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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 : 28 अक्टूबर से तीन चरणों में होगा मतदान, 10 नवंबर को नतीजों का ऐलान

चुनाव आयोग ने बिहार में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि तीन चरणों में राज्य में चुनाव कराए जाएंगे. पहला चरण का चुनाव 28 अक्टूबर 2020 को होगा, दूसरे चरण का 3 नवंबर और तीसरे चरण का चुनाव 7 नवंबर को कराया जाएगा. चुनाव आयोग के अनुसार विधान सभा चुनावों के नतीजों का ऐलान 10 नवंबर 2020 को किया जाएगा.

आपको बता दें कि जहां पहले चरण में जहां 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान होगा, तो वहीं दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर मतदान किया जाएगा. इसके अलावा तीसरे और अंतिम चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर मतदाता अपने मताअधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.

पहला चरण: 28 अक्टूबर 2020- 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान
दूसरा चरण: 03  नवंबर  2020- 17 जिलों की 94 सीटों पर मतदान
तीसरा चरण: 07 नवंबर 2020- 15 जिलों की 78 सीटों पर मतदान
चुनाव के नतीजे- 10 नवंबर 2020

हालाँकि कई दलों राजनीतिक दलों ने मौजूदा हालत को देखते हुए चुनाव की तारीखों को आगे बढ़ाने की माँग की थी. मुख्य आय़ुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि कोरोना काल में लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग इसके लिए पूरी तरह से तैयार है. चुनाव कार्यक्रम बनाते वक्त का इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कोरोना काल में देश का ही नहीं, बल्कि दुनिया का यह पहला बड़ा चुनाव होने जा रहा है. बिहार में 243 विधानसभा सीटें हैं. उन्होंने बताया कि चुनाव में हमने एक पोलिंग बूथ पर वोटरों की संख्या 1500 को घटाकर 1000 करने का फैसला किया है. चुनाव आयुक्त के अनुसार मौजूदा हालात को देखते हुए वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है. नक्सल प्रभावित इलाकों को छोड़ दिया जाए तो बाकि के इलाकों में मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया है.

भारत बंद के बीच कृषि बिल पर विपक्ष के विरोध पर भड़के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बताया राजनीतिक स्वार्थ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संसद द्वारा पारित कृषि सुधार विधेयकों को लेकर सरकार पर निशाना साधने पर विपक्षी दलों को शुक्रवार को आड़े हाथ लिया और कहा कि जिन्होंने दशकों तक किसानों के नाम पर सिर्फ नारे लगाए और ‘खोखले’ वादे किए वे आज अपने ‘राजनीतिक स्वार्थ’ के लिए उन्हीं के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं.

भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने यह बात कही. संसद में पारित कृषि सुधार से संबंधित विधेयकों को किसानों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने वाला करार देते प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर छोटे-छोटे किसानों से मिलें और कृषि विधेयकों के फायदों से उन्हें अवगत कराएं.

उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि उनकी सरकार ने बहुत ही कम समय में पिछले चुनाव में किए गए बड़े वादों को पूरा करने का काम किया है, जिनमें जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त किया जाना और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शामिल हैं.

प्रधानमंत्री ने कृषि सुधार संबंधी विधेयकों पर विपक्ष के विरोध को राजनीतिक स्वार्थ बताते हुए आरोप लगाया कि वे (विपक्ष) अफवाहें फैलाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं.

मोदी ने कहा, ‘बहुत ही कम समय के भीतर हमने दशकों से चले आ रहे मामलों को निपटाया है. अनेक बड़े वादों को पूरा किया है. भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में जिस संकल्प पत्र को लेकर आप घर-घर, द्वार-द्वार गए थे, आज जब देखेंगे तो पाएंगे कि कितनी तेजी से काम किया जा रहा है.’

उन्होंने कहा कि ‘हर घर जल’ की योजना हो या हर गांव तक तेज इंटरनेट का वादा, ये करोड़ों देशवासियों के जीवन को आसान बनाने वाले हैं.उन्होंने कहा, ‘इसमें अनुच्छेद 370, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जैसे वो वादे भी शामिल हैं जो दशकों की हमारी तपस्या के आधार रहे हैं.’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘संकल्प सिद्ध करने की हमारी ताकत को बनाए रखना है.’

मोदी ने कहा कि आजादी के बाद अनेक दशकों तक किसान और श्रमिक के नाम पर खूब नारे लगे, बड़े-बड़े घोषणा पत्र लिखे गए लेकिन समय की कसौटी ने सिद्ध कर दिया है कि वो सारी बातें कितनी खोखली थीं. मोदी ने ये बातें ऐसे समय में कही हैं जब देश के कई हिस्सों, खासकर पंजाब और हरियाणा में किसान संगठन कृषि से संबंधित तीन विधेयकों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 तथा कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 हैं.

उन्होंने कहा, ‘राष्ट्र हित और जनहित के बजाय सत्ता को राजनीति का हिस्सा बना लिया गया और कुछ लोगों ने किसानों और श्रमिकों के नाम पर देश में और राज्यों में अनेक बार सरकारें बना ली. लेकिन उन्हें मिला क्या? सिर्फ वादों और कानूनों का उलझा हुआ एक ऐसा जाल जिसे ना तो किसान समझ पाता था, ना ही श्रमिक भाई-बहन समझ पाते थे.’

उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसे कानूनों में उलझा कर रखा गया जिसके कारण वह अपनी ही उपज को अपने मन मुताबिक बेच भी नहीं सकता था.मोदी ने कहा, ‘सिर्फ नारे थे, खोखले वादे थे. देश अब इन बातों को भलीभांति जानता है.’

कांग्रेस व किसी अन्य दल का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि ‘झूठ बोलने वाले’ कुछ लोग इन दिनों अपने ‘राजनीतिक स्वार्थ’ की वजह से किसानों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं, उन्हें भ्रमित कर रहे हैं और अफवाहें फैला रहे हैं.

उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे किसानों को ऐसी किसी भी अफवाह से बचाएं और कृषि सुधार संबंधी विधेयकों के महत्व को उन्हें समझाएं.

उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय में भाजपा के हम सभी कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा कर्तव्य है. हमारी जिम्मेवारी है. क्योंकि हमें किसान के भविष्य को उज्ज्वल बनाना है. हम किसानों को कृषि सुधार की बारीकियों के बारे में जितना समझाएंगे उतना ही किसान जागरूक होगा और किसी प्रकार के भ्रम में नहीं पड़ेगा.’

मोदी ने कहा कि किसानों को कर्ज लेने की मजबूरी से बाहर निकालने के लिए उनकी सरकार ने कई अहम फैसले पूरी ताकत से लिए हैं.उन्होंने कहा, ‘अब दशकों बाद किसान को अपनी उपज पर सही हक मिल पाया है. कृषि में जो सुधार किए गए हैं उनका सबसे ज्यादा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की तरह ही दशकों तक देश के श्रमिकों को भी कानूनों के जाल में उलझा कर रखा गया. श्रम सुधार कानूनों के तहत राजग की सरकार ने श्रमिकों के स्वास्थ्य, उनकी सुरक्षा, उनके वेतन को लेकर कानूनों को सरल और सहज बनाया है.उन्होंने कहा, ‘नए कानूनों के माध्यम से लगभग 50 करोड़ संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वेतन मिले, वह भी समय पर, इसे कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है.’

श्रमिक सुधार विधेयकों की खूबियों की विस्तार से जानकारी देते हुए मोदी ने दावा किया, ‘हमें श्रमिकों के आशीर्वाद मिलने वाले हैं. नए प्रावधानों से श्रमिकों का सामाजिक सुरक्षा कवच और मजबूत होगा. नए प्रावधान देश के उद्योगों के लिए भी एक प्रकार से काम करना सरल और आसान बनाएंगे. संगठित क्षेत्र का दायरा भी बढ़ेगा.’

भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्य सभा में नेता सदन थावरचंद गहलोत सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ पार्टी नेताओं की मौजूदगी के बीच प्रधानमंत्री ने रेहड़ी-पटरी वालों के लिए हाल ही में शुरू की गयी सामाजिक सुरक्षा योजना, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण के प्रावधान को 10 और साल के लिए बढ़ाए जाने तथा सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था किए जाने का जिक्र भी किया.

उन्होंने कहा, ‘गरीब, श्रमिक, महिलाएं, किसान, इनका आत्मसम्मान, इनका आत्मगौरव ही आत्मनिर्भर भारत की प्राण शक्ति है. भारत की प्रेरणा है. इन्हीं से भारत की प्रगति संभव है. भाजपा की हर सरकार चाहे वह केंद्र में हो या राज्य में, यही प्रयास कर रही हैं कि समाज के सभी बंधुओं को सही अवसर मिले. कोई खुद को छूटा हुआ महसूस ना करे.’

उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय की प्रेरणा से आगे बढ़ने वाली भाजपा का ‘वैचारिक तंत्र और राजनीतिक मंत्र साफ है. गोलमोल नहीं है. हमने उसे जी करके दिखाया है. हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि ही हमारा मंत्र है. यही हमारा कर्म है. हमारे सारे काम इसी एक मंत्र में समाहित हैं.’

दुर्गा पूजा 2020 : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जारी किया दिशानिर्देश, सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द

कोरोना महामारी को देखते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को दुर्गा पूजा उत्सव के लिए दिशानिर्देश जारी किया है. इस दौरान उन्होंने सभी दुर्गा पूजा आयोजकों से अनुरोध किया कि वो पंडाल में कोरोना को देखते हुए उचित वायु-संचार के लिए पंडाल को चारों तरफ से खुला रखें. मुख्यमंत्रीममता बनर्जी ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर आगामी नवरात्रि से पहले भव्य दुर्गा पूजा कार्निवल और सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी रद्द कर दिया है.

सुरक्षा प्रोटोकॉल की घोषणा करते हुए, बनर्जी ने कहा कि पूजा समिति को उन सभी लोगों को सैनिटाइज करना होगा जो पंडालों का दौरा करेंगे, इसके साथ ही जो लोग मास्क न पहने हो उन्हें मास्क प्रदान करें. उन्होंने कहा कि पंडाल में आने वाले सभी लोगों के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य है.

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि “इस वर्ष दुर्गा पूजा कार्निवल का आयोजन नहीं किया जाएगा.” इस साल के उत्सव में पंडालों के अंदर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी अनुमति नहीं है.

ममता बनर्जी ने आगे घोषणा की कि दुर्गा पूजा समितियों को राज्य सरकार से अनुदान के रूप में प्रत्येक को 50,000 रुपये मिलेंगे और 80,000 फेरीवालों को पूजा से पहले 2000 रुपये का एकमुश्त अनुदान मिलेगा. दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल में मनाए जाने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है और राज्य में सप्ताह भर चलने वाले उत्सव 22 अक्टूबर से शुरू होगा.

सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देश

  • इस वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं है.
  • दुर्गा पूजा पंडालों में जाते समय सभी के लिए फेस मास्क अनिवार्य हैं. हैंड सैनिटाइज़र सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर उपलब्ध होना चाहिए.
  • COVID-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखने के लिए आयोजकों को अधिक स्वयंसेवक रखना चाहिए. स्वयंसेवकअनिवार्य रूप से फेस शील्ड पहने हो.
  • ‘अंजलि’ और ‘सिंदूर खेला’ जैसी रस्मों के लिए पर्याप्त स्लॉट रखें.
  • माइक पर मंत्रों की घोषणा हो ताकि लोग इसे दूर से भी सुन सकें.
  • विसर्जन के दौरान, सभा से बचने के लिए पूजा पंडालों को स्लॉट दिए जाएंगे. दुर्गा पूजा के लिए सिंगल विंडो अनुमति 2 अक्टूबर से शुरू होगी.
  • अग्निशमन दल कोई शुल्क नहीं लेंगे, कोलकाता नगर निगम की फीस (केएमसी) कोई फीस नहीं लेगा, सीईएससी (बिजली) की फीस दुर्गा पूजा पंडालों के लिए 50 प्रतिशत मुफ्त है.
  • हर पंडाल में सार्वजनिक घोषणा प्रणाली लगनी चाहिए. दुर्गा पूजा को बड़ी स्क्रीन पर दिखाना और वर्चुअल मंच पर पुरस्कार की घोषणा करना.

कृषि विधेयकों के समर्थन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “किसानों के भगवान हैं प्रधानमंत्री”

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “किसानों का भगवान’’ बताया और कहा कि संसद से पारित कृषि सुधार संबंधी विधेयकों से अन्नदाताओं की आय दोगुनी होगी. शिवराज सिंह चौहान ने इन विधेयकों के विरोध में उतरे विपक्षी दलों को “किसानद्रोही” करार दिया और आरोप लगाया कि वे बिचौलियों की पैरवी कर रहे हैं.

चौहान ने बुधवार रात यहां संवाददाताओं से कहा, “दूरदृष्टि से फैसले करने वाले प्रधानमंत्री किसानों के भगवान हैं. कृषि सुधारों से संबंधित तीनों विधेयक किसानों के लिए वरदान हैं जिनसे किसानों की आय दोगुनी होगी.” उन्होंने कहा, “इन विधेयकों का विरोध कर रहे विपक्षी दल अन्नदाताओं के शुभचिंतक नहीं, बल्कि किसानद्रोही हैं. वे किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन उनकी ये कोशिशें सफल नहीं होने दी जाएंगी.”

विपक्षी दलों पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर कोई निर्यातक अच्छे दाम देकर सीधे किसानों से गेहूं और धान खरीदता है, तो किसी बिचौलिये की जरूरत क्या है?विपक्षी दल बिचौलियों का समर्थन क्यों कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल कृषि विधेयकों को लेकर प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि किसानों के हितों का “अंधविरोध” कर रहे हैं.

नौसेना में पहली बार दो महिला अधिकारी वॉरशिप से करेंगी हेलीकॉप्टर का परिचालन

नौसेना के हेलीकॉप्टर बेड़े में पहली बार दो महिला अधिकारियों कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह को ‘ऑब्जर्वर’ (हवाई रणनीतिकार) के तौर पर चुना गया है जिससे अंतत: महिलाओं के अग्रिम मोर्चों पर मौजूद युद्धपोतों पर तैनाती का रास्ता साफ होगा.

सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह, भारत में पहली प्रभावी हवाई रणनीतिकार हैं, जो युद्धपोत से हेलीकॉप्टर का परिचालन करेंगी. इससे पहले महिलाओं का प्रवेश केवल जमीनी ठिकाने से उड़ान भरने वाले विमानों तक ही सीमित था.

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि दोनों महिला अधिकारी नौसेना के 17 अधिकारियों के समूह का हिस्सा हैं जिन्हें आईएनएस गरुड़ पर आज हुए समारोह में ‘ऑब्जर्वर’ के तौर पर पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद ‘विंग’ से सम्मानित किया गया. इस समूह में नौसेना की कुल चार महिला अधिकारी और भारतीय तटरक्षक बल के तीन अधिकारी शामिल हैं.

मंत्रालय ने बताया कि समूह में 13 अधिकारी नियमित बैच के थे जबकि चार महिला अधिकारी शॉर्ट सर्विस कमीशन बैच की थीं. समारोह की अध्यक्षता रियर एडमिरल एंटोनी जॉर्ज ने की, जो चीफ स्टाफ ऑफिसर (प्रशिक्षण) भी हैं. जॉर्ज ने ‘ऑब्जर्वर’ का पाठ्यक्रम पूरा करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया और प्रतिष्ठित विंग दिया.

इसके साथ ही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने छह अधिकारियों (महिला अधिकारी सहित नौसेना के पांच अधिकारी और एक तटरक्षक बल का अधिकारी) को सफलतापूर्वक योग्य नेविगेशन प्रशिक्षक पाठ्यक्रम पूरा करने पर प्रशिक्षक बैच से सम्मानित किया.

रियर एडमिरल एंटोनी ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि यह ऐतिहासिक मौका है जब पहली बार महिलाओं को हेलीकॉप्टर का प्रशिक्षण दिया गया है जिससे अंतत: अग्रिम मोर्चों पर मौजूद युद्धपोतों पर उनकी तैनाती का रास्ता साफ होगा. बयान के मुताबिक 91 वें नियमित पाठ्यक्रम में 22वें एसएससी ‘ऑब्जर्वर’ पाठ्यक्रम में हवाई नेविगेशन, उड़ान की प्रक्रिया, हवाईयुद्ध की रणनीति, पनडुब्बी रोधी युद्ध और विमान के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों संबंधी प्रशिक्षण दिया गया.

संजय राउत ने एनसीबी की जांच पर उठाया सवाल ? बॉलीवुड को बदनाम करने की कोशिश !

Sanjay Raut ने NCB की जांच पर उठाया सवाल ?बॉलीवुड को बदनाम करने की कोशिश ! Shivsena नेता संजय राउत ने एनसीबी की जांच पर ही सवाल खड़ा कर दिया है. ड्रग्स मामले में NCB की जांच पर तंज कसते हुए संजय राउत ने कहा कि बॉलीवुड में इस समय लॉकडाउन की वजह से कोई काम नहीं हो रहा है. कोई स्क्रिप्ट नहीं लिख रहा है, कोई फिल्म नहीं बना रहा है, कोई स्क्रीनप्ले नहीं लिख रहा है, सब सिर्फ ड्रग ले रहे हैं?

बॉलीवुड ड्रग्स कनेक्शन में भी कूदी शिवसेना,
नेता संजय राउत ने दिया बड़ा बयान,
बॉलीवुड को बदनाम करने की हो रही है कोशिश…

ड्रग का आरोप यूं ही किसी पर नहीं लगाया जाता जब तक कोई पुख्ता सबूत ना हो, लेकिन शायद संजय राऊत ही भूल गए हैं कि एनसीपी जिन कलाकारों की जांच कर रही है, जिनसे पूछताछ कर रही है उनके खिलाफ NCB के पास पुख्ता डिजिटल एविडेंस प्राप्त है.

एनसीबी किसी पर यूं ही आरोप नहीं लगा रही है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अब बॉलीवुड का Drugs कनेक्शन सियासी मोड़ लेता जा रहा है आपको बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत सुशांत सिंह मौत मामले में भी काफी बयान बाजी कर चुके हैं.

जिसे लेकर उनकी काफी आलोचना भी की गई थी और ऐसे में अब उनका drugs की जांच पर सवाल उठाना Drugs की जांच में फस रहे कलाकारों के सपोर्ट में बयान करना दर्शाता है कि वह इस मामले में जरूरत से ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं, जो महाराष्ट्र सरकार के लिए खतरनाक साबित हो सकती है.

मुंबई : भारी बारिश से सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित, मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मुंबई में कल शाम से हो रही तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तो वहीं बीएमसी ने आज अत्यावश्यक सेवाओं के अलावा बाकी सभी दफ्तरों और कंपनियों को बंद रखने का आह्वान किया है. लोगों से अपील की गई है कि जब बेहद जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें. मौसम विभाग की ओर से मूसलाधार बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए आज 23 सितंबर को बीएमसी ने अत्यावश्यक सेवाओ को छोड़कर अपने सभी आफिस को बंद करने का निर्णय लिया है.

मुंबई में 22 तारीख की सुबह आठ बजे से लेकर आज 23 सितंबर की सुबह आठ बजे तक औसत रूप से इतनी बारिश दर्ज हुई है.

गौरतलब है कि मुंबई में मंगलवार देर रात से शुरू हुई बारिश आज भी दिनभर परेशानी बढ़ा सकती है. बारिश की वजह से कई जगह जलभराव हो चुका है. मुंबई के निचले इलाके सायन, माटुंगा, किंग सर्कल, दादर में जल जमाव होने से लोगों की मुसीबत बढ़ी और आज भी सुबह काम पर जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

भारी बारिश से मंगलवार को भी दफ्तर जानेवालों का हाल बेहाल रहा. सायन रेलवे स्टेशन पर पानी भरा तो देर रात तक यात्री टीन शेड के नीचे बैठने को मजबूर हुए. पटरियों में पानी भरने की वजह से भी यात्रियों को काफी देर तक ट्रेन का इंतजार करना पड़ा.

वहीं दूसरी तरफ़ पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, कोंकण और गोवा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश या गरज के साथ बारिश की गतिविधियाँ संभव हैं. तटीय कर्नाटक, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य भागों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.

विदर्भ, आंतरिक महाराष्ट्र, गुजरात, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भागों, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. पंजाब, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव है.

Rani Chatterjee Viral Video: रानी चटर्जी ने इंटरनेट पर लगाया हॅाटनेस का तड़का

भोजुपरी एक्ट्रेस Rani Chatterjee के फोटो एवं वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे है. वायरल हो रहे इस वीडियो में रानी चटर्जी काफी बोल्ड अंदाज में दिखाई दे रही थी.

इस फोटो में रानी ने स्काई ब्लू कलर का स्कर्ट और टॅाप पहना हुआ है और बारिश के बीच सेक्सी पोज देते हुए फोटो क्लिक करवां रहीं हैं. इसीके साथ उन्होंने फोटो में कैप्शन लिखा ‘पानीयो पे छिटे उड़ाती हुई लड़की’. बता दें कि वह सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव रहती हैं. वह अपने फिल्म के सेट से भी अपनी अलग-अलग फोटो शेयर करती रहती हैं. ताकि उनकी नई फिल्म में उनके लूक को फैंस देख सकें. रानी अपने फिटनेस का बहुत ध्यान रखती हैं. वह जिम में वर्कआउट करते हुए कितनी बार वीडियो भी शेयर कर चूकी हैं. रानी के फैंस को उनकी हर अदा पर प्यार आता है. वह घंटो रानी की नई फोटो देखने के लिए उतावले होते हैं.

 
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पानीयो पे छिटे उड़ाती हुई लड़की Pc . Shrimaan shrimati #movie #sttils #picoftheday📷

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रानी ने अपनी वेब सीरीज को लेकर काफी सुर्खियां बटौरी. वह एमएक्स प्लेयर पर वेब सीरीज ‘मस्तराम’ में काफी बोल्ड किरदार करती नजर आईं. इसके साथ ही वह आगे भी ऐसे रोल करने को तैयार हैं. उनके इस रोल ने की दर्शकों के बीच काफी चर्चा है. रानी फिलहाल भोजपुरी फिल्म ‘लेडी सिंघम’ की शूटिंग कर रहीं हैं, जिसमें वह एक महिला पुलिस अधिकारी के रोल में नजर आएंगी. इस फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता शक्ति कपूर भी दिखाई देगें. इस फिल्म वह नेगेटिव रोल प्ले करते दिखेगें.
हालाँकि रानी ने कई बार ट्रोलिंग का भी सामना किया है. उनके वजन की वजह से लोग उनको ट्रोल करते हैं. चटर्जी ने 2003 में मनोज तिवारी के साभी भोजपुरी फिल्म ‘ससुरा बड़ा पैसावाला’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. फिल्म सफल रही और कई पुरस्कार जीते. 6 वें भोजपुरी अवार्ड्स 2013 में रानी को नागिन में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था.

RRB NTPC Exam 2020 :1.4 लाख रिक्तियों के लिए रेलवे एनटीपीसी भर्ती परीक्षा का एप्लीकेशन स्टेटस (Application Status) लिंक एक्टिवेट, ऐसे चेक करें स्टेट्स

15 दिसंबर से शुरू होने वाली RRB NTPC Exam 2020 (आरआरबी एनटीपीसी भर्ती परीक्षा2020) के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड ( आरआरबी) द्वारा एप्लीकेशन स्टेस चेक कर करने के लिए लिंक एक्टिव कर दिया गया है. उम्मीदवार आरआरबी की सभी क्षेत्रीय वेबसाइट्स पर जाकर अपना एप्लीकेशन स्टेंट्स चेक कर सकते हैं. इसके अलावा आरआरबी सभी उम्मीदवारों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर  एसएमएस और ईमेल के जरिए भी सूचित करेगा. विभिन्न पदों पर भर्ती के लिये परीक्षाओं का आयोजन 15 दिसंबर से शुरू किया जायेगा. ये जानकारी रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार (5 सितंबर) को दी थी. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट के मुताबिक, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) 15 दिसंबर, 2020 से CEN 01/2019 के तहत गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (NTPC), स्तर -1 पद और पृथक और मंत्रिस्तरीय श्रेणी के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित करेगा.

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव ने शनिवार (5 सितंबर) को कहा था कि रेलवे करीब 1.40 लाख पदों पर भर्ती के लिये 15 दिसंबर से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) कराना शुरू करेगा. उन्होंने कहा कि इन पदों के लिये करीब 2.42 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 35208 पद गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणी (एनटीपीसी) जैसे गार्ड, कार्यालय लिपिक, वाणिज्यिक लिपिक और अन्य, 1663 पद पृथक और मंत्रालयी श्रेणी जैसे आशुलिपिक आदि और 1,03,769 पद वर्ग-एक के हैं जिनमें पटरियों का रखरखाव करने वाले, प्वाइंटमैन आदि आते हैं.

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण अब तक परीक्षा आयोजित नहीं कराई जा सकी थी. यादव ने कहा, ‘तीनों श्रेणियों के पदों के लिये कंप्यूटर आधारित परीक्षा 15 दिसंबर से शुरू होगी और विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा जल्द ही की जाएगी.’ यादव ने कहा, हमनें विभिन्न श्रेणियों में 1,40,640 पदों पर भर्ती के लिये आवेदन आमंत्रित किये हैं. इनकी अधिसूचना कोविड से पहले जारी की गई थी. इन आवेदनों की जांच का काम पूरा हो गया था लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण कंप्यूटर आधारित परीक्षा पूरी नहीं हो सकी थी.

बता दें कि, वर्ष 2019 में एनटीपीसी, पृथक और मंत्रिस्तरीय श्रेणी और स्तर-1 पदों के लिए कुल 1 लाख 40 हजार 640 रिक्तियों को अधिसूचित किया गया था, जिसके लिए 2 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे. ऑनलाइन आवेदन 1 मार्च से 31 मार्च 2019 के बीच आमंत्रित किया गया था. आरआरबी गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणी के तहत 24,605 ​​ग्रेजुएट पदों और 10,603 अंडर-ग्रेजुएट पदों सहित 35,208 रिक्तियों के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) आयोजित करेगा. इनमें अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट, टाइम कीपर, ट्रेन क्लर्क, ट्रैफिक असिस्टेंट, गुड्स गार्ड, कमर्शियल कम टिकट क्लर्क, सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, कमर्शियल अपरेंटिस और स्टेशन मास्टर आदि शामिल हैं.

इससे पहले, RRB NTPC प्रथम चरण के कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के लिए अस्थायी महीने जून सितंबर 2019 से थे.  बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया में प्रथम चरण के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी), दूसरे चरण के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी), टाइपिंग स्किल टेस्ट / कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (जैसा कि लागू होता है) और दस्तावेज़ सत्यापन / मेडिकल परीक्षा शामिल होंगे.

चीन के साथ जारी तनाव के बीच DRDO को मिली बड़ी कामयाबी, ABHYAS का किया सफल परीक्षण

लद्दाख में चीन के साथ जारी तनाव के बीच रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मंगलवार को ओडिशा के बालासोर में ‘ABHYAS’ का सफल परीक्षण किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षण के दौरान विभिन्न रडारों और इलेक्ट्रो ऑप्टिक सिस्टम के जरिए इसकी निगरानी की गई.

बता दें कि अभ्यास एक लड़ाकू ड्रोन है और DRDO मंगलवार से पहले भी इसका परीक्षण कर चुका है. ‘ABHYAS’ ड्रोन को ऑटोपायलट मोड में स्वतंत्र उड़ान के लिए डिजाइन किया गया है. वहीं, इसके नेविगेशन के लिए देश में ही विकसित माइक्रो-इलेक्ट्रोमेकैनिकल सिस्टम (MEMS) आधारित नेविगेशन सिस्टम का उपयोग किया गया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षण के दौरान इसकी परफॉर्मेंस पूरी तरह से सही रही. ट्रायल के दौरान, दो डेमंस्ट्रेटल वीइकल्स का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया. इन वीइकल्स का इस्तेमाल विभिन्न मिसाइल सिस्टम्स के मूल्यांकन के लिए टारगेट के रूप में किया जा सकता है. अभ्यास ड्रोन एक छोटे गैस टरबाइन इंजन पर काम करता है. इसको उड़ान भरने के लिए किसी बाहरी मदद की आवश्यकता नहीं होती है. इस ड्रोन का इस्तेमाल अलग-अलग तरीके की मिसाइल और एयरक्राफ्टस का पता लगाने के लिए हो सकता है. अभ्‍यास ड्रोन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह ऑटोपायलट की मदद से अपने टारगेट पर आसानी से निशाना लगा सकता है.

‘ABHYAS’ एडीई में एक हाई-स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टारगेट (HEAT) विकसित किया जा रहा है. इसके सफल परीक्षण पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ITR-बालासोर से हाई स्पीड एक्सपैंडेबल एरियल टारगेट ‘ABHYAS’ के सफल परीक्षण के साथ ही DRDO ने आज एक मील का पत्थर हासिल किया है. इसका इस्तेमाल विभिन्न मिसाइल सिस्टम्स के मूल्यांकन के लिए टारगेट के रूप में किया जा सकता है. इस उपलब्धि के लिए DRDO और को बधाई.’

ABHYAS को पहली बार 2012 में लॉन्च किया गया था और इसकी शुरुआती लागत लगभग 15 करोड़ रुपये थी.