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अभिशाप है ‘लिव-इन रिलेशनशिप’, बढ़ते यौन अपराधों पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की टिप्पणी

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने यौन अपराधों और सामाजिक विकृतियों में इजाफे के मद्देनजर ‘लिव-इन’ संबंधों (दो जोड़ीदारों द्वारा बिना शादी के साथ रहना) को अभिशाप करार दिया है. इसके साथ ही अदालत ने टिप्पणी की है कि वह कहने को मजबूर है कि ‘लिव-इन’ संबंधों का यह अभिशाप नागरिकों को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी का ‘‘बाई-प्रोडक्ट” (सह-उत्पाद) है. 

उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने एक महिला से बार-बार बलात्कार, उसकी सहमति के बिना उसका जबरन गर्भपात कराने, आपराधिक धमकी देने और अन्य आरोपों का सामना कर रहे 25 वर्षीय व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए ये तल्ख टिप्पणियां कीं. 

एकल पीठ ने 12 अप्रैल को जारी आदेश में कहा,‘‘हाल के दिनों में लिव-इन संबंधों से उत्पन्न अपराधों की बाढ़ का संज्ञान लेते हुए अदालत यह टिप्पणी करने पर मजबूर है कि लिव-इन संबंधों का अभिशाप संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाली संवैधानिक गारंटी का एक सह-उत्पाद है जो भारतीय समाज के लोकाचार को निगल रहा है तथा तीव्र कामुक व्यवहार के साथ ही व्याभिचार को बढ़ावा दे रहा है जिससे यौन अपराधों में लगातार इजाफा हो रहा है.”

अदालत ने ‘लिव-इन’ संबंधों से बढ़ती सामाजिक विकृतियों और कानूनी विवादों की ओर इशारा करते हुए कहा,‘‘जो लोग इस आजादी का शोषण करना चाहते हैं, वे इसे तुरंत अपनाते हैं, लेकिन वे इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं कि इसकी अपनी सीमाएं हैं और यह (आजादी) दोनों में किसी भी जोड़ीदार को एक-दूसरे पर कोई अधिकार प्रदान नहीं करती है.”

उच्च न्यायालय ने केस डायरी और मामले के अन्य दस्तावेजों पर गौर करने के बाद कहा कि इस बात का खुलासा होता है कि 25 वर्षीय आरोपी और पीड़ित महिला काफी समय तक ‘लिव-इन’ संबंधों में रहे थे और इस दौरान महिला का आरोपी के कथित दबाव में दो बार से ज्यादा गर्भपात भी कराया गया था.

अदालत ने कहा कि दोनों जोड़ीदारों के आपसी संबंध तब बिगड़े, जब महिला ने किसी अन्य व्यक्ति के साथ सगाई कर ली.

25 वर्षीय व्यक्ति पर आरोप है कि उसने इस सगाई पर आग-बबूला होकर उसकी पूर्व ‘लिव-इन’ जोड़ीदार को परेशान करना शुरू कर दिया.  उस पर यह आरोप भी है कि उसने महिला के भावी ससुराल पक्ष के लोगों को अपना वीडियो भेजकर धमकी दी कि अगर उसकी पूर्व ‘लिव-इन’ जोड़ीदार की शादी किसी अन्य व्यक्ति से हुई, तो वह आत्महत्या कर लेगा और इसके लिए महिला के मायके व ससुराल, दोनों पक्षों के लोग जिम्मेदार होंगे. 

पीड़ित महिला के वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी द्वारा यह वीडियो भेजे जाने के बाद उसकी सगाई टूट गई और उसकी शादी नहीं हो सकी. इस मामले में प्रदेश सरकार की ओर से अमित सिंह सिसोदिया ने पैरवी की. 

बुलडोजर कार्रवाई पर बोले राहुल गांधी, “BJP अपने दिल में बैठी नफरत को ध्वस्त करे”

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली और मध्य प्रदेश के हिंसा प्रभावित इलाकों में अतिक्रमण रोधी अभियान के तहत बुलडोजर चलाए जाने को लेकर बुधवार को सरकार पर निशाना साधा. सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के संवैधानिक मूल्यों को ध्वस्त किया गया है. उन्होंने ये भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी को अपने दिल में बैठी नफरत को ध्वस्त करना चाहिए.

राहुल गांधी ने संविधान की प्रस्तावना वाला पृष्ठ और एक बुलडोजर की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ये भारत के संवैधानिक मूल्यों को ध्वस्त किया गया है. गरीबों और अल्पसंख्यकों को सरकार प्रायोजित निशाना बनाया गया है. बीजेपी को इन सबकी बजाय अपने दिल में बैठी नफरत को ध्वस्त करना चाहिए.”

दरअसल दिल्ली में हाल ही में हुई हिंसा वाले इलाके जहांगीरपुरी में आज अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बुलडोजर चलाए गए. इस दौरान काफी तोड़फोड़ की गई. सुबह 9:30 बजे से लेकर 12 बजे तक बुलडोजर इस जगह पर चलाए गए.  ये कार्रवाई उत्तरी दिल्ली नगर निगम की तरफ से की गई. इस कार्रवाई के तहत अवैध कब्जे वाली जगहों को तोड़ा गया. इस कार्रवाई पर राहुल गांधी की ये प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने इस कार्रवाई को सविधान के खिलाफ बताया है.

वहीं आप पार्टी के नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी बीजेपी पर हमला किया और कहा कि BJP ने अराजकता का माहौल बना रखा है. वे हर तरफ़ गुंडाई और लफंगाई का नाम बन गई है. अगर ये गुंडागर्दी और लफंगाई को बंद करना है तो इसका सरल तरीका है कि बीजेपी के मुख्यालय में बुलडोज़र चला दो, लफंगों के मुख्यालयों में अपने आप बुलडोज़र चल जाएगा.

Deoghar Ropeway Accident: देवघर रोपवे हादसे की जांच के लिए झारखंड सरकार ने बनाई चार सदस्यीय समिति

झारखंड सरकार ने देवघर रोपवे हादसे की जांच के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है. बता दें कि इस घटना में तीन लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोगों को केबल कार से सुरक्षित निकाला गया था.

झारखंड पर्यटन विभाग की एक अधिसूचना में कहा गया है कि समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी और इसके अध्यक्ष 10 अप्रैल की घटना की जांच में मदद के लिए देश के किसी भी संस्थान के किसी भी विशेषज्ञ को आमंत्रित कर सकते हैं.

चार सदस्यीय समिति की अध्यक्षता वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, पर्यटन सचिव अमिताभ कौशल, राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम), धनबाद द्वारा नामित प्रतिनिधि करेंगे.

अधिसूचना में कहा गया है कि झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड द्वारा त्रिकुट पर्वतीय क्षेत्र पर संचालित रोपवे मशीन ने 10 अप्रैल को ‘‘अज्ञात कारणों’’ से काम करना बंद कर दिया जिससे ट्रॉलियां रुक गईं. इससे कुछ ट्रॉलियां पहाड़ियों से टकरा गईं. ट्रॉलियों में फंसे लोगों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला गया हालांकि घटना में तीन लोगों की मौत हो गई.

Uttar Pradesh: पुजारियों और पुरोहितों के कल्याण के लिए होगा बोर्ड का गठन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में बुजुर्ग संतों, पुजारियों और पुरोहितों के कल्याण के लिए बोर्ड के गठन और 100 दिन के अंदर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन एकीकृत मंदिर सूचना प्रणाली विकसित करने का निर्देश बुधवार को दिया. 

मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद के समक्ष धर्मार्थ कार्य, पर्यटन, संस्कृति और भाषा विभागों की कार्ययोजना प्रस्तुतिकरण के बाद अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बीजेपी के लोक कल्याण संकल्प के अनुरूप बुजुर्ग संतों, पुजारियों और पुरोहितों के कल्याण के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाना है. इसके लिए कार्यवाही शुरू की जाए. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी ने फरवरी में विधानसभा चुनाव के दौरान पुजारियों और पुरोहितों के हित के लिए कल्याण बोर्ड के गठन का ऐलान किया था.

बैठक के दौरान योगी ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में कहा कि आगामी 100 दिनों के अंदर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिये ऑनलाइन एकीकृत मंदिर सूचना प्रणाली विकसित की जाये, जिसमें मंदिरों का विवरण, इतिहास, रूट मैप आदि की जानकारी हो. मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया कि उत्तर प्रदेश दिवस की तर्ज पर जनपद, गांव और नगर के इतिहास के प्रमुख दिवस पर विशेष आयोजन कराए जाएं. प्रयागराज, मथुरा, गोरखपुर और वाराणसी में ‘भजन संध्या स्थल’ तैयार कराया जाए.

सीएम योगी ने प्रदेश में चिन्हित 12 परिपथ के विकास के कार्यों को प्रतिबद्धता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए और कहा कि रामायण परिपथ, बौद्ध परिपथ, आध्यत्मिक परिपथ, शक्तिपीठ परिपथ, कृष्ण/ब्रज परिपथ, बुंदेलखंड परिपथ, महाभारत परिपथ, सूफी परिपथ, क्राफ्ट परिपथ, स्वतंत्रता संग्राम परिपथ, जैन परिपथ और ‘वाइल्ड लाइफ एंड इको टूरिज्म परिपथ’ उत्तर प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अद्वितीय सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित, संवर्धित और लोकप्रिय बनाते हुए राज्य को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में प्रतिष्ठित करने का हमारा प्रयास है. प्रदेश में ‘इको एंड रूरल टूरिज्म’ बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए. इसी प्रकार, सभी 75 जिलों में पर्यटन और संस्कृति परिषद का गठन किया जाए.

400वें प्रकाश पर्व पर लालकिले से आज देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात करीब 9.15 बजे नई दिल्ली के लाल किले में गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व के समारोह में शामिल होंगे. इस अवसर पर, प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे और एक स्मारक सिक्का तथा डाक टिकट भी जारी करेंगे.

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से किया जा रहा है. इस दो-दिवसीय (20 और 21 अप्रैल) कार्यक्रम के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों से रागी और बच्चे ‘शब्द कीर्तन’ में भाग लेंगे.

यहां गुरु तेग बहादुर के जीवन को दर्शाने वाला एक भव्य लाइट एंड साउंड शो भी होगा. इसके अलावा सिखों की पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘गतका’ का भी आयोजन किया जाएगा. यह कार्यक्रम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के उपदेशों को रेखांकित करने पर केंद्रित है.

विज्ञप्ति में सरकार की ओर से कहा गया कि गुरु तेग बहादुर ने विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया. उन्हें मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर कश्मीरी पंडितों की धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन करने के लिए मार डाला गया था.

उनकी पुण्यतिथि 24 नवंबर हर साल शहीदी दिवस के रूप में मनाई जाती है. सरकार ने कहा कि दिल्ली में गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा रकाब गंज उनके पवित्र बलिदान से जुड़े हैं. उनकी विरासत इस राष्ट्र के लिए एकजुटता की एक महान शक्ति के रूप में कार्य करती है.

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को सिख गुरु तेग बहादुर को नमन करते हुए कहा कि उनके और गुरु गोविंद सिंह के सर्वोच्च बलिदान ने भारत की स्वतंत्रता के बीज बोए थे. उन्होंने गुरु तेग बहादुर की 400वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा यह बात कही.

उन्होंने लाल किले में आयोजित समारोह में कहा कि सिख गुरु ने मुगल शासकों द्वारा प्रताड़ित कश्मीरी पंडितों और अन्य हिंदुओं की सुरक्षा के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया था.

Maharashtra: विधायक की CM उद्धव ठाकरे को चेतावनी, बोले- मुख्यमंत्री आवास के बाहर करूंगा हनुमान चालीसा का पाठ

महाराष्ट्र के निर्दलीय विधायक रवि राणा ने बुधवार को कहा कि वे 23 अप्रैल को मुंबई आएंगे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. विदर्भ क्षेत्र के बडनेरा से विधायक ने पत्रकारों से कहा कि वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री हनुमान चालीसा का पाठ करें अन्यथा वे अपने समर्थकों के साथ उनके आवास के बाहर इसका जोर से पाठ करेंगे.

विधायक ने कहा, ‘‘मैं शनिवार को मुंबई आऊंगा और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करूंगा. मैं चाहता हूं कि वह इसका पाठ करें, अन्यथा मैं अपने समर्थकों के साथ जोर से पाठ करुंगा.’’ ठाकरे का आवास ‘मातोश्री’ यहां पश्चिमी उपनगर बांद्रा में स्थित है.

पिछले हफ्ते राणा ने ठाकरे को हनुमान जयंती के अवसर पर अपने आवास पर हनुमान चालीसा का पाठ कराने के लिए कहा था, जिसकी शिवसेना ने कड़ी आलोचना की थी और उनपर राज्य में सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने का आरोप लगाया था. 

मुंबई की पूर्व महापौर और शिवसेना नेता किशोरी पेडनेकर ने मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के लिए राणा पर पलटवार किया था. राणा की पत्नी नवनीत राणा निर्दलीय सांसद हैं. दोनों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का अनौपचारिक रूप से समर्थन करने के लिए जाना जाता है.

New Labour Code: 12 घंटे की होगी नौकरी, हाथ आएगी कम सैलरी लेकिन बढ़ जाएगा PF- 1 जुलाई से मोदी सरकार लागू कर सकती है नियम

1 जुलाई से आपके ऑफिस के काम के घंटे बढ़ सकते हैं. कर्मचारियों के काम के घंटे 8 से 9 घंटे से बढ़कर 12 घंटे हो सकते है. मोदी सरकार की योजना जल्द से जल्द लेबर कोड के नियमों को लागू करने की है. हालांकि, चारों लेबर कोड के नियमों को लागू करन में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता है क्योंकि सभी राज्यों ने नियम नहीं बनाए है. अधिकारियों के मुताबिक चारों लेबर कोड नियमों को लागू करने में जून महीने तक का समय लग सकता है.

23 राज्यों ने बनाए नियम

चारों लेबर कोड नियमों के लागू होने से देश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के मौके बढ़ेंगे. लेबर कानून देश के सविंधान का अहम हिस्सा है. अभी तक 23 राज्यों ने लेबर कोड नियम के रूल्स बना लिए हैं. अब लेबर कोड के नए नियमों के मुताबिक सिर्फ सात राज्य नियम नहीं बना पाए हैं. इसमें अभी और तीन महीने का समय लग सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लेबर कोड के नियम 1 जुलाई से लागू हो सकते हैं.

क्या है लेबर कोड के नियम – 4 कोड में बंटा है कानून

भारत में 29 सेंट्रल लेबर कानून को 4 कोड में बांटा गया है. कोड के नियमों में वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध (Industrial Relations) और व्यवसाय सुरक्षा (Occupation Safety) और स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति आदि जैसे 4 लेबर कोड शामिल है. अभी तक 23 राज्यों ने इन ड्राफ्ट कानूनों को तैयार कर लिया है. संसद द्वारा इन चार संहिताओं को पारित किया जा चुका है, लेकिन केंद्र के अलावा राज्य सरकारों को भी इन संहिताओं, नियमों को अधिसूचित करना जरूरी है. उसके बाद ही ये नियम राज्यों में लागू हो पाएंगे. ये नियम बीते साल 1 अप्रैल 2021 से लागू होने थे लेकिन राज्यों की तैयारी पूरी नहीं होने के कारण इन्हें टाल दिया गया.

वेतन घटेगा और पीएफ बढ़ेगा

नए ड्राफ्ट रूल के अनुसार, बेसिक सैलरी कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए. इससे ज्यादातर कर्मचारियों की वेतन का स्ट्रक्चर बदल जाएगा, बेसिक सैलरी बढ़ने से पीएफ और ग्रेच्युटी का पैसा ज्यादा पहले से ज्यादा कटेगा. पीएफ बेसिक सैलरी पर आधारित होता है. पीएफ बढ़ने पर टेक-होम या हाथ में आने वाला सैलरी कम हो जाएगी.

बढ़ जाएंगे काम के घंटे

साथ की कंपनियों के पास अधिकार होगा कि वह काम के घंटों को बढ़ाकर एक दिन में 12 घंटे कर सकती है लेकिन फिर एक दिन छुट्टी अधिक मिलेगी। यानी 3 दिन कर्मचारियों को छुट्टी मिल सकेगी।

बढ़ जाएगा रिटायरमेंट पर मिलने वाला पैसा

ग्रेच्युटी और पीएफ में योगदान बढ़ने से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाला पैसा बढ़ जाएगा. इससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद बेहतर जीवन जीने में आसानी होगी. पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ने से कंपनियों के लिए लागत में भी बढ़ोतरी होगी क्योंकि उन्हें भी कर्मचारियों के लिए पीएफ में ज्यादा योगदान देना होगा. इसका सीधा असर उनकी बैलेंस शीट पर पड़ेगा.

Source: Money Control

Berojgari Bhatta: इन राज्यों में बेरोजगारों को सरकार से मिलता है पैसा, जानिए कैसे उठाएं फायदा

देश में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या है. न जाने कितने पढ़े-लिखे युवा रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं. कई बार तो ऐसी नौबत आ जाती है कि नौकरी न मिलने से बेरोजगार युवक आत्महत्या तक कर लेते हैं. ऐसे में तमाम राज्य सरकारें शिक्षित बेरोजगार युवाओं की हौसलाफजाई के लिए बेरोजगारी भत्ता मुहैया कराती हैं.

मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh), बिहार (Bihar), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) जैसे राज्यों में सरकारें बेरोजगार भत्ता मुहैया कराती हैं. सभी राज्यों में बेरोजगारी भत्ता हासिल करने के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने की सुविधा मुहैया कराई है.

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाते हैं. इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होता है. बेरोजागरी भत्ता हासिल करने के लिए कैंडिडेट को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए. कम से कम 12वीं पास होना चाहिए. उम्र 21 से 35 साल के बीच होना चाहिए. कैंडिडेट के परिवार की सालाना इनकम 3 लाख रुपये से कम होना चाहिए. इसके लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, 12वीं की मार्कशीट जैसे तमाम डॉक्यूमेंट्स की मांग की जाती है.

जानिए कैसे करें अप्लाई

मध्य प्रदेश में बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए कैंडिडेट को सरकार की आधिकारिक वेबसाइट http://mprojgar.gov.in/ पर विजिट करना होगा. वेबसाइट पर दिए गए Job Seeker New to this Portal के ऑप्शन पर क्लिक करना है. इसके बाद एक फार्म खुलेगा जिसमें मांगी गई जानकारी दर्ज करनी है. इसके बाद कुछ डॉक्यूमेंट्स अटैच करना होगा. फिर आईडी, पासवर्ड और कैप्चा कोड भर कर Submit पर क्लिक करना होगा. इसके बाद रजिस्ट्रेशन हो जाएगा. अब आप आईडी और पासवर्ड से कभी भी अपने एप्लीकेशन का स्टेटस चेक कर सकते हैं.

बिहार

बिहार में राज्य सरकार ने साल 2016 में मुख्‍यमंत्री निश्‍चय स्‍वयं सहायता भत्‍ता योजना की शुरुआत की थी. बिहार में इस योजना के तहत 20 से 25 साल उम्र के शिक्षित लोग फायदा उठा सकते हैं. इसके लिए इंटर पास होना जरूरी है. कैंडिडेट को बिहार का मूल निवासी होना जरूरी है. साथ ही उसके पास कोई नौकरी या रोजगार का साधन नहीं होना चाहिए. योजना का लाभ पाने के लिए आधार कार्ड, इंटर या समकक्ष परीक्षा पास करने का प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और बैंक पासबुक होना जरूरी है.

इसके लिए वेबसाइट https://www.7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in/addFtrUserPage या ऐप के जरिए अप्लाई कर सकते हैं.

Source : Money Control

Covid-19: टला नहीं है कोरोना संक्रमण का खतरा, लगाएं मास्क, ICMR हेल्थ एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है ऐसे में कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन पर ज़ोर दिया जा रहा है है. तो वहीं आईसीएमआर में महामारी विभाग के पूर्व हेड डॉ. रमन गंगाखेडकर ने लोगों से अपील की है कि वे वैक्सीन लें और कोरोना महामारी संबंधित अन्य नियमों का पालन करें.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए डॉ. रमन गंगाखेडकर ने कहा कि, अभी तक कोरोना का कोई नया वेरिएंट सामने नहीं आया है. वे लोग जिनकी उम्र ज्यादा है, वे लोग जिन्होंने अब तक कोविड वैक्सीन नहीं ली है और वे लोग जो इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें फेस मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए.

डॉ. रमन गंगाखेडकर ने कहा मुझे नहीं लगता है कि इस वायरस का मौजूदा संक्रमण चौथी कोरोना की चौथी लहर है. पूरी दुनिया में ओमिक्रॉन वेरिएंट के सब वेरिएंट BA.2 के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं. कोरोना के बढ़ते मामलों के बावजूद हम लोग मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं और गलतफहमी में हैं कि अब संक्रमण का कोई खतरा नहीं है.

इससे पहले आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा था कि, सामाजिक गतिविधियां बढ़ने, मास्क नहीं पहनने और सावधानी नहीं रखने की वजह से कोरोना के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है. हालांकि प्रोफेसर अग्रवाल ने भी कहा है कि, फिलहाल कोरोना की चौथी लहर के कोई संकेत नहीं है.

इसके अलावा महामारी विशेषज्ञ और अन्य एक्सपर्ट्स ने लोगों से मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की है ताकि संक्रमण के संभावित खतरे से बचा जा सके. बता दें कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक समेत कई राज्यों में कोरोना के एक्टिव केस तेजी से बढ़े हैं, जिसकी वजह से हालात चिंताजनक हो गए हैं.

नुसरत जहां ने बिखेरा हुस्न का जलवा, गॉर्जियस लुक से फैंस को बना लिया दीवाना

एक्ट्रेस नुसरत कभी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर तो कभी अपनी तस्वीरों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहती हैं.. आए दिन उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं.

नुसरत ने इस बार अपने फैंस के लिए ट्रेडिशनल अवतार में फोटोज शेयर की हैं जिसमें उन्होंने पिंक फ्लोरल लहंगा पहना हुआ है. नुसरत की ये तस्वीरें फैंस को दीवाना बना रही है.

नुसरत ने इन तस्वीरों को कैप्शन दिया है “जब तुम्हारी आंखें मेरी आंखों से मिलती हैं, मेरी आत्मा तुम्हारी तरफ देखती है और दिल में खुसपुस करती है”.