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नेहा कक्कड़ नेभोजपुरी गाने लगावेलू जब लिपिस्टिक पर मचाया धमाल, वीडियो हुआ वायरल

बॉलीवुड सिंगर नेहा कक्कड़ के एक लाइव शो का वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो की खास बात ये है कि इसमें वो भोजपुरी के सबसे मशहूर गानों में से एक ‘लगावेलू जब लिपिस्टिक’ गाती दिख रही हैं. उनका यह वीडियो काफी पसंद किया जा रहा है. यही कारण है कि सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया है.

नेहा कक्कड़ इस गाने में दुनिया भर में मशहूर भोजपुरी गाना ‘लॉलीपॉप’ गा रही हैं और दर्शक उनके साथ झूमते दिख रहे हैं. इस वीडियो को भोजपुरी फैनक्लब नाम के यू-ट्यूब चैनल पर शेयर किया गया है. इस वीडियो को 11 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. नेहा के कक्कड़ के वीडियो रिलीज होते ही वायरल हो जाते हैं.

अकसर हिन्दी और पंजाबी गानों पर परफॉर्म करने वाली नेहा कक्कड़ का ये अंदाज उनके फैन्स को काफी पसंद आ रहा है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वीडियो में दर्शक उनके साथ गाना गा भी रहे हैं और डांस भी कर रहे हैं.

भोजपुरी सुपरस्टार सिंगर पवन सिंह का यह गाना दुनियाभर में भोजपुरी के सबसे ज्यादा लोकप्रिय गानें में से एक है. इस गाने ने उन्हें विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है. यही नहीं, इसके प्रति लोगों की दीवानगी को देखते हुए इसके कई वर्जन भी गाए जा चुके हैं. भोजपुरी का कोई भी स्टार हो, लाइव शो के दौरान उससे इस गाने की फरमाइश जरूर होती है.

एमएस धोनी के रिटायरमेंट पर भावुक हुए फैंस, जानिए क्या बोले सौरव, सचिन तेंदुलकर और सहवाग

महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट के एलान के कुछ देर बाद ही सुरेश रैना ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी. इसके बाद दुनियाभर से कई दिग्गजों ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं. बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेने के बाद इसे एक युग का अंत बताया है.

तो वहीं धोनी के रिटायरमेंट के बाद सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त की करते हुए लिखा भारतीय क्रिकेट में आपका योगदान अतुलनीय है

टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज़ विरेंद्र सहवाग ने लिखा कि न कोई है  न कोई था  और एमएस जैसा न कोई होगा.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं भी दुनिया भर में लाखों क्रिकेट प्रशंसकों की शुभकामनाओं में शरीक हूं. भारतीय क्रिकेट में अद्वितीय योगदान के लिए मैं महेंद्र स‍िंह धोनी को धन्‍यवाद देता हूं. उनके शांत स्वभाव ने भारत के पक्ष में कई गर्म मोड़ दिए हैं. उनकी कप्तानी में भारत को क्रिकेट के विभिन्न प्रारूपों में दो बार विश्व चैंपियंस का खिताब हासिल हुआ.धोनी ने क्रिकेट की अपनी अनूठी शैली के जरिए लाखों लोगों को मंत्रमुग्ध किया. मुझे उम्मीद है कि वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट को मजबूत करने की दिशा में अपना योगदान देते रहेंगे. उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। दुनिया विश्‍व कप में हेलीकॉप्टर शॉट्स को मिस करेगी.

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बहुत बढ़िया… अच्‍छा खेले मिस्‍टर धोनी! आपने अपने प्रदर्शन और नेतृत्व के दम पर विश्व क्रिकेट के शिखर पर भारत का नाम रोशन किया. हर भारतीय को आप पर गर्व है. आपकी अगली पारी के लिए मेरी शुभकामनाएं.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भविष्य के लिए अपनी शुभकमानाएं दी है. केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि विश्व में एकमात्र ऐसा कैप्टन जिसने भारत को क्रिकेट के हर प्रारूप में नंबर-1 बनाया. हम भारतवासियों को गर्व के अनगिनत मौके देने के लिए शुक्रिया कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी. क्रिकेट के मैदान पर आपकी सफलता युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगी.

महेंद्र सिंह धोनी के बाद सुरेश रैना ने भी किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान

महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट के कुछ देर बाद ही सुरेश रैना ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर धोनी और टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों के साथ एक तस्वीर शेयर की. उन्होंने लिखा, “आपके साथ खेलना बेहद शानदार रहा माही. दिल से गर्व महसूस करते हुए मैं आपके इस सफर में आपको ज्वाइन कर रहा हूं. शुक्रिया भारत. जय हिंद.”


सुरेश रैना और महेंद्र सिंह धोनी की दोस्ती जगज़ाहिर है. दोनों क्रिकेटर आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स में भी सालों से एक साथ खेलते आए हैं. कई मौकों पर धोनी खिलाड़ी एक दूसरे के प्रति अपनी गहरी दोस्ती को जगज़ाहिर भी करते रहे हैं.

सुरेश रैना के अंतर्राष्ट्रीय करियर पर नज़र डालें तो उन्होंने 18 टेस्ट मैच, 226 वनडे मुकाबले और 78 टी-20 इनटरनेशनल खेले हैं. रैना ने एक शतक और सात अर्धशतक के साथ टेस्ट में 768 रन बनाए हैं, जबकि वनडे में उन्होंने पांच शतक और 36 अर्धशतक जड़े हैं और इस दौरान उनके बल्ले से 35 की ज्यादा की औसत से 5615 रन निकले.

रैना तेज़ तर्रार पारियों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में 66 पारियां खेली, जिनमें 29 से ज्यादा की औसत के साथ 1605 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच शतक भी जड़े.

आपको बता दें कि रैना ने साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में अपना डेब्यू किया था. आखिरी बार वो 17 जुलाई 2018 को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मुकाबले में मैदान पर उतरे थे.

MS धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, खेलते रहेंगे IPL

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. हालांकि एमएस धोनी आईपीएल खेलते रहेंगे.

महेंद्र सिंह धोनी ने इंस्टाग्राम में पोस्ट कर खुद के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है. अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में एमएस धोनी ने लिखा है, ‘आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए बहुत धन्यवाद. आज शाम 7.29 बजे के बाद से मुझे रिटायर समझा जाए.’ अपने इस पोस्ट के साथ ही धोनी ने एक वीडियो भी शेयर किया है.

 

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Thanks a lot for ur love and support throughout.from 1929 hrs consider me as Retired

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आपको बता दें कि धोनी टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास का ऐलान कर चुके थे. हालांकि वनडे और टी-20 में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने हुए थे. लेकिन अब धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को दिन में ही धोनी ने संन्यास की चिट्ठी लिख दी थी.

साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले एमएस धोनी 90 टेस्ट मैच के अलावा 350 एकदिवसीय और 98 टी-20 मुकाबलों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है. टेस्ट मैचों में धोनी ने 6 शतक लगाए हैं तो वहीं वनडे में धोनी के नाम 10 शतक दर्ज हैं.

धोनी के रिटायरमेंट पर देश और दुनिया के कई दिग्गजों ने अपनी भावनाएं व्यक्त की है. बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेने के बाद इसे एक युग का अंत बताया है. वहीं धोनी के रिटायरमेंट के बाद सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त की है.

Air India ने 48 पायलटों को नौकरी से निकाला, आर्थिक संकट का हवाला दिया

एयर इंडिया ने गुरुवार को 48 पायलटों को बर्खास्त कर दिया. ये वो पायलट हैं जिन्होंने पिछले साल इस्तीफा दे दिया था लेकिन नियमों के अनुसार छह महीने की नोटिस अवधि के भीतर ही अपने इस्तीफे वापस भी ले लिए थे. इन्हें एयरलाइन के एयरबस 320 विमानों को उड़ाने जिम्मेदारी दी गई थी. इस फ़ैसले से पायलटों में नाराजगी देखी जा रही है.

बताया जा रहा है कि इन पायलटों के इस्तीफे वापस लेने का निर्णय पहले मंजूर कर लिया गया था लेकिन गुरुवार रात अचानक यह फैसला रद्द कर दिया गया. साथ ही उनकी सर्विस को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है.

टर्मिनेशन लेटर में एयर इंडिया ने इस निर्णय के लिए कंपनी के कामकाज पर वित्तीय बाधाओं और कोविड -19 के इंपैक्ट का हवाला दिया है.टर्मिनेशन लेटर कहा गया है, ‘ कोविड के चलते वर्तमान में परिचालन सीमित है और निकट भविष्य में इसके बढ़ने की संभावना नहीं है. कंपनी को भारी नेट लॉस हो रहा और उसके पास भुगतान करने की वित्तीय क्षमता नहीं है. ”

इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (ICPA) ने अब एयर इंडिया के चेयरमैन और एमडी राजीव बंसल को एक लेटर लिखा है. इसमें पायलटों को गैरकानूनी तरीके से टर्मिनेट करने के खिलाफ तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की गई है.

गौरतलब है कि जिन पायलटों को टर्मिनेट किया गया है, उन्होंने जुलाई 2019 तक अपने इस्तीफे वापस ले लिया था. समय पर वेतन -भत्ते नहीं मिलने के कारण उन्होंने इस्तीफे दिए थे. लेकिन फिर अनिवार्य रूप से छह महीने की नोटिस पीरियड के भीतर इस्तीफे वापस ले लिए थे और इस निर्णय को स्वीकार भी लिया गया था. अब ये पाटलट कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं.

Coronavirus : देश में संक्रमितों की संख्या 25 लाख के पार, 49 हजार से ज्यादा की मौत, 24 घंटे में सामने आए 65 हजार नए मामले

देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 25 लाख के पार पहुंच गई है. देश में कोरोना मामले बढ़ने की रफ्तार भी दुनिया में पहले नंबर पर बनी हुई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 65 हजार नए मरीज सामने आए और 996 लोगों की मौतें हो गई. अमेरिका और ब्राजील में बीते दिन क्रमश: 60,600 और 49,274 नए मामले आए हैं. भारत में एक दिन में सबसे ज्यादा 66,999 कोरोना मामले 13 अगस्त को आए थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 25 लाख 26 हजार 192 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से अबतक 49, 036 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लाख 68 एक्टिव केस हैं और 18 लाख 8 हजार लोग ठीक भी हुए हैं. मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में गिरावट आई है. मृत्यु दर भी गिर कर 1.94% हो गई. इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी घट कर 26.45% हो गई है. इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 71.60% हो गई है. भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है.

देश में कोरोना वायरस के लिए जांच की क्षमता को बढ़ाते हुए एक दिन में सात लाख से अधिक नमूनों की जांच की गयी है और अब तक 2.75 करोड़ से ज्यादा नमूनों की जांच की जा चुकी है. मंत्रालय ने कहा कि एक दिन में जांच की संख्या तेजी से बढ़ रही है और भारत में पिछले कई दिन से रोजाना छह लाख से अधिक नमूनों की जांच की जा रही है.

आंकड़ों के मुताबिक, देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. महाराष्ट्र में डेढ़ लाख से ज्यादा संक्रमितों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है. इसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु, तीसरे नंबर पर दिल्ली, चौथे नंबर पर गुजरात और पांचवे नंबर पर पश्चिम बंगाल है. इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत का तीसरा स्थान है. कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया का तीसरा सबसे प्रभावित देश है. अमेरिका, ब्राजील के बाद कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित भारत है.

74th Independence day: लड़कियों की शादी की उम्र की समीक्षा कर रही सरकार, PM मोदी बोले- जल्द लेंगे फैसला

74 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, लद्दाख में चीन के साथ विवाद, कोरोना महामारी जैसे अहम मुद्दों पर बात की. लाल किले की प्राचीर से अपने सम्बोधन में पीएम मोदी ने देश की बेटियों को भी सलाम किया. उन्होंने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर सरकार समीक्षा कर रही है.

पीएम ने कहा कि लड़कियों की शादी की सही आयु क्या हो, इसके लिए हमने कमेटी बनाई है. उसकी रिपोर्ट आते ही बेटियों की शादी की उम्र को लेकर भी उचित फैसले लिए जाएंगे.

प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं. कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हजार करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. उन्होंने महिला शक्ति को सलाम करते हुए कहा कि आज भारत में महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा अनुभव कहता है कि भारत में महिला शक्ति को जब भी अवसर मिले, उन्होंने देश का नाम रोशन किया, देश को मजबूती दी है. उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को सैलरी के साथ 6 महीने की छुट्टी देने के फैसले की बात हो, हमारी देश की महिलाएं जो तीन तलाक के कारण पीड़ित रहती थीं, ऐसे महिलाओं को आजादी दिलाने का काम हो, सरकार ने इसपर काम किया. गरीब बेटियों के स्वास्थ्य की चिंता भी हमारी सरकार लगातार कर रही है.

 

74वां स्वतंत्रता दिवस : पीएम मोदी ने लगातार 7वीं बार लाल किले पर फहराया तिरंगा, रचा इतिहास

74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराया. इसी के साथ एक नया एक अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है. पीएम मोदी लगातार सातवीं बार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फरहराने वाले देश के चौथे प्रधानमंत्री और पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन गए हैं. इससे पहले सात या उससे ज्यादा बार लाल किले पर तिरंगा फहराने वाले प्रधानमंत्रियों में जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह शामिल हैं.

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1947 से 1963 के बीच लाल किले पर तिरंगा फहराया. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1966 से 1976 और 1980 से 1984 के बीच अपने दो कार्यकाल के दौरान लाल किले पर तिरंगा फहराया. वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2004 से 2013 के दौरान लाल किले पर तिरंगा फहराया.

राष्ट्रीय ध्वज फहराने के तुरंत बाद ही पीएम को ‘राष्ट्रीय-गार्ड’ नेशनल-सैल्यूट दिया गया. राष्ट्रीय-गार्ड में तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के कुल 32 जवान हैं. थलसेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंटल सेंटर के बैंड ने राष्ट्रगान की धुन बजाई. इस बैंड का नेतृत्व सूबेदार-मेजर अब्दुल गनी ने किया. इसके तुंरत बाद 21 तोपों की सलामी दी गई. थलसेना की फील्ड-बैटरी ने ये सलामी दी. इसके बाद प्रधानमंत्री अब देश को संबोधित कर रहे हैं. कोविड महामारी को देखते हुए इस साल स्कूली बच्चे स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा नहीं लिया.

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था. उसके बाद से 22 मई 2014 तक लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में काम करते रहे थे. 2014 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद 26 मई 2014 को भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने शपथ ली थी. तब से लेकर अब तक लगातार वह प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं.

मोदी देश के पहले ऐसे नेता है जो लगातार 18 साल से ज्यादा समय से चुनी हुई सरकार के मुखिया के रूप में काम कर रहे हैं. 7 अक्टूबर 2001 से लेकर आज तक वह चुनी हुई सरकार के मुखिया हैं. पहले मुख्यमंत्री के रूप में और अब प्रधानमंत्री के रूप में. इससे पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी देश के प्रधानमंत्री के रूप में लंबा समय व्यतीत कर चुके हैं.

बिहार : नेचुरल हेरिटेज को विकसित करने की जरूरत-पुष्पम प्रिया चौधरी

पुष्पम प्रिया चौधरी ने बिहार में नेचुरल हेरिटेज को बचाने की वकालत करते हुए कहा कि आधारभूत संरचनाओं की कमी के कारण बिहार में इस तरह के पर्यटन केंद्रों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. उन्होंने सरकारी उपेक्षा और अज्ञानता पर प्रहार करते हुए कहा कि “बिहार के कैमूर में तेलहाड़ और नवादा में ककोलत जैसे अद्भुत वॉटरफॉल है. जिनके पास रेगिस्तान हैं वे भी ‘कुछ दिन बिता लेने’ का न्योता भेजकर अपनी इकॉनॉमी चमका ले रहे हैं, अरब सागर के उस पार तो कृत्रिम झरने और बादल बनाकर ग्लोबल सिटी दुबई में सपने भी बेच रहे हैं, पर यहाँ कैमूर औऱ नवादा में प्रकृति के वरदान पर बिहार में नक़ली नेताओं का ‘स्पेशल स्टेटस’ का विलाप है और बाहर आलू-बालू की छवि है”.

कैमूर का अधौरा बिहार का नेचुरल हेरिटज के बारे में पुष्पम प्रिया चौधरी ने कहा कि “बिजली-मोबाईल नेटवर्क नहीं, एजुकेशन, हेल्थ, डेवलपमेंट नहीं, फिर भी कैमूर का अधौरा बिहार का नेचुरल हेरिटज कैश-बैंक है”. तिल्हर जैसे वाटरफॉल, असंख्य पशु-पक्षी, तितलियों और हर्बल प्लांट्स की बायोडायवर्सिटी और अद्भुत वातावरण”. प्लुरल्स की प्रेसिडेंट ने इस हेरिटेज को ग्लोबल टूरिज्म इकॉनॉमी का वाहक बताते हुए कहती हैं कि “2020-30” का दशक इसको विकसित करने का दशक होगा. सुदूर दक्षिण-पश्चिम द्वार पर खड़ी दस्तक दे रही है!

 

बिहार को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में सर्वोत्तम बनाऊंगी : पुष्पम प्रिया चौधरी

“बिहार में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में बहुत अधिक संभावनाएं हैं. मैं बिहार को इस क्षेत्र में सर्वोत्तम स्थान दिलाऊंगी” यह बात बिहार में प्लुरल्स पार्टी की मुख्यमंत्री उम्मीदवार पुष्पम प्रिया चौधरी कह रही थी. बिहार में अलग-अलग केंद्रों पर घूमने के बाद उन्होंने यह कहा कि इस राज्य में केला, मखाना, अमरूद, सिंघाड़ा और सब्जियों को लेकर अगर सरकारें सकारात्मक रहती तो बहुत अधिक संख्या में रोजगार के सृजन होने के साथ साथ किसानों की आय में सकारात्मक वृद्धि होती परंतु सरकारों ने इस दिशा में कुछ भी नहीं किया.

केला उत्पादक क्षेत्रों को देखने के बाद पुष्पम प्रिया चौधरी ने कहा कि “गंगा के उत्तरी तट के ज़िले केला उत्पादन में पारम्परिक रूप से आगे रहे हैं. अपार क्षमता के बावजूद तमिलनाडु, गुजरात जैसे राज्य भी बिहार से 200 प्रतिशत अधिक केला उत्पादन करते हैं क्योंकि बनाना स्मॉल इंडस्ट्री उनके साथ है. प्रॉडक्टिविटी, प्रोडक्शन एरिया, विविधता में इज़ाफ़ा, नए जॉब और लोकल वेफ़र एंड फ़्रूट इंडस्ट्री से लिंकेज पर बिहार में यह कल्पना करना भी बेमानी है”. उन्होंने आगे कहा कि “बिहार में 2020-30 में एक नया “बनाना रिवोल्यूशन” करना है.”

वैशाली के रामदौली, बिदुपुर में घूमने के बाद सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि “हर भारतीय थाली में बिहारी व्यंजन” तो पहुँचा नहीं लेकिन हज़ारों स्टार्ट-अप ही फाइनेंस कर देते तो केले का चिप्स दुनियाँ के कोने-कोने में पहुँच जाता, पर ऐसा करने में भी सरकार असफल रही. जब “हर भारतीय की थाली में बिहारी व्यंजन” तो पहुँचा नहीं तो हर फ्रिज में ज़न्दाहा, वैशाली के प्रसिद्ध अमरूद के फल और जूस तो इनसे पहुँचने से रहे! किसान तो इतना भर चाह रहे कि हाजीपुर के केले और मुज़फ़्फ़रपुर की लीची की तरह ही नाम हो जाय और सही दाम मिल जाय. ग़रीबों को न्याय और आवाज़ देने का दंभ भरने वाले न दाम दिला पाये, न कृषि का दर्जा और न ही एक अदद प्रोसेसिंग प्लांट तक डाल सके” अपनी पार्टी की कार्ययोजना के बारे में बताया कि उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद 2020-30 वैशाली के पान, केले और अमरूद का भी दशक बनेगा”.

उन्होंने सब्जियों की सही कीमत किसानों को न मिलने पर बोलते हुए कहा कि “मर्यादा पुरुषोत्तम भी होते तो रो देते, आपने उनकी प्रिय ‘रामतोरई’ को ‘टके सेर भाजी’ कर दिया! वैशाली के किसान भिंडी-लौकी के 1 रुपये किलो पाएँगे तो ‘हर भारतीय थाली में बिहारी व्यंजन’ कैसे हो”.

जमुई में सब्जी उत्पादकों से मिलने के बाद उन्होंने बताया कि “बिहार के अन्य हिस्सों की तरह जमुई में भी असली गोल्डमाइन उसके खेत ही हैं परंतु यहाँ सब्ज़ियों की खेती की बेहतरीन दुनियाँ है. नीम नवादा, जमुई में 500 एकड़ में सब्ज़ियों की शानदार खेती है, सरदार प्रसाद जी, प्रियरंजन जी, सुशील जी, उदय जी जैसे 200 उत्साही किसान हैं, लेकिन न ज़मीन पर हक़, न सरकार से सहायता और बाक़ी बिहार की तरह जमुई में भी स्टोरेज और मार्केट लिंकेज नदारद है”. उन्होंने कहा कि जमुई 2020-30 बिहार में कैश इकॉनोमी वाली सब्ज़ियों का ग्रीन-कॉरिडोर बने तो बिहार में सही बदलाव संभव है.

मुस्तफापुर, नालंदा के सिंघाड़ा (पानीफल) किसान विक्रांत कुमार से मिलकर उनकी समस्याओं पर चर्चा करने के बाद बताया कि “बिहार की सदियों पुरानी कहानी है. वही सब समस्याएँ और खेती एक अवसर नहीं बल्कि हमेशा एक मजबूरी ही है”.
उन्होंने बताया कि गांव में 50 घर सिंघाड़ा खेती में लगे हैं लेकिन पट्टे पे पोखरा लेने वाले को किसान नहीं माना जाता है इस कारण किसानों को मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हैं.
सिंघाड़ा स्टोरेज की बड़ी समस्या, फसल निकालने पर तुरंत ख़राब हो जाता है, इसीलिए तुरंत बेच देना पड़ता है, इसलिये अच्छा दाम नहीं मिलता और प्रोसेसिंग, पैकेजिंग नहीं कर पाते. सरकार से न तो लोन न तो कोई मुआवज़ा . महाजन से 50-60% पर लोन लेना पड़ता है. कई बार नुक़सान होने पर जमीन बेच कर क़र्ज़ चुकाना पड़ता है.

कैमूर क्षेत्र में पीले तरबूज़ की ऑर्गेनिक फ़ार्मिंग को बिहारी कृषि उद्यमियों के विजन का परिणाम है बताते हुए कहा कि “बस इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन और मार्केट लिंकेज चाहिये. इसी से देश में एग्रीकल्चर को मजबूरी मानने के बजाय खेती को उद्योग वाली सुविधाएँ और सम्मान से ही इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन का ग्राउंड तैयार होगा.

बिहार में मिर्ची भी खाद्य प्रसंकरण क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है. “बड़ा एरिया मिल जाय और सरकार प्रोसेसिंग प्लांट और मार्केट लेकर जुट जाय, तब तो चाँद-तारा तोड़ के ला देंगे” यह बात धान-गन्ना बहुल चंपारण क्षेत्र में मिर्च और आलू की असंभव जैसी प्रोडक्टिविटी पाने वाले सागर चूडामण के मोहम्मद जमालुद्दीन प्लुरल्स की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी से कह रहे थे. प्लुरल्स की प्रेसिडेंट ने बताया कि “ये जीनियस किसान ही नये दशक में नये बिहार के ब्रांड एम्बेसेडर बनेंगे”. मोहम्मद जमालुद्दीन मिर्च की खेती के जीनियस हैं. बिहार सरकार भले न पूछे, गुजरात जैसे राज्य उनके खेत के चक्कर लगा रहे. अपनी 2.5 गुना अधिक उत्पादन की टेकनीक, लोकल प्रोसेसिंग प्लांट और ग्लोबल मार्केट लिंकेज के साथ वे 2020-30 में बिहार में ‘चिली रिवोल्यूशन’ लाने को तैयार हैं.

बिहार में उपजाया जाने वाला मखाना खाद्य प्रसंकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. दहियारगंज, कटिहार के मखाना किसान शेख़ आईनुल और मोहम्मद ख़ुर्शीद लॉकडाउन के कारण खेती की लागत भी वसूल होने पर निश्चित नहीं हैं. पुष्पम प्रिया चौधरी ने कहा कि “इन क्षेत्रों में मखाना प्रोसेसिंग इंडस्ट्री दशकों पहले लग जाता तो कटिहार 250 पिछड़े ज़िलों में नहीं होता”.
“दीदी, आदत भ जाय छ…” पूर्णिया के हरदा में मखाना प्रोसेसिंग करती जमालपुर, दरभंगा की राधा हथेली जला देने वाले गरम मखाने को हाथ पर उलाती हैं! विदेशों में प्रदर्शनी की नहीं मखाना उद्योग को एडवांस्ड टेक्नॉलॉजी की ज़रूरत है” पुष्पम प्रिया चौधरी ने बताया.

प्लुरल्स की प्रेसिडेंट ने बताया कि सिर्फ़ विजन और विल पावर का गेम है, फिर बिहार की जीत तय है.