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मुंबई हाईकोर्ट ने ‘अवैध’ निर्माण मामले में सोनू सूद को दी राहत, आवासीय भवन को होटल में परिवर्तित करने का है आरोप

मुंबई हाई कोर्ट ने सोमवार को एक दीवानी अदालत के उस आदेश को 13 जनवरी तक बढ़ा दिया जिसमें अभिनेता सोनू सूद को उपनगरीय जुहू स्थित एक आवासीय इमारत में उनके द्वारा बिना अनुमति के किये गए कथित अवैध ढांचागत परिवर्तनों के खिलाफ बीएमसी की ओर से किसी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया गया था.

सोनू सूद ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा उन्हें गत वर्ष अक्टूबर में जारी नोटिस और बीएमसी की कार्रवाई के खिलाफ उनके द्वारा दायर एक वाद को दिसंबर में एक दीवानी अदालत की ओर से खारिज किये जाने को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया है.

दीवानी अदालत ने वाद खारिज करते हुए सूद को एक अपील दायर करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया था और अपना आदेश स्थगित कर दिया था जिससे अभिनेता को राहत मिली थी.

सोमवार को बीएमसी के वकील अनिक साखरे ने अभिनेता की याचिका पर जवाब देने के लिए समय मांगा.सूद के अधिवक्ता अमोघ सिंह ने तब अंतरिम संरक्षण का और बीएसमी को यह निर्देश देने का अनुरोध किया कि वह कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे.

न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण ने याचिका पर सुनवाई 13 जनवरी तक स्थगित करते हुए कहा, ‘‘निचली अदालत द्वारा पारित आदेश तब तक जारी रहेगा.’’ सूद के वकील सिंह ने उच्च न्यायालय को बताया कि अभिनेता ने छह मंजिला शक्ति सागर इमारत में कोई भी अवैध या अनधिकृत निर्माण नहीं किया है.

सिंह ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता (सूद) ने छह मंजिला इमारत में ऐसा कोई बदलाव नहीं कराया है जिसके लिए बीएमसी की अनुमति जरूरी हो. अभी तक केवल वे ही बदलाव ही किए गए हैं जिसकी महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम के तहत अनुमति है.’’

बीएमसी के वकील साखरे ने हालांकि दलील दी कि याचिकाकर्ता आवासीय भवन को लाइसेंस प्राप्त किये बिना अवैध रूप से एक होटल में परिवर्तित कर रहे हैं.

साखरे ने कहा, ‘‘छह मंजिला आवासीय इमारत में 24 कमरों वाला एक होटल चलाया जा रहा है. बीएमसी ने संपत्ति पर दो बार विध्वंस की कार्रवाई की है… एक बार 2018 में और फिर फरवरी 2020 में लेकिन, फिर भी अवैध निर्माण जारी है.’’

उन्होंने कहा कि अब बीएमसी द्वारा पुलिस में एक शिकायत दर्ज करायी गई है.न्यायमूर्ति चव्हाण ने तब सूद के वकील से पूछा कि क्या अभिनेता बिना लाइसेंस के इमारत में होटल संचालित कर रहे हैं.

न्यायमूर्ति चव्हाण ने कहा, ‘‘क्या आप बिना लाइसेंस के होटल का कारोबार कर रहे हैं? आपको अदालत बेदाग आना चाहिए. यदि नहीं, तो आपको इसके परिणाम भुगतने होंगे.’’

इस पर सिंह ने कहा कि सूद कोई होटल का व्यवसाय नहीं कर रहे हैं, बल्कि वह ‘‘एक आवासीय होटल चला रहे हैं जिसमें फ्लैट लोगों को किराए पर दिए जाते हैं.’’

सूद की याचिका में अदालत से बीएमसी द्वारा जारी नोटिस को दरकिनार करने और उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं किये जाने के संबंध में अंतरिम राहत का अनुरोध किया गया है.

आपको बता दें कि सोनू सूद ‘दबंग’, ‘जोधा-अकबर’ और ‘सिम्म्बा’ जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं और पिछले साल वह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने Covid -19 के चलते लागू लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों को उनके घर तक पहुंचाने में मदद की थी.

महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू का क़हर, परभणी, मुम्बई और ठाणे में हुई मामलों की पुष्टि

महाराष्ट्र के परभणी, मुम्बई, बीड़ और दापोली में विभिन्न पक्षियों की मौत भोपाल की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर एविएन इंफ्लूएंजा से होने की पुष्टि हुई है. राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवारक को यह जानकारी दी.

राज्य के पशुपालन विभाग के सचिव अनुप कुमार ने बताया कि अंडे या मुर्गे का मांस खाना ‘बिल्कुल सुरक्षित’ है क्योंकि यह वायरस इतने तापमान को नहीं झेल पाता, ऐसे में लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि बर्ड फ्लू के कारण इंसान के संक्रमित होने की स्थिति ‘दुर्लभतम’ है.

अधिकारी ने कहा कि विभाग पॉल्ट्री फार्मों पर जैव सुरक्षा उपाय बढ़ायेगा ताकि जंगली पक्षियों के साथ कोई संपर्क नहीं हो.

सुबह में परभनी के जिलाधिकारी दीपक मुगलीकर ने बताया था कि मुरुम्बा गांव के पॉल्ट्री फार्म में पिछले कुछ दिनों में करीब 900 मुर्गियों की मौत बर्ड फ्लू के कारण होने की पुष्टि हुई है तथा जिला प्रशासन ने गांव में करीब 8,000 पक्षियों को मारने का फैसला किया है.

कुमार ने बताया कि पशुपालन विभाग ने अपनी कार्ययोजना लागू करना पहले ही शुरू कर दिया है और पक्षियों को मारने का काम मंगलवार को शुरू होगा.

उन्होंने बताया कि परभनी के संक्रमित क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायर में 8000-10000 पक्षियों को मारा जाएगा.

भोपाल के आईसीएआर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सेक्युरिटी एनीमल डिजीज के अनुसार मुम्बई में दो कौवे बर्ड फ्लू से मर गये. उसकी रिपोर्ट के अनुसार ठाणे के तीन बगुले और एक तोता एच5एन1 एवियन इंफ्लूएंजा से संक्रमित थे.

भोपाल के इसी संस्थान के मुताबिक इसके अलावा, परभनी के एक मुर्गे और दो बगुले की तथा बीड़ एवं दापोली के कौवे एच5एन1 एंवियन इंफ्लुएंजा से संक्रमित थे.

कुमार ने कहा, ‘‘ हमारी कार्ययोजना का क्रियान्वयन शुरू हो गया है. हम शाम को मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे के साथ) समीक्षा बैठक करेंगे.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हम अपनी रणनीतियों पर मुख्यमंत्री की राय लेंगे और कल से खासकर परभनी में पक्षियों को मारना शुरू करेंगे जहां कुक्कुट पक्षी संक्रमित पाये गये हैं.’’

उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी एवं वन विभाग समेत सरकारी मशीनरी अलर्ट है.

जालना में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के मद्देनजर उनका विभाग अलर्ट है लेकिन डरने की बात नहीं है, लोग बस सावधानी बरतें एवं सुरक्षित रहें.

पहले, मुगलीकर ने कहा था , ‘‘बर्ड फ्लू के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है, इसलिए हमने उस स्थान के एक किलोमीटर के दायरे में पक्षियों को मारने का फैसला किया है, जहां मुर्गियों की मौत हुई है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘जिस स्थान पर पक्षियों की मौत हुई है, हमने उसके 10 किलोमीटर के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र बना दिया है. वहां से किसी पक्षी को बाहर नहीं भेजा जाएगा. हमारी चिकित्सकीय टीम वहां मौजूद है और वह गांव के सभी लोगों की जांच कर रही है.’’

मुगलीकर ने कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और जिला प्रशासन सभी सावधानियां बरत रहा है.

इस बीच ठाणे नगर निगम ने स्थिति की निगरानी के लिए एक नियंत्रण कक्ष बनाया है और लोगों से शहर में बर्ड फ्लू का कोई भी मामला आने पर रिपोर्ट करने का आह्वान किया हैं.

आपको बता दें कि केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बर्डफ्लू के मामलों की पुष्टि हुई है.

लखनऊ के सदर अस्पताल पहुंचे योगी, प्रदेश में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास सुव्यवस्थित तरीके से करने का निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सदर अस्पताल का दौरा कर कोविड टीके के पूर्वाभ्यास की जानकारी ली.

सदर अस्पताल में पूर्वाभ्यास के तहत संचालित की जा रही गतिविधियों को देखने के बाद उन्होंने पूरे प्रदेश में इसे सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए. उन्होंने 16 जनवरी, 2021 से प्रदेश में शुरू हो रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान की जनपद स्तर पर तैयारियों का वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए.

सरकारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी के सहयोग से कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने में जिस प्रकार सफलता मिली है, उसी प्रकार टीकाकरण अभियान को पूरी प्रतिबद्धता से संचालित किया जाए.

टीकाकरण अन्तर्विभागीय समन्वय के माध्यम से किए जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण अभियान में नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा.’’ उन्होंने जनपद मेरठ, सिद्धार्थनगर, वाराणसी, गोरखपुर तथा लखनऊ के जिलाधिकारियों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से संवाद स्थापित कर उनके जनपद में टीके के भंडारण के लिए कोल्ड चेन, परिवहन तथा कर्मियों के प्रशिक्षण, टीकाकरण बूथ की स्थापना आदि कार्यों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हो रहा पूर्वाभ्यास टीकाकरण के दौरान अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा. बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 1500 स्थानों पर पूर्वाभ्यास हो रहा है.

विराट-अनुष्का के घर आई नन्हीं परी, सोशल मीडिया पर शेयर की गुड न्यूज

अभिनेत्री-निर्माता अनुष्का शर्मा तथा क्रिकेटर विराट कोहली के यहां सोमवार को बेटी ने जन्म लिया.कोहली ने ट्विटर पर इसकी खबर देते हुए कहा कि बेटी और अनुष्का दोनों स्वस्थ हैं.

कोहली ने एक बयान में कहा, ”आपको यह बताने में बहुत खुशी हो रही है कि आज दोपहर हमारे यहां बेटी ने जन्म लिया है. आप सभी का आपके प्यार, दुआओं और शुभकामनाओं के लिये शुक्रिया.”

उन्होंने कहा, ”अनुष्का और बेटी दोनों स्वस्थ हैं और हम अपने जीवन का नया अध्याय शुरू होने को लेकर बेहद खुश हैं. उम्मीद है कि इस समय आप हमारी निजता का ख्याल रखेंगे.”

शर्मा और कोहली ने हाल ही में अपनी शादी की तीसरी सालगिरह मनाई थी.

दोनों की पहली मुलाकात एक विज्ञापन के सेट पर हुई थी और चार साल तक एक दूसरे को डेट करने के बाद 11 दिसंबर 2017 को उन्होंने इटली में ब्याह रचा लिया था. अनुष्का ने अगस्त में खुद के गर्भवती होने की खबर दी थी.

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने नाविकों के स्वदेश वापसी की घोषणा पर प्रसन्नता जतायी

शिवसेना की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र की इस घोषणा पर सोमवार को प्रसन्नता जतायी कि चीन में फंसे 23 नाविक 14 जनवरी को स्वदेश पहुंचेंगे.

चतुर्वेदी ने कहा कि वह इस मुद्दे को लंबे समय से केंद्र के साथ उठा रही हैं और इस नवीनतम घटनाक्रम से उन्हें ‘‘अत्यंत प्रसन्न्ता’’ हुई है.

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री मनसुख मांडविया ने गत नौ जनवरी को कहा था कि जहाज एमवी जग आनंद पर सवार भारतीय चालक दल के 23 सदस्य 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे.

उन्होंने यह भी कहा था कि 16 भारतीय चालक दल के सदस्यों वाला एक अन्य जहाज एमवी अनास्तसिया भी 20 सितम्बर से चीन के काओफेदियन बंदरगाह पर है. यह जहाज कोर्गो जारी होने के इंतजार में है.

चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘मैं विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ दो जहाजों, जग आनंद और अनास्तसिया पर जुलाई 2020 से चीन में फंसे हमारे भारतीय नाविकों को वापस लाने का मुद्दा उठाती रही हूं. जग आनंद और अनास्तसिया के नाविकों को लेकर (यह मुद्दा) उसके निष्कर्ष पर पहुंचने से मुझे बहुत खुशी हुई है.’’

Stock Market : 400 अंकों की बढ़त से सेंसेक्स ने छुआ ऐतिहासिक स्‍तर, निफ्टी भी 14,459 के पार

वैश्विक रुझानों और भारी एफपीआई आवक के चलते प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 400 अंक से अधिक बढ़कर पहली बार 49,000 के स्तर को पार कर गया. घरेलू शेयर बाजार ऐतिहासिक ऊंचाई पर आज पहुंचा है और सेंसेक्स ने पहली बार 49,000 का स्तर पार कर लिया है.

इस दौरान सेंसेक्स ने आईटी शेयरों में तेजी के बल पर 49,260.21 के सर्वकालीन उच्च स्तर को छुआ और खबर लिखे जाने तक 405.45 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 49,187.96 पर कारोबार कर रहा था. इसी तरह एनएसई निफ्टी 112.45 अंक या 0.78 प्रतिशत उछलकर 14,459.70 पर था.

सेंसेक्स में चार प्रतिशत की बढ़त के साथ इंफोसिस शीर्ष पर रही, जबकि एचसीएल टेक, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एचयूएल और टीसीएस भी बढ़ने वाले शेयरों में शामिल थे. दूसरी ओर एक्सिस बैंक, मारुति, ओएनजीसी, बजाज फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज में गिरावट हुई.

पिछले सत्र में सेंसेक्स 689.19 अंक या 1.43 प्रतिशत बढ़कर 48,782.51 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 209.90 अंक या 1.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 14,347.55 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था.

शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शुक्रवार को सकल आधार पर 6,029.83 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वहीं, वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55.27 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.

आलोचनाओं के बाद डेटा शेयरिंग पॉलिसी में बदलाव पर WhatsApp ने दी सफाई

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इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप की दुनियाभर में आलोचना होने बाद सफाई दी है. डेटा शेयरिंग पॉलिसी में बदलाव पर सफाई देते हुए व्हाट्सऐप ने कहा है कि नए अपडेट से फेसबुक के साथ डेटा शेयरिंग में कोई बदलाव नहीं होगा. चैट और कॉल डिटेल पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी और एंड टू एंड एनक्रिप्शन भी जारी रहेगा.

दरअसल, व्हाट्सऐप हाल ही में अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर अपडेट देना शुरू कर दिया था. इसमें यूजर्स के डेटा प्रोसेस और फेसबुक के साथ शेयर करने संबंधी अपडेट की जानकारी दी जा रही है. अपडेट में यह भी कहा गया कि व्हाट्सऐप की सेवाओं का उपयोग जारी रखने के लिये उपयोक्ताओं को आठ फरवरी, 2021 तक नयी शर्तों व नीति से सहमत होना होगा.

आलोचनाओं के बाद व्हाट्सऐप प्रमुख विल कैथार्ट ने ट्वीट करके इस पर सफाई दी. कैथार्ट ने कहा कि कंपनी ने अपनी नीतिपारदर्शी होने और पीपुल-टू-बिनजेस के वैकल्पिक फीचर की जानकारी देने के लिये अपडेट की है. उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट होना हमारे लिये महत्वपूर्ण है कि यह अपडेट कारोबार संबंधी जानकारियां देने के लिये है. इससे फेसबुक के साथ डेटा शेयर करने की हमारी नीतियों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है.’’

ममता बनर्जी ने किया ऐलान,पश्चिम बंगाल के लोगों को फ्री में लगेगा कोरोना का टीका

देश में विपक्षी दलों द्वारा सभी लोगों के लिए फ्री कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराए जाने की मांग के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के सभी नागरिकों को मुफ्त टीका लगाने का ऐलान किया है. देश में कोरोना वैक्सीन का अभियान 16 जनवरी से शुरू होना है.

सीएम ममता बनर्जी ने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमारी सरकार राज्य के सभी लोगों को बिना किसी लागत के कोरोना वैक्सीन की सुविधा देने की व्यवस्था कर रही है.

एक दिन पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर केंद्र सरकार से सभी देशवासियों को कोरोना की वैक्सीन मुफ्त लगवाने की अपील की थी. केजरीवाल ने ट्वीट में लिखा था, ”कोरोना सदी की सबसे बड़ी महामारी है. अपने लोगों को इस से सुरक्षित करना बेहद जरूरी है. मेरा केंद्र सरकार से निवेदन है कि करोना की वैक्सीन सभी देशवासियों को मुफ़्त लगवायी जाए. इस पर होने वाला खर्च ढेरों भारतीयों की जान बचाने में सहायक होगा.”

तीन जनवरी को दो वैक्सीन, भारत बायोटेक कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशिल्ड को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिली थी. टीकाकरण कार्यक्रम के शुरुआती चरणों में पहले स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी अनुमानित संख्या तकरीबन तीन करोड़ रुपये है. इसके बाद 50 साल से ऊपर की आयु वाले गंभीर बीमारियों के शिकार लोगों को टीका लगाया जाएगा, जिनकी अनुमानित संख्या 27 करोड़ के आसपास है. इन सभी 30 करोड़ लोगों को फ्री कोरोना वैक्सीन लगेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे. संभव है कि केजरीवाल प्रधानमंत्री के साथ बैठक में देशभर में फ्री वैक्सीन लगवाने का मुद्दा उठाएं. कोरोना वैक्सीन को लेकर बुलाई गई यह बैठक सोमवार शाम 4 बजे होगी.

वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, COVID-19 से ज़्यादा ख़तरनाक साबित हो सकती हैं ये बीमारियां

कोरोना वायरस (Coronavirus) ने जहां एक तरफ़ पूरी दुनिया में दुनिया भर में क़हर मचा रखा है तो वहीं अब एपिडेडियोलॉजिस्ट और मेडिकल एक्सपर्ट्स दूसरी कई बीमारियों और इंफेक्शन से सावधान रहने की हिदायत देते नज़र आ रहे हैं. जो निकट भविष्य में भयानक महामारी का रूप धारण कर सकती हैं. तो चलिए आपको बताते हैं ऐसी बायोलॉजिकल और घातक बीमारियों के बारे में जिन्हें लेकर वैज्ञानिको ने चेतावनी जारी की है.

MERS-COV– ‘दि मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम’ (MERS) भी एक बेहद खतरनाक इंफेक्शन है, जो रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट के जरिए इंसानों में फैलता है. वैज्ञानिक कहते हैं, ‘भले ही इस बीमारी का खौफ आज कम हो गया हो, लेकिन रेस्पिरेटरी हाइजीन में गलती या लापरवाही दुनियाभर में इसके मामले बढ़ने की वजह बन सकती है.’ यह SARS-COV-2 से भी संबंधित एक बीमारी है, क्योंकि दोनों एक ही तरीके से फैलते हैं.

लासा फीवर– लासा बुखार एक वायरल इंफेक्शन है, जो रक्तस्रावी बीमारी (हेमोरेजिक इलनेस) के लक्षणों का कारण बनता है. लासा फीवर की चपेट में आने वाले हर पांचवें शख्स की किडनी, लिवर और स्प्लीन पर बहुत बुरा असर होता है. घर की दूषित चीजों, यूरीन, मल और ब्लड ट्रांसफ्यूशन के जरिए यह बीमारी लोगों में फैल सकती है. अफ्रीकी देशों में यह बीमारी अभी भी उग्र है. सैकड़ों लोगों की जान लेती है और इसकी कोई वैक्सीन भी नहीं है.

मार्गबर्ग वायरस डिसीज– यह बीमारी उसी फैमिली के वायरस फैलती है जो इबोला जैसी खतरनाक बीमारी के लिए जिम्मेदार है. ये रोग बेहद संक्रामक है और जीवित या मृत लोगों को छूने से भी फैल जाता है. इस महामारी का पहला प्रकोप साल 2005 में युगांडा में देखा गया था, जहां इसने संक्रमित हुए 90 प्रतिशत लोगों की जानें ले ली थीं.

डिसीज एक्स– पिछले कुछ समय से डिसीज एक्स का नाम सुर्खियों में काफी ज्यादा है, हालांकि, ये अभी एक आशंका ही है. वैज्ञानिक आगाह कर रहे हैं कि 2021 में ये एक महामारी के रूप में उभर सकता है. करीब चार दशकों से इबोला की महामारी पर काम कर रहे जीन जैक्स मुयेम्बे कहते हैं, ‘दुनिया कोरोना से जूझ रही है और इस बीच एक नए वायरस के फैलने का खतरा बढ़ गया है. डिसीज एक्स के कारणों के बारे में फिलहाल वैज्ञानिकों को जानकारी नहीं है, लेकिन ये दूसरी महामारियों से ज्यादा भयानक हो सकता है. वैज्ञानिकों को आशंका है कि इसकी चपेट में आने वाले 80-90 प्रतिशत लोगों की मौत हो सकती है.

इबोला– अफ्रीका से फैलने वाले इबोला का ट्रांसमिशन बहुत तेज नहीं है, लेकिन यह बुखार बेहद घातक है. ये बीमारी जानवरों से इंसान में फैलती है. WHO का दावा है कि इबोला इंसान से इंसान में भी ट्रांसमित होता है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, इबोला के 3400 मामलों में से 2270 लोगों की मौत हुई है. जनवरी 2020 में इबोला का एक वैक्सीन भी आई थी, लेकिन उसे बड़े पैमाने पर रोलआउट नहीं किया गया. वैज्ञानिक कहते हैं कि अगर इबोला को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में इसके बुरे नतीजे देखने को मिल सकते हैं.

निपाह वायरस– निपाह वायरस को खसरे के वायरस से जोड़कर देखा जाता है जो साल 2018 में केरल में बड़े पैमाने पर फैला था. इस बीमारी को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया गया था. लेकिन इसके लक्षण और ट्रांसमिट होने के तरीकों से भविष्य में इसके फैलने की संभावना काफी बढ़ जाती है. चमगादड़ से इंसानों में फैली इस बीमारी से नवर्स इन्फ्लेमेशन, सूजन, तेज सिरदर्द, उल्टी, चक्कर और घबराहट जैसे लक्षण देखे जाते हैं.

SARS– सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS) भी उसी वायरस की फैमिली से आता है जो कोविड-19 के लिए जिम्मेदार है. इस बीमारी का पहला मामला साल 2002 में चीन में दर्ज किया गया था. SARS करीब 26 देशों में फैला और करीब 8,000 लोग इसकी चपेट में आए. इसका डेथ रेट काफी ज्यादा था. लोगों में कोविड के ही लक्षण देखे गए थे. रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट से फैलने वाली इस बीमारी का कोई इलाज भी नहीं था.

महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, राज ठाकरे की सुरक्षा घटाई

महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस और उनके परिवार, उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाइक, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की सुरक्षा घटा दी है, वहीं भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल की सुरक्षा वापस ले ली है.

राज्य भाजपा प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने इसे ‘‘ बदले की राजनीति’’ करार दिया, वहीं फडणवीस ने कहा कि इससे यात्रा करने और लोगों से मिलने की योजना पर असर नहीं पड़ेगा.

आठ जनवरी को जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार फडणवीस को अब ‘जेड-प्लस’ श्रेणी के बजाए ‘एस्कॉर्ट के साथ वाई-प्लस श्रेणी’ की सुरक्षा मिलेगी. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस और बेटी दिविजा की सुरक्षा ‘एस्कॉर्ट के साथ वाई-प्लस’ श्रेणी से घटा कर ‘एक्स’ श्रेणी कर दी गई है.

उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाइक को अब ‘वाई-प्लस’ के बजाए ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी.मनसे प्रमुख की सुरक्षा ‘जेड’ श्रेणी से घटा कर ‘एस्कॉर्ट के साथ वाई प्लस’ श्रेणी की कर दी गई है.

भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे, राज्य भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल और पार्टी के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार की सुरक्षा वापस ले लिए गई है. राणे के पास ‘वाई-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा थी.

इसके अलावा राज्य लोकायुक्त एम एल टाहिलियानी की सुरक्षा ‘जेड’ श्रेणी से घटाकर ‘वाई’ श्रेणी की कर दी गई है. अधिसूचना के अनुसार सरकार ने दो लोगों की सुरक्षा बढ़ाई है, 11 की सुरक्षा कम की गई है, 16 लोगों की सुरक्षा वापस ली गई है, वहीं 13 नए लोगों को सुरक्षा दी गई है.

सुरक्षा प्राप्त करने के लिए नए लोगों में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, और युवा सेना के सचिव वरुण सरदेसाई शामिल हैं. सरदेसाई मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे के रिश्तेदार हैं. दोनों को ‘एक्स’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है.