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मुंबई में ‘पॉवर कट’ को लेकर मचे शोर पर भड़के सोनू सूद, कही ये बात…

मुंबई में पॉवर कट पर सोशल मीडिया पर मचे बवाल पर फ़िल्म अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) ने आईं देश को आईंना दिखाया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि मुंबई में दो घंटे से बिजली आई तो पूरे देश को पता चल गया. लेकिन ऐसे कई घर हैं, जहां दो घंटों के लिए भी बिजली नहीं मिलती है. सोनू सूद का यह ट्वीट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग जमकर उनके ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

सोनू सूद ने ट्वीट करते हुए लिखा, “मुंबई में दो घंटे से बिजली नहीं है तो पूरे देश को पता चल गया. लेकिन आज भी देश में ऐसे बहुत से घर हैं, जिन्हें दो घंटों के लिए भी बिजली नहीं मिलती है. इसलिए कृप्या धैर्य रखें.”

आपको बता दें कि मुंबई में पॉवर कट की समस्या को लेकर बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी ट्वीट किया था. उन्होंने अपने ट्वीट में लोगों को शांत रहने की सलाह भी दी थी.

बताया जा रहा है कि  ‘TATA द्वारा की जा रही  बिजली सप्लाई में कुछ दिक्कत आने की वजह से मुंबई के लोगों को पॉवर कट की समस्या का सामना करना पड़ा था. साथ ही ट्रेनों का संचालन भी ठप हो गया था. कई इलाकों में ट्रैफिक सिगनल भी काम नहीं कर रहे थे. पश्चिमी रेलवे ने बताया कि यह Tata Power में एक ग्रिड में गड़बड़ी आने के चलते हुआ है.

सावधान : करेंसी नोट और स्मार्टफोन पर 28 दिनों तक दिनों तक जीवित रह सकता है कोरोना वायरस

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ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय विज्ञान एजेंसी (Australian National Science Agency) द्वारा किये गए एक प्रयोगशाला अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के लिये जिम्मेदार नया कोरोना वायरस (Coronavirus) बैंकनोट (Banknote), स्मार्टफोन स्क्रीन (Smartphone Sceens) के शीशों और स्टेनलेस स्टील (Stailness Steel) जैसी सामान्य सतहों पर 28 दिनों तक जीवित रह सकता है. वायरोलॉजी जर्नल (Virology Journal) में प्रकाशित अध्ययन के नतीजे दिखाते हैं कि सार्स-सीओवी-2 (SARS- Cov-2) लंबे समय तक सहतों पर संक्रामक बना रह सकता है और ऐसे में एक बार फिर से स्वच्छ आदतों जैसे नियमित रूप से हाथ धुलना और सतहों को साफ करने की आवश्यकता का महत्व रेखांकित हुआ है.

ऑस्ट्रेलियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिपेयर्डनेस (एसीडीपी) में हुए शोध में पाया गया कि सार्स-सीओवी-2 कम तापमान और गैर छिद्रयुक्त व चिकनी सतहों जैसे शीशा, स्टेनलेस स्टील, प्लास्टिक की शीट आदि पर छिद्रयुक्त जटिल सतहों के मुकाबले लंबे समय तक जीवित रहता है. ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय विज्ञान एजेंसी सीएसआईआरओ में शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि प्लास्टिक के बैंक नोट के मुकाबले कागज के करेंसी नोट पर कोरोना वायरस ज्यादा समय तक मौजूद रहता है.

सीएसआईआरओ के मुख्य कार्यकारी लैरी मार्शल ने कहा, “किसी सतह पर वायरस कितने लंबे समय तक बना रहता है यह स्थापित हो जाने से हम इसके प्रसार और शमन को लेकर ज्यादा सटीक भविष्यवाणी कर पाएंगे और लोगों को बचाने का काम बेहतर तरीके से करेंगे.”

एसीडीपी की उप निदेशक डेबी ईगल्स ने कहा, “20 डिग्री सेल्सियस पर जो कि लगभग सामान्य कमरे का तापमान है, हमने पाया कि वायरस बेहद मजबूत था, मोबाइल फोन की स्क्रीन के शीशे, प्लास्टिक बैंकनोट जैसी चिकनी सतहों पर 28 दिनों तक जीवित रहता है.” प्रयोग के दौरान जैसे-जैसे तापमान बढ़ाया गया, इनके जीवित रहने का समय कम हुआ.

बता दें भारत में कोविड-19 के 66,732 नये मामले सामने आने के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 71 लाख के पार पहुंच गयी, जबकि बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या 61 लाख हो गई है, जिससे देश में मरीजों के स्वस्थ होने की दर 86.36 प्रतिशत पर पहुंच गई.

बिहार: भारत- नेपाल सीमा पर 20 करोड़ की चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार

बिहार के पश्चिम चंपारण (West Champaran) जिला के कंगली थाना अंतर्गत धुतहां मठ (Dhuthaan Math) के नजदीक सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टीम ने शनिवार रात एक पिकअप वैन से करीब 20 करोड़ रुपये की कीमत वाली 50 किलोग्राम चरस जब्त की है. इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है. सेनुवरिया एसएसबी कैंप (Senuvaria SSB Camp) के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार ने रविवार को बताया कि पड़ोसी देश नेपाल से चरस की एक बड़ी खेप भारत लाए जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार रात को भारत-नेपाल सीमा के पास भारतीय क्षेत्र की मसवास पंचायत के धुतहां मठ के नजदीक नाकेबंदी की गई. इस दौरान नेपाल से आ रही पिकअप वैन की तलाशी में 50 किलोग्राम चरस बरामद की गई.

उन्होंने बताया कि जब्त चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है. राजकुमार ने बताया कि जब्त चरस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है जिसकी पहचान सेमरा घाट गांव निवासी इसराफिल अंसारी के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि जब्त चरस व तस्कर को रक्सौल एसएसबी मुख्यालय को सौंप दिया गया है. तथा चरस जब्ती की सूचना एनसीबी, पटना को दे दी गई है.

बता दें कि कल कुछ इसी तरह की खबर उत्तराखंड में सामने आई थी. देहरादून पुलिस (Dehradun Police) ने ‘ऑपरेशन सत्य ‘ के तहत दो शातिर तस्करों को 504 ग्राम स्मैक (Smack) के साथ आईएसबीटी फ्लाईओवर (ISBT Flyover) से गिरफ्तार किया था. पकड़ी गई स्मैक करीबन 60 लाख की बताई जा रही है. दोनों आरोपी बरेली से स्मैक लाकर देहरादून के एक पेडलर को देने जा रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को संदेह होने पर आईएसबीटी से गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपी बेहद ही शातिर हैं और मुरादाबाद (Moradabad) के रहने वाले हैं.

मामले की जानकारी देते हुए डीआईजी अरुण मोहन जोशी (DIG Arun Mohan Joshi) ने बताया कि दोनों आरोपी बरेली से स्मैक लाकर देहरादून में पैडलर को डिलीवर करने वाले थे. वहीं, पुलिस द्वारा आरोपियों के अपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि बरेली से देहरादून बड़ी मात्रा में स्मैक की सप्लाई को रोकने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. वहीं, आरोपियों का कहना है कि पहली बार पैसा कमाने के उद्देश्य से स्मैक लेकर आये थे.

महाराष्ट्र में किशोरी के साथ रेप मामले में पिता और प्रेमी गिरफ्तार

महाराष्ट्र के ठाणे में 17 साल की एक लड़की से कथित तौर पर बलात्कार करने वाले उसके पिता और प्रेमी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश गौरव ने कहा कि तीन दिन पहले, पुलिस को ठाणे के वाशिंद शहर में सड़क किनारे एक मृत भ्रूण मिला था. मामले की जांच के दौरान, यह पता चला कि भ्रूण पीड़िता का था. उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पिता और प्रेमी ने कई बार उसका कथित तौर पर बलात्कार किया, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई. पुलिस को यह भी पता चला कि पीड़िता और उसका परिवार पहले पास के नवी मुम्बई के पनवेल में रहता था. अधिकारी ने बताया कि पीड़िता 21 वर्षीय आरोपी से परिचित थी जो पनवेल में उसका पड़ोसी था और दोनों में संबंध थे. पीड़िता के बयान के आधार पर, उसके पिता और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) और बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि मामले में आगे की जांच के लिए आरोपी की डीएनए जांच करायी जाएगी.

सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच के लिये याचिका पर सुनवाई टली

उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान (Disha Salian)की मौत की घटना की अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच के लिये याचिका पर सोमवार को सुनवाई एक सप्ताह के लिये स्थगित कर दी क्योंकि इस मामले में कोई वकील पेश नहीं हुआ.

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से यह मामला सुनवाई के लिये सूचीबद्ध था.

पीठ ने सवाल किया, ‘‘इस मामले में कोई पेश नहीं हो रहा है? पिछली तारीख पर भी कोई पेश नहीं हुआ था? हमें क्या करना चाहिए? हमने पिछली तारीख पर ही कहा था कि आपको बंबई उचच न्यायालय जाने के बारे में विचार करना चाहिए.’’

इस टिप्पणी के साथ ही पीठ ने पुनीत कौर ढांडा की जनहित याचिका एक सप्ताह के लिये स्थगित कर दी.

दिशा सालियान की मौत की घटना की न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच के लिये दायर इस याचिका में यह अनुरोध भी किया गया है कि मुंबई के शीर्ष पुलिस अधिकारी को इस मामले की जांच की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने का निर्देश दिया जाये.

अधिवक्ता पुनीत ढांडा के माध्यम से दायर इस याचिका में दावा किया गया है कि सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की मौत की घटनायें परस्पर जुड़ी हैं क्योंकि दोनों ही संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई हैं. याचिका के अनुसार, ‘‘सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद दिशा सालियान और सुशांत की मौत के बीच तरह तरह की साजिश की कहानियों का बाजार गर्म है। दोनों ही अपने अपने क्षेत्र में सफलता की बुलंदी पर थे जब उनकी मृत्यु हुयी.’’

दिशा सालियान (28) की आठ जून को मुंबई के मलाड (पश्चिम) में एक रिहाइशी इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गयी.इसके चंद दिन बाद ही 14 जून को 34 वर्षीय सुशांत मुंबई के उपनगर बांद्रा में अपने अपार्टमेन्ट में छत से लटके मिले.

सुशांत की मौत के मामले की जांच शुरू में मुंबई पुलिस कर रही थी. बाद में अगस्त महीने में उच्चतम न्यायालय ने इसे सीबीआई को सौंप दिया था. याचिका में कहा गया है कि अगर शीर्ष अदालत मुंबई पुलिस की जांच रिपोर्ट के अवलोकन के बाद उससे संतुष्ट नहीं होती है तो इसे सीबीआई को हस्तांतरित कर देना चाहिए.

 

कर्मचारियों को LTC के एवज में नकद वाउचर देगी सरकार, अर्थव्यवस्था में मांग को मिलेगा प्रोत्साहन

अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस साल अपने कर्मचारियों को अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) के एवज में नकद वाउचर देने की घोषणा की है. इन वाउचर का इस्तेमाल सिर्फ ऐसे गैर-खाद्य सामान खरीदने के लिए किया जा सकता है जिनपर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगता है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि कर्मचारी उन वाउचर का इस्तेमाल ऐसे उत्पाद खरीदने के लिए कर सकते हैं जिन पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत या अधिक है.

प्रत्येक चार साल में सरकार अपने कर्मचारियों को उनकी पसंद के किसी गंतव्य की यात्रा के लिए एलटीसी देती है. इसके अलावा एक एलटीसी उन्हें उनके गृह राज्य की यात्रा के लिए दिया जाता है.

सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से कर्मचारियों के लिए इस साल यात्रा करना मुश्किल है. ऐसे में सरकार ने उन्हें नकद वाउचर देने का फैसला किया है. इसे 31 मार्च, 2021 तक खर्च करना होगा.

एलटीसी के लिए सरकार 5,675 करोड़ रुपये खर्च करेगी. वहीं केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों तथा बैंकों को 1,900 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे.

वित्त मंत्री ने कहा कि इस कदम से 19,000 करोड़ रुपये की मांग पैदा होगी. यदि आधे राज्यों ने इस दिशानिर्देश का पालन किया तो 9,000 करोड़ रुपये की मांग और पैदा होगी.

राज्यों को पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 12,000 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त कर्ज देगी केन्द्र सरकार

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आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये केन्द्र सरकार राज्यों को 12,000 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज उपलब्ध करायेगी. कर्ज 50 साल की अवधि का होगा और यह पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च करने के लिये दिया जायेगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अचानक बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में इस योजना की घोषणा करते हुये कहा कि 12,000 करोड़ रुपये की राशि में से 1,600 करोड़ रुपये पूर्वोत्तर राज्यों को और 900 करोड़ रुपये उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को दिए जाएंगे.

उन्होंने बताया कि 7,500 करोड़ रुपये की राशि शेष राज्यों को दी जाएगी. वहीं 2,000 करोड़ रुपये उन राज्यों को दिए जाएंगे जिन्होंने पहले बताये गये सुधारों को पूरा कर लिया होगा.

सीतारमण ने योजना के बारे में जानकारी देते हुये कहा कि पूरी राशि नई या मौजूदा पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च की जा सकेगी. सीतारमण ने कहा कि राज्य ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए बिलों का निपटान भी इससे कर सकते हैं, लेकिन पूरी राशि का भुगतान 31 मार्च, 2021 से पहले करना होगा.

उन्होंने कहा कि यह कर्ज राज्यों की उधारी सीमा से अलग होगा. 50 साल बाद राज्यों को इसका भुगतान एक बार में करना होगा.

वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा 25,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त पूंजीगत व्यय की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह अतिरिक्त राशि सड़क, रक्षा ढांचे, जलापूर्ति और शहरी विकास पर खर्च की जाएगी. यह 4.13 लाख करोड़ रुपये के निर्धारित बजट के अतिरिक्त होगी.

सुरक्षित, समृद्ध भारत के सपने को हम आत्मनिर्भर भारत की सफलता से पूरा करेंगे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा की संस्थापक सदस्य रहीं ग्वालियर की राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में 100 रुपये का स्मृति सिक्का जारी किया और कहा कि सुरक्षित, समृद्ध भारत के उनके सपने को केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत की सफलता से पूरा करेगी.

वीडियो कांफ्रेंस से आयोजित इस समारोह में सिंधिया परिवार के सदस्यों के साथ-साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपालों सहित देश के अन्य भागों से कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया.

इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए कश्मीर को लेकर या फिर अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए उनके संघर्ष हों, उनकी जन्मशताब्दी के साल में ही उनके ये सपने भी पूरे हुए.

राजमाता सिंधिया को त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति बताते हुए मोदी ने कहा कि उनके पास सभी सुख सुविधाएं उपलब्ध थीं, इसके बावजूद उन्होंने आम लोगों और गांव, गरीब के साथ जुड़कर जीवन जिया उनके लिए अपना जीवन समर्पित किया.

उन्होंने कहा, ‘‘राजमाता ने साबित किया कि जनप्रतिनिधि के लिए राजसत्ता नहीं, जनसेवा सबसे महत्वपूर्ण है. वह एक राज परिवार की महारानी थी लेकिन राष्ट्र के भविष्य के लिए राजमाता ने अपना वर्तमान समर्पित कर दिया था. देश की भावी पीढ़ी के लिए उन्होंने अपना हर सुख त्याग दिया था. राजमाता ने पद और प्रतिष्ठा के लिए न कभी जीवन जिया ना ही कभी राजनीति की.’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘राजमाता के आशीर्वाद से देश आज विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। गांव, गरीब, दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित, महिलाएं आज देश की पहली प्राथमिकता में हैं. राजमाता के सपनों को पूरा करने के लिए हम सभी को इसी गति से आगे बढ़ना है. सुरक्षित और समृद्ध भारत उनका सपना था और उनके सपनों को हम आत्मनिर्भर भारत की सफलता से पूरा करेंगे.’’

मोदी ने कहा कि राजमाता सिंधिया ने एक पाठ यह भी पढ़ाया कि जन सेवा के लिए किसी ‘‘खास परिवार’’ में जन्म लेना ही जरूरी नहीं होता. उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी साधारण से साधारण व्यक्ति जिसके भीतर योग्यता है, प्रतिभा है, देश सेवा की भावना है, वह इस लोकतंत्र में सत्ता को भी सेवा का माध्यम बना सकता है.’’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान राजमाता के जीवन से जुड़ी अपनी यादें भी साझा की और कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजादी के इतने दशकों तक, भारतीय राजनीति के हर अहम पड़ाव की वो साक्षी रहीं.उन्होंने कहा, ‘‘आजादी से पहले विदेशी वस्त्रों की होली जलाने से लेकर आपातकाल और राम मंदिर आंदोलन तक, राजमाता के अनुभवों का व्यापक विस्तार रहा है.’’ उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग ही है उनकी जन्म शताब्दी के साल में ही कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने जो संघर्ष किया था, उनका यह सपना भी पूरा हुआ.

केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इस मौके पर कहा कि राज परिवार में जन्म लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षण करने वालीं राजमाता विजया राजे सिंधिया एक विरल व्यक्तित्व थीं.उन्होंने कहा, ‘‘वे वात्सल्य की प्रतिमूर्ति थीं. अपने सार्वजनिक जीवन में उन्होंने गरीबों, वंचितों, पीड़ितों के लिए निरंतर कल्याणकारी कार्य किए.’’

विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर राजघराने की राजमाता होने के साथ-साथ भाजपा की संस्थापक सदस्यों में से एक रही थीं। वह पांच बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा की सदस्य निर्वाचित हुई थीं.

विजया राजे सिंधिया का जन्म 12 अक्टूबर 1919 को मध्य प्रदेश के सागर में हुआ था. उनके बेटे माधव राव सिंधिया कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया उनकी पुत्री हैं. माधव राव के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद अब भाजपा में शामिल हो गए हैं.

 

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भारत में कोविड-19 के 66,732 नये मामले सामने आने से संक्रमण के मामले 71 लाख के पार पहुंचे

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भारत में कोविड-19 के 66,732 नये मामले सामने आने के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 71 लाख के पार पहुंच गयी, जबकि बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या 61 लाख हो गई है, जिससे देश में मरीजों के स्वस्थ होने की दर 86.36 प्रतिशत पर पहुंच गई.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार यह जानकारी सामने आयी है. सुबह आठ बजे अद्यतन किये गये आंकड़ों के मुताबिक, कोविड-19 के कुल मामले बढ़कर 71,20,538 हो गए हैं. एक दिन में संक्रमण के कारण 816 और मौत होने से इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 1,09,150 तक पहुंच गई.

लगातार चौथे दिन कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या नौ लाख से नीचे रही.जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 8,61,853 है, जो कि कुल मामलों का 12.10 प्रतिशत है.

कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में मृत्यु दर 1.53 प्रतिशत है. भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे. यह 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख की संख्या को पार कर गया.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में 11 अक्टूबर तक कुल 8,78,72,093 नमूनों की जांच हो चुकी है। रविवार को 9,94,851 नमूनों की जांच की गई.

देश में हुई 816 मौत में से 309 मौत महाराष्ट्र में हुई, जबकि कर्नाटक में 75, तमिलनाडु में 65, पश्चिम बंगाल में 59, उत्तर प्रदेश में 41, पंजाब में 35, आंध्र प्रदेश में 30 और दिल्ली में 29 मरीजों की मौत हुई है.

देश में अब तक हुई कुल 1,09,150 मौत में से 40,349 महाराष्ट्र में, 10,252 तमिलनाडु में, 9,966 कर्नाटक में, 6,394 उत्तर प्रदेश में, 6,224 आंध्र प्रदेश में, 5,769 दिल्ली में, 5,622 पश्चिम बंगाल में, 3,833 पंजाब में और 3,566 गुजरात में हुई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मौत अन्य बीमारियों के कारण हुईं.

 

IPL 2020, SRH vs RR : राहुल तेवतिया और रियान पराग की बल्लेबाजी के कायल हुए वॉर्नर, कही ये बात

राजस्थान रॉयल्स से करीबी मुकाबले में मात खाने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर ने राहुल तेवतिया और रियान पराग की तारीफ की है. इन्हीं दो बल्लेबाजों ने हैदराबाद के पाले से मैच छीन लिया. 159 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान ने अपने पांच विकेट 100 रनों से पहले ही खो दिए थे और वह मुसीबत में थी लेकिन इन दोनों ने छठे विकेट के लिए 86 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई.

मैच के बाद वार्नर ने कहा, “हम जीत नहीं सके लेकिन यह क्रिकेट में होता है. राशिद को हमने पहले भी बाद के लिए रोका है. हमने उन्हें और टी.नटराजन को रोका, लेकिन तेवतिया और पराग शानदार खेले.”

उन्होंने कहा, “हमने कुछ फैसले सही नहीं लिए। हमने गलत लाइन पर भी गेंदबाजी की. इस हार से कई सकारात्मक चीजें भी सीखने को मिली हैं और हम अगले मैचों में उन पर काम करेंगे.”

राजस्थान की ओर से रियान पराग ने 26 गेंदों पर दो चौके और दो छक्कों की मदद से नाबाद 42 और राहुल तेवतिया ने 28 गेंदों पर चार चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 45 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। इस तरह दोनों के बीच 85 रनों की नाबाद साझेदारी हुई जिससे राजस्थान ने जीत हासिल की. हैदराबाद की ओर से खलील अहमद और राशिद खान ने दो-दो विकेट लिए.

इस तरह टूर्नामेंट में अभी 7 मैचों में 3 जीत और 4 हार के साथ 6 अंक लेकर राजस्थान अब 6वें स्थान पर है। जबकि 7 मैचों में 3 जीत और 4 हार के साथ 6 अंक लेकर हैदराबाद की टीम बेह्तर रन रेट के कारण 5वें स्थान पर है.