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पनीरसेल्वम बने जयललिता “अम्मा” के उत्तराधिकारी

चेन्नई : जयललिता के निधन के बाद तमिलनाडु के कार्यवाहक मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम को एआईएडीएमके का विधायक दल का नेता चुना गया है। पनीरसेल्वम ने राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। शपथ ग्रहण के पहले दो मिनट का मौन भी रखा गया। पनीरसेल्वम जयललिता के बेदह करीबी माने जाते थे। जयललिता को जब मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी, तो  उन्होंने पनीरसेल्वम पर ही भरोसा जताया था ।

पनीरसेल्वम पहले भी दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पहली बार 2001 में, जब जयललिता को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मुख्यमंत्री बनने से रोका गया था और दूसरी बार 2014 में जब जयललिता को आय से अधिक सम्पति के मामले में जेल जाना पड़ा था। जयललिता के जेल से बाहर आते ही बिना देरी किए पनीरसेल्वम ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

इसके पहले तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता का सोमवार देर रात को निधन हो गया। रविवार को उन्हें हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद से विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक बड़ी टीम उनके इलाज में जुटी हुई थी। सोमवार रात 11.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अपोलो अस्पताल ने प्रेस रिलीज जारी कर उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि की। ‘जयललिता के निधन के बाद तमिलनाडु में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

नहीं रही “अम्मा”, तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा

चेन्नई : तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता का सोमवार देर रात को निधन हो गया। रविवार को आये हार्ट अटैक के बाद उनकी हालत नाजुक बनी हुयी थी। सोमवार रात 11.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अपोलो अस्पताल ने प्रेस रिलीज जारी कर उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि की है। जयललिता के निधन के बाद तमिलनाडु में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

अपोलो अस्पताल की तरफ से रविवार को जारी बयान में जयललिता को कार्डिएक अरेस्ट होने की बात कही गई थी। जयललिता को ईसीएमो और लाइफ स्पोर्ट सिस्टम्स पर रखा गया था। डॉक्टर लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए थे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद जयललिता को बचाया नहीं जा सका। जयललिता को दिल का दौरा पड़ने के बाद उनकी सलामती के लिए पूरे देश से दुआओं का दौर जारी था। जयललिता को बुखार और डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद 22 सितंबर को अस्पताल में भर्ती किया गया था।

तमिलनाडु की राजनीति में ‘अम्मा’ के नाम से मशहूर जयललिता का जन्म 24 फरवरी 1948 को एक रूढ़िवादी तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। जन्म के समय जयललिता को उनकी दादी का नाम कोमलावल्ली दिया गया था। छह बार तमिलनाडु की सीएम रहीं जयललिता को शुरुआती लोकप्रियता एक नेता के तौर पर नहीं बल्कि ऐक्ट्रेस के तौर पर मिली थी। जयललिता ने चेन्नै में क्लासिकल म्यूजिक, वेस्टर्न क्लासिकल पियानो और कई तरह के क्लासिकल डांस की ट्रेनिंग ली थी। तमिल सिनेमा में नाम कमा चुकीं जयललिता का राजनीतिक करियर 1982 में शुरू हुआ। दक्षिण भारत की राजनीति के आइकॉन और एआईएडीएमके के संस्थापक मरुदुर गोपालन रामचंद्रन 1982 में जयललिता को  राजनीति में लेकर आए थे।

एआईएडीएमके में कई उतार-चढ़ाव के बाद भी जयललिता तमिलनाडु की राजनीति में कद्दावर नेता बनकर उभरीं। जयललिता 1991 में पहली बार कांग्रेस की मदद से तमिलनाडु की सबसे कम उम्र की सीएम बनीं। इसके बाद जयललिता ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2016 के विधानसभा चुनावों में जयललिता ने सत्ता परिवर्तन की परिपाटी को ध्वस्त कर दिया था और जयललिता के नेतृत्व में एआईएडीएमके ने कांग्रेस और डीएमके के गठबंधन को धूल चटा कर 134 सीटें जीतने में सफल रही। जीत के बाद जयललिता छठी बार राज्य की सीएम बनी थीं।

गिरिराज सिंह ने बयान पर दी सफाई, योजना से बीजेपी की नसबंदी हो जाएगी-जेडीयू

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा हैकि देश में मौजूद सिमित संसाधनों को देखते हुए हमें राष्ट्रहित में सोचना चहिये। इसके पहले अपने एक बयान  में गिरिराज सिंह ने कहा था कि नोटबंदी के बाद देश में नशबंदी की जरुरत है। लेकिन जब उनके इस बयान की चारो तरफ आलोचना होने लगी, तो उन्होंने यु टार्न लेते हुए कहा कि भारत में हर साल ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर आबादी जुड़ रही है। लेकिन हमारे संसाधन सीमित हैं। इसलिए हमें राष्ट्रहित के बारे में सोचना चाहिए।

गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री द्वारा लिये गये नोटबंदी के फैसले की तर्ज पर कहा कि नोटबंदी की तरह ही हमें जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए कड़े कानून की जरूरत है। अगर हम देश का विकास और राष्ट्रहित चाहते हैं, तो हमें भारत की जनसंख्या को नियंत्रित करना ही होगा। इसके पहले भी गिरिराज सिंह इस तरह के बयान  देकर विवादों में आ चुकें हैं। अक्टूबर में गिरिराज ने कहा था की हिंदुओं को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए  गंभीरता पूर्वक विचार करना चाहिए। वहीँ पूर्व बीजेपी सांसद संजय पासवान भी देश में नसबंदी कानून बनाने की वकालत कर चुकें है। 

जेडीयू ने गिरिराज सिंह के बयान पर बीजेपी पर करारा हमला किया है। जेडीयू नेता अली अनवर का कहना है कि नसबंदी की योजना बड़े पैमाने पर लागू होगी या नहीं इस बारे में तो बाद में पता चलेगा। लेकिन इस योजना से बीजेपी की नसबंदी जरूर हो जाएगी।

आतंकवाद पर बात नहीं कार्यवाही जरुरी – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

अमृतसर। अमृतसर में चल रहे हार्ट ऑफ एशिया के सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि आतंक की बात करने से कुछ नहीं होगा बल्कि आकाओं पर कार्रवाई करनी होगी।

लाईव अपडेट्स

अफगानिस्तान के सामने चुनौतियां हैं, लेकिन हम मिलकर उनसे निपटेंगे
– हमारे अफगानिस्तान के साथ बहुत करीबी संबंध हैं: पीएम मोदी
– अफगानिस्तान के साथ करीबी रिश्ते, हम क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिश कर रहे हैं: पीएम मोदी
– हम अफगानिस्तान में शांति लाना चाहते हैं: पीएम मोदी
– अफगानिस्तान की मदद करना हमारा मकसद: पीएम मोदी
– हार्ट ऑफ एशिया में मोदी ने कहा, अमृतसर शांति का शहर, आप सभी का स्वागत

इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस सम्मेलन में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, टर्की व अन्य जगहों से आए डेलिगेट्स का स्वागत करते हुए कहा कि इस सम्मेलन का मेजहबानी करना भारत के लिए अपार खुशी का विषय है।

अरूण जेटली के संबोधन के बाद हार्ट ऑफ एशिया औपचारिक उद्घाटन समारोह में सर्वप्रथम अफगान के राजनायिक सलाउद्दीन रब्बानी ने अपने विचार रखें। सलाउद्दीन रब्बानी के बाद अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घनी समारोह को संबोधित कर रहें हैं।

अफगान राष्ट्रपति अशरफ घनी ने कहा कि-

– भारत के साथ द्विपक्षीय समझौता हमारे लिए महत्वपूर्ण
– जल्द शुरू होगा भारत-अफगान कार्गो एयर कॉरिडोर, यह अफगानों के लिए बाजार के नए रास्ते खोलेगा
– चाबहार बंदरगाह की परियोजना भारत, अफगानिस्तान और ईरान को जोड़ने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है

इसस पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश सलाहकार सरताज अजीज समेत चार देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात कर उनसे कहा कि अफगानिस्तान समेत इस पूरे इलाके में शांति और स्थिरता के लिए आतंकवाद और हिंसा को खत्म करना महत्वपूर्ण है।

अखिलेश ने दिए गटबंधन के संकेत, कांग्रेस-एसपी जीत सकती हैं 300 से अधिक सीटें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने २०१७ विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन के संकेत दिए हैं।अखिलेश के मुताबिक नफा-नुकसान’ सोचने से यूपी में गठबंधन नहीं चलेगा । अगर कांग्रेस गठबंधन चाहती तो उसे कम सीटों पर चुनाव लड़ना होगा । अखिलेश ने उम्मीद जताई है कि कांग्रेस-एसपी गठबंधन से राज्य की 403 विधान सभा सीटों में से 300 से अधिक पर जीत मिल सकती है। 

इसके पहले अखिलेश और एसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, ने ही चुनाव पूर्व किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया था। मुलायम सिंह ने तो यहां तक कहा था कि गठबंधन नहीं केवल पार्टियों का एसपी में विलय हो सकता है। वहीँ अखिलेश यादव ने बीएसपी के साथ किसी भी प्रकार के गठबंधन की संभावनाओं से इनकार किया है।

यूपी में कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर,  मुलायम और अखिलेश, दोनों से ही मुलाकात कर चुके हैं। अखिलेश ने कहा कि किसी भी तरह के गठबंधन का अंतिम फैसला पार्टी सुप्रीमो मुलायम को ही लेना है, वह केवल सुझाव दे सकते हैं। वहीँ परिवार के बीच छिड़ी लड़ाई पर अखिलेश ने कहा है की चाचा और भतीजे दोनों का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार  बनाना है। 

नौसेना और कोस्टगार्ड को मिलेंगे 140 आधुनिक युद्धपोत

मुंबई। भारत को समुद्र के अंदर महाशक्ति बनाने के लिए जमकर तैयारियां की जा रही हैं । समुद्र के रास्ते भारत में किसी भी तरह के आतंकी हमले को रोकने के लिए  इंडियन नेवी और इंडियन कोस्ट गार्ड में 140 नई वॉरशिप को शामिल करने का फैसला लिया गया है । 

26/11 का मुम्बई हमला हो या मुंबई की लोकल ट्रेनों में एक के बाद एक हुए सीरियल ब्लास्ट जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए सरकार ने भारत की समुद्री सीमा को चारो तरफ से सुरक्षित करने का नया प्लान बनाया  है । समुद्र के मार्ग को पूरी तरह घेरने के लिए भारतीय नौसेना और इंडियन कोस्ट गार्ड को  140 नए वॉरशिप दिए जायेंगे ।  इसमें से इंडियन नेवी को  60 वॉरशिप, जबकि इंडियन कोस्ट गार्ड को  80 वॉरशिप मिलेंगे। फ़िलहाल  भारतीय नौसेना के पास फिलहाल 140 , जबकि इंडियन कोस्ट गार्ड के पास 120 वॉरशिप हैं।

26/11 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद से इंडियन नेवी समुद्र पर इस तरह नजर गड़ाए है कि परिंदा भी पर न मार सके। इसी दिशा में इंडियन नेवी समुद्र में भारत को महाशक्तिशाली बनाने के लिए एक के बाद एक बड़े कदम उठा रही है।  21 नवंबर को भारत का सबसे विशाल युद्धपोत आईएनएस चेन्नै इंडियन नेवी में शामिल किया गया था।

इसके पहले आईएनएस कोलकाता युद्धपोत और आईएनएस कोच्चि को इंडियन नेवी में शामिल किया जा चूका है । सूत्रों की मानें तो अब इंडियन नेवी और कोस्ट गार्ड जानकारियं साझा करने के लिए कई नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा जानकारी साझा करने के लिए जॉइंट ऑपरेशन सेंटर की भी शुरुआत की गई है। इसमें समुद्र में उठने वाली छोटी से छोटी हलचल की खबर पल भर में सभी सुरक्षा एजेंसियों को पहुंच जाएगी।

पाक दूतावास पर पड़ा नोटबंदी का असर, पाकिस्तान ने दी चेतावती

नईदिल्ली। नोट बंदी का असर अब भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर पड़ने लगा है। भारत मे की गयी नोटबंदी अब वियना संधि को भी प्रभावित कर सकती है। पाकिस्तान ने तो दो टूक कह दिया है की अगर उनके  डिपलीमैटिक स्टाफ को सैलरी के मुताबिक डॉलर्स में विथड्रॉल की अनुमति नहीं दी जाती, तो पाकिस्तान इसे वियना संधि का उल्लघन मानेगा और जिसका खामियाजा  इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों को भुगतना पड़ सकता है ।

दरअसल नोट बंदी के बाद भारत में तैनात डिप्लोमेट्स को 5000 से ज्यादा की रकम डॉलर्स में विथड्रॉ करने के लिए वजह बतानी होती है। जिसके बाद पाकिस्तानी हाईकमीशन के कर्मचारियों ने भारतीय बैंकों से डॉलर में मिलने वाली अपनी सैलरी लेने से इनकार कर दिया। इस्लामाबाद की तरफ से इस  मामले को लेकर कड़ा विरोध जताया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने इस मुद्दे को लेकर धमकी भरे लिहाज में कहा है की ऐसा करने से पाकिस्तान में तैनात भारतीय उच्चायोग का वेतन वितरण भी प्रभावित हो सकता है। पाकिस्तान ने नोटबंदी के बाद डॉलर की सप्लाई मे आयी कमी और डिमांडं में बढ़ोत्तरी की बात को सिरे से ख़ारिज करते हुए  भारत पर आरोप लगाया है  कि समस्या डॉलर्स की सप्लाई में कमी की वजह से नहीं है, बल्कि इसकी असल वजह भारत-पाक तनाव है और जानबूझकर ‘पाकिस्तान को निशाना’ बनाया जा रहा है।

बारातियों ने फ्लाइट में किया हंगामा, उडान भरने में हुई देरी

मुंबई। मुंबई-भोपाल जेट एयरवेज फ्लाइट को बारातियों द्वारा दो घंटे तक रोके जाने का मामला सामने आया है। घटना फ्लाइट 9W 7083 की है जिसे मुंबई से दो दिसंबर को सुबह 5.55 उड़न भरनी थी। लेकिन शादी में जा रहे 80 लोगों ने अपने 17 अन्‍य साथियों को सीट ना मिलने पर नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया था । इसके चलते विमान आठ बजे उड़ा और नौ बजकर 10 मिनट पर भोपाल पहुंचा। प्लेन में सवार बारातियों ने तब तक उसे रोक रखा जब तक उनके बाकि साथी नहीं आ गए। इस दौरान उन्‍होंने ना केवल जेट एयरवेज के स्‍टाफ पर दबंगई की बल्कि दूसरे यात्रियों को घूस देकर प्‍लेन से उतारने की कोशिश भी की।

बताया जा रहा है की जिस परिवार के लोगों ने दादागिरी की वे मंत्री के करीबी हैं। खबरों के मुताबिक बारातियों ने प्लेन के दरवाजों को बंद करने से रोक दिया और अपने साथियों के आने का इंतजार करने को कहा। दरअसल मामला जेट एयरवेज की तरफ से 17 लोगों की टिक‍टें ओवरबुक करने का बताया जा रहा है।

वहीँ इस मामले पर जेट एयरवेज ओर से कहा गया है की बारात के लोगों ने एयरलाइन के ऑफर को स्‍वीकार करने से मना कर दिया और बाकी साथियों के साथ मिलकर फ्लाइट को रोके रखा। इससे उपद्रवी स्थिति बन गई जिससे फ्लाइट 90 मिनट लेट हो गई। साथ ही विमान में बैठे बाकी लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। जब की डीजीसीए के नियमों के अनुसार फ्लाइट के उड़ने से 45 मिनट पहले चेक इन काउंटर बंद हो जाते हैं।

दिल्ली सरकार के कर्मचारियों की सैलरी पर संकट

नईदिल्ली। नोट बंदी के बाद जहाँ लोग काफी दिक्कतों का सामना कर रहें हैं वहीँ दूसरी तरफ दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की माने तो दिल्ली सरकार के कर्मचारियों की इस महीने की सैलरी पर संकट के बादल मंडरा रहें हैं। दिल्ली सरकार का कहना है कि नोटबंदी के बाद सरकार का टैक्स कलैक्शन 50 पर्सेंट तक गिर गया है जिससे सरकार के पास कर्मचारियों को सैलरी देने लायक पैसा नहीं है।

मनीष सिसौदिया ने ट्वीट कर कहा है,’ इस महीने नोटबंदी के बाद दिल्ली के बाजारों में कोई व्यापार नहीं हो पा रहा है जिसके कारण सरकार का टैक्स कलैक्शन 50 पर्सेंट तक गिर गया है। अगर ऐसा ही रहा तो सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देना मुश्किल होगा।’

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सिसौदिया ने आगे लिखा है, ‘ऐसी ही चिंता केंद्रीय वित्त मंत्री की उपस्थिति में जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में कई राज्यों के वित्त मंत्रियों ने उठाई है।’

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इससे पहले 8 नवम्बर 2016 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई नोटबंदी की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जमकर आलोचना की थी। उन्होंने इसे घोटाला बताते हुए कहा था कि इसके जरिए सरकार छोटे व्यापारियों और दुकानदारों व आम आदमी को परेशान कर रही है।