बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद, अब राज्य की राजनीति में एक नया इतिहास रचा जा रहा है। नीतीश कुमार रिकॉर्ड दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही शपथ ग्रहण की तैयारियाँ तेज हो गई हैं, और मिली जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार 19 नवंबर से 20 नवंबर के बीच कभी भी शपथ ले सकते हैं।
इस शपथ ग्रहण समारोह की भव्यता अभूतपूर्व होने की उम्मीद है। चूँकि राजभवन के राजेंद्र मंडपम में फिलहाल मरम्मत का काम चल रहा है, इसलिए इस बार यह भव्य समारोह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के लिए मैदान में जोर-शोर से तैयारी चल रही है।
पीएम मोदी सहित कई दिग्गज होंगे शामिल
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की चर्चा परिणाम की रात से ही चल रही थी। अब यह तय माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस खास मौके पर मौजूद रहेंगे। उनके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा समेत एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस समारोह में हिस्सा ले सकते हैं। इतना ही नहीं, यह भव्य समारोह विपक्ष के कुछ बड़े चेहरों को भी आकर्षित कर सकता है।
गांधी मैदान में 5000 VVIP अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्था
गांधी मैदान में समारोह को भव्य बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, लगभग 5000 वीवीआईपी अतिथियों के बैठने के लिए एक विशेष खंड तैयार किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था और अतिथियों की सुविधाओं का खास ध्यान रखा जा रहा है। राजभवन के छोटे परिसर के बजाय गांधी मैदान में शपथ ग्रहण आयोजित करने का फैसला दिखाता है कि एनडीए अपनी प्रचंड जीत का जश्न बड़े पैमाने पर मनाना चाहती है, ताकि आम जनता भी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन सके।
नीतीश कुमार की रिकॉर्ड वापसी
नीतीश कुमार का दसवीं बार मुख्यमंत्री बनना बिहार की राजनीतिक स्थिरता में उनके वर्चस्व को दर्शाता है। एनडीए की शानदार जीत के बाद, अब बिहार की जनता को नई सरकार से तेज विकास और सुशासन की उम्मीद है। सभी की निगाहें अब 19 या 20 नवंबर पर टिकी हैं, जब यह ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होगा।

