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Bigg Boss 14: राहुल वैद्य को नहीं पसंद है गानों का रीमिक्स,जानिए किसे ठहराया जिम्मेदार

बिग बॉस 14 (Big Boss 14) घर के सदस्य व सिंगर राहुल वैद्य रीमिक्स के प्रशंसक नहीं हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि जब संगीत की बात आती है तो बॉलीवुड के पास नए गानों को लेकर कोई विचार नहीं होता, जिससे रीमिक्स में अचानक उछाल आ गया है, इस पर राहुल ने संगीत लेबल और निर्माताओं को इस ट्रेंड के लिए जिम्मेदार ठहराया.

राहुल वैद्य  ने कहा, “यह मार्केटिंग का निर्णय है. पावर में बैठे लोग हमेशा यह तय करते हैं कि वे क्या करना चाहते हैं. उन्होंने निर्णय लिया है कि वे एक सुरक्षित शर्त लगाना चाहेंगे और एक ऐसे गाने को चुनते हैं, जो पहले से ही लोकप्रिय है.”

उन्होंने आगे कहा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि 130 करोड़ वाले लोगों के देश में मौकों की तलाश में प्रतिभा मर रही है. निर्माताओं द्वारा इस पर विचार न करना बेहद अनुचित है. यह आस्था का सवाल है. उनमें विश्वास और भरोसा नहीं है. उन्हें यह भरोसा नहीं है कि अगर हम किसी को मौका देंगे, तो वह ‘धमाल मचा’ देगा.”

राहुल ने जोर दिया कि रीक्रिएशंस का कोई मोल नहीं है. उन्होंने कहा, “मैं फिल्म ‘सिम्बा’ को लेकर बेहद परेशान था. उसमें रोमांटिक गाना है ‘तेरे बिन नहीं लगदा’. यह गाना मूलरूप से नुसरत फतेह अली खान का है. इसे राहत साहब और एक महिला गायिका ने मिलकर रीक्रिएट किया है. अब कल्पना कीजिए कि अगर एक नवागंतुक को इस तरह के एक प्रेम गीत को रीक्रिएट करने का मौका मिले, जो कि ‘सिम्बा’ जैसी बड़ी फिल्म में दिखाया जाए, लेकिन निमार्ताओं ने रीक्रिएशन के साथ जाना तय किया.”

राहुल ने आगे कहा, “दूसरा मुद्दा यह है कि उनके आस-पास के लोग उनका खंडन नहीं करना चाहते हैं.क्योंकि अगर मैं किसी बड़े आदमी का विरोध करता हूं, तो वह सोचेंगे कि मेरा घमंड है और मुझे नौकरी से निकाल देंगे.”

बिहार: कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर हुई 1.98 लाख, अब तक 961 की मौत

बिहार (Bihar) में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1,98,223 पहुंच गई है. बिहार में मंगलवार को 1,223 नए मामले सामने आए. राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 6 संक्रमित की मौत हुई है, जबकि रिकवरी रेट 94.15 प्रतिशत पहुंच गया है. बिहार स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान 1,223 नए मामले सामने आए हैं, जिसमें सबसे अधिक पटना जिले के 272 मरीज शामिल हैं.

पिछले 24 घंटों के दौरान 1,030 संक्रमित स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं. राज्य में अब तक 1,86,623 संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं. बिहार राज्य में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के स्वस्थ होने की दर (रिकवरी रेट) 94.15 प्रतिशत पहुंच गया है। बिहार में कोविड-19 के फिलहाल 10,638 सक्रिय मरीज हैं.

पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में 94,145 नमूनों की जांच हुई है. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान 6 कोरोना संक्रमित की मौत हुई है. इस तरह राज्य में अब तक कुल 961 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार को पटना के अलावा अररिया में 52, बांका में 21, कटिहार में 63, मधुबनी में 15, पूर्णिया में 98, सहरसा में 39 तथा सीवान में 18 कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है.

 

 

 

Bihar Vidhan Sabha Election 2020 : ‘प्लूरल्स’ ने चुनाव प्रचार के लिये अपनायी मिथिला की ‘खोंयछा’ परंपरा

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अखबारों में इश्तेहार के जरिए बिहार (Bihar) की राजनीति में दस्तक देने और स्वयं को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने वाली ‘प्लूरल्स पार्टी’ (Plurals Party) की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी (Pushpam Priya Choudhary) चुनाव प्रचार के लिये मिथिलांचल की ‘खोंयछा’ परंपरा के जरिये मतदाताओं से जुड़ रही है और हर परिवार से कपड़े का एक छोटा टुकड़ा, एक मुठ्ठी अनाज और एक रूपया मांग रही हैं .

लंदन स्कूल ऑफ़ इकनॉमिक्स (London School of Economics) से पढ़ाई करने वाली पुष्पम ने अपने चुनाव प्रचार के इस अभियान का नाम ‘बिहार का खोंयछा’ रखा है. पुष्पम की प्लूरल्स पार्टी अपने अभियान के दौरान एक ओर बिहार में कृषि क्रांति, औद्योगिक क्रांति और नगरीय क्रांति का खाका पेश करके युवाओं एवं पढ़े लिखे तबके तक पहुंचने का प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर ‘खोंयछा’ अभियान के जरिये महिलाओं को जोड़ रही हैं .

गौरतलब है कि मिथिला में ‘खोंयछा’ को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. बेटियों के घर से बाहर जाने या कहीं से घर आने पर उन्हें ‘खोंयछा’ देने की परंपरा है. माना जाता है इससे घर में सुख-समृद्धि आती है. ‘खोंयछा’ में अन्न का दाना और एक रुपए का सिक्का काफी अहम होता है.

पुष्पम बिहार के जदयू नेता रहे और पूर्व विधान पार्षद विनोद चौधरी (Binod Chaudhary) की पुत्री हैं. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) में उनकी प्लूरल्स पार्टी ने प्रथम चरण में 35 उम्मीदवार उतारे हैं. उनका कहना है कि सभी लोग नए हैं, लेकिन ऊर्जावान हैं. उनमें जीतने का जज़्बा है और उससे भी महत्वपूर्ण बिहार को बदलने का संकल्प है.

वह खुद पटना (Patna) की बांकीपुर सीट (Bankipur ) और मधुबनी (Madhubani) की बिस्फी सीट (Bisfi) से चुनाव लड़ रही हैं. मधुबनी ज़िले का बिस्फी क्षेत्र, मैथिली कवि- महाकवि विद्यापति की जन्मस्थली है.  ‘प्लूरल्स पार्टी’ के प्रत्याशियों के धर्म के कॉलम में बिहारी और जाति की जगह उनका पेशा लिखा है. प्लूरल्स पार्टी ने जिनको प्रत्याशी बनाया है, उनमें ज्यादा डॉक्टर, इंजीनियर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं.

प्लूरल्स की टीम जिस तरह से काम कर रही है, उसको देखते हुए मतदाता उनके, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के मॉडल को अपनाने की चर्चा कर रहे हैं.  बिहार की मुख्यमंत्री बनने पर अगले 10 वर्षों में प्रदेश को देश का सबसे विकसित राज्य बनाने का दावा करने वाली पुष्पम प्रिया चौधरी का कहना है कि वह नहीं चाहती कि उनकी पार्टी की तुलना किसी और दल से की जाए.

पुष्पम प्रिया ने मार्च के महीने में अपने जनसंपर्क अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar Chief Minister Nitish Kumar) के गृह जिले नालंदा (Nalanda) से की थी. उनका कहना है कि वह राज्य के विकास के लिए सकारात्मक राजनीति करेंगी.

पुष्पम प्रिया चौधरी ने अपने फेसबुक पेज पर मतदाताओं का आह्वान करते हुए नारा दिया है, ‘‘आइए 2020 चुनाव में बिहार बदल ही देते हैं, हमेशा के लिए! ’’ बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बनाए गए फेसबुक पेज को उन्होंने नाम दिया है, ‘‘लेट्स ओपन बिहार : थर्टी ईयर्स आफ लॉकडाउन’’

महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताई चिंता, अब तक 40,514 लोग गवा चुके हैं जान

महाराष्ट्र (Maharashtra) में धार्मिक स्थलों को खोले जाने की मांग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) की मौजूदगी में राज्य में कोरोना की स्थिति को लेकर चिंता जताई. प्रधानमंत्री पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल (Balasaheb Vikhe Patil) की आत्मकथा के विमोचन के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ( Former CM Devendra Fadnavis) सहित विखे पाटिल परिवार के सदस्य भी मौजूद थे. अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में मोदी ने कहा, ‘‘अपनी बात समाप्त करने से पहले मैं आप लोगों से एक बात कहना चाहूंगा. विशेषकर महाराष्ट्र के लोगों से तो जरूर कहना चाहूंगा. कोरोना का खतरा अभी भी बना हुआ है. महाराष्ट्र में यह चिंता जरा ज्यादा है.’’

उन्होंने महाराष्ट्र के सभी नागरिकों से कोरोना के बचने के सारे उपायों को अपनाने की प्रार्थना की और कहा कि चेहरे पर मास्क, बार-बार हाथ धोना, साफ सफाई और दो गज की दूरी, इन नियमों में बिल्कुल लापरवाही नहीं करनी है.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें हमेशा याद रखना है कि जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं. हमें यह लड़ाई जरूर जीतनी है और हम जीतेंगे.’’

वैसे तो प्रधानमंत्री इन दिनों अपने हर संबोधन के आखिर में लोगों से कोरोना से बचने और तमाम सुरक्षा उपायों का अनुसरण करने का आग्रह करते हैं लेकिन ठाकरे की मौजूदगी में महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति पर उनकी चिंता ने सबका ध्यान आकर्षित किया.

यह सब कुछ ऐसे समय में हुआ है जब महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोले जाने की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुंबई में सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया.

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) ने भी इस सिलसिले में ठाकरे को पत्र लिखा है. इसके जवाब में ठाकरे ने कोश्यारी को सूचित किया है कि राज्य में कोविड-19 (COVID-19) संबंधी हालात की पूरी समीक्षा के बाद धार्मिक स्थलों को पुन: खोलने का फैसला किया जाएगा.

महाराष्ट्र में सोमवार को कोविड-19 के 7,089 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 15,35,315 हो गई. संक्रमण से अब तक देश में हुई कुल 1,09,856 मौतों में से महाराष्ट्र में 40,514 लोगों की जान गई है.

 

उत्तर प्रदेश के किसानों को धान का सही दाम नहीं मिला तो आंदोलन करेगी कांग्रेस: प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में धान की खरीद कम कीमत पर होने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि अगर किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं दिया गया तो कांग्रेस आंदोलन करेगी.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ उप्र के धान की पैदावार करने वाले किसान बेहद परेशान हैं. धान की खरीद बहुत कम हो रही है। जो थोड़ी सी खरीद हो रही है उसमें 1200 रुपये (प्रति क्विंटल) से भी कम दाम मिल रहा है. यही धान कांग्रेस सरकार में 3,500 रुपये तक बिका था.’’

प्रियंका ने दावा किया, ‘‘ नमी के नाम पर किसानों का शोषण हो रहा है. शायद पहली बार ऐसा है कि धान गेंहू से सस्ता बिक रहा है.’’कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा, ‘‘ ऐसे में तो किसान की लागत भी नहीं निकलेगी. किसान अगली फसल कैसे लगाएगा? बिजली बिल में लूट चल ही रही है. मजबूरन किसान कर्ज के जाल में फंसता जाएगा.’’

प्रियंका ने कहा, ‘‘उप्र सरकार तुरंत इसमें हस्तक्षेप कर किसान को सही दाम दिलाए, वरना कांग्रेस पार्टी आंदोलन करेगी.’’

देश में COVID-19 के 55,342 नये मामले सामने आये, संक्रमण के कुल मामले बढ़कर हुए 71,75,880

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देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या कम होकर 60,000 से नीचे आ गई है. पिछले 24 घंटों में देशभर में कोविड-19 (COVID-19)  के 55,342 नये मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 71,75,880 तक पहुंच गये और ठीक हुए मरीजों की संख्या 62 लाख के पार हो गई.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार यह जानकारी सामने आयी है. सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आँकड़ों के मुताबिक, देश में एक दिन में संक्रमण के 55,342 नये मामले सामने आने से कुल मामले बढ़कर 71,75,880 तक पहुंच चुके हैं, जबकि पिछले 24 घंटे के अंतराल में बीमारी से 706 लोगों की जान जाने से देश में मरने वालों की संख्या 1,09,856 हो गई.

देश में लगातार पांचवें दिन कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या नौ लाख से नीचे रही.

देश में लगातार पांचवें दिन संक्रमण के 75,000 से कम नए मामले सामने आए और लगातार 10 दिनों से मृतक संख्या 1,000 से नीचे रही. भारत में 17 सितंबर को कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 97,894 मामले सामने आये थे.

नवीनतम आँकड़ों के मुताबिक, देश में वर्तमान में कोरोना वायरस के 8,38,729 मरीजों का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 11.69 प्रतिशत है.

भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख का आँकड़ा पार कर गए थे. यह आंकड़ा 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख की संख्या को पार कर गया.

आईसीएमआर के अनुसार, सोमवार को 10,73,014 नमूनों की जांच की गई, जबकि 12 अक्टूबर तक कुल 8,89,45,107 नमूनों की जांच की जा चुकी है.बीमारी के कारण हुई 706 नई मौतों में 165 महाराष्ट्र में हुई है, जबकि कर्नाटक में 70, तमिलनाडु में 62, पश्चिम बंगाल में 60, उत्तर प्रदेश में 44, दिल्ली में 40, छत्तीसगढ़ में 33 और आंध्र प्रदेश में 32 मौतें हुई हैं.

देश में अब तक हुई कुल 1,09,856 मौतों में से महाराष्ट्र में 40,514, तमिलनाडु में 10,314, कर्नाटक में 10,036, उत्तर प्रदेश में 6,438, आंध्र प्रदेश में 6,256, दिल्ली में 5,809, पश्चिम बंगाल में 5,682, पंजाब में 3,860 और गुजरात में 3,574 मौतें हुई हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मौतें मरीजों में अन्य बीमारियों के कारण हुईं.मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा, ‘‘हमारे आंकड़ों का भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के आँकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है.’’

किसानों को अन्नदाता से आगे उद्यमी बनाने का हो रहा प्रयास: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा का विमोचन किया और कृषि व सहकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सरकार आज किसानों को अन्नदाता की भूमिका से आगे ले जाकर ‘‘उद्यमी’’ बनाने की ओर प्रयास कर रही है.

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी’ का नाम बदलकर ‘लोकनेते डॉ बालासाहेब विखे पाटिल प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी’ भी रखा.

इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस सहित विखे पाटिल परिवार के सदस्य भी शामिल हुए. इस अवसर पर अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि गांव, गरीब, किसान का जीवन आसान बनाना, उनके दुख, उनकी तकलीफ कम करना, विखे पाटिल के जीवन का मूलमंत्र रहा.

मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने सत्ता और राजनीति के जरिए हमेशा समाज की भलाई का प्रयास किया. उन्होंने हमेशा इसी बात पर बल दिया कि राजनीति को समाज के सार्थक बदलाव का माध्यम कैसे बनाया जाए, गांव और गरीब की समस्याओं का समाधान कैसे हो.’’

पाटिल कई बार लोकसभा के सदस्य रहे और 2016 में 84 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था.पूर्व की सरकारों पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद एक ऐसा भी दौर आया जब देश के पास पेट भरने को भी पर्याप्त नहीं था और उस दौर में सरकारों का पूरा जोर उत्पादन बढ़ाने पर रहा.

उन्होंने कहा, ‘‘उत्पादकता की चिंता में सरकारों का ध्यान किसानों के फायदे की ओर गया ही नहीं. उसकी आमदनी लोग भूल ही गए. लेकिन पहली बार इस सोच को बदला गया है. देश ने पहली बार किसान की आय की चिंता की है और उसकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किया है.’’

उन्होंने कहा कि चाहे वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लागू करने की बात हो या उसे बढ़ाने का फैसला, यूरिया की नीम कोटिंग हो या बेहतर फसल बीमा, सरकार ने किसानों की हर छोटी-छोटी परेशानियों को दूर करने की कोशिश की है.

उन्होंने कहा, ‘‘आज खेती को, किसान को अन्नदाता की भूमिका से आगे बढ़ाते हुए, उसको उद्यमी बनाने की तरफ ले जाने के लिए अवसर तैयार किए जा रहे हैं. कोल्ड चैन, मेगा फ़ूड पार्क और एग्रो प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी अभूतपूर्व काम हुआ है. गांव के हाटों से लेकर बड़ी मंडियों के आधुनिकीकरण से भी किसानों को लाभ होने वाला है.’’

मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत महाराष्ट्र में बरसों से लटकी 26 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए तेजी से काम किया गया. उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से 9 योजनाएं अब तक पूरी हो चुकी हैं. इनके पूरा होने से करीब-करीब 5 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिली है.’’

उल्लेखनीय है कि ‘प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी’ की स्थापना 1964 में अहमदनगर जिले के लोनी में की गई थी. इसका मकसद ग्रामीण जनता को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करना और बालिकाओं को सशक्त बनाना था. यह संस्था छात्रों के शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक विकास के मुख्य मिशन के साथ काम कर रही है.

 

 

SBI की ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस ठप, लेकिन ATM कर रहे हैं, काम बैंक ने कहा- धैर्य रखें जल्द शुरू होगी सेवा

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं ठप हो गई हैं. बैंक ने एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी है. हालांकि एटीएम और पीओएस मशीनें प्रभावित नहीं हैं. बैंक ने ट्वीट में लिखा है कि हम अपने ग्राहकों से अनुरोध करते हैं कि वे हमारे साथ बनें रहें. जल्द ही सामान्य सेवा फिर से शुरू हो जाएगी.

बैंक ने बताया कि कनेक्टिविटी इशू के कारण ग्राहकों को ऑनलाइन बैंकिंग सर्विसेज को यूज करने में दिक्कत आ रही है.लेकिन आप ATM से पैसे निकाल सकते हैं और कार्ड से शॉपिंग कर सकते हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ट्वीट करके अपने ग्राहकों से कहा है कि उसे असुविधा के लिए खेद है और ग्राहक थोड़ा सहयोग करें.

एसबीआई ने आगे कहा कि सेवाओं को दोपहर से पहले बहाल कर दिया जाएगा. कई एसबीआई ग्राहकों ने ग्लिच के बारे में माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर सूचित किया है. SBI के YONO ऐप उपयोगकर्ता भी ऐप के जरिए अपने खातों को यूज करने असमर्थ हैं.

एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा है कि बैंक को ट्विटर पर पोस्ट करने के बजाय यह महत्वपूर्ण नोटिस सभी ग्राहकों को एसएमएस के जरिए भेजा जाना चाहिए था.

 

Breaking News : विशाखापट्टनम में गैस लीक की खबर से उड़ी लोगों की नींद, जानिए पूरा मामला

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आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में सोमवार रात फिर से गैस लीक होने की ख़बर से लोगों में हड़कंप मच गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची. हालाँकि फैक्ट्री अधिकारियों ने गैस लीक से इनकार किया है, लेकिन फिर भी ऐहतियातन जांच की जा रही है. वहीं गैस लीक की खबर के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.

मिली जानकारी के मुताबिक गजुवाका के पिलकवनिपलेम और कुंचुम्बा कॉलोनी के लोगों ने सोमवार रात को फैक्ट्री से गैस लीक होने की बात कही. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. इस दौरान काफी जांच के बाद भी गैस लीक की बात सामने नहीं आई.

आपको बता दें कि मई की शुरूआत में आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में गैस लीक का बड़ा मामला सामने आया था. उस दौरान आरआर वेंकटपुरम में स्थित एलजी पॉलिमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में गैस लीक हो गई थी. जिसमें 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 200 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था. बाद में गुजरात से स्पेशल केमिकल मंगवाकर हालात पर काबू पाया गया था.

खुशखबरी : त्‍यौहारी मौसम में 200 विशेष ट्रेनें चलाएगा रेलवे, 15 अक्‍टूबर से होगी शुरुआत

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आगामी त्योहारों को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे  ने 15 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 200 विशेष ट्रेनें चलाने का फ़ैसला लिया है. आपको बता दें कि  कि रेलवे ने फिलहाल सभी सामान्य यात्री ट्रेनों को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया है. ये ट्रेनें कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन लागू होने के बाद से 22 मार्च से रद्द हैं. बाद में रेलवे ने दिल्ली को देश के विभिन्न भागों से जोड़ने वाली 15 विशेष राजधानी एक्‍सप्रेस ट्रेनों ट्रेनें का संचालन 12 मई से, और लंबी दूरी की 100 ट्रेनों का संचालन एक जून से शुरू किया था. 12 सितंबर से रेलवे 80 अतिरिक्त ट्रेनें भी चला रहा है. रेलवे ने राज्य सरकारों की जरूरतों और महामारी के हालात को देखते हुए यात्री सुविधाओं की रोज समीक्षा करने का फैसला लिया है.

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ वीके यादव ने इस माह के शुरुआत में बताया था कि हमने जोन के महाप्रबंधकों के साथ बैठक कर निर्देश दिया है कि वे स्थानीय प्रशासन से बातचीत कर कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करें. उनसे रिपोर्ट मांगी गयी है और इसी आधार पर फैसला होगा कि त्यौहारी सीजन में कितनी विशेष ट्रेनें चलायी जाएं. फिलहाल हमारा अनुमान है कि करीब 200 ट्रेनें चलेंगी, लेकिन यह संख्या और ज्यादा भी हो सकती है.”उन्होंने कहा था, ‘‘जहां तक यात्री ट्रेनों की बात है, हम ट्रेनों की जरूरत, रेल ट्रैफिक और कोविड-19 के हालात की रोज समीक्षा करेंगे. जहां भी जरूरत होगी, हम ट्रेनें चलाएंगे.