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बिना लक्षण वाले कोविड-19 (COVID-19) मरीजों की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया कमजोर हो सकती है : अध्ययन

एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि कोविड-19 (COVID-19) के ऐसे मरीजों की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया कमजोर हो सकती है जिनमें रोग के लक्षण नजर नहीं आते. इस अध्ययन ने ‘प्रतिरक्षा पासपोर्ट’ के इस्तेमाल के जोखिम को बढ़ा दिया है.

‘प्रतिरक्षा पासपोर्ट’ यह प्रमाणित करने के लिये दिया जाता है कि कोई व्यक्ति कोविड-19 से ठीक हो चुका है और यात्रा तथा काम करने के लिये फिट है. ‘नेचर मेडिसिन’ जर्नल में प्रकाशित यह शोध नए कोरोना वायरस, सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित ऐसे 37 मरीजों के नैदानिक और प्रतिरक्षात्मक अभिव्यक्तियों का विश्लेषण पेश करता है जिनमें लक्षण नजर नहीं आते.

इसमें पाया गया कि इन मरीजों में वायरस का प्रकोप कम होने में 19 दिन का वक्त लगा जबकि इसकी तुलना में 37 ऐसे मरीजों के एक अन्य समूह में, जिनमें लक्षण नजर आ रहे थे, उनमें यह अवधि 14 दिन की थी. चीन की चॉन्गक्विंग मेडिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के मुताबिक, सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित अधिकतर मरीज सांस संबंधी हलकी परेशानियों के साथ ही बुखार, खांसी और सांस ज्यादा नहीं खींच पाने जैसे लक्षणों से प्रभावित होते हैं और ये लक्षण संक्रमण के संपर्क में आने के दो से 14 दिन के बाद नजर आते हैं.

उन्होंने हालांकि कहा कि इनमें से कुछ में संक्रमण के बावजूद बेहद मामूली लक्षण नजर आते हैं या फिर वे नजर ही नहीं आते.अध्ययन में अनुसंधानकर्ताओं ने 10 अप्रैल 2020 से पहले चीन के वानझाउ जिले से सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित ऐसे 37 लोगों का अध्ययन किया जिनमें लक्षण नजर नहीं आ रहे थे.

वैज्ञानिकों ने कहा कि इन बिना लक्षण वाले मरीजों में 22 महिलाएं व 15 पुरुष थे जिनकी उम्र आठ साल से 75 साल के बीच थी. उन्होंने अध्ययन में लिखा, “जिन मरीजों में लक्षण दिख रहे, थे उनकी तुलना में लक्षण नजर नहीं आने वाले मरीजों के समूह में वायरस का प्रभाव कम होने की अवधि ज्यादा थी, जो 19 दिन की थी.”

अध्ययन के मुताबिक, वायरस विशिष्ट प्रतिरक्षा प्रणाली अणु जिन्हें आईजी-जी एंटीबॉडी कहा जाता है, वह लक्षण प्रकट करने वाले मरीजों के मुकाबले उन मरीजों में महत्वपूर्ण रूप से कम थे जिनमें लक्षण नजर नहीं आ रहे थे, वह भी संक्रमण की उस अवस्था में, जब श्वसन नली में विषाणु की पहचान की जा सकती थी.

शोधकर्ताओं ने कहा कि मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के आठ हफ्ते बाद जिन मरीजों में लक्षण नहीं नजर आ रहे थे उनमें विषाणु का मुकाबला करने वाली एंटीबॉडी 80 प्रतिशत तक घट गईं जबकि जिन मरीजों में लक्षण नजर आ रहे थे उनमें यह करीब 62 फीसद था. इन आधारों पर वैज्ञानिकों का मानना है कि जिन मरीजों में लक्षण नजर नहीं आते, उनमें सार्स-सीओवी-2 संक्रमण को लेकर कमजोर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया होती है.

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 161 नए मामले आए, संक्रमितों का आंकड़ा 11 हजार के पार

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बुधवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 161 नए मामले सामने आए. इस तरह प्रदेश में कोविड-19 (Covid-19) से अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की संख्या 11 हजार 244 तक पहुंच गई है.

राज्य में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 की बीमारी से 6 और लोगों के जान जाने की पुष्टि हुई है. 6 लोगों की मौत के साथ ही कोरोना वायरस की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 482 हो गई. मध्यप्रदेश के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से इंदौर में 4 और सागर में 2 मरीजों की मौत हुई है.’’

उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक कोरोना वायरस के चलते सबसे अधिक 182 मौत इन्दौर में हुई है. उज्जैन में 67 मौत, भोपाल में 73 मौत, बुरहानपुर में 23 मौत, खंडवा में 17 मौत, खरगोन में 14 मौत, सागर में 18 मौत, जबलपुर में 13 मौत, देवास में 10 मौत और मंदसौर में 9 लोगों की जान गई है. बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं. उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 52 जिलों में अब तक कोरोना वायरस संक्रमित पाये गये हैं. उनके मुताबिक वर्तमान में राज्य में कुल 1,091 निषिद्ध क्षेत्र हैं

India-China face-off: तमिलनाडु में हवलदार पालानी का सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

चीनी सैनिकों के साथ पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में शहीद हुए हवलदार के पलानी (Hawaldar K Palani) का ्अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके पैतृक गांव में आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ लोगों ने वीर सपूत को नम आखों से विदाई दी. उनके पार्थिव शरीर को कडाक्कालुर गांव में दफनाने से पहले बंदूक की सलामी दी गई.

इस मौके पर देश के लिए जान कुर्बान करने वाले शहीद सैनिक के प्रति लोगों की आंखें नम रहीं. उनके परिवार सहित सैकड़ों लोगों ने गमगीन माहौल में श्रद्धांजलि दी. सशस्त्र बलों के अधिकारियों, जिलाधिकारी, पुलिसकर्मियों और जन प्रतिनिधि भी अंतिम संस्कार के मौके पर पहुंचे और पलानी के पार्थिव शरीर वाले ताबूत पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. अधिकारियों ने ताबूत से लिपटा तिरंगा उनके परिवार के सदस्यों को सौंपा, जिसके बाद ताबूत को दफनाया गया.

जिलाधिकारी के वीरा राघव राव ने 20 लाख रुपये का चेक उनके परिवार को सौंपा. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ( Tamil Nadu Chief Minister Edappadi K. Palaniswami)  के ऐलान के बाद उन्होंने ये चेक दिया. मुख्यमंत्री ने पलानी के परिवार को 20 लाख की सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की थी.

गौरतलब है कि सोमवार रात पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे. सैन्यकर्मियों की शहादत पर पूरे देश में चीन के खिलाफ लोगों में उबाल देखा जा रहा है. लोग चीनी उत्पाद के बहिष्कार करने की मांग कर रहे हैं. 1975 के बाद 45 सालों में पहला मौका है जब सरहद पर चीनी सेना के साथ संघर्ष में भारतीय जवानों को जीवन बलिदान देना पड़ा है.

COVID-19 महामारी की वजह से न्यायालय ने इस साल पुरी में ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ (Jagannath Rath Yatra) यात्रा पर लगाई रोक

उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने कोविड-19 (COVID-19) महामारी के मद्देनजर इस साल पुरी में 23 जून से आयोजित होने वाली ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra)  और इससे संबंधित गतिविधियों पर रोक लगा दी.

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मामले की सुनवाई करते हुये कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा के हित को ध्यान में रखते हुये इस साल पुरी में रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती.

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि अगर हम इस साल रथ यात्रा आयोजित होने देते तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करते क्योंकि महामारी के दौरान इतना बड़ा समागम आयोजित नहीं हो सकता. पीठ ने ओडिशा सरकार (Odisha Government) से कहा कि वह महामारी के प्रसार से बचने के लिये राज्य में कहीं भी रथ यात्रा या धार्मिक जुलूस और इससे संबंधित गतिविधियों की अनुमति नहीं दे.

शीर्ष अदालत ने ओडिशा स्थित एक गैर सरकारी संगठन (NGO) की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया. याचिका में 10 से 12 दिन चलने वाली रथ यात्रा को इस साल रद्द करने या फिर इसे स्थगित करने का अनुरोध किया था. इस आयोजन में दुनिया भर के लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं.

सुशांत आत्महत्या मामला : अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) बयान दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंची

बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) अपने दोस्त और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput)की आत्महत्या के मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बृहस्पतिवार को यहां बांद्रा पुलिस थाने (Bandra Police Station) पहुंची.एक अधिकारी ने बताया कि मामले में जांच अधिकारी ने रिया चक्रवर्ती को पुलिस थाने बुलाया था.

उन्होंने बताया कि वह सुबह करीब साढ़े 11 बजे पुलिस थाने पहुंचीं.पुलिस ने बुधवार को बॉलीवुड कास्टिंग निर्देशक मुकेश छाबड़ा का बयान दर्ज किया था जो राजपूत के करीबी थे.पुलिस राजपूत के अवसादग्रस्त होने के पीछे की वजहों की समझने की कोशिश कर रही है.अभी तक पुलिस ने राजपूत के परिवार के सदस्यों समेत 10 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं. एक सूत्र ने कहा, ‘‘सभी मामलों में यह एक प्रक्रिया होती है. सूत्र ने बताया कि पुलिस कुछ प्रोडक्शन हाउस के लोगों को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है.


गौरतलब है कि राजपूत ने 14 जून को बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में आत्महत्या कर ली थी.उनके पिता के के सिंह ने पुलिस को बताया कि वह और परिवार के अन्य सदस्य राजपूत के अवसाद के पीछे की वजह नहीं जानते. इससे पहले महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देखमुख (Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh) ने कहा था कि मुंबई पुलिस ‘‘पेशेवर प्रतिद्वंद्विता’’ के पहलू से भी जांच करेगी जिसे इस आत्महत्या की कथित वजह बताया जा रहा है.

इस दौरान, आज सुशांत की अस्थियां पटना के एनआइटी गंगा घाट पर व‍िसर्जित कर दी गयी हैं. दोपहर को सुशांत के पिता केके सिंह और बहनों ने मिलकर यह रस्‍म पूरी की। अभिनेता के पिता ही उनकी अस्थियों का कलश लेकर मुंबई से पटना लौटे थे. ये पूरे परिवार के लिए भावुक कर देने वाला क्षण था. पूरा परिवार नाव में सवार होकर नदी के बीच पहुंचा और अस्थियां गंगा में प्रवाहित कर दी गयी. अभिनेता की बड़ी बहन के पति भी इस दौरान मौजूद थे.

बता दें कि इसी घाट पर सुशांत की मां की भी अस्थियां विसर्जित की गईं थीं.सुशांत का श्राद्धकर्म राजीवनगर स्थित आवास पर ही होगा. स्‍वजनों के मुताबिक, पूर्णिया स्थित पैतृक गांव के लोगों व नाते-रिश्‍तेदारों के आने के बाद श्राद्धकर्म संपन्‍न होगा. ख़बरों के अनुसार, अभिनेता की मौत के बाद से ही उनके पिता की तबियत खराब है.

India-China face-off : भारत में अपने उत्पादों के बहिष्कार की जोर पकड़ती मांग से चीन के फूलने लगे हाथ-पांव

लद्दाख(Ladakh) की गलवां घाटी (Galwan Valley )में चीन (China) की अवैध घुसपैठ और भारतीय सैनिकों के साथ संघर्ष के बाद भारत में वहां के आयातित उत्पादों के बहिष्कार की चौतरफा आवाज बुलंद होने से चीन के हाथ-पांव फूलने लगे हैं और उसने वैश्विक महामारी कोविड-19 की दुहाई देकर इससे उत्पन्न अवसरों को संजोने की गुहार लगानी शुरु कर दी है.

गलवां घाटी में 15-16 जून की रात को हुए संघर्ष में एक कर्नल समेत 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं. चीन की तरफ से भी बड़ी संख्या में सैनिकों के मारे जाने की रिपोर्ट हैं, हालांकि चीन ने इसकी पुष्टि नहीं की है. इस घटनाक्रम के बाद भारत में चीन से आयातित उत्पादों के बहिष्कार की मांग चौतरफा उठ रही है. बुधवार को चीन के खिलाफ पूरे देश में जगह-जगह विरोध प्रर्दशन और चीनी सामान की होली जलाई गई.
 
इसके बाद चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाईम्स (Global Times) ने एक ट्वीट कर कहा, “ सीमा संघर्ष के बाद भारत में चीन का ‘बहिष्कार’ करने की आवाज बुलंद हुई है. सीमा मामले पर निवेश और व्यापार को बिना सोच-विचार के जोड़ना कतई भी तर्कसंगत नहीं है. दोनों देशों को वैश्विक महामारी से उत्पन्न अनिश्चितता के माहौल में सामने आए महत्त्वपूर्ण अवसरों को संजोने की जरूरत है.”
 
एक अन्य ट्वीट में विश्लेषकों का हवाला देकर कहा गया है कि दोनों देशों के बीच यदि आपसी संबंध सामान्य नहीं हुए तो उच्च पूरक कारोबार और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है. यदि स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार को बीस प्रतिशत का झटका लग सकता है.
 
भारत-चीन व्यापार के आंकड़ों के मुताबिक, 2018-19 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 88 अरब डॉलर रहा था. भारत का व्यापार घाटा करीब 52 अरब डॉलर रहा. पिछले कई वर्षों से चीन के साथ लगातार छलांगे लगाकर बढ़ता हुआ व्यापार घाटा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.  चीन के बाजार तक हालांकि भारत की अधिक पहुंच और अमेरिका तथा चीन के बीच चल रहे मौजूदा व्यापार युद्ध के कारण पिछले वर्ष भारत से चीन को निर्यात बढ़कर 18 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो वर्ष 2017-18 में 13 अरब डॉलर था. इस दौरान चीन से भारत का आयात भी 76 अरब डॉलर से कम होकर 70 अरब डॉलर रह गया.

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) को याद कर कृति सेनन (Kriti Sanon) ने लिखा इमोशनल पोस्ट 

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या ने हर किसी को दुखी कर दिया है. इस बीच सुशांत की कथित एक्स गर्लफ्रेंड कृति सैनन ने उन्हें याद करते हुए अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है.

अपने पोस्ट में कृति ने लिखा है, “सुश ..मुझे पता है तुम्हारा प्रतिभाशाली दिमाग तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त था और सबसे बुरा दुश्मन भी. लेकिन, इस बात ने मुझे अंदर से पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है कि तुम्हे जीने से ज्यादा आसान मरना लग रहा था. काश उस समय तुम्हारे पास ऐसे लोग होते, जो तुम्हारे इस बुरे समय में तुम्हारी मदद कर सकते और यह समय आसानी से कट जाता. काश तुमने खुद से प्यार करने वालों को खुद से दूर ना किया होता.

कृति ने आगे लिखा कि काश मैं तुम्हारे अंदर जो कुछ टूट चुका था. उसे जोड़ सकती, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाई. मेरे दिल का एक हिस्सा तुम्हारे साथ जा चुका है और एक में तुम हमेशा जिंदा रहोगे. मैं तुम्हारी खुशियों के लिए प्रार्थना करना कभी नहीं छोड़ सकती.”

 

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COVID-19 : देश में कोरोना संक्रमण के एक दिन में 12 हजार से अधिक मामले

देश में गत 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 12 हजार से अधिक नये मामले आए हैं जबकि मृतकों की संख्या पिछले दिन की तुलना में काफी कम रही और सात हजार से अधिक लोग स्वस्थ हुए.

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय  (Ministry of Health and Family Welfare) की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस के संक्रमण के 12,881 नये मामलों के साथ संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,66,946 हो गयी है. पिछले 24 घंटों में 334 लोगों की मौत हुई , जबकि इससे पहले दिन मृतकों का आंकड़ा 2003 रहा. इस बीमारी से मरने वालों की संख्या अब 12,237 हो गयी है. देश में इस समय कोरोना के 1,60,384 सक्रिय मामले हैं तथा 7390 और लोगों के स्वस्थ होने के साथ रोगमुक्त होने वालों की संख्या बढ़कर 1,94,325 हो गयी है.
कोरोना की महामारी से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र (Maharashtra) में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के संंक्रमण के 3307 मामले दर्ज किये गये और 114 लोगों की मौत हुई. इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,16,752 और मृतकों की संख्या बढ़कर 5,651 हो गयी है. इस दौरान राज्य में 1315 रोगमुक्त हुए हैं जिसके बाद स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 59,166 हो गयी है.

India-China Face-Off : शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर उनके मूल स्थानों पर पहुंचाये गये, देश के कई हिस्सों में चीन विरोधी प्रदर्शन

पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए सैनिकों के पार्थिव शरीर बुधवार को जब उनके घरों तक पहुंचाये गये तब देशभर में शोक की लहर दौड़ गयी. राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के कई हिस्सों में चीन विरोधी प्रदर्शन किये गये.  वैसे कोरेाना वायरस लॉकडाउन के चलते लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी थी.

कई शोकसंतप्त परिवारों के लिए पीड़ादायक प्रतीक्षा मंगलवार शाम को ही शुरू हो गयी थी जब सेना के वरिष्ठ अधिकाारियों ने एक दिन पहले वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना के साथ झड़प में 20 सैनिकों के शहीद होने की सूचना दी.

जब शहीद सैनिकों के ताबूत पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए विभिन्न राज्यों में पहुंचाये गये तब जो हृदय विदारक दृश्य सामने आया उससे 2019 के पुलवामा आतंकवादी हमले की याद ताजा हो गयी जब सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे. शहीदों के परिवार अपनों के चले जाने से दुख के सागर में डूबे थे लेकिन उन्होंने कहा कि कि उन्हें उनके बलिदान पर गर्व है.

कर्नल बी संतोष बाबू के पार्थिव शरीर को विशेष विमान से बुधवार को हैदराबाद लाया गया. बाद में उनका पार्थिव शरीर एम्बुलेंस से उनके गृह नगर सूर्यापेट ले जाया गया. वायु सेना स्टेशन हाकिमपेट पर विमान रात आठ बजे के आसपास उतरा. हाथ में तिरंगा झंडा लिए लोगों ने एम्बुलेंस के मार्ग में फूल बरसाए.

तेलंगाना की राज्यपाल टी सुंदरराजन और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के टी रामा राव समेत अन्य लोगों ने शहीद सैन्य अधिकारी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए. तेलंगाना में कई स्थानों पर लोगों और राजनीतिक दलों के सदस्यों ने शहीद कर्नल को श्रद्धांजलि दी.

हिमाचल प्रदेश के करोहटा गांव के जवान अंकुश ठाकुर के शहीद होने की खबर से पूरे गांव में उदासी छा गई है. लोगों ने बड़ी संख्या में इस गांव में पहुंचकर चीन के विरोध में नारे लगाये. भोरंज उपखंड के करोहटा गांव के 21 वर्षीय अंकुश 2018 में ही पंजाब रेजिमेंट में शामिल हुए थे. उनके पिता और दादा भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और छोटा भाई अभी छठी कक्षा में है.

ओडिशा में दो आदिवासी गांव पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में अपने बेटों की शहादत से शोकाकुल हैं.चंद्रकांत प्रधान (28) कंधमाल जिले के रायकिया मंडल में बिअर्पंगा गांव के रहने वाले थे और नायब सूबेदार नंदूराम सोरेन मयूरभंज के रायरंगपुर के रहने वाले थे.

चंद्रकांत के पिता करुणाकर प्रधान ने कहा, ‘‘हमें गर्व है कि उसने मातृभूमि के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी. ’’उन्होंने कहा,‘‘ मेरा बेटा अपनी ड्यूटी को लेकर बेहद ईमानदार था. वह साहसी, सादगी पसंद और मेहनती था. हमें उसकी शहादत की खबर मंगलवार रात को मिली. हम उसके पार्थिक शरीर का इंतजार कर रहे हैं.’’

छोटे-मोटे किसान प्रधान ने कहा कि उनका अविवाहित बेटा परिवार में कमाने वाला मुख्य सदस्य था. परिवार में माता-पिता के अलावा दो छोटे भाई और एक बड़ी बहन है.उन्होंने बताया कि चंद्रकांत 2014 में सेना में भर्ती हुआ था. वह करीब दो महीने पहले आखिरी बार घर आया था.

उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने कुछ दिन पहले फोन किया था और जहां वह तैनात था वहां मौजूद तनावपूर्ण स्थिति के बारे में बताया था। चंद्रकांत इलाके में काफी लोकप्रिय थे.ऐसा ही कुछ हाल आदिवासी बहुल मयूरभंज जिले बिजातोला ब्लॉक में 43 वर्षीय सोरेन के चमपौडा गांव का है.

सोरेन के बड़े भाई दोमान माझी ने बताया कि रायरंगपुर कॉलेज से 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद सोरेन 1997 में सेना में शामिल हुए क्योंकि वह मातृभूमि की रक्षा करना चाहते थे. वह अपनी ड्यूटी के प्रति ईमानदार थे.

उन्होंने बताया कि सोरेन के परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं..माझी ने कहा, ‘‘शहादत की खबर मिलने के बाद हम सब टूट गए हैं. उसे उसके दोस्ताना स्वभाव के लिए सभी प्यार करते थे.’’

मध्यप्रदेश के रीवा जिले के मनगवां थानांतर्गत फरेंदा गांव के रहने वाले शहीद नायक दीपक की करीब छह महीने पहले शादी हुई थी.

शहीद की दादी फूल कुमारी ने बताया, ‘दीपक से कुछ दिन पहले ही आखिरी बार फोन पर मेरी बात हुई थी. तब उसने मुझसे कहा था कि लॉकडाउन जब खत्म होगा तो वह छुट्टी में घर आयेगा. लेकिन लॉकडाउन के खत्म होने पर उसके शहीद होने की खबर आई है. पूरा परिवार दुखी है.’ फूल कुमारी ने बताया कि दीपक की 30 नबम्बर 2019 को शादी हुई थी. शादी के बाद वह केवल एक बार फरवरी में कुछ दिन के लिए छुट्टी में आया था.

उन्होंने कहा कि दीपक की माँ का निधन कई वर्ष पहले हो गया था और तब से मैंने ही उसकी परवरिश की.उन्होंने बताया कि सेना ने बुधवार सुबह साढ़े 8 बजे उसके शहीद होने की होने की सूचना हमें दी और उसके बाद से परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद चुनाव में भारत को मिला भारी समर्थन: टी. एस. तिरुमूर्ति

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी. एस. तिरुमूर्ति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के चुनाव में भारत को भारी समर्थन हासिल हुआ है और देश बहुपक्षीय प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए नेतृत्व देता रहेगा और नया मार्ग प्रशस्त करेगा.

सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट के लिए हुए चुनाव में संयुक्त राष्ट्र महासभा में 192 मत पड़े जिनमें से 184 मत भारत के पक्ष में रहे. भारत का दो वर्ष का कार्यकाल एक जनवरी 2021 से शुरू होगा. भारत को आठवीं बार संयुक्त राष्ट्र की इस महत्वपूर्ण संस्था में सदस्यता मिली है. इसमें पांच स्थायी सदस्य और 10 अस्थायी सदस्य हैं.

चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद तिरुमूति ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें कहा, ‘‘मुझे बहुत खुशी है कि भारत 2021-22 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर चुना गया है. हमें भारी समर्थन हासिल हुआ और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने भारत पर जो भरोसा जताया है उससे मैं अभीभूत हूं.’’ इससे पहले भारत 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992 तथा 2011-2012 में परिषद का अस्थायी सदस्य बना था.

तिरुमूर्ति ने कहा कि सुरक्षा परिषद में भारत का चुना जाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘‘सोच’’ और उनके प्रेरणादायी वैश्विक नेतृत्व खासकर कोविड-19 के दौर में, का साक्षी है.उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सुरक्षा परिषद का सदस्य बन रहा है और हमें विश्वास है कि कोविड संकटकाल में और कोविड के बाद की दुनिया में भारत बहुपक्षीय प्रणाली को नयी दिशा तथा नेतृत्व देगा.’’

भारत के अलावा आयरलैंड, मैक्सिको और नॉर्वे ने भी बुधवार को हुए सुरक्षा परिषद चुनाव में जीत हासिल की. कनाडा चुनाव हार गया.चुनाव में 192 सदस्य देशों ने मतदान किया और जीत के लिए 2/3 बहुमत यानि 128 मतों की आवश्यकता थी.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने ट्वीट किया, ‘‘सदस्य देशों ने 2021-22 के लिए भारत को अस्थायी सदस्य के तौर पर भारी समर्थन से चुना। भारत को 192 मतों में से 184 मत हासिल हुए.’’संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य हैं चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका.