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तमिलनाडु की कोलम रंगोली भी होगी बाइडन-हैरिस के शपथ ग्रहण समारोह का शुरुआत हिस्सा

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के शपथ ग्रहण से जुड़े ऑनलाइन समारोह की शुरुआत में परंपरागत भारतीय रंगोली भी उकेरी जाएगी.

रंगोली को तमिलनाडु में कोलम के नाम से जाना जाता है. घर के द्वार पर इसे बनाना शुभ माना जाता है. हैरिस की मां मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली थीं.

बाइडन और हैरिस के स्वागत के लिए और अमेरिका की बहुसांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिए एक वीडियो में शनिवार को कोलम की हजारों तस्वीरों को गूंथा गया. रंगोली के हजारों डिजाइन बनाने के लिए अमेरिका और भारत के 1,800 से अधिक लोगों ने इस ऑनलाइन पहल में हिस्सा लिया.

इस पहल में भाग लेने वाली मल्टीमीडिया कलाकार शांति चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘ कई लोगों का मानना है कि कोलम सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है. विभिन्न समुदायों के सभी आयुवर्ग के लोगों ने पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से बनी रंगोलियां बनाने की इस पहल में अपने-अपने घर से भाग लिया.

स्थानीय स्तर पर शुरू की गई यह पहल हमारी उम्मीदों से अधिक बड़ी बन गई.’’ शुरुआत में इसे व्हाइट हाउस के बाहर बनाया जाना था. बाद में इसे कैपिटल हिल के बाहर बनाने की अनुमति दे दी गई थी, लेकिन वाशिंगटन डीसी में सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंधों के कारण यह अनुमति रद्द कर दी गई.

इनॉगरेशन कोलम 2021 आयोजन दल की सदस्य सौम्या सोमनाथ ने कहा कि स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी के बाद इसे प्रदर्शित किये जाने की तारीख तय की जाएगी.

वाशिंगटन डीसी पब्लिक स्कूल की कला निदेशक मैरी लांबर्ट और विजुअल आर्ट मैनेजर लिंडसे वांसे ने चंद्रशेखर के साथ मिलकर योगदान दिया और कुछ ही दिन बाद पद्भार संभालने आने वाले बाइडन का स्वागत करने के लिए हजारों कोलम रचनाओं से मिलाकर वीडियो बनाया.

फिल्म अभिनेता महेश मांजरेकर पर लगा मारपीट और गाली देने का आरोप, शिकायत दर्ज

महाराष्ट्र के पुणे में एक व्यक्ति ने फिल्म अभिनेता महेश मांजरेकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि फिल्मकार ने उसे थप्पड़ मारा और उसके खिलाफ अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया. शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसकी कार मांजरेकर (FIR Against Mahesh Manjrekar) की कार से टकरा गई थी जिसके बाद फिल्मकार के उसे थप्पड़ मारा और अपशब्द कहे.

यावत पुलिस थाने के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि यह घटना शुक्रवार रात पुणे-सोलापुर राजमार्ग पर यावत गांव के करीब हुई, जिसके बाद पुलिस ने महेश मांजरेकर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता कैलाश सतपुते ने आरोप लगाया कि मांजरेकर ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिसके कारण उसकी कार अभिनेता की कार से पीछे से टकरा गई.

अधिकारी ने बताया कि आरोप है कि कार में टक्कर लगने के बाद मांजरेकर कार से बाहर निकले, उनके और सतपुते के बीच बहस हुई और इसी दौरान मांजरेकर ने उसे थप्पड़ मार दिया और अपशब्द कहे. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक मांजरेकर ने ‘वास्तव’ और ‘अस्तित्व’ जैसी कई लोकप्रिय हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया है.

देश में 2.24 लाख लोगों को लगा कोविड-19 का टीका, 447 में दिखे साइड इफेक्ट- स्वास्थ्य मंत्रालय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू होने के दूसरे दिन रविवार को कहा कि अब तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका लगाया गया है. इनमें से सिर्फ 447 लोगों पर ही इसके प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के मामले सामने आये हैं. मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इन 447 मामलों में सिर्फ तीन में टीका लगवाने वाले व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी है.

अगनानी ने कहा, ‘‘आज रविवार होने के चलते, सिर्फ छह राज्यों ने कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान चलाया और 553 सत्रों में कुल 17,072 लाभार्थियों को टीका लगाया गया. ’’ उन्होंने बताया कि रविवार को जिन छह राज्यों ने टीकाकरण अभियान चलाया उनमें आंध्र प्रदेश (308 सत्र), अरूणाचल प्रदेश (14 सत्र), कर्नाटक (64 सत्र), केरल (एक सत्र), मणिपुर (एक सत्र) तथा तमिलनाडु (165 सत्र) शामिल हैं. उन्होंने बताया कि 17 जनवरी तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को टीका लगाया गया है. इनमें से 2,07,229 लोगों को टीकाकरण अभियान के पहले दिन (शनिवार को) टीका लगाया गया था.

टीकाकरण अभियान के पहले दिन देश में जितने लोगों को टीका लगाया गया वह दुनिया में सर्वाधिक है. उन्होंने कहा, ‘‘यह अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस में एक दिन में लगे टीके की तुलना में ज्यादा है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘16 और 17 जनवरी को (टीका लगाने पर) प्रतिकूल प्रभाव के कुल 447 मामले सामने आएं, जिनमें से तीन मामलों में अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी. अब तक ज्यादातर मामलों में बुखार, सिरदर्द, उल्टी जैसी स्वास्थ्य संबंधी मामूली समस्याएं देखने को मिली हैं. ’’

अगनानी ने कहा कि टीका लगाए जाने के बाद जिन तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था उनमें से दो को उत्तर रेलवे अस्पताल और एम्स दिल्ली से छुट्टी दे दी गई है और एक व्यक्ति एम्स ऋषिकेश में निगरानी में है और उसकी हालत ठीक है. अगनानी ने कहा कि टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव (एईएफआई) अप्रत्याशित चिकित्सा घटना है और इसका संबंध टीका या टीकाकरण की प्रक्रिया से नहीं भी हो सकता है.

अगनानी ने कहा कि कुछ एईएफआई मामलों में अस्पताल में भर्ती किए जाने की आवश्यकता है और इस तरह के मामलों में टीकाकरण स्थल पर ही इसकी रिपोर्टिंग, तुरंत इसका प्रबंधन प्रोटोकॉल मौजूद है और इस तरह के मामलों में लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराए जाने की व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए, अड़चनों का पता लगाने और सुधारात्मक कार्य की योजना बनाने को लेकर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ रविवार को एक बैठक की गई.

उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान आंध्रप्रदेश में एक हफ्ते में छह दिनों तक चलेगा जबकि मिजोरम में एक हफ्ते में पांच दिन चलेगा.

इसके अलावा अलग-अलग राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में यह हफ्ते में दो दिनों से लेकर चार दिनों तक चलेगा.भारत में दो टीकों के आपात उपयोग की मंजूरी दी गई है, जिनमें एक टीका भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन है, जबकि दूसरा टीका, कोविशील्ड, ऑक्सफोर्ड/सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाया है.

सूडान के वेस्ट दारफूर प्रांत में हिंसा में मरने वालों की संख्या 83 हुई

सूडान के वेस्ट दारफूर प्रांत में अरब लोगों और गैर-अरब लोगों के बीच जातीय हिंसा में मरने वालों की संख्या कम से कम 83 हो गई। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.

चिकित्सकों के संघ और सहायता कर्मियों ने यह जानकारी दी. सत्तारूढ़ संप्रभु परिषद की रविवार को हुई बैठक में बताया गया कि इलाके में सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा.

प्रांतीय राजधानी जेनेना में विस्थापित लोगों के एक शिविर में दो लोगों के बीच शुक्रवार को विवाद हुआ जो भीषण झड़प में तब्दील हो गया.

झगड़े में एक अरब व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी जिसके बाद उसके परिजनों ने शनिवार को शिविर में तथा अन्य इलाकों में लोगों पर हमले किए.

मरने वालों एक अमेरिकी नागरिक सईद बाराका भी शामिल है जो अटलांटा से दारफूर अपने परिवार से मिलने आया था.

हिंसा के बाद स्थानीय अधिकारियों ने पूरे प्रांत में कर्फ्यू लगा दिया.पश्चिम दारफूर में सूडान डॉक्टर्स कमेटी ने बताया कि हिंसा में 83 लोगों की मौत हो गई तथा सैनिकों समेत कम से कम 160 लोग घायल हो गए. कमेटी ने बताया कि रविवार को दोपहर तक झड़पों में कमी आई तथा सुरक्षा हालात बेहतर हुए.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि महासचिव हिंसा के कारण बेहद चिंतित हैं.

पाकिस्तान : हिंदू समुदाय के नेताओं ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंदिर के लिए सुरक्षा की मांग की

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के एक नेता ने रविवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के ऐबटाबाद जिले में स्थित एक मंदिर के लिए सुरक्षा की मांग की.

उन्होंने इस पूजा स्थल की जमीन पर कब्जा करने की मंशा रखने वाले कुछ शरारती तत्वों द्वारा मंदिर पर हमले की आशंका जाहिर की है.

हिंदू समुदाय के नेता हारून सरब दयाल ने कहा कि हवेलियन नगर में स्थित मंदिर एक पुराना ढांचा है और अब भू-माफिया इस धरोहर को नष्ट करना चाहता है.

उन्होंने यहां मीडिया से कहा, ‘‘मुट्ठी भर शरारती तत्व मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं ताकि वे देश में अराजकता फैसला सकें. ’’

दयाल ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ इसी मंदिर तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे पाकिस्तान में सैकड़ों अन्य मंदिरों, धर्म स्थलों, पाठशालाओं, अनाथ आश्रमों, श्मशान भूमि , सत्संग भवन, गुरुद्वारों और अन्य उपासना स्थलों की भी सुरक्षा करने तथा संरक्षण करने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार से अल्पसंख्यकों के स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध करते हैं ताकि टेरी जैसी घटना रोकी जा सके.’’

गौरतलब है कि दिसबर में प्रांत के करक जिले में स्थित टेरी गांव में एक मंदिर पर भीड़ ने हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था.

आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक पाकिस्तान में 75लाख हिंदू रहते हैं. हालांकि समुदाय के मुताबिक उनकी आबादी 90 लाख से अधिक है.

पाकिस्तान की हिंदू आबादी का एक बड़ा हिस्सा सिंध प्रांत में रहता है. वहां वे अक्सर ही चरमपंथियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत करते हैं.

योगी सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आईसीयू में भर्ती कर दिया : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरते हुए रविवार को कहा कि सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को ही आईसीयू में भर्ती कर दिया है.

अखिलेश ने यहां एक बयान में कहा ‘प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं खुद बीमार हो गई हैं. गरीब का इलाज मंहगा तो हुआ ही, अस्पतालों में अव्यवस्था का शिकार भी वही बन रहा है. भाजपा सरकार ने जनता को बेहतर जिंदगी के साधन देने के बजाए प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को ही आईसीयू में भर्ती कर दिया है.

उन्होंने कहा ‘भाजपा को टीके पर दावा क्यों करना चाहिए? यह एक अत्यंत संवेदनशील मसला है. समाजवादी पार्टी का वैज्ञानिकों की दक्षता पर पूरा भरोसा है पर भाजपा की ताली-थाली वाली अवैज्ञानिक सोच एवं भाजपा सरकार की चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है. जनता में भरोसा हो इसके लिए सरकार को टीकाकरण में पारदर्शिता के साथ व्यवस्था की खामियां भी दूर करनी चाहिए.’

अखिलेश ने कहा ‘मथुरा जिला अस्पताल में बुजुर्ग महिला मरीज को स्ट्रेचर तक नहीं मिला. बेटा ठेले पर मां को लादकर अस्पताल पहुंचा. पहले भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. अमेठी के जिला अस्पताल में तो महिला चिकित्सक ही नहीं है. वहां आने वाली बीमार और गर्भवती महिलाओं का कोई हाल पूछने वाला नहीं. किसी महिला को इलाज कराना हो तो उसे 30 किमी दूर जाना पड़ता है.’

उन्होंने कहा ‘भाजपा सरकार की गलत और प्राथमिकता रहित नीतियों के चलते स्वास्थ्य सेवाओं का चरमरा जाना स्वाभाविक है. तमाम अस्पतालों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के हजारों पद खाली पड़े हैं. ऐसी हालत में लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर और गौरीफंडा के स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मेसिस्ट ही अस्पताल चला रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में चिकित्सकों की अनुपस्थिति से झोलाछाप चिकित्सकों का धंधा फल फूल रहा है.’

लक्ष्मी विलास बैंक के डीबीएस में विलय को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती

दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका में लक्ष्मी विलास बैंक (एलवीबी) का डेवलपमेंट बैंक ऑफ सिंगापुर (डीबीएस) में विलय को चुनौती दी गई है. याचिका में कहा गया है कि बैंक के शेयरधारकों को ‘अधर’ में छोड़ दिया गया है और केंद्र तथा भारतीय रिजर्व बैंक उनके हितों का संरक्षण करने में विफल रहे हैं..

यह याचिका 13 जनवरी को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल तथा न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थीं, लेकिन इसे 19 फरवरी तक आगे बढ़ा दिया गया है. पीठ को सूचित किया गया कि रिजर्व बैंक ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर इस विलय योजना के खिलाफ सभी याचिकाओं को बंबई उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है.

दिल्ली उच्च न्यायालय में यह याचिका अधिवक्ता सुधीर कठपालिया ने दायर की है, जो लक्ष्मी विलास बैंक के शेयरधारक भी हैं. इस विलय योजना की वजह से उन्हें कंपनी में अपने 20,000 शेयर गंवाने पड़े हैं.

कठपालिया ने योजना के उस प्रावधान को रद्द करने की अपील की है जिसमें कहा गया है कि विलय की तारीख से चुकता शेयर पूंजी की पूरी राशि और आरक्षित तथा अधिशेष ‘राइट ऑफ’ कर दिया जाएगा. याचिका में कहा गया है कि योजना के तहत डीबीएस को लक्ष्मी विलास बैंक के निवेशकों को बदले में कोई शेयर देने की जरूरत नहीं है. ऐसे में शेयरधारकों को ‘अधर’ में छोड़ दिया गया है.

रिजर्व बैंक ने इस विलय योजना को 25 नवंबर, 2020 को मंजूरी दी थी और 27 नवंबर, 2020 को यह विलय हुआ था.

याचिकाकर्ता का आरोप है कि केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक लक्ष्मी विलास बैंक के शेयरधारकों के हितों की सुरक्षा करने में असफल रहे हैं. इसमें यह भी दावा किया गया है कि अन्य बैंकों और वित्त संस्थानों से विलय के लिये बोलियां मंगाये बिना ही डीबीएस को विलय के लिये चुन लिया गया.

दिल्ली : 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च करेंगे किसान- किसान यूनियन

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं किसान यूनियनों ने रविवार को कहा कि वे गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में अपनी प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड निकालेंगे.

यूनियन नेता योगेंद्र यादव ने सिंघू सीमा स्थित प्रदर्शन स्थल पर कहा, ‘‘हम गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में बाहरी रिंग रोड पर एक ट्रैक्टर परेड करेंगे. परेड बहुत शांतिपूर्ण होगी. गणतंत्र दिवस परेड में कोई भी व्यवधान नहीं होगा. किसान अपने ट्रैक्टरों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाएंगे.’’

प्राधिकारियों ने किसानों द्वारा प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च या ऐसे किसी अन्य प्रकार के विरोध प्रदर्शन पर रोक की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख किया है ताकि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में किसी तरह की बाधा न आये. यह मामला अदालत में लंबित है.

एक अन्य किसान यूनियन नेता दर्शन पाल सिंह ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कर रही है जो विरोध प्रदर्शन का हिस्सा हैं या इसका समर्थन कर रहे हैं.

पाल ने कहा, ‘‘सभी किसान यूनियन इसकी निंदा करती हैं.’’ पाल का इशारा एनआईए द्वारा उन समन की ओर था जिन्हें प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस संगठन से जुड़े एक मामले में किसान यूनियन नेता को कथित तौर पर जारी किया गया है.

मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों किसान दिल्ली के विभिन्न बार्डर पर एक महीने से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

केंद्र सरकार ने इन कानूनों को किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रमुख कृषि सुधारों के रूप में प्रस्तुत किया है, लेकिन प्रदर्शनकारी किसान चिंता जता रहे हैं कि ये कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और ‘‘मंडी’’ व्यवस्था को कमजोर करेंगे उन्हें बड़े कोरपोरेट की दया पर छोड़ देंगे.

सरकार का कहना है कि ये आशंकाएं गलत हैं. सरकार कानूनों को निरस्त करने से इनकार कर चुकी है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप शुरू करने वालों को दिया तोहफ़ा, 1000 करोड़ रुपए के ‘स्टार्ट-अप इंडिया सीड फंड’ का ऐलान

पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के ‘स्टार्ट-अप इंडिया सीड फंड’ का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही लोगों के जीवन में सुधार भी आएगी. देशभर में काम करने वाले स्टार्टअप आज देश में ई-टॉयलेट से लेकर पीपीई किट और दिव्यांगों के लिए सेवाएं देने तक के क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

मोदी ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये ‘प्रारम्भ: स्टार्ट- अप भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’ को संबोधित करते कहा कि देश में स्टार्टअप के लिये पूंजी की कमी नहीं हो इसके लिये कई कदम उठाये जा रहे हैं. इससे नये स्टार्टअप शुरू करने और उनकी वृद्धि को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. इस अवसर पर उन्होंने एक टेलिविजन शो स्टार्ट-अप चैंपियंस कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया, जो दूरदर्शन (डीडी) पर प्रसारित किया जाएगा.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्टार्ट-अप के लिये इक्विटी पूंजी जुटाने में मदद के वास्ते कोषों के कोष की योजना को पहले ही अमल में ला चुकी है. इसके साथ ही आने वाले दिनों में सरकार स्टार्ट-अप को गारंटी के जरिये कोष जुटाने में भी मदद करने वाली है.

मोदी ने कहा कि आज स्टार्ट-अप के मामले में भारत दुनिया का तीसरा बड़ा देश बन गया है. भारत ने इस दौरान कई उभरते उद्यमियों को आगे बढ़ने में मदद की गई. नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी के साथ ये उद्यमी आगे बढ़े और इनमें कई बड़ी कंपनी बन चुके हैं.

इस अवसर पर उन्होंने एक टेलिविजन शो स्टार्ट-अप चैंपियंस कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया, जो दूरदर्शन (डीडी) पर प्रसारित किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत में चेन्नई, भोपाल, गाजियाबाद, सोनीपत के साथ कई स्थानों के स्टार्ट-अप के कामों के बारे में सुना. इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश, भूटान, म्यामांर, नेपाल सहित बिम्स्टेक देशों के स्टार्ट-अप की उपलब्धियों को भी सुना.

मोदी ने कहा कि देश में आज 41,000 से अधिक स्टार्टअप अभियान में लगे हैं जिसमें 5,700 से अधिक आईटी क्षेत्र में हैं. 1,700 से अधिक कृषि क्षेत्र में काम कर रहे हैं. पिछले पांच साल में यह स्थिति बनी है. जहां 2014 से पहले देश के केवल चार स्टार्टअप ही यूनिकॉर्न क्लब में थे वहीं आज 30 से जयादा स्टार्टअप इस क्लब में शामिल हैं.

Indonesia Earthquake : इंडोनेशिया में आए भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 56, राहत एवं बचाव कार्य जारी

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप के बाद रविवार को बचावकर्ताओं को घरों और इमारतों के मलबों से और लोगों के शव मिले जिसके बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हो गई. हालांकि, इस बीच सेना के इंजीनियरों ने क्षतिग्रस्त सड़कों को खोल दिया जिससे राहत सामग्री तक पहुंच संभव हो पाई.

राष्ट्रीय आपदा मोचन एजेंसी के प्रवक्ता रादित्य जाति ने कहा कि गुरुवार मध्यरात्रि आए भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित ममूजू शहर और सुलावेसी द्वीप पर माजेने में और भी भारी उपकरणों को पहुंचाया गया. बिजली सप्लाई और फोन कनेक्शन जैसी सुविधाएं भी धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं.

जाति ने बताया कि भूकंप के कारण हजारों लोग बेघर हो गए तथा 800 से अधिक लोग घायल हैं. उन्होंने बताया कि घायलों में से आधे लोगों को गंभीर चोटें आई हैं. ममूजू में 47 लोगों की और माजेने में नौ लोगों की मौत हुई है. जाति ने बताया कि माजेने में कम से कम 415 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और करीब पंद्रह हजार लोगों को आश्रय स्थलों में भेजा गया है.

आपदा मोचन एजेंसी की ओर से बताया गया कि लैंडस्लाइड के कारण अवरुद्ध हुआ ममूजू और माजेने को जोड़ने वाला मार्ग सेना के इंजीनियरों ने साफ कर दिया है. क्षतिग्रस्त पुल को भी उन्होंने ठीक कर दिया है. इससे पहले 2018 में पालू शहर में 7.5 तीव्रता का भूकंप और उसके बाद सुनामी आई थी. तब चार हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.