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जादू टोने के शक में युवक ने कुल्हाड़ी से काटा चाची का सिर, फिर 13 किमी पैदल चलकर जा पहुंचा थाने

ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां युवक ने अपनी ही चाची को जादू टोना करने के संदेह में मौत के घाट उतार दिया. जिसके बाद  वह खुद महिला के कटे हुए सिर के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचा. हैरान करने वाली बात ये है कि पुलिस स्टेशन तक पहुंचने के लिए लगभग 13 किलोमीटर का रास्ता उसने पैदल तय किया.

घटना मयूरभंज जिले के बारिपदा की है. आरोपी बुद्धूराम सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी चाची को इसलिए मारा क्योंकि शक था कि उसकी बेटी की मौत तीन दिन पहलेमहिला द्वारा किए गए काले जादू के कारण हुई थी. खूंटा पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक स्वर्णलता मिंज ने कहा कि बुधुराम सिंह और महिला दोनों नुआसाही गांव में रहते थे और आदिवासी समुदाय से थे. आत्मसमर्पण के लिए पहुँचे आरोपी ने पुलिस को वो कुल्हाड़ी भी सौंपी, जिससे उसने महिला का सिर धड़ से अलग किया था.

पुलिस सूत्रों ने बताया की मृतका विधवा महिला है. जब वो अपने घर के बरामदे में सो रही थी,तो उस वक़्त वहाँ पहुँचे बुधुराम सिंह ने उसे घसीटकर बाहर निकाला और हत्या कर दी. इसके बाद वह उसके सिर को ‘गमछा’ में लपेट कर थाने के लिए चल दिया.

बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर कई लोग मौजूद थे,लेकिन किसी ने बुधराम सिंह को रोकने की कोशिश नहीं की. पुलिस ने बुधराम सिंह को गिरफ्तार कर लिया और हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

वहीं अगर आँकड़ों की बात करें तो ओडिशा में 2010 के बाद से साल में औसतन 60 जादू टोना संबंधी हत्याएं हुई हैं,जिनमें से ज्यादातर मामले आदिवासी इलाक़ों के हैं. तो वहीं उनमें से 12 मामले मयूरभंज से आए हैं.

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की तबियत नाजुक, लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा है इलाज

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन (Governor Lalji Tandon) की तबियत बेहद नाजुक बताई जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार उन्हें लखनऊ (Lucknow) के मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) में इलाज वेंटिलेटर पर रखा गया है. जहां उनका इलाज चल रहा था.

दरअसल लालजी टंडन को 11 जून को पेशाब में दिक्कत के साथ बुखार होने पर परिजनों ने उन्हें मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. शुरुआती पड़ताल में डॉक्टरों को पेशाब में संक्रमण का पता चलने पर इलाज शुरू किया गया.जिससे उनकी तबियत में सुधार हुआ. साथ ही बुखार की वजह से उनकी कोरोना जांच भी हुई. जिसकी रिपोर्ट नेगिटिव आई.

सूत्रों  के मुताबिक़ लाल जी टंडन के लीवर में दिक्कत पाए जाने पर सीटी गाइडेड प्रोसीजर किया गया. प्रोसीजर के उपरांत पेट में रक्तस्राव बढ़ गया. रक्तस्राव के चलते राज्यपाल इमरजेंसी ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन के बाद उनको आईसीयू में रखा गया था. लेकिन तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है.

बताया जा रहा है कि लालजी टंडन को फेफड़े, किडनी और लीवर में समस्या  के चलते वेंटिलेटर पर रखा गया है. साथ ही उनका डायलिसिस भी किया जा रहा है. उनकी स्थिति अभी गंभीर, लेकिन नियंत्रण में है और उन्हें क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की टीम की कड़ी निगरानी में रखा गया है.

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) अवसाद में थे : मुम्बई पुलिस

मुम्बई पुलिस ने सोमवार को कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) अवसाद में थे. अभिनेता (34) ने बांद्रा स्थित अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुम्बई पुलिस को जांच में पता चला है कि अभिनेता अवसाद की दवाइयां भी ले रहे थे. अधिकारी ने बताया कि मौके से कोई पत्र बरामद नहीं हुआ है.

मुम्बई पुलिस (Mumbai Police) के अलावा अपराध शाखा के अधिकारी भी रविवार को उनके किराए के फ्लैट में गए लेकिन कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हु.राजपूत अपने दो रसोइयों और एक घरेलू सहायक के साथ रहते थे. अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का अंतिम संस्कार सोमवार को उपनगरीय विले पार्ले स्थित पवन हंस शमशान घाट में किया जाएगा.

अभिनेता के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि उनके पिता के पटना से मुम्बई पहुंचने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘ अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का अंतिम संस्कार विले पार्ले स्थित पवन हंस शमशान घाट में आज किया जाएगा.’’

पुलिस ने रविवार को बताया था कि अभिनेता ने बांद्रा (Bandra) स्थित अपने घर पर कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. वह 34 साल के थे. पश्चिमी क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनोज शर्मा ने  कहा, ‘‘उनका शव आज बांद्रा स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला. हम जांच कर रहे हैं.’’

बांद्रा पुलिस के सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक सूचना के आधार पर आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर 28 वर्षीय दिशा सालियान ने नौ जून को एक इमारत से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी.

पिछले सप्ताह राजपूत ने सालियान की मौत पर शोक जताया था और इसे ‘‘दिल दहला देने वाली खबर’’ बताया था. उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा था, ‘‘यह बेहद ही दिल दहला देने वाली खबर है. दिशा के परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदना. भगवान आपकी आत्मा को शांति दें.’’

पटना के रहने वाले अभिनेता राजपूत ने सोशल मीडिया पर साझा अपनी आखिरी पोस्ट को अपनी मां को समर्पित किया जिनकी 2002 में उस समय मौत हो गई थी. अपनी मां की तस्वीर के साथ गत तीन जून को इंस्टाग्राम पर साझा की गई पोस्ट में राजपूत ने लिखा था,

“आंसुओं से वाष्पित धुंधला अतीत. खत्म न होने वाले सपने मुस्कुराहट का एक हिस्सा उकेर रहे हैं. और एक क्षणभंगुर जीवन, दोनों के बीच सामंजस्य बनाता हुआ.” राजपूत का झुकाव उस समय नृत्य की ओर हुआ जब वह दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में छात्र थे. वह जल्द ही कोरियोग्राफर श्यामक डावर की नृत्य कक्षाओं में शामिल होने लगे और बाद में वह अभिनय गुरु बैरी जॉन की कक्षाओं में शामिल हुए.

सरकार पर निशाना साधने के लिए राहुल गांधी ने आइंस्टीन के कथन का किया उल्लेख, पैराग्राफ भी किया शेयर

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर सरकार को आड़े हाथों लिया है. सोमवार उन्होंने कहा कि भारत में लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) से साबित होता है कि अज्ञानता से ज्यादा खतरनाक अहंकार होता है. उन्होंने महान वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein) के एक कथन का उल्लेख भी किया.

अपने ट्वीट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा, ‘‘यह लॉकडाउन साबित करता है कि सिर्फ एक चीज अज्ञानता से ज्यादा खतरनाक है और वह है अहंकार.’’ कांग्रेस नेता ने लॉकडाउन के चारों चरणों में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि से जुड़ा एक ग्राफ भी शेयर किया.

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में लगातार तीसरे दिन कोरोना वायरस संक्रमण के 11 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं और सोमवार को संक्रमण के मामले बढ़कर 3 लाख 32 हजार 424 हो गए. नए मामलों में संक्रमण से 325 और लोगों की मौत के साथ ही मरने वालों की कुल संख्या 9 हजार 520 हो गई है. गौरतलब है कि अमेरिका, ब्राजील और रूस के बाद भारत कोरोना वायरस संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित देशों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गया है.

भारत में मध्य नवंबर में कोविड-19 महामारी अपने चरम पर पहुंच सकती है : अध्ययन

भारत में कोविड-19 महामारी मध्य नवंबर में अपने चरम पर पहुंच सकती है, जिस दौरान ‘आईसीयू बेड’ और ‘वेंटिलेटर’ की कमी पड़ सकती है. एक अध्ययन में यह दावा किया गया है. अध्ययन के मुताबिक लॉकडाउन के कारण कोविड-19 महामारी आठ हफ्ते देर से अपने चरम पर पहुंचेगी.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा गठित ‘ऑपरेशंस रिसर्च ग्रुप’ के शोधकर्ताओं द्वारा किये गये अध्ययन में कहा गया है कि लॉकडाउन ने महामारी के चरम पर पहुंचने को संभवत: 34 से 76 दिनों तक आगे बढ़ा दिया. साथ ही, इसने संक्रमण के मामलों में 69 से 97 प्रतिशत तक कमी कर दी, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली को संसाधन जुटाने एवं बुनियादी ढांचा मजबूत करने में मदद मिली.

लॉकडाउन के बाद जन स्वास्थ्य उपायों को बढ़ाये जाने और इसके 60 प्रतिशत कारगर रहने की स्थिति में महामारी नवंबर के प्रथम सप्ताह तक अपने चरम पर पहुंच सकती है. इसके बाद 5.4 महीनों के लिये आइसोलेशन बेड, 4.6 महीनों के लिये आईसीयू बेड और 3.9 महीनों के लिये वेंटिलेटर कम पड़ जाएंगे. अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है.

हालांकि, लॉकडाउन और जन स्वास्थ्य उपायों के बगैर स्थिति अत्यधिक गंभीर होने का अनुमान लगाया गया है. शोधकर्ताओं ने कहा कि बुनियादी ढांचा बढ़ाने के लिये सरकार द्वारा सतत कदम उठाये जाने और विभिन्न क्षेत्रों में संक्रमण की दर अलग-अलग रहने के कारण महामारी के प्रभावों को घटाया जा सकता है. यदि जन स्वास्थ्य उपायों के कवरेज को बढ़ा कर 80 फीसदी कर दिया जाता है, तो महामारी के प्रभाव में कमी लाई जा सकती है.

भारत में कोविड-19 महामारी के मॉडल आधारित विश्लेषण के मुताबिक लॉकडाउन की अवधि के दौरान जांच, उपचार और रोगियों को पृथक रखने के लिये अतिरिक्त क्षमता तैयार करने के साथ चरम पर मामलों की संख्या 70 फीसदी तक कम हो जाएगी और संक्रमण के (बढ़ रहे) मामले करीब 27 प्रतिशत घट जाएंगे.

विश्लेषण में यह प्रदर्शित हुआ है कि कोविड-19 से होने वाली मौतों के मामले में करीब 60 फीसदी मौतें टाली गई हैं और एक तिहाई मौतों को टाले जाने का श्रेय स्वास्थ्य सुविधा उपायों में वृद्धि को को जाता है. शोधकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 के प्रबंधन से नीतियों की उपयुक्त समीक्षा करने और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

इसमें कहा गया है, ‘‘लॉकडाउन महामारी के चरम पर पहुंचने में देर करेगा और स्वास्थ्य प्रणाली को जांच, मामलों को पृथक करने, उपचार और संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आये लोगों का पता लगाने के लिये जरूरी समय प्रदान करेगा.  ये कदम कोविड-19 का टीका विकसित होने तक भारत में महामारी का प्रभाव घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. ’’

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ कर रविवार को 3,20,000 हो गये, जबकि अब तक 9,195 लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में लगातार तीसरे दिन 10,000 से अधिक नये मामले सामने आये और यह कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित चौथा देश हो गया है.

कोविड-19 (COVID-19) से मौत के मामले में नौंवे स्थान पर भारत, ठीक होने वालों की संख्या संक्रमितों से अधिक

भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 11,929 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,20,922 हो गई, वहीं 311 और लोगों की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या 9,195 पर पहुंच गई. कोरोना वायरस संक्रमण से मौत के मामले में भारत सर्वाधिक प्रभावित देशों की सूची में नौंवे स्थान पर है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में, रविवार सुबह तक देश में संक्रमण के कारण 311 लोगों की मौत हुई. हालांकि करीब 50 फीसदी संक्रमित लोग ठीक भी हुए. मंत्रालय के सुबह अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में 1,49,348 लोग संक्रमित हैं, वहीं 1,62,378 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और एक मरीज विदेश चला गया है.

दुनियाभर से कोविड-19 का डेटा एकत्रित करने वाले जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय (Johns Hopkins University) ने संक्रमण से मौत के लिहाज से भारत को नौंवे स्थान पर रखा है और संक्रमण के कुल मामलों को देखते हुए सर्वाधिक प्रभावित देशों में चौथे स्थान पर रखा है.

यह लगातार तीसरा दिन है जब देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रविवार सुबह आठ बजे तक कोविड-19 के 8,049 मरीज ठीक हो गए। ठीक होने वाले मरीजों की दर 50.60 फीसदी है जो संक्रमित लोगों की तुलना में अधिक है.

मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 के नमूने जांचने की आईसीएमआर की क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है. 646 सरकारी तथा 247 निजी प्रयोगशालाओं समेत कुल 893 प्रयोगशालाओं में सुबह नौ बजे तक 56,58,614 नमूनों की जांच की गई, इनमें से 1,51,432 नमूनों की जांच बीते 24 घंटे में की गई.

कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले कुल 9,195 लोगों में से 3,830 लोग महाराष्ट्र से हैं जबकि गुजरात में 1,448 लोगों की और दिल्ली में 1,271 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है. पश्चिम बंगाल में 463 ,मध्य प्रदेश में 447 ,तमिलनाडु में 397 और उत्तर प्रदेश में 385 लोगों की मौत हो गई है. राजस्थान में 282, तेलंगाना में 182, आंध्र प्रदेश में 82 ,कर्नाटक में 81, हरियाणा में 78, पंजाब में 65, जम्मू कश्मीर में 55 , बिहार में 39, उत्तराखंड में 23 और केरल में 19 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है.

ओडिशा में अब तक 10 लोगों की मौत हुई , झारखंड और असम में आठ-आठ, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में छह-छह लोगों की मौत हो चुकी है. मंत्रालय के अनुसार चंडीगढ़ में पांच, पुडुचेरी में दो, मेघालय,त्रिपुरा और लद्दाख में एक-एक मरीज की मौत हुई है. कोविड-19 के कारण मरने वाले 70 फीसदी से अधिक मरीज अन्य रोगों से भी ग्रस्त थे.

संक्रमण से मरने वाले 311 लोगों में से 113 लोग महाराष्ट्र से ,57 दिल्ली से, गजुरात से 33 और तमिलनाडु से 30 लोग शामिल हैं. उत्तर प्रदेश में 20 और लोगों की संक्रमण से मौत हुई है. पश्चिम बंगाल में 12, राजस्थान में दस, हरियाणा और तेलंगाना में आठ-आठ, मध्य प्रदेश में सात और बिहार में तीन लोगों की मौत हुई है.

आंध्र प्रदेश, जम्मू कश्मीर ,कर्नाटक ,पंजाब, उत्तराखंड में दो-दो लोगों की मौत हुई है. संक्रमण के सर्वाधिक 1,04,568 मामले महाराष्ट्र में है। तमिलनाडु में कोरोना वायरस के 42,687, दिल्ली में 38,958 , गुजरात में 23,038 , उत्तर प्रदेश में 13,118, राजस्थान में 12,401, पश्चिम बंगाल में 10,698 और मध्य प्रदेश में 10,641 मामले सामने आए हैं.

कर्नाटक में 6,824, हरियाणा में 6,749, बिहार में 6,290, आंध्र प्रदेश में 5,965, जम्मू-कश्मीर में 4,878, तेलंगाना में 4,737, ओडिशा में 3,723 और असम में 3,718 मामले सामने आए हैं. पंजाब में 3,063, केरल में 2,407, उत्तराखंड में 1,785 और झारखंड में 1,711 मामले सामने आए हैं. छत्तीसगढ़ में 1,512 मामले, त्रिपुरा में 1,046, गोवा में 523, हिमाचल प्रदेश में 502, मणिपुर में 449, लद्दाख में 437 और चंडीगढ़ में 345 मामले हैं.

पुडुचेरी में 176, नगालैंड में 163, मिजोरम में 107, अरूणाचल प्रदेश में 87, सिक्किम में 63 , मेघालय में 44 और अंडमान-निकोबार में संक्रमण के 38 मामले हैं. दादरा नगर हवेली और दमन-दीव में कुल 35 मामले सामने आए हैं.

चीन के साथ विवाद पर राजनाथ ने कहा : भारत अब कमजोर नहीं रहा, राष्ट्रीय गौरव के साथ समझौता नहीं करेगा

लद्दाख सीमा पर चीन के साथ गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने कहा कि भारत अपने ‘‘राष्ट्रीय गौरव’’ के साथ कभी समझौता नहीं करेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा क्षमता बढ़ी है और अब यह ‘‘कमजोर’’ देश नहीं रहा है.

जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) के लिए डिजिटल तरीके से ‘जन संवाद’ रैली को संबोधित करते हुए सिंह ने विपक्ष को भी आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार सीमा पर किसी भी घटनाक्रम के बारे में संसद या किसी को भी अंधेरे में नहीं रखेगी और उचित समय पर जानकारियां साझा करेगी.

सिंह ने कहा, ‘‘मैं यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम किसी भी परिस्थिति में राष्ट्रीय गौरव से समझौता नहीं करेंगे. भारत राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में मजबूत हो गया है. भारत अब कमजोर देश नहीं रहा है. लेकिन यह ताकत किसी को डराने के लिये नहीं है. अगर हम अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं तो अपने देश की सुरक्षा के लिए कर रहे हैं.’’

भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी में पांच सप्ताह से अधिक समय से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. चीनी सेना के जवान बड़ी संख्या में पैंगोंग सो समेत अनेक क्षेत्रों में सीमा के भारतीय क्षेत्र की तरफ घुस आए थे.

भारतीय सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के उल्लंघन की इन घटनाओं पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करती रही है और उसने क्षेत्र में अमन-चैन की बहाली के लिए चीनी सैनिकों की तत्काल वापसी की मांग की है. दोनों पक्षों ने पिछले कुछ दिन में विवाद सुलझाने के लिए श्रृंखलाबद्ध बातचीत की है.

भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि चीन ने बातचीत के जरिए भारत के साथ विवाद को हल करने की इच्छा जताई है और भारत सरकार की भी ऐसी ही राय है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी भी सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए भारत और चीन के बीच तनातनी को खत्म करने की कोशिश है.’’ उन्होंने कहा कि दोनों देश सैन्य स्तर पर संवाद कर रहे हैं.

विवाद के संदर्भ में सिंह ने कहा कि भारत और चीन के बीच एक विवाद खड़ा हुआ है और कुछ लोग पूछ रहे हैं कि ‘‘लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर क्या हो रहा है.’’ उन्होंने कहा कि लोगों को समय-समय पर चल रहे घटनाक्रम के बारे में सूचित किया गया है. रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को महत्व देती है और उसका सम्मान करती है.

बद्रीनाथ धाम के खुले कपाट, CM त्रिवेंद्र रावत ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं

बद्रीनाथ धाम के कपाट छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे खोल दिये गये. मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में धनिष्ठा नक्षत्र में खोले गए, लेकिन हर वर्ष कपाट खुलने के दौरान श्रद्धालुओं से भरा रहने वाला मंदिर का प्रांगण इस बार कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण खाली रहा और मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी समेत चुनिंदा 11 व्यक्ति ही मौजूद रहे.  इस दौरान सामाजिक दूरी और मास्क पहनने जैसी सभी जरूरी एहतियाती कदम भी उठाये गये. इस बार सेना के बैंड की सुमधुर ध्वनि और भजन मंडलियों की स्वर लहरियां भी नहीं सुनायी दीं.

भगवान विष्णु को समर्पित इस धाम के खुलने के बाद मानवमात्र के रोग-शोक की निवृत्ति, आरोग्यता एवं विश्व कल्याण की कामना की गयी‌. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से भगवान बद्रविशाल की प्रथम पूजा मानवता के कल्याण हेतु संपन्न की गयी. मंदिर को 10 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया था जो बिजली की रोशनी से जगमग होकर अनूठी आभा बिखेर रहा था. कपाट खुलने के बाद वेद मंत्रों की ध्वनियों से पूरी बद्रीशपुरी गुंजायमान हो गई. इस वर्ष कोरोना वायरस महामारी के कहर का प्रभाव उत्तराखंड के चार धामों पर भी पड़ा है. बद्रीनाथ के कपाट खोल दिये गये हैं लेकिन आश्रम, दुकानें, छोटे-बड़े होटल, रेस्तरां और ढाबे बंद है.

कोरोना वायरस महामारी के कारण इस वर्ष चार धाम यात्रा से अभी श्रद्धालुओं को दूर रखा गया है और केवल कपाट खोले गये हैं. प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और कामना की कि भगवान बद्रीविशाल विश्व को कोरोना वायरस मुक्त करेंगे.

बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाने की तिथि भी इस बार कोरोना वायरस के कारण 15 दिन आगे खिसका दी गयी थी. पहले कपाट 30 अप्रैल को खोले जाने थे. उत्तराखंड के अन्य तीन धाम पहले ही खोले जा चुके हैं. उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोले गये थे, वहीं रूद्रप्रयाग जिले में भोले बाबा के धाम केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल को खोले गये थे.

गुजरात में भूकंप के तेज झटके, लोगों में दहशत का माहौल

गुजरात में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.जिसके बाद लोगों में दहशत का माहौल बन गया है.रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.8 बताई जा रही है.राजकोट से 122 किमी उत्तर-पश्चिम में भूकंप का केंद्र रहा.

जानकारी के मुताबिक देर शाम 8 बजकर 13 मिनट पर पूरे गुजरात में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र राजकोट से 122 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम बताया जा रहा है. फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नही हैं.

आपको बता दें कि बीते 2-3 महीनों में देश की राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. पिछले 45 दिनों में दिल्ली-एनसीआर की धरती पर 10 से ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.

 

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या पहुंची 3.21 लाख के करीब, ठीक होने की दर 50 प्रतिशत से ज़्यादा 

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के दैनिक मामलों में बहुत तेजी से वृद्धि हो रही है और पिछले 24 घंटों के दौरान कोराेना संक्रमण के सर्वाधिक 11929 नये मामले सामने आये हैं, हालांकि इस दौरान मृतकों की संख्या शनिवार की तुलना में 75 कम होकर 311 रह गयी है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministery of Health and familiy Welfare की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान 11929 नये मामलों के साथ संक्रमितों की संख्या बढ़कर 320922 हो गयी. इस दौरान 311 लोगों की मौत से मृतकों की संख्या 9195 हो गयी. देश में इस समय कोरोना के 149348 सक्रिय मामले हैं, जबकि इस महामारी से निजात पाने वालों की संख्या सक्रिय मामलों की तुलना में 13031 अधिक 162379 है.

महाराष्ट्र इस महामारी से देश में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. राज्य में पिछले 24 घंटों में 3427 नये मामले दर्ज किये गये हैं और 113 लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही राज्य में इससे प्रभावित होने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 104568 तथा इस जानलेवा विषाणु से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3830 हो गयी है. इस दौरान राज्य में 1550 लोग रोगमुक्त हुए हैं जिससे स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 49346 हो गयी है.

वहीं कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर में लगातार जोरदार इजाफा हो रहा है और यह अब 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है और अब तक 1,62,378 मरीज ठीक हो चुके हैं. इस समय कुल 1,49,348 कोरोना मरीज चिकित्सकीय निगरानी में हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में रविवार को बताया गया कि इस समय मरीजों के ठीक होने की दर 50.60 प्रतिशत है और यह दर्शाता है कि देश में अब तक कोरोना के जितने मरीज आए हैं उनमें से आधे पूरी तरह ठीक हो चुके हैं. समय पर कोरोना के संदिग्ध मामलों की जांच और उनका सही तरीके से इलाज इसमें अहम भूमिका निभा रहा है.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने भी कोरोना मरीजों के लिए अपनी जांच प्रकिया में बढ़ोत्तरी की है और इस समय देश में 646 सरकारी और 247 निजी क्षेत्र की प्रयोगशालाएं कोरोना जांच में लगी हैं और पिछले 24 घंटों में 1,51,432 नमूनों की जांच की गई थी। अब तक देश में 56,58,614 कोरेाना नमूनों की जांच की जा चुकी है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा़ हर्षवर्धन ( Dr. Harshwardhan), गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने आज दिन में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejariwal) से साथ बैठक कर राजधानी में कोविड -19 ( Covid-19) मामलों की स्थिति पर चर्चा की.  इस दौरान कंटेनमेंट उपायों, संदिग्ध लोगों और अन्य लोगों के अधिक परीक्षण किए जाने और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से तैयार करने पर जोर दिया गया.