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फिरोजाबाद में बीजेपी नेता की हत्या कर फ़रार हुए बदमाश, इलाक़े में आक्रोश

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की टुंडला तहसील के नारखी थाना क्षेत्र के नगला बीच में  बीजेपी नेता डीके गुप्ता की हत्या का मामला सामना आया है. बताया जा रहा है कि तीन अज्ञात बदमाशों ने डीके गुप्ता को घेरकर उनपर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई. जिसमें उनकी जान चली गई. बीजेपी नेता की हत्या से इलाक़े में आक्रोश देखा जा रहा है.

पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि नगला बीच में दया शंकर गुप्ता की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी है. हम घटना स्थल पर ही मौजूद हैं. इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.

मिली जानकारी के मुताबिक़ बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष दयाशंकर गुप्ता उर्फ डीके गुप्ता नारखी इलाके के नगला बीच गांव में अपनी दुकान पर बैठ थे. तभी एक बाइक पर सवार होकर तीन अज्ञात लोग वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियाँ चला दी. गोली लगने के बाद उन्हें आनन-फानन में आगरा के पुष्पांजलि अस्पताल ले जाया गया. जहां पर उनकी मौत हो गई. जिसके बाद ग़ुस्साए लोगों ने पचोखरा टूंडला मार्ग को जाम कर दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात, दिया हरसंभव मदद का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारी बारिश से प्रभावित महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से बात कर उन्हें राहत व बचाव कार्य में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. बता दें कि बारिश से जुड़ी घटनाओं में महाराष्ट्र में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कर्नाटक के अनेक हिस्सों में लगातार बारिश और प्रमुख बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ से हालात गंभीर हो गए हैं.

मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात कर बाढ़ और भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की. प्रभावित भाई बहनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. वहां जारी राहत व बचाव कार्य में केंद्र की हरसंभव मदद का भरोसा दिया.’

एक अन्य ट्वीट में मोदी ने बताया, ‘कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा से चर्चा की. बाढ़ से प्रभावित कर्नाटक के भाई-बहनों के साथ हम खड़े हैं. राहत व बचाव कार्य में केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया.’

पश्चिमी महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ में 2,300 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए और बड़े पैमाने पर फसल बर्बाद हो गई. इन जिलों में 21,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. महाराष्ट्र में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 14 लोगों की मौत सोलापुर में, 9 सांगली में, 4 पुणे में और एक सतारा में हुई है. उत्तर कर्नाटक सबसे बुरी तरह प्रभावित रहा जहां पिछले तीन महीने में तीसरी बार बाढ़ आई है. इस क्षेत्र के बेलगावी, कलबुर्गी, रायचुर, यादगिर, कोप्पल, गोदाग, धारवाड़, बागलकोट, विजयपुरा और हावेरी सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए.

मोदी ने बुधवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी से भी बात की थी और दोनों राज्यों में लगातार बारिश से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की. उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों को हरसंभव केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया. दोनों राज्य बाढ़ और अत्यधिक बारिश से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं.

महाराष्ट्र के पुणे, औरंगाबाद और कोंकण संभागों में पिछले तीनों में भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ के कारण कम से कम 48 लोगों की मौत हो गई है. जबकि लाखों हेक्टयर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फसल बर्बाद हो गई. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे संभाग में 29, मध्य महाराष्ट्र के औरंगाबाद संभाग में 16 और तटीय कोंकण में तीन लोगों की वर्षा जनित घटनाओं में मौत हो गई.

Twitter पर उठी अक्षय कुमार की फिल्म Laxmmi Bomb को बायकॉट करने की मांग

सोशल मीडिया में जहां एक तरफ़ अक्षय कुमार की फ़िल्म ‘लक्ष्मी बम’ पर ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को रूढ़ीवादी तरीके से दिखाने का आरोप लगा रहा है. तो वहीं कुछ लोगों ने फ़िल्म में देवी लक्ष्मी का अपमान करने का आरोप लगाया है.

इसके अलावा फ़िल्म कर ज़रिए  लव जिहाद को प्रमोट करने का आरोप लगा रहे हैं.

आपको बता दें कि फिल्म में अक्षय कुमार के कैरेक्टर का नाम कथित रूप से आसिफ है जबकि उनकी पत्नी का किरदान निभाने वाली कियारा आडवाणी का नाम प्रिया है.

एक  टविट्टर यूजर ने लिखा, “लक्ष्मी बम को ट्रांस समुदाय को रूढ़ीवादी तरीके से दिखाने के लिए बॉयकॉट करें. कला माध्यमों से भेदभाव करने के लिए धार्मिक एंगल को दिखाना बंद करें.”

जबकि एक अन्य यूजर ने कहा, “यह एक सांप्रदायिक फिल्म कहलाती और इसे बैन कर दिया जाता.”

देखिए ट्वीट्स-

मध्य प्रदेश में नवरात्र में खुलेंगे सभी देवी मंदिर, रामलीला होगी और रावण दहन भी

मध्य प्रदेश में नवरात्र के दौरान सभी देवी मंदिर खुलेंगे, श्रद्धालु माता के दर्शन कर सकेंगे. इस दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि नवरात्र के अवसर पर यथासंभव घर पर ही माता की पूजा-अर्चना करें तथा मंदिरों में भीड़ एकत्रित न हो. साथ ही वह अनिवार्य रूप से मास्क लगाने, एक-दूसरे के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने, हाथ सैनिटाइज करने आदि सभी सावधानियों का पालन करे. थोड़ी सी असावधानी कोरोना संक्रमण का कारण बन सकती है.

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि मंदिर प्रांगण अथवा हॉल कितना भी बड़ा क्यों न हो, एक समय में वहां 200 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होने चाहिएं. छोटे स्थानों पर उतने ही व्यक्ति एक बार में एकत्रित हों जिससे एक-दूसरे के बीच पर्याप्त दूरी बनी रहे.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मंदिरों में दर्शन के लिए लगने वाली लाइनों में एक-दूसरे श्रद्धालु के बीच पर्याप्त अंतर हो, यह मंदिर प्रबंध समितियां तथा व्यवस्थापक सुनिश्चित करें. इसके साथ ही नवरात्र पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जा सकेंगी तथा स्थापित की जाने वाली प्रतिमाओं पर छह फीट ऊंचाई का प्रतिबंध नहीं है. परन्तु प्रतिमाएं स्थापित किए जाने तथा झांकियां बनाए जाने में इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि उनके दर्शन श्रद्धालुओं को सुगमता से बिना रूके हो जाएं, जिससे कहीं भी भीड़ एकत्रित न हो.

राज्य सरकार ने तय किया है कि नवरात्र पर किसी भी प्रकार के चल समारोह नहीं होंगे. प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए आयोजन समिति के अधिकतम 10 व्यक्ति निर्धारित विसर्जन स्थलों पर जा सकेंगे. विसर्जन में भी पूरी सावधानियों एवं दिशा-निदेशरें का पालन अनिवार्य रूप से करना होग. दशहरे के अवसर पर रावण दहन किया जा सकेगा तथा रामलीलाएं भी हो सकेंगी. इस दौरान कोरोना संक्रमण के मददेनजर एक-दूसरे के बीच पर्याप्त दूरी रखने, मास्क लगाने आदि की सावधानियां अनिवार्य रूप से बरतनी होंगी.

Salaried Employees को Toyota बड़ा तोहफ़ा, कार खरीदने पर मिलेगी तीन महीने की EMI से छूट

अगर आप नौकरीपेशा कर्मचारी हैं और कार (Car) खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो इस समय आपके लिए शानदार मौका है. दरअसल, फेस्टिव सीजन (Festive Season) में मशहूर कार कंपनी टोयोटा  (Toyota) आपके लिए एक अच्छा ऑफर लेकर आई है. टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (Toyota Kirloskar Motor/TKM) ने गुरुवार को कहा कि उसने फेस्टिव सीजन से पहले सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों के नौकरीपेशा कर्मचारियों (Salaried Employees) के लिए विशेष ऑफर पेश किए हैं. इस पहल के तहत कंपनी अपने संभावित ग्राहकों को तीन महीने की ईएमआई भरने से छूट (3 Month EMI Holiday offer) समेत अन्य सरल फाइनेंस ऑप्शन उपलब्ध कराएगी.
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (सेल्स एंड सर्विस) नवीन सोनी ने एक बयान में कहा, ”टोयोटा कंपनी में हम हमेशा बड़े खरीद फैसलों के लिए ग्राहकों के विभिन्न खंडों को आकर्षक ऑफर देने के रास्तों की खोज करते हैं.” उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सुरक्षित यात्रा विकल्प की जरुरत है और यह विशेष पेशकश वेतनभोगी ग्राहकों की यात्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, ताकि वे टोयोटा के मालिक होने की अपनी आकांक्षा को पूरा कर सकें.

सोनी ने कहा कि यह पेशकश सभी प्रकार के वाहनों में दी गई है, ताकि ग्राहक अपनी पसंद के वाहन का विकल्प चुन सकें. इन वाहनों में हाल ही में बाजार में पेश किये गये ‘कॉम्पैक्ट स्पोर्ट्स यूटिलिटी’ वाहन, अर्बन क्रूजर भी शामिल है.

टोयोटा के अलावा फेस्टिव सीजन में हुंडई, टाटा, मारुति, होंडा, महिंद्रा, रेनो सहित कई कार कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए अपनी कारों पर भारी डिस्काउंट ऑफर कर रही हैं. इसके चलते कार खरीदने के इच्छुक कस्टमर इस सीजन में सस्ते में नई कार घर ला सकते हैं.

तलाक लेने पहुंचे बीजेडी सांसद अनुभव मोहंती, सुप्रीम कोर्ट ने दी ये सलाह

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बीजद के सांसद और ओडिया फिल्मों के अभिनेता अनुभव मोहंती से शुक्रवार को कहा कि वह अपनी अभिनेत्री पत्नी वर्षा प्रियदर्शिनी के साथ वैवाहिक रिश्तों में आए मनमुटाव को मिलजुल कर दूर करने की संभावना तलाशें. शीर्ष अदालत ने केंद्रपाड़ा संसदीय सीट से सांसद मोहंती का यह अनुरोध अस्वीकार कर दिया कि मीडिया को वैवाहिक रिश्तों में मनमुटाव की खबरें रिपोर्ट करने से रोका जाए, क्योंकि इससे उनके निर्वाचन क्षेत्र पर बुरा असर पड़ेगा.

न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ ने इस बीच प्रियदर्शिनी की स्थानांतरण याचिका पर मोहंती को नोटस जारी किया है. प्रियदर्शिनी ने इस याचिका में मोहंती द्वारा उनके खिलाफ दिल्ली की अदालत में दायर तलाक का मामला कटक की अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है. मोहंती की ओर से पेश अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे ने स्थानांतरण याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह अभी समय से पूर्व है.

पीठ ने कहा, ‘यहां दोनों ही फिल्म उद्योग की लोकप्रिय हस्तियां हैं. एक का राजनीतिक जीवन है और ऐसी स्थिति में बेहतर होगा कि विवाद का हल खोजने की संभावना तलाशी जाए. हम याचिका पर नोटिस जारी कर रहे हैं और इस दौरान (आप) मध्यस्थता के लिए जाएं.’ न्यायालय ने इस दंपत्ति से कहा कि वे उच्चतम न्यायालय के मध्यस्थता केंद्र जाकर समाधान की संभावना तलाशें. प्रियदर्शिनी ने अपनी याचिका में तलाक का यह मामला पटियाला हाउस अदालत से कर्नाटक में कुटुम्ब अदालत को स्थानांतरित करने का अनुरोध करते हुए कहा है कि कोविड-19 की वजह से उनके लिए दिल्ली की यात्रा करना मुश्किल है.

प्रियदर्शिनी ने मोहंती से 2014 में शादी की थी और उन्होंने इस समय कटक में एक उप मंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गुजारा भत्ते के लिए मामला दायर कर रखा है. इसके अलावा, प्रियदर्शिनी ने मोहंती के खिलाफ घरेलू हिंसा से महिलाओं को संरक्षण कानून के तहत भी मामला दायर किया है.

मोदी ने एफएओ की 75वीं वर्षगांठ पर 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया. साथ ही उन्होंने हाल ही में विकसित की गई आठ फसलों की 17 जैव संवर्धित किस्मों को भी राष्ट्र को समर्पित किया.

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत के किसान, कृषि वैज्ञानिक, आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ता, कुपोषण के खिलाफ आंदोलन का आधार हैं. इन्होंने अपने परिश्रम से जहां भारत का अन्न भंडार भर रखा है, वहीं दूर-सुदूर, गरीब से गरीब तक पहुंचने में ये सरकार की मदद भी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी के प्रयासों से ही भारत, कोरोना के इस संकटकाल में भी कुपोषण के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ रहा है.’’

प्रधानमंत्री ने विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) को 2020 के नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे जाने का जिक्र करते हुए इसमें भारत के योगदान का उल्लेख किया. उन्होंने इसमें भारत के प्रशासनिक सेवा अधिकारी बिनय रंजन सेन की भूमिका से सबको अवगत कराया.

सेन ने एफओए के महानिदेशक के रूप में 1956 से 1967 तक काम किया था. सेन के कार्यकाल के दौरान ही विश्व खाद्य कार्यक्रम की स्थापना की गई थी.

उन्होंने कहा, ‘‘एफएओ के विश्व खाद्य कार्यक्रम को इस वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार मिलना भी एक बड़ी उपलब्धि है और भारत को खुशी है कि इसमें भी हमारी साझेदारी और हमारा जुड़ाव ऐतिहासिक रहा है.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुपोषण से निपटने के लिए एक और महत्वपूर्ण दिशा में काम हो रहा है. देश में ऐसी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसमें पौष्टिक पदार्थ- जैसे प्रोटीन, आयरन, जिंक इत्यादि ज्यादा होते हैं.

यह कार्यक्रम सरकार द्वारा कृषि और पोषण क्षेत्र को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता को समर्पित है और साथ ही भूख, अल्पपोषण और कुपोषण को पूरी तरह से खत्म करने के सरकार के संकल्प को परिलक्षित करता है.

इस कार्यक्रम में देश भर के आंगनवाड़ी, कृषि विज्ञान केंद्र और जैविक व बागवानी अभियान से जुड़े लोग भी शामिल हुए. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए.

उल्लेखनीय है कि एफएओ का लक्ष्य लोगों को पर्याप्‍त मात्रा में अच्छी गुणवत्‍ता वाला भोजन नियमित रूप से सुनिश्चित करना है ताकि वे सक्रिय और स्‍वस्‍थ रहें. एफएओ का कार्य पोषण का स्‍तर उठाना, ग्रामीण जनसंख्‍या का जीवन बेहतर करना और विश्‍व अर्थव्‍यवस्‍था की वृद्धि में योगदान करना है.

कृषि सुधार देश में कृषि क्षेत्र के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने में ‘महत्वपूर्ण’: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में किए गए कृषि सुधारों को देश में कृषि क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ‘‘महत्वपूर्ण’’ करार दिया और स्पष्ट किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य और सरकारी खरीद देश की खाद्य सुरक्षा का अहम हिस्सा हैं, इसलिए इनका जारी रहना स्वाभाविक है.

प्रधानमंत्री ने ये बातें शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही. इस अवसर पर उन्होंने 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। साथ ही हाल ही में विकसित की गई आठ फसलों की 17 जैव संवर्धित किस्मों को भी राष्ट्र को समर्पित किया.

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘देश के 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाला ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ सिस्टम लागू हो चुका है. हाल में तीन बड़े कृषि सुधार हुए हैंै देश के कृषि क्षेत्र के सुधार और किसानों की आय बढ़ाने में ये बहुत ही महत्वपूर्ण कदम हैं.’’

उन्होंने कहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुणा दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के रूप में मिले, इसके लिए अनेक कदम उठाए गए हैं.उन्होंने कहा कि इन सुधारों के जरिए किसान को ज्यादा विकल्प देने के साथ ही उन्हें कानूनी रूप से संरक्षण देने का भी काम किया गया है.

उन्होंने कहा, ‘‘न्यूनतम समर्थन मूल्य और सरकारी खरीद देश की खाद्य सुरक्षा का अहम हिस्सा हैं, इसलिए इनका जारी रहना स्वभाविक है.’’

कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था सालों से देश में चली आ रही है, जिसकी अपनी एक पहचान है और अपनी ताकत भी है. बीते छह सालों में कृषि मंडियों के आधारभूत संरचना विकास के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए अब ढाई हजार करोड़ से अधिक का निवेश किया जा चुका है.

उन्होंने कहा, ‘‘यह मंडिया आगे भी जारी रहे, इसके लिए प्रतिबद्ध हैं. नए विकल्पों से छोटे किसान, मंडियों तक पहुंच ना होने के कारण पहले मजबूरी में बिचौलियों को अपनी उपज बेच देते थे. अब बाजार स्वयं छोटे-छोटे किसानों के दरवाजे तक पहुंचेगा। इससे किसान को ज्यादा दाम तो मिलेंगे ही, बिचौलियों से मुक्ति भी मिलेगी. युवाओं के लिए नए रास्ते भी खुलेंगे.’’

उन्होंने कहा कि छोटे किसानों को ताकत देने के लिए एफपीओ का एक बड़ा नेटवर्क देश भर में तैयार किया जा रहा है. कृषि उत्पादक संघ बनाने का काम तेजी से चल रहा है. भारत में अनाज की बर्बादी को बहुत बड़ी समस्या बताते हुए मोदी ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन से अब स्थितियां बदलेंगी।

कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान सरकार द्वारा लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने के कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तमाम चिंताओं के बीच भारत पिछले 7-8 महीनों से लगभग 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान भारत ने करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए का खाद्यान्न गरीबों को मुफ्त बांटा है.’’ उन्होंने कहा कि संक्रमण काल में जहां पूरी दुनिया संघर्ष कर रही है, वहीं भारत के किसानों ने इस बार पिछले साल के उत्पादन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

मोदी ने कहा कि आज भारत में निरंतर ऐसे सुधार किए जा रहे हैं जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा कि खेती और किसान को सशक्त करने से लेकर भारत की खाद्य वितरण व्यवस्था तक में एक के बाद एक सुधार किए जा रहे हैं.

राजस्थान में होगी 31 हजार शिक्षकों की भर्ती, राज्य सरकार ने दी मंजूरी

यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanatah Governemngt) ने 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती की लिस्ट जारी  किए जाने के बाद अब राजस्थान से भी युवाओं के लिए अच्छी खबर आ रही है. राजस्थान (Rajasthan) की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने प्रदेश में युवाओं के लिए बड़ी सौगात दी है. राज्य सरकार ने तृतीय श्रेणी के 31 हजार शिक्षकों की भर्ती (Teachers Recruitment)  को अपनी मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही राजस्थान में शिक्षकों की भर्ती ( Rajasthan Teachers Recruitment ) का रास्ता साफ हो गया है.

राज्य सरकार के अनुसार रीट परीक्षा (Rajasthan Eligibility Examination for Teachers-REET) होने के बाद इन शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद राज्य में अब जल्द ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. बता दें कि इस साल के बजट भाषण में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुल 53 हजार पदों की भर्ती की घोषणा की थी. इनमें से 41 हजार पद शिक्षा विभाग के संबंधित हैं. शिक्षा विभाग ने 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती के संबंध में प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था, जिसे मुख्यमंत्री गहलोत ने अपनी मंजूरी दे दी है.

राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरी (Govind Singh Dotasra) ने भी इस संबंध में जानकारी दी है. ट्वीट में गोविंद सिंह डोटासरा ने लिखा है कि ‘राजस्थान के लाखों बेरोजगारों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षा विभाग द्वारा 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती के संबंध में भेजे प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब बहुत जल्द रीट परीक्षा की विज्ञप्ति जारी होगी और उसके बाद परीक्षा का आयोजन होगा.’

COVID-19 Update : भारत में 73 लाख से अधिक हुए कोरोना वायरस के मामले

भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 67,708 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 73.07 लाख हो गई और इनमें से कुल 63,83,441 लोगों के स्वस्थ हो जाने से संक्रमणमुक्त होने की दर बढ़कर 87.35 प्रतिशत हो गई.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 73,07,097 हो गए हैं. देश में पिछले 24 घंटे में 680 और लोगों की मौत हो जाने से संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,11,266 हो गई है.

हालांकि देश में कोविड- 19 (COVID-19) के कारण मृत्यु-दर गिरकर 1.52 प्रतिशत रह गई है. अभी 8,12,390 लोग उपचाराधीन हैं, जो संक्रमित हुए कुल लोगों का 11.11 प्रतिशत है.

आईसीएमआर (ICMR) के अनुसार, 14 अक्टूबर तक कुल 9,12,26,305 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से बुधवार को 11,36,183 नमूनों की जांच की गई.

भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे, जबकि 23 अगस्त को इनकी संख्या 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख को पार कर गई थी.

पिछले 24 घंटों में जिन 680 लोगों की मौत हुई है, उनमें से महाराष्ट्र (Maharashtra) में 158, कर्नाटक (Karnataka) में 75, पश्चिम बंगाल (West Bengal) में 64, तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 52, दिल्ली (Delhi) में 44, छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)  में 33, पंजाब (Punjab) में 31 और आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में 28 लोगों की मौत हुई है.

देश में संक्रमण से कुल 1,11,266 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र में 40,859, तमिलनाडु में 10,423, कर्नाटक में 10,198, उत्तर प्रदेश में 6,507, आंध्र प्रदेश में 6,319, दिल्ली में 5,898, पश्चिम बंगाल में 5,808, पंजाब में 3,925 और गुजरात में 3,9595 लोगों की मौत हुई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक लोग पहले से किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे.