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अब दिल्ली से बस लेकर जा सकेंगे लंदन, जानिए 70 दिनों के सफर का किराया…

अगर आप दुनिया घूमने का शौक रखते हैं तो ये खबर आपके लिए है, अक्सर दिल्ली से लंदन जाने के लिए लोग हवाई जहाज का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब आप सड़क के रास्ते भी दिल्ली से लंदन जा सकेंगे. गुड़गांव के निजी ट्रैवलर कंपनी ने 15 अगस्त को एक बस लॉन्च की जिसका नाम ‘बस टू लंदन’ है. इस बस के माध्यम से 70 दिनों में आप दिल्ली से लंदन पहुंच सकते हैं, वो भी सड़क के रास्ते और ये सफर एक तरफा होगा.

70 दिन के दिल्ली से लंदन के सफर में आपको 18 अन्य देशों से होकर गुजरना पड़ेगा. जिसमें इंडिया, म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, चीन, किर्गिजस्तान ,उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, रूस, लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड, चेक गणराज्य, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम. हालांकि कई लोगों के मन में ये सवाल होगा कि ये कैसे मुमकिन होगा.

दरअसल दिल्ली निवासी दो शख्श तुषार और संजय मदान, दोनों पहले भी सड़क के रास्ते दिल्ली से लंदन जा चुके हैं. इतना ही नहीं दोनों ने 2017, 2018 और 2019 में कार से ये सफर तय किया था. उसी तर्ज पर इस बार 20 लोगों के साथ ये सफर बस से पूरा करने का प्लान किया है.

‘बस टू लंदन’ के इस सफर में आपको हर सुविधा दी जाएगी. इस सफर के लिए खास तरीके की बस तैयार की जा रही है. इस बस में 20 सवारियों के बैठने का इंतजाम होगा. और सभी सीटें बिजनेस क्लास की होंगी. बस में 20 सवारी के अलावा 4 अन्य लोग और होंगे, जिसमें एक ड्राइवर, एक एसिस्टेंट ड्राइवर, ऑर्गनाइजर की तरफ से एक शख्स और एक गाइड होगा. दरअसल 18 देशों के इस सफर में गाइड बदलते रहेंगे, जिससे कि यात्रियों को किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो.

अब आपने मन में ये सवाल जरूर होगा कि सफर पूरा करने के लिए वीसा और कितना पैसा लगेगा ? तो आपको बतादें की एक व्यक्ति को इस सफर के लिए 10 वीसा की जरूरत होगी. वहीं सवारियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसलिए ये ट्रैवलर कंपनी ही आपके वीसा का पूरा इंतजाम करेगी.

‘बस टू लंदन’ के इस सफर के लिए 4 कैटगरी चुनी गईं हैं. किसी के पास समय की कमी है और वो लंदन तक का सफर नहीं पूरा कर सकता, और वो अन्य देशों को घूमना चाहता है, तो वो अन्य कैटेगरी को चुन सकता है. हर एक कैटेगरी के लिए आपको अलग-अलग दाम चुकाने पड़ेंगे. दिल्ली से लंदन तक का सफर के लिए आपको 15 लाख रुपये खर्च करने होंगे. इस टूर के लिए आपको ईएमआई का ऑप्शन भी दिया जायेगा.

एडवेंचर ओवरलैंड ट्रैवलर कंपनी के फाउंडर तुषार अग्रवाल ने बताया, “मैंने और मेरे साथी संजय मदान ने 2017, 2018 और 2019 में कार से दिल्ली से लंदन गये थे, वहीं हमारे साथ कुछ अन्य साथी भी थे. हम हर साल इस तरह का एक ट्रिप ऑर्गनाइज करते हैं.”

उन्होंने बताया, “हमसे कई लोगों ने इस प्लान में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी. जिसके बाद हमने ये बस का प्लान बनाया. दरअसल इस ट्रिप को 15 अगस्त को लॉन्च किया है. हम उम्मीद करते हैं कि हमारा ये सफर मई 2021 को शुरू हो. फिलहाल कोरोना को देखते हुए इस सफर का रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं किया है. भारत के साथ-साथ अन्य देशों के हालातों को देखते हुए इस सफर को शुरू किया जाएगा.”

तुषार अग्रवाल ने बताया कि, “70 दिनों के इस सफर में हम हर तरह की सुविधा लोगों को देंगे. जिस होटल में रुकने की व्यवस्था की जाएगी, वो 4 सितारा या फिर 5 सितारा होटल होगा. यात्री अगर अन्य देशों में इंडियन खाने का लुत्फ उठाना चाहेंगे, तो उनके अनुसार उन्हें खाना दिया जाएगा, चाहे वो किसी भी देश में हो.”

उन्होंने कहा, “इस सफर के लिए पैशनेट होना बहुत जरूरी है. दुनिया घूमने का शौक होगा तभी आप इस सफर में शामिल होंगे.”

Ganesh Chaturthi 2020: जानिए गणेश मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त, लेकिन रखना होगा इन बातों का ध्यान

गणेश चतुर्थी का पर्व आज पूरे देश में मनाया जा रहा है. सौभ्य और समृद्धि के दाता गणेश जी को गणेश चतुर्थी के दिन घर पर पूरे भक्तिभाव से लाया जाता है और स्थापित किया जाता है. मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन घर पर गणेश जी की मूर्ति की स्थापना सुख शांति और आने वाले संकटों को दूर करती है.

पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में ही गणेश जी की मूर्ति की स्थापना घर पर करनी चाहिए. ऐसा करने से पूर्ण लाभ प्राप्त होता है. 22 अगस्त को गणेश जी की मूर्ति की स्थापित करने का समय पंचांग के अनुसार बहुत ही सूक्ष्म है. इस शुभ समय अवधि में ही मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए.

पंचांग के अनुसार चतुर्थी की तिथि 21 अगस्त को रात्रि 11 बजकर 2 मिनट से आरंभ होगी. 22 अगस्त को शाम 7 बजकर 57 मिनट तक चतुर्थी की तिथि रहेगी. गणेश चतुर्थी पर गणेश चतुर्थी की पूजा दोपहर के मुहू्र्त में ही पूजा की जाती है क्योंकि गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ था. गणेश जी की पूजा का समय 22 अगस्त को दोपहर में 02 घंटे 36 मिनट का है. 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी के दिन प्रात: 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर 01 बजकर 42 मिनट के मध्य गणेश जी की पूजा कर सकते हैं. पंचांग के अनुसार 22 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 22 बजे से शाम 4 बजकर 48 बजे तक चर, लाभ और अमृत के चौघड़िया है.

गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश जी की मूर्ति का मुख पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए. भगवान गणेश जी को जब घर पर लाएं तो स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें. जब तक घर पर गणेश जी घर पर रहें तब तक घर पर रहे शुद्धता का विशेष ध्यान रखें. इस दिन जरुरतमंदों को दान भी करें. गणेश जी का विसर्जन पूरे भक्तिभाव से करना चाहिए. भगवान गणेश को धूप, दीप, वस्त्र, फूल, फल, मोदक अर्पित करें और नित्य भगवान गणेश की आरती करें. घर का वातावरण दूषित नहीं होना चाहिए. मन में शुद्ध विचार रखकर भगवान की स्तुति करनी चाहिए.

 

कोरोना से जंग जीतने वालों का बना नया रिकॉर्ड, 24 घंटे में 62 हजार मरीज हुए ठीक, 74 फीसदी पहुंचा रिकवरी रेट

देश में कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार एक दिन में अब तक के सबसे ज्यादा लोग ठीक हुए हैं. पिछले 24 घंटे में 62,282 लोग देशभर में कोरोना फ्री हुए. कोरोना महामारी के दौरान एक दिन की यह सर्वाधिक रिकवरी है. वहीं, अब तक कुल 21.5 लाख लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं और रिकवरी रेट 74 फीसदी से अधिक हो गया है.

वहीं, कोविड-19 के 68,898 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले शुक्रवार को 29 लाख के पार पहुंच गए. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड-19 के कुल 29,05,823 मामले हैं. वहीं पिछले 24 घंटे में 983 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 54,849 हो गई है.

संक्रमण से मृत्यु दर गिरकर 1.89 प्रतिशत हो गई है और मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 74.30 प्रतिशत पहुंच गई. आंकड़ों के अनुसार देश में अभी 6,92,028 मरीजों का कोरोना वायरस का इलाज जारी है, जो अब तक आए कुल मामलों का 23.82 प्रतिशत है. भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख के पार पहुंचे थे.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 20 अगस्त तक कुल 3,34,67,237 नमूनों की कोविड-19 के लिए जांच की गई, जिनमें से 8,05,985 नमूनों की जांच गुरुवार को ही की गई.

NCERT सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा- जब 27% छात्रों के पास स्मार्टफोन या लैपटॉप ही नहीं, तो कैसे होगी ऑनलाइन पढ़ाई ?

ऑनलाइन क्लास करने के लिए कम से कम 27 प्रतिशत छात्रों की स्मार्टफोन या लैपटॉप तक पहुंच ही नहीं है. जबकि 28 प्रतिशत छात्र और अभिभावक बिजली की समस्या को एक प्रमुख रूकावट मानते हैं. राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है.

एनसीईआरटी के सर्वेक्षण में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के छात्रों, अभिभावको, शिक्षकों और प्राचार्यो सहित 34,000 लोगों ने हिस्सा लिया था . इनका कहना था कि प्रभावी शैक्षणिक उद्देश्य के लिए उपकरणों के उपयोग की जानकारी की कमी और शिक्षकों में ऑनलाइन शिक्षा के तरीकों की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण भी पढ़ाई में बाधा आती है.

एनसीईआरटी सर्वेक्षण के अनुसार, “करीब 27 प्रतिशत छात्रों ने स्मार्टफोन या लैपटॉप उपलब्ध नहीं होने की बात कही. कोविड-19 के दौरान पठन पाठन के माध्यम के रूप में अधिकतर पक्षकार मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे हैं.” इसमें कहा गया है कि करीब 36 प्रतिशत छात्र पाठ्यपुस्तक और उनके पास उपलब्ध किताबों का उपयोग कर रहे हैं. शिक्षकों एवं प्राचार्यो के बीच लैपटॉप दूसरा सबसे अधिक पसंदीदा विकल्प है. महामारी की स्थिति में पठन पाठन के लिए टेलीविजन और रेडियो सबसे कम उपयोग में आने वाला उपकरण है. पक्षकारों ने छात्रों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद की कमी को एक कारण के रूप में पाया है.

सर्वेक्षण में कहा गया है कि लगभग सभी संबद्ध राज्य शिक्षण प्राप्त करने वालों की प्रगति पर नजर रखने के लिए भौतिक या गैर डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हैं और इनमें से अधिकतर में शिक्षक घर जाते हैं या फोन काल का उपयोग करते हैं. करीब आधे छात्रों ने कहा कि उनके पास स्कूली पाठ्यपुस्तकें नहीं है. हालांकि एनसीईआरटी की वेबसाइट और दीक्षा पोर्टल पर ई पुस्तकें उपलब्ध हैं. छात्रों में ई पाठ्यपुस्तक को लेकर जागरूकता की कमी दिखी है. इसका एक कारण यह सामने आया है कि छात्र पाठ्यपुस्तक की हार्डकापी का उपयोग पढ़ाई के लिए करते हैं .

अधिकतर पक्षकारों का कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से गणित विषय की पढ़ाई कठिन है क्योंकि इसमें कई तरह के सिद्धांत होते हैं. इनमें बच्चों के साथ शिक्षकों का संवाद, सतत सहयोग और निगरानी की जरूरत होती है. ऑनलाइन माध्यम में इसकी कमी होती है. गणित और विज्ञान में कई सिद्धांत के साथ प्रयोग भी होते हैं. ऐसे कई प्रयोग केवल प्रयोगशालाओं में शिक्षकों की निगरानी में ही संभव होते हैं. कुछ पक्षकारों ने सामाजिक विज्ञान विषय की आनलाइन माध्यम से पढ़ाई को कठिन बताया है.

एनसीईआरटी के सर्वेक्षण में कहा गया है कि करीब 17 प्रतिशत छात्रों ने भाषा की पढ़ाई को ऑनलाइन माध्यम से कठिन बताया. करीब 10 प्रतिशत पक्षकारों ने कला शिक्षा को इस माध्यम से चिंता का विषय बताया.

16 मार्च से ही देश में विश्वविद्यालय और स्कूल बंद हैं जब सरकार ने कोविड-19 महामारी को रोकने के उपाय के तहत कक्षाओं को बंद करने की घोषणा की थी. शैक्षणिक संस्थानों के लंबी अवधि तक बंद होने के कारण ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा को आगे बढाया गया है. बहरहाल, एनसीईआरटी के सर्वेक्षण के आधार पर शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों के लिए शिक्षा संवर्धन दिशा-निर्देश जारी किए जिनमें समुदाय के सदस्यों और पंचायती राज के सदस्यों की सहायता से सामुदायिक केंद्रों में हेल्पलाइन सेवा स्थापित करने जैसे उपाय हैं.

योगी सरकार में कम हुए अपराध, यूपी सरकार ने जारी किए पिछले 9 साल के आंकड़े

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में पिछली सरकारों के मुकाबले अपराधों में जबरदस्त सुधार हुआ है. यूपी सरकार ने गुरुवार को प्रदेश में अपराधों की संख्या में कमी का दावा किया है. सरकार ने इसको लेकर पिछले 9 सालों के तुलनात्मक आंकड़े भी पेश किए हैं. राज्य सरकार ने इस दौरान दावा किया कि अपराध और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का नतीजा है कि प्रदेश में अपराध न्यूनतम स्तर पर है.

गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में पिछले नौ सालों में घटित अपराधों के तुलनात्मक आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. सरकार ने बताया कि डकैती के मामले में साल 2016 के मुकाबले 2020 में 74.50 फीसदी और 2012 के मुकाबले 74.67 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है.

इसके अलावा सरकार ने दूसरे अपराधों के आंकड़े भी सामने रखे. सरकार ने बताया कि लूट के मामलों में क्रमशः 65.29 फीसदी और 54.25 फीसदी की गिरावट हुई है. वहीं, हत्या के मामलों में क्रमशः 26.43 फीसद और 29.74 फीसदी की कमी आई है. फिरौती के लिए अपराध के मामलों में साल 2016 के मुकाबले साल 2020 में 54.55 फीसदी और 2012 के मुकाबले 64.29 फीसदी की कमी आई है.

सरकारी प्रवक्ता ने आगे बताया कि 2013 के मुकाबले 2020 में बलात्कार के मामलों में 25.94 फीसदी और 2016 के मुकाबले 38.74 फीसदी की कमी आई है. उन्होंने बताया कि पोक्सो एक्ट के मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए एक जनवरी 2019 से इस साल 30 जून तक 922 मुकदमों में आरोपियों को सजा हुई है. इनमें से पांच को मृत्युदंड, 193 को उम्र कैद और 724 को अन्य सजा हुई है.

इसके अलावा सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गुंडा अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है. उन्होंने बताया कि गुंडा अधिनियम के तहत साल 2012 में 12,149 वहीं, वर्ष 2016 में 13,615 मुकदमे दर्ज हुए थे जबकि 2020 में अब तक 17,908 मामले दर्ज हुए हैं.

वहीं, गैंगस्टर एक्ट के तहत 2012 में 1313, वर्ष 2016 में 1716 और 2020 में 2346 मुकदमे दर्ज हुए हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत साल 2012 में 44, 2016 में 82 और 2020 में 112 केस दर्ज हुए. प्रवक्ता ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ की गई कार्यवाही में उत्तर प्रदेश देश के अन्य राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुकाबले काफी आगे है. आईपीसी के अपराधों में 4,14,112 गिरफ्तारियों के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है.

BMC के 33,441 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी, स्वास्थ्य विभाग के बजट में नहीं की गई कोई कटौती

बृहन्नमुंबई महानगर पालिका  (BMC) के 2020-21 के सालाना बजट को पांच महीने के विलंब के बाद गुरुवार को आखिरकार मंजूरी मिल गयी. वर्चुअल आम सभा बैठक में बीएमसी के 33,441 करोड़ रुपये के बजट को बिना किसी कटौती के मंजूरी दे दी गयी. बीएमसी ने एक बयान में कहा कि यह पहली बार है, जब आम सभा ने वर्चुअल तरीके से बैठक कर सालाना बजट को मंजूरी दी है. कोविड-19 महामारी संकट के बीच बजट को वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये आयोजित बैठक में मंजूरी दी गई.

बयान में कहा गया, ‘‘स्वास्थ्य विभाग के बजट में कोई कटौती नहीं की गयी. इसके साथ ही विकास के चल रहे कार्यों को लेकर भी मद में कोई कटौती नहीं की गयी.’’ मुंबई में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में बीएमसी ही सबसे आगे रहकर काम कर रही है.

बीएमसी की महापौर किशोरी पेडनेकर ने इस बैठक की अध्यक्षता की जिसमें निगम के 2020- 21 के बजट को मंजूरी दी गई. बीएमसी के सालाना बजट को मार्च में ही मंजूरी दे दी गई थी लेकिन कोरोना वायरस महामारी के फैलने के बीच आम सभा की बैठक नहीं होने के कारण इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई थी.

TV एक्टर Gaurav Chopra की मां का निधन, कैंसर के इलाज के दौरान हुआ Coronavirus Infection

टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता गौरव चोपड़ा पर दुखों का पहाड़ टूटा है. कैंसर से जंग लड़ रहीं उनकी मां का निधन हो गया है. वो काफी समय से अस्पताल में भर्ती थीं.

गौरव ने अपनी मां के निधन के संबंध में जानकारी साझा करते हुए सोशल मीडिया पर बेहद इमोशनल पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट में गौरव ने बताया है कि उनकी मां कितनी स्ट्रॉन्ग महिला थीं. वहीं गौरव के इस पोस्ट पर फैंस के साथ-साथ कई सेलेब्रिटीज ने प्रतिक्रिया दी है. सभी ने उन्हें हिम्मत बनाए रखने की सलाह दी है.

गौरव ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर अपनी मां की तस्वीरें शेयर करते हुए एक बेहद इमोशनल नोट शेयर किया है. गौरव ने लिखा- ‘मेरी मां सबसे मजबूत! पहली तस्वीर एक साल पहले की है. सबसे बुरे तरह के कैंसर से तीन साल लड़ने के बाद, तीन साल लगातार चलने वाली कीमो और उसके बाद भी वो हमारा हौंसला बढ़ा रही थीं. हमेशा हर कमरे में एनर्जी का सबसे जगमगाता स्रोत… हमेशा. खूबसूरती को किसी भी तरह की परिभाषा की जरूरत नहीं है. वो हमेशा सामने आ जाती है, सभी को प्रिय होती है. कई लोगों को एक शिक्षक के तौर पर, एक प्रिंसिपल के तौर पर एक सहकर्मी के तौर पर, एक दोस्त के तौर पर और एक इंसान के तौर पर जिसने सबसे ज्यादा आध्यामिक ग्रोथ को महत्व दिया, उन्होंने प्रेरित किया है’.

 

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My mommy strongest !! The first picture is from a year ago. Three years of cancer fighting of the worst kind ,three years of non stop chemo: and she was bucking us up ! Always the brightest spot of energy in the room . Always. The beauty that did not need any kind of accentuation. It stood out .loved by all. To the point of seeming like her fans. . . Inspired so many..as a teacher, as a principal,as a colleague ,as a friend ,as a human being pursuing spiritual growth over everything else.. I can go on and on .about a million things..she introduced me to everything in life ..my strength..my source.. #MeriMaa was the strongest.. She left us yesterday… In the other world she would be making everyone her fan ,I’m sure ! Aapka #kaanha

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गौरव आगे लिखा- ‘मैं आगे बहुत कुछ बोल सकता हूं. कई लाख बातों के बारे में. वो मेरी जिंदगी में सबकुछ लेकर आईं… मेरी ताकत, मेरा सोर्स #MeriMaa सबसे स्ट्रॉन्ग थी. वो बीते दिन हमें छोड़कर चली गईं. वो दूसरी दुनिया में भी सभी को अपना फैन बना रही होंगी, मैं जानता हूं… आपका #kaanha’. गौरव के इस पोस्ट पर हर कोई उनकी मां की आत्मा की शांति की कामना करता नजर आ रहा है.

दिलीप कुमार के छोटे भाई असलम खान का निधन, दूसरे भाई एहसान की हालत गंभीर, दोनों को हुआ Corona संक्रमण    

मुंबई में कोरोना का कहर अब दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार के परिवार तक पहुंच गया. शुक्रवार को दिलीप कुमार के सबसे छोटे भाई असलम खान (88) का कोरोना संक्रमण से मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल में निधन हो गया. देर रात से ही उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी और वे वेंटीलेटर पर थे. दिलीप के दूसरे भाई एहसान खान (90) की भी तबीयत नाजुक है.

हॉस्पिटल सूत्रों के अनुसार, उन्हें भी क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया है. दोनों भाइयों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिसके बाद उन्हें आर्टिफिशियल ब्रीदिंग सपोर्ट लगाया गया. दोनो भाई रैपिड एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें लीलावती में भर्ती कराया गया था.

लीलावती हॉस्पिटल के डॉ. जलील पार्कर ने असलम खान के निधन की पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘महान अभिनेता दिलीप कुमार के छोटे भाई असलम खान को शुगर, ब्लडप्रेशर और हार्ट से जुड़ी समस्याओं के साथ कोविड-19 संक्रमण था. तड़के उनका निधन हो गया.’’

दिलीप के दोनों भाई असलम और एहसान अलग घर में रहते थे. लिहाजा वे और सायरा बानो कोरोना संक्रमण से सुरक्षित हैं. हालांकि, भाइयों में संक्रमण की पुष्टि के बाद दिलीप कुमार और सायरा का भी कोरोना टेस्ट करवाया गया. दिलीप कुमार ने अप्रैल में अपने फैन्स से अपील करता हुए एक पोस्ट भी शेयर किया था. इसमें लिखा था कि मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कोरोना महामारी के दौर में अपने घर पर ही सुरक्षित रहें.

रामपुर के सिक्की कला को ग्लोबल टूरिस्ट केंद्र के रूप में विकसित करूंगी : पुष्पम प्रिया चौधरी

“जो काम आत्मा, हृदय और मन से करता हूँ उसमें आनंद आता है” यह कहना था सिक्की कला के महारथी धीरेंद्र कुमार दास का. प्लुरल्स प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी मधुबनी जिले के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन प्रखंड पंडौल, पंचायत संकौर्थु के रामपुर सिक्की आर्ट गैलरी सह उत्पादन केंद्र में पहुंची थी.  उपेंद्र नाथ महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, उधोग विभाग, बिहार सरकार से 2015 और वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार से 2016 में सम्मानित धीरेंद्र कुमार दास सिक्की घास से कलाकृतियों को आकार देने में माहिर हैं. इस सिक्की घास को कतरा झाड़, खस घास के नाम से भी जाना जाता है.

“शिव का विषपान” नामक पहली कलाकृति बनाने वाले दास ने बताया कि इसे नाखून, सेविंग ब्लेड और सर्जिकल ब्लेड की सहायता से निर्मित की जाती है. कलाकार दास ने बताया कि एक कलाकृति को बनाने में 3 दिन का समय लगता है.
अशिक्षित महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के प्रण लेकर चलने वाले धीरेंद्र कुमार 1992 में ट्रेजरी कार्यालय से रिटायर पिता का पैसा लगकर सिक्की कला का काम करना शुरू किया. अभी वर्तमान में 76 महिला और 16 लड़के इनके साथ कार्यशाला में काम करते हैं. अबतक इन्होंने 4500 लोगों को प्रशिक्षण दिया है जो अलग-अलग जगहों पर अपनी कार्यशाला चला रहे हैं.

निफ्ट, पटना, उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत धीरेंद्र कुमार दास ने बताया कि इस कार्यशाला से साठ हजार रुपये की मासिक बिक्री होती है पर लॉक डाउन के कारण से यह प्रक्रिया बंद है.

सरकार की लालफीताशाही से परेशान कलाकार दास ने बताया कि सिक्की कला के कार्यशाला के विस्तारण और कॉमन फैसिलिटी सेंटर ने निर्माण को लेकर प्रस्ताव पास हो गया है परंतु अभी तक यह धरातल पर नहीं आ पाया है. उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि स्कॉलरशिप देकर लोगों को इसमें प्रशिक्षण कराने का प्रयास कराना चाहिए ताकि अधिकतम लोग आत्मनिर्भर बन सके. इन्होंने कहा कि इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का सांस्थानिक प्रयास करना चाहिए ताकि कलाकारों को अधिकतम लाभ मिल सके.

प्लुरल्स प्रेसिडेंट के आने से आह्लादित कलाकार धीरेंद्र दास बताया कि आपके आने से उनका उत्साह बढ़ गया है. प्लुरल्स पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार पुष्पम प्रिया चौधरी ने सिक्की कला के क्षेत्र में काम करने वाले रामपुर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करने और टूरिज्म विलेज बनाने का वादा किया.  प्लुरल्स प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी का मधुबनी दौरा

BIG Breaking : सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच करेगी CBI, सुप्रीम कोर्ट ने पटना में दर्ज FIR को सही ठहराया

सुप्रीम कोर्ट  ने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस को बड़ा झटका देते हुए सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच का अधिकार सीबीआई को दिया है.साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में दर्ज FIR को सही ठहराया है. कोर्ट ने अपने फ़ैसले में मुंबई पुलिस को जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में जांच नहीं बल्कि सिर्फ पूछताछ की थी.हालकिं महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दे सकती है.

सुशांत के चचेरे भाई नीरज सिंह बबलू ने कहा- हमारा परिवार और देश के करोड़ों लोगों के लिए ये फैसला आया है. हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने सीबीआई जांच का सपोर्ट किया था. अब हमें तसल्ली है कि सुशांत सिंह राजपूत को न्याय मिलेगा.

सुशांत सिंह राजपूत के फैमिली वकील विकास सिंह ने कहा- सुशांत के परिवार के लिए ये बड़ी जीत है. कोर्ट ने भी माना कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में कोई जांच नहीं की थी. ये एतिहासिक फैसला है. इंसाफ की तरफ ये पहला और बड़ा कदम है. अब सीबीआई अपनी जांच शुरू करेगी और सुशांत के परिवार को उनकी मौत का सच पता चल सकेगा. रिया ने कल जो बयान जारी किया था वो केवल सहानुभूति पाने के लिए किया था.

सुशांत केस की जांच सीबीआई को दिए जाने के बाद बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने ट्वीट कर लिखा- आखिरकार, केस की जांच सीबीआई करेगी. वहीं अंकिता लोखंडे ने लिखा- सच जीता. तमाम बॉलीवुड सेलेब्स के भी रिएक्शन आ रहे हैं. बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने भी सीबीआई को जांच सौंपे जाने पर खुशी जताई है.