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जब पिता क्रिस ब्रॉड ने मैच में लगाया बेटे पर जुर्माना तो स्टुअर्ट ब्रॉड ने दिया ये बड़ा बयान

इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को उनके पिता और मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने पाकिस्तान के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए पहले टेस्ट मैच में खराब व्यवहार के कारण जुर्माना लगा दिया है. इसके बाद ब्रॉड ने मजाकिया लहजे में अपने पिता को लेकर टिप्पणी की.

इंग्लैंड के प्रशंसक समहू, बार्मी आर्मी ने मंगलवार को ट्विटर पर लिखा, “स्टुअर्ट ब्रॉड को उनके पिता और मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने जुर्माना लगाया और डीमेरिट अंक सौंपा. लगता है कि हमें गाने के कुछ शब्द बदलने होंगे.”

इस पर ब्रॉड ने जवाब देते हुए लिखा, “वह (पिता) क्रिसमस कार्ड और तोहफा देने वाले लोगों की सूचियों में से बाहर.”

ब्रॉड पर यासिर शाह के साथ बुरा व्यवहार करने पर 15 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया गया है.

यह मामला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड में खेले गए पहले टेस्ट मैच पाकिस्तान की दूसरी पारी के 46वें ओवर में हुआ था. इस समय ब्रॉड ने यासिर को आउट करने के बाद उनके खिलाफ अभ्रद भाषा का इस्तेमाल किया था. जुर्माने के अलावा ब्रॉड के हिस्से में एक डीमेरिट अंक भी आया था.

रिया चक्रवर्ती की कॉल डिटेल्स में आमिर खान समेत कई सितारों से हुई बातचीत आई सामने

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में आए दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि रिया बॉलीवुड के कई सेलेब्रिटीज से संपर्क में थीं. इन सेलेब्स में आमिर खान, श्रद्धा कपूर और आदित्य रॉय कपूर का नाम शामिल है.सुशांत सिंह राजपूत केस में बॉलीवुड सेलेब्स की चुप्पी पर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं.

वहीं अब रिया चक्रवर्ती की कॉल डिटेल्स को लेकर सामने आई जानकारी को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है. एक रिपोर्ट की मानें तो रिया चक्रवर्ती की आमिर खान, श्रद्धा कपूर, आदित्य रॉय कपूर समेत रकुल प्रीत, राणा दग्गुबाती और सनी सिंह जैसे सेलेब्स से बात हुई है.इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आमिर खान को रिया ने कॉल किया था और आमिर ने रिया से तीन मैसेजेस के जरिए बात की है.इसके अलावा रिया ने एक्ट्रेस रकुल प्रीत को 30 बार कॉल किया था और रकुल ने रिया को 14 बार कॉल किया था. इन दोनों की मैसेज पर भी बात हुई है.

आदित्य रॉय कपूर को रिया ने 16 बार कॉल किया है और उन्होंने रिया को सात बार कॉल किया. वहीं श्रद्धा कपूर को रिया ने तीन बार कॉल किया तो जबकि श्रद्धा ने रिया से दो बार फोन कर बात की. एक्टर सनी सिंह को रिया ने 7 बार कॉल किया और सनी ने रिया को 4 बार कॉल किया. राणा दग्गुबाती को रिया ने 7 बार कॉल कर संपर्क किया तो वहीं राणा ने रिया को 4 बार कॉल किया.

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि रिया महेश भट्ट से भी संपर्क में थीं. इसी साल जनवरी महीने में दोनों के बीच 16 कॉल्स के जरिए बातचीत हुई. रिया ने महेश भट्ट को 9 बार कॉल किया तो वहीं महेश भट्ट की ओर से रिया को 7 बार कॉल आई. फिलहाल, रिया से पूछताछ के साथ कई और पहलुओं के लेकर जांच चल रही हैं.

बीते दिनों रिया के साथ-साथ उनके भाई शौविक और पिता इंद्रजीत के साथ ही ईडी ने उनकी एक्स मैनेजर श्रुति मोदी से भी पूछताछ की है. सुशांत के हाउस मैनेजर, उनके सीए संदीप श्रीधर और बहन मीतू सिंह का भी बयान दर्ज हो चुका है.

Naagin 5: सुरभि चंदना ने शुरू की शूटिंग, ऐसा होगा sharad malhotra का रोल

टीवी का सबसे पॉप्युलर शो नागिन 5 शुरू हो गया है. शो में अभी हिना खान, मोहित मल्होत्रा और धीरज धूपर लीड रोल में हैं. शुरुआत में शो में मोहित और हिना की लव स्टोरी से दर्शकों को एंटरटेन किया जाएगा. हिना शो में सबसे पावरफुल नागिन का रोल निभा रही हैं.

हालांकि, शो में हिना का पार्ट ज्यादा नहीं है. हिना के बाद सुरभि चंदना नजर आएंगीं. हिना का पुनर्जन्म अवतार सुरभि निभाएंगी. सुरभि को शरद मल्होत्रा और मोहित सहगल ज्वॉइन करेंगे.खबर के मुताबिक, सुरभि ने शूटिंग शुरू कर दी है. सुरभि ने इस हफ्ते की शुरुआत में शो के लिए अपने लुक के साथ एक्सपेरिमेंट किया. बाकी की कास्ट जल्द शूटिंग शुरू करेगी. टीम शो के लिए बन रहे बज को लेकर काफी एक्साइटेड है.

वहीं हिना, मोहित और धीरज लगभग अपने हिस्से की शूटिंग पूरी कर चुके हैं. सुरभि से जुड़ा नागिन 5 का प्रोमो भी जल्द ही रिलीज किया जा सकता है. शो में शरद मल्होत्रा के किरदार की बात करें तो खबरें हैं कि शो में शरद निगेटिव किरदार में एंट्री लेंगे, लेकिन जल्द ही पॉजिटिव कैरेक्टर में बदल जाएंगे. मतलब शो में शरद निगेटिव किरदार निभाएंगे, लेकिन जैसे-जैसे शो आगे बढ़ेगा वो पॉजिटिव बन जाएंगे.

हालांकि, अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. वहीं शो में चल रहे प्लॉट की बात करें तो हिना खान ने शो में एंट्री ले ली है. वो शो में निया शर्मा को अपनी कहानी सुना रही हैं. सीरियल में हिना आदि नागिन के किरदार में हैं तो जो सबसे पावरफुल है.

संजय दत्त का बड़ा ऐलान, स्वास्थ कारणों के चलते काम से ले रहा हूं ब्रेक, जल्द लौटूंगा

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त (Bollywood Actor Sanjay Dutt) ने कुछ ही देर पहले सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया है. अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटे संजय दत्त ने ऐलान किया है कि वो वर्क फ्रंट से स्वास्थ कारणों से कुछ समय से किए ब्रेक ले रहे हैं. हालांकि उन्होंने सभी के किसी भी तरह की अफवाह ना फैलाने का अनुरोध भी किया है.

संजय दत्त ने अपना बयान पोस्ट करते हुए लिखा, “हैलो दोस्तो, मैं मेडिकल ट्रीटमेंट के चलते अपने काम से कुछ समय का ब्रेक ले रहा हूं. मेरा परिवार और मेरे दोस्त मेरे साथ हैं. मैं अपने शुभचिंतकों से कहना चाहता हूं कि वो परेशान ना हो और कुछ भी फालतू का अंदाजा ना लगाएं. आपके प्यार और दुआओं से मैं जल्द लौटूंगा.”

 

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इसके साथ ही कमेंट बॉक्स में फैंस अब उनके जल्द स्वस्थ होने और कमबैक करने के लिए दुआएं कर रहे हैं. आपको बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त कल यानि 10 अगस्त को मुंबई के लीलावती अस्पताल से आज डिस्चार्ज हुए थे. 8 अगस्त को संजय दत्त को सांस लेने में तकलीफ के चलते मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

बता दें कि अस्पताल में दाखिल कराते ही 61 वर्षीय संजय दत्त का कोविड-19 एंटीजेन टेस्ट (COVID19 Antigen Test) किया गया था, जो नेगेटिव रहा था. उनका स्वैब टेस्ट भी लिया गया था, जिससे पता चलेगा कि वो कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार हैं या नहीं.

सिवान सहकारी सूत मिल के उम्मीद की आखिरी किरण बनकर आई पुष्पम प्रिया चौधरी

“हम मजदूर हैं मेहनत करके खाते हैं पर बिहार सरकार हमारी मजदूरी पर कुंडली मारकर बैठी है” यह व्यथा सिवान स्थित ‘सहकारी सूत मिल मोहिद्दीनपुर’ मजदूर संघ के सचिव लाल मोहम्मद मियां प्लुरल्स पार्टी के प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी से साझा कर रहे थे.

15 एकड़ में फैले इस टेक्स्टायल ‘स्पिनिंग मिल को बिहार सरकार ने तोड़ने का आदेश दे दिया है. बियाडा ने इस सूता मिल परिसर के 7 एकड़ इंजीनियरिंग कॉलेज को और 1 एकड़ बिजली विभाग को दे दिया है. मजदूरों की मांग है कि उनके बकाया वेतन का भुगतान कर दिया जाए. मजदूर संघ के कादिर हुसैन कहते हैं कि “इसे हमने अपने खून-पसीने से सींचा है, हम मजदूरों के हक़ के लिए लड़ रहे हैं. हम मर जाएंगे पर इस मिल को तोड़ने नहीं देंगे”.
इस मिल के एकाउंटेंट संजय यादव संघर्ष करते-करते हताश हो गए हैं. उन्होंने बताया कि “सारे नेता झूठे आश्वासन देकर चले गए पर कुछ हुआ नहीं”.

जब यह मिल बंद हुई उस समय 537 मजदूरों के रोजगार भी बंद हो गए बल्कि इसके साथ-साथ उनके आशाओं और उम्मीदों पर भी तुषारापात हो गया. अब लगभग 350 मजदूर सुनहले सपनों के लिए संघर्षरत हैं. “जब 1982 में मिल नया-नया खुला था तो लगता था कि ओह क्या ज़िंदगी हो जाएगी, लेकिन सब बर्बाद कर दिया, अगर किसी और राज्य में होते तो ऐसा होता?” मजदूर संघर्ष संघ के सचिव लाल मोहम्मद मियाँ बकाए पैसे की आस में ऐसा बोलते हुए भावुक हो जाते हैं!

पुष्पम प्रिया चौधरी ने बिहार सरकार की औधोगिक नीति और उनके नीयत पर हमला बोलते हुए कहा कि “बिहार के औद्योगिक पतन की बेशर्म विद्रूपता देखनी हो तो सीवान के टेक्स्टायल ‘स्पिनिंग मिल की “हत्या” जाकर देखिए, जहाँ सड़ चुकी स्पिंडल्स में आसाम की रुई अभी तक फँसी है! 17 एकड़ ज़मीन वाली मिल ज़मींदोज़ होने के कगार पे है, 537 श्रमिक परिवार लुट गए, मशीनें चोरी हो गयी, सरकार ने 13 लाख में पैसे ले-दे कर मिल की छत तक बेच दी”.

सरकारी लालफीताशाही और भ्रष्टाचार के काले कारनामों में मजदूरों का वेतन उलझ कर रह गया है. बकाया वेतन से संबद्ध फाइल उद्योग विभाग से वित्त विभाग और वित्त विभाग से वित्त मंत्री के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है पर अब तक समाधान नहीं हो पाया है. “सभी नेताओं ने वायदा किया पर किसी ने इस मुद्दे को उठाया नहीं” हताशा व्यक्त करते हुए संजय यादव ने कहा.

बिहार सरकार उधोग के लिए जमीन का रोना रोती रहती है. इसपर प्लुरल्स की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी ने कहा कि “पटना में बैठकर “उद्योग के लिए ‘उपजाऊ’ बिहार में ज़मीन नहीं है” का खटराग अलापने वाली सरकार ने ने तो सिर्फ़ मिल की ज़मीन कॉलेज के नाम कर दी, बल्कि माननीय ने वहीं से रिमोट दबाकर उसकी शिलालेख भी खुदवा दी (जो चोरी-छुपे रात में अधिकारी लगा कर भाग खड़े हुए)! रोज़गार छिन गए श्रमिकों की ज़िंदगी तो डूब ही चुकी, उनका दिल भी टूट गया है. वे जीते-जी मिल की ज़मीन जाने नहीं देंगे की क़सम खाए बैठे हैं और आए दिन बुलडोजर के सामने सो जाते है”. वायदा तो यह था कि लोक-कल्याणकारी व्यवस्था होगी जिसके समाजवादी ढांचे में मजदूरों-कामगारों के हितों की प्राथमिकता होगी पर यंहा तो सरकार भू माफ़िया की भूमिका में आ गई है.

बिहार में प्लुरल्स पार्टी की मुख्यमंत्री उम्मीदवार पुष्पम प्रिया चौधरी ने संघर्ष समिति के सचिव लाल मोहम्मद को कहा कि “संघर्ष और धैर्य अब सिर्फ़ चार महीने का है, शिलालेख ज़मींदोज़ होगा, मिल नहीं! ‘फ़ाइबर टू यार्न’ मिल को छोड़िए, आपको पूरा टेक्स्टायल पार्क बना कर देंगे, ज़िंदगी वही होगी जो आपने सोचा था”.अपने हक के लिए संघर्षरत हताश मजदूरों के लिए यह उम्मीद की एक किरण है.

उपेक्षित है अमर शहीद उमाकांत सिंह की प्रतिमा स्थल : पुष्पम प्रिया चौधरी

“शहीदों की मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पै मरने वालों का यही बाकी निशां होगा, कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे, जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा” यह कविता पढ़कर पुष्पम प्रिया चौधरी कहती हैं कि अब तो “अपना राज” भी आ गया पर जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपनी शहादत दी उनको यथोचित अब तक नहीं मिला.

आजादी के 74 साल होने को आ गए पर अभी तक सरकारों ने न तो अपने शहीदों का सम्मान करना सीखा और न ही उनका ठीक तरीके से इतिहास लेखन हुआ है. यह बात प्लुरल्स पार्टी की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी सिवान स्थित नरेंद्रपुर में अमर शहीद उमाकांत प्रसाद सिंह के आवक्ष प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कही. उन्होंने प्रतिमा स्थल के रख-रखाव और उनकी अव्यवस्था देखकर क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने इतने कम उम्र में साहस का परिचय देकर अपनी शहादत दी हो उनका हम सम्मान करने में असफल रहें.

पटना के राम मोहन राय सेमिनरी में 9वीं के छात्र आजादी के मतवाले उमाकांत प्रसाद सिंह जिन्हें “रमण जी” के नाम से जाना जाता था ने 19 साल की अवस्था में सचिवालय में तिरंगा फहराने के क्रम में के शहादत दी थी.
11 अगस्त 1942 को ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देते हुए आजादी के सात मतवाले पुलिस की गोलियों से छलनी कर दिए गए थे. महात्मा गांधी के “करो या मरो” के आह्वान पर अगस्त क्रांति में शामिल हुए और सचिवालय पर तिरंगा फहराने की कोशिश करते हुए शहीद हो गए.

भारत माता के नाम पर अपने प्राणों की आहूति दे दी. हमारी आजादी के लिए घर-परिवार भूल गए पर अफसोस कि आज उन्हीं शहीदों को हम सब भूल रहे हैं”. कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे, जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा का सपना देखने वाले तो चले गए पर जिनके लिए उन्होंने सपना देखा वो उनको भूलते चले जा रहे हैं”. यह बात पुष्पम प्रिया चौधरी कह रही थी.

उत्तर प्रदेश : 20 जिलों के 802 गांव बाढ़ से प्रभावित, 428 गांवों से संपर्क कटा

जल भरण क्षेत्रों में भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने की वजह से उत्तर प्रदेश में 20 जिलों के 800 से ज्यादा गांव प्रभावित हैं. राहत आयुक्त कार्यालय की रविवार को प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा वक्त में प्रदेश के अंबेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, गोंडा, गोरखपुर, खीरी, कुशीनगर, महराजगंज, मऊ, पीलीभीत, प्रतापगढ़, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर तथा सीतापुर के 802 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. इनमें से 428 गांव का संपर्क दूसरे इलाकों से पूरी तरह कट गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक शारदा नदी पलियाकलां (लखीमपुर खीरी) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसके अलावा राप्ती नदी बर्डघाट (गोरखपुर) में, घाघरा नदी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), अयोध्या और तुर्तीपार (बलिया) में खतरे के निशान को पार कर गई है.

इस बीच प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश बाढ़ की समस्या के स्थाई तौर पर समाधान की तरफ कदम बढ़ा रहा है. बाढ़ की वजह से होने वाले लोगों के पलायन में 90 प्रतिशत की गिरावट आई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनवरी से ही बाढ़ की आशंका के मद्देनजर काफी सक्रिय रहे हैं. उसी का असर आज देखने को मिल रहा है कि स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में रखा जा सका है.

राजभर ने कहा कि बाढ़ ग्रस्त इलाकों से अगर कोई सूचना आ रही है तो हमारे जिले के अधिकारी उस पर गंभीरता से विचार करेंगे और सूचना देने वाले से संपर्क स्थापित करेंगे. उन्होंने कहा कि बलिया में बैरिया तहसील के बकुलहा संसार टोला के तटबंध में थोड़ा सा रिसाव आया है, लेकिन हमारे गश्ती दल ने उसकी समय से सूचना दी है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और पूरी टीम ने मिलकर उस रिसाव को बंद करा दिया.

राजभर ने बताया कि इसी तरह बैरिया तहसील में ही कोटवा सुल्तानपुर रिंग बांध में भी एकाध जगह से रिसाव की सूचना मिली है, लेकिन उसे बंद करने के लिए वहां कार्य चल रहा है. स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है. खतरे की कोई बात नहीं है.

मंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 283 आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं. पिछले 24 घंटे में 617 लोग आश्रय स्थलों तक गए हैं जो बताता है कि अभी कोई बहुत बड़ा खतरा नहीं है और लोग अपने घरों में ही रह रहे हैं. उन्होंने बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में 780 नौकाओं का संचालन किया जा रहा है और 715 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई है, जहां से जनता की बात सुनी जा रही है और उन्हें राहत दिलाई जा रही है.

राजभर ने बताया कि बाढ़ ग्रस्त इलाकों में मेडिकल टीमें भी मुस्तैद हैं. फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है. इस बीच, प्रदेश के मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ इलाकों में बारिश हुई. इस दौरान दुद्धी (सोनभद्र) और महोबा में सबसे ज्यादा पांच-पांच सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश होने की संभावना है.

भड़काऊ फोन कॉल्स मामले में यूपी पुलिस जांच में जुटी, ADG बोले-जल्द होगा खुलासा

मुसलमानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा न फहराने देने के रिकॉर्डेड मैसेज फोन कॉल के जरिए भेजे जाने के मामले की जांच में उत्तर प्रदेश पुलिस अन्य एजेंसियों की भी मदद ले रही है. प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह कॉल सिर्फ लखनऊ के लोगों को नहीं बल्कि प्रदेश के विभिन्न शहरों और दूसरे राज्यों में भी लोगों को की गई है.

प्रशांत कुमार ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह कॉल किसी गेटवे से भेजी जा रही है. प्रदेश पुलिस इसकी जांच के लिए अन्य एजेंसियों की भी मदद ले रही है और जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि यह कॉल मुख्य रूप से पत्रकारों को की जा रही है. यह किसी की शरारत लगती है और इसकी गहराई से जांच की जा रही है.

गौरतलब है कि शनिवार को प्रदेश में अनेक लोगों खासकर पत्रकारों को विदेशी नंबर से रिकॉर्डेड फोन कॉल की गई थी. आज भी कुछ लोगों को ऐसी कॉल की गई है जिसमें मुसलमानों से कहा जा रहा है कि वो आगामी स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तिरंगा फहराने नहीं दें. यह संदेश खासतौर पर मोदी द्वारा पिछली पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन करने से जोड़कर सुनाया जा रहा है. इस मामले में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ शनिवार को मामला दर्ज किया गया था.

बीजेपी के राष्ट्रवाद के खिलाफ मुहिम चलाएगी कांग्रेस, गांवों में जाकर आजादी के नायकों के बारे में बताएगी

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अगस्त क्रांति के जोड़कर प्रदेश भर में बीजेपी के राष्ट्रवाद की कथित असलियत ‘उजागर’ करने के लिए आगामी 20 अगस्त तक ‘आजादी मेरा अभिमान’ नाम से एक मुहिम चलाएगी. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने रविवार को बताया कि महात्मा गांधी ने अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए आठ अगस्त 1942 को अगस्त क्रांति का ऐलान किया था. कांग्रेस ने अंग्रेजों की ही तरह तानाशाही पर उतारू बीजेपी के फर्जी राष्ट्रवाद का भंडाफोड़ करने के लिए रविवार को आजादी मेरा अभिमान नामक मुहिम शुरू की है, जो 20 अगस्त तक जारी रहेगी.

उन्होंने बताया कि बीजेपी ने जनता के मुद्दों से मुंह चुराने के लिए आवाम को सांप्रदायिकता और फर्जी राष्ट्रवाद में उलझाने का कुचक्र रचा है. इसका भंडाफोड़ करने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता मुहिम के तहत गांव-गांव जाकर आजादी की लड़ाई के नायकों के बारे में बताएंगे और लोगों को बीजेपी की साजिशों के प्रति सचेत करेंगे.

कुमार ने बताया कि 10 अगस्त को स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों पर पुष्पांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम होगा. अगले दिन पार्टी नेता और कार्यकर्ता प्रदेश भर में स्वतंत्रता सेनानियों के घर जाकर उनका या उनके परिवार का सम्मान करेंगे.

आगामी 12 अगस्त को कांग्रेस के सभी जिला कार्यालयों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर आजादी की लड़ाई की फोटो प्रदर्शनी और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के फोटो कट आउट के साथ सेल्फी का कार्यक्रम होगा. आगामी 14 अगस्त को प्रदेश भर में ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा इस अभियान के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी.

कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश और केंद्र की सत्ता पर काबिज बीजेपी हर चुनाव में नफरत के एजेंडे को लेकर आगे बढ़ती है और अपने फर्जी राष्ट्रवाद के जरिए समाज में जहर घोल रही है. देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए बीजेपी के एजेंडे की असलियत सबके सामने लाना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को पूरे दम से लड़ेगी और बीजेपी के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी.

मुलायम सिंह यादव की तबीयत में सुधार, अस्पताल से छुट्टी मिलने में लग सकते हैं दो-तीन दिन

लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराए गए समाजवादी पार्टी (सपा) संस्थापक और देश के पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव की हालत में सुधार हो रहा है. उन्हें मूत्र नली में संक्रमण की शिकायत पर पिछले बृहस्पतिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

मेदांता अस्पताल के निदेशक डॉक्टर राकेश कपूर ने रविवार को भाषा को बताया कि मुलायम की हालत में सुधार हो रहा है। हालांकि, उन्हें अभी अस्पताल से छुट्टी मिलने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है.

उन्होंने बताया कि पूर्व रक्षा मंत्री के कुछ टेस्ट किए गए हैं जिनकी रिपोर्ट संतोषजनक आने तक उन्हें अस्पताल में रखा जाएगा. कपूर ने बताया कि चूंकि मूत्र नली में संक्रमण का असर मुलायम के गुर्दों तक पहुंचा है लिहाजा चीजें ठीक होने के बाद ही उन्हें छुट्टी दी जाएगी. फिलहाल उनकी हालत में सुधार हो रहा है. यादव को बृहस्पतिवार देर रात मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी कोरोना जांच की गई जिसमें संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई.