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Janmashtami 2022: देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम, देखते ही बनते रही है मंदिरों की छटा, देखें तस्वीरें

आज पूरे देश में जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami 2022) का त्योहार मनाया जा रहा है. देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिवस की धूम हैं. देश के मंदिरों की छटा आज देखते ही बनती हैं. सुबह से ही भक्तों का तांता मंदिरों के बाहर दिखना शुरू हो गया है.

बता दें कि कुछ लोगों में जन्माष्टमी की तिथि को लेकर असंमजस था, कुछ लोगों ने इसे कल यानी 18 अगस्त को भी मनाया. देश के तमाम बड़े मंदिरों में यह त्योहार आज (19 अगस्त) मनाया जा रहा है.

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि के दिन मथुरा की जेल में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था. इस दिन को जन्माष्टमी रूप में मनाया जाता है. माता देवकी की कोक से जन्म लेने के बाद श्रीकृष्ण के पिता वासुदेव उन्हें कंस से बचाने के लिए वृंदावन में नंदबाबा और मां यशोदा के यहां छोड़ आए.

जन्माष्टमी के इस पर्व पर पीएम मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. पीएम ने ट्वीट किया, ‘सभी देशवासियों को जन्माष्टमी के पावन-पुनीत अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं. भक्ति और उल्लास का यह उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए. जय श्रीकृष्ण!”

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि के दिन मथुरा की जेल में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था. इस दिन को जन्माष्टमी रूप में मनाया जाता है. माता देवकी की कोक से जन्म लेने के बाद श्रीकृष्ण के पिता वासुदेव उन्हें कंस से बचाने के लिए वृंदावन में नंदबाबा और मां यशोदा के यहां छोड़ आए.

जन्माष्टमी के इस पर्व पर पीएम मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. पीएम ने ट्वीट किया, ‘सभी देशवासियों को जन्माष्टमी के पावन-पुनीत अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं. भक्ति और उल्लास का यह उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए. जय श्रीकृष्ण!”

Congress Protest: कांग्रेस की ‘महंगाई पर हल्ला बोल’ रैली अब 28 अगस्त नहीं, चार सितंबर को होगी

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को देखते हुए महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर 28 अगस्त को उसकी प्रस्तावित ‘महंगाई पर हल्ला बोल’ रैली अब चार सितंबर को होगी. 

यह रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होनी है जिसे राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोविड-19 के मौजूदा हालात को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने तय किया है कि 28 अगस्त को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘महंगाई पर हल्ला बोल’ रैली अब 4 सितंबर को होगी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस रैली के माध्यम से असंवेदनशील नरेंद्र मोदी सरकार को जोरदार संदेश दिया जाएगा!’’ इससे पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों ने महंगाई को लेकर सरकार के खिलाफ पार्टी के अभियान की तैयारियों की समीक्षा की. इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कई प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष भी शामिल हुए.

रमेश ने बताया कि 22 अगस्त को हर प्रदेश में ‘महंगाई पर हल्ला बोल- दिल्ली चलो’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. 25 अगस्त को हर जिले में जिला कांग्रेस कमेटियों के स्तर पर और 27 अगस्त को ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के स्तर पर ‘महंगाई पर हल्ला बोल- दिल्ली चलो’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘‘महंगाई और बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार जो कदम उठाना चाहिए थे वो नहीं उठाया . इसलिए हमने एक रचनात्मक विपक्षी दल होने के नाते हमने यह फैसला किया.’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘चार सितंबर की इस रैली के बाद सात सितंबर को 3500 किलोमीटर तक चलने वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत होगी. इस यात्रा को पूरा करने में 150 दिन लगेंगे.’’

BJP से खुश नहीं हैं सहयोगी दल, अगले लोस चुनाव में बनेगा भाजपा के खिलाफ मजबूत विकल्‍प : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार में हुए राजनीतिक बदलाव को एक ‘सकारात्‍मक संकेत’ करार देते हुए उम्‍मीद जतायी है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक मजबूत विकल्‍प तैयार होगा.

अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि उत्‍तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दल उससे खुश नहीं हैं और भविष्‍य में वे इस सत्तारूढ पार्टी से नाता तोड़ लेंगे.

अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के भाजपा-नीत राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़कर राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस तथा कई अन्‍य दलों के साथ मिलकर महागठबंधन की सरकार बनाना एक ‘सकारात्‍मक संकेत’ है. उन्होंने उम्‍मीद जताई कि अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विकल्‍प तैयार होगा.

उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव और रामपुर तथा आजमगढ़ लोकसभा सीट के उपचुनाव में सपा की पराजय के लिए चुनाव आयोग की ‘बेईमानी’ को जिम्‍मेदार करार दिया और कहा कि अगर आयोग ने ईमानदारी से काम किया होता तो नतीजे कुछ और ही होते.

सपा अध्‍यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने राज्‍य का पिछला विधानसभा चुनाव लोकतंत्र बचाने की अपील के साथ लड़ा था, मगर नतीजा सबके सामने है. उन्होंने कहा, ‘देश में अब कोई भी निष्‍पक्ष संस्‍थान बाकी नहीं रह गया है. सरकार दबाव डालकर इन संस्‍थानों से मनमाफिक काम कराती है.’’

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया, ‘‘चुनाव आयोग ने बहुत बेईमानी की। बड़ी संख्‍या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिये गये. रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा कार्यकर्ताओं को वोट नहीं डालने दिया गया, जबकि आजमगढ़ में सपा कार्यकर्ताओं को रेड कार्ड जारी किये गये. क्‍या चुनाव आयोग सो रहा था? उसने हमारी शिकायतों पर ध्‍यान ही नहीं दिया.’ पार्टी संगठन को मजबूत करने के सवाल पर सपा अध्‍यक्ष ने कहा कि उनका पूरा ध्‍यान पार्टी को मजबूत करने पर है और इसी साल दल का राष्‍ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि पार्टी का सदस्‍यता अभियान चल रहा है और उसे अच्‍छी प्रतिक्रिया मिल रही है. सपा अध्यक्ष ने बताया कि इस बार यह अभियान मोबाइल ऐप्‍लीकेशन के जरिये चलाया जा रहा है.

पूर्व मुख्‍यमंत्री ने दावा किया, ‘उत्‍तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दल उससे खुश नहीं हैं. देखिये, उन्‍हें (सहयोगी दलों को) आखिर क्‍या मिल रहा है. एक दिन वे सभी उसका (भाजपा का) साथ छोड़ जाएंगे.’’ गौरतलब है कि उत्‍तर प्रदेश में अपना दल (सोनेलाल) और निषाद पार्टी भाजपा के सहयोगी दल हैं.

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का विकल्‍प तैयार करने में सपा की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, ‘तेलंगाना के मुख्‍यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी और राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार विकल्‍प तैयार करने पर काम कर रहे हैं. इस वक्‍त हमारा ध्‍यान उत्‍तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने पर है.’ वर्ष 2019 में सपा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्‍ट्रीय लोकदल (रालोद) ने उत्‍तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव साथ मिलकर लड़ा था। बसपा को 10 और सपा को पांच सीटें मिली थी, जबकि रालोद का खाता नहीं खुल सका था. गत जून में रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव हारने के बाद सपा की सीटों की संख्‍या घटकर तीन रह गयी है. इस साल के अंत में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों के बारे में सपा अध्‍यक्ष ने कहा कि इसकी तैयारियां की जा रही हैं और इसके लिए प्रभारियों की नियुक्ति की गयी है.

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कोविड-रोधी टीके की दूसरी डोज से जुड़े आंकड़े फर्जी हैं. उन्होंने कहा, ‘‘अस्‍पतालों में दवाएं और डॉक्‍टर नहीं हैं. लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है. राज्‍य के चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय में दलाल घूम रहे हैं, मंत्री और अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, जबकि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ समीक्षा बैठकों में व्‍यस्‍त हैं.’’

Independence Day 2022: लाल किले की प्राचीर से बोले PM नरेन्द्र मोदी- ये गांधी, बोस, सावरकर और अंबेडकर को याद करने का सही वक्त

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को आजादी की 75वीं सालगिरह पर देश की शहीदों को याद करते हुए उन्हें नमन किया. इसके साथ ही, उन्होंने वीर सावरकर और संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को भी याद कर कहा कि उन्हें याद करने का यह सयम है. लाल किले की प्रचीर से लगातार देशवासियों को 9वीं बार संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं विश्व भर में फैले हुए भारत प्रेमियों को, भारतीयों को आजादी के इस अमृत महोत्सव की बहुत-बहुत बधाई देता हूं. आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर देशवासियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं.

पीएम मोदी ने कहा कि हमने बहुत कुछ झेला है. कभी आतंकवाद, कभी युद्ध तो कभी अन्न संकट झेला है. उन्होंने आगे कहा कि आज का यह दिवस ऐतिहासिक दिवस है. आजादी का पूरा कालखंड संघर्ष में बीता है. आज हर एक बलिदानी और त्यागी को नमन करने का अवसर है. पीएम मोदी ने कहा कुछ लोगों को इतिहास में जगह नहीं मिली लेकिन अब उन्हें याद करने का समय आ गया है. 

पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया भारत की ओर देखने लगी है. सामूहित चेतना का पुनर्जागरण हुआ है. पिछले तीन दिन से पूरा देश तिरंगामय हो गया है.

वीर सांवरकर, नेताजी और अंबेदकर को किया याद

लाल किले की प्राचीर से भाषण देते हुए पीएम मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सांवरकर को याद किया. इसके साथ ही उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी याद किया. नेताजी के अलावा उन्होंने भीमराव अंबेदकर को भी याद किया. उन्होंने कहा कि आखिरी इंसान को सफल बनाने का प्रयास जारी है. 75 साल में देश ने पुरुषार्थ दिखाया है. देश पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अगले 25 साल देश के लिए बेहद ही अहम हैं.

Inedependence Day 2022: पीएम नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार और परिवारवाद को बताया बड़ी चुनौती, बोले- देश को दीमक की तरह कर रहे खोखला

76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले में अपने भाषण के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने आज का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि आज एक नए संकल्प के साथ हम एक नया रास्ता अपनाएंगे. भारत की ताकत इसकी विविधता में है, यह लोकतंत्र की जननी है. साथ ही उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भाई- भतीजावाद, परिवारवाद देश के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है, उससे देश को लड़ना ही होगा. हमारी कोशिश है कि जिन्होंने देश को लूटा है, उनको लौटाना भी पड़े, हम इसकी कोशिश कर रहे हैं. 

हर संस्थान में परिवारवाद को मिल रहा बढ़ावा – पीएम मोदी 

उन्होंने कहा “जब मैं भाई-भतीजावाद और परिवारवाद की बात करता हूं, तो लोगों को लगता है कि मैं सिर्फ राजनीति की बात कर रहा हूं, जी नहीं, दुर्भाग्य से राजनीतिक क्षेत्र की उस बुराई ने हिंदुस्तान के हर संस्थान में परिवारवाद को पोषित कर दिया है. 

भ्रष्टाचारी के प्रति नफरत का भाव पैदा होना जरूरी- पीएम मोदी 

पीएम मोदी ने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी के प्रति नफरत का भाव पैदा नहीं होता होता, सामाजिक रूप से उसे नीचा देखने के लिए मजबूर नहीं करते, तब तक ये मानसिकता खत्म नहीं होने वाली है. 

Source: ABP News

‘हर घर तिरंगा’ अभियान- भाजपा नेताओं और सरकार के मंत्रियों ने अपने-अपने घरों पर लगाया तिरंगा और निकाली तिरंगा यात्रा

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और नितिन गडकरी समेत मोदी सरकार के मंत्री और भाजपा नेताओं ने शनिवार को अपने-अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लगाया. इसके साथ ही सरकार के कई मंत्री और भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को सफल बनाने और इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए देशभर में तिरंगा रैली भी निकालते नजर आए.

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने-अपने आवास पर तिरंगा लगाया तो वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के नागपुर स्थित अपने घर पर तिरंगा लगाकर देश की आजादी में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी और देशवासियों से बढ़-चढ़ कर इस अभियान में शामिल होकर अपने-अपने घरों पर तिरंगा लगाने की अपील की.

साथ ही नितिन गडकरी नागपुर में तिरंगा पदयात्रा में शामिल हुए, राजनाथ सिंह राजस्थान के जोधपुर में तिरंगा रैली करते नजर आए,पीयूष गोयल गांधी दर्शन-राजघाट पर आयोजित ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल हुए तो वहीं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार शाम को क्रांति की धरती मेरठ में तिरंगा यात्रा को संबोधित करेंगे और हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना भी करेंगे.

आपको बता दें कि, आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मनाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से 13 से 15 अगस्त तक अपने-अपने घरों पर तिंरगा लगाने की अपील की है.

अपने घर पर तिरंगा लगाने के बाद जेपी नड्डा ने पार्टी मुख्यालय जाकर, वहां पर ‘विभाजन विभीषिका’ को लेकर लगाए गए एग्जीबिशन का अवलोकन भी किया.

आपको बता दें कि, भारत के विभाजन की विभिषिका की याद में भाजपा देशभर में 14 अगस्त को विभाजन विभिषका दिवस कार्यक्रम का आयोजन भी करने जा रही है. इसके तहत विभाजन से जुड़ी विभिषिकाओं की याद में भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता 14 अगस्त को देश के सभी जिलों में मौन जुलूस निकालेंगे.

Mumbai: पूर्व एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को जाति आयोग ने दी ‘क्लीन चिट’

स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व मुंबई क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े को जाति जांच समिति ने ‘क्लीन चिट’ दी है, जिनकी सरकारी नौकरी पाने के लिए कथित जाली जाति प्रमाण पत्र जमा करने के आरोप को लेकर जांच की गयी थी . एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.

एक अधिकारी ने बताया कि यह आदेश महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय विभाग ने शुक्रवार को जारी किया. आदेश में कहा गया है कि भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी वानखेड़े जन्म से मुस्लिम नहीं थे. यह साबित हो गया है कि वह महार जाति से हैं, जो अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी में आती है.

वानखेड़े की जाति का मुद्दा महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता नवाब मलिक ने उठाया था. वानखेड़े के खिलाफ राजनीतिक नेता मनोज संसारे, अशोक कांबले और संजय कांबले समेत शिकायतकर्ताओं ने आवेदन दायर किए थे.

मुंबई जिला जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने शिकायतों की जांच की और शुक्रवार को उसी पर एक आदेश पारित किया. आदेश में कहा गया है कि यह साबित नहीं हुआ कि वानखेड़े और उनके पिता ज्ञानदेव वानखेड़े ने हिंदू धर्म को त्याग कर स्वयं को विधिवत इस्लाम में परिवर्तित किया था.

आदेश में ये भी कहा गया है कि इससे यह साबित होता है कि वानखेड़े और उनके ससुर महार-37 अनुसूचित जाति के हैं. आदेश में कहा गया है कि नवाब मलिक और अन्य द्वारा वानखेड़े के जातिगत दावे और जाति प्रमाण पत्र के धर्म के संबंध में दायर शिकायतों की पुष्टि नहीं की जाती है, जिसके बाद शिकायत में तथ्यों की कमी के कारण शिकायतों को खारिज कर दिया गया.

दुर्घटना में जान गंवाने वाले माता-पिता की विवाहित बेटियां भी मुआवजे की हकदार, कर्नाटक उच्च न्यायालय का अहम फैसला

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा है कि दुर्घटना में अपने माता-पिता के मारे जाने पर विवाहित बेटियां भी बीमा कंपनियों से मुआवजा पाने की हकदार हैं. अदालत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने माना है कि विवाहित बेटे भी ऐसे मामलों में मुआवजे के हकदार हैं.

उच्च न्यायालय ने कहा, यह न्यायालय भी विवाहित बेटों और बेटियों में कोई भेदभाव नहीं कर सकता. लिहाजा इस तर्क को स्वीकार नहीं किया जा सकता कि मृतक की विवाहित बेटियां मुआवजे की हकदार नहीं हैं. न्यायमूर्ति एच. पी. संदेश की एकल पीठ ने एक बीमा कंपनी द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई की।

याचिका में 12 अप्रैल, 2012 को उत्तर कर्नाटक में यमनूर, हुबली के पास हुई दुर्घटना में जान गंवाने वाली रेणुका (57) की विवाहित बेटियों को मुआवजा देने के आदेश को चुनौती दी गई थी. रेणुका के पति, तीन बेटियों और एक बेटे ने मुआवजे की मांग की थी. मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने परिवार के सदस्यों को छह प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर के साथ 5,91,600 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था.

बीमा कंपनी ने इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए एक याचिका दाखिल की, जिसमें कहा गया कि विवाहित बेटियां मुआवजे का दावा नहीं कर सकतीं. याचिका में यह भी कहा गया कि वे आश्रित नहीं हैं. इसलिए निर्भरता नहीं होने पर मुआवजा देना गलत है. हालांकि अदालत ने बीमा कंपनी की इन दलीलों को खारिज कर दिया.

दिल्ली में मंकीपॉक्स का पांचवां मामला मिला, नाइजीरिया से लौटा था मरीज

दिल्ली में मंकीपॉक्स (MonkeyPox) का एक और नया मामला सामने आया है. अधिकारियों के अनुसार अब एक 22 वर्षीय अफ्रीकन महिला इस वायरस से पॉजिटिव पाई गई हैं. इस मामले को मिलाकर दिल्ली में अबतक मंकीपॉक्स (MonkeyPox) के कुल पांच मामले सामने आ चुके हैं. अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात को जिस मरीज में इस वायरस की पुष्टि हुई है वो महिला कुछ दिन पहले ही नाइजीरिया से लौटीं हैं. संक्रमित (MonkeyPox) महिला को कुछ दिन पहले ही एनएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, यहां एडमिट रहते हुए ही शुक्रवार रात आई रिपोर्ट में उसके मंकीपॉक्स (MonkeyPox) से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. बीते कुछ महीनों में दिल्ली में चार अन्य मंकीपॉक्स के मामले सामने आए थे. इनमे दो महिलाएं महिलाओं को एनएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 

बता दें कि कुछ दिन पहले ही दिल्‍ली में मंकीपॉक्‍स वायरस के संक्रमण का चौथा मामला दर्ज किया गया था. 31 वर्ष की नाइजीरियाई महिला को इस बीमारी से संक्रमित पाया गया था. अधिकारियों ने यह जानकारी दी थी. इस ताजा मामले के साथ ही देश में मंकीपॉक्‍स संक्रमण के मामलों की संख्‍या 9 तक पहुंच गई थी. देश में मंकीपॉक्‍स वायरस से संक्रमित पाई गई यह पहली महिला है. सूत्रों ने बताया था कि इस महिला को बुखार और शरीर में चकत्‍ते हैं ओर इसे लोकनायक जयप्रकाश अस्‍पताल  ( LNJP) भर्ती कराया गया है. इसका सैंपल टेस्‍ट के लिए भेजा गया था जिसका परिणाम बुधवार को ‘पॉजिटिव’ आया था.

सूत्रों ने बताया था कि इस महिला की ट्रैवल हिस्‍ट्री के बारे में अभी जानकारी नहीं है. दिल्‍ली में मंकीपॉक्‍स के पहले मरीज को सोमवार को LNJP अस्‍पताल से डिस्‍चॉर्ज किया गया. मंकीपॉक्स से निपटने के लिए दिल्ली में छह अस्पतालों में 70 आइसोलेशन रूम बनाए गए हैं. अधिकारियों ने कहा था कि इनमें से 20 कक्ष मंकीपॉक्स के रोगियों और संदिग्ध रोगियों के इलाज के लिए नोडल केंद्र लोकनायक जय प्रकाश (LNNJP) अस्पताल में बनाए गए हैं, जबकि अन्य पांच अस्पतालों में 10-10 कक्ष स्थापित किए गए हैं.

इन पांच अस्पतालों में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित जीटीबी अस्पताल तथा डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल और तीन निजी अस्पताल- कैलाश दीपक अस्पताल, एमडी सिटी अस्पताल और बत्रा अस्पताल, तुगलकाबाद शामिल हैं.दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कार्यालय ने कहा था कि दिल्ली वासियों का स्वास्थ्य ”केजरीवाल सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है.” बयान में सिसोदिया के हवाले से कहा गया है, ”दिल्ली सरकार मंकीपॉक्स के संक्रमण से संबंधित पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. मौजूदा हालात को देखते हुए तीन सरकारी और तीन निजी अस्पतालों में आइसोलेशन रूम बनाए गए हैं.”

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) की मुख्‍य वैज्ञानिक सौम्‍या स्‍वामीनाथन (Soumya Swaminathan) ने मंकीपॉक्‍स के प्रकोप (outbreak of Monkeypox) को आंखें खोलने वाला करार दिया है. उन्‍होंने बताया था कि 1979-80 से स्‍मालपॉक्‍स वैक्‍सीनेशन कार्यक्रम को रोक दिया गया है. मंकीपॉक्‍स का प्रकोप हमारे लिए “नींद से जगाने वाला”  रहा है क्‍योंकि हमें हर समय घातक प्रकोप से बचाव के लिए खुद को तैयार रखने की जरूरत है.

घर पर तिरंगा फहराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, जानिए राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियम

भारत की आजादी के 75वें वर्ष से पहले प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान शुरू किया है. ये अभियान आज से शुरू हुआ और सोमवार यानी 15 अगस्त तक जारी रहेगा. इस अभियान के तहत पीएम मोदी ने लोगों से भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए अपने घरों पर तिरंगा (Tiranga) फहराने का आग्रह किया है. ऐसे में राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के नियम जानने भी जरूरी हैं. 

भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार, तिरंगे की गरिमा और सम्मान का अनादर किए बिना सभी अवसरों पर सभी स्थानों पर तिरंगा फहराया जा सकता है. कोड कहता है कि झंडा किसी भी आकार का हो सकता है, लेकिन इसकी लंबाई और ऊंचाई का अनुपात आयताकार आकार में 3:2 होना चाहिए. भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार पहले केवल सूर्यास्त के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए, लेकिन इस नियम को अब निरस्त कर दिया गया है. तिरंगा अब दिन के 24 घंटों में किसी भी समय देश में किसी भी व्यक्ति के घर पर प्रदर्शित किया जा सकता है. 

नए नियम में कहा गया है तिरंगा दिन-रात फहराया जा सकता है. हालांकि, राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले व्यक्ति के लिए ये सुनिश्चित करना आवश्यक है कि झंडा उल्टा नहीं फहराया जाए यानि ध्वज का केसरिया भाग ऊपर रहना चाहिए. साथ ही आप जो झंडा फहरा रहे हैं वह क्षतिग्रस्त तिरंगे को प्रदर्शित नहीं करना चाहिए और न ही यह जमीन या पानी को छूना चाहिए. राष्ट्रीय ध्वज को किसी भी तरह से क्षतिग्रस्त नहीं किया जाना चाहिए. 

अगर राष्ट्रीय ध्वज क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उसे इस तरह से डिस्पोज किया जाना चाहिए कि उसकी गरिमा को ठेस न पहुंचे. भारतीय ध्वज संहिता का सुझाव है कि इसे जलाकर पूरी तरह से निजी तौर पर डिस्पोज कर देना चाहिए और अगर ये कागज से बना है तो सुनिश्चित करें कि इसे जमीन पर नहीं छोड़ा गया है. क्षतिग्रस्त होने पर तिरंगे की गरिमा को ध्यान में रखते हुए पूरी गोपनीयता के साथ डिस्पोज किया जाना चाहिए. 

एक नागरिक, एक निजी संगठन या एक शैक्षणिक संस्थान सभी दिन और अवसरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है. ध्वज प्रदर्शन के समय पर कोई प्रतिबंध नहीं है. सरकार ने भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया है ताकि तिरंगे को खुले में और अलग-अलग घरों या इमारतों में दिन-रात प्रदर्शित किया जा सके. पहले भारतीयों को केवल कुछ विशिष्ट अवसरों पर ही अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति थी, लेकिन उद्योगपति नवीन जिंदल की एक दशक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ये नियम बदल गया.  

23 जनवरी, 2004 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के ऐतिहासिक फैसले में घोषित किया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के अर्थ के भीतर गरिमा और सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को स्वतंत्र रूप से फहराने का मौलिक अधिकार है. भारतीय ध्वज संहिता को पहले पिछले साल दिसंबर में संशोधित किया गया था. जिसमें कपास, ऊन, रेशम और खादी के अलावा हाथ से काते, बुने हुए और मशीन से बने झंडे बनाने के लिए पॉलिएस्टर के उपयोग की अनुमति दी गई थी. 

Source: ABP News