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पेट्रोल का दाम 53 पैसे, डीजल का दाम 64 पैसे प्रति लीटर बढ़ा, लगातार 12वें दिन बढ़ी कीमत

तेल कंपनियों ने लगातार 12वें दिन पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि की है। पेट्रोल के दाम में बृहस्पतिवार को 53 पैसे और डीजल के दाम में 64 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई. पिछले 12 दिन में पेट्रोल का कुल दाम 6.55 रुपये और डीजल का कुल दाम 7.04 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुका है.

तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल का दाम 77.28 रुपये से बढ़कर 77.81 रुपये प्रति लीटर हो गया. वहीं डीजल का दाम 75.79 रुपये से बढ़कर 76.43 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया.

तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में आने वाले बदलाव के अनुरूप पूरे देश में समान रूप से पेट्रोल, डीजल के दाम घटाती अथवा बढ़ातीं हैं, लेकिन राज्यों में स्थानीय स्तर पर अलग-अलग दर से लगने वाले बिक्री कर अथवा मूल्य वर्धित कर (वैट) के कारण इनके दाम में अंतर रहता है.

तेल कंपनियों ने सात जून से जब दोनों ईंधनों के दाम में दैनिक संशोधन की शुरुआत की है, तब से लगातार दाम बढ़ते चले गये हैं. इससे पहले कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते लगातार 82 दिन तक दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया था.

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिन्दुस्तान पेट्रालियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने उत्पाद शुल्क वृद्धि का बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय तब उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई गिरावट के साथ समायोजित कर दिया था.

गलवान में सैनिकों को गंवाना बहुत परेशान करने वाला और दु:खद है: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए बुधवार को कहा कि गलवान घाटी में सैनिकों को गंवाना बहुत परेशान करने वाला और दु:खद है.

सिंह ने ट्वीट किया कि भारतीय जवानों ने कर्तव्य का पालन करते हुए अदम्य साहस एवं वीरता का प्रदर्शन किया और अपनी जान न्यौछावर कर दी. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘देश अपने सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा. शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. देश इस मुश्किल समय में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें भारत के वीरों की बहादुरी और साहस पर गर्व है.’’

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए.

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प क्षेत्र में ‘‘यथास्थिति को एकतरफा तरीके से बदलने के चीनी पक्ष के प्रयास’’ के कारण हुई. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूर्व में शीर्ष स्तर पर जो सहमति बनी थी, अगर चीनी पक्ष ने गंभीरता से उसका पालन किया होता, तो दोनों पक्षों को हुए नुकसान से बचा जा सकता था.

पूर्वी लद्दाख के पैंगॉन्ग सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी इलाके में भारतीय और चीनी सेना के बीच गतिरोध चल रहा है. पैंगॉन्ग सो सहित कई इलाके में चीनी सैन्यकर्मियों ने सीमा का अतिक्रमण किया है. भारतीय सेना ने चीनी सेना की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है और क्षेत्र में अमन-चैन के लिए तुरंत उससे पीछे हटने की मांग की है. गतिरोध दूर करने के लिए पिछले कुछ दिनों में दोनों तरफ से कई बार बातचीत भी हुई है.

COVID-19: केन्द्र चिकित्सकों के वेतन का भुगतान करने का राज्यों को निर्देश दे- न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केन्द्र से कहा कि वह कोविड-19 के मरीजों का उपचार कर रहे चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन का भुगतान करने और उन्हें आवश्यक पृथक-वास उपलब्ध कराने के लिये राज्यों को निर्देश दे.

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने डा आरूषि जैन की याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन के भुगतान और उनके लिये आवश्यक पृथक-वास की व्यवस्था करने का आदेश दिया. पीठ ने कहा कि कोविड-19 के मरीजों का इलाज और देखभाल कर रहे चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों को पृथकवास की सुविधा से वंचित नहीं किया जाना चाहिये.

शीर्ष अदालत ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के बकाया वेतन के भुगतान और उनकी पृथक-वास की सुविधा के बारे में चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का केन्द्र को निर्देश दिया. साथ ही पीठ ने केन्द्र को आगाह किया कि इसका अनुपालन नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाया जायेगा.

पीठ एक निजी चिकित्सक की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोविड-19 के खिलाफ जंग में पहली कतार के योद्धाओं को वेतन नहीं दिया जा रहा या फिर वेतन में कटौती की जा रही है अथवा इसके भुगतान में विलंब किया जा रहा है.

यही नहीं, इस चिकित्सक ने 14 दिन के पृथक-वास की अनिवार्यता खत्म करने संबंधी केन्द्र के नए दिशानिर्देश पर भी सवाल उठाये थे.

न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहे चिकित्सकों को वेतन का भुगतान नहीं करने और उनके रहने की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर पिछले शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया था. न्यायालय ने कहा था, ‘‘युद्ध के दौरान आप योद्धाओं को नाराज मत कीजिये. थोड़ा आगे बढ़कर उनकी शिकायतों के समाधान के लिये कुछ अतिरिक्त धन का बंदोबस्त कीजिये.’’ न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन का भुगतान नहीं होने जैसे मामलों में अदालतों को शामिल नहीं करना चाहिए और सरकार को ही इसे हल करना चाहिए.

पीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि कई क्षेत्रों में चिकित्सकों को वेतन नहीं दिया जा रहा है. पीठ ने कहा था, ‘‘हमने ऐसी खबरें देखी हैं कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। दिल्ली में कुछ डॉक्टरों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दिया गया है. इसका ध्यान रखा जाना चाहिए था और इसमें न्यायालय के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होनी चाहिए.’’

केन्द्र ने इस संबंध में दलील दी थी कि यद्यपि संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण की गतिविधियां लागू करने की जिम्मेदारी अस्पतालों की है, लेकिन कोविड- 19 से खुद को बचाने की अंतिम रूप से जिम्मेदारी स्वास्थ्यकर्मियों की है.

केन्द्र ने यह भी कहा था कि 7/14 दिन की ड्यूटी के बाद स्वास्थ्यकर्मियों के लिये 14 दिन का पृथक-वास अनावश्यक है और यह न्यायोचित नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की, कहा- अर्थव्यवस्था में दिखने लगे हैं सुधार के संकेत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मंगलवार को कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) से बाहर आने के बाद अर्थव्यवस्था (Economy) में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. उन्होंने कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में केंद्र और राज्यों ने जिस तरह साथ मिलकर काम किया है, यह सहयोगात्मक संघवाद का सर्वोत्तम उदाहरण है.

प्रधानमंत्री ने 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की ढील कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को कमजोर कर सकती है. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में जरा भी ढिलाई ना बरतें.  उन्होंने कहा , ‘‘ ‘अनलॉक-एक’ को दो सप्ताह हो रहे हैं. इस दौरान जो अनुभव आए हैं, उसकी समीक्षा, उन पर चर्चा करना आवश्यक है.’’ मोदी ने कहा, ‘‘किसी भी संकट से निपटने के लिए सही समय (टाइमिंग) का बहुत महत्व होता है. सही समय पर लिए गए फैसलों ने देश में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में बहुत मदद की है.’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जब कोरोना वायरस (Coronavirus) दुनिया के अनेक देशों में चर्चा का विषय भी नहीं बना था, तब भारत ने इससे निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी थीं, फैसले लेने शुरू कर दिए थे. हमने एक-एक भारतीय की जिंदगी को बचाने के लिए दिन-रात मेहनत की है.’’ मोदी ने कहा, ‘‘बीते हफ्तों में हजारों की संख्या में भारतीय, विदेश से अपने वतन वापस लौटे हैं. बीते हफ्तों में, लाखों की संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने गांवों में पहुंचे हैं. रेल-रोड, हवाई-समुद्र, सारे मार्ग खुल चुके हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी इतनी जनसंख्या होने के बावजूद, कोरोना संक्रमण उस जैसा विनाशकारी प्रभाव नहीं दिखा पाया, जो उसने दूसरे देशों में दिखाया है. दुनिया के बड़े-बड़े विशेषज्ञ, स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकार, लॉकडाउन और भारत के लोगों द्वारा दिखाए गए अनुशासन की आज चर्चा कर रहे हैं. ’’

मोदी ने कहा, ‘‘आज भारत में ठीक होने की दर 50 प्रतिशत से ऊपर है. आज भारत दुनिया के उन देशों में अग्रणी है जहां कोरोना संक्रमित मरीजों का जीवन बच रहा है. कोरोना से किसी की भी मृत्यु दुखद है. हमारे लिए किसी एक भारतीय की भी मृत्यु असहज कर देने वाली है. लेकिन ये भी सच है कि आज भारत दुनिया के उन देशों में है जहां कोरोना की वजह से सबसे कम मृत्यु हो रही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब अनेक राज्यों के अनुभव आज आत्मविश्वास जगाते हैं कि भारत कोरोना के इस संकट में अपने नुकसान को सीमित करते हुए आगे बढ़ सकता है, अपनी अर्थव्यवस्था को तेजी से संभाल सकता है.

’’उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में अलग-अलग राज्यों में आर्थिक गतिविधि का जिस तरह विस्तार होगा, उससे मिले अनुभव दूसरे राज्यों को भी बहुत लाभ पहुंचाएंगे. बीते कुछ हफ्तों के प्रयासों से हमारी अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. बिजली का उपभोग जो पहले घटता जा रहा था, वो अब बढ़ना शुरू हुआ है. इस साल मई में उर्वरक की बिक्री बीते साल मई की अपेक्षा दोगुनी हुई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार खरीफ की बुआई बीते साल की अपेक्षा करीब 12-13 प्रतिशत ज्यादा हुई है. दो पहिया वाहनों का उत्पादन लॉकडाउन से पहले के स्तर की करीब-करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. खुदरा में डिजिटल भुगतान भी लॉकडाउन से पहले की स्थिति में पहुंच चुका है.

उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य में जब कभी भारत की कोरोना के खिलाफ लड़ाई का अध्ययन होगा, तो ये दौर इसलिए भी याद किया जाएगा कि कैसे इस दौरान हमने साथ मिलकर काम किया, सहयोगात्मक संघवाद का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि थोड़ी सी भी लापरवाही, अनुशासन में कोताही से कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई कमजोर हो सकती है.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बात का हमेशा ध्यान रखना है कि हम कोरोना वायरस को जितना रोक पाएंगे, उतना ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी, हमारे दफ्तर खुलेंगे, बाजार खुलेंगे, परिवहन के साधन खुलेंगे और उतने ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे.’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मास्क या फेस कवर पर बहुत ज्यादा जोर दिया जाना आवश्यक है. बिना मास्क या फेसकवर के घर से बाहर निकलने की अभी कल्पना करना भी सही नहीं है. ये जितना खुद उस व्यक्ति के लिए खतरनाक है, उतना ही उसके आसपास के लोगों के लिए भी.’’

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में पंजाब (अमरिंदर सिंह), त्रिपुरा (बिप्लव कुमार देव), गोवा (प्रमोद सावंत) समेत अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया. बैठक मेंकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. बुधवार को प्रधानमंत्री महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, बिहार और उत्तरप्रदेश सहित 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल से बातचीत करेंगे.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन तेज बुखार के बाद अस्पताल में भर्ती

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain)  को तेज बुखार और ऑक्सजीन का स्तर अचानक गिर जाने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच में उन्हें कोविड-19 (COVID-19) नहीं होने की पुष्टि हुई है. राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल (आरजीएसएसएच) के डॉक्टरों ने बताया कि अब उनकी हालत स्थिर है. हालांकि, उन्हें ऑक्सीजन दी गई और लगातार उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है.

इससे पहले जैन ने ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी थी कि उन्हें यहां राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल (आरजीएसएसएच) में भर्ती कराया गया है, जो दिल्ली सरकार के तहत एक कोविड-19 केंद्र है. जैन ने ट्वीट किया था, “कल रात तेज बुखार और ऑक्सीजन स्तर के अचानक गिर जाने की वजह से मुझे आरजीएसएसएच में भर्ती कराया गया है. इस बारे में अद्यतन जानकारी देता रहूंगा.”

अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि बाद में उनकी कोविड-19 की जांच की गई. अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘ उन्हें देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी कोविड-19 की जांच की गई, जिसमें उनके संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हुई.’’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी उनके जल्द ठीक होने की कामना की है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अपनी सेहत का ख़याल किए बिना आप रात-दिन 24 घंटे जनता की सेवा में लगे रहे. अपना ख़याल रखें और जल्द स्वस्थ हों.

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव के दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी, दो जवान शहीद

लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ ‘हिंसक टकराव’ के दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए. सेना ने यह जानकारी दी. चीन की सीमा पर लगभग 45 साल बाद, भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों की इस तरह शहादत की पहली घटना है.

सेना ने कहा कि हिंसक टकराव के दौरान एक अधिकारी व दो जवान शहीद हुए जबकि चीन को भी नुकसान हुआ है. हालांकि कितना नुकसान हुआ है यह अभी स्पष्ट नहीं है. सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इससे पहले 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में हुए संघर्ष में चार भारतीय जवान शहीद हो गए थे.

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दोनों ओर से कोई गोलीबारी नहीं हुई. सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘गलवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान सोमवार रात हिंसक टकराव हो गया. इस दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए.’

बताया जा रहा है कि हिंसक टकराव के दौरान शहीद हुआ अधिकारी गलवान में एक बटालियन का कमांडिंग अफसर था. बताया जा रहा है तीनों सैनिक चीन की ओर से किए गए पथराव में घायल हुए जिसके बाद उनका निधन हो गया.

हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और तीन सेनाओं के प्रमुखों के साथ पूर्वी लद्दाख में वर्तमान स्थिति की समीक्षा की. बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे. सूत्रों ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे का दिल्ली के बाहर एक बेस का दौरा रद्द कर दिया गया है.

गौरतलब है कि बीते पांच हफ्तों से गलवान घाटी समेत पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में बड़ी संख्या में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने थे. यह घटना भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के उस बयान के कुछ दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के सैनिक गलवान घाटी से पीछे हट रहे हैं.

चीन की सरकार द्वारा संचालित समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने अपनी एक खबर में दावा किया भारतीय सैनिकों ने झड़प की शुरुआत की. वे चीनी क्षेत्र में घुस आए और चीन के सैनिकों पर हमला कर दिया. भारतीय और चीनी सेना के बीच पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलतबेग ओल्डी में तनाव चल रहा है.बड़ी संख्या में चीनी सैनिक वास्तविक सीमा पर पैंगोंग झील सहित कई भारतीय क्षेत्रों में घुस आए थे.

भारत ने इसका कड़ा विरोध करते हुए चीनी सैनिकों को इलाके में शांति बहाल करने के लिये तुरंत पीछे हटने के लिये कहा. दोनों देशों के बीच इस विवाद को सुलझाने के लिये बीते कुछ दिनों में कई बार बातचीत हो चुकी है. इस विवाद को खत्म करने के लिये पहली बार गंभीरता से प्रयास करते हुए लेह स्थित 14वीं कोर के जनरल कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और तिब्बत सैन्य जिले के मेजर जनरल लीयू लिन ने छह जून को करीब सात घंटे तक बैठक की थी.

बैठक के बाद मेजर जनरल स्तर की दो दौर की वार्ता हुई. भारतीय पक्ष उन क्षेत्रों में से हजारों चीनी सैनिकों की तत्काल वापसी पर जोर दे रहा है, जिन्हें भारत अपना क्षेत्र मानता है.

इससे पहले भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा था कि दोनों देशों की सेना चरणबद्ध तरीके से वापस लौट रही हैं. उन्होंने कहा था, ‘हमने गलवान नदी के उत्तर की ओर से अपने सैनिक हटाने शुरू किये हैं, जहां काफी तनाव हुआ था। दोनों देशों के बीच काफी सकारात्मक संवाद हुआ है.’

उत्तर प्रदेश सरकार का सचिवालय भी बना भ्रष्टाचार का अड्डा : प्रियंका गांधी

शिक्षक भर्ती घोटाले (Teachers Recruitment Scam) को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) पर लगातार हमला कर रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra)  ने आज सचिवालय में भ्रष्टाचार से संबंधित एक खबर के उल्लेख के साथ योगी सरकार (Yogi Government) पर प्रहार किया और कहा कि अब साबित हो रहा है कि राज्य का सबसे बड़ा दफ्तर यानी सचिवालय भी भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है.

प्रियंका गांधी  ने ट्वीट किया “उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में प्रदेश का सबसे बड़ा दफ्तर सचिवालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. पशुपालन विभाग के घोटाले ने सरकार के पूरे भ्रष्ट तंत्र की कलई खोल दी.
प्रदेश की कार्यपालिका के केंद्र के इर्द-गिर्द भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है क्या मंत्रियों और मुख्यमंत्री को इसकी भनक ही नहीं है. यदि ऐसा है तो ये तथ्य चौंकाने वाला है. ये उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान है.”

बिहार की हर पंचायत में बैंक शाखा खोली जाए, लोगों की मदद करेंगे- नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ( Bihar Chief Minister Nitish Kumar )ने राज्य के ज्यादा से ज्यादा लोगों के बैंक खाता खुलवाने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य की 8,386 ग्राम पंचायतों में बैंक शाखा खोलने की जरूरत है. बिहार में 16 हजार की जनसंख्या पर तथा देश में 11 हजार की जनसंख्या पर बैंक की शाखाएं हैं.

उन्होंने बैंकों को आश्वासन देते हुए कहा कि बिहार की प्रत्येक ग्राम पंचायत में बैंक की शाखा खोली जाए, इसके लिए सरकार बैंकों को पूरी सहायता करेगी. नई बैंक शाखा खोलने के लिए पंचायत भवनों के साथ-साथ अन्य सरकारी भवनों में जगह उपलब्ध कराया जाएगा.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की 72वीं समीक्षा बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “बिहार में बैंकों के प्रति बहुत अच्छी अवधारणा है, लोगों का इसके प्रति आकर्षण है. लोग अपनी सेविंग का अधिक से अधिक पैसा बैंकों में जमा करते हैं, जबकि बैंक हमारे राज्य के जमा पैसों को यहां के बैंक विकसित राज्यों में लगा देते हैं.”

उन्होंने कहा, “बिहार में क्रेडिट-डिपोजिट अनुपात (Credit Deposit Ratio) को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. इसके लिए एनुअल क्रेडिट प्लान (Annual Credit Plan) के लक्ष्य को बढ़ाना पड़ेगा. जब एनुअल क्रेडिट प्लान बढ़ेगा तो क्रेडिट-डिपोजिट अनुपात भी बढ़ेगा.” उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में बिहार के बैंकों का कुल डिपोजिट 3.71 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि बैंकों का 43.03 प्रतिशत ही क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात रहा.

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमलोगों का लक्ष्य है अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो और लोगों को बिहार में ही काम का अवसर मिले. इसमें बैंकों की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है.” उन्होंने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाइयां, पशुपालन, मुर्गीपालन, हस्तशिल्प, हस्तकरघा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी बिहार में रोजगार सृजन की काफी संभावनाएं हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के सभी लोगों का बैंक अकाउंट खोला जाए, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य के 8,386 ग्राम पंचायतों में बैंक शाखा खोलने की आवश्यकता है. बिहार में 16 हजार की जनसंख्या पर तथा देश में 11 हजार की जनसंख्या पर बैंक की शाखाएं हैं.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कई प्रकार के उद्योग लगाने के लिए कई अच्छी नीतियां बनाई गई हैं और काफी प्रयास भी किया गया है. बिहार में व्यापार बढ़ा है, लोगों की आमदनी भी बढ़ी है.

पेट्रोल का दाम 47 पैसे, डीजल का 93 पैसे प्रति लीटर, एटीएफ का दाम 16.3 प्रतिशत बढ़ा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और दूसरे पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में हो रही वृद्धि का असर अब घरेलू बाजार में साफ दिखने लगा है. पिछले दस दिन से तेल कंपनियां लगातार पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ा रही हैं. मंगलवार को पेट्रोल का दाम 47 पैसे और डीजल का दाम 93 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिया गया. यही नहीं एटीएफ यानी विमान ईंधन के दाम में भी मंगलवार को 16.3 प्रतिशत की वृद्धि की गई.

एविऐशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ का दाम राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को 5,494.50 रुपये प्रति किलोलीटर यानी 16.3 प्रतिशत बढ़कर 39,069.87 रुपये प्रति किलोलीटर (प्रति हजार लीटर) कर दिया गया. तेल कंपनियों द्वारा मंगलवार को जारी मूल्य अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है. एटीएफ के दाम में जून में यह लगातार दूसरी वृद्धि है. इससे पहले एक जून को एटीएफ के मूल्य में रिकार्ड 56.5 प्रतिशत यानी 12,126.75 रुपये प्रति किलोलीटर की वृद्धि की गई थी.

इसी तरह पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार 10वें दिन वृद्धि की गई है. दिल्ली में पेट्रोल का दाम 47 पैसे बढ़कर 76.73 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल का दाम 93 पैसे बढ़कर 75.19 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया. मूल्य अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है.

सात जून 2020 के बाद से लगातार 10 दिन से पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ते जा रहे हैं. इन 10 दिन में पेट्रोल के दाम में कुल मिलाकर 5.47 रुपये और डीजल के दाम में 5.80 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है.

तेल कंपनियां ये दाम पूरे देश में एक समान बढ़ातीं हैं लेकिन राज्यों के स्तर पर इन पर लगने वाले स्थानीय बिक्री कर अथवा मूल्य वर्धित कर (वैट) की दर अलग अलग होने के कारण दाम में वृद्धि अलग अलग दिखती है.

डीजल के दाम में मंगलवार को हुई 93 पैसे की प्रति लीटर की वृद्धि तेल कंपनियों द्वारा ईंधन के दाम में दैनिक संशोधन शुरू किये जाने के बाद से एक दिन में होने वाली सबसे बड़ी वृद्धि है. तेल कंपनियों ने मई 2017 से पेट्रोल, डीजल के दाम दैनिक आधार पर अंतरराष्ट्रीय मूल्य के अनुरूप संशोधन की शुरुआत की थी.

कंपनियों ने सात जून के बाद से पेट्रोल, डीजल के दाम में दैनिक संशोधन का काम फिर शुरू किया है. इससे पहले मार्च 2020 के बीच में इसे रोक दिया गया था. करीब 82 दिन तक दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया. मध्य मार्च में जब कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में लॉकडाउन लगाने की तैयारियां चल रही थी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम गिर रहे थे तब सरकार ने ईंधन पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगा दिया और राजस्व बढ़ाने के उपाय किये.

हालांकि, उत्पाद शुल्क वृद्धि का बोझ ग्राहकों पर नहीं पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट के साथ इसे समायोजित कर दिया गया.

पेट्रोलियम उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि यह वृद्धि अवश्यंभावी है. कोरोना वायरस महामारी के कारण जब कई देशों में लॉकडाउन लागू कर दिया गया और आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई तब पेट्रोलियम पदार्थों के दाम एक समय दो दशक के निम्न स्तर पर चले गये. अब जबकि भारत सहित कई देशों में आर्थिक गतिविधियां शुरू हो गईं हैं दाम बढ़ने शुरू हो गये हैं.

बहरहाल, एटीएम के दाम में महीने की पहली और 16 तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार के दाम की घटबढ के अनुरूप संशोधन किया जाता है जबकि पेट्रोल, डीजल के दाम में दैनिक आधार पर यह बदलाव किया जाता है.

श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट जल्द ही होगी लॉन्‍च, मिलेगी मंदिर निर्माण से जुड़ी हर जानकारी

अब भक्तों को अयोध्या के राम मंदिर निर्माण की गतिविधियों से जुड़ी छोटी सी छोटी जानकारी लेने आसान हो जाएगा. क्योंकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब मंदिर से जुड़ी हर अधिकृत जानकारी के लिए वेबसाइट लॉन्च करने का फैसला लिया है.

वेबसाइट में मंदिर निर्माण से जुड़ी हर गतिविधि को समय दर समय अपडेट किया जाएगा. इसके साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जल्द लांच करेगा, फेसबुक, ट्विटर एकाउंट भी खुलने वाला है.सूत्रों की माने तो फेसबुक पेज बन गया है, और वेबसाइट तैयार करने के लिए दी गयी है साथ ही ट्विटर हैंडल भी रजिस्टर हो रहा है. इन माध्यमों से राम मंदिर निर्माण की गतिविधियों की अधिकृत जानकारी दी जाएगी.

रामलला की आरती और पूजन को भी इन सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर डालने पर विचार किया जा रहा, जिससे भक्त ऑनलाइन आरती देख सकें, दर्शन कर सकें.

सूत्रों की माने तो ट्रस्ट के पदाधिकारियों की सीएम योगी अदित्यनाथ से इस संबंध में बात हुई है, कोरोना के चलते पीएम मोदी के न आ पाने की स्थित में सीएम योगी अदित्यनाथ अयोध्या जाकर भूमि पूजन कर सकते है.

पीएम सांकेतिक रुप से एक शिला का पूजन कर  राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्रा को शिला सौंप सकते है, उस शिला को नृपेंद्र मिश्रा सीएम योगी के साथ अयोध्या ले जाकर भूमि पूजन कर सकते है. इस पूरी प्रक्रिया में पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़ सकते है.