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#BiharElections2020 : तेजस्वी की रैली में उमड़ी भारी भीड़, विरोधी हैरान-परेशान, देखें तस्वीरें

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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (#BiharElections2020) में राजनीतिक दल एड़ी चोटी का ज़ोर लगाते नज़र आ रहे हैं. जहां एक तरफ़ BJP आगामी चुनावों के मद्देनज़र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत स्टार प्रचारकों को बिहार के चुनावी समर में उतारने जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ़ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी की रैली उमड़ी भारी भीड़ देखकर विरोधी हैरान-परेशान नज़र आ रहे हैं.

आरजेडी (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) आज जब भोजपुरा की अगिआंव विधानसभा में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे तो उन्हें सुनने आए लोगों से मैदान खचाखच भरा नज़र आया. लोगों से खचाखच भरा पूरा मैदान पार्टी के झंडों से पटा नज़र आ रहा था.

तो वहीं गया के गुरुआ विधानसभा क्षेत्र में आरजेडी प्रत्याशी विनय कुमार के पक्ष में वोट अपील करने पहुंचे  तेजस्वी यादव का लोगों ने ज़ोरदार स्वागत किया. तेजस्वी ने इस जनसभा को लेकर ट्वीट कर लिखा है कि महागठबंधन की सभाओं में उमड़ रहा जनसैलाब लोगों के लिए भीड़ हो सकती है, लेकिन मेरे लिए यह करोड़ों बिहारवासियों की आकांक्षाएं, सपने और उम्मीदें हैं, जिन्हें पूरा करना है.

रोजगार के मुद्दे पर नीतीश सरकार (Nitish Government) पर हमलावर तेजस्वी को लेकर बोधगया में भी मतदाताओं में ज़बरदस्त उत्साह देखा गया. यहां घरों की छतों पर बैठकर तेजस्वी यादव को सुनने वालों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं.

आपको बता दें कि हाल ही में तेजस्वी की एक रैली का वीडियो वायरल हुआ. जिसमें तेजस्वी हेलिकॉप्टर की ओर जाते दिख रहे हैं और उनके आस-पास जबरदस्त जनसैलाब उमड़ा है. बताया जा रहा है कि वीडियो जमुई का है. यहां एक प्रत्याशी के समर्थन में रैली करने के लिए तेजस्वी पहुंचे थे.

 

Ballia Firing Case: यूपी भाजपा ने विधायक सुरेंद्र सिंह को दी वॉर्निंग, आरोपी का किया था सपोर्ट

उत्तर प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने पार्टी विधायक सुरेंद्र सिंह को चेतावनी दी है और उनसे विभिन्न मुद्दों पर बेवजह बयान नहीं देने के लिए कहा गया है. बलिया गोलीकांड मामले के आरोपियों का खुलेआम बचाव कर रहे विधायक सुरेन्द्र सिंह को रविवार शाम को उत्तर प्रदेश भाजपा प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह और पार्टी के संगठन सचिव सुनील बंसल से मिलने के लिए राज्य की राजधानी बुलाया गया.

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा बलिया की घटना में लखनऊ से मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार करने के कुछ घंटों बाद ऐसा किया गया. हालांकि, सुरेन्द्र सिंह को पार्टी कार्यालय के बाहर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों से मिलने की ‘अनुमति’ नहीं थी और पार्टी कार्यकर्ता उन्हें कार तक ले गए, लेकिन सूत्रों ने कहा कि उन्हें राज्य के नेतृत्व द्वारा ‘चेतावनी’ दी गई है. पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, “उन्हें स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि अगर वह नहीं सुधरे और विवादित बयान देना बंद नहीं किया तो पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगी.”

विवादास्पद टिप्पणी करने के लिए पहचाने जाने वाले सुरेंद्र सिंह ने कहा कि वह मामले में अपना पक्ष रखने करने के लिए पार्टी कार्यालय आए थे. उन्होंने बैठक के बाद टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. सिंह, जिन्होंने आरोपी धीरेंद्र सिंह का खुले तौर पर बचाव किया था, ने दावा किया था कि इस घटना का सही तरीके से मीडिया द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है.

बलिया के दुर्जनपुर गांव में दो दुकानों के आवंटन पर विवाद के बाद गुरुवार को धीरेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों की मौजूदगी में खुली बैठक में 46 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी. शुक्रवार को बलिया जिले के बैरिया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा विधायक ने कहा था कि धीरेंद्र ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी. उन्होंने दावा किया था कि अगर धीरेंद्र ने गोली नहीं चलाई होती तो घटना में उनके परिवार की दर्जनों महिलाएं मारी गई होती.

इस बीच, जय प्रकाश पाल के परिवार के सदस्यों, जिनकी कथित तौर पर धीरेंद्र सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, ने कहा कि आरोपियों के समर्थक उन्हें एक मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. पाल के बड़े भाई सूरज पाल ने कहा, “कुछ लोग हमें मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. चाहे वह स्थानीय विधायक हो, या मुख्य आरोपियों के समर्थक, वे हमारे परिवार को एक मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए. जय प्रकाश परिवार का खर्चा उठाते थे. सरकार को परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देनी चाहिए या आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए.”

बिहार चुनाव: तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को दी खुली बहस की चुनौती

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बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अब सभी राजनीतिक दल अपने पूरे दमखम के साथ जुट गए हैं, यही कारण है कि नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गया है. इसी दौरान बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुली बहस की चुनौती दी है. तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री विकास को लेकर कहीं भी बहस कर लें. तेजस्वी यादव ने सोमवार को पटना में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुली चुनौती दी कि वे राज्य के प्रमुख के रूप में पिछले 15 वर्षों में उनकी किसी भी उपलब्धि पर उनसे बहस करें.

उन्होंने कहा, मैं आग्रह पूर्वक चुनौती देता हूं कि नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षों में अपनी किसी भी उपलब्धि पर मेरे साथ बहस करें. हमें इस नई परंपरा को शुरू करना चाहिए क्योंकि लोकतंत्र की स्थापना पहली बार बिहार के वैशाली में हुई थी। मुख्यमंत्री उम्मीदवारों के बीच बहस होनी चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि लोग राज्य सरकार से बहुत नाराज हैं. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि हम बहुत ही सहज बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं. तेजस्वी यादव बेरोगजारी और पलायन को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं और हर चुनावी सभा में इस मुद्दे को उछाल रहे हैं. इधर, बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नित्यानपंद राय ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे तेजस्वी के साथ किसी भी मुद्दे पर कहीं भी बहस को लेकर तैयार हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार राजग के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, इस कारण वे व्यस्त हैं.

बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में होने वाले चुनाव के लिए मतदान 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 10 नवंबर को होगी. उल्लेखनीय है कि राजद इस चुनाव में कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ चुनावी मैदान में उतरी है.

CM योगी आदित्यनाथ के ‘मिशन शक्ति’ पर अखिलेश का तंज, कहा – रोमियो स्क्वाड जैसा होगा हश्र

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने योगी सरकार के मिशन शक्ति पर तंज कसा है. अखिलेश ने कहा कि रोमियो स्क्वाड लापता है. ऐसा ही हश्र मिशन शक्ति का भी होना है.

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार में बेटियों का सम्मान पूर्वक जीना दुश्वार है. आए दिन उनके साथ होने वाली दुष्कर्म की घटनाओं पर कोई रोक नहीं लग रही है. मुख्यमंत्री ने जैसे-तैसे साढ़े तीन साल से ऊपर के दिन निकाल लिए हैं, उनके अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस का दावा एक बड़े जीरो में बदल गया है. उनका रोमियो स्क्वॉड लापता है, अब चलते-चलाते मुख्यमंत्री रोल मॉडल चुनने का कथित मिशन शक्ति अभियान चलाने जा रहे हैं. इसका हश्र भी वही होना है जो अब तक उनके वादो-निर्देशों-आदेशों का होता रहा है.

उन्होंने कहा कि आखिर कितने हाथरस, बलिया, झांसी, बलरामपुर और बाराबंकी काण्ड दोहराए जाएंगे. इन सभी काण्डों में बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में पुलिस और प्रशासन की लीपापोती की ही नीति रही है. बच्चियों से बर्बरतापूर्ण कृत्य अमानवीयता की हद, निंदनीय और शर्मनाक हैं.

समान नागरिक संहिता के खिलाफ आम राय तैयार करेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board -AIMPLB) समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) के खिलाफ विभिन्न तबकों के साथ मिलकर आम राय तैयार करेगा.

बोर्ड कार्यकारिणी की पिछले दिनों हुई डिजिटल बैठकों में यह फैसला लिया गया. बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य जफरयाब जीलानी ने बताया कि 11 और 13 अक्टूबर को हुई बोर्ड की डिजिटल बैठकों में समान नागरिक संहिता और बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले से जुड़े अहम फैसले लिए गए.

उन्होंने बताया कि बोर्ड सदस्यों का यह कहना था कि सत्तारूढ़ भाजपा के एजेंडा में अब समान नागरिक संहिता का मुद्दा ही बचा रह गया है लिहाजा अब वह इस दिशा में आगे बढ़ेगी. सदस्यों का कहना था कि भारत विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों वाला देश है लिहाजा यहां ऐसी कोई संहिता लागू करना न्यायसंगत नहीं होगा.

जीलानी ने बताया कि बैठक में फैसला लिया गया है कि बोर्ड समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की स्थिति में प्रभावित होने वाले विभिन्न तबकों से संपर्क करके और उनके जनप्रतिनिधियों जैसे सांसदों विधायकों से संपर्क कर एक आम राय तैयार करेगा.

उन्होंने बताया कि बोर्ड ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद मामले में गत 30 सितंबर को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दिए गए फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने के फैसले पर भी मुहर लगा दी है.

जीलानी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत किसी फैसले को चुनौती देने के लिए 90 दिनों का समय होता है. इसी अवधि में बोर्ड के नुमाइंदे विशेष सीबीआई अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे.

गौरतलब है कि विशेष सीबीआई अदालत ने बाबरी विध्वंस (Babri Masjid Demolition) मामले में फैसला सुनाते हुए सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया था. इस मामले के आरोपियों में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी (L K Advani) , पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी (M M Joshi), उमा भारती (Uma Bharti) और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह भी शामिल थे.

हत्यारों की गिरफ्तारी तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कार: शौर्य चक्र से सम्मानित बलविंदर सिंह का परिवार

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शौर्य चक्र से सम्मानित बलविंदर सिंह संधू के परिवार ने पंजाब के तरन तारन में उनकी गोली मारकर हत्या करने वाले दो अज्ञात हमलावरों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है.

पंजाब में आतंकवाद से लड़ने वाले संधू (62) की शुक्रवार को जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कुछ महीने पहले ही सरकार ने उन्हें दी गई सुरक्षा वापस ले ली थी. संधू जब भीखीविंड में अपने घर से लगे दफ्तर में थे, तब मोटरसाइकिल पर सवार हमलावर उन्हें चार गोलियां मारकर फरार हो गए.

संधू की पत्नी जगदीश कौर संधू ने पत्रकारों से कहा, ‘जब तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक परिवार उनका अंतिम संस्कार नहीं करेगा.’

उन्होंने अपने परिवार के लिये सुरक्षा भी मांगी. संधू की पत्नी ने कहा, ‘परिवार के सभी सदस्य, मैं, मेरे दिवंगत पति और उनके भाई रंजीत सिंह संधू तथा उनकी पत्नी बलराज कौर संधू शौर्य चक्र से सम्मानित हैं. केन्द्र ने आतंकवाद से लड़ने के लिये हमें यह सम्मान दिया था. राज्य और केन्द्र दोनों सरकारें खुफिया नाकामी के लिये जवाबदेह हैं, जिसके परिणामस्वरूप आतंकवादियों ने मेरे पति को मार डाला.’

उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार परिवार को सुरक्षा मुहैया नहीं करा पा रही है तो केन्द्र को सुरक्षा देनी चाहिये. संधू कई साल तक पंजाब में आतंकवाद के खिलाफ लड़े और जब राज्य में खालिस्तानी आतंकवाद चरम पर था तब उन पर कई आतंकवादी हमले किये गए.

संधू के भाई रंजीत ने कहा कि तरन तारन पुलिस की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने एक साल पहले उनकी सुरक्षा वापस ले ली थी. उन्होंने कहा कि पूरी परिवार आतंकवादियों की हिट लिस्ट में रहा है.

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 62,212 नए मामले, कुल संख्या 74 लाख के पार

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देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 74 लाख के पार चली गई है, वहीं संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या भी 65 लाख से अधिक हो गई है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी अद्यतन आंकडों के अनुसार कोविड-19 के 62,212 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 74,32,680 हो गए हैं वहीं संक्रमण से 837 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,12,998 हो गई है.

मंत्रालय ने कहा कि डेढ़ माह में पहली बार उपचाराधीन लोगों की संख्या आठ लाख के नीचे आई है. वहीं लगातार नौवें दिन उपचाराधीन लोगों की संख्या नौ लाख से कम रही है.

देश में 7,95,087 लोगों का संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 10.70 प्रतिशत है वहीं 65,24,595 लोग अब तक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं.

संक्रमण से मृत्यु दर 1.52 प्रतिशत हो गई है. भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे जबकि 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख को पार कर गए.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 16 अक्टूबर तक 9,32,54,017 नमूनों की जांच हुई, जिनमें से शुक्रवार को 9,99,090 नमूनों की जांच की गई.

 

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष कोरोना पॉजिटिव, गोमूत्र को COVID-19 से बचने का उपाय

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष (West Bengal BJP Chief Dilip Ghosh) कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं. इसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के सूत्रों ने बताया कि घोष को हल्का बुखार था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि घोष को 102 डिग्री बुखार है और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. उनका ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है. चिंता की कोई बात नहीं है. पिछले दो दिनों से घोष की तबियत खराब थी जिसके बाद उन्होंने कोविड-19 (COVID-19) की जांच कराई.

मिदनापुर से लोकसभा सदस्य, घोष ने पिछले कुछ महीनों में हजारों समर्थकों सहित सार्वजनिक सभाओं और प्रमुख रैलियों को संबोधित किया. 56 वर्षीय घोष, 11 अक्टूबर से अस्वस्थ थे, उन्होंने खुद को अपने निवास स्थान पर आइसोलेट किया था और किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लिया. बीमार होने के कारण उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की वर्चुअल बैठक में भी भाग नहीं लिया था.

बता दें कि पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष घोष कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर अपने विवादित बयानों से कई बार सुर्खियां बटोर चुके हैं. इससे पहले उन्होंने अपने एक बयान में कहा था कि गोमूत्र (Gaumutra) पीने से कोरोना वायरस सहित हर तरह के वायरस से लड़ने की शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

पिछले दिनों दिलीप घोष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रहे थे कि ‘यदि मैं आपसे गाय की बात करूं तो बहुत से लोग इससे असहज हो जाएंगे. गधे कभी भी एक गाय की अहमियत नहीं समझेंगे. यह भारत है, भगवान श्रीकृष्ण की धरती, यहां हम गाय की पूजा करते हैं. हमें स्वस्थ रहने के लिए गोमूत्र पीना चाहिए. जो शराब पीते हैं वो कैसे एक गाय की अहमियत को समझेंगे.’

श्रद्धालुओं के लिए खुला सबरीमला मंदिर, एक दिन में सिर्फ़ 250 भक्तों को मिलेगी दर्शन की इजाजत

कोरोना वायरस (Coronavirus)महामारी के कारण छह महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद प्रसिद्धसबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple) को शनिवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया और कुछ लोगों ने दर्शन भी किये जो मास्क पहने थे और कोविड-19 (COVID-19) नहीं होने संबंधी जांच रिपोर्ट साथ में लिए हुए थे.

मंदिर को मासिक पूजा के लिए शुक्रवार शाम को खोला गया था, लेकिन श्रद्धालुओं को शनिवार को मलयाली महीने ‘तुलम’ के पहले दिन से मंदिर में दर्शन की अनुमति दी गयी है.

श्रद्धालु 21 अक्टूबर तक मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकेंगे.जिन श्रद्धालुओं के पास कोविड-19 की निगेटिव जांच रिपोर्ट नहीं है, उन्हें निलक्कल में रैपिड एंटीजन जांच करानी होगी.

देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लगने के बाद से पहली बार मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गयी है. मंदिर का प्रबंधन देखने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के सूत्रों ने बताया कि मंदिर को सुबह पांच बजे खोला गया.

शनिवार को दर्शन के लिए डिजिटल प्रणाली के माध्यम से 246 लोगों ने बुकिंग कराई. हर दिन केवल 250 लोगों को मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जाएगी.दर्शन की अनुमति 10 से 60 वर्ष की आयु के उन लोगों को ही मिलेगी जिनके पास इस बात के चिकित्सा प्रमाणपत्र होंगे कि वे पवित्र पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक जाने के लिहाज से स्वस्थ हैं.

आपको बता दें कि महामारी के कारण श्रद्धालुओं को सन्निधानम, निलक्कल या पांबा में ठहरने की अनुमति नहीं है.

 

 

Haryana Bypolls: BJP ने योगेश्वर दत्त पर फिर खेला दांव, बरोदा से लड़ेंगे चुनाव

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हरियाणा की बरोदा विधानसभा सीट के उपचुनाव का टिकट घोषित कर दिया. पार्टी ने एक बार फिर पहलवान योगेश्वर दत्त को जाट बहुल इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. बरोदा विधानसभा, हरियाणा की सोनीपत लोकसभा सीट के तहत आती है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का इस जाट बहुल क्षेत्र में दबदबा माना जाता है.

2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर लड़ने वाले पहलवान योगेश्वर दत्त हार गए थे. हालांकि उन्होंने पूर्व के बीजेपी प्रत्याशियों से कहीं ज्यादा 37726 वोट हासिल किए थे.

योगेश्वर दत्त इंटरनेशनल पहलवान होने के कारण चर्चित चेहरा हैं. पिछले चुनाव में हार के बावजूद प्रदर्शन बेहतर रहा था और दूसरे नंबर पर रहे थे. ऐसे में बीजेपी ने फिर से उन पर दांव खेला है.