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गोलीबारी नहीं रुकी तो हो सकती है सर्जिकल स्ट्राइक

नई दिल्ली:आर्मी चीफ बिपिन चंद्र रावत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सीमा पर गोलीबारी नहीं रुकी तो एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की जा सकती है।

पाकिस्तान की ओर से कई बार सीजफायर उल्लंघन के मामले पर आर्मी चीफ ने कहा है कि पाकिस्तान के प्रॉक्सी वॉर की वजह से भारत के सामाजिक तानेबाने को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में अगर सीजफायर उल्लंघन के मामलों में कमी नहीं आई  तो सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम उठाये जा सकते हैं।

सेना को सक्षम बनाने की तैयारियों पर सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना को नई चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम बनाया जा रहा है। हथियारों से लेकर हर फील्ड में बेहतर तकनीक इस्तेमाल की जा रही है साथ ही उन्होंने जवानों और अफसरों से टीम भावना के साथ काम करने पर जोर दिया।

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इसके साथ ही  सेना के एक जवान की तरफ से विडियो जारी सीनियर अफसरों पर उत्पीड़न करने के आरोप पर सेना प्रमुख ने कहा कि जिसकी भी जो समस्या हो वह आंतरिक रूप से इसकी शिकायत करे। हम उनकी पहचान को जाहिर नहीं करेंगे। ट्रूप्स को सीनियरों पर भरोसा रखना चाहिए कि उनकी समस्या का हल जरूर होगा। आर्मी चीफ ने जवानों की शिकायत सुनने के लिए कंप्लेंट बॉक्स बनाने का भी ऐलान किया है।

14 साल के बच्चे ने साइन की ५ करोड़ की डील

अहमदाबाद : वाइब्रेंट गुजरात समिट में एक 14 साल के बच्चे की खूब चर्चा हो रही है। यही नहीं इतनी छोटी सी उम्र में इस बच्चे ने एक ऐसा कारनामा किया है जिसके बारे में लोग सिर्फ सोचतें ही रह जातें हैं। आपको यकीं नहीं होगा इतनी कम उम्र में इस बच्चे ने ५ करोड़ रुपये की डील साइन की है।

महज 14 साल की उम्र में आखों का तारा बने इस बच्चे का नाम हर्षवर्धन जाला है. हर्षवर्धन ने गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ ऐसे ड्रोन तैयार करने के लिए करार किया है जिसकी मदद से युद्ध के मैदानों में लगे लैंड माइंस का पता लगाया जा सकेगा और ड्रोन की मदद से ही उनको निष्क्रिय भी किया जा सकेगा। 10वीं  कक्षा के हर्षवर्धन उम्र के उस पड़ाव में अपने बिजनस प्लान पर काम कर रहे हैं और ड्रोन का तीन नमूना बनाया है, जब उनकी उम्र के बच्चे बोर्ड एग्जाम को लेकर चिंतित हैं।

हर्षवर्धन ने बताया कि उन्होंने लैंडमाइन का पता लगाने वाले ड्रोन के नमूने पर 2016 में ही काम शुरू कर दिया था और बिजनस प्लान भी बनाया था। इस ड्रोन में मकैनिकल शटर वाला 21 मेगापिक्सल के कैमरे के साथ इंफ्रारेड, आरजीबी सेंसर और थर्मल मीटर लगा है। कैमरा हाई रिजॉलूशन की तस्वीरें भी ले सकता है। ड्रोन जमीन से दो फीट ऊपर उड़ते हुए आठ वर्ग मीटर क्षेत्र में तरंगें भेजेगा। ये तरंगें लैंड माइंस का पता लगाएंगी और बेस स्टेशन को उनका स्थान बताएंगी। ड्रोन लैंडमाइन को तबाह करने के लिए 50 ग्राम वजन का बम भी अपने साथ ढो सकता है।

नोटबंदी पर संसदीय समिति मोदी को कर सकती है तलब

नईदिल्ली : संसद की लोक लेखा समिति नोटबंदी से जुड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री को भी तलब कर सकती है। लेकिन ऐसा तब होगा जब समिति इस मुद्दे पर पहले से तलब किए गए अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं होती है। समिति ने रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल सहित वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को 20 जनवरी से पहले अपना जवाब देने को कहा है।

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संसद की लोक लेखा समिति के चेयरमैन केवी थॉमस का कहना है कि जिस देश में कैशलैस की बात की जा रही है वहां पर कॉल ड्रॉप की समस्या आज तक बरकरार है। सरकार इस पर अभी तक काबू नहीं पा सकी है। ऐसे में भला सरकार कैसे कैशलैस और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की बात करती है। 20 जनवरी को समिति वित्त मंत्रालय और उर्जित पटेल से मिले जवाब पर विचार करेगी। इस दौरान वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ पटेल खुद भी शामिल होंगे। अगर समिति उनके जबाब से संतुष्ट नहीं होती है तो फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नोतबंदी पर जवाब देने के लिए बुलाया जाएगा।

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हालाँकि की थामस का कहना है कि नोटबंदी के एलान के बाद वह खुद इस मुद्दे पर बातचीत के लिए पीएम से मिले थे और उनसे इस पर सवाल किया गया था। लेकिन उस वक्त पीएम ने 50 दिनों का वक्त मांगा था और कहा था कि दिसंबर के अंत तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेकिन आज तक भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। एटीएम खाली पड़े हैं।  थामस  ने पीएम मोदी पर देश की जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी बार-बार अपने गलत फैसले को सही ठहराने की कोशिश करने में लगे हैं

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संसद की लोक लेखा समिति ने नोटबंदी के इस अहम मुद्दे पर खुद ही संज्ञान लिया है। समिति कैग की रिपोर्ट की जांच-परख करती है साथ ही समिति को मामले में शामिल किसी को भी बुलाने का अधिकार है।

ट्वीट से वीरेंद्र सहवाग ने कमाए 30 लाख

मुंबई : आज कल  अपने टि्वटर अकाउंट से वीरू अपने फैन्स को खुश तो कर ही रहें हैं पर इसके साथ ही सहवाग के ट्वीट्स उनके लिए इनकम सोर्स भी साबित हो रहें हैं। आए दिन सहवाग ट्वीट जरूर करते हैं। सटीक अंदाज में किये जाने वाले सहवाग के इन ट्वीट्स को काफी लाइक और रीट्वीट मिलते हैं

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एक इंटरव्यू में सहवाग ने खुलाशा किया है कि टि्वटर के जरिय उन्होंने बीते छह महीने में करीब 30 लाख रुपये कमाए हैं। सहवाग के मुताबिक उन्होंने टि्वटर पर ट्वीट  मस्ती मजाक के अंदाज में ही शुरुआत की थी लेकिन वक्त के साथ-साथ उनके ट्वीट फनी होते गए। अब सहवाग ने वीरू के फंडे नाम से यू-ट्यूब पर चैनल भी शुरू किया है। यहां भी उनका मजाकिया अंदाज देखने को मिलता है।

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गांगुली ने युवराज के चयन को सराहा

मुंबई : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने युवराज सिंह को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय और टी-20 सीरीज के लिए टीम में चुने जाने को सही ठहराया। सिलेक्टर्स ने इग्लैंड के खिलाफ युवराज को वनडे और टी-20 टीम में जगह दी है। गांगुली ने कहा, ‘यह अच्छी बात है कि युवराज को दोनों प्रारूपों में टीम में जगह मिली है। मुझे उम्मीद है की वे रन बनाएंगे और सफल रहेंगे।


वहीँ कोहली को टीम की कमान सौंपने पर बंगाल क्रिकेट संघ के प्रेसिडेंट सौरब गांगुली का कहना है की कोहली वनडे और टी-20 में धोनी के सही उत्तराधिकारी हैं। कोहली धोनी की तरह ही शानदार होंगे, इसमें कोई शक नहीं है।

 धोनी ने  बीते दिनों को सभी को हैरान करते हुए वनडे और टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ दी थी।

जिसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली लिमिटेड ओवर्स की सीरीज के लिए सिलेक्टर्स ने कोहली को टीम का नया कप्तान बनाया है। इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज का पहला मैच 15 जनवरी को पुणे में खेला जाएगा।

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लम्बे समय से टीम से बहार रहे युवराज सिंह को 3 साल बाद वनडे टीम में शामिल किया गया है। युवराज सिंह ने अपना पिछला वनडे मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 11 दिसंबर 2013 को खेला था, जबकि टी20 मैच 27 मार्च 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहली में खेला।

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ओडिशा में पिता ने कंधे पर ढोई बेटी की लाश

ओडिशा में एक बार फिर  से अस्पताल से एक पिता के बेटी की लाश को कंधे पर लाद ले जाने का चौकाने वाला मामला सामने आया है।अस्पताल के गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते इस शख्स को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। जिसके बाद यह व्यक्ति अपनी बेटी की लाश कंधे पर रखकर चल पड़ा। इस घटना ने ओडिशा सरकार के उस दावे की पोल खोल कर रख दी है जिसमे सरकार ने महाप्रयाण योजना को बेहतर बनाये जाने का दावा किया था।

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मामला ४ जनवरी का है जब ओडिशा के अंगुल में गति धीबर अपनी सात साल की बेटी का इलाज कराने अस्पताल पहुंचा था। बेटी की मौत होने पर उसने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की मांग की थी लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया। अस्पताल से काफी निवेदन के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं मिली तो वह बेटी की लाश को कंधे पर लेकर चल पड़ा। उसके साथ उसकी पत्नी भी थी। वे दोनों जब पैदल घर जा रहे थे तभी मीडिया के कुछ लोगों की नजर उन पर पड़ी। जिसके बाद मामले का खुलाशा हुआ।

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वैसे उड़ीसा में इस तरह का यह कोई पहला मामला नही है। बीते साल अगस्त २०१६ में भवानीपटना के एक अस्पताल में दाना मांझी की पत्नी अमांग की मौत हो गई थी। जिसके दाना मांझी ने अपनी पत्नी की लाश को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी लेकिन अस्पताल ने मना कर दिया। आखिर में वह पत्नी की लाश को कंधे पर लेकर निकल पड़ा और 12 किलोमीटर तक पैदल ही चलता रहा। साथ में उसकी बेटी भी थी जो सारे रास्ते रोए जा रही थी।

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वहीँ मामले की जानकारी सामने आते ही डीएम ने रिपोर्ट के आधार पर सिक्योरिटी गार्ड और जूनियर हॉस्पिटल मैनेजर को जिम्मेदार पाया गया और उन्हें सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा सब-डिविजनल मेडिकल ऑफिसर से भी जवाब तलब किया गया है। लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि बच्ची की लाश कंधे पर उठाकर ले जाने वाला शख्स उसका चाचा था। क्योंकि उसके पिता बाहर थे।

राहील शरीफ बने इस्लामिक देशों सेना के मुखिया

नईदिल्ली : पाकिस्तानी सेना प्रमुख पद से रिटायर हुए जनरल राहील शरीफ को अब एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें आतंक के खिलाफ बनाई गई इस्लामिक देशों की गठबंधन सेना का प्रमुख नियुक्त किया गया है।

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाज़ा आसिफ़ की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जरनल राहील शरीफ़ अब सऊदी अरब के नेतृत्व वाले 39 इस्लामिक देशों के सैन्य गठबंधन का नेतृतव करेंगे। इस सैन्य गठबंधन का गठन आतंकवाद से लड़ने के लिए किया गया है। इसके साथ ही आसिफ़ ने बताया कि जनरल शरीफ़ की नियुक्ति से जुड़ा यह फैसला नवाज़ शरीफ़ सरकार को भरोसे में लेने के बाद ही लिया गया है। क्योंकि इस तरह की नियुक्ति के लिए सरकार और सैन्य मुख्यालय की ओर से सहमति मिलनी जरूरी होती है।

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इस्लामिक देशों के इस सैन्य गठबंधन का मुख्यालय रियाद में होगा। दरअसल, दिसंबर 2015 में आतंकवाद से निपटने के लिए पाकिस्तान सहित 30 से अधिक इस्लामी देशों ने सऊदी अरब के नेतृत्व में एक सैन्य गठबंधन का ऐलान किया था।इस गठबंधन का ऐलान तब हुआ जब आईएसआईएस ने खाड़ी देशों के शासन को उखाड़ फेंकने का वादा किया। अपने वादे के साथ कुवैत और सऊदी अरब में शिया मुस्लिमों की मस्जिदों और सुरक्षा बलों पर हमले शुरू कर दिए। वैसे इस गठबंधन के बनने से पहले वर्ष 2014 में सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले वर्ष दिसंबर में आतंकवाद का सामना करने के लिए एक इंटीग्रेटेड मुस्लिम कम्‍यूनिटी की स्थापना की थी।

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इस गठबंधन में शुरू में 34 देश शामिल थे, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर 39 हो गई। इस सैन्य गठबंधन में मिस्र, क़तर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे कई अरब देशों के साथ तुर्की, मलेशिया, पाकिस्तान और अफ्रीकी देश भी शामिल हैं। राहील शरीफ नवंबर 2016 में रिटायर हुए और जनरल कमर जावेद बाजवा को पाकिस्तान का नया सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था।

 

मध्य प्रदेश में “अगर करोगे खुले में शौच-जल्दी दी जाएगी मौत”

भोपाल: मध्य प्रदेश में स्वच्छ भारत अभियान विवादों में है, प्रशासन की तरफ से  स्वच्छ भारत अभियान को लेकर किये जा रहे नए नए प्रयोग विवाद खड़े कर रहें हैं। अभी पिछले हफ्ते उज्जैन में खुले में शौच करने पर एक बुजुर्ग से जबरन अपना मैला साफ करवाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था। इसी बीच झाबुआ के मेघनगर में नगर परिषद की ओर से लगाया गया एक पोस्टर चर्चा में आ गया है।

आदिवासी बहुल मेघनगर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत लगाए गए इस पोस्टर में लिखा है कि अगर करोगे खुले में शौच-जल्दी दी जाएगी मौत। इस पोस्टर पर स्वच्छ भारत के साथ-साथ एक कदम स्वच्छता की ओर भी अंकित है। लोगों ने नगर परिषद की तरफ से लगाए गए इस पोस्टर पर खासा विरोध जताया है।

मामले के तूल पकड़ने पर जिलाधिकारी ने पोस्टर में छपे स्लोगन की भाषा को ठीक करने के साथ साथ गलती करने वाले के खिलाफ कड़े कदम उठाये जाने की बात कही है।इस सम्बन्ध में मेघनगर के नगर परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोटिस भी भेजा गया है। वैसे मध्यप्रदेश में यह कोई पहला मौका नही है। इसके पहले भी स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत से ही मध्यप्रदेश में नौकरशाही तरह-तरह के प्रयोग करती रही है।

 वहीँ ग्वालियर में तो घर में शौचालय न बनवाने वाले लोगों के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए गए थे। गरीबी रेखा के नीचे वाले लागों का राशन तक बंद कर दिया गया था। साथ ही बंदूक के लाइसेंस के साथ घर में शौचालय की शर्त जोड़ी गई थी। जब की एक कदम आगे बढ़ते हुए उज्जैन में उत्साही नगर पालिका कर्मचारियों ने एक बुजुर्ग दलित को खुले में शौच करने पर न केवल पीटा था। बल्कि उसे खुद अपना मैला साफ करने के लिए मजबूर भी किया था। हालाकिं बाद में सरकार ने तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया था।

नोटबंदी के 50 दिन में शिर्डी के साईं मंदिर को मिला 31.73 करोड़ का दान

शिर्डी : सरकार की ओर से नोटबंदी के बाद 50 दिन में श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट को कुल 31.73 करोड़ रुपये का दान मिला है। मंदिर के एक अधिकारी के मुताबिक मंदिर को पुराने 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों के रूप में कुल 4.53 करोड़ रुपये का जबकि 3.80 करोड़ रुपये का दान नये 2,000 और 500 रुपये के नए नोटों के रूप में आया है।

खबरों के मुताबिक पिछले 50 दिनों के दौरान संस्थान को दान-पात्रों के जरिये 18.96 करोड़ रुपये मिला, जबकि विभिन्न दान केन्द्रों में क्रेडिट ओर डेबिट कार्ड के जरिये 4.25 करोड़ और 2.62 करोड़ रुपये मिले हैं। संस्थान को डिमांड ड्राफ्ट के जरिए 3.96 करोड़ रुपये और 1.46 करोड़ रुपये ऑनलाइन दान के जरिये मिले हैं। इसके अलावा संस्थान का मनी आर्डर के जरिये भी करीब 35 लाख रुपये का दान मिला है।

नकदी के अलावा संस्थान को करीब 73 लाख रुपये मूल्य वाले 2.90 किग्रा सोने के आभूषण और करीब 18 लाख मूल्य के 56 किग्रा के चांदी के आभूषण भी दान में मिले हैं। तांबे ने बताया कि आठ नवंबर को विमुद्रीकरण के बाद संस्थान ने महत्वपूर्ण श्रद्धालुओं को ‘दर्शन’ एवं ‘आरती’ की विशेष सुविधा देकर 3.18 करोड़ रुपये जुटाएं हैं।

जब कि पिछले साल के दौरान प्रसिद्ध साईंबाबा मंदिर को दानपात्रों के जरिये कुल 162 करोड़ रुपये का दान मिला था, जो की औसतन 44.38 लाख रुपये प्रतिदिन है। जबकि नोटबंदी के बाद संस्थान को प्रतिदिन करीब 37.92 लाख रुपये का दान मिला है।

जानें, आखिर कैसे डूबा टाइटैनिक जहाज

मुंबई: दुनिया के सबसे मशहूर जहाज टाइटैनिक के डूबने की वजहों को लेकर नया खुलाशा हुआ है। बताया जा रहा है कि टाइटैनिक आइसबर्ग से टकराने के कारण नहीं, बल्कि आग के कारण उत्तरी अटलांटिक सागर में डूब गया था।

1912 में हुए इस हादसे में जहाज पर सवार 1500 से ज्यादा लोग मारे गए थे। बताया जा रहा है कि जहाज के बॉयलर रूम के पीछे बने तीन-मंजिला ईंधन स्टोर में आग के सुलगते रहने के कारण टाइटैनिक जहाज की पेंदी पूरी तरह से कमजोर हो गई थी। टाइटैनिक को लेकर यह खुलाशा एक डॉक्युमेंट्री में हुआ है, इस डॉक्युमेंट्री में आइरिश जर्नलिस्ट और राईटर सेनन मोलॉनी ने टाइटैनिक जहाज के डूबने की वजहों को लेकर नए तथ्य सामने रखें हैं। सेनन मोलॉनी के मुताबिक यह आग तीन हफ्तों तक लगी रही और किसी ने भी इसपर ध्यान नहीं दिया। इसी आग के कारण जहाज क्षतिग्रस्त हो गया था। फिर जब सफर के दौरान आइसबर्ग के साथ इसकी टक्कर हुई, तो कमजोर होने के कारण वह डूब गया।

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एक्सपर्ट के मुताबिक आग के कारण जहाज का तापमान 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद जब टाइटैनिक आइसबर्ग से टकराया, तब तक आग के कारण स्टील से बनी इसकी पतवार काफी कमजोर हो गई थी। इसी वजह से आइसबर्ग के साथ टकराने पर जहाज की लाइनिंग टूट गई। जब कि टाइटैनिक बनाने वाली कंपनी ने जहाज पर सवार अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इस आग के बारे में यात्रियों को कुछ ना बताएं।

अभी तक यह माना जाता रहा था कि टाइटैनिक समुद्र की सतह के नीचे बने एक आइसबर्ग के साथ टकराकर डूब गया था। सेनन मोलॉनी की रिसर्च में यह बात भी कही जा रही है कि जहाज पर लगी आग से हुए नुकसान को यात्री ना देख सकें, इसलिए जहाज को साउथंपटन बर्थ पर रखा गया था। जब की टाइटैनिक की आधिकारिक जांच में कहा गया था कि जहाज का डूबना प्राकृतिक हादसा था। लेकिन अब जो चीजें सामने आ रही हैं उससे पता चलता है कि आग, बर्फ और आपराधिक लापरवाही के कारण टाइटैनिक के साथ यह हादसा हुआ।