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Morbi Bridge हादसे पर Gujarat High Court ने कहा, ‘मुआवजे का सवाल है, कंपनी को सकारात्मक समाधान और ठोस चीजों के साथ सामने आना होगा’

गुजरात हाई कोर्ट ने कहा कि 2022 में ढह गए मोरबी सस्पेंशन ब्रिज के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार ओरेवा समूह को पीड़ितों के परिजनों को मुआवजे के भुगतान के संबंध में एक ‘सकारात्मक समाधान’ के साथ सामने आना चाहिए. मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध पी मायी की खंडपीठ 30 अक्टूबर, 2022 को मोरबी में मच्छू नदी पर ब्रिटिश काल के झूला पुल के ढहने पर स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इस हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी. अदालत ने कहा कि जहां तक मुआवजे का सवाल है, कंपनी को ‘सकारात्मक समाधान और ठोस चीजों के साथ सामने आना होगा.’’

मुख्य न्यायाधीश अग्रवाल ने मौखिक रूप से कहा, ‘आज की तारीख में, हम आधे-अधूरे मन से कुछ भी नहीं कर रहे हैं. उन्हें (कंपनी को) एक सकारात्मक समाधान के साथ आना होगा और ठोस चीजें होनी चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपको (मुआवजे के लिए) एक ट्रस्ट बनाना होगा… हमने पिछली बार जो सुझाव दिया था वह यह है कि आपको हर किसी का उसकी आखिरी सांस तक ख्याल रखना होगा….यदि कोई ट्रस्ट होगा, तो एक निकाय होगा और वह निकाय इसकी देखरेख कर सकता है.’ अदालत ने कहा कि जहां तक कंपनी द्वारा पीड़ितों को मुआवजे के भुगतान का सवाल है, कंपनी इस बारे में प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही अधिकृत प्राधिकारियों का हलफनामा पेश करेगी कि चीजों को कैसे आगे बढ़ाया जाएगा. अदालत ने मामले की अगली सुनवायी की तिथि 26 फरवरी तय की.

अदालत के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, राज्य सरकार ने उन घायल व्यक्तियों का विवरण प्रदान किया, जिन्हें मानसिक उपचार की आवश्यकता थी और जो 40 प्रतिशत या उससे अधिक की विकलांगता से पीड़ित हैं. सरकार ने अपने हलफनामे में घटना में मारे गए लोगों की पत्नियों और आश्रित बुजुर्ग माता-पिता और घटना के बाद अनाथ बच्चों और ऐसे बच्चों का विवरण भी प्रदान किया जिन्होंने अपने माता-पिता में से किसी एक को गंवा दिया. महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने कहा कि पीड़ितों के संबंध में एक आकलन किया गया था और कंपनी को यह गौर करने के लिए विवरण प्रदान किया गया है ‘‘मुआवजे की उचित मात्रा का निर्णय किया जाए और कंपनी इस पर निर्णय ले सके.’’

उन्होंने कहा कि घटना में घायल हुए 74 लोगों में से 18 को मामूली चोटें आयीं और कुछ दिनों के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई और अन्य 56 को आगे के उपचार की आवश्यकता है. त्रिवेदी ने अदालत को बताया कि इन लोगों में से तीन को 40 प्रतिशत या उससे अधिक की विकलांगता का सामना करना पड़ा है. उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में दस महिलाओं ने अपने पतियों को खो दिया और उनमें से चार ने ओरेवा समूह द्वारा दी गई नौकरी के लिए अपनी सहमति दे दी है. उन्होंने कहा कि उनमें से छह ने नौकरी से इनकार कर दिया, क्योंकि एक पहले से ही एक कंडक्टर के रूप में काम कर रही थी और एक अन्य महिला ने कहा कि उसे केवल एक सिलाई मशीन की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि दो अन्य महिलाओं के परिवारों ने उन्हें नौकरी करने की अनुमति नहीं दी और एक ने कहा कि उसे एक बच्चे की देखभाल करनी है और वह घर से बाहर नहीं जा सकती. त्रिवेदी ने कहा कि बच्चों के मामले में, सात अनाथ हो गए हैं और 14 ने अपने माता-पिता में किसी एक को खो दिया है. ओरेवा समूह की ओर से पेश वकील निरुपम नानावटी ने कहा कि कंपनी पीड़ितों को ‘हर संभव सहायता’ प्रदान करेगी और मुआवजे के संबंध में विवरण प्रस्तुत किया गया है.

Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश करेंगी बजट, जानिए क्या होगा खास?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 6वीं बार बजट करने के साथ ही मनमोहन सिंह, अरुण जेटली, पी चिदंबरम और यशवंत सिन्हा जैसे पूर्व वित्त मंत्रियों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगी.

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले आज (1 फरवरी) पेश होने वाले अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मध्यम वर्ग, किसानों और श्रमिकों को काफी उम्मीदें हैं. पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का मानना था कि लोकसभा चुनाव से पहले पेश होने वाला अंतरिम बजट, सत्ता में मौजूद पार्टी के लिए मुफ्त और लोकलुभावन योजनाओं के जरिये मतदाताओं को आकर्षित करने का एक मौका होता है. उन्होंने कहा, ‘‘2019 में आम चुनाव से पहले पेश अंतरिम बजट में भी हम ऐसा होते हुए देख चुके हैं.’’

पूर्व वित्त सचिव ने कहा, ‘‘सरकार ने 2019 में आम चुनाव से पहले पेश अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग, किसानों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों-को लक्षित किया था. कुल मिलाकर ये लगभग 75 करोड़ मतदाता हैं. ऐसी संभावना है कि सरकार इस बार भी इन मतदाताओं का खास ध्यान रखेगी.’’ उल्लेखनीय है कि 2019 में वित्त मंत्री की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मध्यम वर्ग को आकर्षित करने के लिए पांच लाख रुपये तक की कर-योग्य आय को आयकर से छूट दी थी.

साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 12 करोड़ किसानों को 6,000 रुपये नकद भी उपलब्ध कराने की घोषणा की थी. इसके अलावा, असंगठित क्षेत्र (पीएम श्रम योगी मानधन -एसवाईएम) से जुड़े 50 करोड़ श्रमिकों को सेवानिवृत्ति पेंशन में सरकारी योगदान का भी प्रस्ताव किया गया था. इसको देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस बार के अंतरिम बजट में भी इस तरह की घोषणाएं हो सकती हैं.

आमतौर पर, अंतरिम बजट में प्रमुख नीतिगत घोषणाएं नहीं होती हैं, लेकिन सरकार पर ऐसे कदम उठाने से कोई नहीं रोक नहीं है जो अर्थव्यवस्था के सामने आने वाले मुद्दों से निपटने के लिए जरूरी हैं. सीतारमण का यह लगातार छठा बजट है. इसके साथ ही उनके नाम कई रिकॉर्ड होंगे. वह लगातार पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश करने के मोरारजी देसाई के नाम दर्ज रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी. साथ ही, सीतारमण पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं, जो जुलाई 2019 से पांच पूर्ण बजट पेश कर चुकी हैं और आज वह लेखानुदान यानी अंतरिम बजट पेश करेंगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने के साथ, मनमोहन सिंह, अरुण जेटली, पी चिदंबरम और यशवंत सिन्हा जैसे पूर्व वित्त मंत्रियों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगी. इन नेताओं ने लगातार पांच बजट पेश किये थे. वित्त मंत्री के रूप में देसाई ने 1959-1964 के बीच पांच सालाना बजट और एक अंतरिम बजट पेश किया था. मोदी सरकार ने 2019 के आम चुनावों के बाद अपने दूसरे कार्यकाल में सीतारमण को वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी. वह इंदिरा गांधी के बाद बजट पेश करने वाली दूसरी महिला बनीं. इंदिरा गांधी ने वित्त वर्ष 1970-71 के लिए बजट पेश किया था.
राजकोषीय घाटे की स्थिति पर पड़ने वाले सवाल के बारे में पूछे जाने पर गर्ग ने कहा, ‘‘सरकार ने राजकोषीय घाटा 17.9 लाख करोड़ रुपये यानी 5.9 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा है. यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 301.8 लाख करोड़ रुपये के अनुमान पर आधारित था. 2023-24 के पहले अग्रिम अनुमान में जीडीपी 296.6 लाख करोड़ रुपये रहने पर यह छह फीसदी यानी 17.8 लाख करोड़ रुपये बनता है. यह बजट में तय लक्ष्य के लगभग बराबर है.’’
राजस्व मोर्चे पर स्थिति के बारे में पूछे जाने पर गर्ग ने कहा, ‘‘आयकर संग्रह बजट अनुमान से कहीं बेहतर रहेगा. जीएसटी लक्ष्य के अनुसार है. सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क का प्रदर्शन जरूर खराब रहा है, लेकिन आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) और पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) से अधिक लाभांश आने के कारण गैर-कर राजस्व, बजट अनुमान से अधिक होगा. विनिवेश आय ने काफी निराश किया है. कुल मिलाकर, अतिरिक्त व्यय के लिए गैर-ऋण प्राप्तियां अच्छी स्थिति में रहने की संभावना है.’’
सूत्रों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में आय और कॉरपोरेट कर संग्रह में उछाल दिख रहा है. इससे कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह बजट अनुमान से लगभग एक लाख करोड़ रुपये अधिक रह सकता है. सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए प्रत्यक्ष करों से 18.23 लाख करोड़ रुपये जुटाने का बजट लक्ष्य रखा था. इस मद में 10 जनवरी, 2024 तक कर संग्रह 14.70 लाख करोड़ रुपये हो चुका था, जो बजट अनुमान का 81 फीसदी है. अभी वित्त वर्ष पूरा होने में दो महीने महीने से अधिक का समय बाकी है. वहीं जीएसटी के मोर्चे पर केंद्रीय जीएसटी राजस्व 8.1 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से लगभग 10,000 करोड़ रुपये अधिक होने की उम्मीद है. हालांकि, उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क संग्रह में करीब 49,000 करोड़ रुपये की कमी की आशंका है.

देश में 2016-2022 के बीच बच्चों से रेप के मामलों मे 96 प्रतिशत की बढ़ोतरी, चौंकाने वाली है रिपोर्ट

बच्चों से रेप के मामले वर्ष 2016 से 2022 के बीच 96 फीसदी बढ़े हैं, जिनमें सभी प्रकार के प्रवेशन हमले (Penetrative Assault) शामिल हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बाल अधिकार से जुड़े एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सीआरवाई’ ने यह दावा किया है. कि इस बढ़ोतरी के संभावित कारणों पर चर्चा करते हुए ‘चाइल्ड राइट्स एंड यू’ (सीआरवाई) में अनुसंधान और ज्ञान विनिमय के निदेशक शुभेंदु भट्टाचार्जी ने कहा कि बेहतर जन जागरूकता के कारण बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के अधिक मामले सामने आए हैं.

शुभेंदु भट्टाचार्जी ने कहा कि समर्पित हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल और विशेष एजेंसियों के माध्यम से बढ़ी हुई पहुंच के साथ-साथ शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था के प्रति बढ़े हुए विश्वास ने पीड़ितों और उनके परिवारों को आगे आने और ऐसे मामलों की शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया है. सीआरवाई द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला कि वर्ष 2020 को छोड़कर, 2016 के बाद से बलात्कार की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है. अकेले 2021 और 2022 के बीच, ऐसे मामलों में 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. भारतीय दंड संहिता और विशेष तथा स्थानीय कानूनों के तहत आने वाले सभी प्रकार के प्रवेशन हमलों को शामिल करते हुए की गई एक विस्तृत पड़ताल के मुताबिक 2016 से 2022 के बीच कुल वृद्धि 96.8 प्रतिशत रही.

सीआरवाई ने बताया कि अकेले 2022 में बाल रेप और प्रवेशन हमलों के 38,911 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में दर्ज 36,381 मामलों से अधिक हैं. वर्ष 2020 के लिए यह संख्या 30,705 और 2019 के लिए 31,132 थी। वर्ष 2018 में 30,917 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2017 में 27,616 मामले दर्ज किए गए. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016 में 19,765 मामले दर्ज किए गए. भट्टाचार्जी ने शिकायत दर्ज कराने के प्रति सकारात्मक रुझान का श्रेय हाल के कानूनी सुधारों और नीतिगत बदलावों को दिया, जिनका उद्देश्य बच्चों को निशाना बनाने वाले यौन अपराधों के खिलाफ कानूनों को मजबूत करना है. उन्होंने हाई-प्रोफाइल मामलों के व्यापक मीडिया कवरेज और सहायक वातावरण बनाने में समुदायों और नागरिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी द्वारा निभाई गई भूमिका पर जोर दिया.

सीआरवाई ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि बाल यौन शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करने और उसका समाधान करने के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में धीरे-धीरे आए बदलाव ने ‘मौन रहने की संस्कृति’ को तोड़ने में योगदान दिया है. उन्होंने कहा, ‘‘बाल यौन शोषण के बारे में खुली बातचीत को प्रोत्साहित करने से पीड़ितों को सामाजिक आलोचना और कलंक के डर के बिना बोलने और दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने की ताकत मिलती है. हर साल एनसीआरबी अपराध के आंकड़े जारी करता है, जो भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (पॉक्सो) अधिनियम जैसे विशेष कानूनों के तहत दर्ज अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है.

Mumbai: मुंबई पुलिस ने धोखाधड़ी मामले में बिल्डर टेकचंदानी को किया गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में शहर के बिल्डर ललित टेकचंदानी को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि मामला कथित तौर पर कई मकान खरीदारों को धोखा देने से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि टेकचंदानी को मंगलवार शाम दक्षिण मुंबई में ईओडब्ल्यू कार्यालय लाया गया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने कहा कि ईओडब्ल्यू टेकचंदानी और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात के मामले में जांच कर रही है.

पिछले हफ्ते ईओडब्ल्यू ने टेकचंदानी के कार्यालय और आवास सहित उसके चार परिसरों पर तलाशी ली थी. इस महीने की शुरुआत में टेकचंदानी, उसकी पत्नी, उसकी कंपनी ‘सुप्रीम कंस्ट्रक्शन’ के निदेशकों और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ यहां चेंबूर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मामले में शिकायतकर्ता ने कहा कि उसने नवी मुंबई के तलोजा में टेकचंदानी की निर्माण परियोजना में 36 लाख रुपये का निवेश किया था. कंपनी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि परियोजना 2017 में तैयार हो जाएगी. हालांकि 2016 में इसका निर्माण अचानक बंद हो गया. शिकायत में आरोप लगाया गया कि सैकड़ों फ्लैट खरीदारों ने टेकचंदानी की परियोजना में निवेश किया लेकिन उन्हें न तो फ्लैट मिले और न ही उनके पैसे वापस मिले.

पुलिस ने पहले कहा था कि शिकायत के आधार पर टेकचंदानी और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस महीने की शुरुआत में टेकचंदानी और अन्य के खिलाफ नवी मुंबई के तलोजा थाने में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने कहा था कि शिकायत के अनुसार आरोपी ने नवी मुंबई के खारघर में अपनी कंपनी की आवासीय परियोजना में 160 मकान खरीदारों से 44 करोड़ रुपये की ठगी की.

पाकिस्‍तान में भी नोटबंदी? जारी हुआ ये फरमान, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने करेंसी की कमी और नकली नोटों के खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा की एडवांस्ड तकनीक से लैस नए नोट पेश करने की घोषणा की है. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर जमील अहमद ने बताया कि नए नोट सुरक्षा की अंतरराष्ट्रीय स्तर की उन्नत तकनीक से लैस होंगे. पाकिस्तानी करेंसी को आधुनिक बनाने के लिए इसमें स्पेशल सुरक्षा संख्या और डिजाइन का इस्तेमाल होगा

अहमद ने कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे किया जाएगा ताकि पाकिस्तान में सार्वजनिक स्तर पर कोई समस्या न खड़ी हो जैसा कि अतीत में कुछ अन्य देशों में देखा गया है. हालांकि, कुछ वित्तीय विशेषज्ञों इस बात पर आश्चर्य जताया और सवाल किया कि क्या इसके साथ ही नकली नोट की समस्या और काले धन बाजार से निपटने के लिए 5,000 रुपये या उच्च मूल्य वर्ग के नोटों की नोटबंदी भी की जा सकती है.

पाकिस्तान के वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, नकदी की कमी से जूझ रही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था काले धन के अवैध इस्तेमाल से काफी प्रभावित है, जो उच्च मूल्यवर्ग के नोट के प्रचलन के कारण आसान है.

कैपिटल इन्वेस्टमेंट के सोहेल फारूक ने कहा, “पाकिस्तान की मौद्रिक प्रणाली की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए यह सही कदम है, लेकिन क्या इसमें नोटबंदी शामिल होगी…यह देखना होगा.” एक और बैंकर ने कहा कि केंद्रीय बैंक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नई करेंसी लाने के दौरान जनता और कारोबारों को कोई असुविधा न हो.

पाकिस्तान में लंबे समय से भारी वित्तीय संकट देखा जा रहा है और इसके असर से वहां की जनता भारी दिक्कतों से जूझ रही है. लोगों को बड़ी वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. गाहे-बगाहे वहां की बदहाली और कंगाली की तस्वीरें सामने आती रहती हैं. इसके अलावा आईएमएफ से मिले आर्थिक राहत के पैकेज का पाकिस्तान की सरकार इंतजार करती रही जो हाल के दिनों में मिलने की कगार पर आ चुका है.

Ram Mandir Inauguration: दिल्ली में भगवान राम और मंदिर वाले झंडों, पोस्टरों की बढ़ी मांग, जानें किस झंडे की डिमांड सबसे ज्यादा

राष्ट्रीय राजधानी के व्यापारी अयोध्या में रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से पहले भगवान राम और मंदिर वाले भगवा झंडों और पोस्टरों की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने बताया कि जैसे-जैसे अयोध्या 22 जनवरी के भव्य समारोहों के लिए तैयार हो रही है. हजारों कर्मचारी और प्रिंटिंग प्रेस यहां भक्तों की मांग पूरी करने के लिए ओवरटाइम काम कर रहे हैं.

राकेश कुमार यादव ने कहा कि  जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को दीपावली के रूप में मनाने के लिए अपने घरों में विशेष दीये, श्रीराम ज्योति जलाने की अपील की है, तो हमें इस आयोजन से संबंधित धार्मिक वस्तुओं की मांग में वृद्धि की उम्मीद थी, इसलिए हमने अपनी तैयारी शुरू कर दी.

ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के मुताबिक 15 जनवरी की शाम से बाजार सज जाएंगे और एक जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें लगभग 700 व्यापारियों के भाग लेने की उम्मीद है. जैसे-जैसे प्राण-प्रतिष्ठा समारोह नजदीक आ रहा है, दिल्ली के सभी क्षेत्रों से भगवा झंडों की मांग बढ़ रही है तथा कार्यक्रम नियोजक और धार्मिक संस्थान बड़े पैमाने पर ऑर्डर दे रहे हैं.

कड़कड़डूमा में एक प्रिंटिंग प्रेस के मालिक अनिल के मुताबिक झंडे, विशेष रूप से भगवान राम के नाम वाले झंडे, उच्च मांग में हैं. हम जानते थे कि लोग प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को लेकर उत्साहित होंगे, लेकिन हमने इस अवसर का जश्न मनाने के लिए दिल्ली के बाजारों में इस उच्च स्तर की मांग की उम्मीद नहीं की थी. जनता की मांग के अनुरूप सामग्रियों की आपूर्ति के लिए प्रिंटिंग प्रेस चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और उनके अनुरोधों को समय पर पूरा करना हमारी चिंता है.

सबसे अच्छा नया साल 2024 हार्टवार्मिंग संदेश, शुभकामनाएं और कोट्स | Best New Year messages

सबसे अच्छा नया साल 2024 हार्टवार्मिंग संदेश, शुभकामनाएं और कोट्स | Best New Year messages

सबसे अच्छा नया साल 2024 हार्टवार्मिंग संदेश, शुभकामनाएं और कोट्स | Best New Year messages

  1. नए आस्थाओं, नए आकांक्षाओं और नए अवसरों से भरा होता हुआ यह वर्ष आपके लिए शुभ हो। नया साल मुबारक हो!
  2. इस वर्ष आपको खुशी, हंसी और अविस्मरणीय सुख के पल मिलें। आपको और आपके प्रियजनों को नया साल मुबारक हो!
  3. जैसे ही कैलेंडर एक नये पत्ते की ओर मुड़ता है, आपको नए कारणों से हँसने और नई कहानियों को सुनाने का अवसर मिले। नया साल मुबारक हो!
  4. आने वाले वर्ष में आपके जीवन के पुस्तक में प्रेम, शांति और सफलता का एक अध्याय हो। नया साल मुबारक हो!
  5. आपको खुशी के 365 दिन, सफलता के 52 सप्ताह और आर्थिक समृद्धि के 12 महीने मिलें। नया साल मुबारक हो!
  6. नए वर्ष में आपको गर्मी, प्रेम और प्रकाश की भरपूरी मिले, जो आपकी यात्रा को सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन करें। नया साल मुबारक हो!
  7. नए शुरुआत, एक नया अध्याय और आने वाले वर्ष में अनगिनत संभावनाओं की ओर क्षुद्र है। नया साल मुबारक हो!
  8. आपके सपने पंख लें और आपके संकल्प पूरे हों। एक नए साल की शुभकामनाएं और हमारे लिए बेहतरीन करने का एक मौका। नया साल मुबारक हो!
  9. आने वाले वर्ष को पहले ही आपकी संकल्पों को तोड़ने के लिए साहस दें! मेरी अपनी योजना है कि मैं हर प्रकार की गुणवत्ता से शपथ खा लूं ताकि मैं जब गिरूं तब भी मैं जीतूं!
  10. आपके जीवन को सुंदरता, हंसी और यह सभी चीजें जो जीवन को सुंदर बनाती हैं, से भरपूर बनाए रखने के लिए नए वर्ष की शुभकामनाएं। नया साल मुबारक हो!
  11. नए अवसरों और चुनौतियों को बाहरी करने के लिए नया साल लाए। आप में किसी भी कठिनाई को पार करने के लिए साहस मिले और अपने सपनों की पीछे दौड़ने के लिए उत्साह मिले। नया साल मुबारक हो!
  12. जैसे कि आसमान को रौंगत से भर देने वाले पटाखों की रौशनी, वैसे ही आपका आने वाला वर्ष हो। नया साल मुबारक हो!
  13. आपके दिन सोने में रंगीन हों और रातें सितारों से भरी हों। नया साल मुबारक

English Version

  1. Wishing you a year filled with new hopes, new aspirations, and new opportunities. Happy New Year!
  2. May this year bring you joy, laughter, and moments of unforgettable happiness. Happy New Year to you and your loved ones!
  3. As the calendar turns a new leaf, may you find new reasons to smile and new stories to tell. Happy New Year!
  4. May the coming year be a chapter of love, peace, and success in the book of your life. Happy New Year!
  5. Wishing you 365 days of happiness, 52 weeks of success, and 12 months of prosperity. Happy New Year!
  6. “May the new year bring you warmth, love, and light to guide your path to a positive destination. Happy New Year!”
  7. Here’s to a fresh start, a new chapter, and endless possibilities in the coming year. Happy New Year!
  8. May your dreams take flight and your resolutions come true. Cheers to a brand new year and a chance for us to do better. Happy New Year!
  9. May the New Year bring you the courage to break your resolutions early! My own plan is to swear off every kind of virtue so that I triumph even when I fall!
  10. Wishing you a year filled with love, laughter, and all the things that make life beautiful. Happy New Year!
  11. Embrace the new opportunities and challenges that the New Year brings. May you find the strength to overcome any obstacle and the courage to chase your dreams. Happy New Year!
  12. May the upcoming year be as bright as the fireworks lighting up the sky. Happy New Year!
  13. May your days be painted in gold, and your nights be filled with stars. Happy New Year!
  14. New Year, new beginnings, new memories to create. Wishing you a year that’s promising, exciting, and full of fun. Happy New Year!
  15. May your heart be filled with joy, your mind be filled with peace, and your days be filled with love in the coming year. Happy New Year!

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सांसदों के निलंबन और संसद सुरक्षा चूक पर शरद पवार का बड़ा बयान, उपराष्ट्रपति से की ये मांग

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को राज्यसभा अध्यक्ष जगदीप धनखड़ से संसद में हाल में हुई सुरक्षा चूक की जांच कराने को कहा और सांसदों के निलंबन के मामले में हस्तक्षेप करने का भी अनुरोध किया. पवार ने धनखड़ को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि कृपया संसदीय प्रक्रियाओं और परंपराओं की अखंडता तथा लोकतांत्रिक मूल्य बरकरार रखने के हित में इस मुद्दे पर ध्यान दें.’’

क्या बोले शरद पवार?
लोकसभा में 13 दिसंबर को दो युवक शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए थे और उन्होंने ‘केन’ से पीली गैस उड़ाते हुए नारेबाजी की. हालांकि, सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया था. पवार ने इस घटना को काफी चिंताजनक बताया क्योंकि ‘‘खासतौर से इसे उसी दिन अंजाम दिया गया जब 2001 में इसी दिन संसद पर आतंकवादी हमला किया गया था.’’ एनसीपी नेता ने कहा, ‘‘घटना की गंभीरता को देखते हुए यह स्वाभाविक है कि संसद के सदस्य इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगेंगे और सरकार को बयान देना चाहिए कि उसकी इस मुद्दे से निपटने की क्या योजना है.’’

कार्रवाई कार्रवाई पर कही ये बात
उन्होंने कहा, ‘‘यह दुखद है कि सरकार न केवल ऐसा बयान देने से बच रही है बल्कि इस संबंध में स्पष्टीकरण/बयान मांग रहे संसद सदस्यों को निलंबित करने की कार्रवाई कर रही है.’’ पवार ने कहा कि इस घटना के लिए स्पष्टीकरण मांग रहे सांसदों को निलंबित करने का निर्णय जवाबदेही और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत लगता है. राज्यसभा के वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि सांसदों के पास स्पष्टीकरण मांगने और संसदीय वातावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने का वैध अधिकार है. उन्होंने कहा, ‘‘यह विडंबना है कि सरकार से बयान देने की मांग कर रहे संसद के 90 से अधिक सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है जिनमें से करीब 45 राज्यसभा से हैं.’’

पवार ने कहा, ‘‘मुझे यह भी बताया गया है कि कुछ सदस्य जो आसन के समीप नहीं आए थे और जिन्होंने नारेबाजी नहीं की थी तथा जो ‘‘निरंतर’’ व्यवधान में शामिल नहीं थे, उनका नाम भी निलंबन सूची में शामिल है.’’ पवार ने धनखड़ को लिखे पत्र में कहा, ‘‘हमला और उसके बाद हुए निलंबन के मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए, मैं आपसे संसदीय प्रक्रियाओं तथा परंपराओं की अखंडता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखने के लिए इस मामले से निपटने का अनुरोध करता हूं.’’

Padmini Taxi: अब मुंबई की सड़कों पर नजर नहीं आएगी ‘काली-पीली’, 6 दशकों का सफर हुआ खत्म!

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आम लोगों के लिए दशकों से सवारी का सुगम साधन ‘काली-पीली’ के नाम से मशहूर ‘प्रीमियर पद्मिनी’ टैक्सी का सफर अब लगभग छह दशक के बाद समाप्त होने जा रहा है.

नये मॉडल और ऐप-आधारित कैब सेवाओं के बाद ये काली-पीली टैक्सी अब मुंबई की सड़कों से हट जाएंगी. हाल में सार्वजनिक ट्रांसपोर्टर ‘बेस्ट’ की प्रसिद्ध लाल डबल-डेकर डीजल बसों के सड़कों से हटने के बाद अब काली-पीली टैक्सी भी नजर नहीं आएंगी. परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि आखिरी ‘प्रीमियर पद्मिनी’ को 29 अक्टूबर, 2003 को तारदेव आरटीओ में एक काली-पीली टैक्सी के रूप में पंजीकृत किया गया था.

चूंकि, शहर में कैब संचालन की समयसीमा 20 साल है, ऐसे में अब सोमवार से मुंबई में आधिकारिक तौर पर ‘प्रीमियर पद्मिनी’ टैक्सी नहीं चलेगी. मुंबई की आखिरी पंजीकृत प्रीमियर पद्मिनी टैक्सी (एमएच-01-जेए-2556) की मालिक प्रभादेवी ने कहा, ‘‘ये मुंबई की शान है और हमारी जान है.’’ वहीं, कुछ लोगों ने मांग की है कि कम से कम एक ‘प्रीमियर पद्मिनी’ को सड़क पर या संग्रहालय में संरक्षित किया जाए.

पुरानी टैक्सी कार के शौकीन डैनियल सिकेरा ने कहा कि ये मजबूत टैक्सी पांच दशकों से अधिक समय से शहर के परिदृश्य का हिस्सा रही हैं और पिछली कई पीढ़ियों से इनसे भावनात्मक जुड़ाव रहा है. कुछ साल पहले, शहर के सबसे बड़े टैक्सी चालक संघ में शुमार ‘मुंबई टैक्सीमेन यूनियन’ ने सरकार से कम से कम एक काली-पीली टैक्सी को संरक्षित करने के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली.

‘मुंबई टैक्सीमेंस यूनियन’ के महासचिव एएल क्वाद्रोस ने याद किया कि टैक्सी के रूप में ‘प्रीमियर पद्मिनी’ की यात्रा 1964 में ‘फिएट-1100 डिलाइट’ मॉडल के साथ शुरू हुई थी.

Amit Shah का नया कानून Love Jihad और Metoo मामले पर लगाएगा अंकुश

देश में मौजूद कानून को बदलने के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य विधेयक और भारतीय नागरिक सुरक्षा में सुधार करने के लिए 3 विधेयक को पेश किया है. अमित शाह (Amit Shah) ने 1860 से लेकर 2023 तक देश की अपराधिक न्याय प्रणाली को बदलने का प्रयास किया है. नया कानून Love Jihad और Metoo मामले पर लगाएगा अंकुश.
इसी के तहत मोब लिंचिंग मामले में मौत की सजा का प्रावधान किया गया है. नाबालिग से रेप के मामले में भी मौत की सजा का प्रावधान किया गया है. राजद्रोह के कानून में भी बड़ा बदलाव इस विधेयक के अंतर्गत किया गया है. हेट स्पीच पर भी सजा का प्रावधान है.
2027 तक देश में मौजूद सभी कोर्ट को ऑनलाइन करने का दावा किया गया है. अमित शाह ने यह भी कहा कि जो विधेयक पेश किया गया है अगर वह कानून बन जाता है, तो 533 पुरानी धाराएं खत्म होंगी जिनकी जगह 133 नई धाराएं लेने वाली है. जबकि 9 धाराओं को बदला गया है. इन सबका मकसद यह है कि अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही कानून की व्यवस्था को पूरी तरह से आज के अनुसार बदल दिया जाए.
नाम बदलकर शारीरिक संबंध स्थापित करने वाले के लिए भी सजा का प्रावधान है. जिसके बाद लव जिहाद को रोकने में मदद मिलेगी और MeToo जैसे मामले पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा. कोई व्यक्ति किसी महिला के साथ अपना पहचान छुपा कर शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे सजा मिले देश में अब तक ऐसा कोई कानून नहीं है. इसी वजह से लव जिहाद जैसी मामले तेजी से बढ़ रहे थे. नए कानून के बाद अब इस पर रोक लगा सकेगी.
खुद अमित शाह ने अपने बयान में यह कहा है कि नए कानून में महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनके सामने आने वाली कई सामाजिक समस्याओं का समाधान किया गया है. पहली बार ऐसा हो रहा है कि अपनी पहचान छिपाकर और झूठे वादे करके महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने को अपराध की श्रेणी में लाया गया है.
मुंबई हाई कोर्ट के सीनियर वकील का यह कहना है कि भले ही पुलिस इस कानून का इस्तेमाल लव जिहाद या इस तरह के दूसरे मामलों को रोकने के लिए करें. लेकिन इस कानून को बनाने का मुख्य उद्देश्य लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे लोगों को सिक्योरिटी देने, झूठे वादे करके शादी से मुकरने वाले लोगों को सबक सिखाने के लिए बनाया गया है. इसका फायदा देश की जनता को जरूर मिलेगा.
आपको बता दे की रेप के मामले में न्यूनतम सजा 7 साल की थी. वहीं बाकी अन्य मामलों में भी सजा काफी कम थी. ऐसे में हर मामले में लगभग सजा को बढ़ाया गया है. इस पर सरकार की तरफ से यह कहा गया है कि हम सजा पर नहीं बल्कि इंसाफ पर जोर दे रहे हैं. सजा अधिक होगी तो अपराधियों की मानसिकता बदलने में मदद मिलेगी.
नए विधेयक में काफी कुछ बदलाव सराहनीय देखने को मिले हैं. रेप पीड़िता की पहचान को उजागर करने वालों के लिए भी सजा का प्रावधान रखा गया है. अब ऐसे में यह देखना होगा कि सरकार के इस बदलाव के बाद क्या कानून व्यवस्था में वह बदलाव आता है जिसकी जनता को उम्मीद है.