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सपना चौधरी (Sapna Choudhary) के हरियाणवी डांस ने स्टेज पर लगाई आग, Video हुआ वायरल

सपना चौधरी (Sapna Choudhary) का एक हरियाणवी डांस वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर धमाल मचा रहा है. उनके इस वीडियो को फैन पेज के इंस्टाग्राम पर शेयर  किया गया है. सपना चौधरी (Sapna Choudhary) को इस वीडियो में देखा जा सकता है कि वो हरियाणवी सॉन्ग पर जोरदार डांस कर रही हैं. इस दौरान लोगों की भीड़ उमड़ी हुई दिखाई दे रही है.

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Sapna Dance Present “sweety” a latest haryanvi song. #sapnachoudhary #sweety

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सपना चौधरी (Sapna Choudhary) के इस डांस वीडियो को हजारों व्यूज मिल चुके हैं. वीडियो में फैन्स का दीवानगी साफ तौर पर देखी जा सकती है. लोग उनके डांस को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करने की कोशिश में लगे हुए थे. वैसे भी सपना चौधरी का कोई भी डांस वीडियो करोड़ों की संख्या में व्यूज लेकर आते है. हाल ही में उनका लेटेस्ट सॉन्ग हरियाणवी सॉन्ग ‘डोप छोरा (Dope Chora)’रिलीज हुआ था. इस गाने को लोगों ने खूब पसंद किया था.

 

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Sapna Dance Present “rotiya ke tote” a latest haryanvi song. #sapnachoudhary #rotiyaketote

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बिहार (Bihar) में आकाशीय बिजली गिरने से हुई 83 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने ट्वीट कर जताई संवेदना

बिहार (Bihar) में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से 83 लोगों की मौत हो गयी. राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारवालों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है वहीं पीएम नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया है.

बिहार राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग (Bihar state disaster management department) ने यह जानकारी दी है आकाशीय बिजली गिरने से राज्य में 83 लोगों की मौत हो चुकी है, सबसे ज्यादा मौतें राज्य के गोपालगंज (Gopalganj) जिले में हुई हैं. यहां 13 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. राज्य की नीतीश कुमार सरकार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है. राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौतं पर संवेदना प्रकट की है.

आकाशीय बिजली गिरने की घटना में सबसे ज्यादा मौतें गोपालगंज में हुई हैं. यहां 13 लोगों के मारे जाने की खबर है. इसके बाद मधुबनी(Madhubani) में 8, नवादा(Nawada ) में 8, भागलपुर(Bhagalpur) में 6 मौतें हुई हैं. वहीं पूर्वी चंपारण (East Champaran), सीवान (Siwan) और बांका (Banka) में 5-5 लोगों के मारे जाने की खबर है. इसके अलावा खगड़िया (Khagaria ) में 3, पश्चिमी चंपारण (West Champaran)  में 2, समस्तीपुर (Samastipur)में 1, किशनगंज (Kishanganj)में 2, शिवहर (Sheohar) में 1, सारण (Saran) में 1, जहानाबाद (Jehanabad) में 2, सीतामढ़ी (Sitmarhi) में 1, जमुई (Jamui)में 2, , पूर्णिया (Purnea) में 2, सुपौल (Supaul) में 2, औरंगाबाद  (Aurangabad) में 3, बक्सर (Buxar ) में 2, मधेपुरा (Madhepura) में 1 और कैमूर (Kaimur) में 2 लोगों की मौत पर सीएम नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं. मुख्यमंत्री ने तत्काल मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें. सीएम ने राज्य के लोगों से अपील की है कि खराब मौसम होने पर आकाशीय बिजली से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय समय पर जारी किए गए सुझावों का अनुपालन करें. उन्होंने कहा है कि खराब मौसम में घरों में रहें और सुरक्षित रहें.

1 July से 12 August के बीच की रेग्युलर ट्रेन की बुकिंग हुई रद्द, यात्रियों को मिलेगा पूरा रिफंड

देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच रेलवे ने 1 जुलाई (July)से 12 अगस्त (August) के बीच नियमित ट्रेनों के लिए बुक किये गए सभी टिकटों को रद्द करने का फैसला लिया है. रेलवे बोर्ड(Railway Board) के अनुसार अगर किसी भी यात्री ने इस दौरान इन ट्रेनों में टिकट की बुकिंग की है तो उसे 100 फीसदी रिफंड मिलेगा. रेलवे के अनुसार इस दौरान सिर्फ स्पेशल ट्रेनें (Special Tarins) चलेंगी जिसकी घोषणा मई (May) और जून (June)में की गईं थी.

इससे पहले महीने की शुरुआत में रेलवे ने लॉकडाउन के बीच चलने वाली ट्रेनों की संख्या 15 जोड़ी (अप-डाउन कर रही 30 ट्रेनें) से बढ़ाकर 200 कर दी थी. अधिकारियों ने बताया कि जरूरी सेवाओं में लगे कर्मियों की आवाजाही के लिए हाल में मुंबई में सीमित तौर पर शुरू की गई विशेष उपनगरीय सेवा भी जारी रहेगी. इससे पहले रेलवे ने 30 जून तक सभी ट्रेनों को रद्द किया था.

रेलवे ने अपनी गाइडलाइंस में यात्रियों को ट्रेन के निकलने के 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचने की सलाह दी थी. जिन यात्रियों के पास कन्फर्म्ड/RAC टिकट होंगे, उन्हें ही स्टेशन के भीतर घुसने दिया जाएगा. गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस के तहत सभी यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा और जिनमें कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देंगे, उन्हें यात्रा करने की अनुमति मिलेगी.

ट्रेन पर भी यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) नियम का पालन करना होगा और पूरी यात्रा के दौरान फेस मास्क पहनकर रखना होगा. सभी यात्रियों को लगातार हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहना होगा. सभी यात्रियों के फोन में आरोग्य सेतु ऐप होना जरूरी है. रेलवे के हर ज़ोन को हर स्टेशन पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाने की सलाह दी गई है, ताकि यात्रियों के बीच कोई फेस-टू-फेस मूवमेंट न हो.

 

 

दिव्या खोसला कुमार (Divya khosala kumar) ने Sonu Nigam को कहा एहसान फरामोश, सुनाई खरी-खोटी 

सोनू निगम और टी सीरीज के बीच युध्द अब दंगल का रूप ले रहा है.सुशांत सिंह की आत्महत्या के बाद सोनू निगम ने नेपोटिस्म को लेकर टी सीरीज और भूषण कुमार पर जमकर भड़ास निकली थी, यहाँ तक की सोनू ने भूषण कुमार के रवैये को लेकर भी अपने वीडियो में सवाल उठाए थे.सोनू को इस मुहीम में कई नए कलाकारों का साथ भी मिला.

सोनू के इस मुहीम पर टी सीरीज या भूषण कुमार की तरफ से कोई भी सफाई नहीं आई थी, लेकिन अब भूषण कुमार की पत्नी दिव्या खोसला कुमार की तरफ से सोनू निगम पर पलटवार किया गया है. दिव्या ने सोनू निगम को एहसान फरामोश बताते हुए इस बात का भी खुलासा किया है कि वो टी सीरीज ही थी जिसने सोनू निगम को स्टार बनाया और अर्श से फर्श तक पहुँचाया.

गुलशन कुमार ने ही सोनू निगम को इंडस्रत्री में पहचान दिलाई लेकिन जब गुलशन जी की ह्त्या हुई तो सोनू ने टी सीरीज से ना सिर्फ किनारा किया बल्कि सोनू ने भूषण कुमार को भी मदद नहीं की. कुलमिलाकर दिव्या ने भी सोनू निगम पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं दिव्या ने तो अपने वीडियो में ये तक कह दिया है की सोनू निगम के वीडियो की वजह से अब उनके परिवार को धमकियां भी मिल रही है.

दिव्या ने सोनू के अबू सालेम के साथ रिश्तों की बात भी कही है… ऐसे में अब सोनू निगम की इस वीडियो पर क्या रिएक्शन होता है ये देखना होगा और ये भी देखना होगा टी सीरीज और सोनू के बीच के ये लड़ाई आखिरकार किस मोड़ पर जा कर थमती है.

 

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Madhya Pradesh : इंदौर प्रशाासन ने बढ़ाया छूट का दायरा, अब विवाह समारोह में शामिल हो सकेंगे 50 लोग

देश में कोविड-19 (COVID-19) से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में प्रशासन ने छूट का दायरा बढ़ाते हुए अलग-अलग गतिविधियों को मंजूरी दी है जिसमें विवाह समारोह में वर-वधू पक्ष के मेहमानों की तय तादाद 12 से बढ़ाकर 50 किया जाना शामिल है.

अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब शादी-ब्याह के आयोजन के लिये प्रशासन की पूर्व अनुमति की दरकार भी नहीं है. विवाह समारोह में 50 मेहमानों के साथ ही बैंड, घोड़ीवाले और हज्जाम समेत 10 सेवाप्रदाताओं को भी बुलाया जा सकेगा.

उन्होंने बताया कि प्रशासन ने आम लोगों की मांग पर विवाह समारोह में ये छूटें दी हैं. लेकिन विवाह समारोह के आयोजकों को कोविड-19 से बचाव के तमाम इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे. प्रशासन ने इंदौर के लोगों के सबसे पसंदीदा नाश्ते पोहे के साथ चाय की दुकानों को सुबह छह से 10 के बीच केवल चार घंटे के लिये मंजूरी दी है. इसके बाद बुधवार को इन दुकानों पर खान-पान के शौकीनों की भीड़ देखी गई.

कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर सामाजिक, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में लागू पाबंदियों में प्रशासन के लगातार ढील दिये जाने से जिले में आम जन-जीवन तेजी से पटरी पर लौटता दिखाई दे रही है. हालांकि, इस महामारी का फैलना भी जारी है.

मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) प्रवीण जड़िया ने बताया कि जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 34 नये मामले मिले हैं. इससे जिले में संक्रमितों की कुल संख्या 4,427 से बढ़कर 4,461 हो गई है.

सीएमएचओ ने यह भी बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान 70 वर्षीय पुरुष समेत चार और मरीजों की मौत हो गई. नतीजतन इस महामारी की चपेट में आकर दम तोड़ने वाले मरीजों की कुल तादाद बढ़कर 207 पर पहुंच गई है. वहीं, 3,290 लोग इलाज के बाद इसके संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं.

जिले में कोविड-19 के प्रकोप की शुरूआत 24 मार्च से हुई, जब पहले चार मरीजों में इस महामारी की पुष्टि हुई थी.

पाकिस्तान में पहले हिंदू मंदिर का निर्माण कार्य शुरू, 10 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा भगवान कृष्ण का मंदिर

पाकिस्तान (Pakistan) ने राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में पहले हिंदू मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस पर 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. कृष्ण मंदिर राजधानी के एच-9 इलाके में 20,000 वर्ग फुट के प्लॉट पर बनाया जाएगा. मानवाधिकारों पर संसदीय सचिव लाल चंद माल्ही ने मंगलवार को मंदिर का शिलान्यास किया.

लोगों को संबोधित करते हुए माल्ही ने कहा कि इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में 1947 से पहले के मंदिरों के कई ढांचे हैं, लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया है और इस्तेमाल नहीं किया जाता है. डॉन न्यूज़ ने माल्ही के हवाले से कहा है कि बीते दो दशक में इस्लामाबाद में हिंदू आबादी खासी बढ़ी है इसलिए मंदिर की जरूरत है. उन्होंने इस्लामाबाद में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए शवदाह गृह की कमी की भी बात कही.

खबर के मुताबिक, धार्मिक मामलों के मंत्री पीर नूर-उल-हक कादरी ने कहा कि सरकार मंदिर के निर्माण का खर्च उठाएगी जिसपर फिलहाल अनुमानित तौर पर 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. खबर में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि कादरी ने मंदिर के लिए विशेष अनुदान का मामला प्रधानमंत्री इमरान खान के सामने रखा है.

इस्लामाबाद हिंदू पंचायत ने मंदिर का नाम श्री कृष्ण मंदिर रखा है. राजधानी विकास प्राधिकरण (सीडीए) ने हिंदू पंचायत को मंदिर के लिए 2017 में ज़मीन दी थी. लेकिन कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के कारण मंदिर के निर्माण में देरी हुई. मंदिर परिसर में एक श्मशान घाट भी होगा.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मथुरा (Mathura)में इस साल नहीं होगा मुड़िया पूनों (Mudiya Poono) मेले का आयोजन, परिक्रमा पर लगी रोक

कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मथुरा जिले (Mathura District) में आषाढ़ पूर्णिमा ( Ashadha Purnima) के मौके पर हर साल आयोजित किए जाने वाले ‘मुड़िया पूनों’ (Mudiya Poono) मेले का आयोजन इस बार नहीं किया जाएगा. यह जानकारी जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बुधवार को एक बैठक के बाद दी. उन्होंने बताया कि गोवर्धन और उसके आसपास के गांव-कस्बों में इस समय भी बड़ी संख्या में संक्रमण के मामले आ रहे हैं और कई जगहों को हॉट-स्पाट घोषित कर सील किया गया है ऐसे में मेले का आयोजन संभव नहीं है. जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि जिन राज्यों (हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड) से अधिकतर श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा लगाने आते हैं, वहां भी कोरोना संक्रमण के ज्यादा मामले हैं. ऐसे समय में संक्रमण की रोकथाम करते हुए किसी भी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाना संभव नहीं है. इसलिए, जनहित और स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष मुड़िया पूर्णिमा मेले का आयोजन स्थगित किया जा रहा है. जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि इस बीच गोवर्धन में गिरिराज महाराज की सात कोसीय परिक्रमा लगाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा रहा है. इस दौरान कोई भी चलकर या फिर लेट कर परिक्रमा नहीं लगा सकेगा. गौरतलब है कि, मुड़िया पूर्णिमा मेले का आयोजन इस बार 1 से 5 जुलाई तक होना था. मुड़िया पूनों मेले का इतिहास 500 वर्ष पुराना है, इस दिन लोग गिरराज जी की परिक्रमा करते हैं. कहा जाता है कि 500 साल पहले संतो ने अपने गुरू श्री पाद सनातन गोस्वामी की याद में अपना सिर मुंडन कराकर 5 दिन की शोभायात्रा निकाली थी. उसके बाद से आज तक यह मनाया जा रहा है.

ICMR ने कहा- कोरोना के लक्षण वाले हर व्यक्ति के लिए टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी

कोरोना वायरस (Coronavirus) से संबंधित जांच के दायरे को बढ़ाते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा है कि अब देश भर में कोविड-19 (COVID-19) के लक्षण वाले हर व्यक्ति के लिए जांच सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी.

कोविड-19 की जांच को लेकर आईसीएमआर के मंगलवार को जारी एक संशोधित परामर्श में कहा गया, ‘‘संक्रमण रोकने और लोगों की जान बचाने का एकमात्र तरीका है कि हम जांच करें. संक्रमण के कारण पता करें और फिर उपचार करें. इसलिए देश के हर कोने में लक्षण वाले लोगों के लिए जांच सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराई जाए. इसके साथ ही में संक्रमण के कारणों का पता कर उसके प्रसार को रोकने की प्रक्रिया को और मजबूत करना होगा.’’

जांच संबंधी अपनी संशोधित रणनीति में आईसीएमआर ने उन सभी लोगों की सात दिनों के भीतर जांच कराने की सलाह दी है जो विदेशों से लौटे हों या प्रवासी हों और उन्हें इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (ILI) हो. आईएलआई जैसे लक्षणों के साथ, अस्पतालों में भर्ती मरीज हों या निषिद्ध क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति, सभी को जांच कराने की सलाह दी गई है. कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कार्यरत सभी कर्मचारियों को भी जांच करानी होगी, वह चाहे स्वास्थ्य सेवा से जुडे हों या फिर अन्य सेवाओं से जुड़े हों.

आईसीएमआर ने प्राधिकारियों से कहा है कि वे सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को एंटीबॉडी आधारित कोविड-19 जांच क्षमता से लैस करे. जिससे निगरानी कर स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों के भय को समाप्त किया जा सके. इसके पहले आईसीएमआर की ओर से जो परामर्श जारी किया गया था उसमें निषिद्ध क्षेत्रों के अलावा भीड़-भाड़ वाले इलाकों के, आईएलआई के लक्षण वाले लोगों की सुविधा केंद्रों पर जांच कराने की बात कही गई थी.

आईसीएमआर ने मंगलवार को जारी परामर्श में यह भी अनुशंसा किया है कि सभी निषिद्ध क्षेत्रों, केंद्र और राज्य के सभी चिकित्सा कॉलेजों और अस्पतालों समेत नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर (NABH) पीसीआर टेस्ट (PCR Test) की सुविधा मुहैया कराई जाए. साथ ही राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से अनुमोदित निजी अस्पतालों और आईसीएमआर से अनुमोदित निजी प्रयोगशालाओं में ‘रैपिड एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट’ के साथ साथ आरटी-पीसीआर टेस्ट की सुविधा मुहैया कराई जाए.

परामर्श में कहा गया, ‘‘आईसीएमआर की ओर से सुझाए गए जांच के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हुए सभी राज्य सरकारें, सरकारी और निजी संस्थाएं कोविड-19 की जांच के दायरे को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं.’’

 

Uttar Pradesh : सहारनपुर (Saharanpur ) में युवक की पीट-पीटकर हत्या का वीडियो वायरल, 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज

उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh) के सहारनपुर जिले (Saharanpur District) के देवबंद इलाके में बीती 18 जून को मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. युवक की पिटाई का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि किस तरह से युवक को ग्रामीणों ने घेर रखा है और उसे बेहरमी से पीट रहे हैं. जिस मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक की हत्या कर दी गई, उसका नाम इसरार (35) बताया जा रहा है.
मृतक के परिजनों ने पुलिस के आला अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई  की मांग की है. वहीं, इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक इसरार ने पहले धारदार हथियार से एक छोटे बच्चे पर हमला किया था, जिसमें वो बुरी तरह से घायल हो गया. जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने उसपर हमला बोल दिया. जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गया. इलाज के लिए उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
एसपी सिटी का कहना है कि इस मामले में 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. एफआईआर में बताया गया है कि  18 जून की शाम 6.30 बजे  इसरार ने ग्राम इमलिया में एक लड़के के हाथ पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था और उसकी मोटरसाइकिल लेकर भाग गया. इसके बाद उसने गांव देहरा में एक 7 साल के बच्चे पर धारदार हथियार से हमला किया. जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने उसे घेरकर खूब पीटा. जिसमें उसकी मौत हो गई.

सीएम योगी ने हर थाने, अस्पताल, तहसील, विकास खंड में कोविड हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक थाना, चिकित्सालय, राजस्व न्यायालय एवं तहसील, विकास खण्ड तथा जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करने के मंगलवार को निर्देश दिये.

योगी ने कहा कि हेल्प डेस्क पर कोविड-19 से बचाव सम्बन्धी सावधानियों के पोस्टर लगाए जाएं . कोविड हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सैनेटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. चिकित्सीय उपकरणों के संचालन के सम्बन्ध में कोविड हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए. इन कर्मियों को मास्क तथा दस्ताने उपलब्ध कराए जाएं.

मुख्यमंत्री यहां लोक भवन में बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन हटाने की व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोविड हेल्प डेस्क पर हमेशा एक से दो कर्मी अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें. कोविड हेल्प डेस्क का प्रतिदिन सुबह से शाम तक संचालन किया जाए. निजी अस्पतालों को भी कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए. उन्होंने स्थापित किए गए कोविड हेल्प डेस्क की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए.

उन्होंने विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को जनपदों में रहकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए. साथ ही कहा कि कोविड-19 आपदा काल में इन अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का विशेष रूप से मूल्यांकन किया जाएगा.

योगी ने कहा कि जांच में लगातार वृद्धि की जाए. निगरानी व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए जनपदों में विशेष सचिव स्तर के अधिकारी भेजे जा रहे हैं. सर्विलांस कार्य को सुदृढ़ करने से जांच बढ़ाने में मदद मिलेगी.

उन्होंने स्क्रीनिंग कार्य के लिए अविलंब एक लाख से अधिक टीम गठित करने के निर्देश दिए . उन्होंने कहा कि टीम के द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की हर सप्ताह नियमित तौर पर जांच की जाए. टीम के सदस्यों को मास्क, दस्ताने एवं सैनेटाइजर उपलब्ध कराया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों में बेड की संख्या बढ़ाने के लिए निरन्तर प्रयास किए जाएं. कोविड तथा गैर कोविड अस्पतालों में प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन करते हुए उपचार किया जाए . अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की नियमित देखरेख की जाए. उन्होंने चिकित्सा कर्मियों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए प्रशिक्षण दिए जाने पर विशेष बल दिया .

उन्होंने कहा कि रेडियो तथा टेलीविजन के माध्यम से कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में जागरुकता फैलाने का निरन्तर प्रचार-प्रसार किया जाए. सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग करते हुए लोगों को मास्क लगाने, शारीरिक दूरी बनाए रखने तथा संक्रमण के लक्षणों आदि के बारे में जागरुक किया जाए.

योगी ने निर्देश दिए कि निःशुल्क राशन वितरण का कार्य सुचारु ढंग से कराया जाए. कोविड-19 से बचाव की समुचित सावधानी बरतते हुए खाद्यान्न वितरित किया जाए. उन्होंने गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के मौसम में पशु रोगों के दृष्टिगत गोवंश के स्वास्थ्य के प्रति भी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं.