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Britain: Covid-19 संक्रमण में तेजी के बीच सरकार का फैसला, लंदन के सभी प्राथमिक स्कूल रहेंगे बंद

इंग्लैंड में कोविड-19 संक्रमण दर में तेजी के बीच ब्रिटेन सरकार ने लंदन में सभी प्राथमिक स्कूलों को बंद रखने और सोमवार को नया सत्र शुरू नहीं करने का निर्देश दिया. एक तत्काल समीक्षा के बाद, शिक्षा विभाग (डीएफई) ने फैसला किया कि “शिक्षा स्थिति रूपरेखा” केवल कुछ इलाकों के बजाय पूरी राजधानी में लागू होगी.

इस फैसले से इंग्लैंड में विपक्ष और सभी स्कूलों के शिक्षक संघों की बढ़ती मांगों पर विराम लग गया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) पर दबाव काफी बढ़ रहा है और अस्पतालों में बड़ी संख्या कोविड मरीजों की भर्ती हो रही है.

ब्रिटेन के शिक्षा सचिव गेविन विलियमसन ने कहा, “संक्रमण की दर पूरे देश में और विशेष रूप से लंदन में बढ़ रही है, हमें अपने देश और एनएचएस की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाना चाहिए. हम समीक्षा जारी रखेंगे, और संभव होने पर जल्द से जल्द कक्षाओं को फिर से खोलेंगे.’’ अधिकारियों के अनुसार, सबूत बताते हैं कि देश भर में नए प्रकार का कोविड-19 का संक्रमण बढ़ता जा रहा है, लंदन में स्थिति बिगड़ती जा रही है.

सरकार ने कहा कि लंदन, दक्षिण पूर्व और पूर्वी इंग्लैंड में सामने आए अधिकतर मामले नए प्रकार के कोरोना वायरस के हैं. इन क्षेत्रों में संक्रमण की दर उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से बढ़ी है, जहां नए प्रकार के वायरस का संक्रमण फैल रहा है और वायरस को नियंत्रित करने के लिए मजबूत उपायों की आवश्यकता है.

ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने कहा, “पिछले एक हफ्ते में हमने देखा है कि पूरे लंदन में संक्रमण के मामले और अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अस्पताल बढ़ते दबाव की चपेट में आ रहे हैं. हमें शिक्षा और संक्रमण दर और एनएचएस पर दबाव के बीच संतुलन बनाना होगा.”

ब्रिटेन में शुक्रवार को कोविड-19 के लगभग 53,285 नए मामले आए और बीमारी से 613 लोगों की मौत हुई. देश में मृतक संख्या बढ़कर 74,000 से अधिक हो गई. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के प्रमुख ने आगाह किया है कि अगले कुछ सप्ताह में स्थिति और बिगड़ेगी और इससे स्वास्थ्य क्षेत्र पर दबाव बढ़ेगा.

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 18,177 नए मामले सामने आए

देश में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 18,177 नए मामले सामने आने के बाद अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 1,03,23,965 हो गई है, जिनमें से 99,27,310 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं.

देश में संक्रमण से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 96.15 प्रतिशत हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 217 और लोगों की मौत होने के बाद देश में संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या 1,49,435 हो गई है. देश में कोविड-19 के कारण मृत्यु दर 1.45 प्रतिशत है.

आंकड़ों के अनुसार, देश में इस समय 2,47,220 संक्रमित लोगों का उपचार चल रहा है, जो कुल मामलों का 2.39 प्रतिशत है.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में दो जनवरी तक 17,48,99,783 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 9,58,125 नमूनों की जांच शनिवार को की गई.

भारत में सात अगस्त को संक्रमित लोगों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख के पार चली गई थी. वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ के पार चले गए थे.

देश में संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे में 217 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र में 51, पश्चिम बंगाल में 28, केरल में 21, पंजाब में 15, दिल्ली में 14, छत्तीसगढ़ में 11, उत्तर प्रदेश में आठ और उत्तराखंड में सात लोगों की मौत हुई है.

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते अब तक कुल 1,49,435 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से महाराष्ट्र में 49,631, तमिलनाडु में 12,146, कर्नाटक में 12,099, दिल्ली में 10,571, पश्चिम बंगाल में 9,766, उत्तर प्रदेश में 8,387, आंध्र प्रदेश में 7,111, पंजाब में 5,364 और गुजरात में 4,314 लोगों की मौत हुई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कुल मौतों में से 70 प्रतिशत से अधिक मामलों में मरीज अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे.

भारत में ऑक्सफोर्ड और भारत बायोटेक के Covid-19 टीकों के सीमित आपात इस्तेमाल को मंजूरी मिली

भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के Covid-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दे दी जिससे व्यापक टीकाकरण अभियान का रास्ता साफ हो गया है.

केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) की अनुशंसा के आधार पर भारत के औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने यह मंजूरी प्रदान की है.

डीसीजीआई डॉ वी जी सोमानी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सीडीएससीओ ने पर्याप्त अध्ययन के बाद विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने का फैसला किया है और तदनुसार मैसर्स सीरम और मैसर्स भारत बायोटेक के टीकों के आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए स्वीकृति प्रदान की जा रही है.’’

इससे आने वाले दिनों में भारत में कम से कम दो टीकों के जारी होने का रास्ता साफ हो गया है. दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने ‘कोविशील्ड’ के उत्पादन के लिए एस्ट्राजेनेका के साथ साझेदारी की है.

भारत बायोटेक ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर ‘कोवैक्सीन’ का विकास किया है.

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ आदर पूनावाला ने ट्वीट किया, ‘‘सभी को नववर्ष की मुबारकबाद. सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने टीके का भंडार जमा करके जो जोखिम लिया, उसका अंतत: फल मिल गया है. भारत का पहला कोविड-19 टीका ‘कोविशील्ड’ स्वीकृत, सुरक्षित, प्रभावी और आने वाले सप्ताहों में टीकाकरण के लिहाज से तैयार है.’’

सोमानी ने कहा कि कैडिला हेल्थकेयर को भी उसके संभावित टीके के तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण के लिए अनुमति प्रदान की गई है.

नवोन्मेष, समग्रता और समावेश ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार होंगे: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि नवोन्मेष, समग्रता और समावेश प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मंत्र के रूप में उभरे हैं, जो देश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित हो सकते हैं.

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यहां स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के स्थायी परिसर की आधारशिला रखने के बाद उन्होंने कहा कि प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोगपूर्ण, नवोन्मेषी और परिवर्तनकारी अवधारणाओं से आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

प्रौद्योगिकी की वजह से क्षेत्रों के बीच कम होती दूरियों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने विश्व भर में हो रहे बदलावों के मद्देनजर डिजिटल संपर्क के क्षेत्र में तेजी से सुधार किए हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी का प्रबंधन मानव प्रबंधन की तरह ही महत्वपूर्ण है.’’उन्होंने यहां के छात्रों से ‘‘लोकल को ग्लोबल’’ बनाने के लिए नए और नवोन्मेषी समाधान सुझाने का आग्रह किया.

मोदी ने कहा कि बीते दशकों में देश ने एक प्रचलन देखा है कि बाहर में बनी मल्टी नेशनल कंपनियां बड़ी संख्या में आईं और इसी धरती में आगे भी बढ़ीं.

उन्होंने कहा, ‘‘ये दशक और ये सदी भारत में नए-नए मल्टीनेशनल्स के निर्माण का है. भारत में आज के स्टार्ट-अप्स कल के मल्टी नेशनल होंगे.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 तक देश में जहां 13 आईआईएम थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 20 हो गई है. उन्होंने कहा, ‘‘इतना बड़ा टैलेंट पूल आत्मनिर्भर भारत अभियान को बहुत विस्तार दे सकता है.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि संबलपुर के परिसर के शिलान्यास के साथ ही ओडिशा के युवा सामर्थ्य को मजबूती देने वाली एक नवीन शिला भी रखी गई है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह ओडिशा को प्रबंधन की दुनिया में नई पहचान दिलाएगा और कहा कि देश के नए क्षेत्रों में नए अनुभव लेकर निकल रहे प्रबंध मामलों के विशेषज्ञ भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘संबलपुर का आईआईएम और इस क्षेत्र में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए खास बात यह होगी की यह पूरी जगह ही एक प्राकृतिक लैब (प्रयोगशाला) की तरह है.’’

इस समारोह में ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री प्रतापचंद्र सारंगी भी शामिल हुए.

इसमें उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं, शिक्षाविदों, छात्रों, पूर्व छात्रों और आईआईएम संबलपुर के शिक्षकों सहित 5000 से अधिक लोग भी डिजिटल माध्यम से जुड़े.

आईआईएम संबलपुर फ्लिप्ड क्लासरूम के आइडिया को लागू करने वाला पहला आईआईएम है, जहां मूलभूत अवधारणाओं को डिजिटिल तरीके से सिखाया जाता है और उद्योग से लाइव प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कक्षा में प्रायोगिक शिक्षा दी जाती है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने IIM संबलपुर के नये परिसर की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को राज्य के संबलपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के स्थायी परिसर की आधारशिला रखी.

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस समारोह में ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री प्रतापचंद्र सारंगी भी शामिल हुए.

इसमें उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं, शिक्षाविदों, छात्रों, पूर्व छात्रों और आईआईएम संबलपुर के शिक्षकों सहित 5000 से अधिक लोग भी डिजिटल माध्यम से जुड़े.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि संबलपुर के परिसर के शिलान्यास के साथ ही ओडिशा के युवा सामर्थ्य को मजबूती देने वाली एक नवीन शिला भी रखी गई है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह ओडिशा को प्रबंधन की दुनिया में नई पहचान दिलाएगा और कहा कि देश के नए क्षेत्रों में नए अनुभव लेकर निकल रहे प्रबंध मामलों के विशेषज्ञ भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘संबलपुर का आईआईएम और इस क्षेत्र में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए खास बात यह होगी की यह पूरी जगह ही एक प्राकृतिक लैब (प्रयोगशाला) की तरह है.’’

उन्होंने यहां के छात्रों से ‘‘लोकल को ग्लोबल’’ बनाने के लिए नए और नवोन्मेषी समाधान सुझाने का आग्रह किया.

आईआईएम संबलपुर फ्लिप्ड क्लासरूम के आइडिया को लागू करने वाला पहला आईआईएम है, जहां मूलभूत अवधारणाओं को डिजिटिल तरीके से सिखाया जाता है और उद्योग से लाइव प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कक्षा में प्रायोगिक शिक्षा दी जाती है.

आठ से 30 जनवरी तक ब्रिटेन से आने वाले सभी यात्रियों की Covid-19 की जांच होगी : स्वास्थ्य मंत्रालय

ब्रिटेन से आठ जनवरी से 30 जनवरी के बीच आने वाले सभी यात्रियों को देश में आगमन पर स्वभुगतान के आधार पर कोविड-19 जांच करानी होगी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये बातें एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में कही हैं.

एसओपी में कहा गया है कि साथ ही ब्रिटेन से आने वाले प्रत्येक यात्री को यात्रा से 72 घंटे पहले करायी गई अपनी कोविड-19 जांच की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी.

भारत ने ब्रिटेन में सामने आये कोरोना वायरस के नये प्रकार के प्रसार को रोकने के लिए वहां से आने वाली सभी उड़ानों को 23 दिसम्बर से 31 दिसंबर तक निलंबित कर दिया था. बाद में, इस रोक को सात जनवरी तक बढ़ा दिया गया था.

उड्डयन मंत्री मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा था कि भारत और ब्रिटेन के बीच आठ जनवरी से उड़ान सेवाएं फिर से शुरू होने पर प्रति सप्ताह केवल 30 उड़ानें ही संचालित होंगी और यह व्यवस्था 23 जनवरी तक जारी रहेगी.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एसओपी में कहा गया है, ‘‘यात्रियों को उड़ान में सवार होने देने से पहले एयरलाइंस कंपनियां उनकी कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करें.’’

इसमें कहा गया है, ‘‘हवाई अड्डे पर आरटी-पीसीआर जांच या उसकी रिपोर्ट के लिए इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए.’’

एसओपी में कहा गया है, ‘‘संक्रमित पाये गए यात्रियों को संबंधित राज्य के स्वास्थ्य प्राधिकारियों द्वारा समन्वित एक संस्थागत पृथक केंद्र में एक अलग (पृथक) इकाई में पृथक किया जाएगा.’’

अगर जीनोम सीक्वेंसिंग से एसएआरएस-सीओवी-2 के नए प्रकार की मौजूदगी का पता चलता है, तो रोगी एक अलग पृथक इकाई में बना रहेगा.

इसमें कहा गया है कि यह जांच यात्री के संक्रमित पाये जाने के 14 वें दिन की जाएगी और उसे तब तक पृथक इकाई में रखा जाएगा, जब तक कि उसके नमूने की जांच रिपोर्ट निगेटिव नहीं जा जाती.

एसओपी में कहा गया है कि अगर कोई यात्री आगमन पर कोविड-19 से संक्रमित पाया जाता है तो यात्रियों की पंक्ति में बैठे यात्री, तीन पंक्ति आगे और तीन पंक्ति पीछे बैठे यात्रियों को अलग-अलग पृथक केंद्रों में संस्थागत पृथकवास में रखा जाएगा.

साथ ही हवाई अड्डे पर की गई जांच में कोविड-19 निगेटिव पाये जाने वाले यात्रियों को 14 दिनों के लिए घर पर पृथकवास की सलाह दी जाएगी और संबंधित राज्य या जिला प्रशासन को नियमित रूप से उनकी निगरानी करनी चाहिए.

आपको बता दें कि महामारी के कारण 23 मार्च से भारत में अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें निलंबित हैं. हालांकि, एयरलाइनों को इस साल मई से वंदे भारत मिशन के तहत और जुलाई से द्विपक्षीय ‘एयर बबल’ समझौतों के तहत विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने की अनुमति दी गई है. भारत ने यह समझौता ब्रिटेन सहित 24 देशों के साथ किया है.

भारत के प्रति आक्रामकता के लिए चीन की निंदा वाला विधेयक बना कानून

अमेरिकी कांग्रेस के एक द्विदलीय विधेयक में भारत के प्रति चीन के आक्रामक रुख की निंदा की गई है. यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है क्योंकि सदन ने इस पर ट्रंप के वीटो को खारिज कर दिया.

सदन ने 740 अरब अमेरिकी डॉलर के रक्षा नीति विधेयक पर ट्रंप के वीटो को खारिज कर दिया. इस विधेयक में कई अन्य चीजों के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की निंदा भी शामिल है.

‘नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट’ (एनडीएए) शुक्रवार को कानून बन गया. इसमें एक ऐसा भी प्रस्ताव है जिसमें चीन सरकार से अपील की गई है कि वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत के प्रति सैन्य आक्रामक रुख को खत्म करें.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 दिसंबर को इस विधेयक पर वीटो इस्तेमाल किया था. हालांकि इस विधेयक को डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन हासिल हुआ. वहीं राष्ट्रपति ट्रंप का कहना था कि इसमें ऐसे प्रावधान हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है.

ट्रंप के कार्यकाल के अंतिम दिनों में उनके लिए यह झटके की तरह है. भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘आज नए साल के अवसर पर सदन में वोट के साथ संसद ने नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट को कानून बना दिया है. इसमें मेरे प्रस्ताव की कुछ बातें भी शामिल हैं जिसमें चीन से भारत के प्रति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आक्रामक रुख खत्म करने के लिए कहा गया है.’’

चीन और भारत के बीच पिछले साल मई से ही पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध जारी है. इस गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों ही देशों के बीच कई चरणों की वार्ता हो चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम निकलकर सामने नहीं आया है.

कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत के साथ चीन की सेना का हिंसक आक्रामक रुख या कहीं भी इस तरह का रुख स्वीकार्य नहीं है. और इस कानून में अंकित बातें भारत और दुनिया के अन्य सहयोगियों को नव वर्ष में प्रवेश के साथ समर्थन और एकजुटता का स्पष्ट संदेश देती है.’’

चीन द्वारा सीमा पर लगातार भारत के प्रति आक्रामक रुख रखने को लेकर ‘नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट’ में ‘गंभीर चिंता’ प्रकट की गई है. एनडीएए में कहा गया है कि चीन को ‘भारत के साथ मौजूदा राजनयिक तंत्रों के जरिए तनाव कम करने की दिशा में काम करना चाहिए और विवाद को बल पूर्वक निपटाने की कोशिश से बचना चाहिए.’’

मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और लश्कर कमांडर जकी उर रहमान लखवी पाकिस्तान में गिरफ्तार

मुंबई हमले का सरगना और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकी उर रहमान लखवी को पाकिस्तान में शनिवार को आतंकवादी गतिविधियों के लिये धन मुहैया कराने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी. लखवी मुंबई हमला मामले में 2015 से ही जमानत पर था. उसे आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) ने गिरफ्तार किया.

बहरहाल, सीटीडी ने उसकी गिरफ्तारी कहां से हुई, इस बारे में नहीं बताया है. इसने कहा, ‘‘सीटीडी पंजाब द्वारा खुफिया सूचना पर आधारित एक अभियान के बाद प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी जकी-उर-रहमान लखवी को आतंकवादी गतिविधियों के लिये धन मुहैया कराने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया.’’

इसने बताया कि लखवी (61) को लाहौर के सीटीडी थाने में आतंकी वित्त पोषण से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया. सीटीडी ने कहा, ‘‘लखवी पर एक दवाखाना चलाने, जुटाए गए धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण में करने का आरोप है. उसने और अन्य ने इस दवाखाने से धन एकत्रित किएए और इस धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण में किया. उसने इस धन का इस्तेमाल निजी खर्च में भी किया.’’

सीटीडी ने कहा कि प्रतिबंधित संगठन लश्कर- ए- तैयबा से जुड़े होने के अलावा वह संयुक्त राष्ट्र की तरफ से घोषित आतंकवादियों की सूची में भी शामिल है. इसने कहा, ‘‘उसके खिलाफ मुकदमा लाहौर में आतंकवाद निरोधक अदालत में चलेगा.’’

असम में सत्ता में आने पर कांग्रेस ने किसान कर्ज माफी व न्याय योजना लागू करने का किया वादा

कांग्रेस ने असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को किसानों का कर्ज और महिलाओं के “माइक्रोफाइनेंस” संगठनों का लिया ऋण माफ करने का वादा किया. इसके साथ ही पार्टी ने सत्ता में आने पर न्यूनतम आय गारंटी योजना “न्याय” लागू करने, गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को 120 यूनिट तक निशुल्क बिजली देने तथा प्रत्येक परिवार में से काम से कम एक शख्स की नौकरी सुनिश्चित करने की घोषणा की.

असम में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख रिपुन बोरा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए ये घोषणाएं की.

बोरा ने कहा कि राज्य में किसानों की हालत दुखद है. उत्पादन की लागत ज्यादा है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिलने की वजह से उन्हें अपनी उपज को नुकसान में बेचना पड़ता है. उन्होंने अगर कांग्रेस राज्य में सत्ता में आती है तो वह किसानों का कर्ज माफ करेगी, जैसा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब की कांग्रेस सरकारों ने किया है. मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने भी किसानों का कर्ज माफ किया था।

बोरा ने कहा कि गांवों में लोग, खासकर महिलाएं “माइक्रोफाइनेंस” संगठनों से कर्ज लेते हैं और उन्हें काफी उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है. हाल में समाप्त हुए विधानसभा सत्र में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, खासकर महिलाओं, को “माइक्रोफाइनेंस” संस्थाओं और साहूकारों से बचाने के लिए सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया गया है

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ” … महिला सशक्तीकरण पार्टी की प्राथमिकता है और जब हम सत्ता में आएंगे तो महिलाओं के सभी तरह के माइक्रो-फाइनेंस कर्ज माफ करेंगे.” बोरा ने कहा कि कांग्रेस असम में न्यूनतम आय गांरटी योजना (न्याय) को लागू करेगी. लोकसभा चुनाव में पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र में भी इसे शामिल किया गया था.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह का दिल्ली में निधन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी ने जताया शोक

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह का निधन हो गया है. आज दिल्ली में उन्होंने अंतिम सांस ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है.  

बूटा सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. आठ बार सांसद रहे बूटा सिंह का राजनीतिक जीवन बहुत लंबा रहा.  वर्ष 1934 जालंधर जिले में जन्में बूटा सिंह देश की राजनीति का बड़ा चेहरा थे.

सरदार बूटा सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री, कृषि मंत्री, रेल मंत्री, खेल मंत्री और बिहार के राज्यपाल और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति कमीशन के चेयरमैन के तौर पर राष्ट्रीय राजनीति और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाई थी. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बूटा सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह एक अनुभवी नेता और कुशल प्रशासक थे. पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने गरीबों और समाज में हाशिये पर चले गए लोगों के लिए आवाज उठाई. पीएम ने कहा कि वे उनके निधन से दुखी हैं और उनकी संवेदना बूटा सिंह के परिवार के साथ है. 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी बूटा सिंह के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि सरदार बूटा सिंह के देहांत से देश ने एक सच्चा जनसेवक और निष्ठावान नेता खो दिया है. उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा और जनता की भलाई के लिए समर्पित कर दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद रखा जाएगा. इस मुश्किल समय में उनके परिवारजनों को मेरी संवेदनाएं.