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Pakistan: प्रधानमंत्री शहबाज की सलाह मान गए राष्ट्रपति अल्वी, पाकिस्तान में रातों-रात भंग हुई संसद, आम चुनाव का रास्ता हुआ साफ

पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz sharif) की सलाह पर बुधवार (9 अगस्त) को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली को भंग कर दिया. इसके साथ ही देश में आम चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है. ये फैसला रात में लिया गया.

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक निचले सदन को भंग करने के लिए जारी अधिसूचना में कहा गया कि नेशनल असेंबली को संविधान के आर्टिकल 58 के तहत भंग कर दिया गया है. पीएम शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नेशनल असेंबली भंग करने की सिफारिश की थी.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार और दो दिन सत्ता में रह सकती थी और 11 अगस्त को संसद भंग करना चाहती थी, लेकिन उसका मानना है कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान की पार्टी के पूर्व नेता राष्ट्रपति अल्वी निचले सदन को भंग करने के लिए तुरंत अधिसूचना जारी करने से इनकार कर सकते हैं.

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार  प्रधानमंत्री शहबाज ने बुधवार देर रात राष्ट्रपति अल्वी को नेशनल असेंबली भंग करने के लिए एक पत्र भेजा, जिससे कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो सकेगी.

संसद के निचले सदन का कार्यकाल समाप्त होने से तीन दिन पहले प्रधानमंत्री शहबाज की ओर से इसे भंग करने की सलाह राष्ट्रपति अल्वी को भेजी गई है. राष्ट्रपति अल्वी या तो नेशनल असेंबली को भंग करने के लिए तुरंत अधिसूचना जारी कर सकते हैं या इसमें 48 घंटे की देरी कर सकते हैं.

नेशनल असेंबली समय से पहले भंग होने की सूरत में पाकिस्तान निर्वाचन आयोग 90 दिनों के भीतर चुनाव कराएगा. अगर नेशनल असेंबली ने अपना संवैधानिक कार्यकाल पूरा कर लिया होता, तो चुनाव 60 दिनों के भीतर कराए जाते.

Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वाराणसी के बीच पहली हवाई सेवा का किया उद्घाटन, 55 मिनट में पूरा होगा सफ़र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को लखनऊ और वाराणसी के बीच पहली विमान सेवा का उद्घाटन किया. इंडिगो एयरलाइन की ओर से शुरू की गई. इस सेवा से मात्र 55 मिनट में वाराणसी और लखनऊ के बीच के सफर को पूरा किया जा सकेगा. यहां चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की राजधानी को देश की आध्यात्मिक राजधानी से जोड़ने का प्रयास सराहनीय है, जिसकी बहुत आवश्यकता थी. ये सेवा प्रधानमंत्री की उड़ान योजना के प्रति उस संकल्प को पूरा करगी जिसमें उन्होंने कहा था कि हवाई चप्पल पहनने वाला आम आदमी भी हवाई यात्रा कर सके.

एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय और इंडिगो एयरलाइन को प्रदेश की जनता की ओर से धन्यवाद देते हुए कहा कि वाराणसी के उद्यमियों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध समाज और विश्वनाथ धाम में दर्शन करने वालों की मांग आज पूरी हो रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वाराणसी ने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और भौतिक विकास के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं, ऐसे में वाराणसी का लखनऊ से जुड़ना बहुत जरूरी था.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी हवाई अड्डे पर 2016-17 में एक वर्ष में केवल 19 लाख यात्री होते थे, लेकिन 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 25 लाख से अधिक हो गई है. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले छह साल में विमान सेवा का तीव्र गति से विस्तार हुआ है. उन्होंने कहा कि उप्र में 2017 से पहले केवल दो क्रियाशील हवाई अड्डे वाराणसी और लखनऊ में थे, लेकिन वर्तमान में प्रदेश में नौ हवाई अड्डे पूरी तरह से क्रियाशील हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि 12 हवाई अड्डों को प्रदेश सरकार तेज गति से तैयार करा रही है जिनमें दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि अयोध्या हवाई अड्डे को दिसंबर में पूरी तरह से क्रियाशील कर दिया जाएगा और एशिया के सबसे बड़े जेवर हवाई अड्डे के पहले रनवे को भी इस वर्ष के अंत तक तैयार कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि घरेलू हवाई अड्डे के बारे में पहले कोई सोचता भी नहीं था लेकिन आज आजमगढ़, श्रावस्ती, चित्रकूट, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर को भी विमान सेवा के साथ जोड़ने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ से वाराणसी की दूरी भले ही 300 किमी हो, मगर इस विमान सेवा की नितांत आवश्यकता थी.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें वाराणसी के महत्व को समझना होगा. आज पहली उड़ान सेवा के साथ वाराणसी के सभी विधायकगण बनारस जा रहे हैं और वे हवाई मार्ग से ही वापस भी लौटेंगे.’’ मुख्यमंत्री ने लखनऊ से वाराणसी की पहली उड़ान सेवा की पहली महिला यात्री को टिकट प्रदान करते हुए सभी मुसाफिरों को सुखद यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं. लखनऊ से वाराणसी की इंडिगो उड़ान सेवा को फिलहाल हफ्ते में तीन दिन मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार के लिए शुरू किया गया है.

लखनऊ से वाराणसी के लिए इंडिगो फ्लाइट संख्या सीई-7319 दोपहर 2.20 बजे चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरेगी जो 1 घंटे 10 मिनट की यात्रा के बाद 3.30 पर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर पहुंचेगी. इसी प्रकार मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को वाराणसी हवाई अड्डे से इंडिगो फ्लाइट संख्या सीई-7321 शाम 4.05 बजे उड़ान भरेगी जो 55 मिनट बाद लखनऊ हवाई अड्डे पर पहुंचेगी.

किसी व्यक्ति को बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने से बचाए जाने की जरूरत : सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि जहां बलात्कार पीड़िता के लिए सबसे बड़ी परेशानी और अपमान का कारण बनता है, तो वहीं एक झूठा आरोप आरोपी के लिए भी इसी तरह की स्थिति का कारण बन सकता है और इससे उसे बचाया जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की एक पीठ ने कहा कि जब कोई आरोपी इस आधार पर प्राथमिकी रद्द करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाता है तो ऐसी कार्यवाही स्पष्ट रूप से परेशान करने वाली है और ऐसी परिस्थितियों में अदालत का कर्तव्य बनता है कि वह प्राथमिकी को सावधानी से तथा थोड़ा और बारीकी से देखे।

पीठ ने कहा, ‘‘इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि बलात्कार से पीड़िता को सबसे ज्यादा परेशानी और अपमान होता है, लेकिन साथ ही बलात्कार का झूठा आरोप आरोपी को भी उतना ही कष्ट, अपमान और नुकसान पहुंचा सकता है। किसी व्यक्ति को बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने से बचाए जाने की जरूरत है।’

न्यायालय ने कहा कि शिकायतकर्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्राथमिकी/शिकायत में दिए गए बयान ऐसे हों कि कथित अपराध का ठोस मामला बन सके।

शीर्ष अदालत ने कहा कि अदालत का यह कर्तव्य है कि वह मामले के रिकॉर्ड से सामने आने वाली जानकारी के अलावा अन्य परिस्थितियों पर गौर करे और यदि आवश्यक हो, तो उचित तरीके से पूरे मामले को देखे और सावधानी से तथ्यों को समझने की कोशिश करे।

न्यायालय ने कहा, ‘‘सीआरपीसी की धारा 482 या संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपने अधिकारक्षेत्र का इस्तेमाल करते समय न्यायालय को केवल मामले के चरण तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे मामले की शुरुआत/पंजीकरण के लिए समग्र परिस्थितियों के साथ-साथ जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री को ध्यान में रखना चाहिए।’’

उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मिर्जापुर पुलिस थाने में एक आरोपी के खिलाफ दर्ज बलात्कार और आपराधिक धमकी की प्राथमिकी को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की।

इससे पहले आरोपी ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के अनुरोध संबंधी याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर की थी जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था।

चश्मदीद नहीं होने की स्थिति में अपराध की मंशा साबित करना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने 2008 के हत्या के एक मामले में आरोपी को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष के लिए यह आवश्यक है कि चश्मदीद की अनुपस्थिति में वह अपराध की मंशा साबित करे।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला की पीठ ने रेखांकित किया कि मामले के सभी गवाहों ने बताया है कि याचिकाकर्ता और मृतक के बीच कोई दुश्मनी नहीं थी।

पीठ ने कहा, ‘अगर मामले में कोई गवाह नहीं है तो अभियोजन पक्ष (prosecution) को अपराध की मंशा साबित करनी होगी। प्रत्यक्ष मामले में मंशा की अहम भूमिका नहीं होती।’’

उन्होंने कहा, ‘अगर मंशा स्थापित नहीं की गई हो या साबित नहीं की गई हो और सीधे प्रत्यक्षदर्शी हो तो मंशा अपना महत्व खो सकती है लेकिन मौजूदा मामले में यह स्थापित हुआ है कि किसी ने अपराध को होते हुए नहीं देखा। ऐसे में मंशा की अहम भूमिका है।’

शीर्ष अदालत एक व्यक्ति की अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने उसे हत्या का दोषी करार देने और उम्र कैद की सजा देने के निचली अदालत के फैसले की पुष्टि की थी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक मृतक के रिश्तेदार ने शिकायत की थी कि जब उनका भतीजा घर लौट रहा था तब अपीलकर्ता ने उसकी पिटाई की थी।

शिकायतकर्ता ने दावा किया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि आरोपी मौके से भाग रहा है और हत्या में प्रयुक्त हथियार वहां पड़ा हुआ है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि मृतक के रिश्तेदार का बयान भरोसे लायक नहीं है और उसके आधार पर दोषी करार देने का फैसला नहीं किया जा सकता।

Rojgar Mela 2023: पब्लिक सेक्टर के बैंक पहले भारी घाटे और NPA के लिए जाने जाते थे – पीएम नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को केंद्र की पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि संप्रग सरकार ने ‘घोटाले’ कर बैंकों को बर्बाद कर दिया था, लेकिन उनकी सरकार ने बैंकों की वित्तीय सेहत को बहाल किया और अब भारत अपने मजबूत बैंकिंग क्षेत्र के लिए जाना जाता है।

करीब 70 हजार लोगों को डिजिटल माध्यम से नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद रोजगार मेला को संबोधित करते हुए मोदी ने रेखांकित किया कि नियुक्ति पाने वालों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं, जो बैंकिंग क्षेत्र में काम करेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार द्वारा सुधारात्मक कदम उठाए जाने से पहले पूर्ववर्ती सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र को ‘बर्बाद’ कर दिया था। मोदी ने कहा कि ‘फोन बैंकिंग’ घोटाला पूर्ववर्ती सरकार के सबसे बड़े घोटालों में से एक था, जिसकी वजह से बैंकिंग प्रणाली की कमर टूट गई थी।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के लिए फोन बैंकिंग की अवधारणा अलग थी, क्योंकि उस समय हजारों करोड़ रुपये का ऋण कुछ नेताओं और परिवारों के चहेते लोगों को दिए जाते थे और ये ऋण वापस करने के लिए नहीं होते थे।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बैंक प्रबंधन को मजबूत करने, छोटे बैंकों का विलय करने और इस क्षेत्र की मदद के लिए पेशेवर माहौल बनाने सहित कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पहले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हजारों करोड़ रुपये के घाटे और गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) की वजह से जाने जाते थे, लेकिन अब वे रिकॉर्ड लाभ के लिए जाने जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने लोगों की सेवा करने और ‘मुद्रा’ योजना के तहत ऋण के माध्यम से गरीबों और असंगठित क्षेत्रों की मदद करने तथा महिला स्वयं सहायता समूहों का समर्थन करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं को क्रियान्वित करने के वास्ते बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।

मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक विश्वास एवं आकर्षण के केंद्र के रूप में उभरा है और देश को इसका भरपूर इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में विभिन्न क्षेत्रों में अवसर बढ़ रहे हैं।

India vs. West Indies: कोहली ने तोड़ा पांच साल का रिकॉर्ड, फील्डिंग कोच दिलीप ने कहा- शानदार फिटनेस

भारत के फील्डिंग कोच टी दिलीप ने कहा कि विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में अपने आक्रामक तेवरों पर रोक लगाकर धैर्य बनाए रखने का शानदार नमूना पेश किया, जिससे वह अपना 29वां टेस्ट शतक लगाने में सफल रहे।

कोहली ने शुक्रवार को 121 रन की पारी खेली जो पिछले 5 वर्षों में विदेशी धरती पर उनका पहला टेस्ट शतक है। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने पहली पारी में 438 रन बनाए। कोहली ने इस दौरान सर डॉन ब्रैडमैन के 29 टेस्ट शतक की बराबरी की।

दिलीप ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘सबसे अच्छी बात यह थी कि यह उनका 500वां मैच था। यह विशेष अवसर था और उन्होंने पिछले मैच की अपनी फॉर्म को बरकरार रखा। अगर आप उनकी पारी पर गौर करो तो उन्होंने अपने आक्रामक तेवरों पर अंकुश लगाया जैसा कि उन्होंने पहले टेस्ट मैच में किया था।’

उन्होंने कहा, ‘कोहली ने अपनी पारी को बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ाया और इस विकेट पर जरूरी धैर्य दिखाया। कुछ मौके ऐसे भी आए जब वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की और उन्होंने इन गेंदों को पूरा सम्मान दिया। कुल मिलाकर उन्होंने जिस तरह से अपनी पारी आगे बढ़ाई वह शानदार था।’

कोहली की फिटनेस के बारे में दिलीप ने कहा, ‘जब फिटनेस को लेकर बात होती है तो वह वहां पहुंचने वाले पहले व्यक्ति होते हैं। वह शानदार फील्डर हैं और इसका श्रेय उनकी अनुशासित जीवन शैली को जाता है।’

भारत की तरफ से रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन ने अर्धशतक लगाए जिसे दिलीप ने टीम के लिए बहुत अच्छा संकेत बताया। उन्होंने कहा, ‘जब अश्विन और जडेजा की बात आती है तो हर कोई उनके गेंदबाजी प्रदर्शन के बारे में जानता है। लेकिन हाल में विशेषकर जडेजा ने अपनी बल्लेबाजी में बहुत सुधार किया है जिससे कि वह छठे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहा है। यह भारत के लिए बहुत अच्छा संकेत है।’

दिलीप ने कहा, ‘अश्विन भी बल्लेबाजी करते हुए धैर्य से काम लेता है। इन दोनों की मौजूदगी से टीम की बल्लेबाजी को मजबूती मिलती है।’

India vs West Indies: भारत के 438 रन के जवाब में वेस्टइंडीज के एक विकेट पर 86 रन

विराट कोहली के 29वें टेस्ट शतक की मदद से भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 438 रन बनाए जिसके जवाब में वेस्टइंडीज ने दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 86 रन बनाए थे। भारतीय टीम इस तरह से अभी पहली पारी में वेस्टइंडीज से 352 रन आगे है।

भारतीय गेंदबाज चाय के विश्राम के बाद वेस्टइंडीज का केवल एक विकेट हासिल कर पाए। बाएं हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा ने सलामी बल्लेबाज तेगनारायण चंद्रपाल (33) को आउट करके भारत को यह सफलता दिलाई थी। कप्तान क्रेग ब्रेथवेट ने चंद्रपाल के साथ पहले विकेट के लिए 71 रन की साझेदारी की।

दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के समय वह 37 रन पर खेल रहे थे। उनके साथ दूसरे छोर पर किर्क मैकेंजी खेल रहे हैं जिन्होंने 14 रन बनाए।

भारत पहला टेस्ट मैच पारी और 141 रन से जीतकर दो मैचों की श्रृंखला में 10 से आगे है। इससे पहले कोहली ने अपने 500वें अंतरराष्ट्रीय मैच में 29वां टेस्ट शतक लगाकर सर डॉन ब्रैडमैन की बराबरी की। उन्होंने 121 रन की पारी खेली जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका 76वां शतक है।

भारतीय टीम चाय के विश्राम से ठीक पहले 438 रन बनाकर आउट हो गई। रविचंद्रन अश्विन ने 56 और जडेजा ने 61 रन का अमूल्य योगदान दिया।

Religious Tourism in Rajasthan: राजस्‍थान में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 13.48 करोड़ रुपए मंजूर

राजस्‍थान सरकार ने नागौर और जैसलमेर सहित कई जगह धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 13.48 करोड़ रुपए मंजूर क‍िए हैं जिनसे यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। एक प्रवक्‍ता ने बताया कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा ऐसे स्थानों पर यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नागौर, जैसलमेर तथा अलवर के धार्मिक स्थलों पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 13.48 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। इसके तहत नागौर जिले में बुटाटी में 3.10 करोड़ रुपए, घाटवेश्वर महादेव मंदिर में 1.65 करोड़ रुपये, हरमल दास जी महाराज मंदिर में 1.61 करोड़ रुपये तथा दरगाह हजरत सम्मन बड़ी खाटू में 1.36 करोड़ रुपए सहित कुल 7.74 करोड़ रुपए के विभिन्न पर्यटन विकास कार्य कराए जाएंगे।

गहलोत ने जैसलमेर स्थित ऐतिहासिक धार्मिक पर्यटन स्थल श्री कालेडूंगर राय मंदिर परिसर में विकास कार्यों के लिए 1.50 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। उन्होंने अलवर जिले के बानसूर किला स्थित माताजी मंदिर तथा गंगा माता मंदिर, तालवृक्ष में विकास कार्य करवाने के लिए 4.24 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2023-24 के बजट में इस संबंध में घोषणा की गई थी।

Haryana Staff Selection Commission: हरियाणा में 32 हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, जल्द जारी होगा शेड्यूल

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (Haryana Staff Selection Commission) द्वारा सीईटी (CET) के माध्यम से 32 हजार पदों के लिए अब जल्द ही स्क्रीनिंग परीक्षा और शारीरिक माप परीक्षण का शेड्यूल जल्द ही जारी कर दिया जाएगा.

उम्मीदवारों के द्वारा प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों के बाद दर्ज करवाई गई आपत्तियों का निपटारा आयोग की तरफ से कर दिया गया है. इसके साथ ही आयोग की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि किन उम्मीदवारों की आपत्तियों पर विचार किया गया और कौन सी आपत्तियां विचार करने लायक थी ही नहीं.

आपको बता दें कि अधिकतर त्रुटियां एक्स सर्विसमैन को लेकर थीं उनको एक्स सर्विसमैन और पेंरेंटल श्रेणी में रखा गया था. इसके अलावा डीएफएफ, डीईएसएम, पीडब्ल्यूडी की श्रेणियों को भी ठीक किया गया. उन लोगों का डाटा भी ठीक किया गया है जिन्होंने समय रहते सामाजिक व आर्थिक मापदंड के अंक वापस ले लिए थे. ग्रुप सी श्रेणी के पद के लिए डी ग्रुप श्रेणी के अनुभव के अंक क्लेम करने वाले उम्मीदवारों अंक हटा दिए गए है. इसके साथ ही निजी संस्थानों के अनुभव को अस्वीकार कर दिया गया है. अनुचित फादरलैस लाभ के नंबर को भी हटा दिया गया हैं.

आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह ने बताया कि सीईटी का परिणाम जब सार्वजनिक किया गया था तो उम्मीदवारों ने त्रुटियों बताते हुए आपत्तियां दर्ज करवाईं थी. जिसके बाद अब शिकायतों और सुझावों का अवलोकन करने के बाद त्रुटियों को ठीक कर लिया गया है. जांच में यह सामने आया है कि ज्यादातर गलतियों के लिए उम्मीदवार खुद ही जिम्मेदार थे, आवेदन करते समय सावधानी नहीं बरती गई थी जिसके वजह से गलतियां हुई थी.

आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह ने बताया कि अब कुछ ऐसी भी त्रुटियां देखने को मिली की कई उम्मीदवारों ने महिला की जगह फार्म में खुद को पुरुष दर्शा दिया. जिसकी वजह से उनका परिणाम जारी नहीं किया गया था. अब परिवर्तित हुए डाटा के अनुसार उम्मीदवार का सीईटी स्कोर जारी किया जाएगा.

Operation Kaveri: सूडान से 4097 लोगों को निकाला गया, इनमें 3,961 भारतीय – सरकार

भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन कावेरी’ (Operation Kaveri) के तहत सूडान में फंसे 4,097 लोगों को सुरक्षित निकाला जिनमें से 3,961 भारतीय और 136 विदेशी थे। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने लोकसभा में क्वीन ओझा के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन कावेरी’ चलाकर सूडान में फंसे 4,097 लोगों को सुरक्षित निकाला जिनमें से 3,961 भारतीय नागरिक थे और 136 विदेशी थे। भारत ने संघर्षरत सूडान में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन कावेरी’ अभियान चलाया था जिसे गत पांच मई को समाप्त कर दिया गया और इसके तहत भारतीय वायु सेना का आखिरी विमान 47 यात्रियों को लेकर स्वदेश लौटा था।