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2017 में मिलेगी 5जी नेटवर्क की सौगात

नई दिल्ली: साल 2017 में मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों को 5जी नेटवर्क की सौगात मिल सकती है। देश और दुनिय की मोबाइल और इंटरनेट कंपनियां इसका टेस्ट कर रही हैं और जल्द ही यह भारत में भी किया जा सकता है। खबरों के मुताबिक नये साल में सरकार देश में 5जी नेटवर्क शुरू करने की तैयारी कर रही है और जल्द ही ट्राई 5जी नेटवर्क के लिए सम्बंधित दस्तावेज जारी करेगा।

5जी तकनीक के जरिए यूजर भारी डाटा फाइल के साथ ही हाई क्वालिटी डिजिटल मूवीज बिना किसी लिमिटेशन के कुछ सेकेंड में ही डाउनलोड कर सकेंगे। 5जी ग्राहक बड़ी सर्विसेज जैसे 3डी फिल्में, गेम्स, अल्ट्रा एचडी कंटेंट और रिमोट मेडिकल सर्विसेज का आनंद ले सकेंगे।अगर सरकार 5जी की ओर कदम बढ़ाती है तो उसे 700 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम की नीलामी करनी होगी। 5जी नेटवर्क के लिए 700 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम की जरुरत होती है।

जिस 5जी नेटवर्क की बात अभी भारत और दुनिया के कुछ देशों में शुरू हुई है, फिनलैंड उस पर साल 2015 से ही काम कर रहा है. फिनलैंड की दो संस्थाएं यूनिवर्सिटी ऑफ औलू और वीटीटी टेक्नीकल रिसर्च सेंटर मिलकर इस प्रोजेक्ट का परीक्षण कर रही हैं।

5जी लाने की रेस में दुनिया के तमाम देश शामिल हैं। खबरों की मानें तो साउथ कोरिया और जापान 2018 में होने वाले ओलंपिक्स से पहले ही 5जी नेटवर्क ला सकते हैं। इरोपियन कमिशन, साउथ कोरिया, चीन और जापान ये सभी देश 5जी पर रिसर्च कर रहे हैं. दूसरी ओर अमेरिका ने भी 5जी नेटवर्क लाने की पूरी तैयारी कर ली है।

पीएम मोदी नववर्ष की पूर्व संध्या पर देंगे देश के नाम सन्देश

नईदिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्र के नाम संदेश देंगे। नोटबंदी के बाद पीएम मोदी का पहला राष्ट्र के नाम संबोधन होगा। इस दौरान संभावना जताई जा रही है कि पीएम मोदी नोटबंदी से जुड़ी कोई और घोषणा कर सकते हैं। खासतौर से नजर बेनामी संपत्तियों के मुद्दे पर है, जिस पर पीएम पहले भी कई सभाओं में कह चुके हैं। पीएम के इस संबोधन के संबंध में माना जा रहा है कि इस संदेश में मोदी, नोटबंदी के दौरान विपक्ष की ओर से हुई आलोचना और आरोपों का जवाब दे सकते हैं।

संभावना इस बात की जताई जा रही है कि पीएम नोटबंदी के फायदे गिना सकते हैं। पीएम अपने संदेश में किसानों और मजदूरों के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पीएम को नोटबंदी की गलती पर जनता से माफी मांगनी चाहिए। आम लोगों को भी पीएम मोदी से काफी उम्मीद है। लोगों का कहना है कि पीएम मोदी को जल्द से जल्द नोटबंदी से हो रही समस्याओं के निदान पर ध्यान देना चाहिए ताकि लोगों की रोजी-रोटी चल सके। लोगों को ये भी उम्मीद है कि पीएम को किसानों के कर्जे और निम्न वर्ग के लिए घोषणा करनी चाहिए ताकि नोटबंदी के चलते उन्हें हुई दिक्क्तों की भरपाई हो सके।

भीम से होंगी डिजिटल पेमेंट की राहें आसन

नईदिल्ली: मोदी सरकार की तरफ से कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए एक नया मोबाईल ऐप जारी किया गया है, जिसे भारत इंटरफेस फॉर मनी यानि भीम नाम मिला है। इस ऐप को लॉन्च करने के पीछे  सरकार का उद्देश्य कैशलेस सोसाएटी की बढ़ावा देना है। यह ऐप फिलहाल सिर्फ एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम के फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए है। सरकार के मुताबिक यह ऐप सिर्फ मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए कैशलेस भुगतान करने में लोगों की मदद करेगा। आधार कार्ड आधारित यह ऐप नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा बनाया गया है। यह ऐप दुसरे यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस और बैंक अकाउंट के साथ भी काम करेगा।

इस एप को इस्तेमाल करने का तरीका भी बेहद आसान है:

भीम ऐप को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके, उस पर अपने बैंक खाते को रजिस्टर करने के बाद एक यूपीआई पिन बनाएं।

यूजर का मोबाइल नंबर पेमेंट का एड्रेस होगा।

भीम ऐप से यूजर सिर्फ मोबाइल नंबर के जरिए ही किसी को पैसे भेज और मंगा सकता है। इससे उन खातों में भी पैसे भेजे जा सकते हैं जो यूपीआई को सपोर्ट नहीं करते हैं। ऐसा MMID या  IFSC आईएफएससी कोड के जरिए किया जा सकता है।

अपने फोन नंबर के अलावा यूजर कोई कस्टम पेमेंट एड्रेस भी बना सकता है।

फास्ट पेमेंट के लिए क्यूआर कोड भी स्कैन किया जा सकता है।

यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं को सपोर्ट करता है, लेकिन आने वाले दिनों में सरकार इस ऐप को अन्य भाषाओं में भी जारी करने की योजना बना रही है।

2016 शीतकालीन सत्र का प्रदर्शन पिछले 15 साल में रहा सबसे ख़राब

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के खत्म होने से ठीक एक दिन पहले एलके आडवाणी ने जिस बात की आशंका जताई थी, आखिर में वह सच निकली। पूरा सत्र नोटबंदी पर शोरशराबे और खींचतान के चलते हंगामे की भेंट चढ़ गया। इसी के साथ यह सेशन 15 सालों में कामकाज के लिहाज से सबसे खराब प्रदर्शन वाला सत्र  बन गया है। लोकसभा में लगभग 85 फीसदी समय बर्बाद हुआ, वहीं राज्यसभा में 80 फीसदी वक्त जाया हुआ। इससे पहले 2G स्पेक्ट्रम को लेकर 2010 में भी शीतकालीन सत्र पूरी तरह धुल गया था, लेकिन उसका प्रदर्शन हालिया सत्र से कुछ बेहतर था।

हंगामे के चलते सरकार का अहम बिल जीएसटी सदन में नहीं आ पाया। चर्चा है कि सरकार जनवरी में विशेष सत्र बुलाकर इसे पास करा सकती है। मौजूदा सत्र में सदन की 21 बैठकों में जहां लोकसभा में 19 घंटे काम हुआ, वहीं राज्य सभा में 22 घंटे काम हुआ। लोकसभा में व्यवधान के चलते 91 घंटे 59 मिनट का समय बर्बाद हुआ, तो वहीं राज्यसभा में 86 घंटों का वक्त खराब हुआ।

वक्त की बर्बादी को लेकर लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी दोनों ने अफसोस जाहिर किया है । सुमित्रा महाजन ने सदन के कामकाज पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा, ‘सेशन में व्यवधान के चलते जो समय नष्ट हुआ, वह हम सभी के लिए खास तौर पर मेरे लिए अच्छी बात नहीं है। इससे जनता में छवि धूमिल होती है।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि नए साल में सभी दल और सदस्य मतभेद को भुलाकर सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में योगदान देंगे।

शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष ने नोटबंदी को लेकर सदन में खूब हंगामा किया। राज्यसभा में नोटबंदी पर बहस शुरू भी हुई, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री के मौजूद रहने की मांग के चलते वह भी पूरी नहीं हो पाई। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद विपक्ष अपने रुख पर अड़ा रहा। आखिर में नोटबंदी के अलावा केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के कथित भ्रष्टाचार का मामला भी विपक्ष ने दोनों सदनों में उठाया, वहीं सरकार ने अगुस्टा के सहारे विपक्ष पर निशाना साधा।

सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी पर मोदी सरकार से पूछे 9 सवाल

नईदिल्ली: नोटबंदी पर कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच हो रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाते हुए केंद्र सरकार के इस फैसले पर कई संवैधानिक सवाल खड़े किए हैं, सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी पर संवैधानिक सवालों के जवाब के लिए 5 जजों की बेंच के गठन का फैसला लिया है। जो 8 नवंबर के मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले की वैधता की जांच करेगी। आईये जानतें हैं की आखिर वो सवाल हैं क्या ?

क्या 8 नवंबर को जारी नोटिफिकेशन आरबीआई एक्ट, 1954 की धारा 26(2), 7, 17 आदि का उल्ंघन है?
क्या नोटिफिकेशन से संविधान की धारा 300 (ए) का उल्लंघन हुआ है? 
क्या नोटिफिकेशन, संविधान के अनुच्छेद 14 और 19 के तहत मिले नागरिकों के अधिकार के विपरीत है? 
8 नवंबर को जारी नोटिफिकेशन को लागू करने में कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन तो नहीं किया गया? 
बैंकों और एटीएम से अपने पैसों को निकालने की सीमा तय करना अनुच्छेद 14, 19, 20 और 21 का उल्लंघन तो नहीं? 
क्या सहकारी बैंकों में डिपोजिट और विथड्रॉल पर लगाई गई रोक सही है? 
क्या संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत राजनीतिक पार्टियां सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कर सकती हैं? 
जिस आरबीआई एक्ट की धारा 26 (2) के तहत नोटबंदी की गई, उस एक्ट में जरूरत से ज्यादा विधायी शक्ति तो नहीं दी गई है? 
सरकार के इकनॉमिक और फिस्कल पॉलिसी के ज्यूडिशियल रिव्यू का स्कोप क्या है?

इसके पहले  सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी से संबंधित केसों को हाई कोर्ट और लोअर कोर्ट में चलाने पर पाबंदी लगा दी। अब इस मामले की सुनवाई सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में होगी। सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी लागू करने में लगी सरकार से कहा है कि वह सुनिश्चित करें कि किए गए वादे के मुताबिक जनता को हर सप्ताह 24,000 रुपए कैश मिले।

विमुद्रीकरण से 3-5 लाख करोड़ के घोटाले की आशंका : बाबा रामदेव

नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद मोदी सरकार की सुर से सुर मिला रहे बाबा रामदेव ने सरकार पर पलटवार किया है।बाबा रामदेव ने नोटबंदी में बड़े पैमाने पर घोटाला होने की बात कही है। वहीँ इसके पहले मोदी सरकार के फैसले की तारीफ करते हुए रामदेव ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। नोट बंदी के फैसले से काले धन पर लगाम तो  लगेगी ही साथ ही आर्थिक और राजनीतिक अपराध पर भी नकेल कसने में  सहूलियत  होगी।साथ ही बाबा रामदेव ने नोट बंद करने पर हो रहे तमाम विरोधों पर सभी से  देश के लिए एकजुट होने की अपील की थी लेकिन अब बाबा रामदेव ने कहा है कि ‘विमुद्रीकरण से 3-5 लाख करोड़ का घोटाला सामने आएगा। रामदेव ने बैंकिंग सिस्टम और आरबीआई  की कार्यप्रणाली पर भी संदेह व्यक्त किया है।
नोटबंदी के हालात पर बाबा राम देव ने तो यहाँ तक कहा किमोदी जी ने भी इतना नहीं सोचा होगा कि बैंक वाले इतने बेइमान निकलेंगे। रामदेव के मुताबिक इस फैसले को लागू करने में कुछ चीजों को सुधारा जा सकता था। वही एक ही सीरीज के दो नोट छापे जाने की खबर पर रामदेव ने कहा कि यह देश की व्यवस्था पर बहुत बड़ा कलंक होगा।
वहीँ कालेधन को काबू करने के फर्मुय्ले पर रामदेव ने कहा कि हमने एक साथ तीन बातें कही थीं। पहला कि सारी बड़ी करेंसी बंद हो, कैशलेस सिस्टम हो ,ट्रांजेक्शन टैक्स लगे और बैंकिंग सिस्टम को पारदर्शी बनाया जाए। लेकिन हमारी सिर्फ एक बात मानी गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा की यह व्यवस्था तभी साफ होगी जब तीनों एक साथ लागू किया जाएगा। 

अगस्ता वेस्टलैंड डील में दी गयी 115 करोड़ रुपये की घूस

नईदिल्ली : अगस्ता वेस्टलैंड डील  के लेकर बड़ा खुलाशा हुआ है। क्रिश्चियन मिशेल की डायरी से बात निकल कर आ रही है कि भारत के सबसे रसूखदार सियासी परिवारों में से एक परिवार को अगस्ता वेस्टलैंड डील को अंजाम तक पहुंचाने के लिए 1.6 करोड़ यूरो यानि 115 करोड़ रुपये की घूस दी गई थी।

क्रिश्चियन मिशेल की डायरी से सबूत मिलते हैं कि किस तरह पर्दे के पीछे रह कर बिचौलियों ने मनमोहन सिंह सरकार के वक्त 3600 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रेक्ट को अंजाम तक पहुंचाया। मनमोहन सिंह सरकार ने इस कॉन्ट्रेक्ट पर 2010 में मुहर लगायी थी। मिशेल के इन नोट्स को इटली की पुलिस ने जब्त किया और बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हवाले कर दिया। इनसे पता चलता है कि अगस्ता वेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमैकेनिका ने 5.2 करोड़ यूरो  यानि 373 करोड़ रुपये  का बजट भारत में डील को अंजाम देने के लिए घूस के लिए रखा हुआ था। ये घूस भारत में उन लोगों को दी जानी थी जिनके पास डील से जुड़े फैसले लेने की ताकत थी।

15 मार्च 2008 की एक एंट्री में मिशेल ने भारत के शीर्ष नेताओ का नाम लिया था जो सरकारी पदों के अलावा सरकार से बाहर भी थे। मिशेल की एक चिट्ठी में पढ़ा जा सकता है- ‘वीआईपी के पीछे ड्राईविंग फोर्स श्रीमती गांधी हैं, वो अब आगे से Mi-8 में उड़ान नहीं भरेंगी.’ इसमें कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के प्रमुख सलाहकारों में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिह और अहमद पटेल का उल्लेख किया था। मिशेल की डायरि से खुलासा होता है कि संभवत 60 लाख यूरो भारतीय वायुसेना के अधिकारियों को, 84 लाख यूरो नौकरशाहों को और 1.5 से लेकर 1.6 करोड़ यूरो एक राजनीतिक परिवार को दिए गए।

मिशेल के दावों के मुताबिक उसने भारत में रसूखदार लोगों को घूस दी। जिन्होंने रूसी और अमेरिकी चॉपर्स को खारिज करने में मदद की. मिशेल ने इसके अलावा नोट्स में पीएमओ, एसपीजी ,सीवीसी  और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के संपर्क में होने का भी जिक्र किया है।

पाक मिसाइल ‘बाबर’ का सफल परीक्षण, रेंज में आए कई भारतीय शहर

इस्लामाबाद : एक तरफ जहां भारत अग्नि ५  मिसाइल का परिक्षण करने की तयारी कर रहा है तो वहीं पाकिस्‍तान से एक बड़ी खबर आ रही है। भारत के अग्नि का परिक्षण करने से पहले पाकिस्‍तान ने भारत के कई शहरों को आसानी से टारगेट करने में सक्षम ‘बाबर’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया है।

बाबर एक क्रूज मिसाइल है और पूरी तरह से पाकिस्‍तान में ही बनी है। पाक सेना की तरफ से इसका टेस्‍ट किया गया  है। इसकी रेंज 700 किलोमीटर है और इस रेंज से दिल्‍ली समेत कई शहर इसके निशाने पर हैं। इस मिसाइल को मुगल वंश की शुरुआत करने वाले शासक ‘बाबर’ के नाम पर रखा गया है।

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पा‍क के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मिसाइल के सफल परीक्षण पर सेना और वैज्ञानिकों को बधाई दी है। यह मिसाइल सभी तरह के हथियार आसानी से ले जा सकती है। सेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि बाबर मिसाइल में आधुनिक दौर के सभी एडवांस्‍ड हथियारों को फिट किया गया। यह जमीन के साथ हवा से भी एक सटीक गति से निशाना लगा सकती है। सेना के मुताबिक कम ऊंचाई वाली इस मिसाइल में ऐसे फीचर्स हैं जिसके बाद यह हर तरह के हथियारों को आसानी से निशाना लगा सकती है।

बाबर  किसी भी रडार से बच निकलने में सक्षम है। मिसाइल में डिजिटल सीन मैचिंग एवं एरिया कोरिलेशन या डीएसएमएसी और टेरेन कॉन्टूर मैचिंग या टेरकॉम जैसी लेटेस्‍ट टेक्‍नॉलाजी भी इंस्‍टॉल की गई है। ये दोनों ही लेटेस्‍ट नेविगेशन सिस्‍टम से लैस हैं और जीपीएस न होने की हालत में भी एकदम सटीकता के साथ कई तरह के लक्ष्यों को निशाना बना पाएगी।

नरेन्द्र मोदी दुनिया के 9वें सबसे ताकतवर व्यक्ति

नईदिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के 10 सबसे ताकतवर लोगों में शुमार किए गए हैं। दुनिया की प्रमुख मैगजीन फोर्ब्‍स ने मोदी को टॉप 10 ताकतवर लोगों की लिस्‍ट में नौवें नंबर पर जगह दी है। इस लिस्‍ट में रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन लगातार चौथे साल टॉप पर हैं। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप को इस लिस्‍ट में दूसरे नंबर पर जगह मिली है।

फोर्ब्‍स ने ‘वर्ल्‍ड्स मोस्‍ट पावरफुल पीपल’ नाम से दुनिया के 74 सबसे ताकतवर लोगों की लिस्‍ट जारी की है। फोर्ब्‍स की तरफ से कहा गया कि भारत के पॉप्‍युलर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने देश में करीब सवा अरब आबादी के बीच काफी लोकप्रिय हैं। फोर्ब्‍स ने कहा, ‘बराक ओबामा और शी चिनफिंग के साथ आधिकारिक तौर पर मुलाकात कर हाल के वक्‍त में मोदी ने अपनी प्रोफाइल बतौर ग्‍लोबल लीडर की बनाई है। जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में चल रहे अंतरराष्‍ट्रीय प्रयासों में वह एक अहम शख्सियत बनकर उभरे हैं।’

फोर्ब्‍स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर 2016 को उठाए गए नोटबंदी के कदम का भी जिक्र किया। मैगजीन ने कहा कि मोदी ने मनी लॉन्ड्रिंग और करप्‍शन पर लगाम लगाने के लिए अचानक से यह कदम उठाया।

कुमार विश्वास और रिजिजू में छिड़ा ट्विटर वार

नईदिल्ली : अरुणाचल प्रदेश में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बांध  घोटाले में किरण रिजिजू का नाम आने के बाद उनपर पर विरोधियों ने हमले तेज कर दिए हैं। कांग्रेस के बाद आम आदमी पार्टी भी रिजिजू पर हमलावर हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता और कवि कुमार विश्वास ने ट्विटर के जरिए रिजिजू पर जमकर तंज कसा है।

कुमार विश्वास ने रिजिजू की तुलना रॉबर्ड वाड्रा से करते हुए ट्वीट किया कि कांग्रेस से बीजेपी ये सिर्फ एक यात्रा है जीजू से रिजिजू की। रिजिजू ने भी ट्वीट के जरिए जवाब देत हुए कहा कि सबकुछ कांग्रेस के शासनकाल में हुआ। फिर दोनों के बीच ट्विटर पर जमकर बहस हुई.जिसके बाद रिजिजू ने आगे कुमार विश्वास से कहा कि मैंने सोचा कि आप सच्चे व्यक्ति हैं। लेकिन दुख की बात है आप नहीं हैं। मेरे साथ आओ और मैं आपको बताऊंगा कि कैसे कांग्रेस ने जनता को लूटा।

रिजिजू को जवाब देते हुए कुमार ने ट्वीट किया कि मैं आपको अभी भी सच्चा मानता हूं। हम मिलते है और शेयर करते हैं कि दोनों पार्टियों यानि बीजेपी और कांगेस ने कैसे लूटा। विश्वास ने आगे कहा कि ईश्वर करे आप का कहा सत्य हो, लेकिन जांच करेगा कौन? बंधक सीबीआई? आइए हम दोनों केंद्रीय व दिल्ली के लंबित लोकपाल बिल को पास कराएं।

 हालांकि रिजिजू ने आरोपों से साफ इनकार  करते हुए कहा है कि जो इस तरह की न्यूज प्लांट कर रहे हैं, हमारे यहां आएंगे तो जूते खाएंगे। क्या लोगों की सेवा करना भ्रष्टाचार है? रिजिजू का कहना है कि उन्होंने एक स्थानीय ठेकेदार की अर्जी पर ऊर्जा मंत्रालय को खत लिखा था। लेकिन उन्हें किसी घोटाले की जानकारी नहीं है. अगर कोई घोटाला हुआ है तो उसकी गहराई से जांच की जाए।