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Rajiv Gandhi’s Birth Anniversary: राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, बतौर प्रधानमंत्री मोदी उनकी उपलब्धियां गिनाईं

कांग्रेस ने शनिवार को राजीव गांधी की 78वीं जयंती पर उन्हें याद किया और प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान देश की उपलब्धियों को रेखांकित किया.

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने उन्हें एक दूरदर्शी राजनेता के रूप में याद करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को कई ऐतिहासिक और दूरगामी उपलब्धियों के लिए याद किया जाता है, जिनमें से कुछ उनके व्यक्तिगत अभियान, प्रतिबद्धता और नेतृत्व के लिए.”

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने आईटी क्रांति की नींव को मजबूत किया, जिसने भारत को बदल दिया है. उन्होंने देश में कंप्यूटर, दूरसंचार और सॉफ्टवेयर विकास के युग की शुरुआत की. रमेश ने एक बयान में कहा, “उन्होंने सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी मिशन शुरू किए, उदाहरण के लिए भारत को वैक्सीन उत्पादन में विश्व में अग्रणी बनाया और देश को पोलियो मुक्त बनाया.”

उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, उन्होंने असम, पंजाब, मिजोरम और दार्जिलिंग जैसे देश के अशांत क्षेत्रों में शांति और विकास को वापस लाने वाले समझौतों को तैयार किए.”

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि उन्होंने 18 साल के बच्चों को वोट देने का अधिकार दिया. सभी जिलों में नवोदय विद्यालयों का नेटवर्क स्थापित किया और युवाओं को नया भविष्य दिया. स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया.

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी को स्वच्छ गंगा परियोजना और राष्ट्रीय बंजर भूमि विकास कार्यक्रम शुरू करने के लिए भी याद किया जाता है. उन्होंने पर्यावरण की रक्षा के लिए एक व्यापक कानून लागू किया. इसके साथ ही, उदारीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसने 1991 के आर्थिक सुधारों का मार्ग प्रशस्त किया, जो कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल थे.

जयराम रमेश ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने चीन और पाकिस्तान के साथ हमारे लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की और संयुक्त राष्ट्र के सामने यूनिवर्सल और पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए एक कार्य योजना पेश की.

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में जल्द ही ‘भ्रष्टाचार की हांडी’ तोड़ेगी भाजपा: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जल्द ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में ‘‘भ्रष्टाचार की हांडी तोड़ेगी.’’

शहर में आयोजित दही हांडी के एक कार्यक्रम में भाजपा नेता ने यह बयान दिया. शिवसेना बीएमसी पर 30 साल से भी ज्यादा समय से काबिज है.

फडणवीस ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार की हांडी तोड़ना शुरू कर दिया है. हम भी बीएमसी में भ्रष्टाचार की हांडी तोड़ेंगे.’’

इस मौके पर भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष आशीष शेलार ने दावा किया कि इस बार बीएमसी चुनाव में भाजपा की जीत होगी.

हिंदी फिल्मों का बहिष्कार करने की अपील एक मजाक : तापसी पन्नू

अभिनेत्री तापसी पन्नू का कहना है कि हिंदी फिल्मों का बहिष्कार करने का चलन एक ‘मजाक’ के अलावा और कुछ नहीं है. अभिनेत्री का मानना है कि सोशल मीडिया पर हिंदी फिल्मों के बहिष्कार की अपील करना दर्शकों की बुद्धिमता को कम करके आंकने जैसा ही है.

तापसी का कहना है कि वह उस दौर से गुजर चुकी हैं जब सोशल मीडिया पर टिप्पणियों से वह परेशान हो जाया करती थीं, लेकिन अब उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.

तापसी की फिल्म ‘‘दोबारा’’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. ‘‘दोबारा’’ का निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया है.

तापसी ने बृहस्पतिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यदि सोशल मीडिया पर फिल्मों का बहिष्कार करने और कलाकारों की आलोचना करने का चलन जारी रहता है तो कुछ निश्चित समय के बाद लोग इस ओर ध्यान नहीं देंगे. मेरी एक फिल्म में इस विषय से संबंधित एक संवाद भी है.’’

अभिनेत्री ने कहा, ‘‘मैं फिल्म जगत में दूसरों के बारे में बात नहीं कर सकती, लेकिन मेरे और अनुराग के लिए फिल्मों का बहिष्कार करने का चलन एक मजाक बन गया है.’’

दरअसल, हाल ही में कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आमिर खान की फिल्म ‘‘लाल सिंह चड्ढा’’ और अक्षय कुमार की ‘‘रक्षा बंधन’’ का बहिष्कार करने की अपील की थी. इसके बाद आमिर ने कहा था कि वह फिल्म का बहिष्कार करने की अपील से दुखी हैं और उन्होंने दर्शकों से अपनी फिल्म देखने का आग्रह किया था.

तापसी ने कहा, ‘‘यदि दर्शक कोई फिल्म पसंद करते हैं तो वे निश्चित रूप से फिल्म देखने जाएंगे. अगर उन्हें फिल्म नहीं पसंद है, तो वे नहीं देखेंगे. लेकिन, हिंदी फिल्मों के बहिष्कार की अपील करना मेरे दर्शकों की बुद्धिमता को कम करके आंकने जैसा ही है.’’

Agniveer Recruitment Rally : हिसार में 14 उम्मीदवार फर्जी दस्तावेज का उपयोग करते पकड़े गए

हरियाणा (Haryana) के हिसार में अग्निपथ योजना (Agnipath Yojna) के तहत अग्निवीर भर्ती रैली के दौरान उम्मीदवारों द्वारा कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज दिए जाने के 14 मामले सामने आए हैं. एक आधिकारिक बयान के अनुसार शुक्रवार को इन मामलों का पता चला.

आरोप है कि उम्मीदवारों ने फर्जी प्रवेश पत्र के सहारे भर्ती अभियान में शामिल होने का प्रयास किया. बयान के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में कड़ी सतर्कता और पारदर्शिता के कारण ये मामले पकड़े गए और ऐसे उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी. हिसार में अग्निपथ योजना के तहत 12 अगस्त को भर्ती रैली शुरू हुई है जिसमें बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं.

वहीं, झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को भारतीय सेना की अग्निपथ योजना के तहत वायु सेना में भर्ती के लिए दो परीक्षा केंद्रों पर अग्निवीर वायु परीक्षा का आयोजन कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया.

सूत्रों ने इसकी जानकरी दी.आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रांची के संस्कार आईटी एवं प्रबंधन सेवा तथा ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल पर बनाए गए दो केंद्रों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज अग्निवीर वायु परीक्षा का आयोजन किया गया . इसके माध्यम से अग्निपथ योजना के तहत वायु सेना में पहले बैच के सैनिकों का चयन किया जाएगा.

रांची के उपायुक्त राहुल सिन्हा (Rahul Sinha) ने बताया कि पूरे देश में 250 केंद्रों पर तीन पारियों में आज वायु अग्निवीर की परीक्षा आयोजित की गई . उन्होंने बताय कि इन केंद्रों में रांची के भी दो केंद्र शामिल हैं जहां रविवार को परीक्षा का आयोजन हुआ . सिन्हा ने बताया कि इसके लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों एवं मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया था.

उन्होंने बताया कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गयी और इसमें कहीं से किसी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है. इस परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों में भारी उत्साह देखने को मिला एवं परीक्षार्थियों में से अनेक ने बताया की परीक्षा का स्तर कक्षा 12 की परीक्षा के समान ही था.

सीतापुर में अराजकतत्वों ने तोड़ी डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा, मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के सीतापुर (Sitapur)  जिले के हरगांव थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह अराजकतत्वों ने बाबा साहब भीम राव आंबेडकर (Bhim Rao Ambedkar) की एक प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया.

पुलिस ने इसकी जानकारी दी. पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज (FIR) कर जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों के अनुसार हरगांव क्षेत्र के रिखीपुरवा गांव में आंबेडकर की एक प्रतिमा को अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया. स्थानीय लोगों ने शुक्रवार सुबह क्षतिग्रस्त प्रतिमा को देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी.

पुलिस टीम के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया. अपर पुलिस अधीक्षक राजीव दीक्षित ने कहा, ‘अराजकतत्वों ने अंधेरे में प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी और फरार हो गये. हमने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है. आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.’उन्‍होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने क्षतिग्रस्त प्रतिमा को बदलने में सहयोग का आश्वासन दिया है.

Uttar Pradesh : मथुरा में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी, मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़

मथुरा (Mathura) श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) के अवसर पर ब्रजभूमि में धार्मिक उत्साह और उमंग के बीच सैकड़ों विदेशियों सहित भारी संख्‍या में कृष्ण भक्तों ने विभिन्न कृष्ण मंदिरों में शुक्रवार को पूजा-अर्चना की और धूमधाम से उत्‍सव में भाग लिया.

श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि देश आज भगवान कृष्ण की 5248वीं जयंती मना रहा है और देश-विदेश के श्रद्धालु इस अवसर पर पूरे दिन से विभिन्न अनुष्ठान में हिस्सा ले रहे हैं. उत्सव में हजारों श्रद्धालुओं (Devotees) ने श्री कृष्ण जन्मस्थान के विशाल प्रांगण में जन्‍माष्‍टमी की शुरुआत सुबह से शहनाई और ढोल की धुन पर नृत्य करके अपनी खुशी व्यक्त करते हुए की.

शर्मा ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित गर्भ गृह वह शुभ स्थान है जहां हजारों साल पहले कृष्ण ने अवतार लिया था. उन्होंने कहा कि भागवत भवन मंदिर में मध्यरात्रि में भगवान के ‘अभिषेक’ की तैयारी जोरों पर है. श्रीकृष्ण जन्मस्थान के प्रांगण में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. वृंदावन स्थित प्राचीन राधा रमण मंदिर, राधा दामोदर मंदिर और टेढ़े खंबेवाला मंदिर में भी श्रद्धालुओं की सक्रियता देखी गई. सबसे अधिक भीड़ राधा रमण मंदिर में थी .

बांके बिहारी मंदिर वृंदावन में शुक्रवार को आधी रात के बाद होने वाले मंगला दर्शन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. मंदिर के पुजारी ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी ने कहा, ‘यह मंदिर का सबसे शुभ समारोह है जो साल में एक बार होता है. द्वारकाधीश मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी और कानूनी सलाहकार राकेश तिवारी ने बताया कि करीब एक घंटे तक चले प्रधान देवता के अभिषेक समारोह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्राचीन द्वारकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना की.

जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा कि मथुरा-वृंदावन में व्‍यापक सुरक्षा इंतजाम किये गये हैं.कई लाख लोगों ने मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगांव और गोवर्धन के मंदिरों के प्रमुख देवताओं की पूजा की, वहीं बड़ी संख्‍या मे लोगों ने शुक्रवार को गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी की. मथुरा के प्रमुख चौराहों को विशेष रूप से इस अवसर के लिए सजाया गया है जिससे पूरा शहर उत्सव के रंग में रंगा हुआ है.

उल्‍लेखनीय है कि देश दुनिया में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव रात 12 बजे मनाया जाता है लेकिन वृन्दावन के सप्तदेवालयों में शामिल ठाकुर राधारमण, ठाकुर राधा दामोदर, ठाकुर शाह बिहारी आदि कुछ मंदिर ऐसे हैं, जहां विभिन्न कारणों से भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव दिन में मनाया जाता है.

पौराणिक चर्चाओं के अनुसार, आचार्य गोपालभट्ट की साधना से प्रसन्न होकर शालिग्राम शिला से ठाकुर राधारमणलालजू ने विग्रह रूप भोर में लिया था, इसलिए मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव दिन में मनाया जाता है.

ESIC की सुविधा हर जिले तक पहुंचेगी, जोमैटो-स्विगी जैसे गिग वर्कर्स को भी मिलेगा लाभ

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेन्द्र सिंह यादव (Bhupendra Singh Yadav) ने गुरुवार को कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) दिसंबर तक देश के सभी 744 जिलों में अपनी सेवाओं का विस्तार करेगा. सामाजिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बाद लाभार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ यह निर्णय किया गया है.

संहिता में स्वतंत्र रूप से अस्थायी कार्य और ऑनलाइन मंचों पर काम करने (गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारी) वाले कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम की सामाजिक सुरक्षा योजना ईएसआई (स्वास्थ्य बीमा) के दायरे में लाने की व्यवस्था है.

श्रम मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यादव ने सूरजकुंड में आयोजित ईएसआईसी ‘चिंतन शिविर’ में अपने समापन भाषण में ईएसआईसी सेवा व्यवस्था में विस्तार और सुधार से जुड़े नतीजों की जानकारी दी.

उन्होंने कहा, ‘‘ईएसआईसी दिसंबर, 2022 तक देश के सभी 744 जिलों में अपनी सेवाओं के विस्तार के लिये काम करेगा. यह विस्तार सामाजिक सुरक्षा संहिता के कार्यान्वयन के बाद लाभार्थियों की बढ़ी हुई संख्या को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.”

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कहा कि ईएसआईसी ‘चिंतन शिविर’ के नतीजे नीति और क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटकर प्रधानमंत्री के ‘स्वास्थ्य से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को पूरा करने में मदद करेंगे.

उन्होंने कहा कि ये आगे पासा पलटने वाला साबित होगा और ये सभी ‘श्रम योगियों’ तथा उनके आश्रितों को व्यापक स्तर पर लाभ पहुंचाएगा. बयान के अनुसार देश में पेशे से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिये स्वदेशी अनुसंधान को बढ़ावा देने को लेकर व्यावसायिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किये जाने की भी सिफारिश की गयी है. इसके अलावा ईएसआई स्वास्थ्य सुविधाएं/चिकित्सा कॉलेज के विकास की संभावना भी टटोलेगा.

इंडियन रेलवे ने दी फेरीवालों को ट्रेन, स्टेशनों पर सामान बेचने की अनुमति

इंडियन रेलवे ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों के तहत फेरीवालों को ट्रेनों में अपना सामान बेचने की अनुमति देने का फैसला किया है. इसके साथ ही रेलवे द्वारा इन हॉकर या फेरीवालों को स्टेशनों और ट्रेनों में अपना सामान बेचने के लिए डिजाइनर गाड़ियां और कंटेनर भी उपलब्ध कराई जाएंगी. 

इस साल केंद्रीय बजट में घोषित ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ नीति के तहत रेलवे का लक्ष्य प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर एक स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा देना है. 

पहले फेरीवाले ट्रेन में सवार होकर स्थानीय उत्पाद बेचते थे, जिनमें ज्यादातर यात्रियों के खाने-पीने की सामग्री हुआ करती थी लेकिन यह अवैध था और सुरक्षा एवं स्वच्छता की दृष्टि से भी अनुकूल नहीं था. हालांकि, अब खाद्य पदार्थों से लेकर घरेलू साज-सज्जा से जुड़े सामानों को भी स्टेशनों और ट्रेनों में बेचा जाएगा. 

बात सिर्फ यहीं समाप्त नहीं होती. फेरीवालों की गाड़ियों की वजह से प्लेटफॉर्म पर भीड़ न हो, इसके लिए रेलवे ने अहमदाबाद के राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान से करार किया है. संस्थान ने ऐसे कियोक्स डिजाइन किए हैं जिनमें विभिन्न प्रकार के उत्पाद रखने के लिए अलग-अलग हिस्से बनाए गए हैं. अभी सिर्फ आईआरसीटीसी से मंजूरी प्राप्ति वेंडर ही स्टेशनों और ट्रेनों में अपना सामान बेच सकते हैं. 

“राजू श्रीवास्तव की हालत स्थिर, डॉक्टर बेहतर इलाज कर रहे हैं”: पत्नी शिखा श्रीवास्तव

अभिनेता-कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की पत्नी शिखा श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनके पति ‘‘एक योद्धा (फाइटर) हैं और वह हम सभी के बीच वापस लौटेंगे.” श्रीवास्तव (58) को 10 अगस्त को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद से उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की गहन देखभाल इकाई में रखा गया है. अभिनेता की उसी दिन एंजियोप्लास्टी हुई थी जिस दिन उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. शिखा ने कहा कि उनके पति की हालत स्थिर है और डॉक्टर उनका बेहतर इलाज कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी हालत स्थिर है. डॉक्टर उनका अच्छा इलाज कर रहे हैं. राजू जी एक फाइटर हैं और वह हम सबके बीच फिर से लौटेंगे. हमें आपकी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं की जरूरत है.”

वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए श्रीवास्तव के स्वास्थ्य को लेकर बृहस्पतिवार को ट्विटर पर कई पोस्ट में अटकलें लगाई जा रही थीं. शिखा ने कहा, ‘‘मेरा विनम्र अनुरोध है कि कृपया अफवाह न फैलाएं. यह हमारे मनोबल को प्रभावित करता है. हमें नकारात्मक ऊर्जा नहीं चाहिए, हमें सकारात्मकता चाहिए. कृपया उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करें और वह जल्द ही वापस आ जाएंगे. डॉक्टर अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं और राजू जी उनका साथ दे रहे हैं, वह लड़ रहे हैं. इसलिए कृपया नकारात्मकता न फैलाएं.”

इससे पहले दिन में एक सूत्र ने बताया, ‘‘उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है और उनकी हालत नाजुक है. उन्हें मस्तिष्काघात हुआ है और वह अचेत हैं.”

पति अपनी पत्नी से बच्चे को जन्म देने की बात करता है तो इसे क्रूरता नहीं माना जा सकता: कर्नाटक उच्च न्यायालय

कर्नाटक उच्च न्यायालय का कहना है कि, जब एक पति अपनी पत्नी को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और बच्चे को जन्म देने की बात करता है तो इसे क्रूरता नहीं माना जा सकता.

न्यायमूर्ति एच.बी. प्रभाकर शास्त्री ने बुधवार को पति और सास पर पत्नी द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों को भी खारिज कर दिया. पीठ ने निचली अदालत द्वारा दी गई सजा से राहत की मांग करने वाले पति और उसकी मां की याचिका पर विचार किया.

पीठ ने कहा कि दंपति शिक्षित हैं और उन्होंने शादी से पहले अपने भविष्य के बारे में एक-दूसरे से बात की है. इसलिए, एक पति ने अपनी पत्नी को अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने और नौकरी में शामिल होने के लिए कहा, इसे क्रूरता नहीं माना जा सकता है.

पति ने पत्नी से 3 साल तक बच्चा न होने की बात कही थी. लेकिन, पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसके पति के परिवार ने बच्चा पैदा करने की बात को लेकर उसे प्रताड़ित किया। अदालत ने कहा कि, परिवार के व्यापक हित में पति द्वारा अपनी पत्नी से बात करना कि कब बच्चा पैदा करना है को क्रूरता या यातना नहीं माना जा सकता है.

पत्नी ने यह भी आरोप लगाया था कि उसे तमिल भाषा सीखने और अपने पति के साथ शटल और कार्ड गेम खेलने के लिए मजबूर किया गया था. कोर्ट ने यह भी कहा है कि पार्टनर को ऐसी भाषा सीखने के लिए कहने में कोई हर्ज नहीं है, जो परिवार में सभी को पता हो.

दंपति अमेरिका में रहा और पति ने अपनी पत्नी से कहा कि वह पढ़ाई जारी रखे और वहां अच्छी नौकरी ढूंढे. उसने उसे यह भी बताया कि इससे परिवार को मदद मिलेगी.पत्नी ने अपने पति और उसकी मां के खिलाफ दहेज का मामला दर्ज कराया था और प्रताड़ना और क्रूरता का भी आरोप लगाया था.

निचली अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए सजा सुनाई थी. सत्र न्यायालय ने भी सजा के आदेश को बरकरार रखा था इसलिए याचिकाकर्ता ने राहत की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.