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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) औपचारिक रूप से संभालेगी संसद की सुरक्षा

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) संसद परिसर की सुरक्षा औपचारिक रूप से संभालने की तैयारी में हैं। इसके 3,300 से अधिक कर्मियों की टुकड़ी को 29 अधिकारियों के साथ औपचारिक रूप से तैनाती की जा रही है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि 29 अधिकारी 3,317 पुरुष और महिला कर्मियों उस टुकड़ी का नेतृत्व करेंगे, जिसमें एक उप महानिरीक्षक (डीआईजी), एक वरिष्ठ कमांडेंट, दो कमांडेंट, 7 डिप्टी कमांडेंट और 18 सहायक कमांडेंट करेंगे। सूत्रों ने बताया कि इनमें से दो अधिकारी अग्निशमन शाखा के हैं क्योंकि बल ने यहां अपनी अग्निशमन इकाई भी तैनात की है।

गत मई महीने में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और दिल्ली पुलिस से ये कार्यभार संभालने के बाद से केंद्रीय बल स्वतंत्र रूप से संसद की सुरक्षा कर रहा है। संसद पर 13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकी हमले की बरसी पर पिछले साल संसद की सुरक्षा में चूक की घटना सामने आई थी। इसके बाद संसद की सुरक्षा के लिए CISF को तैनात किया गया।

लोकसभा में शून्यकाल के दौरान दो व्यक्ति दर्शक दीर्घा से सदन के भीतर कूद गए थे और कनस्तरों से पीला धुआं छोड़ा था तथा सांसदों द्वारा पकड़े जाने से पहले नारे लगाए थे। उस दिन लगभग उसी समय, दो अन्य लोगों ने संसद परिसर के बाहर नारे लगाते हुए कनस्तरों से रंगीन धुआं छोड़ा था।

सूत्रों ने बताया कि इन अधिकारियों को मई-जून से संसद परिसर भवन में CISF की अस्थायी ‘‘आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी पैटर्न’’ तैनाती के हिस्से के रूप में पहले से ही तैनात किया गया था, लेकिन इस संबंध में औपचारिक आदेश मंगलवार को जारी किए गए।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 22 जुलाई को संसद का अगला सत्र शुरू होने से पहले इस शस्त्र बल को औपचारिक रूप से संसद भवन परिसर की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किया जाएगा। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और दिल्ली पुलिस संसद तक जाने वाले मार्गों की निगरानी करेंगे जैसा कि हाल ही में समाप्त हुए सत्र के दौरान किया गया

ICC Men’s T20 World Cup 2024: पैट कमिंस ने रचा इतिहास, लगातार हैट्रिक लेकर बनाया ये रिकार्ड

ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने आईसीसी टी20 विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ हैट्रिक लेने के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ सुपर 8 मुकाबले में भी उन्होंने एक और बार हैट्रिक लेकर का इतिहास रच दिया है। साथ ही  पैट कमिंस आईसीसी टी20 विश्व कप के दो लगातार मुक़ाबलों में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं।

अफगानिस्तान के खिलाफ सुपर 8 मुकाबले में अफगानिस्तान के खिलाफ पैट कमिंस ने पहले तो राशिद खान को 17.6 ओवर में आउट किया। इसके बाद जब नया ओवर लेकर आए तो करीम जन्नत को पहली बॉल पर आउट किया और फिर दूसरी बॉल पर गुलबदीन नाईब को चलता किया।


पैट कमिंस ने बांग्लादेश के खिलाफ भी कुछ ऐसा ही कारनामा किया था। उन्होंने 17.5 में महमूदुल्लाह को क्लीन बोल्ड किया और फिर अगली गेंद पर मेहदी हसन को एडम जम्पा के हाथों कैच करवाया। अगले ओवर में आते ही पहली बॉल पर तौहीद हृदय को आउट कर हैट्रिक पूरी की।

 

भारत-बांग्लादेश के बीच बैठक के बाद बनी सहमति, कोलकाता से चटगांव के बीच चलेगी बस

भारत (India) और बांग्लादेश (Bangladesh) ने शनिवार को कोलकाता और राजशाही के बीच नयी ट्रेन सेवा तथा कोलकाता एवं चटगांव के बीच नयी बस सेवा की घोषणा की. यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) और उनकी बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना (Sheikh Hasina) के बीच यहां द्विपक्षीय बैठक के बाद की गई. हसीना शुक्रवार को यहां पहुंचीं और वह मोदी के लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की राजकीय यात्रा करने वाली पहली विदेशी नेता बन गईं.

द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने संपर्क और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई नये उपायों की भी घोषणा की. यह घोषणा की गई कि कोलकाता और राजशाही के बीच एक यात्री ट्रेन सेवा जल्द ही शुरू की जाएगी.

इसमें कोलकाता और चटगांव के बीच एक नयी बस सेवा भी शुरू की जाएगी और बांग्लादेश के सिराजगंज में अंतर्देशीय कंटेनर डिपो बनाने के लिए भारत अनुदान देगा.

आपसी संपर्क द्विपक्षीय संबंधों की नींव : PM मोदी 

अपने संबोधन में मोदी ने दोनों देशों लोगों के बीच आपसी संपर्क को द्विपक्षीय संबंधों की नींव बताते हुए कहा कि बांग्लादेश से इलाज के लिए भारत आने वाले लोगों के लिए ई-मेडिकल वीजा सुविधा शुरू की जाएगी.

भारत ने रंगपुर में एक नया सहायक उच्चायोग खोलने का भी फैसला किया है.

दोनों देशों के बीच 10 महत्‍वपूर्ण समझौते 

दोनों पक्षों ने डिजिटल, समुद्री अर्थव्यवस्था, रेलवे, अंतरिक्ष, हरित प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने के लिए 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए.

Lok Sabha Election 2024: सोनिया गांधी के बाद किसके पास रहेगी रायबरेली सीट? अजय राय ने किया सबकुछ साफ

लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारी शुरू कर चुकी हैं. ऐसे में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. उन्होंने राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है. इसके साथ ही उनका उत्तर प्रदेश के रायबरेली से चुनावी रिश्ता खत्म हो गया है. ऐसे में रायबरेली लोकसभा सीट से गांधी परिवार के एक सदस्य के चुनाव लड़ने का संकेत देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने शनिवार (17 फरवरी) को कहा कि रायबरेली लोकसभा की सीट गांधी परिवार के पास ही रहेगी.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने रायबरेली लोकसभा सीट का जिक्र करते हुए कहा, ”यह सीट गांधी परिवार के पास रहेगी.” मीडिया के साथ बातचीत के दौरान राय ने कहा, “रायबरेली के लोगों का गांधी परिवार के साथ पीढ़ियों से गहरा नाता रहा है. यह सीट गांधी परिवार की है और गांधी परिवार के पास रहेगी.” यह पूछे जाने पर कि गांधी परिवार से कौन वहां से चुनाव लड़ेगा, राय ने कहा, “इस पर निश्चित रूप से उन लोगों (गांधी परिवार) की तरफ से निर्णय किया जाएगा.” वर्ष 2004 से रायबरेली सीट से सांसद, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों को सूचित किया कि वह स्वास्थ्य कारणों से आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी.

रायबरेली के लोगों को संबोधित अपने पत्र में 77 वर्षीय नेता सोनिया गांधी ने लिखा, “इस निर्णय के बाद मुझे सीधे तौर पर आपकी सेवा का अवसर नहीं मिलेगा, लेकिन मेरा दिल और आत्मा हमेशा आपके साथ रहेगी. मुझे पता है कि आप पहले की तरह मेरे और मेरे परिवार का साथ भविष्य में भी देंगे.” ऐसी अटकलें हैं कि सोनिया गांधी के रायबरेली सीट छोड़ने के बाद उनकी बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा रायबरेली से चुनाव लड़ सकती हैं. इस बीच, मीडिया के साथ बातचीत में अजय राय ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जब काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए गए तो कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं दी गई.

उन्होंने कहा, “सभी भाजपा नेता जब काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए आते हैं तो उन्हें कैमरे के साथ आने दिया जाता है. लेकिन राहुल गांधी को कैमरे के साथ मंदिर नहीं जाने दिया गया और अभी तक प्रशासन द्वारा कोई फोटो जारी नहीं की गई.” कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के उत्तर प्रदेश पहुंचने के दूसरे दिन राहुल गांधी ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किया.

औरंगाबाद से AIMIM सांसद इम्तियाज जलील ने मन बदला? लोकसभा चुनाव से पहले दिया ये बड़ा बयान

लोकसभा चुनाव होने भी अब ज्यादा वक्त नहीं रह गया है सभी पार्टियां लोकसभा चुनाव की तैयारी में लग गयी है. वहीं मुंबई में असुवैद्दीन अवैसी का पार्टी भी चुनाव लड़ेगी. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सांसद इम्तियाज जलील ने शुक्रवार को कहा कि वह मुंबई से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक है. 2019 के लोकसभा चुनाव में जलील छत्रपति संभाजीनगर से सांसद चुने गए थे.

साल 2019 में छत्रपति संभाजीनगर (पहले औरंगाबाद) से जीत हासिल करने वाले जलील ने समाचार चैनल एबीपी माझा से कहा कि एआईएमआईएम को अक्सर बीजेपी की बी टीम’ कहा जाता है, लेकिन अन्य दलों के इतने सारे लोग ‘अब इसकी गोद में बैठे हैं. उन्होंने मुंबई से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा, हम छत्रपति संभाजीनगर में जीत को लेकर आश्वस्त हैं. तो फिर हमें अन्य क्षेत्रों में अपना आधार फैलाने की कोशिश क्यों नहीं करनी चाहिए.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सांसद इम्तियाज जलील ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वह मुंबई से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं क्योंकि इससे एआईएमआईएम को अन्य क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा जब हम 18 फरवरी को अकोला में बैठक करेंगे तो मैं पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ अपनी इस योजना पर चर्चा करूंगा. आपको बता दें कि इम्तियाज जलील ने 2019 में औरंगाबाद लोकसभा सीट से शिवसेना के चार बार के मौजूदा सांसद चंद्रकांत खैरे हराया था.

कौन है इम्तियाज जलील
सय्यद इम्तियाज जलील मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले है और वर्तमान में एआईएमआईएम के सदस्य भी है. उन्हें 2014 के विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र के औरंगाबाद केंद्रीय निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा के सदस्य के रूप में चुना गया था. 2019 के लोकसभा चुनाव में जलील को औरंगाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से संसद के रूप में चुना गया.

Jharkhand: हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद प्रधान सचिव ने पद से दिया इस्तीफा, जानें क्या कहा?

झारखंड के मुख्यमंत्री पद से हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के इस्तीफा देने के एक दिन बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे (Vinay Kumar Choubey) ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव का पदभार छोड़ दिया है. चौबे ने अन्य अतिरिक्त प्रभार भी छोड़ दिए हैं. विनय चौबे ने कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव था,. जब मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया तो मुझे प्रधान सचिव पद छोड़ना पड़ा. मैंने अन्य सभी अतिरिक्त प्रभार भी छोड़ दिए हैं. मैं नई पदस्थापना का इंतजार कर रहा हूं.’’ आईएएस अधिकारी विनय चौबे को जून 2021 में सीएम सोरेन का सचिव बनाया गया था.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों द्वारा सात घंटे तक पूछताछ किए जाने के बाद कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में सोरेन को बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया गया था.  उधर,  हेमंत सोरेन द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी जिस पर सुनवाई हुई. सोरेन की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल पेश हुए और उन्होंने कोर्ट को बताया कि जेएमएम नेता को ईडी द्वारा गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी के खिलाफ हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है.

उधर, सुुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ शुक्रवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री की याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गई है. सोरेन की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल और वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि जेएमएम नेता झारखंड उच्च न्यायालय से अपनी याचिका वापस ले लेंगे. वहीं, महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि भले ही यह मामला शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है लेकिन सीएम सोरेन मामले को वहां से वापस ले लेंगे. उधर, हेमंत सोरेन को गुरुवार को ईडी ने कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

“मेरी भारत की बेटी” सम्मान समारोह का मुंबई में धूम-धाम से आयोजन, महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लाँबा ने की शिरकत

आज मुंबई के ओशिवारा में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस की महासचिव श्रीमती भावना जैन द्वारा भाव “मेरी भारत की बेटी” सम्मान समारोह (महिला मेलावा) और हल्दी कुम कुम कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में आल इंडिया महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती अलका लाँबा जी और महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती वर्षा काले सहित प्रदेश और ज़िला कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

कार्यक्रम में सभी ने मिलकर 2024 में होने वाले चुनाव महिला विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है।

इस विशेष कार्यक्रम में आयीं हमारी हज़ारों बहनों को संबोधित करते हुए श्रीमती अलका जी ने कहा कांग्रेस पार्टी ही अकेली पार्टी है जो हमेशा से महिलाओं के सम्मान को आगे रखकर चलती है। हमारे नेता श्री राहुल गांधी जी अकेले ऐसे नेता हैं जो हर क्षेत्र में महिलाओं की बराबरी की भागीदारी की वकालत करते हैं।

कार्यक्रम की आयोजनकर्ता श्रीमती भावना जैन ने कहा इस कार्यक्रम के आयोजन का मक़सद है कांग्रेस की विचारधारा को हर घर तक पहुँचाया जाए। हमारी माँ बहनों को बताया जाये कि कांग्रेस का सपना हर महिला को सशक्त करना है।

हमारी नेता श्रीमती सोनिया गांधी ने देश की महिलाओं को सशक्त करने के लिए एक सपना देखा था एक मुहिम छेड़ी थी “आधी आबादी, पूरा हक” उन्होंने सबसे पहले ये आवाज़ उठाई थी कि महिलाओं को उनका हक दिया जाए। उनका ये सपना अब साकार होता दिख रहा है।

भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने सबसे पहले ने 1989 के मई महीने में पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था। आज पंचायतों और नगर निकायों में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं। यह आंकड़ा 40 प्रतिशत के आसपास है।

महिलाओं के लिए संसद और राज्यों की विधानसभाओं में एक-तिहाई आरक्षण के वास्ते तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने संविधान संशोधन विधेयक लाया था।आज देश की राजनीति में आज महिलाओं की बड़ी भागीदारी है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महिलाओं की सार्थक भागीदारी और साझी जिम्मेदारी का महत्व समझती है। इसलिए कांग्रेस के लिए महिला सशक्तिकरण महज कोई चुनावी शब्द नहीं, एक दृढ़ निश्चय रहा है।

इसलिए देश की करोड़ों महिलाओं की तरफ से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मांग है कि राज्यसभा से पारित हो चुके महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा से भी पारित किया जाए।

Budget 2024: रक्षा बजट में 11.1 फीसदी का इजाफा, सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए 1,11,111 करोड़ रुपये का आवंटन

Budget 2024: मोदी सरकार ने रक्षा बजट में भारी भरकम बढ़ोतरी करने का एलान किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा बजट में 11.1 फीसदी की बढ़ोतरी का एलान करते हुए इसे बढ़ाकर 11,11,111 करोड़ रुपये कर दिया है जो कि जीडीपी का 3.4 फीसदी है.

 

 

Budget 2024: रेलवे में बनेंगे तीन नए इकोनॉमिक कॉरिडोर, वंदे भारत स्टैंडर्ड में कंवर्ट होंगी 40 हजार सामान्य बोगियां

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में बजट पेश करते हुए बताया कि आने वाले सालों में 3 नए रेलवे इकोनॉमिक कॉरिडोर बनेंगे. ये कॉरिडोर एनर्जी, मिनरल और सीमेंट के लिए होंगे. पीएम गतिशक्ति योजना के तहत प्रोजेक्ट की पहचान कर ली गई है. इनसे पैसेंजर ट्रेनों के ऑपरेशन में सुधार होगा और ट्रेन में यात्रा करना सुरक्षित होगा. 40 हजार सामान्य रेल बोगियों को वंदे भारत स्टैंडर्ड में कंवर्ट किया जाएगा.

पिछले साल के बजट में मोदी सरकार ने रेलवे पर सबसे ज्यादा फोकस किया था. साल 2023 के 45 लाख करोड़ रुपये के टोटल बजट में रेलवे के हिस्से में 2.4 लाख करोड़ रुपये आए थे. मोदी सरकार के कार्यकाल में रेलवे को बजट में आवंटन लगातार बढ़ता गया है.

5 साल पहले यानी 2019 के बजट में रेलवे को 69,967 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. उसके बाद साल 2020 में रेलवे को 70,250 करोड़ रुपये दिए गए थे. उसके एक साल बाद यानी 2021 में पहली बार रेलवे का बजट 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकला था. वहीं 2023 में यानी पिछले साल रेलवे का बजट आवंटन पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये के पार निकला था.

मोदी सरकार से पहले रेलवे के लिए अलग से बजट पेश किया जाता था. साल 2017 से यह परंपरा बदल गई. उस साल तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जो आम बजट पेश किया था, रेलवे का बजट उसी का हिस्सा था. उससे पहले तक रेल मंत्री के द्वारा अलग से रेल बजट पेश किया जाता रहा था. अब बीते 7 सालों से रेलवे का बजट आम बजट के हिस्से के रूप में ही आ रहा है.

 

Budget 2024: अंतरिम बजट में सैलरीड क्लास-किसानों-सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी ये सौगात!

आगामी लोकसभा चुनाव से पहले अंतरिम बजट के जरिए सभी वर्गों को खुश करने का मोदी सरकार के पास आखिरी मौका है. अगले कुछ घंटों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट पेश करेंगी और ये उम्मीद की जा रही है कि बजट में टैक्सपेयर्स, किसानों, सरकारी कर्मचारियों को लुभाने के लिए लोकलुभावन एलान किए जायेंगे साथ ही विकास की रफ्तार को गति देने, साथ ही आधारभूत ढांचे की मजबूती के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए सरकार ज्यादा पैसे का प्रावधान करेगी.

मोदी सरकार की नजर सैलरीड क्लास से लेकर किसानों महिलाएं सभी पर है. सैलरीड क्लास और महिलाएं बीते एक साल से महंगाई से परेशान हैं. ऐसे में ये उम्मीद की जा रही है कि निर्मला सीतारमण महंगाई से राहत देने  के लिए टैक्स के मोर्चे पर टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दे सकती हैं. अंतरिम बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) की लिमिट को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये किया जा सकता है. साथ ही नए टैक्स रिजिम के तहत फिलहाल 7 लाख रुपये तक के आय पर इनकम टैक्स नहीं देना होता है.  इस लिमिट को बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये किया जा सकता है. इलाज पर बढ़ते खर्च और मेडिकल इंश्योरेंस के महंगे होने के बाद मेडिक्लेम प्रीमियम के भुगतान पर टैक्स छूट क्लेम करने के लिए डिडक्शन की लिमिट को भी बढ़ाया जा सकता है.  

बचत को प्रोस्ताहित करने के लिए 80 सी के तहत निवेश की सीमा को 1.50 लाख रुपये से ऊपर बढ़ाने और होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा को 2 लाख रुपये से ज्यादा करने का भी सरकार पर दबाव है.  मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ कम होगा तो इससे खपत को बढ़ाने में मदद मिलेगी जिसका फायदा अर्थव्यवस्था को होगा.

2022 तक मोदी सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था जो अब तक अधूरा है. ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए सरकार पीएम किसान योजना के तहत 6000 रुपये सालाना दिए जाने वाले रकम को बढ़ाकर 9000 रुपये करने का एलान कर सकती है. मनरेगा स्कीम ने कोरोना काल के दौरान ग्रामीण इलाकों में रोजगार देने वाला सबसे कारगर कार्यक्रम साबित हुआ था. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार शहरी इलाकों में बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए शहरी मनरेगा जैसी योजना शुरू कर सकती है.

एनपीएस की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने अप्रैल 2023 में वित्त सचिव टीवी सोमानाथन की अध्यक्षता वाली कमिटी का गठन किया गया था. इस बीच कमिटी ने सरकारी कर्मचारियों के अलावा अलग अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ एनपीएस (NPS) को लेकर चर्चा की है. वित्त मंत्री सीतारमण जब अंतरिम बजट पेश करेंगी तो इस बात के आसार हैं कि नेशनल पेंशन स्कीम को लेकर स्टेटस रिपोर्ट भी वे संसद में पेश करें.

सरकार की नजर 1.17 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर भी है. ऐसे में इस बात के आसार है कि मोदी सरकार डिफेंस फोर्सेज समेत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन किए जाने की घोषणा अंतरिम बजट में कर सकती है. जिससे सरकारी कर्मचारियों पेंशनर्स के वोट को हासिल किया जा सके. एक जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाना है.

मौजूदा वर्ष 2023-24 में मोदी सरकार ने आधारभूत ढांचे की मजबूती के लिए पूंजीगत खर्च के लिए 10 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे जिससे देश में वर्ल्डक्लास आधारभूत ढांचा तैयार किया जा सके. पूंजीगत खर्च के लिए अंतरिम बजट में 12 लाख रुपये तक का प्रावधान किया जा सकता है. इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. रेलवे के आधुनिकरण पर भी सरकार का जोर रहने वाला है. 400 के करीब नए वंदे भारत ट्रेनें चलाने का एलान बजट में संभव है.