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जानिए कौन है रिहाना, किसान आंदोलन पर उनके ट्वीट पर क्यों मचा बवाल ?

अमेरिकी पॉप सिंगर और एक्ट्रेस रिहाना के किसान आंदोलन पर किए गए ट्वीट को लेकर बवाल मचा हुआ है. साथ ही रिहाना सोशल मीडिया पर ट्रेड हो रही है. के कई सितारों ने भी रिहाना के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. जिसके बाद लोग इंटरनेट पर रिहाना के बारे में सर्च कर रहे हैं।

दरसल किसानों के समर्थन में ट्वीट करते हुए रिहाना ने एक खबर को शेयर किया है जिसमें लिखा था कि किसान आंदोलन के चलते हरियाणा के कई जिलों में इंटरनेट बैन. रिहाना ने इसे शेयर करते हुए लिखा था कि इस पर भी चर्चा होनी चाहिए.वैसे यह कोई पहला मौका नहीं है जब रिहाना ने ऐसे किसी मुद्दे पर सोशल मीडिया पर लिखा हो वो पहले भी ऐसे मुद्दों को उठाती रहीं हैं. हाल ही में रिहाना ने म्यांमार में सेना के कब्जे को लेकर भी ट्वीट किया था. 

आपको बता दें कि रिहाना ने ‘लव द वे यू लाई’, ‘डोन्ट स्टॉप द म्युजिक’, और अम्ब्रैला जैसे कई बड़ी हिट्स देने वाली रिहाना दुनिया में सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले लोगों में रिहाना 100 मिलियन फॉलोवर्स के साथ चौथे नंबर पर हैं. रिहाना हॉलीवुड फिल्म बैटलशिप और ‘Ocean’s 8’ जैसी कई हिट फिल्मों में भी अभिनय कर चुकी हैं. फोर्ब्स के मुताबिक रिहाना की कुल संपत्ति 600 मिलिनय डॉलर (4400 करोड़) है.

भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह ने शूटिंग के दौरान विशेष सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने फिल्‍म ‘मेरा भारत महान’ की शूटिंग के दौरान विशेष सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ का आभार जताया है.

पवन सिंह इन दिनों कड़ी सुरक्षा के बीच जौनपुर में फिल्‍म मेरा भारत महान की शूटिंग कर रहे हैं. इस फिल्‍म के शूटिंग के दौरान कुछ दिन पहले फिल्‍म की अभिनेत्री मणि भट्टाचार्य पर कुछ उपद्रवी तत्‍वों ने पत्‍थरबाजी कर दिया था, जिसके बाद यूपी सरकार ने यूपी में सभी कलाकारों के लिए विशेष सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया है. इसके बाद पवन सिंह को भी विशेष सुरक्षा प्रदान की गई, जिसके लिए उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को धनयवाद देते हुए कहा कि बीते कुछ सालों में यूपी में फिल्‍मों की शूटिंग बड़े पैमाने पर हो रही है.

पवन सिंह ने कहा ,यह मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की सरकार के प्रयास से ही संभव हो सका है. बीते दिनों उपद्रवी तत्‍वों के हमले के बाद मुख्‍यमंत्री जी ने इस घटना को संज्ञान में लेकर यहां काम करने वाले सभी कलाकारों के लिए विशेष सुरक्षा की व्‍यवस्‍था कर दी. उनका यह कदम सराहनीय है. यूपी सरकार के इन्‍हीं प्रयासों की वजह से आज यह प्रदेश फिल्‍मों की शूटिंग स्‍थली बन कर उभरी है. यहां के लोकेशन विश्‍व प्रसिद्ध हैं और सरकार के सार्थक एवं सकारात्‍मक सहयोग से यूपी में शूटिंग करना बेहद आसान हो चुका है.

शरजील उस्मानी ने हिंदुओं की भावनाओं का अपमान किया, क्यों है चुप उद्धव सरकार? – देवेंद्र फडणवीस

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र शरजील उस्मानी ने पुणे में हाल ही में आयोजित एल्गार परिषद के सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान हिंदुओं की भावनाओं का अपमान किया था और उन्होंने उस्मानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता फडणवीस ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने भाजपा की मांगों के बावजूद उस्मानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की. पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा, ‘एक वीडियो में, शरजील उस्मानी एल्गार परिषद में बोल रहा है. उस्मानी ने हिंदू समुदाय की भावनाओं का अपमान किया है. एक व्यक्ति महाराष्ट्र में आता है, हमारी भावनाओं का अपमान करता है और बिना किसी कानूनी कार्रवाई का सामना किए अपने गृह राज्य लौट जाता है. अगर राज्य सरकार उसके खिलाफ कोई कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो हम मान लेंगे कि सरकार उस्मानी के साथ है.

शरजील उस्मानी ने हाल ही में पुणे में आयोजित एल्गार परिषद के सम्मेलन में कथित रूप से कहा था कि हिन्दुस्तान में हिन्दू समाज सड़ चुका है. जुनैद को चलती ट्रेन में मारते हैं, कोई बचाने नहीं आता है. ये जो लोग लिंचिंग करते हैं, कत्ल करते हैं. अगले दिन फिर किसी को पकड़ते हैं, फिर कत्ल करते हैं और नॉर्मल लाइफ जीते हैं. इसके अलावा भी शरजील उस्मानी ने हिन्दू समाज के लिए आपत्तिजनक बातें कही थी.

गौरतलब है कि यह सम्मेलन शनिवार को आयोजित किया गया था और इसमें भाग लेने वालों में प्रख्यात उपन्यासकार अरुंधति रॉय, पूर्व आईपीएस अधिकारी एस एम मुशरिफ, बम्बई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी जी कोलसे-पाटिल और उस्मानी शामिल थे.

अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस सीईओ का पद छोड़ेंगे, एंडी जेसी होंगे उत्तराधिकारी

एक ऑनलाइन बुकस्टोर के रूप में अमेजन की शुरुआत करने और उसे खरीदारी तथा मनोरंजन की दुनिया का महारथी बनाने वाले जेफ बेजोस इस साल कंपनी के सीईओ का पद छोड़ देंगे और एंडी जेसी उनके उत्तराधिकारी होंगे.

कंपनी द्वारा मंगलवार को जारी बयान के मुताबिक करीब 30 वर्षों तक इस पद पर रहने के बाद अब कार्यकारी अध्यक्ष की नई भूमिका में होंगे. बेजोस गर्मियों में अपना पद छोड़ेंगे और उनकी जगह अमेजन के क्लाउड-कंप्यूटिंग व्यवसाय का संचालन करने वाले एंडी जेसी लेंगे.

बेजोस ने कर्मचारियों को लिखे एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि उन्होंने नए उत्पादों और अमेजन में विकसित की जा रही शुरुआती पहलों पर ध्यान देने की योजना बनाई है. उन्होंने कहा कि उनके पास अन्य परियोजनाओं के लिए अधिक समय होगा, जिसमें उनकी अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी ब्लू ओरिजिन, उनके द्वारा चलाए जाने वाले परोपकार के काम और वाशिंगटन पोस्ट की देखरेख शामिल है.

बेजोस अमेजन के सबसे बड़े शेयरधारक हैं, और कंपनी के कामकाज पर उनका व्यापक प्रभाव बना रहेगा. अमेजन के मुख्य वित्तीय अधिकारी ब्रायन ओल्सवस्की ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘जेफ वास्तव में कहीं भी नहीं जा रहे हैं. यह कामकाम के पुनर्गठन जैसा है.’’ अमेजन ने बुधवार को बताया था कि 2020 में उसकी कुल बिक्री 38 प्रतिशत बढ़कर 386.1 अरब डॉलर हो गई, जो 2019 में 280.5 अरब डॉलर थी.

बेजोस ने अपने उत्तराधिकारी के बारे में बताया, ‘‘जेसी को कंपनी में सभी अच्छी तरह जानते हैं और वह एक बेहतरीन नेतृत्वकर्ता साबित होंगे और मेरा उन पर पूरा विश्वास है.’’ उन्होंने कहा कि अमेजन का सीईओ होने एक बड़ी जिम्मेदारी है और ऐसे में दूसरी बातों पर ध्यान देना कठिन है और कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में वह अमेजन की नई पहलों पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा ‘‘उनमें इतनी ऊर्जा कभी नहीं थी और यह उनकी सेवानिवृत्ति नहीं है.’’

बेजोस ने कहा, ‘‘अमेजन की यात्रा लगभग 27 साल पहले शुरू हुई था, जब कंपनी केवल एक विचार थी, और इसका कोई नाम नहीं था। उस समय मुझसे सबसे अधिक बार यह सवाल पूछा गया था, इंटरनेट क्या है? शुक्र है, मुझे अब यह समझाना नहीं पड़ता.’’

इस समय अमेजन में 13 लाख लोग काम करते हैं और ये दुनिया भर में करोड़ो लोगों और कारोबारों को सेवाएं देते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा संबंधी याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के मामले की जांच के लिए शीर्ष न्यायालय के किसी पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाला पैनल गठित करने संबंधी याचिका पर विचार करने से बुधवार को इनकार कर दिया.

न्यायमूर्ति एस ए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने जनहित याचिका दायर करने वाले वकील विशाल तिवारी से आवश्यक कदम उठाने के लिए केंद्र सरकार को अभिवेदन देने को कहा. न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन भी पीठ का हिस्सा थे.

पीठ ने कहा, ‘‘हमें भरोसा है कि सरकार इसकी (हिंसा) जांच कर रही है। हमने प्रेस के समक्ष दिए गए प्रधानमंत्री के इस बयान को पढ़ा है कि कानून अपना काम करेगा. इसका अर्थ यह है कि वे इसकी जांच कर रहे हैं. हम इस चरण पर इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहते.’’

तिवारी ने इस हिंसा की जांच के लिए न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक आयोग गठित किए जाने का अनुरोध किया था.

न्यायालय ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी इसी प्रकार की दो अन्य याचिकाओं पर सुनवाई से भी इनकार कर दिया और याचिकाकर्ताओं ने सरकार को अभिवेदन देने को कहा.

तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में 26 जनवरी को की गई किसानों की ट्रैक्टर परेड में हजारों प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक तोड़ दिए थे, पुलिस के साथ संघर्ष किया था, वाहनों को पलट दिया था और लाल किले की प्राचीर पर एक धार्मिक ध्वज फहराया था.

सोशल मीडिया पर बंगाल की सबसे लोकप्रिय नेता बनी हुई हैं ममता बनर्जी : रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अक्तूबर से दिसंबर 2020 के दौरान ट्विटर, गूगल सर्च और यूट्यूब जैसे प्लेटफाॅर्म पर सर्वाधिक ट्रेंड के साथ सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल के नेताओं में सबसे लोकप्रिय नेता रहीं.

ऑनलाइन विश्लेषण कंपनी ‘चेकब्रांड’ ने गत वर्ष अक्टूबर से दिसंबर के बीच सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल के शीर्ष 30 राजनेताओं के लिए ऑनलाइन विश्लेषण किया है.

चेकब्रांड द्वारा 20 लाख से अधिक ऑनलाइन सुझाव के विश्लेषण के बाद जारी रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2020 की अंतिम तिमाही यानी अक्तूबर से दिसंबर के बीच ट्विटर, गूगल सर्च और यू-ट्यूब जैसे प्लेटफार्म पर सर्वाधिक 1750 ट्रेंड ममता बनर्जी से जुड़े रहे और 995 ट्रेंड के साथ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी दूसरे और 887 ट्रेंड के साथ भाजपा नेता दिलीप घोष तीसरे स्थान पर रहे.

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज की मुस्लिम पति की याचिका, कहा- लड़की का अपने परिवार के साथ रहना अवैध नहीं

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने धर्म बदलकर मुस्लिम लड़के से निकाह करने के एक मामले में नियमित तरीके से बंदी प्रत्‍यक्षीकरण रिट जारी करने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी. यह आदेश न्यायामूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने कथित पति की ओर से दाखिल पत्नी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज करते हुए पारित किया.

हाई कोर्ट ने कहा कि याची पति सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत वैवाहिक पुर्नर्स्‍थापना का वाद दाखिल करने को स्वतंत्र है. कोर्ट ने कहा कि लड़का प्रथम दृष्टया संतुष्ट नहीं कर सका कि लड़की अपने माता पिता के अवैध कब्‍जे में है.

कोर्ट ने आगे कहा कि निरुद्ध व्यक्ति को पेश करने का आदेश देने से पहले उसे संतुष्ट होना पड़ता है कि याची जिस निरूद्ध व्यक्ति की बात कर रहा है क्या वह वास्तव में अवैध रूप से किसी के कब्‍जे में है. याची ने कोर्ट से कहा कि वह बंदीप्रत्यक्षीकरण रिट जारी कर लड़की के घरवालों को आदेश दे कि वे लड़की को कोर्ट में पेश करें ताकि उसे रिहा किया जा सके.

दरअसल पति ने याचिका में कहा था कि वह बालिग है और उसकी पत्नी हिन्दू थी, जिसने धर्म परिवर्तन करके उसके साथ निकाह किया है. पत्नी भी बालिग थी, फिर भी लड़की के घरवालों ने लखनऊ के विभूति खंड थाने पर उसके खिलाफ एफआईआऱ दर्ज करा दी और उसकी पत्नी को अवैध रूप से बंद कर रखा है.

याचिका का विरोध करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता राव नरेंद्र सिंह का तर्क था कि लड़की का धर्म केवल इसलिए परिवर्तित कराया गया कि उससे निकाह किया जा सके जो कि अवैध है. उन्होंने कहा कि एक खास धर्म के साथ यह षड्यंत्र है कि उनके धर्म की भोली भाली लड़कियों को बहला फुसलाकर उनका धर्म बदलकर उनसे निकाह कर लिया जाता है.

उत्तर प्रदेश : नाबालिग चचेरी बहन से बलात्कार के दोषी युवक को 10 साल कैद की सजा

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की पॉक्सो अदालत ने एक युवक को नाबालिग चचेरी बहन का बलात्कार करने के दोष में दस साल कैद की सजा सुनाई और उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

पॉक्सो अदालत में विशेष लोक अभियोजक (एडीजीसी) रामसुफल सिंह ने मंगलवार को बताया कि अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो) के न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा की अदालत ने 13 साल की नाबालिग का बलात्कार का दोष सिद्ध हो जाने पर गिरवां थाना क्षेत्र के लखनलाल (26) को सोमवार को दस साल कैद की सजा सुनाई और उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि हुई थी. घटना 22 अगस्त 2016 की है.

एडीजीसी सिंह ने बताया कि गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 25 अगस्त 2016 को मामला दर्ज करवाकर आरोप लगाया था कि उसका भतीजा लखनलाल 22 अगस्त को गांव आया और किसी बहाने से उसकी 13 साल की बेटी को खुरहण्ड कस्बे में ले गया और उसका कई बार बलात्कार किया.

Indigo Paints : इश्यू प्राइस से 75% ऊपर 2607.50 रुपए पर लिस्ट हुए इंडिगो पेंट्स के शेयर

इंडिगो पेंट्स के शेयर इश्यू प्राइस से 75 फीसदी ऊपर 2607.50 रुपए पर लिस्ट हुए है. कंपनी का IPO 117 गुना सब्सक्राइब हुआ था. तो वहीं कंपनी का इश्यू प्राइस बैंड 1488-1490 रुपए था.

डेकोरेटिव पेंट्स की इस कंपनी का IPO पिछले हफ्ते खुला था और 117 फीसदी सब्सक्राइब हुआ. आदित्य बिड़ला ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने पेंट्स मार्केट में आने का ऐलान किया है उसके बावजूद ग्रे मार्केट में इंडिगो पेंट्स का भाव अच्छा चल रहा था.

इंडिगो पेंट्स IPO के रिटेल पोर्शन में कंपनी का इश्यू 15.93 गुना सब्सक्राइब हुआ है. जबकि हाई नेटवर्थ इनवेस्टर्स का पोर्शन 263 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का हिस्सा 189.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था.

कुछ ब्रोकरेज फर्म्स को Indigo Paints की लिस्टिंग 30 से 40% प्रीमियम पर होने की उम्मीद थी। YES Securities ने कहा था कि कंपनी के IPO की लिस्टिंग इश्यू प्राइस से 37% प्रीमियम पर यानी 2050 रुपये के आस-पास हो सकती है.

ग्रे मार्केट में इंडिगो पेंट्स का रेट 2290 रुपये प्रति शेयर है. वहीं, Hem Securities की आस्था जैन के कहा था कि Indigo Paints की लिस्टिंग 2000 से 2100 रुपये के रेंज में हो सकती है.

Rail Budget : रेलवे के लिए रिकॉर्ड 1.10 लाख करोड़ रुपये: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को रेलवे के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि की घोषणा की, जिसमें से 1.07 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं. उन्होंने कहा कि रेलवे मालगाड़ियों के अलग गलियारों के चालू होने के बाद उनका मौद्रिकरण करेगी.

सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2021-22 पेश करते हुए कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान देशभर में आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए रेलवे द्वारा दी गई सेवाओं की सराहना की.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि की घोषणा कर रही हूं, जिसमें से 1,07,100 करोड़ रुपये केवल पूंजीगत व्यय के लिए हैं.’’

सीतारमण ने कहा, ‘‘भारतीय रेलवे ने भारत-2030 के लिए एक राष्ट्रीय रेल योजना तैयार की है. इस योजना का मकसद 2030 तक रेलवे प्रणाली को भविष्य के लिए तैयार करना है, ताकि उद्योग के लिए लॉजिस्टिक लागत को कम किया जा सके और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिले.’’

उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्वी और पश्चिमी माल गलियारों (ईडीएफसी और डब्ल्यूडीएफसी) जून, 2022 तक चालू हो जाएंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा भी कुछ पहल प्रस्तावित हैं. ईडीएफसी पर 263 किलोमीटर के सोननगर-गोमो खंड को इस साल सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) में लिया जाएगा. साथ ही 274.3 किलोमीटर के गोमो-दनकुनी खंड को भी इसमें शामिल किया जाएगा.’’

वित्त मंत्री ने कहा कि रेलवे भविष्य की मालभाड़ा गलियारा परियोजनाओं – खड़गपुर से विजयवाड़ा के लिए पूर्वी तट गलियारा, भुसावल से खड़गपुर के लिए पूर्व-पश्चिम गलियारा और इटारसी से विजयवाड़ा तक उत्तर-दक्षिण गलियारा पर काम आगे बढ़ाएगी.

सीतारमण ने कहा कि पहले चरण के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाई जाएगी.

उन्होंने यात्री सुविधा और सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि रेलवे यात्रियों के बेहतर यात्रा अनुभव के लिए बेहतर ढंग से डिजाइन किए गए विस्टाडोम एलएचबी कोच लगाएगा.