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TMC ने ‘दीदी’ के खिलाफ ट्वीट को लेकर कैलाश विजयवर्गीय पर साधा निशाना, आदिवासी गांव में खाना पकाती नजर आईं थी ममता बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस की महिला नेताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ एक विवादित ट्वीट करने का आरोप लगाया और उनकी आलोचना की.

विजयवर्गीय ने बनर्जी की एक तस्वीर साझा की जिसमें वह एक आदिवासी गांव में खाना पकाती नजर आ रही हैं. विजयवर्गीय ने तस्वीर के साथ लिखा,‘‘ दीदी ने पहले ही वह काम करना शुरू कर दिया है जो उन्हें पांच महीने बाद करना होगा.’’

बनर्जी का यह फोटा बल्लवपुर गांव में खींचा गया था जहां वह पिछले सप्ताह बीरभूम जिले से कोलकाता लौटते वक्त कुछ देर के लिए रूकी थीं. राज्य में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं.

इस ट्वीट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने ट्वीट किया, ‘‘ यदि आप महिला हैं और आपकी सक्रिय राजनीति से जुड़ने की आकांक्षा है तो याद रखिए, हमारे देश में इन जैसे भाजपा के स्त्री-द्वेषकर्ताओं की भीड़ है जो महिलाओं को रसोईघर में वापस भेजना चाहते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ कल्पना नहीं कर सकती कि कैलाश विजयवर्गीय के परिवार में महिलाओं को सम्मान की कमी का कैसे सामना करना पड़ रहा होगा.’’ पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा ने कहा, ‘‘ भाजपा ने अपना असली रंग एक बार फिर दिखा दिया है….’’

हालांकि भाजपा की प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष अग्निमित्रा पॉल ने विजयवर्गीय का बचाव किया और सवाल किया, ‘‘ कैसे खाना पकाना छोटा कार्य है.’’

पाकिस्तान का ‘प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी’ देश का दर्जा खत्म करने के लिए अमेरिका में विधेयक पेश

अमेरिकी संसद के 117वें सत्र के शुरुआती दिन एक सांसद ने पाकिस्तान का प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश का दर्जा खत्म करने के लिए प्रतिनिधि सभा में एक विधेयक पेश किया है.

रिपब्लिकन सांसद एंडी बिग्स ने जो विधेयक पेश किया है उसमें पाकिस्तान का प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश का दर्जा समाप्त करने की बात की गई है. इस दर्जे के कारण पाकिस्तान को अमेरिका की अधिक रक्षा आपूर्तियों तक पहुंच और सहयोगात्मक रक्षा अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं में भागीदारी जैसे विभिन्न लाभ मिलते हैं.

विधेयक में यह भी कहा गया है कि अमेरिका का राष्ट्रपति पाकिस्तान को प्रमुख नाटो सहयोगी का तब तक दर्जा नहीं दे सकता, जब तक राष्ट्रपति कार्यालय यह प्रमाणित नहीं करता कि पाकिस्तान अपने देश में हक्कानी नेटवर्क के पनाहगाह और उनकी गतिविधियों को बाधित करने वाले सैन्य अभियान चला रहा है.

विधेयक में राष्ट्रपति से इस बात को प्रमाणित करने की भी बात है कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क के आतंकवादियों के खिलाफ अभियोग चलाने और उन्हें गिरफ्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

पाकिस्तान को 2004 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश के तौर पर नामित किया गया था. इस समय 17 देश अमेरिका के प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी हैं.

अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2018 में पाकिस्तान को मिलने वाली सभी वित्तीय एवं सुरक्षा सहायता रोक दी थीं और उनके प्रशासन ने पाकिस्तान का प्रमुख गैर नाटो सहयोगी देश का दर्जा समाप्त करने पर विचार भी किया था.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में अमेरिका ने भारत को प्रमुख रक्षा साझेदार देश नामित किया था.

मध्य प्रदेश : बेटे से नाराज़ किसान पिता ने पालतू कुत्ते के नाम कर दी आधी जायदाद

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक 50 साल के किसान ने बेटे के व्यवहार से दुखी होकर अपनी आधी संपत्ति अपने पालतू कुत्ते और आधी पत्नी के नाम कर दी. मिली जानकारी के मुताबिक किसान ओम नारायण वर्मा अपने बेटे के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार से काफी नाराज रहते थे इसलिए उन्होंने बेटे के हिस्से की जायदाद पालतू कुत्ते के नाम कर दी.

मामला छिंदवाड़ा के चौरई ब्लाक के बाड़ीबड़ा गांव का है जहाँ रहने वाले ओम नारायण की चार बीघा जमीन है, जिसे अपने कुत्ते और पत्नी के बीच बराबर नाम कर दी है. ओम नारायण वर्मा ने अपनी वसीयत में लिखा है कि मेरी पत्नी और मेरे कुत्ते ने मेरा हमेशा साथ दिया और मेरी सेवा की है इसलिए वे मेरे सबसे करीब हैं. “ मेरी मौत के बाद मेरी पत्नी चंपा वर्मा और मेरा कुत्ता मेरी संपत्ति और जमीन के वारिस हैं. किसान ने पालतू कुत्ते को अपनी पैतृक संपत्ति का कानूनी उत्तराधिकार नामित्त किया है.

ओम नारायण ने अपनी वसीयत में ये भी लिखा है कि जो कुत्ते की सेवा करेगा उसे भी संपत्ति मिलेगी जिसे मैने अलग रखा है. वहीं कुत्ते की मौत के बाद, जिसने भी उसकी देखभाल की है, उसे संपत्ति का अपना हिस्सा मिलेगा.

आपको बता दें कि ओम नारायण ने दो शादियां की हैं. पहली पत्नी से उसकी तीन बेटियां और एक बेटा है. वहीं दूसरी पत्नी से दो बेटियां हैं. ओम नरायाण ने अपने संपत्ति का आधा हिस्सा अपनी दूसरी पत्नी के नाम किया है और बाकी अपने पालतू कुत्ते के नाम कर दिया है.

भदोही: झूठा आरोप लगाकर दर्ज किया केस, दारोगा समेत सात पुलिसकर्मी सस्पेंड

लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को ले जा रहे वाहन के मालिक समेत तीन लोगों को मानव तस्करी का आरोप लगाकर गिरफ्तार करने वाले इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. साथ ही इस मामले में सात पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया है.

पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने रविवार को बताया कि पिछले साल अगस्त में लॉकडाउन के दौरान एक ट्रक 42 प्रवासी मजदूरों को लेकर जा रहा था. रास्ते में कोइरौना थाना क्षेत्र में इंस्पेक्टर संजय राय और उनके सहयोगियों ने उस ट्रक को रोक लिया और सभी मजदूरों को उतारकर ट्रक मालिक चंदन सुभाष चौहान, ट्रक चालक तथा क्लीनर के खिलाफ मानव तस्करी के आरोप में मामला दर्ज कर चालक और क्लीनर को जेल भेज दिया था.

उन्होंने बताया कि पुलिस की इस कार्यवाही के खिलाफ ट्रक मालिक चन्दन सुभाष चौहान ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी. अदालत ने पुलिस की इस कार्रवाई को गलत मानते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (वाराणसी) को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया था. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक ने इसकी विभागीय जांच अपर पुलिस अधीक्षक (प्रोटोकॉल) अनुराग दर्शन को सौंपी थी. जांच में इसे मानव तस्करी नहीं मानते हुए इसमें लिप्त पांच पुलिस कर्मियों को दोषी पाते हुए अपनी रिपोर्ट दी है.

अपर पुलिस महानिदेशक के आदेश पर तत्कालीन निरीक्षक संजय राय और वर्तमान में तैनात सब इंस्पेक्टर राम आशीष बिन्द, कांस्टेबल रविंद्र कुमार, विष्णु सरोज और प्रदीप कुमार के खिलाफ शनिवार देर शाम कोइरौना थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. इन सभी को निलम्बित कर दिया गया है.

इसके अलावा उपनिरीक्षक नेमतुल्लाह और हेड कांस्टेबल आद्या प्रसाद यादव को भी विवेचना में लापरवाही बरतते हुए प्रभावी साक्ष्य संकलन ना करने, शिथिलता और उदासीनता बरतकर पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.

शुभेंदु अधिकारी का ममता सरकार पर वार, बोले- 2018 पंचायत चुनाव में देखी थी ‘वोटों की लूट’

बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में उनकी पूर्व पार्टी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस वर्ष 2018 के पंचायत चुनाव में जंगल महल क्षेत्र की दो जिला परिषदों पर जबरन काबिज हो गई थी और उन्होंने ‘वोटों की लूट’ देखी थी.

दिसंबर में तृणमूल छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए अधिकारी ने तृणमूल नेताओं पर राज्य व केंद्र सरकारों की योजनाओं के लिए जारी धनराशि हड़पने का आरोप लगाया. इन आरोपों का खंडन करते हुए वरिष्ठ तृणमूल नेता तापस राय ने दावा किया कि जो नेता बीजेपी में जुड़ते हैं वे नई पार्टी में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाते हैं.

अधिकारी ने झारग्राम में बीजेपी की एक बैठक में आरोप लगाया, ‘‘आप जानते हैं कि यहां 2018 के पंचायत चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने कैसे वोट लूटे थे? कैसे उसने दो जिला परिषदों पर काबिज होने के लिए जनादेश व सच्चे नतीजे को पलट दिया था. मैं लोगों से वादा करता हूं कि हम फिर ऐसा नहीं होने देंगे.’’

हालांकि उन्होंने किसी जिला परिषद का नाम नहीं लिया. जंगल महल में चार जिला परिषद-पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, पुरूलिया और झारग्राम हैं. अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस को अम्फान तूफान राहत का चोर करार दिया और आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं का नाम बदल रही है और उसे राज्य योजनाओं के रूप में पेश कर रही है.

2021 में भी दर्शकों के मनोरंजन को तैयार OTT प्लेटफॉर्म, कई web Series होंगी रिलीज

कोरोना वायरस महामारी के चलते बीते नौ महीने में सिनेमाघरों कोई बड़ी फिल्म रिलीज नहीं हुई है, जिसके चलते बीता साल ओटीटी प्लेटफॉर्मों के लिये वरदान साबित हुआ है. साल 2021 में भी विभिन्न प्लेटफॉर्म दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश में जुट गए हैं.

इस साल ओवर द टॉप (OTT) प्लेफॉर्मों जैसे नेटफ्लिक्स और एमेजॉन प्राइम पर कुछ बहुप्रतीक्षित वेब कार्यक्रम पर्दे पर आने वाले हैं, जिनमें तांडव (Tandav) , द फैमिली मैन सीजन 2 (The Family Man Season 2) ,असुर 2 (Asur2), इसके अलावा एमेजॉन प्राइम वीडियो पर ‘मुंबई डायरीज 26/11 (Mumbai Diaries 26/11), नेटफ्लिक्स पर बाम्बे बेगम्स, जी-5 ऑरिजिनल पर अमित साध अभिनीत ”जिद”, विद्या बालन अभिनीत ”शकुंतला देवी” और विनय नांबियार की वेब सीरीज ”तैश” रिलीज होगी.

‘तांडव: सैफ अली खान के चलते चर्चा में आए राजनीतिक नाटकीयता से भरे वेब धारावाहिक ”तांडव” में दर्शकों को सत्ता के गलियारों की हलचल और उसे हासिल करने के लिये कुछ भी कर गुजरने की ललक से रूबरू कराया जाएगा. नौ कड़ियों के इस धारावाहिक के जरिये निर्देशक अली अब्बास जफर तथा अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया डिजिटल पर्दे पर पदार्पण करेंगे. यह धारावाहिक 15 जनवरी को एमेजॉन प्राइम वीडियो पर प्रसारित किया जाएगा.

द फैमिली मैन सीजन 2: मनोज वाजपेयी अभिनीत इस वेब सीरीज के बहुप्रतीक्षित दूसरे सीजन की शुरुआत 12 फरवरी को होगी. इस सीजन में वाजपेयी खुफिया अधिकारी श्रीकांत तिवारी तथा शारिब हाशमी जेके तलपड़े के किरदार में बड़े और जानलेवा मिशन को अंजाम देते दिखाई देंगे. धारावाहिक का निर्देशन राजू निदिमोरू तथा कृष्ण डीके ने किया है. इस कार्यक्रम के जरिये दक्षिण भारतीय फिल्मों के स्टार सामंत अक्कीनेनी डिजिटल पर्दे पर पदार्पण करेंगे.”

असुर 2: ‘वूट सिलेक्ट’ पर रिलीज होने वाले धारावाहिक ‘असुर 2’ में अभिनेता अरशद वारसी एक फॉरेंसिक विशेषज्ञ की भूमिका निभाते नजर आएंगे. मार्च में रिलीज हुए इसके पहले सीजन की काफी चर्चा हुई थी.

तो वहीं Zee 5 पर करन सिंह ग्रोवर और सुरभि ज्योति अभिनीत धारावाहिक ‘कबूल है’ का दूसरा सीजन भी रिलीज होगा.

बिहार : 9 महीने बाद सोमवार से फिर से खुलेंगे स्कूल कॉलेज, सरकार ने जारी की गाइडलाइन

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बिहार में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थान सोमवार से फिर से खुलेंगे. Covid-19 महामारी फैलने के बाद राज्य में शैक्षणिक संस्थान करीब नौ महीने पहले बंद किये गए थे. ऐसा लगता है कि कोरोना वायरस के नए मामलों की संख्या में कमी और ठीक होने की दर 97.61 प्रतिशत होने से राज्य में शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई फिर से भौतिक रूप से शुरू करने को लेकर विश्वास बढ़ा है.

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने रविवार को बताया कि हालांकि कक्षाएं कुल छात्रों के आधे हिस्से के साथ संचालित होंगी और कोरोना वायरस के अन्य दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा. स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, राज्य में शनिवार तक कोविड-19 के कुल 2,53,651 मामले सामने आये हैं जिनमें 2,47,579 लोग इससे उबर चुके हैं. इससे राज्य में ठीक होने की दर 97.61 प्रतिशत हो गई है.

बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य में कोविड​​-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 4669 है जबकि मृतकों की संख्या 1403 है. राज्य सरकार ने सोमवार से खुल रहे शिक्षण संस्थानों में छात्रों और कर्मचारियों द्वारा पालन किए जाने के लिए कोविड-19 सुरक्षा दिशानिर्देशों की एक सूची जारी की है. कक्षा नौ से बारहवीं कक्षा के लिए सरकारी और निजी दोनों स्कूलों सहित शैक्षणिक संस्थानों को चार जनवरी, 2021 से फिर से खोलने का निर्णय 18 दिसंबर, 2020 को संकट प्रबंधन समूह (सीएमजी) की बैठक में लिया गया था.

कक्षा नौ से 12वीं के लिए खुलने वाले स्कूलों में कक्षाएं सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियम के पालन की खातिर 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ चलेंगी. इसके साथ ही परिसर में सबके लिए मास्क अनिवार्य होगा. कुमार ने कहा, ‘‘सभी छात्रों के लिए परिसर में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है जिसके बिना उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके अलावा, नौ से 12 तक की कक्षाएं 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ संचालित होंगी ताकि कक्षाओं में सामाजिक दूरी के नियम का पालन सुनिश्चित किया जा सके.’’

उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के बीच दो-दो मास्क वितरित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को कक्षा में पालन किए जाने वाले कोविड-19 दिशानिर्देशों के बारे में जागरूक किया जाएगा. कुमार ने कहा कि संस्थान प्रबंधन अपने परिसरों का सैनेटाइजेशन सुनिश्चित करेगा.

कुमार ने कहा, ‘‘स्कूल के अधिकारी इस बात पर ध्यान देंगे कि कोई छात्र कहीं बुखार से पीड़ित तो नहीं है या उसमें वायरस के कोई लक्षण तो नहीं हैं.’’ प्रधान सचिव ने कहा कि छात्रों की चिकित्सीय जांच सरकारी स्कूलों में ‘बिना क्रम के’ (रैंडम) आधार पर की जाएगी.

सूत्रों ने कहा कि कोचिंग सेंटरों को कक्षाओं के अंदर सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए कक्षाएं छात्रों की भौतिक मौजूदगी के साथ शुरू करने की योजना तैयार करनी होगी और क्षेत्रीय अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेनी होगी. बिहार सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ एहतियात के तौर पर 13 मार्च, 2020 को सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, चिड़ियाघरों और सार्वजनिक पार्कों को 31 मार्च तक बंद करने की घोषणा की थी.

राज्य सरकार द्वारा 22 मार्च, 2020 को राज्यव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बाद से शिक्षण संस्थान बंद रहे, इसके बाद 25 मार्च, 2020 को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की गई. इससे पहले, राज्य सरकार ने 28 सितंबर, 2020 से नौवीं से बारहवीं कक्षा के स्कूलों को फिर से खोलने की घोषणा की थी, लेकिन कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण स्कूल बंद रहे. प्रधान सचिव ने कहा कि 15 दिनों की स्थिति की समीक्षा करने के बाद 18 जनवरी को आगे निर्णय लेगी.

टीकों को DCGI की मंजूरी से कोविड मुक्त भारत की मुहिम को बल मिलेगा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

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भारत में Covid-19 रोधी दो टीकों के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दिए जाने को कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ भारत की जंग में निर्णायक क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को कहा कि इससे कोविड मुक्त भारत की मुहिम को बल मिलेगा.

भारत के औषध महानियंत्रक (Drugs Controller General of India -DCGI) द्वारा ऑक्सफोर्ड के टीके ‘कोविशील्ड’ (Covishield) और भारत बायोटेक के ‘कोवैक्सीन’ (Covaxin) के सीमित आपात इस्तेमाल को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व की बात है कि देश में जिन दो टीकों के आपात इस्तेमाल की स्वीकृति दी गई है, वे भारत निर्मित हैं.

उन्होंने देश को, वैज्ञानिकों और नवोन्मेषकों को बधाई देते हुए कहा, ‘‘यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए हमारे वैज्ञानिक समुदाय की इच्छाशक्ति को दर्शाता है. वह आत्मनिर्भर भारत, जिसका आधार है- सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया.’’

उन्होंने ‘‘विपरीत परिस्थितियों में असाधारण सेवा भाव के लिए’’ डॉक्टरों, चिकित्साकर्मियों, वैज्ञानिकों, पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों और सभी कोरोना योद्धाओं के प्रति एक बार फिर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘देशवासियों का जीवन बचाने के लिए हम सदा उनके आभारी रहेंगे.’’

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की जंग में एक निर्णायक क्षण! सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक के टीकों को डीसीजीआई की मंजूरी मिलने से स्वस्थ और कोविड मुक्त भारत की मुहिम को बल मिलेगा.’’

भारत के औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दे दी जिससे व्यापक टीकाकरण अभियान का रास्ता साफ हो गया है.

कोरोनावायरस का बढ़ा प्रकोप, ऑस्ट्रेलियाई राज्यों में फिर से लगाए गए यात्रा प्रतिबंध

ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया राज्यों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के कारण कई राज्यों ने फिर से यात्रा प्रतिबंध लगा दिए हैं.

‘ऑस्ट्रेलियाई कैपिटल टैरेटरी’ ने सिडनी के उत्तरी समुद्री तटों, ग्रेटर सिडनी और अन्य छोटे केंद्रों से यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है.

तस्मानिया राज्य ने विक्टोरिया में हाल में संक्रमित हुए लोगों से सीधे तौर पर जुड़े हर व्यक्ति के आने पर रोक लगा दी है.

तस्मानिया ने ग्रेटर सिडनी और सिडनी के वोलोनगोंग से आने वाले यात्रियों के लिए 14 दिन का पृथक-वास अनिवार्य कर दिया है, जबकि सिडनी के उत्तरी समुद्री तटों के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध है.

विक्टोरिया में रविवार को संक्रमण के तीन नए मामले सामने आए, जबकि शनिवार को 10 नए मामले सामने आए थे. विक्टोरिया में हाल के दिन में संक्रमण के 21 नए मामले सामने आए हैं, जिनका संबंध न्यू साउथ वेल्स में फैले संक्रमण से है. विक्टोरिया की सीमा को न्यू साउथ वेल्स से आने वाले यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया है.

न्यू साउथ वेल्स में रविवार को संक्रमण के आठ नए मामले सामने आए. राज्य में इस समय 161 लोग उपचाराधीन हैं और इनमें से अधिकतर मामले सिडनी के उत्तरी तटों से जुड़े हैं.

ऑस्ट्रेलिया में अब तक 28,462 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 909 लोगों की मौत हो चुकी है.

इस बीच, चीन में घरेलू स्तर पर फैले संक्रमण के कुल आठ मामले सामने आए. संक्रमण के नए मामले सामने आने के मद्देनजर प्राधिकारी अत्यधिक सतर्कता बरत रहे हैं.

बीजिंग ने टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है. चीन ने अपने देश में बने कोविड-19 के एक टीके को शुक्रवार को मंजूरी दी थी. यह देश में बना पहला टीका है, जिसे चीन ने स्वीकृति दी है.चीन में अब तक कुल 87,117 लोग संक्रमित हो चुके हैं और संक्रमण से 4,634 लोगों की मौत हो चुकी है.

पाकिस्तान में हिंदू मंदिर पर हमला करने के आरोप में 10 और गिरफ्तार, अब तक 55 पकड़े गए

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी के सदस्यों के नेतृत्व में भीड़ द्वारा एक हिंदू मंदिर में की गई तोड़फोड़ की घटना में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने रात भर की गई छापेमारी के दौरान दस और लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किये गये आरोपियों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है.

खैबर पख्तूनख्वा में करक जिले के टेरी गांव में कुछ लोगों ने बुधवार को मंदिर के विस्तार कार्य के खिलाफ उसमें तोड़फोड़ की और आग लगा दी थी. इस घटना के सिलसिले में दर्ज की गई प्राथमिकी में 350 से अधिक लोगों के नाम हैं. एफआईआर में जिन अन्य आरोपियों के नाम हैं , उनकी तलाश की जा रही है.

इस मंदिर में एक हिंदू धार्मिक नेता की समाधि थी. मंदिर की दशकों पुरानी इमारत के जीर्णोद्धार के लिए हिंदू समुदाय ने स्थानीय अधिकारियों से अनुमति ली थी. कुछ स्थानीय मौलवियों और जमीयत उलेमा-ए- इस्लाम पार्टी (फजल उर रहमान समूह) के समर्थकों की अगुवाई में भीड़ ने पुराने ढांचे के साथ-साथ नए निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने मंदिर पर हमले की कड़ी निंदा की है. भारत ने भी मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को लेकर पाकिस्तान के समक्ष विरोध दर्ज कराया और इस घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की है.

सूत्रों ने नई दिल्ली में शुक्रवार को बताया था कि राजनयिक माध्यम से पाकिस्तान के समक्ष विरोध दर्ज कराया गया है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को लेकर भारत के विरोध को शनिवार को पूरी तरह से अनुचित करार दिया.