Home Blog

500 लड़कियों को पीछे छोड़ बनीं ‘सकीना’, 12 घंटे के ऑडिशन के बाद अमीषा पटेल को मिली थी ‘गदर’

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल का नाम उन अभिनेत्रियों में शुमार है जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली। खासतौर पर फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में निभाया गया उनका ‘सकीना’ का किरदार आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार महिला पात्रों में गिना जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस भूमिका तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था।

पढ़ाई में अव्वल, लेकिन दिल था अभिनय में

9 जून 1975 को मुंबई में जन्मीं अमीषा पटेल एक गुजराती परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शुरुआती शिक्षा मुंबई में पूरी करने के बाद उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में उच्च शिक्षा हासिल की। पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला था। एक मेधावी छात्रा होने के बावजूद उनका झुकाव हमेशा अभिनय और मनोरंजन की दुनिया की ओर रहा।

थिएटर से शुरू हुआ अभिनय का सफर

भारत लौटने के बाद अमीषा ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत थिएटर से की। उन्होंने मशहूर रंगकर्मी सत्यदेव दुबे के निर्देशन में अभिनय की बारीकियां सीखीं। इसी दौरान उन्होंने मॉडलिंग और विज्ञापन जगत में भी अपनी पहचान बनानी शुरू की।

‘कहो ना… प्यार है’ ने बदल दी किस्मत

साल 2000 में निर्देशक राकेश रोशन की फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ में अमीषा को मुख्य भूमिका मिली। फिल्म में उनके साथ ऋतिक रोशन नजर आए थे। यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल रही और अमीषा रातों-रात स्टार बन गईं। उनकी सादगी और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने खूब सराहा।

500 लड़कियों के बीच चुनी गई थीं ‘सकीना’

अमीषा के करियर का सबसे बड़ा मोड़ 2001 में आया, जब वह सनी देओल के साथ ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में नजर आईं। फिल्म में उनका ‘सकीना’ का किरदार आज भी दर्शकों की यादों में ताजा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भूमिका के लिए 500 से अधिक लड़कियों का ऑडिशन लिया गया था। कई चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद अमीषा को इस किरदार के लिए चुना गया। बताया जाता है कि उन्होंने लगभग 12 घंटे तक लंबा ऑडिशन दिया था, जिसके बाद निर्देशक ने उन्हें इस प्रतिष्ठित भूमिका के लिए फाइनल किया।

सफलता के बाद आया उतार-चढ़ाव

‘गदर’ और ‘हमराज’ जैसी सफल फिल्मों के बाद अमीषा ने कई फिल्मों में काम किया। हालांकि उनके करियर में समय-समय पर उतार-चढ़ाव भी आए। उन्होंने ‘क्या यही प्यार है’, ‘आप मुझे अच्छे लगने लगे’, ‘ये है जलवा’, ‘परवाना’, ‘भूल भुलैया’ और कई अन्य फिल्मों में अभिनय किया।

‘गदर 2’ से फिर छा गईं अमीषा

करीब दो दशक बाद 2023 में रिलीज हुई ‘गदर 2’ ने अमीषा पटेल को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया। फिल्म में उन्होंने दोबारा ‘सकीना’ का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने पहले की तरह ही भरपूर प्यार दिया।

आज भी जब हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय किरदारों की बात होती है, तो ‘सकीना’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है और इसके पीछे अमीषा पटेल की यादगार अदाकारी की बड़ी भूमिका है।

वैश्विक तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 719 अंक टूटा, निफ्टी 23,123 पर बंद

मुंबई: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 1 प्रतिशत तक टूटकर बंद हुए।

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 719.08 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,524.26 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 243.70 अंक यानी 1.04 प्रतिशत फिसलकर 23,123 के स्तर पर पहुंच गया।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा दबाव

व्यापक बाजार में बिकवाली और भी अधिक रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.40 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में कमी दिखाई दी।

रियल्टी, मेटल और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा टूटे

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी में 2.56 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 2.33 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी, ऑयल एंड गैस, मीडिया, फाइनेंशियल सर्विसेज और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी दबाव में रहे।

इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट

निफ्टी 50 के केवल 9 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। मैक्स हेल्थ, पावरग्रिड, भारती एयरटेल, बीईएल, नेस्ले इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

वहीं, विप्रो के शेयरों में सबसे बड़ी 8.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा जियो फाइनेंशियल, इटरनल, हिंडाल्को और श्रीराम फाइनेंस के शेयर भी 3 प्रतिशत से अधिक टूटे।

पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी चिंता

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमलों के बाद क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इससे निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी।

निफ्टी के लिए ये स्तर महत्वपूर्ण

तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी फिलहाल अपने हालिया उच्च स्तरों से नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार में कमजोरी का संकेत देता है।

  • 23,250-23,300 का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
  • इसके ऊपर 23,450 का स्तर अगला प्रमुख अवरोध होगा।
  • नीचे की ओर 23,100 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है।
  • यदि यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 23,000 तक फिसल सकता है।
  • इसके नीचे 22,800-22,850 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डेली आरएसआई फिलहाल 37 के आसपास है, जो बाजार में कमजोर धारणा को दर्शाता है। हालांकि बाजार धीरे-धीरे ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में आने वाले सत्रों में शॉर्ट कवरिंग के कारण राहत भरी तेजी भी देखने को मिल सकती है।

UP TGT Answer Key 2026: 15 विषयों की प्रोविजनल आंसर की जारी, 12 जून तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा 2026 के सभी 15 विषयों की प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं और अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं।

UP TGT भर्ती परीक्षा का आयोजन 3 और 4 जून 2026 को प्रदेश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर ऑफलाइन मोड में किया गया था। आयोग ने उम्मीदवारों को प्रोविजनल आंसर की पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी दिया है। अभ्यर्थी 12 जून 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपनी आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं।

ऐसे डाउनलोड करें आंसर की

  • UPESSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • होमपेज पर उपलब्ध “UP TGT Recruitment Exam 2026 Provisional Answer Key” लिंक पर क्लिक करें।
  • आवश्यक लॉगिन विवरण दर्ज करें।
  • संबंधित विषय की आंसर की डाउनलोड करें।
  • अपनी रिस्पॉन्स शीट के साथ उत्तरों का मिलान करें।

कब आएगा रिजल्ट?

आयोग ने अभी रिजल्ट की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। हालांकि, पिछले भर्ती चक्रों के आधार पर माना जा रहा है कि अंतिम आंसर की जारी होने के बाद जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई 2026 की शुरुआत में परिणाम घोषित किए जा सकते हैं।

प्रोविजनल आंसर की पर प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद फाइनल आंसर की प्रकाशित की जाएगी, जिसके आधार पर मेरिट सूची तैयार होगी।

चयन प्रक्रिया

UP TGT भर्ती में चयन केवल लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर किया जाता है। इस भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू का प्रावधान नहीं है। अंतिम मेरिट सूची में स्थान पाने वाले अभ्यर्थियों को सीधे दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के लिए बुलाया जाएगा।

इतने पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) के कुल 3,539 रिक्त पदों को भरा जाएगा।

कांग्रेस ने जारी की राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची, झारखंड से प्रणव झा बने प्रत्याशी

नई दिल्ली। आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों से अपने नेताओं पर भरोसा जताते हुए राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इस सूची में झारखंड से प्रणव झा को पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है।

कांग्रेस द्वारा जारी सूची के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा, मंसूर अली खान को भी कर्नाटक से टिकट दिया गया है।

मध्य प्रदेश से पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं राजस्थान से वर्तमान राज्यसभा सांसद नीरज डांगी  को पार्टी ने एक बार फिर मौका देते हुए उम्मीदवार घोषित किया है।

इसके अलावा तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती को राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया है। झारखंड से प्रणव झा को टिकट दिए जाने को लेकर राज्य की राजनीति में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पार्टी नेतृत्व ने उनके संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए उन पर भरोसा जताया है।

राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की यह सूची महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी ने संगठन, अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। अब सभी की नजरें आगामी राज्यसभा चुनाव और उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर टिकी हैं।

झारखंड: कृषि के साथ मधुमक्खी पालन महिलाओं के लिए आजीविका का बेहतर विकल्प – दीपिका पांडेय सिंह

शहद उत्पादन में राष्ट्रीय पहचान बनाने की सोच के साथ झारखंड ने कदम बढ़ाया है।JSLPS की नई उत्पाद के तौर पर पलाश शहद की इंट्री हुई है। पहले चरण में पलाश शहद की तीन वैराइटी को बाजार में लॉन्च किया गया है। ये उत्पाद बाजार में मेलिफेरा शहद, सेराना प्रीमियम शहद और जंगली वन शहद के नाम से उपलब्ध रहेंगे।

इस क्रम में रांची जिले के इटकी प्रखंड अंतर्गत लुपुंग गांव में पलाश शहद बाजार श्रृंखला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया। इस अवसर पर JSLPS के सीईओ अनन्य मित्तल विशेष रूप से मौजूद रहे।

वहीं, झारखंड मधु आजीविका किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड (FPO) से जुड़ी दीदियों ने JSLPS के सहयोग से आजीविका के क्षेत्र में यह नई शुरुआत की है।

ग्रामीण पलायन रोकने में सहायक बनेगा मधुमक्खी पालन

इस मौके पर विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड के जंगलों और सुदूर ग्रामीण इलाकों में तैयार शुद्ध प्राकृतिक शहद का कोई जोर नहीं है। उन्होंने कहा कि आज बाजार में लोग शहद खरीदने से पहले कई बार सोचते हैं। उन्हें यह चिंता रहती है कि कहीं वे मिलावटी उत्पाद तो नहीं खरीद रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कृषि के साथ-साथ मधुमक्खी पालन भी आजीविका का बेहतर विकल्प है। अपने गांव, अपने जंगल और अपनी प्रकृति की गोद में इस कार्य को आसानी से किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण इलाकों से होने वाले पलायन को काफी हद तक रोका जा सकता है।

इसके लिए दीदियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही, पलाश शहद की बेहतर पैकेजिंग उसकी गुणवत्ता और शुद्धता का प्रमाण है।

उन्होंने बताया कि यहां ऐसे लोग भी मौजूद हैं जो पिछले 50 वर्षों से मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से महिलाओं को दो-दो मधुमक्खी बॉक्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, गांव की कई महिलाएं लोन लेकर अतिरिक्त बॉक्स में भी मधुमक्खी पालन कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह भविष्य में शहद क्रांति की शुरुआत है। साथ ही, गांव-घर की बुजुर्ग महिलाओं को आजीविका से जोड़ने में मधुमक्खी पालन बेहतर अवसर साबित हो सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी भी बुजुर्ग महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की सलाह दे चुके हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि मईयां सम्मान योजना ने राज्य की महिलाओं के सामने स्वरोजगार के अनगिनत अवसर खोले हैं। नतीजतन, राज्य की महिलाएं इसका लाभ भी ले रही हैं।

9 हजार महिलाओं को मधुमक्खी पालन से जोड़ने की योजना

इस अवसर पर JSLPS के सीईओ अनन्य मित्तल ने कहा कि मधुमक्खी पालन से जुड़ी दीदियों का उत्साह प्रेरणादायक है। वे न सिर्फ इस क्षेत्र में बेहतर काम कर रही हैं, बल्कि इससे जुड़ी हर जानकारी भी रखती हैं।

उन्होंने बताया कि भविष्य में मधुमक्खी पालन से 9 हजार महिलाओं को जोड़ने की योजना है। इसके अलावा, शहद से जुड़े अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे।

इस मौके पर पूनम देवी, ममता देवी, मालो देवी, संजो देवी, संध्या देवी, अर्चना देवी के अलावा संजय दास, विनोद पांडेय, अभिषेक चांद और नितेश कुमार सिन्हा मौजूद रहे।

500 बी बॉक्स से 1 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन

झारखंड मधु आजीविका किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड (FPO) द्वारा 29 अप्रैल से 31 मई के बीच 500 बी बॉक्स के माध्यम से 1 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन किया जा चुका है।

फिलहाल राज्य के चार जिलों में पलाश शहद तैयार किया जा रहा है। इनमें रांची, खूंटी, सिमडेगा और लातेहार शामिल हैं। इन जिलों के 10 प्रखंडों में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त ग्रामीण दीदियां इस कार्य से जुड़ी हुई हैं।

मधुमक्खी पालन के लिए हर एक दीदी को विभाग की ओर से दो-दो मधुमक्खी बी बॉक्स दिए जा रहे हैं। वहीं, मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन एक वैज्ञानिक एवं तकनीकी गतिविधि है। इसलिए परियोजना में गुणवत्ता, प्रशिक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अंततः, झारखंड मधु आजीविका किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 13 करोड़ रुपए के व्यवसायिक लेन-देन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

भारतीय सेना में अफसर कैसे बनें: जानें एग्जाम से लेकर ट्रेनिंग तक सबकुछ

भारतीय सेना में अधिकारी बनना केवल एक करियर विकल्प नहीं, बल्कि देश के लिए जीने का संकल्प है। यह वह रास्ता है जहाँ सम्मान, अनुशासन, नेतृत्व और साहस जीवन का हिस्सा बन जाते हैं। वर्दी पहनकर देश की सीमाओं की रक्षा करना, कठिन हालात में निर्णय लेना और जवानों का नेतृत्व करना—यही एक सेना अधिकारी की असली पहचान है।

हर साल लाखों युवा इस सपने को पूरा करने के लिए तैयारी करते हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में कई बार भ्रम की स्थिति बन जाती है। कौन-सा एग्जाम दें? योग्यता क्या होनी चाहिए? ट्रेनिंग कितने साल की होती है? अगर आप भी 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद भारतीय सेना में अफसर बनने की सोच रहे हैं, तो आइए आज हम आपको बताते हैं भारतीय सेना में अफसर कैसे बनें?

12वीं के बाद अफसर बनने का रास्ता

नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA)

12वीं के बाद सीधे सेना में अफसर बनने का सबसे प्रतिष्ठित रास्ता NDA है। यह परीक्षा UPSC द्वारा साल में दो बार आयोजित की जाती है।

इसमें पहले लिखित परीक्षा होती है, जिसमें गणित और जनरल एबिलिटी टेस्ट शामिल होते हैं। लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जिसके बाद मेडिकल टेस्ट होता है। चयन होने पर उम्मीदवार को पुणे स्थित NDA में तीन साल की पढ़ाई और सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद एक साल की ट्रेनिंग Indian Military Academy या Officers Training Academy में होती है। ट्रेनिंग पूरी होते ही लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिलता है।

ग्रेजुएशन के बाद अफसर बनने के विकल्प

कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS)

जो छात्र ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद सेना में अधिकारी बनना चाहते हैं, उनके लिए CDS एक अहम परीक्षा है। यह भी UPSC के तहत होती है।

CDS की लिखित परीक्षा में अंग्रेज़ी, सामान्य ज्ञान और गणित से सवाल पूछे जाते हैं। इसके बाद SSB इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट होता है। चयन होने पर IMA देहरादून या OTA चेन्नई में ट्रेनिंग दी जाती है। CDS के माध्यम से स्थायी कमीशन और शॉर्ट सर्विस कमीशन—दोनों का अवसर मिलता है।

साइंस स्टूडेंट्स के लिए खास एंट्री

टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES)

अगर आपने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स पढ़ी है, तो TES आपके लिए एक बेहतरीन मौका है। इसमें लिखित परीक्षा नहीं होती। 12वीं के अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, फिर SSB इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट होता है।

चयन के बाद चार साल की इंजीनियरिंग पढ़ाई के साथ-साथ मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग पूरी होते ही लेफ्टिनेंट की रैंक मिलती है।

सीमित समय के लिए अफसर बनने का विकल्प

शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC)

जो युवा सेना में कुछ वर्षों तक सेवा करना चाहते हैं, उनके लिए SSC एक अच्छा विकल्प है। यह टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल दोनों तरह की एंट्री में उपलब्ध है।

इसकी ट्रेनिंग OTA चेन्नई में लगभग 49 हफ्तों की होती है। SSC के तहत शुरुआत में 10 साल की सेवा होती है, जिसे आगे बढ़ाकर 14 साल तक किया जा सकता है।

जवान से अफसर बनने का रास्ता

आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC)

जो सैनिक पहले से भारतीय सेना में सेवा कर रहे हैं और अफसर बनना चाहते हैं, उनके लिए ACC का रास्ता होता है। इसमें लिखित परीक्षा, SSB इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट के बाद चयन होता है।

चयनित उम्मीदवारों को पहले ACC में तीन साल की ट्रेनिंग और फिर IMA में एक साल की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद उन्हें अधिकारी के रूप में कमीशन मिलता है।

अफसर बनने की पढ़ाई और ट्रेनिंग कैसी होती है?

सेना में अफसर बनने की प्रक्रिया सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होती। लिखित परीक्षा में गणित, अंग्रेज़ी, सामान्य ज्ञान, विज्ञान और करंट अफेयर्स की मजबूत तैयारी ज़रूरी होती है।

SSB इंटरव्यू लगभग पांच दिन चलता है, जिसमें उम्मीदवार की सोच, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की योग्यता और टीम में काम करने की क्षमता को परखा जाता है। इसमें साइकोलॉजी टेस्ट, ग्रुप टास्क, पर्सनल इंटरव्यू और कॉन्फ्रेंस शामिल होते हैं।

इसके बाद मेडिकल टेस्ट में शारीरिक और मानसिक फिटनेस की गहन जांच की जाती है। सभी चरण पास करने के बाद अकादमी में ट्रेनिंग शुरू होती है, जहाँ पढ़ाई के साथ हथियारों का प्रशिक्षण, शारीरिक अभ्यास, अनुशासन और नेतृत्व कौशल सिखाया जाता है।

नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी -राहुल गांधी को बड़ी राहत, खरगे बोले- सत्य की हुई जीत

नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली की अदालत ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत 5 अन्य लोगों के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है. 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘जब नेशनल हेराल्ड, कांग्रेस पार्टी और हमारे नेताओं को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए गए, तब भी मैंने यही कहा था कि हम अंग्रेजों से नहीं डरे तो भाजपा-आरएसएस या मोदी-शाह क्या चीज हैं. आज अदालत ने भी मोदी सरकार की कार्रवाई को अवैध ठहराकर राजनीतिक बदले की दुर्भावना से रची इस साजिश को नाकाम किया है.’

 

साथ ही उन्होंन कहा कि वोट चोर सरकार लोकतंत्र को कुचलने की जितनी भी जोर जबरदस्ती कर ले, हम 140 करोड़ भारतीय नागरिकों के लिए और संविधान को बचाने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे. 

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में कुछ नहीं है. उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘हमने बार-बार कहा है कि सत्य की जीत होगी. नेशनल हेराल्ड मामले में कुछ नहीं है, यही सच है. सरकार इस केस को घसीट रही है. कंपनी से कोई पैसे निकाल नहीं सकता है, कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता और कोई कुछ बेच नहीं सकता है.’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने एक्स पर लिखा, ‘नेशनल हेराल्ड मामले में शानदार जीत हुई. न्यायाधीश को यह मामला संज्ञान में लेने लायक भी नहीं लगा. अब तक का सबसे अजीब मामला है, जिसमें पैसे का बिल्कुल भी लेन-देन नहीं हुआ, अचल संपत्ति में एक इंच भी बदलाव नहीं हुआ, फिर भी ईडी का कहना है कि बहुत बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग हुआ है.’

सिक्योर्ड लोन आधारित NBFCs की रफ्तार बढ़ेगी, AUM दो साल में 19% तक बढ़ने का अनुमान

बैंकिंग सेक्टर से अलग सिक्योर्ड लोन देने वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) के एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में अगले दो वर्षों में मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

क्रिसिल रेटिंग्स की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया कि सिक्योर्ड लोन देने वाली एनबीएफसी कंपनियां का एयूएम चालू और अगले वित्त वर्ष में 18-19 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। वहीं, पिछले साल भी इन एनबीएफसी के एयूएम की विकास दर 18.5 प्रतिशत रही थी।

रिपोर्ट में बताया गया कि सिक्योर्ड लोन देने वाली एनबीएफसी कंपनियों के तीन मुख्य बिजनेस सेगमेंट हैं, जिसमें होम लोन, प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन और थोक लोन शामिल हैं।

होम लोन, जो पोर्टफोलियो का सबसे बड़ी लगभग 59 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है, इस वर्ष और अगले वर्ष 12-13 प्रतिशत की मध्यम वृद्धि दर्ज करेगा, जो पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 14 प्रतिशत की वृद्धि से थोड़ा कम है।

प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन, जिसकी कुल एयूएम में लगभग 32 प्रतिशत हिस्सेदारी है, होम लोन की तुलना में तेजी से बढ़ता रहेगा, लेकिन पहले की तुलना में गति धीमी रहेगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसकी वृद्धि पिछले वर्ष के 32 प्रतिशत की तुलना में घटकर 27-29 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

थोक लोन सेगमेंट, जिसमें डेवलपर फंडिंग और लीज रेंटल डिस्काउंटिंग शामिल है, में वित्त वर्ष 2025 में मामूली सुधार देखा गया। इस सेगमेंट में और तेजी आने की संभावना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि होम लोन की मांग को समर्थन देने वाले दीर्घकालिक कारक मजबूत बने हुए हैं। भारत में अभी भी सिक्योर्ड लोन की पहुंच कम है, और शहरीकरण बढ़ रहा है।

केंद्रीय बजट में घोषित हालिया आयकर कटौती से खर्च करने योग्य आय में और वृद्धि होगी, जिससे उधार लेना आसान हो जाएगा। साथ ही, निर्माण सामग्री और निर्माणाधीन घरों पर जीएसटी में कटौती से अफोर्डेबिलिटी में वृद्धि होने की उम्मीद है।

स्पैम कॉल रोकने के लिए ट्राई का सख्त फैसला, वित्तीय कंपनियों को 1600 सीरीज अपनाने का दिया निर्देश

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने बुधवार को बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (बीएफएसआई) सेक्टर के लिए ‘1600’ नंबरिंग सीरीज अपनाने को अनिवार्य कर दिया है, जिससे उनकी सेवा और लेन-देन संबंधी कॉल को अन्य कमर्शियल कम्युनिकेशन से स्पष्ट रूप से अलग किया जा सके।

इसका उद्देश्य स्पैम कॉल और वॉइस कॉल के जरिए होने वाले फ्रॉड को रोकना है, जिससे देश में व्यापक स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी को रोक जा सके और यूजर्स के लिए वित्तीय माहौल और सुरक्षित हो सके।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि ट्राई की पहल के तहत 1600 नंबर की सीरीज दूरसंचार विभाग द्वारा बीएफएसआई सेक्टर को आवंटित की गई है। इससे लोगों को वित्तीय संस्थाओं से सही और विश्वसनीय कॉल मिलेंगे।

दिशानिर्देंशों में कहा गया कि सभी म्यूचुअल फंड्स और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) को 15 फरवरी, 2026 तक 1600 नंबरिंग सीरीज को अपनाना अनिवार्य है।

वहीं, क्वालिफाइड स्टॉकब्रोकर्स (क्यूएसबी) को 1600 नंबर की सीरीज को 15 मार्च, 2026 तक अपनाना होगा।

निर्देश में कहा गया है कि फिलहाल, अन्य सेबी-पंजीकृत मध्यस्थ अपने पंजीकरण विवरणों के सत्यापन के बाद स्वेच्छा से 1600 सीरीज में स्थानांतरित हो सकते हैं।

वाणिज्यिक बैंकों (सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों और विदेशी बैंकों सहित) को 1 जनवरी, 2026 तक 1600 सीरीज अपनानी होगी।

निर्देश में कहा गया है कि 5,000 करोड़ रुपए से अधिक की एसेट वैल्यू वाली बड़ी एनबीएफसी, पेमेंट्स बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंकों को 1 फरवरी, 2026 तक इसमें शामिल होना होगा, जबकि बाकी एनबीएफसी, सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और छोटी संस्थाओं को 1 मार्च, 2026 तक इसमें शामिल होना होगा।

केंद्रीय रिकॉर्ड रखने वाली एजेंसियां ​​और पेंशन फंड मैनेजर्स को इसमें 15 फरवरी, 2026 तक शामिल होना होगा।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि इंश्योरेंस सेक्टर के लिए 1600 नंबरिंग को अपनाने की तारीख को जल्द अधिसूचित किया जाएगा, क्योंकि इसके लिए आईआरडीएआई के साथ बातचीत चल रही है।

 

National Para Swimming Championships: हिमांशु नांदल ने जीता सर्वश्रेष्ठ तैराक का पुरस्कार

हैदराबाद में 15 से 18 नवंबर तक आयोजित राष्ट्रीय पैरा तैराकी चैंपियनशिप 2025 में हिमांशु नांदल सर्वश्रेष्ठ तैराक बनकर उभरे। नांदल ने एस11 श्रेणी (100% दृष्टिबाधित) में तीन स्वर्ण पदक जीतकर सर्वश्रेष्ठ तैराक का पुरस्कार अपने नाम किया।

हिमांशु ने तीन चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में भाग लिया था। उन्होंने 50 मीटर फ्रीस्टाइल में 30.22 सेकंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में भी 1:23.78 सेकंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता। 100 मीटर बैकस्ट्रोक में लगभग 1:14.00 सेकंड का समय लेकर उन्होंने स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की।

तीन स्वर्ण पदक जीतने के बाद हिमांशु ने कहा, “50 मीटर फ्रीस्टाइल हमेशा शुद्ध गति और अपने स्ट्रोक पर आधारित होता है। मुझे खुशी है कि मैं अपना धैर्य बनाए रख सका और मजबूती से दौड़ पूरी कर सका। 100 मीटर बैकस्ट्रोक में लय, संतुलन और अपनी लाइन पर विश्वास जरूरी होता है। मुझे शुरू से ही नियंत्रण महसूस हुआ और दौड़ बिल्कुल वैसी ही रही जैसी मैंने तैयारी की थी।”

उन्होंने कहा, “100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक मेरी तकनीकी परीक्षा है, और इसमें दीवार को सबसे पहले छूना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे अपने हर स्ट्रोक पर गर्व है।”

हिमांशु नांदल हरियाणा सें संबंध रखते हैं। उनका जन्म 25 मई, 2004 को रोहतक में हुआ था। हिमांशु ऑप्टिक नर्व फेल्योर के कारण जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं। उनके परिवार ने हमेशा समर्थन दिया है और इसी वजह से उन्होंने अपने करियर में लगातार सफलता हासिल की है।

नांदल के नाम कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। हांग्जो में चौथे एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। पेरिस 2024 पैरालिंपिक के लिए एमक्यूएस हासिल करने वाले वे पहले भारतीय दृष्टिबाधित तैराक बने। हैदराबाद में उनके प्रदर्शन ने भारत के सबसे होनहार पैरा-एथलीटों में से एक के रूप में उनकी स्थिति को और मजबूत किया है।