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भारतीय खिलाड़ियों ने दर्शकों के खराब बर्ताव की शिकायत की, क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने मांगी माफी

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भारत और आस्ट्रेलिया के बीच तीसरे क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन रविवार को कुछ मिनट के लिए खेल रुका जब मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने यहां सिडनी क्रिकेट मैदान (एससीजी) पर दर्शकों द्वारा अपशब्दों की शिकायत की.

मेजबान बोर्ड क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) ने इसके बाद माफी मांगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया.

इससे पहले कल भी एससीजी पर नशे में धुत्त एक दर्शक ने कथित तौर पर भारतीय खिलाड़ियों जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज पर नस्ली टिप्पणी की थी. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से इसकी शिकायत की है.

सीए के इंटिग्रिटी एवं सुरक्षा प्रमुख सीन केरोल ने कहा, ‘‘क्रिकेट आस्ट्रेलिया हर तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार की कड़ी निंदा करता है.’’

स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार सुरक्षाकर्मियों ने छह लोगों को मैदान से बाहर निकाला जबकि इस दौरान लगभग दस मिनट तक खेल रुका रहा.

केरोल ने कहा, ‘‘श्रृंखला का मेजबान होने के नाते हम भारतीय क्रिकेट टीम में अपने मित्रों से माफी मांगते हैं और उन्हें आश्वासन देते हैं कि हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे.’’

रविवार को चौथे दिन के दूसरे सत्र के दौरान भारतीय खिलाड़ी मैदान के बीच एकत्रित हो गए जब स्क्वायर लेग बाउंड्री पर खड़े सिराज ने अपशब्द कहे जाने की शिकायत की. इससे पहले सिराज के ओवर में कैमरन ग्रीन ने लगातार दो छक्के जड़े थे.

इसके बाद सुरक्षाकर्मी दर्शक दीर्घा में गए और अपशब्द कहने वाले व्यक्ति को ढूंढने लगे और फिर दर्शकों के एक समूह को स्टैंड से जाने को कहा गया.

केरोल ने कहा, ‘‘अगर आप नस्ली अपशब्द का इस्तेमाल करते हो तो आस्ट्रेलियाई क्रिकेट में आपका स्वागत नहीं है. सीए को शनिवार को सिडनी क्रिकेट मैदान पर की गई शिकायत के मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की जांच के नतीजे का इंतजार है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘जिम्मेदार लोगों की पहचान होने के बाद सीए अपनी उत्पीड़न रोधी संहिता के तहत कड़े कदम उठाएगा जिसमें लंबे प्रतिबंध और न्यू साउथ वेल्स पुलिस के पास मामला भेजना भी शामिल है.’’

अंपायरों को भी इस दौरान खिलाड़ियों से बात करते देखा गया. खिलाड़ियों की तरफ हालांकि कोई चीज नहीं फेंकी गई.

न्यू साउथ वेल्स स्थल की मुख्य कार्यकारी केरी माथेर ने कहा कि जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच जा रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे बेहद गंभीरता से ले रहे हैं. अगर इससे जुड़े लोगों की पहचान होती है तो उन्हें हमारे कानून के तहत सिडनी क्रिकेट ग्रांउड और न्यू साउथ वेल्स के अंतर्गत आने वाले सभी स्थलों से प्रतिबंधित किया जाएगा.’’

भारतीय अपने खिलाड़ियों के साथ हुई इस घटना से नाराज थे और दर्शकों को स्टैंड से बाहर किए जाने के बाद मामला शांत हुआ.

पता चला है कि भारतीय टीम के साथ पहली बार दौरे पर आए सिराज अपने कप्तान अजिंक्य रहाणे और मैदानी अंपायरों के पास पहुंचे और अपने साथ जो हुआ उसकी शिकायत की. शनिवार को भी इसी स्थान पर क्षेत्ररक्षण करते हुए सिराज को अपशब्दों का सामना करना पड़ा था.

रहाणे को इसके बाद सिराज के कंधे पर हाथ रखकर स्टैंड पर एक समूह की ओर इशारा करते देखा गया जबकि इस दौरान वह अंपायरों से बात कर रहे थे और सुरक्षाकर्मी भी इस दौरान अपने काम में लग गए.

मैच के तीसरे दिन नशे में धुत्त एक दर्शक ने कथित तौर पर सिराज को ‘बंदर’ कहा था जिससे 2007-2008 श्रृंखला के कुख्यात ‘मंकीगेट’ प्रकरण की यादें ताजा हो गई थी.

मंकीगेट प्रकरण भी सिडनी टेस्ट के दौरान हुआ था जब एंड्रयू साइमंड्स ने दावा किया था कि हरभजन सिंह ने कई बार उनके प्रति नस्ली टिप्पणी की. भारतीय आफ स्पिनर को हालांकि सुनवाई के दौरान इस मामले में पाक साफ करार दिया गया.

ICC ने सिडनी टेस्ट में नस्लवाद की आलोचना की, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने रविवार को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट के दौरान दर्शकों द्वारा भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ नस्ली दुर्व्यवहार की घटनाओं की निंदा करते हुए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है.

दरअसल रविवार को चौथे दिन के खेल के दूसरे सत्र के दौरान भारतीय खिलाड़ी मैदान के बीच में एकत्रित हो गए जब स्क्वायर लेग बाउंड्री पर खड़े सिराज ने अपशब्द कहे जाने की शिकायत की.

इसके बाद सुरक्षाकर्मी दर्शक दीर्घा में गए और अपशब्द कहने वाले व्यक्ति को ढूंढने लगे और फिर दर्शकों के एक समूह को स्टैंड से जाने को कहा गया. हालांकि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने इस पर माफी मांग ली है.

तो वहीं दूसरी तरफ़ आईसीसी की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया, ‘‘ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद सिडनी क्रिकेट मैदान में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच चल रहे तीसरे टेस्ट मैच के दौरान नस्लवाद की घटनाओं की कड़ी निंदा करता है और इसकी जांच में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को सभी आवश्यक समर्थन देने की पेशकश करता है.’’

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनु साहनी ने यह दोहराया कि आईसीसी किसी भी तरह के भेदभाव के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाता है.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे खेल में भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है और हम अविश्वसनीय रूप से निराश हैं कि प्रशंसकों का एक छोटा समूह ऐसा सोचता है कि यह घृणित व्यवहार स्वीकार्य है.’’

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी ने कहा, ‘‘ हमारे पास एक व्यापक भेदभाव-रोधी नीति है, जिसका सदस्यों को पालन करने के साथ यह भी सुनिश्चित करना है कि प्रशंसकों द्वारा इसका पालन किया जाए. हम मैदान के अधिकारियों और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा की गई कार्रवाई का स्वागत करते हैं.’’

मनु साहनी ने कहा, ‘‘ हम क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और संबंधित अधिकारियों को मामले की किसी भी जांच में अपना पूर्ण समर्थन प्रदान करेंगे क्योंकि हम अपने खेल में किसी भी नस्लवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे.’’

रविवार की हुई इस घटना से पहले मैच के तीसरे दिन शनिवार को नशे में धुत एक दर्शक ने जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज पर नस्ली टिप्पणी की थी.

आईसीसी की भेदभाव-रोधी नीति के तहत, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को अब ‘इस मुद्दे की जांच कर आईसीसी को एक रिपोर्ट सौंपनी होगी जिसमें यह सुनिश्चित किया गया हो कि इस मामाले में कार्रवाई कर उसे उचित तरीके से निपटाया गया है.

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक सिराज को एक दर्शक ने कथित तौर पर ‘मंकी’ और ‘ब्राउन डॉग’ कह कर संबोधित किया. वहीं इस मामले के सामने आने से साल 2007-08 में भारतीय टीम के आस्ट्रेलिया दौरे के ‘मंकीगेट’ प्रकरण की यादें ताज़ा हो गई हैं.

नागपुर : यौन संबंध बनाने के दौरान गले में बांधी गई रस्सी से दम घुटने से व्यक्ति की मौत

महाराष्ट्र के नागपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां यौन संबंध बनाने के दौरान व्यक्ति की गले में बांधी गई रस्सी से दम घुटने से कथित तौर पर मौत हो गई. मिली जानकारी के मुताबिक़ घटना नागपुर के खापरखेड़ा इलाके की एक लॉज में बृहस्पतिवार देर रात हुई.

पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘ मृतक का महिला से गत पांच साल से संबंध था. महिला विवाहित है और उसके बच्चे हैं. दोनों गुरुवार रात को एक साथ समय बिताने के लिए लॉज आए थे. यौन संबंध बनाने के दौरान कथित तौर उत्तेजना बढ़ाने के लिए महिला ने पुरुष के हाथ-पैर नायलोन की रस्सी की मदद से कुर्सी से बांध दिए, उत्तेजना को चरम पर पहुंचाने के लिए महिला ने गले में एक और रस्सी बांध दी.’’

उन्होंने बताया, ‘‘ इसके बाद महिला शौचालय चली गई तभी वह कुर्सी फिसल गई जिससे पुरुष को बांधा गया था और गले में बंधी रस्सी फंदे की तरह कस गई, जब महिला बाहर आई तो उसने देखा कि पुरुष में कोई हरकत नहीं हो रही है.’’

पुलिस ने बताया कि महिला ने तुरंत मदद मांगी, लॉज का कर्मी आया और उसने कुर्सी से बंधे पुरुष को रस्सी से मुक्त किया. उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के लिए महिला को हिरासत में ले लिया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.

अधिकारी ने कहा, ‘‘ महिला ने स्वीकार किया है कि मृतक के साथ उसका अवैध संबंध था. पुलिस ने वेटर, लॉज के मैनेजर और कमरे में सेवा देने वाले लड़के का बयान दर्ज किया है और महिला एवं मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है.’’उन्होंने बताया कि खापरखेड़ा पुलिस थाने में दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.

उत्तर प्रदेश : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का अखिलेश पर तंज, कहा- 25 सालों तक नहीं बनेगी सपा की सरकार

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चित्रकूट में कामदगिरि की परिक्रमा और भगवान कामतानाथ के दर्शन करने पर तंज कसा है. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता में अब इस बात को लेकर सवाल उठ रहा है कि अखिलेश यादव पहले क्यों नहीं गये. उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी कुंभ मेले में अखिलेश यादव नहाने भी नहीं आये. वहीं, साल 2019 में बीजेपी की सरकार में हुए कुंभ में अखिलेश यादव ने स्नान भी किया.

केशव प्रसाद यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा, “अखिलेश यादव रंग बदलने की सच्चाई जनता के सामने लाएं.” उन्होंने कहा कि 2022 में ही नहीं आने वाले 25 वर्षों में कभी सपा की प्रदेश में सरकार नहीं बनेगी.

जनता के आशीर्वाद और बीजेपी सरकार के काम से आगे भी बीजेपी की सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस मिलकर भी लड़ेंगे तो भी बीजेपी को नहीं हरा पायेंगे. अगले सभी चुनावों में भी बीजेपी की विजय होगी.

गौरतलब है कि अखिलेश ने चित्रकूट में कामदगिरि की परिक्रमा की और भगवान कामतानाथ के दर्शन किए थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने भगवान से उत्तर प्रदेश से बीजेपी की सरकार को हटाने की प्रार्थना की है. अखिलेश यादव ने कहा, “यह पवित्र स्थल है. इस पवित्र स्थल से अगर आवाज जाएगी, तो दूर-दूर तक पहुंचेगी. हम भगवान से प्रार्थना करेंगे कि यह सरकार जाए और जनता से अपील है कि जब भी मौका मिले तो सरकार को हटाएं.”

प्रयागराज : कोरोना रिपोर्ट के बिना नहीं मिलेगी माघ मेले में एंट्री

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को सूचित किया कि यहां लगने जा रहे माघ मेले में केवल उन्हीं व्यक्तियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके पास कोविड-19 से संक्रमित नहीं होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट होगी. यह जानकारी मुख्य सचिव की ओर से पेश किए गए निर्देशों के जरिए अदालत को उस समय दी गई, जब कोविड-19 से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही थी.

मुख्य सचिव के बयान को दर्ज करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने कहा, ‘इन निर्देशों पर गौर करने के बाद हम इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हैं कि राज्य की ओर से जो कदम उठाए जा रहे हैं, वे संक्रमण को रोकने के लिए पर्याप्त हैं.’

अदालत ने इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई की तारीख 12 जनवरी, 2021 तय करते हुए निर्देश दिया कि अगली तारीख तक राज्य सरकार विश्वसनीय और आसान तरीका पेश करे, जिनके जरिए वह इस संक्रमण को नियंत्रित करने का इरादा रखती है. अदालत ने कहा, ‘सरकार यह बात ध्यान में रखे कि माघ के महीने में इस तरह का समागम बहुत विशाल स्तर पर होता है और अगर एक भी संक्रमित व्यक्ति इस शहर में प्रवेश करता है तो वह तबाही मचा सकता है.’

अदालत ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार अदालत के समक्ष एक निश्चित तारीख और कार्यक्रम पेश करे कि कोविड-19 के उन्मूलन के लिए प्रदेश में टीकाकरण कब और कैसे किया जाएगा. इसके अलावा अदालत ने मुख्य सचिव को यह बताने का भी निर्देश दिया कि सार्वजनिक भूमि पर निर्मित पूजा स्थलों को कैसे हटाया जाना है.

महाराष्ट्रः मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे करेंगे भंडारा के जिला अस्पताल का निरीक्षण, आग लगने से हुई थी 10 बच्चों की मौत

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज भंडार ज़िला अस्पताल का निरीक्षण करेंगे. दरअसल ज़िला अस्पताल में बच्चों के वार्ड में आग लगने से 10 नवजात बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई है. इन बच्चों की उम्र एक दिन से लेकर 3 महीने तक की थी.आपको बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पहले ही घटना की जांच के आदेश दे चुके हैं.

10 नवजात बच्चों की जिंदा जलकर मौत होने के बाद अब महाराष्ट्र सरकार अस्पतालों के लिए नए नियमामवली बनाने की बात कर रही है. वहीं हादसे में मारे गए बच्चों के परिजनों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल की लापरवाही से अपने नवजात बच्चों को खोया है, उनके दर्द की भरपाई अब किसी भी तरह से नहीं हो सकती है.

फिलहाल इतने गंभीर मामले में अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है. जिसे लेकर विपक्ष लगातार उद्धव सरकार पर हमला बोल रहा है. हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. वहीं 10 बच्चों की मौत के बाद सीएम उद्धव ठाकरे की सरकार विरोधियों के निशाने पर बनी हुई है. मामले में बीजेपी हाईलेवल जांच की मांग उठा रही है.

सीएम उद्धव ने भंडारा में मारे गए बच्चों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है. अस्पतालों में नवजात बच्चों को रखने वाली जगहों का ऑडिट किए जाने का भी आदेश दिया गया है. महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के अनुसार मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और मासूम बच्चों की मौत के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.

बता दें कि आईसीयू वार्ड में कुल 17 बच्चे मौजूद थे, इनमें से 10 को नहीं बचाया जा सका. ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने दरवाजा खोला और कमरे में चारों तरफ धुआं देखा, तो उन्होंने तुरंत अस्पताल के अधिकारियों को बताया. जिसके बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने अस्पताल में लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.

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सोशल मीडिया पर भूलकर भी न करें आधार कार्ड से जुड़े ये काम, UIDAI ने जारी किया अलर्ट

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मौजूदा समय में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में 12 अंकों का आधार नंबर सोशल मीडिया पर शेयर करना ख़तरे से खाली नहीं है. यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने आधार की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करने की सलाह दी है.वज़ह है बैंक से लेकर आयकर रिटर्न भरने तक के लिए आधार नंबर जरूरी होना है.

यूआईडीएआई के मुताबिक यूजर्स को अपने आधार से संबंधित विवरण को सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा नहीं करना चाहिए. UIDAI ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर बताया कि यूजर्स अपनी इंफोर्मेशन सोशल मीडिया जैसे पब्लिक प्लेटफॉर्म पर साझा न करें. आधार से जुड़ी समस्या के लिए यूजर्स UIDAI के पर्सनल इनबॉक्स में ही मैसेज करें.

यूआईडीएआई की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक आधार संबंधित ऑनलाइन सेवाओं को प्रमाणित करने के लिए मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है तथा सभी जानकारियां SMS और ईमेल द्वारा भेजी जाती हैं. इसका लाभ उठाने के लिए नजदीकी आधार केंद्र जाना होगा. वहीं पर यूजर्स अपने आधार में मोबाइल नंबर एवं ईमेल आईडी अपडेट करा सकते हैं.

आधार कार्ड की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यूजर्स अप घर बैठें ऑनलाइन तरीके से अपने आधार कार्ड में डेट ऑफ बर्थ एवं एड्रेस अपडेट करा सकते हैं. आधार ने बताया कि अब आप घर बैठे UIDAI की वेबसाइट पर अपना नाम, पता, जन्मतिथि व लिंग अपडेट करा सकते हैं. ssup.uidai.gov.in पर क्लिक करें और घर बैठे आधार अपडेट कराएं.

महाराष्ट्र: भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने से 10 नवजात बच्चों की मौत

महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में शुक्रवार देर रात विशेष नवजात देखरेख इकाई में आग लगने से 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई जबकि सात बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया. नवजात बच्चों की आयु एक महीने से तीन महीने के बीच थी.

राज्य स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि तीन नवजात शिशुओं की जलने से, वहीं सात शिशुओं की दम घुटने से मौत हो गई. साथ ही उन्होंने कहा कि घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि घटना में जान गंवाने वाले शिशुओं के परिजन को पांच-पांच लाख रुपए अनुग्रह राशि के तौर पर दिए जाएंगे.

डॉक्टरों के अनुसार भंडारा जिला अस्पताल में शुक्रवार देर रात एक बजकर 30 मिनट के आसपास आग लग गयी. इकाई में 17 बच्चे थे, जिनमें से सात को बचा लिया गया.

टोपे ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘प्रारंभिक सूचनाओं से पता चला है कि भंडारा जिला अस्पताल में तीन नवजात शिशुओं की आग में जलने से वहीं सात शिशुओं की धुएं में दम घुटने से मौत हो गई.’’

जिला सिविल सर्जन प्रमोद खंडाते ने बताया कि भंडारा जिला अस्पताल में शुक्रवार देर रात एक बजकर 30 मिनट के आसपास आग लग गयी. इकाई में 17 बच्चे थे, जिनमें से सात को बचा लिया गया.

उन्होंने बताया कि सबसे पहले एक नर्स ने अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल विभाग से धुआं उठते देखा. उसने डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को चौकस किया और वे पांच मिनट के भीतर वहां पहुंच गए.

उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों ने इकाई के ‘इनबाउंड वार्ड’ से सात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन 10 बच्चों को बचाया नहीं जा सका.

खंडाते ने बताया कि बच्चों को जिस वार्ड में रखा जाता है, वहां लगातार ऑक्सीजन की आपूर्ति की जरूरत होती है.

उन्होंने बताया, ‘‘वहां आग बुझाने वाले उपकरण थे और कर्मियों ने उनसे आग बुझाने की कोशिश की। वहां काफी धुआं हो रहा था.’’उन्होंने बताया कि आग का शिकार होने वाले बच्चों के माता-पिता को इसकी जानकारी दे दी गई है और बचाए गए सात बच्चों को दूसरे वार्ड में भेज दिया गया है.

उन्होंने बताया कि आईसीयू वार्ड, डायलिसिस और लेबर वार्ड से रोगियों को सुरक्षित दूसरे वार्ड में भेज दिया गया है. अभी तक चार मंजिला इमारत में आग लगने के पीछे की वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट होने का संदेह है.

मंत्री ने कहा, ‘‘ड्यूटी पर मौजूद चिकित्साकर्मियों ने नवजात सघन देखरेख इकाई की खिड़कियां और दरवाजे खोल दिए और शिशुओं को साथ लगे वार्डों में स्थानांतरित किया. वे सात शिशुओं को बचाने में सफल रहे लेकिन 10 शिशुओं की जाने नहीं बचा सके.’’

उन्होंने कहा, ‘‘घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की पूरी तरह जांच के आदेश दिए गए हैं. इस दुखद घटना से सबक लेकर हम आगे ऐसी घटनाओं को होने से रोकेंगे.’’

पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को ‘बेहद दर्दनाक’ बताते हुए विस्तृत जांच की मांग की है.

Big Boss14 कंटेस्टेंट राहुल वैद्य और दिशा परमार करेंगे शादी, मां ने किया ख़ुलासा

बिग बॉस 14 के शुक्रवार के एपिसोड में कंटेस्टेंट राहुल वैद्य को अपनी मां गीता वैद्य से मुलाकात करने का मौका मिला. इस दौरान दोनों काफी इमोशनल हो गए. शो में राहुल की मां ने उनसे गर्लफ्रेंड दिशा परमार के साथ शादी करने को लेकर बात की. राहुल मां से पूछते हैं कि मैं शादी कब करूं तो वह कहती हैं हमने तो तैयारी भी शुरू कर दी है. इसके बाद वह कहती हैं मैं तुमको बहुत मिस करती हूं.

राहुल की मां गीता वैद्य राहुल की शादी की तैयारियां शुरू कर चुकी हैं. उन्होंने बताया कि जब राहुल शो के बीच में घर आ गया था तो दिशा हमसे मिलने के लिए आई थीं. मैंने दिशा की मां से बात भी की है और हमने सबकुछ फाइनल कर लिया है. हम राहुल के शो से बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं. जब वह बाहर आएगा तब हम डेट फाइनल करेंगे. हम तभी डेट, लोकेशन और बाकी चीजें कन्फर्म करेंगे. लेकिन बेसिक अरेंजमेंट हमने कर ली है. दोनों के परिवार मिल चुके हैं और शादी के लिए हामी भर दी है.

उन्होंने आगे बताया कि दिशा समर सीजन में शादी नहीं करना चाहती हैं तो हम जून में उनकी शादी करेंगे. यह सीजन वैसे भी खत्म होने वाला है. हम दिसंबर तक इंतजार नहीं करेंगे. इतना लंबा नहीं खिचेंगा. मैं बहुत खुश हूं कि बिग बॉस की वजह से हमें बहू मिल रही है. बिग बॉस में जाने के बाद राहुल ने दिशा के लिए अपनी फीलिंग्स को अहसास किया और मुझे यकीन है कि दिशा भी उसे पसंद करती हैं.

भारतीय मूल की अमेरिकी सबरीना सिंह व्हाइट हाउस में उप प्रेस सचिव नियुक्त

भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक सबरीना सिंह अमेरिका की निर्वाचित उपराष्ट्रपति के लिए व्हाइट हाउस में उप्र प्रेस सचिव के रूप में अपनी सेवा देंगी. अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और निर्वाचित उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के सत्ता हस्तांतरण दल ने यह घोषणा की.

सिंह, बाइडन-हैरिस चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कमला हैरिस की प्रेस सचिव थीं. इससे पूर्व वह माइक ब्लूमबर्ग और कौरी बुकर के राष्ट्रपति पद संबंधी अभियान के लिए क्रमश: वरिष्ठ प्रवक्ता और नेशनल प्रेस सचिव रह चुकी हैं. इसके अलावा वह कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं.

सत्ता हस्तांतरण दल ने व्हाइट हाउस में उपराष्ट्रपति कार्यालय के लिए कई अहम नियुक्तियों की घोषणा के तहत उन्हें नामित किया. बाइडन और हैरिस 20 जनवरी को क्रमश: राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति पदों की शपथ लेंगे.

सिंह इंडिया लीग ऑफ अमेरिका के सरदार जे. जे. सिंह की पोती हैं.सन् 1940 के दशक में सरदार ने अपने साथी भारतीयों के साथ मिलकर अमेरिका की नस्लीय भेदभावकारी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया था. इसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने दो जुलाई, 1946 को लूस सेलर कानून बनाया था. इससे प्रति वर्ष अमेरिका में 100 भारतीयों को प्रवास की अनुमति मिली.