Home Blog Page 119

ICC Test Ranking में विराट कोहली को पछाड़कर स्मिथ दूसरे स्थान पर, चेतेश्वर पुजारा आठवें स्थान पर क़ाबिज़

0

भारतीय कप्तान विराट कोहली आईसीसी टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर खिसक गए जबकि आस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ दूसरे स्थान पर आ गए. वहीं मध्यक्रम के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा दो पायदान चढकर आठवें स्थान पर आ गए हैं.

कोहली के ताजा रैंकिंग में 870 अंक हैं. वह पितृत्व अवकाश के कारण आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के बाद स्वदेश लौट गए. उनकी पत्नी अनुष्का ने सोमवार को बेटी को जन्म दिया.

स्मिथ 900 अंक के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि शीर्ष पर न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन हैं जिनके 919 अंक हैं । स्मिथ ने सिडनी टेस्ट में 131 और 81 रन बनाये थे.

विलियमसन ने पाकिस्तान के खिलाफ क्राइस्टचर्च टेस्ट में 238 रन की पारी खेली थी. वह आईसीसी रैंकिंग में सर्वाधिक रेटिंग अंक पाने वाले कीवी क्रिकेटर भी बन गए हैं.

तीसरे टेस्ट में दो अर्धशतक बनाकर भारत को ड्रॉ कराने में मदद करने वाले पुजारा आठवें स्थान पर हैं जबकि कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे एक पायदान खिसककर सातवें स्थान पर हैं.

ऋषभ पंत ने 36 और 97 रन की पारियां खेली जिनके दम पर वह 19 पायदान की छलांग लगाकर 26वें स्थान पर पहुंच गए. हनुमा विहारी 52वें , शुभमन गिल 69वें और आर अश्विन 89वें स्थान पर हैं.

गेंदबाजों में आफ स्पिनर अश्विन दो पायदान गिरकर नौवें स्थान पर है जबकि जसप्रीत बुमराह एक पायदान नीचे दसवें स्थान पर हैं.पैट कमिंस इस सूची में शीर्ष पर हैं जिनके बाद इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने तीन नये कृषि कानूनों के अमल पर लगाई रोक, गतिरोध दूर करने के लिये गठित की समिति

उच्चतम न्यायालय ने तीन नये कृषि कानूनों को लेकर सरकार और दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे रहे किसानों की यूनियनों के बीच व्याप्त गतिरोध खत्म करने के इरादे से मंगलवार को इन कानूनों के अमल पर अगले आदेश तक रोक लगाने के साथ ही किसानों की समस्याओं पर विचार के लिये चार सदस्यीय समिति गठित कर दी.

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि वह इन कानूनों के अमल पर अगले आदेश तक के लिये रोक लगा रही है और चार सदस्यीय समिति का गठन कर रही है.

पीठ ने इस समिति के लिये भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिन्दर सिंह मान, शेतकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल घन्वत, दक्षिण एशिया के अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद जोशी और कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी के नामों की घोषणा की.

पीठ ने कहा कि इस बारे में विस्तृत आदेश पारित किया जायेगा. जिन तीन नये कृषि कानूनों को लेकर किसान आन्दोलन कर रहे हैं, वे कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार, कानून, 2020, कृषक उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) कानून, 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून हैं.

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान पीठ ने सख्त लहजे में कहा कि कोई भी ताकत उसे इस तरह की समिति गठित करने से रोक नहीं सकती. साथ ही पीठ ने आन्दोलनरत किसान संगठनों से इस समिति के साथ सहयोग करने का अनुरोध भी किया.

न्यायालय द्वारा नियुक्त की जाने वाली समिति में आन्दोलनरत किसान संगठनों के शामिल नहीं होने संबंधी खबरों के परिप्रेक्ष्य में शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि जो वास्तव में इस समस्या का समाधान चाहते हैं वे समिति के साथ सहयोग करेंगे.

पीठ ने कहा कि हम देश के नागरिकों की जान माल की हिफाजत को लेकर चिंतित हैं और इस समस्या को हल करने का प्रयास कर रहे हैं.

न्यायालय ने सुनवाई के दौरान न्यायपालिका और राजनीति में अंतर को भी स्पष्ट किया और किसानों से कहा कि यह राजनीति नहीं है.

न्यायालय ने साफ कहा कि किसानों को इस समिति के साथ सहयोग करना चाहिए. पीठ को जब यह सूचित किया गया कि उसके समक्ष एक आवेदन दाखिल किया गया है जिसमे आन्दोलरत किसानों को एक प्रतिबंधित संगठन के समर्थन का आरोप लगाया गया है, पीठ ने अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल से इस बारे में जानकारी मांगी.

वेणुगोपाल ने कहा कि किसानों के इस आन्दोलन में ‘खालिस्तानियों’ ने पैठ बना ली है. इस पर पीठ ने उनसे कहा कि इस संबंध में हलफनामा दाखिल किया जाये। वेणुगोपाल ने कहा कि वह बुधवार तक ऐसा कर देंगे.

शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही दिल्ली पुलिस के माध्यम से केन्द्र द्वारा दायर एक आवेदन पर भी नोटिस जारी किया. इस आवेदन में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर होने वाले आयोजन में व्यवधान डालने के लिये किसानों के प्रस्तावित ट्रैक्टर या ट्राली मार्च या किसी अन्य तरह के विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है.

इस आवेदन में केन्द्र ने कहा है कि उसे सुरक्षा एजेन्सियों से जांनकारी मिली है कि विरोध करने वाले लोग छोटे छोटे समूहों में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर मार्च आयोजित करने की योजना बना रहे हैं.

न्यायालय ने तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन से निबटने के तरीके पर सोमवार को केन्द्र को आड़े हाथ लिया था और किसानों के साथ हुयी उसकी बातचीत के तरीके पर गहरी निराशा व्यक्त की थी.

तीन कृषि कानूनों को लेकर केन्द्र और किसान यूनियनों के बीच आठ दौर की बातचीत के बावजूद कोई रास्ता नहीं निकला है क्योंकि केन्द्र ने इन कानूनों को समाप्त करने की संभावना से इंकार कर दिया है जबकि किसान नेताओं का कहना है कि वे अंतिम सांस तक इसके लिये संघर्ष करने को तैयार हैं और ‘कानून वापसी’ के साथ ही उनकी ‘घर वापसी’ होगी.

Pongal 2021: जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता है पोंगल का त्योहार ?

दक्षिण भारत पोंगल का त्योहार काफ़ी धूमधाम से मनाया जाता है. मकर संक्रांति और लोहड़ी की तरह ही पोंगल भी किसानों के लिए ख़ास महत्व रखता है. इस बार यह 14 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा. पोंगल के दिन से तमिल नववर्ष की भी शुरुआत मानी जाती है.

पोंगल पर मुख्य तौर पर सूर्य की पूजा की जाती है. पोंगल के दिन को भोगी पोंगल कहा जाता है. इस दिन इंद्रदेव की पूजा की जाती है. लोग वर्षा और अच्छी फसल के लिए पोंगल के पहले दिन लोग इंद्र देव की पूजा करते हैं.

तो वहीं दूसरे दिन सूर्य पूजा होती है. नए बर्तन में नए चावल, मूंग की दाल और गुड़ डालकर केले के पत्ते पर गन्ना, अदरक आदि के साथ पूजा की जाती है. सूर्य को चढ़ाए जाने वाले इस प्रसाद को सूर्य की रोशनी में ही बनाया जाता है.

तीसरे दिन नंदी यानी भगवान शिव के वाहन की पूजा होती है जिन्हें मट्टू भी कहा जाता है. मान्यता है कि भगवान शिव के प्रमुख गणों में से एक नंदी से एक बार कोई भूल हो गई थी. उस भूल के कारण भगवान शिव ने उसे बैल बनकर धरती पर जाकर मनुष्यों की सहायता करने को कहा. जिसके चलते पोंगल का यह पर्व मनाया जाता है.

जबकि चौथे दिन को कन्या पोंगल कहा जाता है. कन्या पोंगलकाली मंदिर में इसे बड़ी धूमधाम से मनाया जाता और इसमें सिर्फ महिलाएं भाग लेती हैं.

Lohri 2021: पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के किसानों के लिए क्यों खास है लोहड़ी ?

उत्तर भारत के प्रमुख पर्व में लोहड़ी का त्योहार भी काफी मायने रखता है. यह पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों में बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है.

फसल की बुवाई और कटाई के लिए लोहड़ी का त्योहार काफी अहम माना जाता है. किसान अपनी नई फसल को अग्नि देवता को समर्पित करते हुए लोहड़ी का त्योहार मनाते हैं. वहीं लोहड़ी के त्योहार को सती के अग्नि में खुद भस्म कर देने से जोड़ा जाता है. साथ ही मान्यता तो यह भी है कि यह पर्व पौष की आखिरी रात और माघ की पहली सुबह की ठंड को कम करने के लिए मनाया जाता है.

लोहड़ी से करीब एक महीने पहले से ही लोहड़ी के लोकगीत गाकर लकड़ी और उपले इकट्ठे किए जाते हैं. छोटे बच्चे गीत गाकर लोहड़ी के लिए लकड़ियां, मेवे, रेवड़ियां जुटाने में लग जाते हैं. लोहड़ी की शाम को आग जलाई जाती है. लोग आग के चारों ओर चक्कर काटते हुए नाचते-गाते हैं और आग में रेवड़ी, खील, मक्का की आहुति देते हैं. आग के चारों ओर बैठकर लोग रेवड़ी, खील, गजक, मक्का खाने का भरपूर आनंद लेते हैं. जिस घर में नई शादी हुई हो या बच्चा हुआ हो उन्हें खास तौर पर बधाई दी जाती है. घर में नई दुल्हन और बच्चे की पहली लोहड़ी बहुत खास होती है.

जानिए क्यों मनाया जाता है मकर संक्रांति का त्योहार? स्नान और दान का महत्व

देशभर में मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई जाती है. मकर संक्रांति के दिन दान, स्नान, श्राद्ध, तपर्ण आदि धार्मिक क्रियाकलापों का अपना ही विशेष महत्व होता है. तो आइए सबसे पहले आपको बताते हैं कि आखिर क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति-

इस दिन सूर्य भगवान अपने पुत्र शनि की राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं इसलिए इसे मकर संक्रांति कहते हैं. जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो सूर्य की किरणों से अमृत की बरसात होने लगती है. इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं. शास्त्रों में इस समय को दक्षिणायन यानी देवताओं की रात्रि कहा जाता है. मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होने से गरम मौसम की शुरुआत होती है. इसे 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है

मान्यता है कि इस दिन किया गया दान सौ गुना होकर लौटता है इसलिए भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूजन करके घी, तिल, कंबल और खिचड़ी का दान किया जाता है. माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम प्रयाग में सभी देवी-देवता अपना रूप बदलकर स्नान करने आते हैं. यही कारण है कि इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है. महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति का दिन ही चुना था. इसके साथ ही इस दिन भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर गंगा कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिली थी.

इस दिन पतंग भी उड़ाई जाती है. माना जाता है कि संक्रांति के स्नान के बाद पृथ्वी पर फिर से शुभकार्य की शुरुआत हो जाती है. उत्तर प्रदेश में इस पर्व को दान का पर्व भी कहा जाता है. यहां गंगा घाटों पर मेले का आयोजन किया जाता है और खिचड़ी का भोग लगाया जाता है. संक्रांति के दिन दान देने का विशेष महत्व है. पश्चिम बंगाल में मकर संक्रांति के दिन गंगासागर पर बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है. इस दिन स्नान करने के व्रत रखते हैं और तिल दान करते हैं. हर साल गंगासागर में स्नान करने के लिए लाखों भक्त यहां आते हैं.

बिहार में मकर संक्रांति को खिचड़ी के नाम से जाना जाता है और यहां पर उड़द की दाल, ऊनी वस्त्र, चावल और तिल के दान देने की परंपरा है. असम में इसे माघ-बिहू और भोगाली बिहू के नाम से जानते हैं. वहीं महाराष्ट्र में इस दिन गूल नामक हलवे को बांटने की प्रथा है. तमिलनाडू में मकर संक्रांति के पर्व को चार दिनों तक मनाया जाता है. पहला दिन भोगी-पोंगल, दूसरा दिन सूर्य-पोंगल, तीसरा दिन मट्टू-पोंगल और चौथा दिन कन्‍या-पोंगल के रूप में मनाते हैं. यहां दिनों के अनुसार पूजा और अर्चना की जाती है.

गुजरात : 25,000 बूथों पर शुरू होगा Covid-19 टीकाकरण अभियान, आज पहुंचेगी टीके की पहली खेप

गुजरात में कोविड-19 टीकाकरण अभियान 25,000 बूथों पर 16 जनवरी से शुरू होगा. इसी दिन देश के अन्य हिस्सों में भी राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत होगी और प्राथमिकता के आधर पर तय किए गए ग्रुप के लोगों को टीके लगाए जाएंगे.

उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने ट्वीट करके बताया कि गुजरात को मंगलवार सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे पर कोरोना वायरस टीके की पहली खेप उपलब्ध होगी. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जनवरी को इस तरह के 287 बूथों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़ेंगे और अहमदाबाद तथा राजकोट में दो स्थानों पर डॉक्टरों और टीका लेने वालों से बातचीत करेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद गुजरात सरकार ने निर्णय लिया है कि मुख्यमंत्री, अन्य मंत्री, भाजपा सांसद और विधायक प्राथमिकता वाले समूहों के साथ टीके नहीं लगवाएंगे. प्रधानमंत्री ने जन प्रतिनिधियों से अपील की थी कि उन्हें टीकाकरण के पहले अभियान में हिस्सा नहीं लेना चाहिए.

पटेल ने बताया कि टीकाकरण से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. पटेल राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं. मोदी ने देश में टीकाकरण अभियान को लेकर सभी मुख्यमंत्रियों और महत्वपूर्ण अधिकारियों से बातचीत की और उसके बाद पटेल का यह बयान आया है.

पटेल ने बताया कि टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत 16 जनवरी से होगी और 25,000 बूथों पर लोगों को टीके लगेंगे. उन्होंने कहा कि वह और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी लोगों के उत्साहवर्धन के लिए इनमें से एक स्थान पर मौजूद रहेंगे.

अब शिर्डी में पास धारक ही कर सकेंगे साई बाबा के दर्शन, ऑनलाइन लेना होगा पास, 14 जनवरी से शुरू होगी सुविधा

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में शिर्डी के प्रख्यात साई बाबा मंदिर के प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से दर्शन और आरती के लिए ऑनलाइन पास प्राप्त करने को कहा है ताकि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर भीड़ से बचा जा सके.

श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के एक बयान के अनुसार ऑनलाइन पास के फैसले को 14 जनवरी से लागू किया जाएगा.

एक अधिकारी ने बताया कि मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट से पास प्राप्त किए जा सकते हैं और इससे मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और खासतौर पर बृहस्पतिवार को, सप्ताहांतों में, विशेष पर्वों पर और सार्वजनिक अवकाश वाले दिनों में इससे सहायता मिलेगी.

उन्होंने कहा, ‘‘इन दिनों में भारी भीड़ रहने पर मंदिर परिसरों में निशुल्क और भुगतान वाले पास वितरण केंद्र बंद रहेंगे.’’

आप विधायक सोमनाथ भारती गिरफ़्तार : जमानत अर्जी खारिज, जेल भेजे गए

दिल्ली की मालवीय नगर सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सोमनाथ भारती को उत्तर प्रदेश के अस्पतालों को लेकर की गयी कथित विवादित टिप्पणी के मामले में सोमवार को रायबरेली में गिरफ्तार कर लिया गया. जमानत अर्जी खारिज होने की वजह से उन्हें जेल भेज दिया गया.

इस घटना को लेकर आप और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया. आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमनाथ भारती की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए. वहीं, प्रदेश के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने आप पर ‘नक्सल राजनीति’ का प्रयोग करने का आरोप लगाया.

पुलिस सूत्रों ने रायबरेली में बताया कि भारती रविवार की रात जिला मुख्यालय स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में रुके थे. सोमवार की सुबह एक युवक ने भारती पर स्याही फेंक दी. उस वक्त वह क्षेत्र में जाने के लिए बाहर निकल रहे थे. पुलिस ने भारती पर स्याही फेंकने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया.

इस बीच, भारती की मौजूदगी की सूचना मिलते ही अमेठी पुलिस वहां पहुंची और उत्तर प्रदेश के अस्पतालों को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में अमेठी के जगदीशपुर थाने में दर्ज मामले के सिलसिले में भारती को गिरफ्तार कर अमेठी ले गई.

बाद में भारती को सुलतानपुर जिले में स्थित एमपी/एमएलए अदालत में पेश किया गया. जज पीके जयंत ने भारती की जमानत अर्जी खारिज कर सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख तय करते हुए उन्हें जेल भेज दिया.

दिल्ली के कानून मंत्री रह चुके सोमनाथ भारती के साथ हुए इस मामले को लेकर आप और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर शुरू हो गया है.

इसके पहले, दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट़वीट किया, ”योगी जी, हमारे एमएलए सोमनाथ भारती जी आपका सरकारी स्‍कूल देखने जा रहे थे. उन पर स्‍याही फेंकवा दी और फ‍िर उन्‍हें ही गिरफ़्तार कर लिया. आपके स्‍कूल इतने ज्‍यादा खराब हैं क्‍या. कोई आपका स्‍कूल देखने जाए तो आप इतना डर क्‍यों जाते हो. स्‍कूल ठीक कीजिए. नहीं करना आता तो मनीष सिसौदिया से पूछ लीजिए.”

इसके जवाब में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ काबीना मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आम आदमी पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए.

उन्होंने कहा ‘आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में नक्सल राजनीति का प्रयोग करना चाहती है. मगर वह यहां कभी कामयाब नहीं हो पाएगी क्योंकि यूपी की महान जनता ऐसी सोच के लोगों को बखूबी पहचानती है. अब तो देश भर में आम आदमी पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है. गाली-गलौज, अभद्र भाषा और अराजकता आम आदमी पार्टी की पहचान बन चुकी है.’

खन्ना ने कहा, ‘सोमनाथ भारती ने प्रदेश की मातृशक्ति और बच्चों के लिए ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, उसे तो सार्वजनिक तौर पर बताया भी नहीं जा सकता. अपने बयान पर शर्मिंदा होने के बजाय उन्होंने खुलेआम हमारे मुख्यमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया. भारती ने मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी दी और पुलिस वालों की वर्दी उतरवा लेने का धौंस जमाया.’

उन्होंने कहा ‘अरविंद केजरीवाल स्वयं मुख्यमंत्री हैं. अगर उन्हें अपने पद की गरिमा का जरा भी एहसास है तो उन्हें तुरंत सोमनाथ भारती की इस करतूत के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. हम तो हैरान हैं कि जिन लोगों की खुद की जबान पर गाली गलौज, धमकी और गुंडागर्दी है, वे दिल्ली में बच्चों को आखिर कैसी शिक्षा दे रहे हैं.’

खन्ना ने कहा ‘यह पहली बार नहीं है. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को भी संसद में गुंडागर्दी और अराजकता करते हुए देखा गया है.

कोरोना वैक्सीनेशन पर चर्चा के बाद बोले पीएम नरेंद्र मोदी, ‘फ्रंटलाइन वर्कर्स’ के वैक्सीन का खर्चा उठाएगा केंद्र

देश में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन अभियान शुरूहोगा. राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वर्चुअल मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें पब्लिक अवेयरनेस करनी है. पहले चरण में 3 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी. पीएम मोदी ने कहा, ‘फ्रंटलाइन वर्कर्स के वैक्सीन का खर्चा केंद्र उठाएगा.

पीएम मोदी ने राज्यों के प्रशासन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दिन रात काम किया. अब देश में 16 जनवरी से दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है. देश में दो कोरोना वैक्सीन बन गई हैं. दोनों वैक्सीन मेड इन इंडिया है. ये पूरे देश के लिए गर्व की बात है. वहीं चार और वैक्सीन का ट्रायल अंतिम चरणों में है. वे दवाएं भी जल्द ही वैक्सीनेशन के लिए आ जाएंगी. 

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन वैक्सीन के लिए सभी वैज्ञानिकों ने बहुत मेहनत की है और पूरी सावधानी बरती है. कई लोग कहते थे की भारत में अब तक वैक्सीन क्यों नहीं आई. तब हमने यही कहा कि जब वैज्ञानिक ओके कर देंगे, तभी ये वैक्सीन लॉन्च कर दी जाएगी.

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की दूसरी कोरोना वैक्सीन की तुलना में हमारे टीके ज्यादा किफायती और असरकारक हैं. यदि हम विदेशी वैक्सीन पर निर्भर होते तो दूसरे देशों की तरह हमारा हाल बुरा हो जाता.  

मुख्यमंत्रियों संग बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश के दुश्मन और कुछ शरारती तत्व कोरोना वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाने की भी कोशिश करेंगे. हमें ऐसे लोगों से सावधान रहना है. उन्होंने कहा कि राज्यों को ऐसी अफवाह पर रोक लगाने के लिए सतर्क रहना होगा.

Bhandara Hospital Fire : प्रधानमंत्री ने परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि को दी मंजूरी

महाराष्ट्र के भंडारा अस्पताल में आग लगने की घटना से जिन नवजातों की मौत हुई है उनके परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दिए जाने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को मंजूरी दे दी.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री ने इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की राशि देने को भी मंजूरी दी.

महाराष्ट्र के भंडारा अस्पताल में शनिवार को आग लगने 10 नवजातों की मौत हो गई थी.

नागपुर से करीब 65 किलोमीटर दूर पूर्वी महाराष्ट्र के भंडारा शहर में चार मंजिला जिला अस्पताल की स्पेशल नवजात देखभाल इकाई में शनिवार को आग लग गई थी.