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Hathras Case : PFI सदस्यों की हिरासत 90 दिनों के लिए बढ़ी, देशद्रोह का दर्ज है केस

उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में दिल्ली से हाथरस पीड़िता के गांव जाने के दौरान एक्सप्रेस-वे पर पकड़े गए पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार कथित सदस्यों की न्यायिक हिरासत 90 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है. उनपर देशद्रोह, सांप्रदायिक उन्माद भड़काकर दंगा कराने के प्रयास का मामला दर्ज है.

जिला शासकीय अधिवक्ता (आपराधिक मामले) शिवराम सिंह तरकर ने बताया, ‘अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (प्रथम) अनिल कुमार पांडेय की अदालत में चल रहे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया/कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के चार सदस्यों के खिलाफ चल रहे मामले में एसटीएफ के उपाधीक्षक राकेश पालीवाल ने इस मामले में चार्जशीट पेश करने के लिए तीन महीने का और समय मांगा है.’

उन्होंने बताया, ‘वैसे भी इस मामले में एनआइए एक्ट लागू होने के बाद कानूनन आरोपपत्र दाखिल करने के लिए जांच दल को 90 दिन के स्थान पर 180 दिन का समय दिए जाने का प्रावधान है. पालीवाल ने भी यही हवाला देकर समय मांगा था, जो अदालत ने उन्हें दे दिया है. अब वह जांच समाप्त होने के बाद तय अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करेंगे.

गौरतलब है कि हाथरस में एक दलित किशोरी के साथ दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या हो जाने के बाद वहां दंगा भड़काने के प्रयास में दिल्ली से कार में जाते समय 5 अक्टूबर को एक्सप्रेस-वे के मांट टोल प्लाजा पर पकड़े गए पीएफआई के चार सदस्यों पर कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. इस मामले की जांच सरकार के जरिए गठित एसटीएफ कर रही है.

महाराष्ट्र: नासिक में सात महीने बाद खुले स्कूल, 62 टीचर्स मिले कोरोना संक्रमित

महाराष्ट्र के नासिक जिले में सात महीने से भी अधिक समय के बाद क्लास 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए सोमवार को फिर से स्कूल खोले गए. हालांकि ड्यूटी फिर से शुरू करने से पहले ही 62 शिक्षकों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की की पुष्टि हुई. जिला प्रशासन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि नासिक ग्रामीण और शहर क्षेत्र में 1,324 स्कूलों में से लगभग 846 स्कूलों में क्लास नौ से 12वीं तक के छात्रों के लिये कक्षाएं शुरू की गईं.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि 1,21,579 छात्र स्कूल आए. स्कूल खोले जाने से पहले 7,063 प्रिंसिपल और टीचर्स के साथ-साथ 2,500 गैर-शैक्षिक कर्मचारियों की आरटी-पीसीआर जांच की गई, जिनमें से 62 प्रिंसिपल और टीचर्स के अलावा 10 गैर-शिक्षण कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए. बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन प्रतिबंधों को 31 जनवरी 2021 तक बढ़ा दिया है.

सरकार ने लोगों से घर से बाहर नहीं जाने की अपील की है. इसके अलावा, उन्होंने लोगों से जरूरी पड़ने पर मास्क पहनकर ही घर से बाहर आने की सलाह दी है. सरकार की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस के फैलने का खतरा है. इसलिए इसके प्रसार को रोकने के लिए कुछ आपात कदम उठाए जा रहे है और राज्य में लॉकडाउन संबंधी पाबंदियां 31 जनवरी तक बढ़ाई जाती हैं. इसमें कहा गया कि जिन गतिविधियों को समय-समय पर परमिशन दी गई है वे जारी रहेंगी.

इसके अलावा सरकार ने लोगों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन करें और मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें. गाइडलाइन्स के मुताबिक, कोरोना से बचने के लिए कम से कम घर से बाहर निकलने की लोगों को अनुमति दी गई है.

बिना तलाक लिए किसी दूसरे शख्स के साथ रहने वाली महिला साथ रख सकती है अपना नाबालिग बच्चा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि यदि एक महिला बगैर तलाक लिए दूसरे व्यक्ति से संबंध बनाती है तो उसे उसके नाबालिग बच्चे से वंचित नहीं किया जाएगा. अदालत ने कहा, ‘‘मां से उसके नाबालिग बच्चे को वंचित करने से उसके सर्वांगीण विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.’’ राम कुमार गुप्ता नाम के एक शख्स की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने कहा, ‘‘यह सही है कि महिला तलाक लिए बगैर एक दूसरे व्यक्ति के घर चली गई और उस व्यक्ति के साथ नया संबंध बनाया, लेकिन इससे उसे मां के दर्जे से वंचित नहीं किया जा सकता.’’

याचिका में राम कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी संयोगिता का एक दूसरे व्यक्ति से विवाह अवैध है क्योंकि यह विवाह बगैर तलाक लिए किया गया है और इस वजह से संयोगिता ने अपने बच्चे अनमोल पर से अधिकार खो दिया है.

सुनवाई के दौरान बच्चे की मां संयोगिता ने बताया कि उसका पति निष्ठुर व्यक्ति है और उसने उसके साथ क्रूरता दिखाई जिसकी वजह से वह उसकी जिंदगी से दूर चली गई. इस पर अदालत ने कहा कि इस अदालत की चिंता नाबालिग बच्चे की सुरक्षा और उसके कल्याण को लेकर है जोकि उसकी मां के नए घर में सुरक्षित है.

संयोगिता और उसके नाबालिग बेटे अनमोल से बातचीत के बाद अदालत ने कहा, जिस तरह से नाबालिग बच्चे की मां ने नए घर में अपनी परिस्थितियां बताई हैं, इस अदालत को लगता है कि बच्चा अपने मां के नए परिवार में मिलने को भलीभांति तैयार है.

हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि इस बच्चे का अपने पिता के साथ मिलने जुलने का अधिकार हर कीमत पर सुनिश्चित किया जाए. अदालत ने निर्देश दिया कि संयोगिता अपने बच्चे को उसके पिता के घर दो महीने में एक बार ले जाएगी. अदालत ने यह निर्णय 9 दिसंबर, 2020 को दिया.

हिमाचल, राजस्थान-गुजरात-मध्य प्रदेश में बर्ड फ्लू का कहर, झालावाड़ में धारा-144 लागू

देश अभी कोरोना महामारी से उभरा भी नहीं है कि अब एक नया संकट खड़ा हो गया है. देश के पांच राज्यों में बर्ड फ्लू का संकट मंडराने लगा है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और केरल में हजारों पक्षियों की मौत ने चिंता बढ़ा दी है. कुछ जगहों पर मारे गए पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. यानी एक तरफ कोरोना संकट से निपटने के लिए वैक्सीनेशन पर चर्चा चल रही है, तो दूसरी तरफ बर्ड फ्लू ने प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े कर दिए हैं. चिंता की बात ये है कि दोनों ही बीमारियों के लक्षण काफी हद तक मिलते-जुलते हैं.

हरियाणा का पोल्ट्री हब कहे जाने वाले अंबाला और पंचकुला में एक लाख मुर्गियों की मौत हो गई. फिलहाल सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं. वहीं कोरोना की वैक्सीन का इंतजार हो रहा है और देश में एक दूसरी समस्या ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. उत्तर से दक्षिण तक अचानक हजारों पक्षियों की मौत से हड़कंप मच गया है. कौवे, बत्तख, मुर्गियों और बगुले की मौत को लेकर राजस्थान, एमपी, हिमाचल गुजरात, मध्य प्रदेश हर जगह खलबली मच गई है. राजस्थान में तो धारा-144 लागू करनी पड़ी है.

मरे हुए कौवों में घातक वायरस पाए जाने के बाद राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश की सरकार ने अलर्ट जारी किया है. मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग ने कहा, ‘प्रदेश में हो रही कौवों की मृत्यु पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल के निर्देश पर अलर्ट जारी किया गया है.’ इसके अलावा, प्रदेश के सभी जिलों को सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की परिस्थिति में कौवों और पक्षियों की मौत की सूचना पर तत्काल रोग नियंत्रण के लिये भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं.

वहीं केरल के कोट्टायम और अलप्पुझा जिलों के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू फैलने की जानकारी सामने आई है, जिसके चलते प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में और उसके आसपास एक किलोमीटर के दायरे में बत्तख, मुर्गियों और अन्य घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश दिया है. अधिकारियों ने कहा कि H5N8 वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए करीब 40,000 पक्षियों को मारना पड़ेगा.

उत्तर प्रदेश में नेपाल सीमा पर खुलेगा ATS का थाना, नाकाम होंगे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के मंसूबे

भारत-नेपाल सरहद पर राष्ट्र विरोधी, आतंकवादी गतिविधियों और तमाम अवैध क्रियाकलापों पर अंकुश लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बहराइच स्थित रूपईडीहा सीमा पर आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) का थाना खोलने का फैसला लिया है. बहराइच के अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अशोक कुमार ने सोमवार को बताया कि सीमावर्ती रूपईडीहा थाना क्षेत्र में एटीएस थाने के निर्माण के लिए जिला पुलिस, राजस्व विभाग और एटीएस ने मिलकर कुछ स्थान चिन्हित किए हैं.

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिछले दिनों एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक जीके गोस्वामी ने सीमा का दौरा कर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 927 पर बाबागंज के निकट चिह्नित इनमें से एक स्थान पर थाना खोलने के लिए अपनी सहमति दी थी. शासन से मंजूरी के बाद चिन्हित स्थल के अधिग्रहण के लिए कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश की नेपाल से सटी खुली 551 किलोमीटर लम्बी सीमा की सुरक्षा केन्द्रीय अर्द्ध सैनिक बल (एसएसबी) के हवाले है. सीमा पर केन्द्र और प्रदेश सरकार की तमाम सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की भी तैनाती है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई नेपाल के रास्ते भारत में मादक पदार्थ और हथियार भेजने के साथ-साथ आतंकियों और जासूसों की घुसपैठ कराती रही है.

इसके अलावा चीन से बढ़े तनाव के बीच सीमापार नेपाल में चीन के बढ़ते सामरिक दखल को लेकर भी भारत सरकार काफी गंभीर है. माना जा रहा है कि इन्हीं कारणों से केंद्र और राज्य सरकार आपात स्थितियों में यहां आसान पहुंच बनाने की दृष्टि से इस क्षेत्र के विकास पर खास ध्यान दे रही है.

सौरव गांगुली की तबीयत पर CPI नेता का गैर जिम्मेदाराना बयान, कहा- राजनीति में आने का था दबाव

CPI के वरिष्ठ नेता अशोक भट्टाचार्य (Ashok Bhattacharya) ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) पर राजनीति में आने का दबाव था. भट्टाचार्य के इस बयान से रविवार को विवाद खड़ा हो गया.

शनिवार को गांगुली को दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ऐसी अटकलें थीं कि पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इस साल अप्रैल-मई में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल होंगे. हालांकि गांगुली ने राजनीति में आने को लेकर अपनी मंशा कभी स्पष्ट नहीं की.

शनिवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद गांगुली की एंजियोप्लास्टी की गई. कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. गांगुली के लंबे समय से पारिवारिक मित्र रहे भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘कुछ लोग गांगुली का राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करना चाहते हैं. संभवत: इससे वह दबाव में थे. वह राजनीतिक मिजाज के नहीं हैं. उन्हें एक बेहतरीन खिलाड़ी के तौर पर जाना जाए.’’

भट्टाचार्य अस्पताल में गांगुली का हालचाल जानने पहुंचे थे. उन्होंने कहा, ‘‘हमें उन पर दबाव (राजनीति में आने के लिए) नहीं डालना चाहिए. मैंने पिछले सप्ताह उन्हें कहा था कि उन्हें राजनीति में नहीं आना चाहिए और उन्होंने मेरे विचारों को खारिज नहीं किया था.’’

राज्य के पूर्व मंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘कुछ लोग अपनी तुच्छ मानसिकता के कारण हर चीज में राजनीति देखते हैं. गांगुली के लाखों प्रशंसकों की तरह हम लोग भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं.’’

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य में मंत्री शोभनदेव भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘सौरव गांगुली को पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) में लाने के लिए कभी प्रयास नहीं किया गया. एक उम्दा खिलाड़ी के रूप में हमें उन पर गर्व है.’’ तृणमूल कांग्रेस के नेता ने भी अस्पताल जाकर गांगुली से मुलाकात की थी.

गांगुली के साथ खेल चुके पूर्व खिलाड़ी और राज्य में मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला, दिवंगत बीसीसीआई अध्यक्ष जगनमोहन डालमिया की बेटी तृणमूल विधायक वैशाली डालमिया, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत कई अन्य लोग गांगुली से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी शनिवार को अस्पताल जाकर गांगुली का हालचाल जाना. गांगुली ने पिछले सप्ताह राजभवन में राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की थी.

Farmers’ Protest : राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर किसानों के प्रति ‘क्रूरता का व्यवहार’ करने का लगाया आरोप

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सरकार एवं किसान संगठनों के बीच नए दौर की बातचीत से पहले सोमवार को आरोप लगाया कि सरकार सर्दी एवं बारिश के बीच सड़कों पर बैठे किसानों के प्रति क्रूरता का व्यवहार कर रही है.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘सर्दी की भीषण बारिश में टेंट की टपकती छत के नीचे जो बैठे हैं सिकुड़-ठिठुर कर, वो निडर किसान अपने ही हैं, ग़ैर नहीं. सरकार की क्रूरता के दृश्यों में अब कुछ और देखने को शेष नहीं.’’

प्रियंका ने ट्वीट कर आरोप लगाया, ‘‘सरकार एक तरफ तो किसानों को बातचीत के लिए बुलाती है दूसरी तरफ इस कड़कड़ाती ठंड में उन पर आंसू गैस के गोले बरसा रही है. इसी अड़ियल और क्रूर व्यवहार की वजह से अब तक लगभग 60 किसानों की जान जा चुकी है.’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘किसान इस क्रूर सरकार पर कैसे विश्वास करे?’’

गौरतलब है कि किसान संगठनों के बीच सोमवार को नए दौर की बातचीत होने वाली है. किसान संगठनों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दी जाए. अपनी मांगों को लेकर हजारों किसान दिल्ली के निकट पिछले करीब 40 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं.

सरकार का कहना है कि ये कानून कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के कदम हैं और इनसे खेती से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी तथा किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकते हैं.

Coronavirus Cases in India : देश में Covid-19 के 16,504 नए मामले, नमूनों के संक्रमित आने की दर गिरकर 5.89 प्रतिशत हुई

देश में लगातार तीसरे दिन कोविड-19 (Covid-19) के 20 हजार से कम नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 1,03,40,469 हो गए, जिनमें से 99.46 लाख से अधिक लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं. वहीं नमूनों के संक्रमित आने की दर भी गिरकर 5.89 प्रतिशत हो गई है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार देश में एक दिन में कोविड-19 के 16,504 नए मामले सामने आए. इससे पहले करीब 187 दिन बाद 29 दिसम्बर को 16,432 नए मामले सामने आए थे. वहीं 214 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,49,649 हो गई.

आंकड़ों के अनुसार कुल 99,46,867 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 96.19 प्रतिशत हो गई. वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.45 प्रतिशत है.

देश में लगातार 14 दिनों से कोविड-19 के उपचाराधीन मामलों की संख्या तीन लाख से कम है. अभी कुल 2,43,953 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 2.36 प्रतिशत है.

भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख के पार चली गई थी.

वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे.

भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार तीन जनवरी तक कुल 17,56,35,761 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई, जिनमें से 7,35,978 नमूनों की जांच रविवार को की गई.

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ पिछले 11 दिनों में एक करोड़ नमूनों की जांच की गई है. अधिक जांच करने के साथ ही नमूनों के संक्रमित पाए जाने की दर गिरकर 5.89 प्रतिशत हो गई है.’’

आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जिन 214 लोगों की मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 35, पश्चिम बंगाल के 26 , केरल के 25 , उत्तर प्रदेश के 16 और दिल्ली, छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश के 14-14 लोग थे.

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में वायरस से कुल 1,49,649 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 49,666 , तमिलनाडु के 12,156 , कर्नाटक के 12,107 , दिल्ली के 10,585, पश्चिम बंगाल के 9,792 , उत्तर प्रदेश के 8,403 , आंध्र प्रदेश के 7,115 और पंजाब के 5,376 लोग थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं.

उत्तर प्रदेश : बांदा के एक गांव में दबंगों के भय से दलित परिवार ने घर छोड़ा

बांदा जिले के बिसंडा क्षेत्र के एक गांव में कथित रूप से सरकारी हैंडपंप ‘छू’ लेने के मामले में दबंगों द्वारा पिटाई से डरे एक दलित परिवार ने अपना घर छोड़ दिया है और खेत में झोपड़ी बनाकर रह रहा है.

बिसंडा थाना क्षेत्र के तेंदुरा गांव के मजरा शंकरपुरवा के दलित परिवार के मुखिया रामचन्द्र रैदास ने सोमवार को बताया कि दबंगों के भय से उन्होंने सपरिवार अपना घर छोड़ दिया है और खेत में झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं.

रामचन्द्र ने बताया कि 25 दिसंबर को पीने का पानी भरने के दौरान सरकारी हैंडपंप ‘छू’ लेने का आरोप लगाकर पड़ोस में रहने वाले दबंगों ने उन्हें और उनके बुजुर्ग पिता चुनकाई को लाठियों से पीटकर घायल कर दिया था. इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी.

उन्होंने बताया, ‘‘दबंगों ने घर में आग लगाकर जिंदा जलाने की धमकी दी है, जिसके डर से हमलोगों ने घर छोड़ दिया है.’’

पीड़ित ने बताया, ‘‘घटना के बाद से अब तक कोई पुलिसकर्मी नहीं आया और न ही मामले की जांच शुरू की गयी है. आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं.’’

रामचन्द्र ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने वास्तविक घटना छिपाकर मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया है और प्राथमिकी में घायल पिता का उल्लेख नहीं किया है.

बिसंडा थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया, ‘‘यह मारपीट का साधारण मामला है, जिसकी जांच बबेरू के पुलिस क्षेत्राधिकारी कर रहे हैं. गिरफ्तारी या आगे की कार्रवाई भी वही करेंगे.’’

उन्होंने कहा कि पीड़ित ने घटना के समय जो शिकायत थाने में दी थी, उसके आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पीड़ित परिवार के घर छोड़कर खेत में रहने की जानकारी पुलिस को नहीं है.

मुरादनगर हादसा: तीन और लोगों ने तोड़ा दम, अब तक 24 की मौत, PM मोदी ने जताया दुख, CM ने की आर्थिक सहायता की घोषणा

उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में रविवार को एक श्मशान घाट पर छत ढह जाने से 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हो गये. पीड़ितों में करीब सभी लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे.

पुलिस ने बताया कि जब छत ढही, तो बारिश से बचने के लिए कई लोग इमारत के नीचे खड़े थे जिसे हाल ही में बनाया गया था. इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, वे सभी पुरूष और जयराम के रिश्तेदार या पड़ोसी थे, जिनका उस वक्त वहां अंतिम संस्कार किया जा रहा था. बचावकर्मी यह सुनिश्चित करने के लिए घंटों तक मलबा हटाते रहे कि कहीं कोई और उसमें न फंसा हो.

यह हादसा मुरादनगर के उखलारसी में हुआ और इस घटना के बाद श्मशान घाट पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे. उसके बाद पुलिस पहुंची और फिर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की इकाई पहुंची. सभी मलबे से मृतकों एवं घायलों को निकालने में जुट गये.

जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने कहा, ‘‘इस घटना में 24 लोगों की मौत हो गयी जबकि 17 अन्य घायल हो गये. ’’ शाम तक उनमें से कम से कम 18 की पहचान कर ली गयी. मारे गये लोगों में उत्तर प्रदेश के मेरठ के जयवीर सिंह भी थे जो अपने भाई के ससुर के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे.

जयवीर के एक अन्य रिश्तेदार ने कहा, ‘‘ यह शेल्टर अभी एक-दो महीने पहले ही बना था. पहली बारिश के बाद ही यह ढह गया. ठेकेदार को तत्काल सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए.’’ शाम को ठेकेदार अजय त्यागी, नगरपालिका की कार्यकारी अधिकारी निहारिका सिंह, कनिष्ठ अभियंता चंद्रपाल और सुपरवाइजर आशीष पर एक मृतक के बेटे की शिकायत पर भादंसं की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया.

इस हादसे में दिल्ली के अरविंद कुमार की भी मौत हो गयी. उसके बड़े भाई राकेश कुमार ने कहा, ‘‘ हमारे लिए सब खत्म हो गया. मैंने अपने भाई को उसके मोबाइल पर फोन किया. किसी अन्य ने फोन उठाया और मुझे छत ढह जाने की सूचना दी. मैं घटनास्थल पर पहुंचा. मलबे से उसका शव निकालने में दो घंटे लगे. हमने उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसे शीघ्र ही मृत घोषित कर दिया गया.’’

इस घटना में घायल हो गये उधम सिंह (25) ने कहा, ‘‘ मैं पहले 20 मिनट तक बेहोश हो गया था. जब मुझे होश आया तब मैंने देखा कि मेरे दोस्त मुझे मलबे से निकाल रहे हैं. मुझे दर्द हो रहा है लेकिन आशा है कि मैं शीघ्र ठीक हो जाऊंगा.’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख प्रकट किया.

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘ उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दुख पहुंचा है. राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है. इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’’ योगी ने मृतकों के परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की.

मुख्यमंत्री ने मेरठ के संभागीय आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्षेत्र) को इस घटना के बारे में रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है. केंद्रीय मंत्री और गाजियाबाद के सांसद वी के सिंह तथा पुलिस एवं नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया.