अफगानिस्तान में हुए आत्मघाती हमले में 9 लोगों की मौत, 40 घायल
जिस किसान की जिद्द ने गांधी को हराया, उसकी विरासत को बिहार सरकार ने भूलाया : पुष्पम प्रिया चौधरी
प्लुरल्स पार्टी की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी ने राजकुमार शुक्ल के गावँ सतवारिया में उनके परिजनों से मिलने के बाद कहा कि “मोहनदास गांधी को महात्मा बनाने वाले जिद्दी किसान राजकुमार शुक्ल को बिहार सरकार ने भूला दिया है”. सतवारिया गाँव में उनके नाती श्री मणिभूषण राय जी के साथ उनकी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि मोहनदास को किसानों के संघर्ष के प्रतीक बनाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले राजकुमार शुक्ल की विरासत को बचाने में बिहार सरकार असफल रही. चंपारण सत्याग्रह जितना गांधीजी का है, उतना ही राजकुमार शुक्ल जी का भी है.
1916 में कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन में इसी जिद्दी किसान ने गांधी जी को चंपारण आने का आग्रह किया था. सत्य के प्रयोग में गांधी जी लिखते हैं “लखनऊ कांग्रेस में जाने से पहले तक मैंने चंपारण का नाम तक नहीं जानता था. नील की खेती होती है, इसका तो खयाल भी न के बराबर था. इसके काऱण हजारों किसानों को कष्ट भोगना पड़ता है इसकी भी मुझे जानकारी नहीं थी”. राजकुमार शुक्ल नाम के चंपारण के एक किसान ने वंहा मेरा पीछा पकड़ा और जिद करते रहें औऱ इस किसान की जिद ने मोहनदास को चंपारण आने पर विवश कर दिया और बाद में चंपारण आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में किसानों के संघर्ष का प्रतीक बनकर उभरा. गांधी जी ने लिखा “इस अपढ़, अनगढ़ लेकिन निश्चयी किसान ने मुझे जीत लिया”. परंतु बिहार सरकार ने उनकी विरासत को भूलाकर उस जिद्दी किसान को हरा दिया.
पंडित राजकुमार शुक्ल ने अपनी डायरी में लिखा कि उन्होंने महात्मा गांधी को दो साल तक मनाया कि बिहार के चंपारण आकर किसानों को सुनें. विदेश से लौटे गांधीजी तंग हैं कि “सच में मैंने तो चंपारण का नाम तक नहीं सुना, कहाँ है यह जानने का तो सवाल ही नहीं”. अंततः राजकुमार शुक्ल की ज़िद से हारकर वे आते हैं और इतिहास बदल जाता है! गांधी फिर वापस नहीं आए, आज़ादी के आंदोलन में रत हो गए और इधर राजकुमार जी ग़रीबी, संघर्ष और अंग्रेजों के बदले से बर्बाद हो गए, लेकिन वे खुश रहे कि देश बदल रहा है.
पंडित राजकुमार शुक्ल जी की पाँचवी पीढ़ी की बच्ची ने पुष्पम प्रिया चौधरी से कहा “चेहरा देखेंगे”. इसके बाद वो एक ऐसा चेहरा देख रही थी जो बिहार को बदलने की मुहिम में जुड़ी है, अपने सकारात्मक राजनीति के माध्यम से, वह कहती हैं कि “एक सौ साल के बाद अब हमारी चौथी वाली पीढ़ी पर ही ज़िम्मेदारी गिरी है कि हम बिहार के सत्याग्रह की पाँचवी पीढ़ी को अवसरों की आज़ादी दें, उनके जीवन में तेज गति और उड़ने के लिए पंख! मेरे लिए तो बिहार और राजनीति का यही मतलब है – जाति-धर्म का अतीत नहीं, एक नए वर्तमान का सुनहरा भविष्य”!
प्लुरल्स की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी सतवारिया गाँव में उनके नाती श्री मणिभूषण राय के साथ उनकी स्मृतियों को साझा किया. उन्होनें कहा कि “उनके जाने के 90 साल बाद भी उनके क्षेत्र में विकास शायद फिर एक सत्याग्रह से ही आएगा. आज फिर बिहार के बदलाव का समय है, किसानों, गाँवों को सुनने का समय है. जाइए उनको सुनिए, आप सिर्फ़ गाँव पहुँच जाइए, सब कुछ बदल जाएगा. बदलाव सिर्फ़ सोच और ज़िद से होना है, शेष बातें बस इतिहास के पन्नों में दर्ज होने के लिए हैं”.
COVID-19 : केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में छुट्टी पर गए कर्मचारियों को दी राहत, नियमों में मिली छूट
केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान छुट्टी या आधिकारिक दौरे पर गए ऐसे कर्मचारियों को राहत दी है जो लौटकर ऑफिस नहीं आ सके. सरकार ने इन कर्मचारियों के लिए नियमों में छूट देने की घोषणा की है. सरकार ने जरूरी अनुमति के बाद छुट्टी पर गए, लेकिन यात्रा संबंधी पाबंदी के कारण ड्यूटी पर लौट नहीं पाने वाले कई कर्मचारियों की ओर से संदेश मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है .
कार्मिक मंत्रालय ने इन सवालों पर स्पष्टीकरण देते हुए केंद्र सरकार के सभी विभागों को एक आदेश जारी किया है . साथ ही, निर्देश दिया है कि इस विषय पर उन्हें डीओपीटी (मंत्रालय के तहत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) का ‘‘अनावश्यक रूप से संदर्भ देने से परहेज करना चाहिए.’’
इसमें कहा गया है कि जो कर्मचारी आधिकारिक दौरे पर थे और सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं रहने के कारण कार्यालय नहीं आए पाए और उन्होंने इसकी सूचना कार्यालय को दी थी, तो ऐसी स्थिति में मान लिया जाए कि दौरा खत्म होने के अंतिम दिन वे ड्यूटी पर लौट आए. इसमें कहा गया है, ‘‘अगर चिकित्सा आधार पर छुट्टी ली गयी थी तो मेडिकल या फिटनेस प्रमाण पत्र पेश करना होगा.’’
देश में 25 मार्च से लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के पहले छुट्टी पर जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के मामले में भी यही प्रावधान लागू होगा .ऐसे सरकारी सेवक जो लॉकडाउन के पहले 21 मार्च (शनिवार) को मुख्यालय से निकल गए थे और परिवहन नहीं रहने के कारण 23 मार्च को नहीं लौट पाए तो कार्यालय को सूचित कर देने की स्थिति में माना जाएगा कि वे 23 मार्च को ड्यूटी पर आए.
योगी सरकार पर बरसे अखिलेश यादव, यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूपी में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला है. अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए यूपी में राष्ट्रपति शासन (Presidents Rule) लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कारण राज्य में कानून-व्यवस्था का संकट उत्पन्न हो गया है, इसलिए सपा यहां पर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करती है.
अखिलेश यादव ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा “भाजपा सरकार के कारण ही कानून-व्यवस्था का संकट उत्पन्न हुआ है. सरकारें अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से हटकर जब दूसरे कामों में उलझती रहती हैं तो इस तरह के संकट तो पैदा होते ही रहेंगे. ऐसे में प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए.”
अखिलेश ने आगे कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार से कानून-व्यवस्था नहीं संभल रही है. मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर में अपहरण कर 14 वर्षीय बलराम गुप्ता की हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद अपनी विफलता पर पर्दा डालने के लिए सीएम योगी ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये दिए. सपा की मांग है कि सरकार को कम से कम 50 लाख रुपये देने चाहिए. इसके अलावा कानपुर में संजीत यादव की हत्या के मामले में भी पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये दिए जाने चाहिए.
उन्होंने कहा कि पुलिस अभी तक कानपुर में संजीत यादव का शव बरामद नहीं कर सकी है. यह भाजपा सरकार के लिए कम शर्मनाक नहीं है. भाजपा सरकार के कारण ही कानून-व्यवस्था का संकट उत्पन्न हुआ है. उन्होंने कहा कि नोएडा में महिला की हत्या, गाजियाबाद में दिनदहाड़े डकैती और मैनपुरी में प्रजापति समाज के लोगों को जिंदा जला दिया. संभल-चंदौसी में पिता-पुत्र की हत्या, प्रयागराज में एक ही परिवार के तीन लोगों की सामूहिक हत्या और कासगंज में तिहरा हत्याकांड जैसी दुखद घटनाएं भाजपा सरकार की नाकामी के उदाहरण हैं.
केंद्र सरकार ने जारी की Unlock-3 Guidelines, नाइट कर्फ्यू हुआ खत्म-जिम खोलने की मिली इजाजत
केंद्र सरकार ने Unlock-3 Guidelines की गाइडलाइंस जारी करते हुए 5 अगस्त से जिम खोलने की इजाजत दे दी गई है. साथ ही नाइट कर्फ्यू को भी हटा दिया है. हालकिं मेट्रो, रेल और सिनेमाघर पर लगी पाबंदी जारी रहेगी.
सरकार की तरफ़ से कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के साथ किए जाएंगे. इसके अलावा अन्य स्वास्थ्य प्रोटोकॉल (Health Protocal) का पालन करना होगा, जैसे, मास्क पहनना. गृह मंत्रालय की तरफ़ से कहा गया है कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ चर्चा के बाद स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों को 31 अगस्त तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है
वंदे भारत मिशन (Vande Bharat Mission) के तहत सीमित संख्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा की इजाजत दी गई है. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर सरकार बाद में फैसला लेगी. मेट्रो रेल, सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल पहले की तरह बंद रहेंगे. वहीं, कंटेनमेंट जोन में 31 अगस्त तक लॉकडाउन जारी रहेगा. सरकार की ओर से जो भी छूट दी गई है वो कंटेनमेंट जोन से बाहर के लिए है. कंटेनमेंट जोन में पाबंदियां जारी रहेगी.
सरकार ने कहा कि नई गाइडलाइंस कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) के बाहर के लिए है. 1 अगस्त से अनलॉक-3 लागू हो जाएगा. गृह मंत्रालय ने बताया कि आज जारी किए गए नए दिशानिर्देश, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त फीडबैक पर आधारित हैं. संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया है.
गृह मंत्रालय की ओर से 65 साल से ज्यादा उम्र, बीमारियों से जूझ रहे लोगों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में रहने की ही सलाह दी गई है. सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना पहले की तरह अनिवार्य रहेगा. शादी-समारोह में 50 से ज्यादा लोगों की इजाजत नहीं होगी. अंतिम संस्कार में 20 लोगों से ज्यादा के शामिल होने पर रोक जारी रहेगी.
देश में COVId-19 के मामले बढ़कर 14,83,156 हुए, 24 घंटे में 654 की मौत
भारत में एक दिन में कोविड-19 (COVId-19) के 47,703 नए मामले सामने आने के बाद मंगलवार को देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 14,83,156 हो गए. वहीं, संक्रमण से स्वस्थ हुए लोगों की संख्या बढ़कर 9,52,743 हो गई है.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुबह आठ बजे जारी किए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 654 और लोगों की मौत से देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 33,425 हो गई. आंकड़ों के अनुसार देश में अभी 4,96,988 लोगों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है. देश में मरीजों के ठीक होने की दर 64.24 प्रतिशत और संक्रमण से मरने वालों की दर 2.25 प्रतिशत है.
कुल पुष्ट मामलों में देश में संक्रमित पाए गए विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. देश में लगातार छठे दिन कोविड-19 के 45,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं.
COVID-19 Outbreak :राजस्थान में वर्कप्लेस को सैनिटाइज नहीं कराने पर लगेगा 10 हजार रुपये का जुर्माना
कोरोना वायरस ( CoronaVirus) संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान सरकार (Rajasthan Governemnt) ने इससे जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन कराने की तैयारी की है और सार्वजनिक स्थलों पर मास्क नहीं लगाने वालों पर 200 रुपये का जुर्माना तय किया है. गृह विभाग ने राजस्थान महामारी अध्यादेश, 2020 के तहत कोरोना संक्रमण की रोकथाम का सख्ती से पालन करने के उद्देश्य से सोमवार को अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं.
अधिसूचना के अनुसार सभी कार्यस्थलों पर कार्य अवधि के दौरान नियमित रूप से सैनिटाइजेशन व कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन करना होगा. ऐसा नहीं होने की स्थिति में 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा.
वहीं, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति लोक परिवहन सेवाओं यथा ऑटो, कैब, रिक्शा, बस, ट्रेन आदि में मास्क या फेस कवर पहने जिसमें उसका नाक और मुंह समुचित रूप से ढका होगा. इसकी अवहेलना करने पर 200 रुपये का जुर्माना देय होगा.
उल्लेखनीय है कि राज्य में कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार ने पहले ही कड़े प्रावधानों एवं दण्डों को लागू किया हुआ है. सार्वजनिक या कार्यस्थल पर फेस मास्क नहीं पहनने पर 200 रुपये, दुकानदार द्वारा बिना फेस मास्क या फेस कवर नहीं पहने ग्राहकों को सामान बेचने पर 500 रुपये, सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर 200 रुपये तथा शराब, पान, गुटका या तम्बाकू का सेवन करने पर 500 रुपए का जुर्माना देय है.
वित्त वर्ष 2019-20 में बैंक धोखाधड़ी के 84,545 मामले आए, 1.85 लाख करोड़ रुपये फंसे-भारतीय रिजर्व बैंक
वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने बैंक धोखाधड़ी के 84,545 मामलों की जानकारी दी है. बैंक धोखाधड़ी के कुल मामलों की राशि 1.85 लाख करोड़ रुपये थी. एक आरटीआई कार्यकर्ता (RTI Activist) ने भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) से मिली जानकारी का हवाला देते हुए यह जानकारी दी. देखा जाए तो ये रकम काफी बड़ी है और इसका बैंकों के एनपीए पर बड़ा असर देखा गया है.
आरटीआई ( Right to Information-RTI) कार्यकर्ता अभय कोलारकर ने कहा कि उन्होंने जून 2020 में आरबीआई के अधिकार क्षेत्र के तहत बैंकिंग से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे थे, और उन्हें कुछ दिन पहले उनके जवाब मिले. कोलारकर ने आरटीआई में पूछा था कि एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के दौरान धोखाधड़ी के कितने मामले सामने आए और इसमें कितनी राशि शामिल थी.
आरबीआई ने अपने जवाब में बताया कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान धोखाधड़ी के कुल 84,545 मामलों के बारे में बताया और इसमें शामिल राशि 1,85,772.42 करोड़ रुपये है.
आरटीआई में यह भी पूछा गया कि बीते वित्त वर्ष के दौरान आरबीआई के 15 लोकपाल कार्यालयों को कितनी उपभोक्ता शिकायतें मिलीं. इसके जवाब में आरबीआई ने कहा कि एक जुलाई 2019 से मार्च 2020 के दौरान लगभग 2,14,480 शिकायतें मिलीं. केंद्रीय बैंक ने बताया कि एक अप्रैल 2019 से 30 जून 2019 के बीच 56,493 शिकायतें मिलीं.
आरबीआई ने बताया कि सबसे अधिक 63,259 शिकायतें एसबीआई की थीं. इसके बाद एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) का स्थान था. एक सवाल के जवाब में आरबीआई ने बताया कि 2019-2020 के दौरान 438 बैंक शाखाओं का उसी बैंक की किसी अन्य शाखा में विलय किया गया. इस दौरान कुल 194 शाखाओं को बंद किया गया.
चेन्नई की एसेस हेल्थकेयर ने तिरुमाला के भगवान वेंकेटेश्वर मंदिर में दान दिये 2.1 करोड़
आंध्रप्रदेश में तिरुपति के समीप तिरुमाला के भगवान वेंकेटेश्वर मंदिर में चेन्नई की एक कंपनी ने 2.1 करोड़ रूपये दान दिये हैं. मंदिर के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. कंपनी एसेस हेल्थकेयर की ओर से उपाध्यक्ष वर्धमान जैन ने यह दान दिया है. वर्धमान जैन भगवान वेंकेटेश्व के भक्त हैं.
वर्धमान जैन और उनके परिवार ने मंदिर में पूजा अर्चना के बाद इस राशि का चेक तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अवर कार्यकारी अधिकारी को सौंपा. यह देवस्थानम में इस मंदिर का प्रबंधन संभालता है. अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने टीटीडी से इस धनराशि को उसके द्वारा संचालित श्री वेंकेटेश्वर भक्ति चैनल के विकास पर इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है.
बता दें कि तिरुपति वेन्कटेशवर मन्दिर तिरुपति में एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर है. तिरुपति को भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है. यह आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है. हर साल यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालू आते हैं. तिरुपति तिरुमला देवस्थानम श्री वेंकटेश्वर बाल मंदिर ट्रस्ट का संचालन करता है. यह तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीबों को इलाज और उनके बच्चों की परवरिश करता है.
महाराष्ट्र में अगला चुनाव अकेले लड़ सकती है भाजपा, जेपी नड्डा ने दिया संकेत
महाराष्ट्र (Maharashtra) में महा विकास अघाड़ी सरकार (Maha Vikas Aghadi Government) को ‘एक अपवित्र गठबंधन’ बताते हुए, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा (JP.Nadda) ने राज्य इकाई से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उसे अगले चुनाव के लिए किसी और के समर्थन की आवश्यकता नहीं पड़े.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाराष्ट्र भाजपा के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा, “सरकार एक अपवित्र गठबंधन (शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस की) है, यह बेशर्म है और अपने फायदे के लिए काम करती है. हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हमें किसी की जरूरत नहीं पड़े और अगला चुनाव अकेले ही लड़े.”
नड्डा के बयानों का महत्व है, क्योंकि राजनीतिक अटकलें चल रही हैं कि शिवसेना एमवीए की साझेदारी में राज्य में अगले चुनाव में उतर सकती है. एमवीए पर हमला करते हुए, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके मंत्रियों की सरकार राज्य में ‘कोविड-19 संकट’ (COVID-19 Pandemic ) से निपटने में विफल रही है.
नड्डा ने कहा कि (राज्य) सरकार पार्टी के अंदरूनी मतभेदों का सामना कर रही है. हालांकि, विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने एक प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाई है और सरकार की खामियों को उजागर किया है.
उन्होंने राज्य भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील (Chandrakant Patil) से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि राज्य में आईटी सेल को और मजबूत किया जाए. वर्चुअल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले अन्य लोगों में पाटील, फडणवीस, वरिष्ठ नेता और राज्य के पार्टी पदाधिकारी शामिल रहे.

