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पाकिस्तान में हर साल एक हजार लड़कियों का कराया जाता है इस्लाम में धर्म परिवर्तन

पाकिस्तान में किस कदर अल्पसंख्यक लड़कियों के साथ आए दिन उसका अपहरण कर धर्म परिवर्तन कराया जाता है ये बात दुनिया से छिपी हुई नहीं है. अपहरणकर्ता बंदूक की नोंक पर लड़कियों को जबरन उठाते हैं और फिर उसका जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर किसी बुजुर्ग या फिर उस लड़की के मुकाबले कई गुणा ज्यादा उम्र के अधेड़ के साथ उसका निकाह कर देते हैं. इन्हीं पीड़ित लड़कियों में से एक है नेहा  (बदला हुआ नाम). नेहा को चर्च में म्यूजिक काफी पसंद था और वह वहां जाकर हर साल गाती थी. लेकिन, वह पिछले साल चर्च में नहीं गा पाई.

उसकी वजह थी उसका 14 वर्ष की उम्र में ईसाई से जबरन इस्लाम धर्म में परिवर्तन करवा देना और उसके बाद 45 वर्ष के एक शख्स जो पहले से ही 2 बच्चे का पिता है, उसके साथ नेहा की शादी करवा देना.

नेहा ने अपने साथ हुई इस खौफनाक दास्तां धीमाी आवाज में सुनाई. वह अपने चेहरो को स्कार्फ से अपने चेहरे और सिर को कस कर बांध रखा था. नेहा का अधेड़ पति को नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के आरोप में जेल में बंद है. लेकिन, वह अभी भी छिपती फिर रही है और डरी हुई है क्योंकि सिक्योरिटी गार्ड्स ने उसके भाई को कोर्ट में बंदूक तानकर धमकाया था.

एसोसिएटेड प्रेस ने सुरक्षा कारणों से नेहा का असली नाम नहीं बताया. नेहा ने कहा- वह बंदूक लेकर आए थे ताकि मुझे गोली मार सके.

नेहा उन 1 हजार अल्पसंख्यक लड़कियों में शामिल हैं जिनका पाकिस्तान में हर वर्ष इस्लाम में धर्म परिवर्तन कराया जाता है. इनमें से ज्यादातर वो होती हैं जिनकी उम्र कानूनी तौर पर शादी के योग्य हो जाती है.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये चीजें उस वक्त और निकलकर सामने आई जब कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन लगा हुआ था और जब लड़कियों स्कूल बंद होने के चलते ज्यादातर अपने घरों में थीं.

अमेरिकी विदेश विभाग ने इस महीने पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाले देश करार दिया, जिसे पाकिस्तान सरकार ने खारिज कर दिया. यह घोषणा यूएस कमिशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम की रिपोर्ट के आधार पर दिया था, जिसमें यह कहा गया था कि हिन्दू, सिख और ईसाई समुदाय की नाबालिग लड़कियों का जबरन इस्लाम कबूल कराने के लिए अपहरण कराया जाता है फिर उसे जबरन शादी कराई जाती है, जो बलात्कार का मामला बनता है.
 

हालांकि, ज्यादातर दक्षिणी सिंध प्रांत में हिन्दू लड़कियों को धर्म परिवर्तन के मामले आते हैं. लेकिन, दो नए केस जिसमें नेहा समेत ईसाई के 2 धर्म परिवर्तन के मामले हाल के महीनों में सामने आए हैं. प्रायवो लोग लड़कियों का अपहरण करते हैं जिनके परिवार में समस्या है या फिर जो दुल्हन ढूंढ रहे होते हैं. कई बार शक्तिशाली जमींदार की तरफ से से भी ऐसा किया जाता है, जब उसका कर्जदार ऋण चुकाने में असमर्थ होता है.

सऊदी: ऐक्टिविस्ट लुजैन अल-हथलौल को 6 साल जेल की सजा, परिवार का आरोप- कोड़ों से हुई पिटाई

सऊदी अरब की प्रमुख महिला कार्यकर्ताओं में से एक लोजैन अल-हथलौल को देश के अस्पष्ट आतंकवाद रोधी कानून के तहत करीब छह साल जेल की सजा सुनायी गयी है. इस फैसले की अंतरराष्ट्रीय जगत में आलोचना हो रही है. लोजैन अल-हथलौल पहले से ही कैद में थीं और उन्हें कई बार नजरबंद भी किया गया था.

विशेषज्ञों के अनुसार लोजैन अल-हथलौल को लगातार कैद में रखने से सऊदी अरब और अमेरिका के रिश्तों पर असर पड़ सकता है.

मानवाधिकार संगठन ‘‘प्रिजनर्स ऑफ कॉन्शन्स’’ के अनुसार अल-हथलौल को मार्च 2021 में रिहा किया जा सकता है क्योंकि सजा की अधिकतर अवधि वह काट चुकी हैं.वह मई 2018 से कैद में हैं, इसके आधार पर 34 महीने की उनकी सजा खत्म की जा सकती है.उनके परिवार ने एक बयान में कहा कि अल-हथलौल पर पांच साल तक देश से बाहर नहीं जाने की पाबंदी होगी और रिहाई के बाद तीन साल तक उन्हें परिवीक्षा पर रहना होगा.

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने अल-हथलौल की सजा को ‘‘अन्यायपूर्ण’’ बताया है.उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जैसा कि हमने कहा है कि बाइडन-हैरिस प्रशासन मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ खड़ा रहेगा, चाहे ये उल्लंघन कहीं भी हो रहे हों.’’

सऊदी की एक समाचार वेबसाइट के मुताबिक अल-हथलौल को इंटरनेट का इस्तेमाल कर विदेशी एजेंडा चलाने, लोक आदेश का उल्लंघन करने तथा आतंकवाद रोधी कानून के तहत अपराध करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं की मदद करने जैसे आरोपों पर पांच साल आठ महीने की जेल की सजा सुनायी गयी है.

एक अन्य महिला अधिकार कार्यकर्ता माया अल-जारानी को भी ऐसे ही अपराधों के आरोप में विशेष फौजदारी अदालत ने सजा सुनायी है. दोनों महिलाओं के पास सजा के खिलाफ अपील करने के लिए 30 दिन का वक्त है.

भय्यू महाराज की बेटी कुहू संभालेगी आश्रम के कामकाज, ट्रस्ट सदस्य बनने के लिए दिया आवेदन

भय्यू महाराज की बेटी कुहू अब आश्रम के कामकाज संभालेगी, उन्होंने आश्रम की ट्रस्ट सदस्य बनने के लिए आवेदन दिया है, दत्त पूर्णिमा के मौके पर कुहू सर्वोदय आश्रम पहुंची. कुहू का भय्यू महाराज की दूसरी पत्नी आयुषी से विवाद चल रहा है.

बता दें कि भय्यू महाराज और आयुषी की शादी से उनकी बेटी कुहू नाराज है, कुहू की मांग है कि भय्यू महाराज आत्महत्या मामले की सीबीआई जांच हो. भय्यू महाराज ने 12 जून 2018 को सिल्वर स्प्रिंग स्थित घर में बेटी कुहू के कमरे में जाकर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।.

भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में मंगलवार को महाराज के सेवादार रहे मनमीत सिंह का अधूरा प्रतिपरीक्षण होना है. पिछली सुनवाई पर मनमीत सिंह समन तामिल होने के बावजूद उपस्थित नहीं हुआ था. इस पर कोर्ट ने उसका जमानती वारंट जारी कर दिया था. मंगलवार को वारंट तामिल होने के बावजूद वह नहीं आता है तो कोर्ट उसका गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकती है. महाराज की पत्नी आयुषी पहले ही कोर्ट से कह चुकी हैं कि वे फिलहाल क्वारंटाइन हैं, इसलिए बयान देने के लिए उपस्थित नहीं हो सकती हैं. प्रकरण की सुनवाई मंगलवार, बुधवार और गुरुवार तीनों दिन चलेगी.

मुंबई घूमने आयी युवती से बलात्कार के आरोप में ऑटोरिक्शा चालक गिरफ्तार

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल के पास एक गांव में एक 26 वर्षीय ऑटो-चालक को एक पर्यटक युवती के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. घटना 27 दिसम्बर की है.

पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार पीड़िता छत्तीसगढ़ के जशपुर की रहने वाली है और क्रिसमस तथा नव पर्ष के मौके पर मुम्बई तथा उसके निकटवर्ती इलाकों में घूमने आई थाी.

पनवेल थाने के वरिष्ठ निरीक्षक अजय कुमार लांदगे ने बताया कि रविवार को घटना के 12 घंटे के अंदर आरोपी को बरवाई गांव से गिरफ्तार कर लिया गया.

निरीक्षक ने बताया कि युवती 22 दिसम्बर को दिल्ली से मुम्बई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पहुंची थी. बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मौजूद ‘टिकट चेकर’ ने उसे अकेला देख ‘चाइल्ड हेल्पलाइन’ के हवाले कर दिया. इसके बाद उसे एक आश्रय गृह ले जाया गया, जहां से उसे बाद में जाने दिया गया था. वह 26 दिसम्बर को पनवेल रेलवे स्टेशन गई. इस दैरान उसकी एक व्यक्ति से दोस्ती हो गई और वह एक दिन उसके साथ रुकी.’’

लांदगे ने कहा, ‘‘ 27 दिसम्बर को उसने पनवेल से गांधी ग्रीन जाने के लिए एक ऑटो-रिक्शा किया. ऑटो-रिक्शा वाला उसे वडघर नदी के पास एक सुनसान स्थान पर जबरन झाड़ियों में ले गया. उसके सिर को पत्थर से कुचलने की धमकी देकर उसने लड़की के साथ बलात्कार किया.’’

उन्होंने बताया कि क्योंकि लड़की इलाके से अवगत नहीं थी, इसलिए पुलिस ने मुखबिरों पर भरोसा किया और ऑटो-रिक्शा वालों की मदद से आरोपी को पकड़ा. अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भादंवि की धारा 376 और 506-2 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

कई राज्य शीतलहर की चपेट में, कड़ाके की ठंड में होगा नया साल

उत्तर भारत के हिस्सों में 29-31 दिसंबर से रात के तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. कई राज्यों में शीतलहर चल रही है. यह बात सोमवार को भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने कही.

आईएमडी ने कहा कि कि शीतलहर की स्थिति में दो जनवरी से कमी आने की संभावना है. हिमालय से मैदानी इलाकों की ओर ठंडी हवाएं चलने के कारण दिल्ली के हिस्सों में अगले चार दिन शीतलहर चलने का पूर्वानुमान है.

मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तामपान 5.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

उत्तर प्रदेश में छिटपुट क्षेत्रों में शीतलहर चलने की संभावना है. 30-31 दिसंबर के दौरान बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के हिस्सों और ओडिशा में कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने की संभावना है.

आईएमडी ने कहा, ‘अगले तीन दिनों (29-31 दिसंबर) के दौरान उत्तर पश्चिमी भारत में न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है. उसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की मामूली वृद्धि होगी.’’

राज्यों के लिए ऑरेंज चेतावनी भी जारी की गई है.आईएमडी ने कहा कि 29-30 दिसंबर के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली और उत्तरी राजस्थान में अलग-अलग इलाकों में हाड़ कंपाने वाली शीतलहर चल सकती है.

आईएमडी ने कहा, ‘‘31 दिसंबर से 2 जनवरी तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में कुछ इलाकों में सुबह के दौरान घना कोहरा छाने की संभावना है.’’

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि इस बीच, हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के कारण राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावट आई.

मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का असर 31 दिसंबर तक बने रहने की संभावना है.

शर्मा ने कहा कि सोमवार को मैदानी इलाकों में सबसे न्यूनतम तापमान पश्चिमी राजस्थान के चूरू में 0.6 डिग्री सेल्सियस और पूर्वी राजस्थान के भीलवाड़ा में एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

माउंट आबू में न्यूनतम न्यूनतम तापमान शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग के जिलों में जबरदस्त ठंड का अनुमान जताया है.

वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्‍सों में अलग-अलग स्‍थानों पर गरज के साथ हल्‍की बारिश हुई जबकि पिछले 24 घंटों में पूर्वी जिलों में मौसम सर्द रहा.

आंचलिक मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार राज्‍य के ज्‍यादातर मंडलों में दिन के तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ और उनकी स्थिति सामान्‍य बनी हुई है. राज्‍य में सबसे कम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस चुर्क में दर्ज किया गया जबकि सबसे अधिक तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस झांसी में दर्ज किया गया.

जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले कई इलाकों में बर्फबारी हुई है. वहीं, समूची घाटी में न्यूनतम तापमान में सुधार होने से लोगों को ठंड से काफी राहत मिली है. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कश्मीर और जम्मू क्षेत्रों के ऊंचाई वाले इलाकों में रात में फिर से बर्फबारी हुई है.

उन्होंने बताया कि उत्तर कश्मीर के गुलमर्ग में दो इंच बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है जबकि दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में और मध्य कश्मीर के सोनमर्ग में एक-एक इंच हिमपात दर्ज किया गया है. जम्मू क्षेत्र के भी कई हिस्सों में बर्फबारी हुई है.

इस बीच, पंजाब और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में देर रात बारिश के बाद ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. मौसम विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, फरीदकोट, आदमपुर और हलवारा समेत कई स्थानों पर कोहरा छाए रहने से सुबह में दृश्यता घट गयी. अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण ठिठुरन बढ़ गयी है.

कानपुर : गैंगस्टर छोटा राजन, मुन्ना बजरंगी की तस्वीर वाले डाक टिकट जारी, एक डाककर्मी निलंबित

कानपुर के मुख्‍य डाकघर से अंडरवर्ल्‍ड माफ‍िया डॉन छोटा राजन और मारे जा चुके कुख्यात गैंगस्‍टर मुन्‍ना बजरंगी की तस्‍वीरों वाले डाक टिकट जारी किये जाने के बाद विभाग ने इस मामले में प्रथम दृष्‍टया जिम्‍मेदार पाये जाने पर एक विभागीय कर्मी को निलंबित कर दिया है.

डाक विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि शहर के मुख्‍य डाकघर में छोटा राजन और बजरंगी की तस्‍वीरों के साथ डाक टिकट जारी किये गये. राजन और बजरंगी के 12-12 टिकट ‘माई स्‍टैंप’ योजना के तहत छापे गये और विभाग ने इन्हें जारी भी किया.

पोस्‍टमास्‍टर जनरल वीके वर्मा ने छोटा राजन और मुन्‍ना बजरंगी की तस्‍वीरों वाले डाक टिकट जारी करने में हुई चूक को स्‍वीकार किया। वर्मा ने कहा कि अनियमितता और खामियों की जांच शुरू कर दी गई है.

वर्मा ने कहा, ”डाक टिकट जारी करने से पहले पहचान की जो आवश्‍यक प्रक्रिया है, उसका अनुपालन किये बिना ही जिम्‍मेदार कर्मी ने डाक टिकट जारी कर दिए.”

उन्‍होंने बताया कि इस मामले में प्रथम दृष्‍टया डाकघर के फ‍िलाटेली (डाक टिकट-संग्रह) विभाग के प्रभारी रजनीश कुमार को निलंबित कर दिया गया है.

पोस्‍टमास्‍टर जनरल ने कहा, ” हमने इस संबंध में कुछ अन्‍य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किये हैं.”

उन्‍होंने कहा कि भविष्य में ऐसी गलती न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सख्‍त कदम उठाने का फैसला किया गया है.

विभाग द्वारा कुछ वर्ष पूर्व शुरू की गई ‘माई स्‍टैंप’ योजना के तहत कोई भी व्‍यक्ति 300 रुपये का भुगतान कर अपनी या अपने परिवार के सदस्‍यों की तस्‍वीर डाक टिकट पर मुद्रित करवाकर जारी करा सकता है.

ग़ौरतलब है कि छोटा राजन मुंबई की एक जेल में है और मुन्ना बजरंगी की 2018 में उत्‍तर प्रदेश की बागपत जेल में हत्‍या कर दी गई थी. बजरंगी पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक कृष्‍णानंद राय समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों की हत्‍या का आरोप था.

किसानों के मुद्दों को लेकर अन्ना हजारे दिल्ली में करेंगे आंदोलन, कहा- हर हाल में वापस लेना होगा कृषि कानून

अन्ना हजारे ने चेतावनी दी कि अगर केन्द्र ने किसानों के मुद्दों से संबंधित उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो वह जनवरी में नयी दिल्ली में आंदोलन शुरू करेंगे.

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित रालेगन सिद्धि गांव में जारी प्रेस विज्ञप्ति में अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने अगले महीने दिल्ली में अपना विरोध-प्रदर्शन ‘‘फिर से शुरू’’ करने का निर्णय लिया है और इसके बारे में सरकार को भी सूचित कर दिया है.

हालांकि, विज्ञप्ति में आंदोलन की तारीख को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है. हजारे ने कहा कि वह किसानों के लिए पिछले तीन साल से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार ने इन मुद्दों के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया. उन्होंने कहा, ‘‘किसानों से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर मैं पहली बार 21 मार्च, 2018 को दिल्ली के रामलीला मैदान में भूख हड़ताल पर बैठा था।’’

हजारे ने कहा, ‘‘सातवें दिन, तत्कालीन कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस मुझसे मिलने आए. उस समय उन्होंने मांगों को स्वीकार करते हुए लिखित आश्वासन दिया, लेकिन वे कभी पूरे नहीं हुए.’’

हजारे ने कहा, ‘‘परिणामस्वरूप, मैं फिर से 30 जनवरी, 2019 को रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल पर बैठा। उस समय भी केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे और फड़णवीस ने लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन मांगें कभी पूरी नहीं हुईं.’’

हजारे ने कहा, ‘‘मैंने एक बार फिर से वह विरोध प्रदर्शन जनवरी में दिल्ली में फिर से शुरू करने का फैसला किया है, जो पिछले तीन साल से चल रहा है तथा इस संबंध में एक पत्र केंद्र को भेज दिया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ठोस निर्णय लें या मैं अपने फैसले पर (विरोध को फिर से शुरू करने के लिए) दृढ़ हूं.’’

हजारे ने रविवार को कहा था, ‘‘सरकार केवल खोखले वादे करती है, इसलिए मुझे उस पर (सरकार) अब कोई विश्वास नहीं है. देखते हैं केंद्र मेरी मांगों पर क्या कदम उठाता है. उन्होंने एक महीने का समय मांगा है और मैंने उन्हें जनवरी अंत तक का समय दिया है. अगर मेरी मांगे पूरी नहीं हुईं, मैं फिर भूख हड़ताल करूंगा. यह मेरा आखिरी प्रदर्शन होगा.’’

अन्ना हजारे ने 14 दिसम्बर को केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि एम. एस. स्वामीनाथन समिति की अनुशंसाओं को लागू करने और कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को स्वायत्तता प्रदान करने संबंधी उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो वह भूख हड़ताल करेंगे.

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे़ ने हाल ही में हजारे से मुलाकात भी की थी और उन्हें केन्द्र द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों के बारे में अवगत कराया था. हजारे ने केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आठ दिसम्बर को किसान संगठनों के भारत बंद के समर्थन में उपवास रखा था.

रेल ट्रैक पर मिला कर्नाटक विधान परिषद के उपाध्यक्ष एस. एल. धर्मे गौड़ा का शव, आत्महत्या की आशंका

कर्नाटक विधान परिषद के उपाध्यक्ष एस. एल. धर्मे गौड़ा मंगलवार तड़के कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले में एक रेल की पटरी पर मृत मिले. पुलिस सूत्रों को उनके आत्महत्या करने का संदेह है. जनता दल (सेक्युलर) के नेता धर्मे गोड़ा (64) के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है. उनके भाई एस. एल. भोजे गौड़ा भी एमएलसी हैं.

सूत्रों के अनुसार गौड़ा अपनी निजी कार में सखारयापत्तना स्थित फार्महाउस से कल शाम को घर के लिए निकले थे, लेकिन पहुंचे नहीं और इसके बाद उनके परिवार तथा स्टाफ ने उनकी तलाश शुरू की.

सूत्रों ने बताया कि उन्होंने अपने चालक से कहा था कि वह किसी से बात करने जा रहे हैं और वह थोड़ी दूर ही रुक जाए. एक ‘सुसाइड नोट’ भी बरामद हुआ है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शव को शिमोगा के मेकगैन अस्पताल ले जाया गया है. मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने घटना पर स्तब्धता जाहिर करते हुए, इसे ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया.

उन्होंने विधान परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कुशलतापूर्वक संचालन के लिए एमएलसी की सराहना की. जद (एस) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा ने भी ट्वीट कर धर्मे गौड़ा के निधन पर स्तब्धता जाहिर की और उन्हें एक सभ्य राजनेता के तौर पर याद किया.

देवगौड़ा ने कहा कि धर्मे गौड़ा के निधन से राज्य को क्षति पहुंची है. पूर्व मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भी धर्मे गौड़ा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, उन्हें अपने भाई की तरह बताया. कुमारस्वामी ने ट्वीट किया, ‘‘उनके निधन से मुझे सदमा पहुंचा है. वह एक ईमानदार राजनेता थे.’’

ICC के दशक के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट बने कोहली, धोनी को ‘क्रिकेट भावना’ सम्मान

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का दशक का शीर्ष सम्मान अपने नाम किया जब उन्होंने पिछले 10 साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर के लिए सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी जीती.

कोहली को दशक का सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भी चुना गया.पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आईसीसी का दशक का खेल भावना पुरस्कार जीता. प्रशंसकों ने 2011 में नॉटिंघम टेस्ट में इयान बेल के अजीब हालात में रन आउट होने के बाद उन्हें वापस बुलाने के लिए धोनी को इस पुरस्कार के लिए चुना.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने ट्विटर पर कोहली के इस पुरस्कार के लिए चुने जाने की घोषणा की. कोहली ने ‘आईसीसी पुरस्कारों’ के समय के दौरान अपने 70 में से 66 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़े.

इस दौरान उनके नाम पर सर्वाधिक अर्धशतक (94), सर्वाधिक रन (20396) के अलावा 70 से अधिक पारी खेलते हुए सर्वाधिक औसत (56.97) का रिकॉर्ड भी रहा.

कुल मिलाकर 32 साल के कोहली ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 12040 रन, टेस्ट क्रिकेट में 7318 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 2928 रन बनाए हैं और सभी प्रारूपों में मिलाकर उनका औसत 50 से अधिक का है. कोहली इसके अलावा 2011 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य भी रहे.

कोहली ने बयान में कहा, ‘‘सबसे पहले तो यह पुरस्कार मिलना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है. पिछले एक दशक में जो लम्हा मेरे दिल के सबसे करीब है वह निश्चित तौर पर 2011 में विश्व कप, 2013 में चैंपियन्स ट्रॉफी और 2018 में आस्ट्रेलिया में श्रृंखला जीतना है.’’

सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चुने जाने पर कोहली ने कहा, ‘‘एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से मैं काफी जल्दी जुड़ गया था. मैंने पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाई और इसके कुछ साल बाद मैंने टेस्ट पदार्पण किया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे काफी पहले ही अपने खेल को समझने का मौका मिला और मैं पहले भी कह चुका हूं कि मेरा एकमात्र इरादा और मानसिकता टीम के लिए विजयी योगदान देना था और मैंने अपने प्रत्येक मैच में सिर्फ ऐसा करने का प्रयास किया.’’

कोहली ने कहा, ‘‘अपने इस सफर के दौरान मैंने कभी आंकड़ों और संख्या पर ध्यान नहीं दिया और आप मैदान पर जो कुछ भी करते हो यह उसका नतीजा है और मेरे लिए यह जीत के रास्ते पर चलते हुए हासिल की गई उपलब्धियां हैं.’’

कोहली आईसीसी के पुरस्कार समय के दौरान एकदिवसीय क्रिकेट में 10000 से अधिक रन बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज रहे. उन्होंने इस दौरान 39 शतक और 48 अर्धशतक जड़े और 61.83 की औसत से रन बनाए.

वैश्विक संचालन संस्था ने आस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को दशक का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर जबकि अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान को दशक का सर्वश्रेष्ठ टी20 क्रिकेटर चुना.

आस्ट्रेलिया की एलिस पैरी ने महिला पुरस्कारों में बाजी मारते हुए आईसीसी की दशक की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर के अलावा दशक की सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय और टी20 महिला क्रिकेटर के पुरस्कार भी अपने नाम किए.

पंजाब : किसानों ने 1500 से ज्यादा मोबाइल टावर्स को बनाया निशाना, सीएम अमरिंदर ने दिए कार्रवाई के निर्देश

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को पुलिस को मोबाइल टावरों को निशाना बनाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया. तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने पंजाब में 1,500 से अधिक मोबाइल टावर को अपना निशाना बनाया है, जिससे राज्य में दूरसंचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं. सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अब तक 1,561 मोबाइल टावरों को निशाना बनाया गया है. राज्य के 22 जिलों में कुल 21,306 मोबाइल टावर हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य में किसी भी कीमत पर अराजकता की स्थिति पैदा नहीं होने देंगे और किसी को कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी. सिंह ने कहा कि उन्होंने इस बारे में कई बार अपील की, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया. इस वजह से उन्हें अपना रुख सख्त करना पड़ रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मोबाइल सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इससे आम लोग… विद्यार्थी, घर से काम कर रहे पेशेवरों के अलावा बैंकिंग सेवाओं पर भी असर पड़ेगा. सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने केंद्र के काले कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोका नहीं है. उन्होंने कहा कि संपत्ति को नुकसान और नागरिकों को किसी तरह की असुविधा को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

सिंह ने कहा, ‘‘किसानों का आंदोलन अभी तक सफल रहा है और इसे समाज के सभी वर्गों और देशभर के लोगों का समर्थन मिला है, क्योंकि अभी तक विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है.’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी तरह की हिंसा से आंदोलनकारी आम लोगों से कट सकते हैं और यह कृषक समुदाय के हित में नहीं होगा.’’

आंदोलन से जो मोबाइल टावर प्रभावित हुए हैं उनमे से 25 टावरों को कथित रूप से किसानों और उनके समर्थकों ने तोड़ दिया है. हालांकि, किसान यूनियनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने का निर्देश दिया है.