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Prime Minister Narendra Modi France Visit: प्रधानमंत्री मोदी को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक व सैन्य सम्मान से नवाजा गया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक और सैन्य सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने उन्हें इस सम्मान से नवाजा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी को गुरुवार को ‘एलिसी पैलेस’ (फ्रांस का राष्ट्रपति आवास) में इस सम्मान से नवाजा गया। इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स (तत्कालीन प्रिंस ऑफ वेल्स), जर्मनी की पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बुतरस बुतरस-घाली को फ्रांस के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जा चुका है।

प्रधानमंत्री मोदी के दो दिवसीय यात्रा पर बृहस्पतिवार को पेरिस पहुंचे थे जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। वह राष्ट्रपति मैक्रों के साथ शुक्रवार को फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। वायु सेना के विमान सहित भारत की तीनों सेनाओं की टुकड़ी इसमें भाग लेंगी।

फ्रांस के राष्‍ट्रीय दिवस या बैस्टिल दिवस परेड मुख्य आकर्षण है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘मैं बेहद विनम्रता के साथ ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ को स्वीकार करता हूं। यह भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए एक सम्मान है। मैं इसके लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, फ्रांस की सरकार और वहां के लोगों का आभार व्यक्त करता हूं। यह भारत के प्रति उनके गहरे स्नेह और हमारे राष्ट्र के साथ दोस्ती को आगे बढ़ाने के संकल्प को दर्शाता है।’’

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ‘एलिसी पैलेस’ में आयोजित पुरस्कार समारोह की तस्वीरें ट्विटर पर साझा कीं। उन्होंने लिखा, ‘‘साझेदारी की भावना का प्रतीक… प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांस के सर्वोच्च पुरस्कार ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से नवाजा।’’ विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने भारत के लोगों की ओर से इस अद्वितीय सम्मान के लिए राष्ट्रपति मैक्रों का आभार व्यक्त किया।’’

प्रधानमंत्री मोदी को पहले भी कई देशों ने अपने सर्वोच्च पुरस्कार से नवाजा है। जून 2023 में मिस्र ने उन्हे ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’, मई 2023 में पापुआ न्यू गिनी ने ‘कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू’, मई 2023 में फिजी ने ‘कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’, मई 2023 में पलाऊ गणराज्य ने ‘एबाकल पुरस्कार’, मई 2021 में भूटान ने ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’, 2020 में अमेरिकी सरकार ने ‘लिजन ऑफ मेरिट’, 2019 में बहरीन ने ‘किंग हमद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ और 2019 में मालदीव ने ‘ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रुल ऑफ इज्जुद्दीन’ से सम्मानित किया था।

इससे पहले, फ्रांस के राष्ट्रपति और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों ने एलिसी पैलेस में प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को एक कला केंद्र में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भुगतान प्रणाली ‘यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस’ (यूपीआई) के इस्तेमाल को लेकर भारत और फ्रांस के बीच सहमति बनी है, जिसके परिणामस्वरूप अब यहां इसका उपयोग किया जा सकेगा और भारतीय नवाचार के लिए एक बड़ा बाजार खुलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब फ्रांस में स्नातकोत्तर के छात्रों को पढ़ाई के बाद पांच वर्ष का कार्य वीजा भी दिया जाएगा।

Prime Minister Narendra Modi in France: फ्रांस में बैस्टिल दिवस परेड में राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हुए शामिल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi France Visit) फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस समारोह के तहत आयोजित बैस्टिल दिवस परेड (Bastille Day Parade) में शुक्रवार को राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान वह फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ बैस्टिल दिवस परेड में शामिल हुए।

फ्रांसीसी राष्ट्रीय दिवस या बैस्टिल दिवस का फ्रांस के इतिहास में एक विशेष स्थान है क्योंकि यह 1789 में हुई फ्रांसीसी क्रांति के दौरान बैस्टिल जेल पर हुए हमले की याद दिलाता है। इस समारोह का मुख्य आकर्षण बैस्टिल दिवस परेड होती है।

भारत की तीनों सेनाओं का 269 सदस्यीय दल परेड में भाग ले रहा है। फ्रांसीसी जेट विमानों के साथ भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के तीन राफेल लड़ाकू विमान भी इस अवसर पर फ्लाईपास्ट में शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के दो दिवसीय यात्रा पर गुरुवार को पेरिस पहुंचे थे जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। वह राष्ट्रपति मैक्रों के साथ शुक्रवार को फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। वायु सेना के विमान सहित भारत की तीनों सेनाओं की टुकड़ी इसमें भाग लेंगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक और सैन्य सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं।

Chandrayaan-3 Mission Launched: भारत ने रचा इतिहास, चंद्रयान-3 श्रीहरिकोटा से चंद्रमा की यात्रा पर हुआ रवाना

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को यहां एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए अपने तीसरे चंद्र मिशन-‘चंद्रयान-3’ का प्रक्षेपण किया। कल शुरू हुई 25.30 घंटे की उलटी गिनती के अंत में एलवीएम3-एम4 रॉकेट यहां स्थित अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र के दूसरे ‘लॉन्च पैड’ से अपराह्न 2.35 बजे निर्धारित समय पर धुएं का घना गुबार छोड़ते हुए शानदार ढंग से आकाश की ओर रवाना हुआ।

प्रक्षेपण के सोलह मिनट बाद प्रक्षेपण माड्यूल रॉकेट से अलग हो जाएगा। एलवीएम3-एम4 रॉकेट अपनी श्रेणी में सबसे बड़ा और भारी है जिसे वैज्ञानिक ‘फैट बॉय’ कहते हैं। प्रक्षपेण देखने के लिए मौजूद हजारों दर्शक चंद्रयान-3 के रवाना होते ही खुशी से झूम उठे। आज रवाना हुआ ‘चंद्र मिशन’ 2019 के ‘चंद्रयान-2’ का अनुवर्ती मिशन है। भारत के इस तीसरे चंद्र मिशन में भी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का है।

‘चंद्रयान-2’ मिशन के दौरान अंतिम क्षणों में लैंडर ‘विक्रम’ पथ विचलन के चलते ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने में सफल नहीं हुआ था। यदि इस बार इस मिशन में सफलता मिलती है तो भारत ऐसी उपलब्धि हासिल कर चुके अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ जैसे देशों के क्लब में शामिल हो जाएगा।

इसरो ने पूर्व में कहा था कि ‘चंद्रयान-3’ कार्यक्रम के तहत इसरो अपने चंद्र मॉड्यूल की मदद से चंद्र सतह पर ‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ और चंद्र भूभाग पर रोवर के घूमने का प्रदर्शन करके नई सीमाएं पार करने जा रहा है। एलवीएम3एम4 रॉकेट को पूर्व में जीएसएलवीएमके3 कहा जाता था। अगस्त के अंत में ‘चंद्रयान-3’ की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की योजना बनाई गई है। उम्मीद है कि यह मिशन भविष्य के अंतरग्रही अभियानों के लिए सहायक होगा।

चंद्रयान-3 मिशन में एक स्वदेशी प्रणोदन मॉड्यूल, लैंडर मॉड्यूल और एक रोवर शामिल है जिसका उद्देश्य अंतर-ग्रहीय अभियानों के लिए आवश्यक नई प्रौद्योगिकियों को विकसित करना और प्रदर्शित करना है।

शुक्रवार का मिशन एलवीएम3 की चौथी अभियानगत उड़ान है जिसका उद्देश्य ‘चंद्रयान-3’ को भू-समकालिक कक्षा में प्रक्षेपित करना है। इसरो ने कहा कि एलवीएम3 रॉकेट ने कई उपग्रहों को प्रक्षेपित करने, अंतरग्रही अभियानों सहित अधिकतर जटिल अभियानों को पूरा करने करने की अपनी विशिष्टता साबित की है। इसने कहा कि यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहक उपग्रहों को ले जाने वाला सबसे बड़ा और भारी प्रक्षेपण यान भी है।

पांच उच्च न्यायालयों को मिले नए मुख्य न्यायाधीश, एक 30 मई को हो जाएंगे सेवानिवृत्त

उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शुक्रवार को पांच न्यायाधीशों को पदोन्नत किया गया, जिनमें से एक 30 मई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं. केंद्रीय कानून मंत्रालय में न्याय विभाग ने बंबई उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय विजयकुमार गंगापुरवाला को मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति रमेश देवकीनंदन धानुका को बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की घोषणा करते हुए अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं.

न्यायमूर्ति धानुका वर्तमान में बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं. वह 62 वर्ष के होने के बाद 30 मई को सेवानिवृत्त होंगे और मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल चार दिन का होगा.

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह को राजस्थान उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. वहीं, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मामिदन्ना सत्य रत्न श्री रामचंद्र राव को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है.

केरल उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस वेंकटनारायण भट्टी को इसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन को बुधवार को मद्रास उच्च न्यायालय का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था.  न्यायमूर्ति टी राजा 62 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर बुधवार शाम को सेवानिवृत्त हो गए. वह मद्रास उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी थे.

उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने अप्रैल में सिफारिश की थी कि न्यायमूर्ति गंगापुरवाला को मद्रास उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया जाए. कॉलेजियम ने बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नति के लिए न्यायमूर्ति धानुका के नाम की सिफारिश की थी.

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जहां 65 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं, वहीं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं. न्यायमूर्ति गंगापुरवाला मई 2024 में सेवानिवृत्त होंगे.

हम दुनिया में जहां भी जाते हैं, लोग भारत में आए बदलाव की बात करते हैं: विदेश मंत्री एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल जहां भी जाता है, लोग भारत में आए बदलाव की बात करते है और जानना चाहते हैं कि देश किस तरह बड़े पैमाने पर कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रहा है. गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री आदिवासी बहुल नर्मदा जिले के तिलकवाड़ा तालुका के व्याधर गांव में पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपी-एलएडीएस) के तहत अनुदान से निर्मित दो ‘स्मार्ट आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भूमि पूजन किया. गुजरात से राज्यसभा सदस्य जयशंकर ने कहा कि दुनिया अब समझ गई है कि भारत बदल रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केवल भाषण देने के बजाय काम करने में विश्वास रखते हैं.

प्रधानमंत्री के दौरे के परिणाम के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने हाल में जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया. आमतौर पर, हम ऐसी यात्राओं के दौरान विश्व राजनीति और कूटनीति से जुड़े मुद्दों पर बात करते हैं. लेकिन अब हम जहां भी जाते हैं, उस देश के लोग भारत के बदलाव की बात करने लगते हैं. वे यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि भारत जनहितैषी योजनाओं को बड़े पैमाने पर कैसे लागू कर रहा है.” मंत्री ने कहा कि जिस पैमाने पर इन योजनाओं को लागू किया जा रहा है, उसके बारे में जानकर भारत के बाहर के लोग चकित हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कवर किए गए लोगों की संख्या यूरोप की आबादी से दोगुनी है.

विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के दायरे में आने वालों की संख्या जर्मनी की आबादी से ज्यादा है. हमने विभिन्न योजनाओं के तहत तीन करोड़ आवास उपलब्ध कराए. मान लीजिए कि प्रत्येक परिवार में पांच सदस्य हैं. इस तरह, करीब 15 करोड़ लोगों यानी रूस की आबादी जितने लोगों को इस योजना का लाभ मिला.” जयशंकर ने कहा कि दुनिया अब समझ गई है कि ‘‘यह सरकार अलग है और यह प्रधानमंत्री भी अलग हैं” क्योंकि मोदी ‘‘सिर्फ सपने देखने और भाषण देने” के बजाय जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने में विश्वास करते हैं. बाद में, मंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए गरुड़ेश्वर तालुका के अमदला गांव, सागबाड़ा के भदोद गांव और देदियापाड़ा तालुका के मालसामोट गांव का दौरा किया. जयशंकर ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत इन गांवों को गोद लिया है.

कर्नाटक में सिद्धारमैया मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, 24 नए मंत्रियों ने ली शपथ

कर्नाटक में सरकार बनने के एक हफ्ते बाद आज 24 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया. कर्नाटक सरकार में 34 मंत्री हो सकते हैं. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित 10 मंत्रियों को 20 मई को शपथ दिलाई गई थी, जबकि 24 अन्य विधायकों को आज मंत्रिमंडल में शामिल किया गया.

वरिष्ठ विधायक एच के पाटिल, कृष्ण बायरेगौड़ा, एन चेलुवरायस्वामी, के वेंकटेश, डॉ. एच सी महादेवप्पा, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वर खंडरे और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव उन विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंंने मंत्री पद की शपथ ली.

साथ ही केएन राजन्ना, शरणबसप्पा दर्शनपुर, शिवानंद पाटिल, रामप्पा बलप्पा तिम्मापुर, एस एस मल्लिकार्जुन, शिवराज संगप्पा तंगदागी, डॉ शरण प्रकाश रुद्रप्पा पाटिल, मंकल वैद्य, लक्ष्मी हेब्बलकर, रहीम खान, डी सुधाकर, संतोष लाड, एन एस बोसेराजू, सुरेश बीएस, पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा के बेटे मधु बंगारप्पा, डॉ एमसी सुधाकर और बी नागेंद्र को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है.

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, लक्ष्मी हेब्बलकर, मधु बंगारप्पा, डी सुधाकर, चेलुवरायस्वामी, मंकुल वैद्य और एम सी सुधाकर को शिवकुमार का करीबी माना जाता है.

सिद्धारमैया और शिवकुमार पिछले तीन दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में थे और उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार पर पार्टी नेतृत्व से कई दौर की चर्चा की.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला सहित शीर्ष केंद्रीय नेताओं के साथ सिद्धारमैया और शिवकुमार की घंटों लंबी बातचीत के बाद मंत्रियों के नाम तय किए गए.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने मंत्रियों की सूची पर अंतिम मुहर लगाई. इसमें दक्षिणी राज्य में जाति और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश की गई है.

कर्नाटक में मंत्रियों को अब तक विभागों का आवंटन नहीं किया गया है. हालांकि मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा कि मंत्रियों के विभागों की घोषणा शनिवार शाम तक की जा सकती है.

 

जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर पीएम मोदी और राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को उनकी 59वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने ट्विटर हैंडल पर कहा, “मैं हमारे पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि देता हूं.” भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जवाहरलाल नेहरू की प्रमुख भूमिका थी. 1947 में स्वतंत्रता के बाद वो भारत के पहले प्रधानमंत्री भी बने. भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त करने के लिए, जवाहरलाल नेहरू ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. इसके साथ ही जवाहरलाल नेहरू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के प्रमुख नेताओं में से एक थे.

27 मई, 1964 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री ने अंतिम सांस ली. नेहरू 1947 से 1964 को अपने निधन तक पीएम रहे. उन्हें बच्चों से बहुत लगाव था और बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे. कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान को याद किया. खरगे और राहुल गांधी ने शांति वन जाकर नेहरू की समाधि पर पुष्प अर्पित किए.


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट कर कहा, ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के योगदान के बिना 21वीं सदी के भारत की कल्पना नहीं की जा सकती. लोकतंत्र के निर्भीक प्रहरी, उनके प्रगतिशील विचारों ने चुनौतियों के बावजूद भारत के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास को दृढ़ता से आगे बढ़ाया. ‘हिन्द के जवाहर’ को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि.’ राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू की विरासत बहुत बड़ी है. यह एक प्रकाश पुंज की तरह है जो भारत के विचार और स्वतंत्रता, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता एवं आधुनिकता जैसे उन मूल्यों को प्रज्वलित करती है जिनके लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.’

उन्होंने कहा, ‘ उनके दृष्टिकोण और मूल्य हमारी चेतना एवं कदमों का मार्गदर्शन करते हैं.’ कांग्रेस ने ट्वीट किया, ‘हम अपने पहले प्रधानमंत्री और आधुनिक भारत के निर्माता पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हैं. वह एक ऐसे दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने अपनी आर्थिक नीतियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के जरिये देश को नई ऊंचाई प्रदान की.’ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी नेहरू को श्रद्धांजलि दी.

ITR Filing: क्या अभी तक नहीं फाइल किया है इनकम टैक्स रिटर्न… तो जल्दी करें, जानिए पूरा प्रोसेस

आयकर विभाग (Income Tax Department of India) ने 31 दिसंबर, 2022 को उन लोगों के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि जारी की थी, जो 31 जुलाई, 2022 की समय सीमा से चूक गए थे. हालांकि, टैक्सपेयर्स अभी भी टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. आधिकारिक वेबसाइट incometaxindia.gov.in पर जुर्माने के साथ आप टैक्स रिटर्न भर सकते हैं.

ध्यान दें कि यह डेडलाइन महत्वपूर्ण है क्योंकि FY21-22 के लिए ITR फाइल करने का यह आखिरी मौका है, उन लोगों के लिए भी जिन्होंने समय पर अपना मूल ITR फाइल किया था लेकिन किसी त्रुटि के कारण उन्हें इसे अपडेट करना है. जिस किसी की आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, उसे आयकर का भुगतान करना होगा.

ये है पूरा प्रोसेस 

  • ई-फाइलिंग वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं.
  • अपने रिटर्न को ई-फाइल करने के लिए रजिस्टर या लॉग इन करें.
  • ‘टैक्सपेयर’ पर क्लिक करें और फिर अपने पैन डिटेल्स भरें और ‘वैलिडेट’ पर क्लिक करें और ‘जारी रखें’ पर क्लिक करें.
  • अपना नाम, पता, लिंग, पता, जन्म तिथि आदि जैसे डिटेल्स भरें.
  • अपनी ईमेल आईडी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भरें.
  • एक बार फॉर्म भर जाने के बाद, ‘जारी रखें’ पर क्लिक करें.
  • अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पते पर भेजे गए 6 अंक का वन टाइम पासवर्ड (OTP) डाल कर वेरीफाई करें.
  • एक बार ओटीपी वेरीफाई हो जाने के बाद, एक नई विंडो खुलेगी जहां आपको अपने द्वारा दी गई डिटेल्स को वेरीफाई करना होगा. अगर कोई डिटेल्स गलत है तो आप यहां इसे बदल सकते हैं.
  • इसके बाद अपडेट करने के लिए एक और ओटीपी भेजा जाएगा.
  • फाइनल स्टेप में एक पासवर्ड और सिक्योर लॉगिन का मैसेज मिलेगा. ‘रजिस्टर’ पर क्लिक करें जिसके बाद आपको एक मैसेज मिलेगा कि प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है.

टैक्स पेयर्स को टीडीएस प्रमाणपत्र (फॉर्म 16, फॉर्म 16ए), ब्याज प्रमाण पत्र (बचत खाते, सावधि जमा आदि), पुनर्भुगतान प्रमाणपत्र (यदि आपके पास गृह ऋण, शिक्षा ऋण है), फॉर्म 26एएस, वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) आधार संख्या और बैंक खाते जैसे दस्तावेज होने चाहिए.

Breaking News Live: PM मोदी के गुजरात दौरे का दूसरा दिन, सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे

गुजरात विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी-आम आदमी पार्टी प्रचार करने में जुट गई है. राज्य में आज प्रधानमंत्री मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल रैलियां और संबोधन करते दिखेंगे. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल, धोरारजी, अमरेली और बोटाद में रैलियों को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी आज कुल चार रैलियों को संबोधित करेंगे. बीजेपी के स्टार प्रचारक और गृह मंत्री अमित शाह आज तापी और नर्मदा जिले में जनसभाओं को संबोधित करेंगे. वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज से तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे. आज हलोल में शाम 4 बजे रोड शो में भाग लेंगे. 21 नवंबर को शाम 5 बजे अमरेली में रोड शो में भाग लेंगे.

Monkeypox Case: 8 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों में मंकीपॉक्स का खतरा अधिक: शोधकर्ता

आठ वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों को मंकीपॉक्स की अधिक गंभीर बीमारी के लिए उच्च जोखिम वाला समूह माना जाना चाहिए. शोधकर्ताओं की रिपोर्ट में यह कहा गया है. द पीडियाट्रिक इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, अब तक कुछ बच्चे ही मंकीपॉक्स से प्रभावित हैं, लेकिन 8 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों में जोखिम अधिक है. बच्चों में अब तक कम रिपोर्ट की गई दरों के बावजूद, बच्चों में मंकीपॉक्स की जटिलताओं और अन्य गंभीर परिणामों के बारे में विशेष चिंताएं हैं.

स्विट्जरलैंड के फ्राइबोर्ग विश्वविद्यालय की डॉ पेट्रा जिमर्मन और मेलबर्न विश्वविद्यालय के निगेल कर्टिस ने कहा, “बच्चों में अस्पताल में भर्ती होने की दर और उच्च आय वाले देशों में भी मृत्यु दर में वृद्धि की सूचना है.” मुख्य रूप से कम आय वाले देशों के आंकड़ों के आधार पर, 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को विशेष रूप से गंभीर जीवाणु संक्रमण सहित जटिलताओं का उच्च जोखिम होता है.

शोधकर्ताओं ने कहा कि छोटे बच्चों को भी खरोंच से संबंधित जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है और आंखों सहित शरीर के अन्य हिस्सों में संक्रमण फैल सकता है. अगस्त तक, दुनिया भर में मंकीपॉक्स के लगभग 47,000 प्रयोगशाला-पुष्टि के मामले सामने आए थे.,इनमें से सिर्फ 211 मामले 18 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों में थे.

वर्तमान प्रकोप में, मंकीपॉक्स वायरस बड़े पैमाने पर यौन या अन्य निकट संपर्क से फैलता प्रतीत होता है. बूंदों और दूषित सतहों और वस्तुओं सहित संचरण के अन्य मार्गों की भूमिका निर्धारित की जानी बाकी है. मंकीपॉक्स के अधिकांश रोगी सहायक देखभाल से ठीक हो जाते हैं. हालांकि, गंभीर मामलों और उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए अधिक विशिष्ट उपचार आवश्यक है – विशेष रूप से 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और अंतर्निहित त्वचा की स्थिति वाले, अध्ययन में उल्लेख किया गया है. अन्य कमजोर समूहों में गर्भवती महिलाएं, प्रतिरक्षाविहीन रोगी, और एक्जिमा वाले लोग या मुंह, आंखों और जननांगों के पास मंकीपॉक्स के दाने शामिल हैं.

चेचक का टीकाकरण मंकीपॉक्स को रोकने में प्रभावी है, हालांकि सुरक्षा की अवधि अज्ञात है. जिन बच्चों को मंकीपॉक्स वायरस से अवगत कराया गया है, उनके लिए मंकीपॉक्स को रोकने के लिए दवाओं या टीकों की सिफारिश की गई है, फिर से ‘बहुत सीमित डेटा’ के साथ. विशेष रूप से चूंकि मंकीपॉक्स स्पशरेन्मुख हो सकता है, इसका प्रकोप अनियंत्रित हो सकता है और छोटे बच्चों सहित कमजोर समूहों में फैल सकता है.