Home Blog Page 64

Maharashtra : शिवसेना नेता संजय राउत ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- कांग्रेस के साथ साल 2024 में देश में बनेगी गठबंधन सरकार

शिवसेना सांसद संजय राउत ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि 2024 में उस गठबंधन की सरकार केंद्र में आएगी जिसमें कांग्रेस प्रमुख पार्टी होगी. पुणे प्रेस क्लब द्वारा आयोजित जेएस करांदीकर स्मृति व्याख्यान देने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में राउत ने कहा, ‘‘बिना कांग्रेस के कोई सरकार नहीं बन सकती जो देश की प्रमुख और गहरी जड़ों वाली पार्टी है. कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल भी है. अन्य दल क्षेत्रीय हैं.’’

कई दशकों तक भाजपा के सत्ता में रहने संबंधी राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बयान के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि भाजपा भारतीय राजनीति में रहेगी, लेकिन विपक्षी दल के रूप में. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा दावा करती है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है. अगर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी चुनाव हार जाती है तो वह विपक्षी पार्टी बन जाएगी. उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में भाजपा 105 विधायकों के साथ मुख्य विपक्षी दल है.’’

भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, “इस समय हमारा ध्यान दादरा नगर हवेली और गोवा पर है. उत्तर प्रदेश के चुनावों के लिए अभी समय है. हम उत्तर प्रदेश में छोटे दल हैं लेकिन चुनाव लड़ेंगे.” इससे पहले राउत ने व्याख्यान देते हुए मीडिया के सामने मौजूद अनेक चुनौतियों को रेखांकित किया.

उन्होंने दावा किया, “पिछले दो साल से सत्तारूढ़ दल कोरोना वायरस महामारी का हवाला देकर मीडियाकर्मियों को संसद के सेंट्रल हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहा, लेकिन प्रवेश पर पाबंदी की मुख्य वजह डर है कि यदि संवाददाताओं को मंत्रियों से बातचीत करने का मौका दिया तो कई चीजें सामने आ सकती हैं. मंत्रियों को पत्रकारों से दूरी बनाने को कहा गया है, मीडिया को आपातकाल में भी इतना नहीं रोका गया, जिस तरह आज रोका जा रहा है.”

शिवसेना सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल अपने पक्ष में खबरें चाहती है. उन्होंने कहा, ‘‘एक अखबार ने गंगा नदी में तैरती लाशों पर खबर प्रकाशित की तो आयकर विभाग ने उसके दफ्तरों पर छापेमारी की.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि जो उद्योग कारोबार के लिए लाइसेंस चाहते थे, उन्हें मीडिया संस्थानों में निवेश कराया गया ताकि सरकार मीडिया पर नियंत्रण कर सके. शिवसेना के राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया, ‘‘शीर्ष दस उद्योगपतियों ने मीडिया संस्थानों को खरीद लिया है. सरकार इसके पीछे है.’’

Covid-19 Update: देश में कोरोना संक्रमण के 12,830 नए मामले, 24 घंटे में 446 मरीजों की मौत

देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में दूसरे दिन भी गिरावट जारी रही. हालांकि, मौत के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं. बीते 24 घंटे में देश में कोविड-19 के 12 हजार 830 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान 446 मरीजों की मौत हुई. नए आंकड़ों को मिलाकर देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 करोड़ 42 लाख 73 हजार 300 पर पहुंच गई है. वहीं, अब तक 4 लाख 58 हजार 186 मरीज जान गंवा चुके हैं. इलाज करा रहे मरीजों की मौजूदा संख्या 1 लाख 59 हजार 272 है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रोम में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में कहा कि भारत अगले साल के अंत तक कोविड-19 टीके की पांच अरब खुराक का उत्पादन करने के लिए तैयार है. उन्होंने यह टिप्पणी कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत के योगदान को रेखांकित करते हुए की. प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा भारत में विकसित कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए अधिकृत करने का फैसला लंबित है और सुझाव दिया कि इसे मंजूरी देने से भारत अन्य देशों की मदद कर सकता है.

वहीं महाराष्ट्र में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,130 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 66,09,906 हो गई. राज्य में संक्रमण से 26 और मरीजों की मौत हो जाने से मृतक संख्या बढ़कर 1,40,196 हो गई. स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी. विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 2,148 मरीज संक्रमण मुक्त हुए, जिससे राज्य में इस जानलेवा वायरस के संक्रमण को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 64,49,186 हो गई. राज्य में फिलहाल 16,905 मरीज उपचाराधीन हैं.

केरल में शनिवार को कोविड-19 के 7,427 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 49,61,490 हो गई है, जबकि इस दौरान 62 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की तादाद बढ़ कर 31,514 हो गयी. केरल में बीते 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 7,166 मरीज संक्रमण मुक्त हुए, जिससे राज्य में इस जानलेवा वायरस के संक्रमण को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 48,50,742 हो गई है. विज्ञप्ति में बताया कि राज्य में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 78,624 हो गयी है, जिनमें से केवल 8.2 प्रतिशत मरीज ही विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं.

दिल्ली में शनिवार को कोविड-19 के 37 नए मामले सामने आए, वहीं संक्रमण से किसी मरीज की मौत नहीं हुई. इस दौरान संक्रमण दर 0.06 प्रतिशत दर्ज की गई. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई. दिल्ली में अक्टूबर में संक्रमण से चार मरीजों की मौत हुई है. पिछले माह पांच मरीजों की संक्रमण से मौत हुई थी.

बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटे में 22 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी गई. नए मामलों के सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 14,39,825 हो गई. इसमें से 14.14 लाख से अधिक लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं. वहीं, मृतकों की संख्या 25,091 है. (भाषा इनपुट के साथ)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैटिकन में पोप फ्रांसिस से मुलाकात की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार वैटिकन पहुंचकर पोप फ्रांसिस से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कोविड, सामान्य वैश्विक परिदृश्य और शांति एवं स्थिरता बरकरार रखने समेत विभिन्न मुद्दों पर बात की. प्रधानमंत्री मोदी और कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप फ्रांसिस के बीच आमने-सामने यह पहली बैठक थी.

मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जिनसे फ्रांसिस ने 2013 में पोप बनने के बाद मुलाकात की है. वैटिकन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मोदी के साथ मौजूद थे.

प्रधानमंत्री ने वैटिकन सिटी के विदेश मंत्री कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन से भी मुलाकात की. ऐतिहासिक बैठक से पहले विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शुक्रवार को कहा था कि प्रधानमंत्री की पोप के साथ अलग से बैठक होगी.

रोम में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा, ‘वह पोप से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे. श्रृंगला ने कहा था, ‘कल, प्रधानमंत्री परम पावन पोप फ्रांसिस से वैटिकन सिटी में भेंट करेंगे, और उसके बाद वह जी 20 सत्रों में भाग लेंगे, जहां वह और भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे.

उन्होंने कहा था कि बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हो सकती है. श्रृंगला ने बताया था कि वैटिकन ने वार्ता के लिए कोई एजेंडा तय नहीं किया है.

उन्होंने कहा था, ‘‘ मेरा मानना है कि पंरपरा है कि जब परम पावन (पोप) से चर्चा होती है तो कोई एजेंडा नहीं होता और हम इसका सम्मान करते हैं. मैं आश्वस्त हूं कि इस दौरान आम तौर पर वैश्विक परिदृश्य और उन मुद्दों को लेकर जो हमारे लिए महत्वपूर्ण है चर्चा में शामिल होंगे.’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19, स्वास्थ्य के मुद्दे, कैसे हम साथ काम कर सकते हैं…ये कुछ विषय हैं जिनपर मेरा मानना है कि आमतौर पर चर्चा होगी.’’

T20 WC IND vs NZ : न्यूजीलैंड के खिलाफ ‘क्वार्टर फाइनल’ जैसे मुकाबले में कोहली की कप्तानी की अग्निपरीक्षा

पाकिस्तान से मिली हार के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को टी20 विश्व कप सुपर 12 चरण का मुकाबला भारतीय टीम के लिये ‘करो या मरो’ का होगा और विराट कोहली की कप्तानी की भी यह अग्निपरीक्षा होगी जिसमें उन्हें अपनी टीम से अपेक्षाओं पर खरे उतर पाने की उम्मीद होगी.

पिछले रविवार को पाकिस्तान से दस विकेट से मिली करारी हार को भुलाकर भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा. न्यूजीलैंड जैसी बेहतरीन टीम के सामने यह उतना आसान नहीं है. टिम साउदी और ट्रेंट बोल्ट खासकर भारतीय बल्लेबाजों के लिये अक्सर परेशानी का सबब बनते आये हैं.

न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन शत प्रतिशत फिट नहीं है और मार्टिन गुप्टिल के पैर में भी चोट है. डेवोन कोंवे हालांकि बेहद आक्रामक और खतरनाक बल्लेबाज हैं.

भारत के गेंदबाज पाकिस्तान के खिलाफ बुरी तरह नाकाम रहे थे लेकिन यहां कोई कोताही चल नहीं सकेगी. पूरी तरह से फिट नहीं होने के बावजूद खेल रहे हार्दिक पंड्या और खराब फॉर्म से जूझ रहे भुवनेश्वर कुमार भारतीय टीम की कमजोर कड़ियां साबित हुए हैं. कमर की चोट से उबरने के बाद से हार्दिक चिर परिचित फॉर्म में नहीं हैं और उनका कैरियर अब दांव पर लगा है.

नेट पर उनका गेंदबाजी अभ्यास करना ही इस बात का द्योतक है कि वह किस कदर दबाव में है. उनकी टीम मुंबई इंडियंस भी उन्हें आईपीएल नीलामी पूल में डालने जा रही है लिहाजा उनके पास अधिक समय नहीं बचा है.

भुवनेश्वर का संभवत: यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है. पिछले दो सत्र में उनकी रफ्तार काफी गिरी है और दीपक चाहर जैसे युवा गेंदबाजों से प्रतिस्पर्धा अब उनके लिये कठिन हो गई है.

भारत ने हाल ही में टेस्ट प्रारूप में पहला मैच हारने के बाद शानदार वापसी करके दिखाई है. बतौर टी20 कप्तान अपना आखिरी टूर्नामेंट खेल रहे कोहली भी इतनी आसानी से हार मानने वालों में से नहीं है. यहां नाकामी के मायने हैं कि 50 ओवरों और टेस्ट प्रारूप में भी उनकी कप्तानी को लेकर सवाल उठने लगेंगे.

कोहली ऐसे खिलाड़ी हैं जो प्रतिकूल परिस्थितियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का माद्दा रखते हैं और उन्हें ऐसी चुनौतियां पसंद भी आती है. कई मौकों पर वह टीम के संकटमोचक रह चुके हैं लेकिन पिछले कुछ अर्से में कप्तान कोहली और बल्लेबाज कोहली का सामंजस्य देखने को नहीं मिला.

भारतीय टीम का टूर्नामेंट के आखिरी चरण तक खेलना सिर्फ उसके करोड़ों प्रशंसकों की भावनात्मक जरूरत ही नहीं है बल्कि टूर्नामेंट के व्यावसायिक हितों के लिये भी यह जरूरी है. कमोबेश आसान समूह में होने के बावजूद आईपीएल में स्टार साबित होने वाले भारतीय दिग्गजों के टूर्नामेंट से जल्दी बाहर होने में अब एक जीत या हार भर का अंतर है.

पाकिस्तान तीनों कठिन मैच खेलकर तीनों में जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर चुका है. उसे अब नामीबिया और स्कॉटलैंड से खेलना है. ऐसे में दूसरे स्थान के लिये मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड में है और जो जीतेगा , वह दूसरे स्थान पर रहेगा.

ओस को देखते हुए टॉस की भूमिका अहम रहेगी. ऐसे में कोहली टॉस जीतकर यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि उनके शीर्ष बल्लेबाजों को ओस के बीच ट्रेंट बोल्ट की खतरनाक स्विंग नहीं झेलनी पड़े क्योंकि वह शाहीन शाह अफरीदी से भी ज्यादा कहर बरपा सकते हैं. सूर्यकुमार यादव और ऋषभ पंत से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी.

टीमें :

भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप कप्तान), केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, ईशान किशन, शार्दुल ठाकुर, रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, राहुल चाहर

न्यूजीलैंड :

केन विलियमसप (कप्तान), टॉड एस्टल, ट्रेंट बोल्ट, मार्क चैपमैन, डेवोन कोंवे, लॉकी फर्ग्युसन, मार्टिन गुप्टिल, काइल जैमीसन, डेरिल मिशेल, जिम्मी नीशाम, ग्लेन फिलिप्स, मिशेल सेंटनेर, टिम सीफर्ट, ईश सोढी, टिम साउदी. मैच का समय : शाम 7. 30 से

Maharashtra : दुष्कर्म के आरोपी की पत्नी से पैसे वसूलने के मामले में 5 गिरफ्तार

पुलिस ने महाराष्ट्र के नवी मुंबई में रेप के एक मामले में आरोपी की पत्नी से कथित रूप से जबरन धन वसूलने को लेकर तीन महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटिल ने बताया कि नवी मुंबई के उल्वे इलाके में रहने वाले व्यक्ति के खिलाफ इस महीने की शुरुआत में एनआरआई पुलिस थाने में बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था. उन्होंने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता होने का दावा करने वाली एक महिला आरोपी की पत्नी के पास पहुंची और उसने एक अन्य महिला द्वारा उसके पति के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत वापस लेने के लिए कथित रूप से 14 लाख रुपए मांगे.

अधिकारी ने बताया कि इस बात पर सहमति बनी कि शिकायतकर्ता को ढाई लाख रुपए दिए जाएंगे और इसमें से 50,000 रुपए उस महिला को दिए जाएंगे, जिसने आरोपी की पत्नी से संपर्क किया था. बाद में आरोपी की पत्नी ने पैसे मांगने वाली महिला के खिलाफ एनआरआई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को जाल बिछाया और सीवुड्स इलाके में बलात्कार मामले की शिकायतकर्ता, उसकी मां, पैसे मांगने वाली महिला और उनके साथ आए दो पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया.

उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 388 (जबरन वसूली) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है. महिला ने बताया कि सभी आरोपियों ने धमकी दी थी अगर वह पैसे नहीं देती है तो उसके पति के खिलाफ और भी धाराओं में ममाला दर्ज कराया जाएगा. महिला ने बताया कि पहले तो उससे 14 लाख रुपये की मांग की गई थी. महिला ने जब बताया कि उसके पास इतने रुपये नहीं हैं तो रकम को कम करने की बात कही गई. बाद में ढाई लाख रुपये पर बात तय हो गई.

महिला ने बताया कि उसे शक था कि शिकायत वापस लेने वाली महिला पैसे लेने के बाद अपनी बात से मुकर जाएगी. यही कारण है कि उसने इस पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दे दी. इसके बाद जिस दिन महिला को पैसे देने के लिए बुलाया गया, उसी वक्‍त वहां मौजूद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

Mumbai : आर्यन खान की जमानत के बाद बोले नवाब मलिक- ‘पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त’

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. आर्यन खान को जमानत मिलने के बाद महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने ट्वीट कर शाहरुख खान की फिल्म ‘ओम शांति ओम’ का एक डायलॉग ‘पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त’ पोस्ट किया है. नवाब मलिक ने आर्यन खान ड्रग्स मामले को पहले ही फर्जी बता चुके हैं और एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर लगातार हमलावर हैं. वहीं, उन्होंने आर्यन की जमानत के बाद ट्वीट करते हुए संकेत भी दे दिया है कि वानखेड़े के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी.

जानकारी के लिए बता दें कि ने हाईकोर्ट ने एनसीबी द्वारा गिरफ्तारी के तीन सप्ताह बाद आर्यन खान और दो सह-आरोपियों को जमानत दे दी. आर्यन, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को ड्रग-रोधी एजेंसी ने तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था और प्रतिबंधित मादक पदार्थ को रखने, खपत, बिक्री/खरीद, साजिश और उकसाने के लिए नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.

मलिक ने वीडियो संदेश में कहा, ”आर्यन खान और अन्य को गिरफ्तार करने वाले अधिकारी (वानखेड़े) ने अब बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और मुंबई पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए आदेश जारी करने का अनुरोध किया है. उन्होंने (वानखेड़े ने) मुंबई पुलिस से संपर्क करके पिछले हफ्ते संरक्षण की मांग की थी. उन्होंने वास्तव में कुछ गलत किया होगा और इसलिए कार्रवाई से डरते हैं.”

मलिक ने कहा, ‘मुंबई पुलिस ने बॉम्बे उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि अगर वे ऐसी कोई कार्रवाई करने का इरादा रखते हैं तो वे 72 घंटे पहले उनकी गिरफ्तारी का नोटिस जारी करेंगे. मैं अपनी पिछली टिप्पणियों को दोहराता हूं कि यह ड्रग केस पूरी तरह से फर्जी है.

बच्चों को इस मामले में जानबूझकर फंसाया गया था.’ इससे पहले भी राकांपा नेता ने वानखेड़े के खिलाफ कई आरोप लगाए थे, जिसमें अवैध फोन टैपिंग और नौकरी हासिल करने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल शामिल था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 नवंबर को केदारनाथ जाएंगे, कई योजनाओं का करेंगे शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच नवंबर को उत्तराखंड के केदारनाथ धाम जाएंगे और वहां आदि शंकराचार्य की समाधि सहित कई प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे. साथ ही वह क्रियान्वित व जारी योजनाओं की समीक्षा व अवलोकन करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी पांच नवंबर को केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे और उसके बाद आदि शंकराचार्य की समाधि का उद्घाटन करेंगे और उनकी मूर्ति का लोकार्पण करेंगे. ज्ञात हो कि छह नवंबर से सर्दियों के लिए केदारनाथ धाम के कपाट बंद होना निर्धारित है.

वर्ष 2013 में आई भीषण बाढ़ में यह समाधि क्षतिग्रस्त हो गई थी. इसके बाद उसका निर्माण किया गया. पीएमओ ने कहा कि यह पुनर्निमाण कार्य प्रधानमंत्री की निगरानी और निर्देशन में हुआ है. वह लगातार इसकी निगरानी भी करते रहे हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री सरस्वती आस्थापथ के इर्दगिर्द हुए निर्माण कार्य व जारी विकास कार्यों की समीक्षा व अवलोकन भी करेंगे. प्रधानमंत्री इस अवसर पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. पीएमओ के मुताबिक सरस्वती आस्थापथ व घाटों, मंदाकिनी आस्थापथ, तीरथ पुरोहित आवास और मंदाकिनी नदी पर बने गुरूड़ छत्ती पुल सहित कई अन्य अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इन परियोजनाओं को 130 करोड़ रुपये से तैयार किया गया है.

प्रधानमंत्री इसके साथ ही 180 करोड़ रुपये की लागत वाली कई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे. इनमें संगम घाट का पुनर्विकास, प्राथमिक उपचार और पर्यटक सुविधा केंद्र, प्रशासनिक कार्यालय और अस्पताल, मंदाकिनी आस्थापथ लाइन प्रबंधन, वर्षा से बचने के लिए स्थल और सरस्वती नगरीय सुविधा इमारत शामिल हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2017 में केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण के संदर्भ में ध्यान योग गुफाएं बनाने की बात कही थी. इस निर्देश पर तीन गुफाएं तैयार हो चुकी हैं जबकि चौथी का काम अंतिम चरण में है. भक्त यहां रात दिन ध्यान और योग कर सकें इसलिए इन गुफाओं में बिजली, पानी और टॉयलेट आदि के इंतज़ाम किए गए हैं. धाम से करीब डेढ़ किमी दूर दुग्धगंगा से गरुड़चट्टी के बीच ये गुफाएं बनी हैं, जिन पर करीब 27 लाख रुपये खर्च हुए. पौराणिक कला को ध्यान में रखकर बनाई गई हर गुफा में एक एक साधक ध्यान कर सकता है. 12,500 फीट की ऊंचाई पर बनी इन गुफाओं में पानी गर्म करने जैसी सुविधाएं भी हैं.

याद रखने की बात यह है कि 2019 में आम चुनाव के बाद पीएम मोदी केदारनाथ धाम पहुंचे थे और यहां 18 घंटे ध्यान किया था. हालांकि पिछले करीब डेढ़ साल से कोरोना के चलते यहां ध्यान की अनुमति नहीं थी. अब यहां गुफाओं को भक्तों को खोला जा रहा है.

सोनिया ने पार्टी में अनुशासन और एकजुटता पर जोर दिया, मोदी सरकार पर निशाना साधा

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को पार्टी के भीतर अनुशासन एवं एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि पार्टी में राज्य स्तर के नेताओं के बीच नीतिगत मुद्दों पर स्पष्टता एवं समन्वय का अभाव दिखता है.

पार्टी महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक में उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि अगर लड़ाई जीतनी है तो जनता के समक्ष भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘दुष्प्रचार’ एवं ‘झूठ’ को बेनकाब करना होगा.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें भाजपा / आरएसएस के द्वेषपूर्ण दुष्प्रचार के खिलाफ लड़ना है. अगर यह लड़ाई जीतनी है तो हमें पूरे संकल्प के साथ यह करना होगा और जनता के समक्ष उनके झूठ को बेनकाब करना होगा.’’

सोनिया गांधी ने जोर देकर कहा, ‘‘अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी रोजाना विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण और विस्तृत बयान जारी करती है. परंतु यह अनुभव किया गया है कि ब्लॉक और जिला स्तर के हमारे कार्यकर्ताओं तक यह नहीं पहुंचता. नीतिगत मुद्दे हैं जिन पर पर मुझे स्पष्टता एवं समन्वय के अभाव का पता चलता है तथा यह हमारे राज्य स्तर के नेताओं के बीच भी है.’’

उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा, ‘‘आपको हमारे कार्यकर्ताओं को इस तरह प्रशिक्षित करना होगा कि वह भाजपा / आरएसएस की ओर से चलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार का मुकाबला कर सकें. आपको हमारे कार्यकर्ताओं को ऐसे भी प्रशिक्षित करना है कि वह कांग्रेस की विचारधारा को बरकरार रखते हुए, और आगे बढ़ाते हुए, लड़ाई लड़ें.’’

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘हमारा अपना इतिहास इस तथ्य का साक्षी है कि अगर अन्याय और असमानता के खिलाफ संगठन को सफल होना है, अगर कमजोरों के अधिकारों के लिए प्रभावी पैरोकार बनना है तो इसे जमीनी स्तर पर व्यापक आंदोलन का रूप लेना होगा.’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार ने हमारी संस्थाओं को नष्ट करने का प्रयास किया है ताकि वह जवाबदेही से बच सके. उसने संविधान के आधारभूत मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास किया है ताकि वह खुद के लिए निचले स्तर के लिए मानक रख सके. उसने हमारे लोकतंत्र की बुनियादी बातों को सवालों को घेरे में खड़ा किया है.’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमें सरकार के दमन के शिकार पीड़ितों के लिए अपनी लड़ाई को दोगुनी ताकत देनी चाहिए, चाहे वह हमारे किसान और खेतिहर मजदूर हों, रोजगार के लिए लड़ते युवा हों, छोटे एवं मझोले कारोबारी हों या फिर हमारे वंचित भाई-बहन हों.’’

उन्होंने यह भी कहा कि इस वादे को सही मायने में सार्थक बनाने के लिए संगठन में समाज के सभी हिस्सों को ज्यादा प्रतिनिधित्व देना होगा.

सोनिया ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘आने वाले महीनों में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इन राज्यों में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और नेता कमर कस रहे हैं. हमारा चुनाव अभियान समाज के सभी तबकों के साथ चर्चा के बाद सामने आई ठोस नीतियों एवं कार्यक्रमों के आधार पर होना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं फिर इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि अनुशासन और एकजुटता की जरूरत है. आप और हम सबके लिए यह मायने रखता है कि संगठन मजबूत हो. यह व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर होना चाहिए. इसी में सामूहिक और व्यक्तिगत दोनों सफलताएं निहित हैं.’’

पार्टी मुख्यालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल तथा अन्य महासचिव, प्रभारी एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष शामिल हुए.

यह बैठक कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में सदस्यता अभियान, महंगाई के मुद्दे पर जन-जागरण अभियान तथा संगठनात्मक चुनाव के तय किये गए कार्यक्रमों की पृष्ठभूमि में हुई है.

गत 16 अक्टूबर को हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में संगठनात्मक चुनाव का कार्यक्रम तय करने के साथ ही यह निर्णय लिया गया था कि आगामी एक नवंबर से कांग्रेस सदस्यता अभियान चलाएगी, जो अगले साल 31 मार्च तक चलेगा. इसके साथ ही फैसला हुआ था कि 14 से 29 नवंबर के बीच महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा.

Maharashtra : शिवसेना का BJP पर निशाना, कहा- पार्टी खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों का आका मानती है

नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्यूरो के क्रूज जहाज पर नशीले पदार्थ पकड़े जाने के मामले पर जारी राजनीतिक घमासान के बीच शिवसेना ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी ऐसा मानकर चल रही है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां की आका वही है लेकिन उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि लोकतंत्र में आका बदलते रहते हैं.

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा गया है कि नशीले पदार्थ मामले में 25 करोड़ रुपये मांगे जाने के आरोप एक बड़ी समस्या का केवल छोटा-सा हिस्सा है. इस मामले में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान का बेटा आर्यन खान आरोपी है. उसने कहा, ‘‘आका और उनके सियासी हुक्म सुनने वालों को परिणामों की चिंता करनी चाहिए.’’

उसने कहा कि सवाल अभिनेता शाहरुख खान या उनके बेटे का नहीं है बल्कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के चरित्र और ईमानदारी का है. इसकी जांच कौन करेगा कि मामले में एनसीबी का एक गवाह किरण गोसावी कहां छिपा है?

पुणे में धोखाधड़ी के मामले का सामना कर रहा गोसावी तब से लापता है जब से मुंबई तट पर इस महीने एक क्रूज जहाज पर एनसीबी के छापा मारने के बाद आर्यन खान के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी.

सोमवार को गोसावी ने उसके सहायक और मामले में एक और गवाह प्रभाकर सैल द्वारा वसूल की दावों से इनकार कर दिया और कहा कि वह जल्द ही लखनऊ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करेगा. एनसीबी ने आर्यन खान को छोड़ने के बदले में एजेंसी के मुंबई मंडल के निदेशक समीर वानखेड़े समेत कुछ अधिकारियों द्वारा 25 करोड़ रुपये की वसूली मांगने के सैल के दावों की जांच के आदेश दिए हैं.

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ तीन दलों शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने लगातार आरोप लगाया है कि विपक्षी दलों को निशाना बनाए जाने के लिए केंद्रीय एजेंसियां का इस्तेमाल किया जा रहा है. ‘सामना’ में संपादकीय में कहा गया है, ‘‘भाजपा ऐसा मानकर चल रही है कि वह केंद्रीय जांच एजेंसियों का आका है. उसे यह भूलना नहीं चाहिए कि लोकतंत्र में आका बदलते रहते हैं. इतिहास इसका गवाह है. भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह अन्य किसी राजनीतिक दल की तरह ही है. उसे याद रखना चाहिए कि राजनीतिक ताकत आती-जाती रहती है.’’

शिवसेना ने दावा किया, ‘‘भाजपा किसी वक्त सिद्धांतों, त्याग और राष्ट्रवाद को मानने वाली पार्टी थी लेकिन हम उसके मौजूदा रूप में उससे इसकी उम्मीद नहीं रख सकते हैं. यहां तक कि भाजपा में वरिष्ठ नेता भी असहज हैं.’’

उसने कहा कि लोग इसपर हैरान हैं कि कुछ ग्राम नशीले पदार्थ के लिए आर्यन खान मामले में 25 करोड़ रुपये क्यों मांगे गए. उसने कहा, ‘‘गुजरात में अडानी के नियंत्रण वाले मुंद्रा बंदरगाह पर पकड़ी गयी 3,500 किलोग्राम हेराइन के मामले में कितनी रकम मांग गयी होगी? कोई नहीं जानता कि कब यह मामला बंद हो गया लेकिन आर्यन खान का मामला अब भी चल रहा है.’’

संपादकीय में कहा गया है कि मादक पदार्थ से संबंधित कानून कहता है कि ऐसे मामलों में फंसे बच्चों को सही मार्ग पर लाए. उन्हें उनके काम के लिए सजा दी जानी चाहिए लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे बार-बार उसी जाल में न फंसे लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसा नहीं हो रहा है.

पुणे में धोखाधड़ी के मामले का सामना कर रहा गोसावी तब से लापता है जब से मुंबई तट पर इस महीने एक क्रूज जहाज पर एनसीबी के छापा मारने के बाद आर्यन खान के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी.

सोमवार को गोसावी ने उसके सहायक और मामले में एक और गवाह प्रभाकर सैल द्वारा वसूल की दावों से इनकार कर दिया और कहा कि वह जल्द ही लखनऊ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करेगा. एनसीबी ने आर्यन खान को छोड़ने के बदले में एजेंसी के मुंबई मंडल के निदेशक समीर वानखेड़े समेत कुछ अधिकारियों द्वारा 25 करोड़ रुपये की वसूली मांगने के सैल के दावों की जांच के आदेश दिए हैं.

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ तीन दलों शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने लगातार आरोप लगाया है कि विपक्षी दलों को निशाना बनाए जाने के लिए केंद्रीय एजेंसियां का इस्तेमाल किया जा रहा है. ‘सामना’ में संपादकीय में कहा गया है, ‘‘भाजपा ऐसा मानकर चल रही है कि वह केंद्रीय जांच एजेंसियों का आका है. उसे यह भूलना नहीं चाहिए कि लोकतंत्र में आका बदलते रहते हैं. इतिहास इसका गवाह है. भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह अन्य किसी राजनीतिक दल की तरह ही है. उसे याद रखना चाहिए कि राजनीतिक ताकत आती-जाती रहती है.’’

शिवसेना ने दावा किया, ‘‘भाजपा किसी वक्त सिद्धांतों, त्याग और राष्ट्रवाद को मानने वाली पार्टी थी लेकिन हम उसके मौजूदा रूप में उससे इसकी उम्मीद नहीं रख सकते हैं. यहां तक कि भाजपा में वरिष्ठ नेता भी असहज हैं.’’

उसने कहा कि लोग इसपर हैरान हैं कि कुछ ग्राम नशीले पदार्थ के लिए आर्यन खान मामले में 25 करोड़ रुपये क्यों मांगे गए. उसने कहा, ‘‘गुजरात में अडानी के नियंत्रण वाले मुंद्रा बंदरगाह पर पकड़ी गयी 3,500 किलोग्राम हेराइन के मामले में कितनी रकम मांग गयी होगी? कोई नहीं जानता कि कब यह मामला बंद हो गया लेकिन आर्यन खान का मामला अब भी चल रहा है.’’

संपादकीय में कहा गया है कि मादक पदार्थ से संबंधित कानून कहता है कि ऐसे मामलों में फंसे बच्चों को सही मार्ग पर लाए. उन्हें उनके काम के लिए सजा दी जानी चाहिए लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे बार-बार उसी जाल में न फंसे लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसा नहीं हो रहा है.

गुजरात की अदालत का मानहानि मामले में राहुल गांधी को पेश होने का निर्देश

गुजरात स्थित सूरत की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘मोदी उपनाम’ पर कथित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले के संबंध में बयान दर्ज कराने के लिए 29 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ए एन दवे ने सोमवार को गांधी को अपना बयान दर्ज कराने के लिए 29 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया. कांग्रेस नेता आखिरी बार इस साल 24 जून को अदालत में पेश हुए थे और उसके बाद से दो नए गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं.

इससे पहले गांधी अक्टूबर 2019 में अदालत में पेश हुए थे और उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए दोष स्वीकार नहीं किया था. गांधी के वकील किरीट पानवाला ने कहा, ‘अदालत ने सोमवार को राहुल गांधी को दो नए गवाहों के बयानों पर अपना बयान दर्ज कराने के लिए 29 अक्टूबर को पेश होने का मौखिक तौर पर निर्देश दिया. वह उस दिन अदालत में दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे के बीच पेश हो सकते हैं.’

सूरत से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पुर्णेश मोदी ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 499 और 500 के तहत अप्रैल 2019 में गांधी के खिलाफ एक शिकायत दर्ज करायी थी. शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि गांधी ने 2019 में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह कहकर पूरे मोदी समुदाय का अपमान किया कि ‘कैसे सभी चोरों का मोदी उपनाम होता है?’

पुर्णेश मोदी मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली सरकार में अब एक मंत्री हैं और उनके पास सड़क एवं भवन, परिवहन, नागरिक उड्डयन और पर्यटन तथा तीर्थ विकास विभाग का प्रभार है. गांधी के अदालत में आखिरी बार पेश होने के बाद से दो और गवाहों कर्नाटक के कोलार में तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी और भाषण रिकॉर्ड करने वाले निर्वाचन आयोग के वीडियो रिकॉर्डर ने बयान दर्ज कराए हैं. कांग्रेस नेता ने कोलार में ही भाषण दिया था.

कोलार में 13 अप्रैल 2019 को लोकसभा चुनावों के मददेनजर एक रैली में दिए गए भाषण में कांग्रेस नेता ने कहा था, ‘नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी…कैसे इन सभी का मोदी उपनाम है. कैसे सभी चोरों का मोदी उपनाम है?’