजों का ध्यान रखा जाए।

 

आमतौर पर देखा जाता है कि गर्मी में अधिकतर रोजेदार जब रोजा खोलते हैं तो जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। जो की सीधे तौर पर आंत पर असर डालता है। अगर पूरे दिन व्यक्ति ने कुछ भी नहीं खाया है तो शाम को एक बार ही ज्यादा मात्र में खाने पर इसका उल्टा असर हो सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है की रोजा खोलते वक्त हल्का खाने खाएं।

वैसे तो रोजा खोलने के लिए खजूर सबसे अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, जो भी खाएं उसकी मात्रा कम लें। क्यूँ की जब हम कुछ खाते हैं तो शरीर में टॉक्सिन बनता है, जिसे बाहर निकालना जरूरी है इसलिए जो भी खाएं, कम खाएं और हेल्थी डायट लें।

गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए रोजा खोलते वक्त सबसे पहले पानी पीएं। नींबू पानी और नारियल पानी बेहतर है।

रेड मीट का सेवन न करें । इससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जो दिल के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकता है।- रेड मीट की जगह चिकन खा सकते हैं लेकिन कम मात्रा में खाएं।

अगर आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है और आप अंडा खा रहे हैं तो उसका पीला वाला हिस्सा न खाएं।  खजूर, दलिया, खिचड़ी, बिरयानी ये सब खा सकते हैं।

मिर्च मसाला या तला-भुना खाने से सीने में जलन होगी। इससे एसिडिटी होती है। साथ ही ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो नमक न खाएं।

ड्राइ फ्रूट्स में बादाम और अखरोट खाना आपके लिए बेहतर होगा।

रोजा खोलने के बाद चाय और कॉफी ज्यादा पीना उचित नहीं है।

जानें: रोजा से जुड़े सख्त नियम

रमजान शुरू हो चुका है। दरअसल रमजान इस्लामी कैलेंडर का नवां महीना माना जाता है, जो कि नए चांद के साथ ही शुरू होता है फिर नए चांद के सा‌थ ही खत्म होता है। इस दौरान एक महीने तक रोजे रखे जाते हैं। जिसके अगले दिन ईद उल फितर मनाई जाती है।

  

रमजान के दौरान रोजे रखना आसान नहीं होता। आपकी एक छोटी सी गलती से रोला टूट जाता है। जानकारों के  मुताबिक इसके लिए सख्त नियमों का पालन किया जाना चाहिए। रमजान के दौरान

  • रोजे रखने पर खाने के बारे में भी नहीं सोचा जाता।

  • बदनामी करना, लालच करना, झूठ बोलना, पीठ पीछे बुराई करना और झूठी कसम खाने से रोजा टूट जाता है।
  • रोजे रखने वाले सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के दौरान कुछ भी नहीं खाते

  • सूरज निकलने से पहले सहरी की जाती है, मतलब सूरज निकलने से पहले ही खाना पीना किया जा सकता है।

  • रोजदार सहरी के बाद सूर्यास्त तक कुछ नहीं खाते और सूरज अस्त होने के बाद इफ्तार करते हैं। इफ्तार में रोजा खोला जाता है।
  • रमजान के पवित्र माह में पांच बार की नमाज और कुरान पढ़ी जाती है।

रमजान से जुड़ी मान्‍यताएं

माना जाता है इस पवित्र महीने में जन्नत के दरवाजे खुल जाते है और दोजख यानि की नरक के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान किए गए अच्छे कर्मों का फल भी कई गुना तक बढ़ जाता है।

– रमजान में अल्लाह से अपने सभी बुरे कर्मों के लिए माफी भी मांगी जाती है।

– रमजान में रोजा रखा जाता है। रोजेदार महीनेभर भूखे प्यासे रहकर इबादत करते हैं। वे सहरी और इफ्तार ही ले सकते हैं। इस दौरान झूठ बोलना, चुगली करना, गाली गलौच करना आदि नहीं करना चाहिए।

 

क्या आपको पता है रमजान से जुड़ी ये बातें?

रमजान  शुरू हो गया है। अरबी भाषा का रमादान शब्‍द रमाधा से आया, जिसका मतलब सूरज की गर्मी होती है। रमजान के महीने में 30 दिन मुसलमान रोजे रखते हैं। इसमें सुबह सूरज उगने के बाद से लेकर सूरज छिपने तक बिना खाए पिए रहते हैं, यहां तक की पानी की भी मनाही होती हैं। वैसे रमजान को लेकर अलग अलग देशों की परंपराएं भी अलग अलग हैं। आईये जानतें हैं इससे जु़ड़ी परंपरा और मान्यता

– रमजान के चौथे दिन को पश्चिमी एशिया में गारांगाओं के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बच्चे  तैयार होकर थैले लेकर आस पास जाते हैं और गारांगाओ गीत गाकर टॉफी बिस्किट जैसी चीजें इकट्ठा करते हैं।

– इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों में पवित्र महीना शुरू होने सये पहले लोग खुद को साफ पानी में जलमग्न कर लेते हैं, जिससे वे खुद को आध्यात्कि व शारीरिक रूप से शुद्घ कर सके।

– मध्य एशिया के देशों में इस समय गरीबों को दान देते हैं।

– मिस्‍त्र में पवित्र माह के दौरान इफ्तार के समय सड़कों पर बड़ी बड़ी लालटेन लगाकर सजाकर की परंपरा है। माना जाता है कि मिस्‍त्र के खलीफा का स्वागत काहिरा में लालटेन लगाकर किया जाता है।

 

बांग्लादेश पहुंचा चक्रवाती तूफान ‘मोरा’, मचाई तबाही

चक्रवाती तूफान ‘मोरा’ के  बांग्लादेश पहुँचते ही कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। तूफान के बांग्लादेशी तट पर दस्तक देने के दौरान 117 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। बांग्लादेश के मौसम विज्ञान विभाग ने एक विशेष मौसम बुलेटिन में बताया कि चक्रवात कोक्स बाजार और चटगांव के मुख्य बंदरगाह के बीच स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजे पहुंचा। उन्होंने बताया कि चक्रवात के उत्तरी दिशा की ओर आगे बढ़ने की संभावना है। 

रिपोर्ट के मुताबिक  ‘मोरा’ के कारण बांग्लादेश की उत्तरी खाड़ी, तटीय जिलों और समुद्री बंदरगाहों में बारिश या गरज के साथ छींटे पड़े और जोरदार हवाएं चलीं। बताया गया  कि चक्रवात केंद्र के 64 किमी दायरे में चलने वाली हवा की रफ्तार 89 किमी प्रतिघंटे से बढ़कर 117 किमी प्रति घंटा हो गई। 


जब की आपदा प्रबंधन मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष के प्रवक्ता अतिरिक्त सचिव गुलाम मुस्तफा के हवाले से कहा गया है कि अधिक से अधिक 3,00,000 लोगों को उन 10 जिलों से सुरक्षित आश्रयों में पहुंचाया गया, जहां चक्रवात आने का सबसे अधिक खतरा है। 

आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ”तटीय इलाके के लोगों को कम से कम 400 चक्रवात आश्रय स्थलों या स्कूलों एवं सरकारी कार्यालयों जैसे सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। ” कोक्स बाजार, चटगांव, नौखली, लक्ष्मीपुर, फेनी, चांदपुर, बारगुना, पतौखाली, भोला, बरिसाल और पीरोजपुर में ‘मोरा’ का खतरा बना हुआ है। 

अगला आदेश जारी होने तक मछली पकड़ने की नौकाओं और जालदार जहाजों को उत्तरी खाड़ी और गहरे समुद्र से दूर रहने को कहा गया है। बांग्लादेश में अक्सर अप्रैल से दिसंबर माह के बीच भारी तूफान का कहर बरपता है जिससे कई मौत होती हैं और बड़े स्तर पर तबाही फैलती है। दक्षिणी तट में पिछले साल ‘रोनू’ चक्रवात से 20 लोगों की मौत हो गई थी और करीब पांच लाख लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। 

1 रुपये के नोट में हुए हैं ये बड़ा बदलाव

केंद्र सरकार 1 जल्द ही रुपये का नया नोट जारी करने जा रही है। यह नया नोट गुलाबी और हरे रंग का होगा। लगभग 2 दशक तक 1 रुपये के नोट की छपाई बंद रहने के बाद 2015 में इसे दोबारा शुरू किया गया था। बताया जा रहा है कि नए नोट के डिजाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है, सिर्फ रंग अलग होगा। नोट के पिछले हिस्से में सागर सम्राट की ही तस्वीर होगी।


दरअसल  1 रुपये का नोट सरकार जारी करती है और इस पर वित्त मंत्रालय के सचिव का हस्ताक्षर होता है, जबकि दुसरे नोट पर रिजर्व बैंक के गवर्नर का हस्ताक्षर होता है।


आरबीआई की ओर से जारी प्रेस रिलीस में कहा गया है कि सरकार नए नोटों की छपाई कर चुकी है और जल्द ही इन्हें चलन में लाया जाएगा। आरबीआई के मुताबिक नोट के ऊपर देवनागरी में ‘भारत सरकार’ लिखा होगा। इसके अलावा हिंदी और इंग्लिश में वित्त मंत्रालय के सचिव शशिकांत दास के हस्ताक्षर होंगे। इस पर नए 1 रुपये के सिक्के की प्रतिलिपि और रुपये का साइन (₹) होगा।

वहीँ इससे पहले सरकार ने बीते साल 500 और 1000 के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था और 500 और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए गए थे।

आईआईटी मद्रास में बीफ पार्टी करने वाले छात्र पर हमला

केंद्र सरकार द्वारा वध के लिए मवेशियों की खरीद-बिक्री पर प्रतिबन्ध लगाने के फैसले के विरोध में आईआईटी मद्रास में बीफ फेस्ट के आयोजक छात्र सूरज पर  हमला करने का मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक  दक्षिणपंथी छात्र संगठनों ने सूरज पर हमला करके बुरी तरह से घायल कर दिया।

इस हमले में पीएडी स्कॉलर सूरज को काफी चोटें आई हैं। उसकी एक आंख में गहरी चोट है। बताया जा रहा है कि सूरज पर हमला करने वाले दक्षिणपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ता थे, जो बीफ पार्टी को लेकर नाराज थे, जिसका आयोजन कैंपस में किया गया था। इस पार्टी पर कई संगठनों और केंद्र सरकार के मंत्रियों ने भी नाराजगी जताई थी

दरअसल बीते दिनों आईआईटी मद्रास में सैकड़ों छात्रों ने कैंपस में ‘बीफ फेस्ट’ का आयोजन किया था। इसका आयोजक सूरज को ही बताया गया है। इस पार्टी में खाने में बीफ परोसा गया था। छात्रों का कहना था कि सरकार लोगों की खाने की आजादी छीन रही है और उसी के विरोध में उन्होंने ये पार्टी की है।

वहीँ केंद्र सरकार ने एक नए कानून के जरिए काटने के लिए पशु बाजारों में मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया है। पर्यावरण मंत्रालय ने पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख्त पशु क्रूरता निरोधक (पशुधन बाजार नियमन) नियम, 2017 को अधिसूचित किया है।अधिसूचना के मुताबिक, पशु बाजार समिति के सदस्य सचिव को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शख्स बाजार में अवयस्क पशु को बिक्री के लिए न लेकर आए। किसी भी शख्स को पशु बाजार में मवेशी को लाने की इजाजत नहीं होगी, जबतक कि वहां पहुंचने पर वह पशु के मालिक द्वारा हस्ताक्षरित यह लिखित घोषणा-पत्र न दे दे, जिसमें मवेशी के मालिक का नाम और पता हो और फोटो पहचान-पत्र की एक प्रति भी लगी हो। यह भी स्पष्ट करना होगा कि मवेशी को काटने के लिए नहीं बेचा जा रहा है।

इस कानून को लेकर देशभर में कई जगहों पर विरोध हो रहा है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (एम) भी इस मामले पर विरोध जता रही है। मामले को  मद्रास हाइकोर्ट में भी चुनौती दी गई । जिस पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाइकोर्ट ने इस पर चार हफ्ते की रोक लगा दी है।

पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, टली बड़ी दुर्घटना

उन्नाव रेलवे स्टेशन पर  दोपहर करीब 1:45 पर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 11 डिब्बे पटरी से उतरने का मामला सामने आया है। हालाँकि कहा जा रहा है कि इस दुर्घटना में कोई घायल नहीं हुआ हैं। ट्रेन की गति स्टेशन होने के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया। दुर्घटना की वजह से दो ट्रेनें कैंसल की गई हैं अौर एक ट्रेन के रूट में बदलाव किया गया है।

हादसे की जानकारी के लिए रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 0522 -263 5639 और कंट्रोल रूम नंबर 0522- 2233 042 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

  
बताया जा रहा है कि ट्रेन पटरी से उतरने के कारण रेलवे पटरी भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना के बाद से स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल है। जिन लोगों को मामूली चोटें आईं हैं, उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।

वहीं पटरियों के अलावा प्लैटफॉर्म भी काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। यात्रियों को बस और लोकल ट्रेनों के जरिए लखनऊ पहुंचाया जा रहा है। कुछ यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर यात्रियों के लिए पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह से रूट की डाउन लाइन बंद कर दी गई है, जबकि अप लाइन चालू है। घटना की वजह से दो ट्रेनें कैंसल की गई हैं, वहीं एक ट्रेन के रूट में बदलाव किया गया है। कैंसल ट्रेनों में 24228 और 14124 नंबर की ट्रेनें हैं, वहीं डायवर्ट ट्रेन का नंबर 12876 है।

‘रैंसमवेयर’ पर आरबीआई अलर्ट,एटीएम पर खतरा

दुनियाभर में ‘वानाक्राई रैंसमवेयर’ की वजह से हंगामा मचा हुआ  है। जिसमें हैक करने के बाद शिकार लोगों से ‘बिटक्वाइन’ के बदले फिरौती मांगी जा रही है। इसी बीच आरबीआई ने साफ किया है कि जिन एटीएम नेटवर्क के साफ्टवेयर अपडेट हो चुके हैं उन्हें ही चालू किया जाए।

  

सूत्रों के अनुसार एटीएम मशीनें इस मॉलवेयर की आसान शिकार बन सकती हैं। क्योंकि, ये मशीने लगभग  विंडोज साफ्टवेयर पर ही चलती हैं। अनुमान के मुताबिक देशभर के कुल सवा दो लाख एटीएम में से 60 प्रतिशत एटीएम आउटडेटेड विंडोज एक्सपी पर चल रहे हैं।

ऐसे में आरबीआई का कहना है कि बिना सॉफ्टवेयर अपडेट किए एटीएम चालू न किए जाए।  इसके साथ ही जानकारों का मानना है कि एटीएम में कोई डाटा नहीं होता है ऐसे में इसपर उतना खतरा नहीं है। इसलिए ग्राहकों को डरने की जरूरत नहीं है।

दरअसल एक कंप्यूटर मालवेयर के जरिए हमला करने वालों ने लोगों के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक कर दिया और उसके बाद उसे खोलने के लिए फिरौती की मांग की। साइबर अटैकर्स ने बिटकॉइन्स में 300 डॉलर की फिरौती की मांग की है। फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, स्वीडन, रूस सहित दुनिया के कई देश इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

तस्वीरें: क्रिकेटर्स ने ‘मदर्स डे’ पर मां के नाम दिया ख़ास पैगाम

आज मदर्स डे मनाया जा रहा है। यूँ तो  कहा जाता है कि मां के बिना जीवन की कल्पना भी करना भी न मुमकिन है। इसी कड़ी में  भारतीय क्रिकेट के खिलाडियों ने अपनी मां के नाम खास संदेश दिया है।

क्रिकेट के भगवान् कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपनी मां के साथ एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है, ‘दुनिया के लिए आप मेरी मां हैं, लेकिन मेरे लिए आप मेरी दुनिया हैं’।

https://www.instagram.com/p/BUEFn1CDq_R/?taken-by=sachintendulkar

वीरेंद्र सहवाग ने भी अपनी मां के नाम संदेश लिखा. इस मैसेज के साथ वीरू ने अपनी मां की फोटो भी शेयर की।

https://www.instagram.com/p/BUD0I08hKbA/?taken-by=virendersehwag

https://www.instagram.com/p/BUEC5ITlO9F/?taken-by=harbhajan3

https://www.instagram.com/p/BUEBWEQBLup/?taken-by=yuvisofficial

https://www.instagram.com/p/BUETiFqAn7I/?taken-by=rohitsharma45

वैश्विक स्तर पर फिर हो सकता है साइबर हमला

सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई है कि बीते शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर हुए  साइबर हमले के बाद जल्द ही एक दूसरा बड़ा साइबर हमला हो सकता है। हालाँकि यह कब होगा इसके बारे में ठीक ठीक भविष्यवाणी नहीं की गई है।

दरअसल 12 अप्रैल को हुए वैश्विक हमले से दुनिया भर के 125,000 से ज्यादा कम्प्यूटर सिस्टम  प्रभावित हुए थे।  लेकिन अब सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि ब्रिटेन के सुरक्षा शोधकर्ता ‘मैलवेयर टेक’ ने भविष्यवाणी की है कि दूसरा हमला जल्द होने की संभावना है। मैलवेयर टेक ने ही इस रैनसमवेयर के हमले को सीमित करने में मदद की थी। इस वायरस ने  प्रभावित कंप्यूटर की फाइलों को अपने नियंत्रण में ले लिया।बताया जा रहा है कि यह वायरस स्पेन, फ्रांस और रूस सहित 100 देशों में फैल गया।


सबसे ज्यादा असर  इंग्लैंड में देखने को मिला। इंग्लैण्ड में  48 राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाएं (एनएचएस) ट्रस्ट व स्कॉटलैंड के 13 एनएचएस  इसके शिकार बने। जिसके चलते कुछ अस्पतालों को अपनी सेवाएं रद्द करनी पड़ी।

हैकर्स ने कम्प्यूटर को नियंत्रण में लेने के बाद वायरस ने एक संदेश भेजा, जिसमें फाइलों को खोलने और उपभोक्ताओं के इस्तेमाल करने के लिए वर्चुअल करेंसी में 300 डॉलर बिटक्वाइन के भुगतान की मांग की गई थी।

शोधकर्ता रैनसमवेयर का इस्तेमाल करने वाले का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल करने वालों को वाना डिक्रिप्टर या वानाक्राई के  नाम से जाना जाता है। यह वायरस माइक्रोसॉफ्ट विंडोज सॉफ्टवेयर के कमजोरियों का लाभ उठाता है, जिसकी पहले अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी द्वारा पहचान की गई थी।