गुजरात सरकार ने भारी बारिश से फसल को हुए नुकसान के लिए पांच जिलों के किसानों के लिए 947 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की. कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लिया, जिन्होंने किसानों के लिए विशेष पैकेज को अंतिम रूप देने के लिए दिवाली पर भी बैठकें कीं.
उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ के प्रावधानों के अनुसार 563 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि राज्य बजट से 384 करोड़ रुपये जोड़े गए हैं, कुल 947 करोड़ रुपये.
800 गांवों के किसान लाभान्वित
राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह सहायता जूनागढ़, पंचमहल, कच्छ, पाटन और वाव-थराद जिलों के 18 तालुकों के 800 गांवों के प्रभावित किसानों को दी जाएगी. इसमें कहा गया कि फसल क्षति सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार वित्तीय सहायता दी जाएगी, जो प्रति हेक्टेयर सिंचित और असिंचित भूमि के लिए अलग-अलग हैं. सामान्य और बागवानी फसलों के लिए वित्तीय सहायता के मानदंड भी अलग-अलग हैं.
अगस्त-सितम्बर में हुआ था भारी नुकसान
बता दें कि गुजरात में अगस्त और सितंबर में भारी बारिश ने खेती को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया था. बाढ़ और जलभराव के चलते धान, कपास, मूंगफली, और बागवानी फसलों जैसे आम, केला और सब्जियां बर्बाद हो गयीं थीं. सरकार के इस कदम से किसानों को न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि अगले बुआई सीजन के लिए भी उन्हें मदद मिलेगी. सरकार की तरफ से यह कहा गया है कि सहायता राशि जल्द से जल्द किसानों के बैंक खातों में पहुंचे, ताकि वे अपनी खेती को फिर से शुरू कर सकें.
सीएम भूपेंद्र पटेल का संदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. भारी बारिश से हुए नुकसान ने कई किसानों की रोजी-रोटी को प्रभावित किया है. यह राहत पैकेज उनकी मदद के लिए एक कदम है, ताकि वे फिर से आत्मविश्वास के साथ खेती शुरू कर सकें.

