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न्यूजीलैंड में Covid-19 का कोई नया मामला नहीं, खत्म किया जा सकता है लॉकडाउन

न्यूजीलैंड में लगातार दूसरे दिन कोविड-19 का कोई नया मामला सामने नहीं आने के बाद बुधवार को ऑकलैंड से लॉकडाउन हटाए जाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं.

न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में एक परिवार में माता-पिता और उनकी बेटी संक्रमित पाई गई थीं. इसके बाद ऑकलैंड में सोमवार से तीन दिन का लॉकडाउन लगाया गया था.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस को मात देने के करीब छह महीने बाद, पहली बार देश में लॉकडाउन लगाया गया है, जो बुधवार तक जारी रहेगा.

‘कोविड-19 रिस्पॉन्स मिनिस्टर’ क्रिस हिपकिन्स ने बताया कि पाबंदियां हटाने को लेकर सांसदों का अंतिम निर्णय अगले 24 घंटे में कोविड-19 के मामलों की अद्यतन जानकारी पर निर्भर करेगा.

हिपकिन्स ने कहा, ‘‘ यकीनन जिस दिन संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आता, वह एक अच्छा दिन ही होता है.’’ 

स्वास्थ्य अधिकारियों ने नए मामले सामने आने के बाद से जांच भी बढ़ा दी है. सोमवार को 15 हजार से अधिक नमूनों की जांच की गई थी.

अधिकारियों ने बताया कि ऑकलैंड में माता-पिता और उनकी बेटी संक्रमित पाई गई थीं. महिला एक कैटरिंग कम्पनी में काम करती है, जहां एयरलाइन्स के कर्मचारियों के कपड़े धोने का काम होता है और इस पहलू को ध्यान में रखकर भी जांच की जा रही है, कहीं कोई यात्री तो संक्रमित नहीं था.

अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सम्पर्क में आए सभी लोगों और करीबियों के, जांच में संक्रमित ना होने की पुष्टि हुई.

न्यूजीलैंड में ‘फाइज़र’ और ‘बायोएनटेक’ द्वारा विकसित कोविड-19 के टीके की करीब 60 हजार खुराके भी इस सप्ताह यहां पहुंच गई हैं और टीकाकरण अभियान शनिवार से शुरू किया जाएगा.

BJP सांसद अरुण सिंह ने प्रियंका गांधी पर साधा निशाना, कहा- उन्हें नहीं पता है गेहूं और जौ की फसल में अंतर

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सासंद अरुण सिंह ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को कृषि की कोई जानकारी नहीं है और वह गेहूं एवं जौ की फसल में अंतर नहीं बता सकतीं. प्रियंका गांधी पर अरुण सिंह ने हमला वैसे वक्त में किया जब केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को वह अपना समर्थन देने पहुंची थी.

बीजेपी सासंद ने वृंदावन कुंभ में कहा कि कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दल किसानों को गुमराह कर रहे हैं और उन्हें मूर्ख बना रहे हैं, लेकिन चुनाव में लोग उन्हें मूर्ख बनाएंगे और बीजेपी के लिए मतदान करेंगे.

बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव ने कहा, ”प्रियंका गांधी गेहूं और जौ की फसल में अंतर नहीं बता पाएंगी.” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और वाम दलों समेत विपक्षी दल अपने राजनीतिक हितों के लिए किसानों के प्रदर्शन को समर्थन दे रहे हैं.

अरुण सिंह ने कहा कि देश के किसान मोदी सरकार की नीतियों के साथ हैं. उन्होंने कहा कि चंद किसान कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के बहकावे में आकर आंदोलन कर रहे हैं. बीजेपी सांसद ने कहा कि सरकार वह सभी संभव कदम उठा रही है, जिससे किसान की तरक्की की राह खुल सके.

पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना के लिए 10 हजार करोड़ अतिरिक्त आवंटित करेगी सरकार

केंद्र सरकार की ओर से महामारी के बीच ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की जाएगी. केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को यह जानकारी दी. यह योजना, जिसमें एमजीएनआरईजीएस, पीएमजीएसवाई सहित विभिन्न रोजगार सृजन योजनाएं शामिल हैं, 116 जिलों में प्रगति पर है और सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 37,543 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.

केंद्र ने 2020-21 के बजट में एमजीएनआरईजीएस के लिए 61,500 करोड़ रुपये प्रदान किए थे. 40,000 करोड़ रुपये की राशि अतिरिक्त रूप से ‘आत्मनिर्भर भारत 1.0’ में प्रदान की गई. वित्त मंत्रालय के अनुसार, अभी तक एमजीएनआरईजीएस के तहत 73,504 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं.

सीतारमण ने औपचारिक क्षेत्र में नए रोजगार सृजित करने की एक और बड़ी योजना की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार कोविड-रिकवरी चरण के दौरान नए रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना’ के साथ आएगी.

बता दें कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को शहरी आवास योजना के लिए 18,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान की भी घोषणा की है. इस घोषणा से रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी, जिससे अनेक क्षेत्रों में रोगजार मिलेगा और अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.

नए कृषि सुधारों का लाभ छोटे, सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा होगा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विपक्ष पर केन्द्र के नए कृषि कानूनों को लेकर ‘दुष्प्रचार’ का आरोप लगाते हुए दावा किया कि देश के कृषि बाजार में विदेशी कंपनियों को बुलाने के लिए कानून बनाने वाले लोग आज देसी कंपनियों के नाम पर किसानों को डरा रहे हैं.

मोदी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से महाराजा सुहेलदेव के स्मारक और चित्तौरा झील के विकास कार्य की आधारशिला रखने के बाद अपने संबोधन में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर इन कानूनों के खिलाफ ‘‘दुष्प्रचार’’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि किसानों ने अब इस दुष्प्रचार में शामिल लोगों को बेनकाब करना शुरू कर दिया है. अन्य पार्टियों ने भी पूर्व में इसी तरह की कृषि सुधारों की पैरवी की थी लेकिन वे इन्हें लागू करने में नाकाम रही.

प्रधानमंत्री ने नए कृषि कानूनों का बचाव करते हुए कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को इन सुधारों का सबसे ज्यादा लाभ होगा. उन्होंने कहा कि देश में अनेक ऐसे सेनानी हैं, जिनके योगदान को वह सम्मान नहीं दिया गया जिसके वे हकदार थे.

नये कृषि कानूनों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘नए कृषि सुधारों का लाभ छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक हो रहा है और उत्तर प्रदेश में नए कानूनों के बाद जगह-जगह से किसानों के बेहतर अनुभव भी सामने आने लगे हैं.’’ उन्होंने कहा कि नए कानूनों के लागू होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में इस बार पिछले साल की तुलना में दोगुना धान खरीदा गया. उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को दिक्कत ना हो, इसलिए उन्हें हर संभव मदद दी गई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के करीब 2.5 करोड़ किसानों के बैंक खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से रुपये जमा किए जा चुके हैं और राज्य में बेहतर होती आधारभूत सुविधाओं का सीधा लाभ किसानों, गरीबों, ग्रामीणों को हो रहा है.

कृषि उत्पादक संघों के गठन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक या दो बीघा जमीन वाले करीब 500 किसान परिवार, जब संगठित होकर बाजार में उतरेंगे तो वे बड़े किसानों से भी ज्यादा ताकतवर होंगे.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर देश के कई स्वतंत्रता सेनानियों को उचित सम्मान ना देने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा और कहा कि महाराजा सुहेलदेव के साथ भी यही प्रयास किया गया. इस कड़ी में उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, ‘‘भारत के अनेक ऐसे सेनानी हैं, जिनके योगदान को अनेक वजहों से मान नहीं दिया गया. चौरी-चौरा के वीरों के साथ जो हुआ, वो क्या हम भूल सकते हैं? देश की 500 से ज्यादा रियासतों को एक करने का कठिन कार्य करने वाले सरदार पटेल जी के साथ क्या किया गया, इसे देश का बच्चा भी भली-भांति जानता है.’’

इस अवसर पर उत्‍तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ कार्यक्रम स्‍थल चित्तौरा, बहराइच में मौजूद थे.

यह कार्यक्रम महाराजा सुह‍ेलदेव की जयंती के उपलक्ष्‍य में उत्‍तर प्रदेश के बहराइच में आयोजित किया गया था. इस पूरी परियोजना में महाराजा सुहेलदेव की एक अश्‍वारोही प्रतिमा की स्थापना करना और एक कैफेटेरिया, अतिथि गृह तथा बच्चों के पार्क जैसी विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास करना शामिल है.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय, बहराइच का लोकार्पण भी किया.

इस अवसर पर महाराजा सुहेलदेव पर रचित एक गीत सुनाया गया और एक वृत्त चित्र भी दिखाया गया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा, ‘‘सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के साथ प्रदेश वासियों को सुविधायें दी जा रही हैं.’’

सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने महाराजा सुहेलदेव को लेकर कई कदम उठाए हैं. इससे पहले, फरवरी 2016 में तत्कालीन भाजपा प्रमुख अमित शाह ने भारत-नेपाल सीमा के पास बहराइच जिले में सुहेलदेव की एक प्रतिमा का अनावरण और उन पर एक पुस्तक का लोकार्पण किया था. इससे पहले केंद्र सरकार ने महाराजा सुहेलदेव की याद में एक विशेष टिकट जारी किया था और एक सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन ‘सुहेलदेव एक्सप्रेस’ भी चलायी थी. यह ट्रेन पूर्वांचल के गाजीपुर से लेकर दिल्ली के आनंद विहार तक चलाई गयी थी.

Covid-19 : लॉकडाउन के लिए रहें तैयार, सीएम उद्धव ठाकरे ने लोगों को दी चेतावनी

महाराष्ट्र में Covid-19 के मामलों में हालिया बढ़ोतरी से चिंतित मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को नागरिकों से मास्क पहनने और उचित दूरी का पालन करने जैसे निर्देशों का सख्ती से पालन करने या एक बार फिर लॉकडाउन का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है.

महाराष्ट्र में बीते रविवार को पिछले एक महीने से अधिक समय में सबसे ज्यादा संक्रमण के 4092 मामले आए वहीं मंगलवार को 3663 नए मामले आए. पिछले सात दिनों से रोजाना लगातार 3,000 से ज्यादा मामले आ रहे हैं. मुंबई से 461 मामले आए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नागरिकों को फैसला करना है कि क्या वे संक्रमण पर नियंत्रण के लिए फिर से लॉकडाउन का सामना करना चाहते हैं? उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के लोगों को इसका फैसला करना है कि वे लॉकडाउन चाहते हैं या कुछ पाबंदी के साथ मुक्त तरीके से रहना चाहते हैं. मास्क पहनें और भीड़-भाड़ करने से बचें अन्यथा फिर से लॉकडाउन का सामना करना पड़ेगा.’’

पिछले कुछ दिनों में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर उन्होंने संभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक कर हालात की समीक्षा की. उन्होंने ज्यादा संक्रमण वाले इलाके में प्रत्येक मरीज के संपर्क का पता लगाने की जरूरत को भी रेखांकित किया. ठाकरे ने कहा कि शादी समारोह आयोजित करने के लिए पुलिस की इजाजत की जरूरत होगी.

राज्य सरकार ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 के ज्यादा उपचाराधीन मरीजों वाले जिलों की संख्या में वृद्धि हुई है. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जारी एक बयान के मुताबिक चार जनवरी और 15 फरवरी के दौरान 15 जिलों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई. बयान में कहा गया, ‘‘हालांकि नौ फरवरी से 15 फरवरी के बीच ऐसे जिलों की संख्या बढ़कर 21 हो गयी.’’

सीएमओ ने एक बयान में कहा कि राज्य के 36 जिलों में सतारा, सांगली, कोल्हापुर, जलगांव, धुले, बीड, लातूर, परभणी, अमरावती, अकोला, बुलढाना, यवतमाल,नागपुर और वर्धा में चार जनवरी और 15 फरवरी के बीच उपचाराधीन मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई. बयान में कहा गया कि नौ फरवरी और 15 फरवरी के बीच पालघर, रायगढ, रत्नागिरि, पुणे, सतारा, कोल्हापुर, नासिक, अहमदनगर, जलगांव, धुले, औरंगाबाद, बीड, परभणी, अमरावती, अकोला, वाशिम, बुलढाना, यवतमाल, नागपुर, वर्धा और चंद्रपुर में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई.

मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने भी आगाह किया कि शहर में कोविड-19 के मामलों के वृद्धि के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार दूसरी बार लॉकडाउन लगाने पर विचार कर सकती है. महापौर ने संवाददाताओं से कहा कि मुंबई में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और यह नगर निगम और राज्य सरकार के लिए चिंता की बात है. पेडनेकर ने कहा कि प्राधिकारों ने शहर में स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार किया था लेकिन वे फिर से इसकी समीक्षा कर सकते हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में Covid-19 के 295 नए मामले, पांच लोगों की मौत

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में Covid-19 के 295 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,58,325 हो गई. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि मंगलवार को Covid-19 से पांच और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद जिले में मृतकों की संख्या बढ़कर 6,208 हो गई.

उन्होंने बताया कि जिले में संक्रमण से मृत्यु दर 2.40 फीसदी है. जिले में अब तक 2,48,816 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और स्वस्थ होने की दर 96.32 फीसदी है. अधिकारी ने बताया कि 3,301 मरीजों का उपचार चल रहा है.

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी पालघर जिले में संक्रमितों की संख्या 45,553 है और अब तक 1,202 लोगों की मौत हो चुकी है.

UPPSC ACF/RFO Mains Admit Card 2021: मुख्य परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, यहां करें डाउनलोड

UPPSC ACF/RFO Mains Admit Card 2021: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (Uttar Pradesh Public Service Commission, UPPSC) ने सहायक वन संरक्षक (ACF) व क्षेत्रीय वन अधिकारी (RFO) मुख्य परीक्षा 2020 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है.

उम्मीदवार यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट – uppsc.up.nic.in – पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. बिना एडमिट कार्ड के किसी को भी परीक्षा देने की इजाजत नहीं मिलेगी. मुख्य परीक्षा 2020 का आयोजन 13 फरवरी से 26 फरवरी, 2021 तक की जाएगी.

ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
– मुख्य परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए, कैंडीडेट्स को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट – uppsc.up.nic.in – पर जाना होगा.

–  डैशबोर्ड में यूपीपीएससी एसीएस/ आरएफओ परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें.

–  इसके बाद लॉगइन पेज खुलेगा जहां पर कैंडिडेट्स को अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि भर कर जेंडर सेलेक्ट करें व वेरिफिकेशन कोड भर कर डाउनलोड एडमिट कार्ड पर क्लिक करें.

– अब आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा.

– इसमें दिए गए डिटेल्स को चेक करें.

– आगे उपयोग के लिए इसे डाउनलोड कर लें व प्रिंट आउट निकाल कर सुरक्षित रख लें.

जिन कैंडिडेट्स के एडमिट कार्ड पर फोटो या हस्ताक्षर नहीं होंगे, उन्हें परीक्षा केंद्र पर दो फोटो और आईडी प्रूफ के साथ पहुंचना होगा. अधिक जानकारी के लिए, कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट पर नोटिस चेक कर सकते हैं.

प्रयागराज स्थित लोक सेवा आयोग कार्यालय के परीक्षा भवन में मुख्य परीक्षा आयोजित करवाने का फैसला किया गया है. परीक्षा का संचालन 2 शिफ्ट में होगा. पहले शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9.30 से 12.30 बजे तक और दूसरे शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2.00 बजे से 5.00 बजे तक होगी.

बालिग होने तक लड़की को अपने पति के साथ रहने की अनुमति नहीं – इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि नाबालिग लड़की को बालिग होने तक उसके पति के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. हालांकि, बालिग होने पर वह अपने विवाह को मान्यता दे सकती है या इसे शून्य करार देकर अपने पसंद के व्यक्ति के साथ रह सकती है. जस्टिस जेजे मुनीर ने लड़की के पिता द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए उक्त आदेश पारित किया.

लड़की के पिता ने हापुड़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट के 24 नवंबर 2020 के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें लड़की को उसके पति के साथ जाने की अनुमति दी गई थी. लड़की के पिता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि पिंटू नाम का व्यक्ति जब लड़की को बहला फुसला कर अपने साथ ले गया तब हाईस्कूल के प्रमाण पत्र के मुताबिक, उस समय लड़की की उम्र महज 16 साल थी. उन्होंने कहा कि भले ही लड़की ने पिंटू से विवाह किया, लेकिन उसे उसके साथ रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

अदालत में मौजूद लड़की ने इस तथ्य को स्वीकारा कि उसने अपनी मर्जी से पिंटू से शादी की और वह अपने माता पिता के साथ नहीं रहना चाहती. अदालत ने संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि कानून के मुताबिक यह शादी शून्य है. इसलिए, जब लड़की बालिग हो जाएगी तब यह उसकी इच्छा पर निर्भर होगा कि वह इस शादी को माने या इसे शून्य करार दे.

अदालत ने राज्य सरकार को उक्त लड़की के लिए एक सुरक्षित आश्रय गृह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जहां वह बालिग होने तक रह सके. अदालत ने हापुड़ के जिला जज को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एक महिला न्यायिक अधिकारी महीने में एक बार लड़की से मिले और उसका हालचाल ले. अदालत ने यह आदेश 27 जनवरी 2021 को पारित किया था.

अमेरिकी एक्ट्रेस अमांडा सर्नी ने किया किसान आंदोलन का समर्थन, सोशल मीडिया पर तस्वीरें हुई वायरल

अमेरिकी एक्ट्रेस अमांडा सर्नी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर किसान आंदोलन का समर्थन किया है. किसान आंदोलन को लेकर एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम एक पोस्ट लिखी जो देखते ही देखते कुछ ही घंटो में वायरल हो गया है.

दरअसल अमांडा ने किसान आंदोलन से जुड़ी महिलाओं की एक फ़ोटो पोस्ट करते हुए लिखा है कि The world is watching. You don’t have to be Indian or Punjabi or South Asian to understand the issue. All you have to do is care about humanity. Always demand freedom of speech, freedom of press, basic human and civil rights-equity and dignity for workers. ❤️ #FarmersProtest #internetshutdown

आपको बता दें कि एक्ट्रेस अमांडा सर्नी के इंस्टाग्राम पर 25.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं. अमेरिकी एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर अक्सर अपनी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं.

BPSC ने निकाली आर्ट कल्चर ऑफिसर की 38 वैकेंसी, जानिए कैसे करें आवेदन और कैसे होगा चयन?

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 2021 में राज्य सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग में कला एवं संस्कृति पदाधिकारी (बिहार कला एवं संस्कृति सेवा) के 38 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए है. जो भी उम्मीदवार इस पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे सरकार के ऑफिशियल पोर्टल bpsc.bih.nic.in या onlinebpsc.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. कुल 38 पदों में 14 पद अनारक्षित हैं. 4 पद ईडब्ल्यूएस, एससी के लिए 4, एसटी के लिए 1, अत्यंत पिछड़ा वर्ग 7, पिछड़ा वर्ग 5 और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए 1 पद आरक्षित है.

पदों का वेतनमान – वेतन स्तर 6 पे मैट्रिक्स 35400- 112400/- होगा. शैक्षणिक योग्यता के लिए आवेदक का किसी भी विषय में ग्रेजुएशन एवं नाट्यकला में स्नाकोत्तर/स्नातकोत्तर डिप्लोमा, नृत्य/संगीत में स्नाकोत्तर समतुल्य, ललित कला/कला इतिहास में मास्टर इन फाइन आर्ट्स की डिग्री होना अनिवार्य है.आवेदकों की आयु सीमा – 21 से 37 वर्ष तक ही होनी चाहिए.पिछड़ा वर्ग/अत्यंत पिछड़ा वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में तीन और एससी, एसटी वर्ग को पांच वर्ष की छूट दी जाएगी.

पदों के लिए चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्‍य परीक्षा और साक्षात्‍कार होगा. प्रारंभिक परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी. पीटी के सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव होंगे. पीटी में सफल होने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. इसमें सामान्य हिन्दी के अतिरिक्त सामान्य अध्ययन, कला का इतिहास एवं बिहार की कला परंपरा, कला प्रबंधन से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाएंगे.

आवेदन करने की फीस कुछ इस तरह होगी:

सामान्य – 600 रुपये

बिहार के एससी, एसटी वर्ग – 150 रुपये

बिहार की महिलाओं के लिए – 150 रुपये

दिव्यांग – 150 रुपये

अन्य – 600 रुपये