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पवन सिंह का ‘ए हो करेजा’ रिलीज होते ही यू-ट्यूब पर हुआ वायरल, देखिए VIDEO

भोजपुरी फ़िल्म अभिनेता पवन सिंह (Bhojpuri Actor Pawan Singh) की फिल्म ‘पवन पुत्र’ (Pawan Putr) का एक वीडियो सॉन्ग ‘ए हो करेजा’ (Ae Ho Kareja) रिलीज़ होते ही धूम मचा रहा है.

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए इस रोमांटिक गाने में पवन सिंह के साथ रितु पांडेय (Ritu Pandey) की केमिस्ट्री देखते ही बन रही है.

पवन सिंह स्टारर ‘पवन पुत्र’ को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था साथ ही पवन सिंह के अभिनय, फाइट और डांस की भी ख़ूब सराहना हुई थी. फिल्म में काजल राघवानी, प्रियंका पंडित भी हैं. नवोदित अभिनेत्री प्रियंका रेवड़ी (Priyanka Rewri) और रितु पांडेय को भोजपुरी सिनेमा के रुपहले पर्दे पर लॉन्च किया गया है.

West Bengal : TMC की जीत पर Uddhav Thackeray का बयान, कहा- जीत के लिए बंगाल की शेरनी को सारा श्रेय

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackery) ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी को अकेले ही चुनावी जीत दिलाने के लिए बधाई दी. तृणमूल कांग्रेस राज्य विधानसभा चुनाव की 292 सीटों पर हुए चुनाव में करीब 210 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. ठाकरे ने यहां जारी बयान में कहा कि बनर्जी ने अकेले ही बंगाल के आत्मसम्मान की लड़ाई का नेतृत्व किया.

उन्होंने कहा, ‘इस जीत के लिए सारा श्रेय बंगाल की शेरनी को जाता है.’ शिवसेना का नेतृत्व कर रहे ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्र के कई मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री बनर्जी को हराने के लिए पश्चिम बंगाल के मैदान में उतरे हुए थे.’

ठाकरे ने कहा, ‘लेकिन उन्होंने इन सभी ताकतों को हरा दिया. मैं उन्हें और पश्चिम बंगाल की जनता को उनकी हिम्मत के लिए बधाई देता हूं.’ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार की ओर परोक्ष इशारा करते हुए कटाक्ष किया कि अगर सब लोग राजनीति कर चुके हों तो आइए अब हम एकजुट होकर कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई पर ध्यान केंद्रित करें.

Covishield से कितनी अलग Covaxin? जानिए कौन सी वैक्सीन है कोरोना के नए म्यूटेंट पर ज़्यादा प्रभावी और इससे जुड़ी खास बातें

देश में कोरोनवायरस के बढ़ते ख़तरे और वायरस के म्यूटेशन को देखते हुए 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीनेट करने की मुहीम शुरू हो चुकी है. इस दौरान लोगों को कोवैक्सीन (Covaxin) और कोविशील्ड (Covishield) के डोज़ दिए जाएंगे. हालांकि जहाँ कुछ लोग वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट्स को लेकर लोग घबराए हुए हैं तो वहीं लोगों में वैक्सीन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि आख़िर वे कौन सी वैक्सीन लें? तो चलिए आपको बताते हैं कोवैक्सीन (Covaxin) और कोविशील्ड से जुड़ी ख़ास बातें:-

कैसे बनी वैक्सीन?

कोवैक्सीन को दरअसल भारत बायोटक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के साथ मिलकर डेवलप किया है. कोवैक्सीन एक इनएक्टिवेटेड वैक्सीन है, जो बीमारी पैदा करने वाले वायरस को निष्क्रिय करके बनाई गई है. तो वहीं कोविशील्ड चिम्पैंजी एडेनोवायरस वेक्टर पर आधारित वैक्सीन है. इसमें चिम्पैंजी को संक्रमित करने वाले वायरस को आनुवांशिक तौर पर संशोधित किया गया है ताकि ये इंसानों में ना फैल सके. इस संशोधित वायरस में एक हिस्सा कोरोना वायरस का है जिसे स्पाइक प्रोटीन कहा जाता है. ये वैक्सीन शरीर में इम्यून रिस्पॉन्स बनाती है जो स्पाइक प्रोटीन पर काम करता है. ये वैक्सीन एंटीबॉडी और मेमोरी सेल्स बनाती है जिससे के वायरस को पहचानने में मदद मिलती है.

वैक्सीन के फ़ायदे ?

शुरुआती दौर में कोवैक्सीन पर काफी उंगलियां उठाई गई थीं. लेकिन अब दुनियाभर के एक्सपर्ट ने इसकी काफ़ी प्रशंसा की है. पूरी दुनिया के एक्सपर्ट ने भी माना है कि कोवैक्सीन B.1.617 वेरिएंट यानी भारत के डबल म्यूटेंट वेरिएंट को बेअसर करने में काफ़ी हद तक कारगर है

कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों ही वैक्सीन WHO के स्टैंडर्ड को मैच करती हैं. कोवैक्सीन ने अपना बड़ा बड़ा ट्रायल इस साल फरवरी के अंत में पूरा किया था. क्लीनिकल स्टडीज के मुताबिक, भारत बायोटेक की इस वैक्सीन का एफिकेसी रेट 78 प्रतिशत है. स्टडी के मुताबिक, कोवैक्सीन घातक इंफेक्शन और मृत्यु दर के जोखिम को 100 फीसद तक कम कर सकती है जबकि कोविशील्ड का एफिकेसी रेट 70 प्रतिशत है, जिसे तकरीबन एक महीने बाद दूसरी डोज़ के साथ 90 फीसद तक बढ़ाया जा सकता है. ये न सिर्फ सिम्पटोमैटिक इंफेक्शन में राहत दे सकती है, बल्कि तेजी से रिकवरी भी कर सकती है.

साइड इफेक्ट

कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों ही रिएक्टोजैनिक साइड इफेक्ट के साथ आती हैं. इसमें इंजेक्शन साइट पर दर्द, बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, चक्कर आना मतली, सिर दर्द या पेट दर्ज जैसे साधारण देखने को मिल सकते हैं. हालांकि कोवैक्सीन में अभी तक कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं देखने को मिला है.

कोविशील्ड भी एक प्रभावशाली वैक्सीन है, लेकिन कई देशों में इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं. कई मामलों में लोगों को ब्लड क्लॉट की समस्या हो चुकी है. जबकि कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां लोगों को न्यूरोलॉजिकल से जुड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ा है

कितना डोज़ लेना होगा?

कोरोना से बचाव के लिए दोनों ही वैक्सीन के कुछ सप्ताह के अंतराल में दो-दो डोज़ दिए जाते हैं. ये दोनों ही वैक्सीन हाथ की मांसपेशियों में इंजेक्ट किए जाते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक, कोवैक्सीन की दूसरी डोज की जरूरत 4-6 सप्ताह के बाद होती है. जबकि कोविशील्ड की दूसरी डोज 6-8 सप्ताह के बाद दी जानी चाहिए.

कौन सी वैक्सीन है सबसे ज़्यादा असरदर?

भारत में कोरोना के नए म्यूटेंट ने ज्यादा कहर बरपाया है. ब्रिटेन, ब्राजिलियन और दक्षिण अफ्रीका में पाए गए स्ट्रेन के अलावा भारत में मिले डबल और ट्रिपल म्यूटेंट ने भी चिंता बढ़ा रखी है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नए इंफेक्शियस स्ट्रेन पर कोवैक्सीन का ज्यादा अच्छा रिजल्ट देखा गया है. हालांकि संक्रमण को जड़ से खत्म करने के लिए दोनों ही वैक्सीन बेहतर बताए गए हैं.

Source : Aaj Tak

वैक्सीन लगाने के लिये फ़ैन्स को कुछ यूं प्रोत्साहित कर रही है Sunny Leone

बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी कोरोना से बचाव के लिये लोगों को वैक्सीन लगाने के लिये प्रोत्साहित कर रही है.

सनी लियोनी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में सनी ने अपनी तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “चलिए कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में शामिल हो जाएं. यह वक्त है वैक्सीनेशन का.

सनी ने पोस्ट में लोगों से आग्रह किया है कि वह खुद भी वैक्सीन लगवाएं और अपने परिवार वालों भी वैक्सीन जरूर लगवाएं. खास तौर पर वह लोग जो फ्रंटलाइन में खड़े होकर कोरोना से जंग लड़ रहे हैं.

CSK vs MI, IPL 2021: मुंबई ने चेन्नई को 4 विकेट से हराया, किरोन पोलार्ड ने खेली 87 रनों की धमाकेदार पारी

मुंबई इंडियंस ने एक रोमांचक मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को 4 विकेट से मात दी है. मुंबई की तरफ से किरोन पोलार्ड ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 34 गेंदों में 87 नाबाद रन बनाए.

चेन्नई सुपर किंग्स के 219 रनों का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस को क्विंटन डिकॉक और रोहित शर्मा ने सधी शुरुआत दी. दोनों ने पहले विकेट के लिए 71 रनों की साझेदारी की. रोहित शर्मा को शार्दुल ठाकुर ने 35 के स्कोर पर ऋतुरात गायकवाड़ के हाथों कैच आउट कराया. इसके बाद सूर्यकुमार यादव की गेंद पर कैच आउट हो गए. अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहे क्विंटन डि कॉक को मोईन अली ने 38 के स्कोर पर पवेलियन भेजा. किरोन पोलार्ड ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 18 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया.

इससे पहले फाफ डुप्लेसिस (50) और मोईन अली (58) की शतकीय साझेदारी के बाद अंबाती रायुडु की नाबाद 72 रन की आतिशी पारी के दम पर चेन्नई सुपरकिंग्स ने मुंबई इंडियन्स के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 218 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. रायुडु ने महज 20 गेंद में अपना 20वां अर्धशतक पूरा करने के बाद 27 गेंद की नाबाद पारी में चार चौके और सात छक्के जड़े.

उन्होंने पांचवें विकेट के लिए जडेजा के साथ 102 रन अटूट साझेदारी की जिसमें जड़ेजा का योगदान 22 गेंद में सिर्फ 22 रन का था. चेन्नई की टीम 2008 के बाद पहली बार मुंबई के खिलाफ 200 से ज्यादा का स्कोर खड़ा करने में सफल रही. इससे पहले शुरुआती ओवर में रुतुराज गायकवाड के आउट होने के बाद डुप्लेसिस और मोईन ने दूसरे विकेट लिए 108 रन जोड़कर मजबूत नींव रखी.

मोईन ने 36 गेंद में चार चौके और पांच छक्के जड़े. मुंबई के लिए कीरोन पोलार्ड सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने दो ओवर में महज 12 रन देकर दो विकेट झटके. मुंबई के मुख्य गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने चार ओवर में एक विकेट लेकर 56 रन लुटाए. ट्रेंट बोल्ट ने चार ओवर में 42 रन देकर एक विकेट लिया. इससे पहले टॉस गंवाने के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरी चेन्नई के लिए रुतुराज गायकवाड़ ने पारी की दूसरी गेंद पर चौका लगाया, लेकिन बोल्ट ने उन्हें दो गेंद के बाद ही पवेलियन की राह दिखा दी.

हार्दिक ने कैच लेकर चार गेंद में उनकी चार की पारी को खत्म किया. शानदार लय में चल रहे फाफ डुप्लेसिस ने सत्र का पहला मैच खेल रहे धवल कुलकर्णी का स्वागत चौके के साथ करने के बाद तीसरी गेंद पर चहलकदमी करते हुए शानदार छक्का जड़ा. अगले ओवर में मोईन अली ने भी बोल्ट की लगातार गेंदों पर छक्का और फिर चौका लगाया. उन्होंने पांचवें ओवर में गेंदबाजी के लिए जसप्रीत बुमराह की धीमी गेंद पर अपना दूसरा छक्का जड़ा और फिर छठे ओवर में बोल्ट के खिलाफ चौका लगाया जिससे पावर प्ले में चेन्नई का स्कोर एक विकेट पर 49 रन हो गया.

मोईन ने 10वें ओवर में नीशम पर छक्का और फिर एक रन के साथ 33 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया. अगली गेंद पर हालांकि डुप्लेसिस रन आउट से बच गये. कीपर के हाथ में गेंद जाने से पहले ही ग्लब्स स्टंप्स को छू गया था और गिल्ली गिर गयी थी. उन्होंने इसके बाद लगातार दो चौके जड़े. डुप्लेसिस ने 11वें ओवर में बुमराह पर लगातार दो छक्के के साथ टीम के रनों और फिर मोईन के साथ साझेदारी का शतक पूरा किया. बुमराह ने हालांकि वापसी करते हुए विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक के हाथों कैच कराकर मोईन अली की पारी का अंत किया.

कप्तान रोहित ने 12वें ओवर में गेंद कीरोन पोलार्ड को थमाई और उन्होंने आखिरी दो गेंदों पर डुप्लेसिस और रैना के विकेट लेकर उनके फैसले को सही साबित किया. डुप्लेसिस ने 28 गेंद की पारी में दो चौके और चार छक्के लगाये तो वही रैना सिर्फ दो रन बना सके. अंबाती रायुडु ने 15वें ओवर में राहुल चाहर की गेंद पर क्रीज का इस्तेमाल करते हुए छक्का लगाकर अपना हाथ खोला. उन्होंने रविन्द्र जडेजा साथ आखिरी पांच ओवरों में 82 रन जोड़े जिसमें बुमराह , बोल्ट और कुलकर्णी की गेंदों को कई बार गेंद को स्टेडियम में पहुंचाया.

उन्होंने 16वें ओवर में कुलकर्णी के खिलाफ लगातार दो छक्के और फिर बुमराह के 17वें ओवर में नो बॉल पर छक्का जड़ा. 18वें ओवर में गेंदबाजी के लिए बोल्ट के खिलाफ भी रायुडु ने छक्का, चौका और फिर छक्का जड़ा. जडेजा ने 19वें ओवर की पांचवीं गेंद पर चौका लगाकर टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचाया तो वहीं रायुडु ने पारी की आखिरी दो गेंदों पर कुलकर्णी के खिलाफ छक्का और फिर चौका जड़कर स्कोर को 218 रन तक पहुंचाया.

Uttar Pradesh : चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्‍ना का अखिलेश यादव पर पलटवार, कही ये बड़ी बात

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्‍ना ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर किए गए ट्वीट को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कोरोना वायरस काल के दौरान जब हर कोई एक-दूसरे की मदद में लगा है, उस समय सपा सहयोग करने के बजाए अपनी राजनीति करने में जुटी हुई है.

सुरेश खन्‍ना का कहना था कि लगातार अस्पताल में कोविड बेडों की संख्या में इजाफा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यादव अपने झूठे बयानों के जरिए सिर्फ राजनीति चमका रहे हैं. खन्ना के अनुसार डीआरडीओ के सहयोग से अभी अवध शिल्प ग्राम में अटल बिहारी वाजपेयी कोविड अस्पताल तैयार किया गया है और इसके अलावा प्रदेश में सीएसआर फंड से 125 नए ऑक्सीजन संयंत्र लगाए जा रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि महामारी के समय सपा को सरकार के साथ सहयोग करते हुए जनता की मदद करनी चाहिए लेकिन वह बेबुनियाद बयान जारी करने में लगी हुई है.

मंत्री ने कहा कि सपा नेताओं को कोरोना पीड़ितों की इतनी चिंता है तो आगे आएं और सरकार के प्रयासों में हाथ बटाएं, सिर्फ सोशल मीडिया पर बैठकर बयानबाजी न करें.

अखिलेश यादव ने शुक्रवार को ट्वीट किया था, मैं देश एवं विशेषकर उप्र के युवाओं से एक विशेष अपील करता हूँ कि वो अपने को सुरक्षित रखते हुए देश-प्रदेश में हो रही ऑक्सीजन, बेड एवं दवाइयों की कमी को सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियो, फोटो, ट्वीट के माध्यम से उजागर करें, शायद इससे ही सोती हुई भाजपा सरकार जागे.

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया था, वैश्विक स्तर पर भारत की छवि खराब हो रही है लेकिन इस सबके बावजूद भाजपा सरकार अपनी ऐंठ एवं अहंकार में डूबी है, विपक्ष का सहयोग लेने के बजाय उनको बदनाम करने पर तुली है. विदेश में सरकारों ने जन सहयोग से संकट पर काबू पाया है पर यहां तो अकेले ही सब श्रेय लेने के चक्कर में मुख्यमंत्री तीसमार खां बने हुए हैं और जनता की सांसों से खिलवाड़ हो रहा है.

अखिलेश यादव ने कसा योगी आदित्यनाथ पर तंज, कहा- मुख्‍यमंत्री अपना वाहवाही वाला चश्मा उतारते तो लोगों का दर्द दिखाई देता

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त होने पर बधाई देते हुए उन पर तंज किया कि अगर वह अपना वाहवाही वाला चश्‍मा उतार कर देखते तो उन्हें परेशान लोगों का दर्द दिखाई देता.

सपा मुख्यालय से शनिवार को जारी बयान में यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जी कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हुए हैं इसके लिए बधाई किन्तु दिक्कत यह है कि उन्होंने फिर अपना पुराना चश्मा पहन लिया है. उन्हें हर तरफ अमन चैन और सरकार की योजनाओं की धूम दिखाई देने लगी है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने योगी पर निशाना साधा कि वाहवाही वाला चश्मा उतर कर वह (योगी) देखते तो उन्हें जमीनी हकीकत में चारों तरफ हाहाकार और परेशान हाल लोगों के चेहरों पर दर्द दिखाई देता. उन्‍होंने कहा कि जब हालात इतने दर्दनाक हों तब मुख्यमंत्री का गेहूं खरीद और गन्ना पेराई संबंधी बयान जख्म को कुरेद देते हैं.

कोरोना वायरस महामारी में कहां व्यापारिक गतिविधियां चल रही हैं, गेहूँ खरीद कई जिलों में बंद चल रही है, क्रय केंद्र खुल नहीं रहें हैं और जो खुले हैं खरीद के बजाय बोरियां कम होने, तौलमापक के खराब होने तथा भुगतान के लिए पैसा न होने के बहाने बना रहे हैं.

यादव ने कहा, मुख्यमंत्री का नया एलान है कि जब तक खेतों में गन्ना रहेगा तब तक चीनी मिल चलेगी लेकिन यह एलान किसी हवाई कलाबाजी से कम नहीं है.

Delhi के Lieutenant Governor Anil Baijal कोरोना पॉजिटिव, खुद को किया आइसोलेट

दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल अनिल बैजल कोरोना संक्रमित हो गए हैं. उनकी कोरोना टेस्‍ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. रिपोर्ट आने के बाद उन्‍होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है. अनिल बैजल ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.

अनिल बैजल ने लिखा,मैं कोरोना संक्रमित हो गया हूं. मुझमें कोरोना संक्रमण के हल्‍के लक्षण हैं. टेस्‍ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मैंने खुद को आइसोलेट कर लिया है. मेरे संपर्क में आए लोगों से अनुरोध है कि वे भी अपनी कोरोना जांच करवा लें. मैं अपने आवास से दिल्‍ली को मॉनिटर करने के साथ काम करता रहूंगा.

दिल्ली में कोरोना महामारी का प्रकोप तेज गति से बढ़ रहा है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बीच दिल्ली के जनता से अपील की है कि Covid-19 टीकाकरण केंद्रों के बाहर कतारें न लगाएं, टीका लगाने का समय लेने पर हर किसी को टीका लगाया जाएगा. उन्होंने कहा, हमें अभी टीके नहीं मिले हैं और कंपनियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं.

दिल्ली में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 24,235 नए मामले सामने आने के साथ ही दिल्ली में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 11,22,286 तक पहुंच गई. शहर में संक्रमण की दर 32.82 दर्ज की गई.

स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 395 मरीजों की मौत हो गई जोकि पिछले साल महामारी की शुरुआत के बाद से एक दिन की शर्वाधिक संख्या है. शहर में अब तक 15,772 लोग इस घातक वायरस के कारण जान गंवा चुके हैं.

दिल्ली में लगातार आठवें दिन संक्रमण के कारण 300 से अधिक मरीजों की मौत दर्ज की गई. बुलेटिन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में अब तक 10.08 लाख से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि वर्तमान में 97,977 मरीज उपचाराधीन हैं.

पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का 91 साल की उम्र में निधन, Covid-19 से थे संक्रमित

भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का निधन हो गया है. वे 91 साल के थे और कोरोना महामारी से संक्रमित थे. उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था. पद्म विभूषण से सम्मानित सोली सोराबजी 1989 से 90 और फिर 1998 से 2004 के बीच देश के अटॉर्नी जनरल थे.

सोली सोराबजी का जन्म मुंबई में 1930 में हुआ था. वकालत की प्रैक्टिस उन्होंने 1953 में बॉम्बे हाई कोर्ट से शुरू की थी. साल 1971 में वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीनियर काउंसिल बनाए गए. सोली सोराबजी की पहचान देश के बड़े मानवाधिकार वकील के तौर पर होती थी. मार्च 2002 में उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.

करीब सात दशक तक कानूनी पेशे से जुड़े रहने वाले सोराबजी को 1997 में यूएन की ओर से भी नाइजीरिया वहां के मानवाधिकार के हालात के बारे में पता लगाने के लिए विशेष दूत बनाकर भेजा गया था.

इसके अलावा वे मानवाधिकार के संवर्धन और संरक्षण के लिए बनाए गए यूएन सब-कमिशन से जुड़े और 1998 से 2004 तक इसके चेयरमैन भी रहे.

पीएम मोदी ने सोराबजी के निधन पर जताया शोकप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोराबजी को श्रद्धांजलि देते हुए शुक्रवार को कहा कि वह उत्कृष्ट वकील थे और कानून के जरिए गरीबों एवं वंचितों की मदद करने के लिए आगे रहते थे.

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘श्री सोली सोराबजी उत्कृष्ट वकील और विद्वान थे. वह कानून के जरिए गरीबों और वंचितों की मदद करने में आगे रहते थे। उन्हें भारत के अटॉर्नी जनरल के तौर पर उल्लेखनीय कार्यकाल के लिए याद रखा जाएगा. उनके निधन से दुखी हूं. उनके परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.’

सुप्रीम कोर्ट की सरकारों को सख्त हिदायत- ऑक्सीजन, बिस्तर और डॉक्टरों की कमी संबंधी पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि इंटरनेट पर मदद की गुहार लगा रहे नागरिकों पर रोक इस आधार पर नहीं लगाई जानी चाहिए कि वे गलत शिकायत कर रहे हैं. न्यायालय ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर राष्ट्रीय संकट है.

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘‘सूचना का निर्बाध प्रवाह होना चाहिए.’’

शीर्ष अदालत ने केंद्र, राज्यों और सभी पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिया कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति पर अफवाह फैलाने के आरोप पर कोई कार्रवाई नहीं करे जो इंटरनेट पर ऑक्सीजन, बिस्तर और डॉक्टरों की कमी संबंधी पोस्ट कर रहे हैं.

पीठ ने साफ तौर पर कहा कि पेरशान नागरिकों के ऐसे किसी भी पोस्ट पर कार्रवाई होने पर हम उसे अदालत की अवमानना मानेंगे.

न्यायालय ने टिप्पणी की कि अग्रिम मोर्चे पर कार्य कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी इलाज के लिए अस्पताल में बिस्तर नहीं मिल रहे हैं. पीठ ने कहा कि हमें 70 साल में स्वास्थ्य अवसंरचना की, जो विरासत मिली है, वह अपर्याप्त है और स्थिति खराब है.

शीर्ष अदालत ने कहा कि छात्रावास, मंदिर, गिरिजाघरों और अन्य स्थानों को कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र बनाने के लिए खोलना चाहिए.

पीठ ने कहा कि केंद्र को राष्ट्रीय टीकाकरण मॉडल अपनाना चाहिए क्योंकि गरीब आदमी टीका के लिए भुगतान करने में सक्षम नहीं होगा. न्यायालय ने पूछा, ‘‘हाशिये पर रह रहे लोगों और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की आबादी का क्या होगा? क्या उन्हें निजी अस्पतालों की दया पर छोड़ देना चाहिए?’’

न्यायालय ने कहा कि सरकार विभिन्न टीकों के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम पर विचार करे और उसे सभी नागरिकों को मुफ्त में टीका देने पर विचार करना चाहिए. पीठ ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र चरमराने के कगार पर है और इस संकट में सेवानिवृत्त डॉक्टरों और अधिकारियों को दोबारा काम पर रखा जा सकता है.

शीर्ष अदालत ने कहा कि निजी टीका उत्पादकों को यह फैसला करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए कि किस राज्य को कितनी खुराक मिलेगी। पीठ ने केंद्र को कोविड-19 की तैयारियों पर पावर प्वाइंट प्रस्तुति की अनुमति दे दी.