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COVID-19 : देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या पौने तीन लाख के पार, 7745 की मौत

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और पिछले 24 घंटों के दौरान संक्रमण के 9985 नये मामले सामने आये हैं जिससे संक्रमिताें की संख्या पौने तीन लाख से अधिक हो गयी है तथा इस दौरान 279 लोगों की मौत से मृतकों का आंकड़ा 7745 पर पहुंच गया है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ( Ministry of Health & Family Welfare ) की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 9985 नये मामलों को मिलाकर देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 276583 हो गयी है जबकि इस बीमारी से 7745 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. देश में इस समय कोरोना के 133632 सक्रिय मामले हैं, जबकि 135206 लोग इस महामारी (Pandemic) से निजात पाने में कामयाब हुए हैं.
महाराष्ट्र (Maharashtra) इस महामारी से देश में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. राज्य में पिछले 24 घंटों में 2259 नये मामले दर्ज किये गये हैं और 120 लोगों की मौत हुई है जिसके साथ ही राज्य में इससे प्रभावित होने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 90787 तथा इस जानलेवा विषाणु से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3289 हो गयी है. इस दौरान राज्य में 1663 लोग रोगमुक्त हुए है जिससे स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 42638 हो गयी है.

कोरोना वायरस से प्रभावित होने के मामले में तमिलनाडु (Tamil Nadu) दूसरे पायदान पर है, जहां संक्रमितों की संख्या 34914 पर पहुंच गयी है तथा 307 लोगों की मृत्यु हुई है जबकि 18325 लोगों को उपचार के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है.
कोरोना के कारण राष्ट्रीय राजधानी (National Capital) की भी स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है और देश में दिल्ली (Delhi) संक्रमितों की संख्या के मामले में तीसरे स्थान पर है. दिल्ली में 31309 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 905 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 11861 मरीजों को उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है.
देश का पश्चिमी राज्य गुजरात कोविड-19 (COVID-19) से प्रभावित होने के मामले में चौथे स्थान पर है हालांकि मृतकों की संख्या के मामले में राज्य महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर है. गुजरात (Gujarat) में अब तक 21014 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 1313 लोगों ने जान गंवाई है. इसके अलावा 14365 लोग इस बीमारी से उबरने में कामयाब हुए हैं.
आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अब तक 11335 कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं तथा 301 लोगों की मौत हुई है जबकि 6669 लोग इससे ठीक हुए हैं. राजस्थान (Rajasthan) में भी कोरोना का प्रकोप जोरों पर है और यहां संक्रमितों की संख्या 11245 हो गयी है तथा 255 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8328 लोग पूरी तरह ठीक हुए हैं. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 9849 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं तथा 420 लोगों की इससे मौत हो गयी है जबकि 6729 लोग संक्रमणमुक्त हुए हैं. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में 8985 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 415 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 3620 लोग ठीक हुए है.
दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में 5070 और कर्नाटक (Karnataka) में 5921 लोग संक्रमित हुए हैं तथा इन राज्यों में इससे मरने वालों की संख्या क्रमश: 77 और 66 है. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4346 हो गई है और 48 लोगों की मृत्यु हुई है. पंजाब (Punjab) में 55, हरियाणा (Haryana) में 45 , बिहार (Bihar) में 32 , केरल (Kerala) में 16, उत्तराखंड (Uttrakhand) में 13, ओडिशा (Odisha) में नौ, झारखंड (Jharkhand) में आठ, छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में छह, हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और चंडीगढ़ (Chandigarh) में पांच-पांच, असम (Assam) में चार तथा त्रिपुरा (Tripura), लद्दाख (Ladakh) और मेघालय (Meghalaya) में इस महामारी से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है.

COVID-19: हिमाचल का पुलिस मुख्यालय सील, डीजीपी की रिपोर्ट में उनमें संक्रमण नजर नहीं आया

कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के भय से हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के पुलिस मुख्यालय (Police Headquarter) को मंगलवार को सील कर दिया गया और पुलिस महानिदेशक (DGP) संजय कुंडू (Sanjay Kundu) और 28 अन्य अधिकारी स्व पृथक-वास में चले गए हैं. गौरतलब है कि एक व्यक्ति ने हाल ही में पुलिस प्रमुख से भेंट की थी और इस व्यक्ति की बाद में कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हो गई.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डीजीपी कुंडू और 27 अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के अनुसार उनमें संक्रमण नहीं सामने नहीं आया. एक नमूने की फिर जांच की जाएगी. आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक जनक राज ने बताया कि यहां पुलिस मुख्यालय से इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी) में 29 नमूने भेजे गए थे.

उन्होंने बताया कि डीजीपी समेत 28 नमूनों की जांच करने पर पता चला कि उनमें संक्रमण नहीं हैं जबकि एक नमूना अनिर्णायक रहा जिसकी दोबारा जांच की जाने की जरुरत है. पुलिस प्रवक्ता खुशाल शर्मा ने बताया कि एक जून को डीजीपी के कार्यभार ग्रहण करने पर एक व्यक्ति उन्हें बधाई देने और मिलने पुलिस मुख्यालय आया था.




उन्होंने बताया कि सूचना मिली कि सोमवार को उक्त व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया और मंगलवार को संक्रमण से दिल्ली में उसकी मौत हो गई. प्रवक्ता ने बताया कि यह सूचना मिलते ही डीजीपी और संभवत: उस व्यक्ति के संपर्क में आए 28 अधिकारी तत्काल प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्वयं ही गृह पृथक-वास में चले गए.

उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय सील कर दिया गया है और उसे संक्रमण मुक्त किया जा रहा है.उन्होंने बताया कि डीजीपी से मिलने के बाद वह व्यक्ति दिल्ली चला गया था.

उन्होंने कहा कि व्यक्ति जिस-जिस जगह पर गया था उसे सील करके संक्रमण मुक्त किया जा रहा है. पुलिस ने हालांकि यह नहीं बताया कि व्यक्ति दिल्ली का रहने वाला था या हिमाचल प्रदेश का.



दिल्ली सरकार अस्पताल शुल्क की सीमा तय करने संबंधी याचिका प्रतिवेदन की तरह देखे : अदालत

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने दिल्ली सरकार से उस याचिका को प्रतिवेदन के तौर पर देखने को कहा है जिसमें यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि कोविड-19 (COVID-19) के मरीजों का इलाज करने के लिये अस्पतालों द्वारा लिये जाने वाले शुल्क की दरें या अधिकतम सीमा तय की जाए और उनके लिये बिस्तरों की उपलब्धता को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए.

वकील प्रवीण चौहान के जरिये विनीत कुमार वाधवा द्वारा दायर की गई याचिका में दिल्ली सरकार (Delhi Government) को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वह ऐसी व्यवस्था बनाए जिसके तहत यहां अस्पताल कोविड-19 बिस्तरों की उपलब्धता को अस्पताल में और अपनी वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित करें.

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मामले की सुनवाई कर रही थी. उसने दिल्ली सरकार से यह भी कहा कि वह दो साल के एक बच्चे की तरफ से दायर उस याचिका को भी प्रतिवेदन के तौर पर देखे जिसमें उसने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये लगाए गए बंद को दिल्ली सरकार द्वारा हटाए जाने के फैसले से उसे और उसके जैसे अन्य छोटे बच्चों को होने वाले खतरे को रेखांकित किया है.

अदालत ने कहा कि सरकार प्रतिवेदन पर विचार कर उसके मुताबिक फैसला करेगी.

अपने पिता के जरिये दायर की गई याचिका में बच्चे ने कहा कि वह संयुक्त परिवार में रहता है जिसमें कामकाजी सदस्य हैं जो दिल्ली सरकार द्वारा आठ जून से घोषित “अनलॉक” की वजह से काम पर या नियमित दफ्तर जाएंगे और आवाजाही पर लगी पाबंदियों के खत्म होने से इन सदस्यों से उसके कोविड-19 की चपेट में आने का काफी खतरा है.

अदालत ने इस बीच उन कई याचिकाओं को निस्तारित कर दिया जिसमें दिल्ली सरकार के सात जून के आदेश को चुनौती दी गई थी. इस आदेश के मुताबिक सरकारी अस्पताल और निजी असपताल व नर्सिंग होम इलाज के लिये सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को ही भर्ती करेंगे.

दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत को बताया था कि उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सरकार के फैसले को पलट दिया है. जिसके बाद अदालत ने इन याचिकाओं को निस्तारित मान लिया.

मात्र 5% कंपनियों की नौकरियां देने की योजना: निर्माण, बीमा, रीयल एस्टेट में होंगे रोजगार के अवसर

कोविड-19 (COVID-19) संकट और इसके चलते लागू लॉकडाउन का असर देश की अर्थव्यवस्था, लोगों के रोजगार और कंपनियां की माली हालत पर पड़ा है. ऐसे में अब जबकि देश में आर्थिक गतिविधियां दोबारा शुरू होने लगी हैं भविष्य पर नजर रखते हुये आगामी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में मात्र पांच प्रतिशत कंपनियां ही फिलहाल नये लोगों को भर्ती करने की योजना बना रही है.

मैनपावर ग्रुप के रोजगार परिदृश्य सर्वेक्षण के मुताबिक देश में जुलाई-सितंबर में रोजगार की दिशा और दशा खनन-निर्माण, वित्त, बीमा और रीयल एस्टेट जैसे क्षेत्र तय करेंगे. देश के 695 नियोक्ताओं के बीच किए गए इस सर्वेक्षण में यह रुख सामने आया है.

हालांकि, इसी सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आयी है कि मात्र पांच प्रतिशत कंपनियां ही रोजगार के अवसर देने पर विचार कर रही हैं. यह पिछले 15 साल में सबसे खराब स्थिति है. लेकिन अच्छी बात यह है कि विश्व के 44 प्रमुख देशों में भारत उन चार शीर्ष देशों में शामिल है जहां रोजगार को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार है. इसके अलावा सिर्फ जापान, चीन और ताइवान में ही रोजगार परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है. इन देशों में जुलाई- सितंबर के लिए शुद्ध रोजगार की स्थिति क्रमश: 11 प्रतिशत, तीन प्रतिशत और तीन प्रतिशत है.

कंपनी के भारतीय परिचालन के समूह प्रबंध निदेशक संदीप गुलाटी ने कहा, ‘‘आर्थिक नरमी के चलते कंपनियां अपने कार्यबल को युक्तिसंगत बना रही है. कंपनियों ने लॉकडाउन के बाद काम करना शुरू भर किया है. उन्हें मांग बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए अभी स्थितियों को देखने और कंपनियों के निर्णय को लेकर देखो और इंतजार करने की जरूरत है.’’

हालांकि, मई के महीने में देश में रोजगार गतिविधियों में 61 प्रतिशत की कमी आयी है. नौकरी डॉट कॉम (Naukari.com) के मासिक रोजगार सूचकांक ‘नौकरी जॉब स्पीक’ के मुताबिक कोरोना वायरस लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) की वजह से मई में रोजगार गतिविधियों में 61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज गयी. यह लगातार दूसरा महीना रहा जब रोजगार अवसरों में 60 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही. कंपनी के पोर्टल पर इस साल मई में मात्र 910 नौकरी के लिए आवेदन मांगे गए जबकि पिछले साल मई में यह आंकड़ा 2,346 था. कंपनी अपने पोर्टल पर नौकरी के विज्ञापनों का आकलन कर यह रपट जारी करती है.

उत्तर प्रदेश में COVID-19 संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण, पर सतर्क रहने की जरूरत – CM योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने मंगलवार को कहा कि जनसंख्या की दृष्टि से देश के सबसे विशाल राज्य में कोविड-19 (COVID-19) संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण है,लेकिन अभी सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि छोटी सी भी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रदेश में साथ मिल कर काम करने से यह परिणाम सामने आया है और जब तक कोविड-19 के लिए किसी प्रभावी दवा अथवा टीके की खोज नहीं कर ली जाती, तब तक बचाव ही इसका उपचार है.

मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां लोक भवन में बैठक में अनलॉक-1(Unlock 1) व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप को नियंत्रित करने, इसके उपचार के लिए चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को राहत पहुंचाने के लिए किए गए प्रबन्धों के बेहतर नतीजे मिल रहे हैं.

उन्होंने पिछले दो दिन के दौरान चार मण्डलों-बस्ती (Basti), गोरखपुर (Gorakhpur), आजमगढ़ (Azamgarh) तथा वाराणसी(Varanasi) के अपने भ्रमण का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य के सभी क्षेत्रों में कार्य किया गया है और इसके फलस्वरूप प्रदेश बेहतर स्थिति में है. उन्होंने कहा,‘‘ पुलिस द्वारा नियमित तौर पर गश्त की जाए. सामाजिक दूरी का पालन कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए. मास्क लगाने के लिए लोगों को जागरुक किया जाए. मास्क का इस्तेमाल न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और वाहनों की जांच की जाए.’’ मुख्यमंत्री योगी ने कहा,‘‘ प्रदेश में लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराया गया. बिना लक्षण वाले संक्रमित व्यक्तियों को अस्पताल में रखा गया. इससे संक्रमण को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली.’’

उन्होंने कहा कि वर्तमान में अनलॉक के तहत प्रदान की गई छूट के दौरान पूरी सावधानी बरतना अत्यन्त आवश्यक है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है. इस दौरान राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के परिणामस्वरूप जनता का प्रदेश सरकार पर भरोसा और सुदृढ़ हुआ है.

आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों को रोजगार (Employemnt) उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री के विशेष आर्थिक पैकेज का पूर्ण लाभ लेने का गम्भीरता से प्रयास किया जाए. इस पैकेज के माध्यम से भारत सरकार द्वारा दुकानदारों को ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है. इसमें समय से ऋण का भुगतान करने पर सब्सिडी की व्यवस्था भी गई है. डिजिटल पेमेंट (Digital Payemnt) पर प्रोत्साहन की भी व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचारी रोग से होने वाली मृत्यु की दर में उल्लेखनीय गिरावट लाने में सुदृढ़ निगरानी तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. कोविड-19 की मृत्यु दर में गिरावट लाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है.

शिक्षक भर्ती मामले में जिम्मेदारी लें मुख्यमंत्री, ठोस कार्रवाई करें: प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले को लेकर कहा कि इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिम्मेदारी लें और ठोस कार्रवाई करें. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और हम सभी को मिल कर यह सुनिश्चित करना होगा कि आगे से प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली नहीं हो क्योंकि ऐसा होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है.

प्रियंका ने कई अभ्यर्थियों से बातचीत के बाद वीडियो लिंक के माध्यम से कहा, ‘‘मीडिया और छात्रों के जरिए यह पता चला कि इस परीक्षा में बड़ा घोटाला हुआ है. परीक्षाओं में बार-बार नकल की बात होती है, बार-बार नियम से जुड़े मुद्दे आ जाते हैं. यह सोचा भी नहीं जा सकता कि एक परीक्षा का परिणाम डेढ़ साल में आए.’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर यह परीक्षा साफ-सुथरे ढंग से हो रही है तो गिरफ्तारियां क्यों हो रही हैं?’’

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका के मुताबिक, अभ्यर्थियों से बातचीत में यह पता चला कि उन्हें कितना संघर्ष करना पड़ा है और यह परीक्षा उनके लिए सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि अपना भविष्य बनाने का माध्यम थी. उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम आवाज नहीं उठाएंगे और परिवर्तन की मांग नहीं करेंगे तो ऐसे ही चलता रहेगा. अगर हम चुप बैठ जाएंगे तो कभी कोई परिवर्तन नहीं आएगा.’’

प्रियंका ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री जी बताएं कि वह जिम्मेदारी ले रहे हैं या नहीं। प्रदेश में एक पीढ़ी के भविष्य की बात है और इसकी जिम्मेदारी आपके ऊपर है. ठोस कार्रवाई होनी चाहिए. पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए.’’ उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आप इनकी आवाज दबाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? युवा आवाज उठाता है …. और जो इनकी आवाज दबाएगा, वह इसमें सफल नहीं हो सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिन्होंने यह परीक्षा दी है, मैं उनकी आवाज उठाऊंगी. आपके लिए हम लड़ेंगे.’’

अमेरिका में जारी प्रदर्शनों के बीच टेक्सास में हजारों ने जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का शोक मनाया

अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत पर शोक मनाने के लिए यहां एक चर्च के बाहर देश भर के हजारों शोकाकुल लोग जमा हुए. दो हफ्ते पहले हुई फ्लॉयड की मौत और नस्ली अन्याय को लेकर अमेरिका तथा अन्य देशों में प्रदर्शन अब भी जारी हैं.

ह्यूस्टन के रहने वाले, 46 वर्षीय फ्लॉयड को एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने हथकड़ी लगाकर जमीन पर गिरा दिया था और उसकी गर्दन को तब तक अपने घुटने से दबाये रखा था जब तक कि उसकी मौत नहीं हो गई. उसकी मौत के खिलाफ देश भर में हिंसक प्रदर्शन हुए जहां प्रदर्शनकारियों के एक धड़े ने पूरे अमेरिका में लूट और दंगों को अंजाम देकर बर्बादी का मंजर पैदा कर दिया.

फ्लॉयड का शव शनिवार को ह्यूस्टन लाया गया और जहां मंगलवार को उसे दफनाया जाना है.

उसके शव को अंतिम दर्शन के लिए दोपहर से शाम छह बजे तक छह घंटे तक के लिए रखा गया और इस दौरान चिलचिलाती धूप में 5,000 शोकाकुल लोग मास्क और दस्ताने पहने कतार में खड़े रहे. लोगों ने कुछ क्षण उसके सुनहरे ताबूत के सामने खड़े होकर फ्लॉयड को श्रद्धांजलि दी.

फ्लॉयड का मंगलवार को अंतिम संस्कार होना है, उसके शव को पर्ललैंड में ह्यूस्टन मेमोरियल गार्डन्स कब्रिस्तान में उसकी मां लार्सेनिया फ्लॉयड की कब्र के बगल में दफनाया जाएगा.

फ्लॉयड का बचपन ह्यूस्टन के थर्ड वार्ड में हुआ था और वह अपने स्कूल का प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी था जिसने स्थानीय लोकप्रिय डीजी स्क्रू के साथ रैप भी किया था.

वह कई साल पहले काम के सिलसिले में मिनियापोलिस आ गया था.

फ्लॉयड का चेहरा उसके पुराने निवास इलाके में एक भित्तिचित्र पर नजर आता है और उसका नाम अमेरिका में रहे प्रदर्शनों में हजारों बार पुकारा जाता है.

टेक्सास के गवर्नर ग्रेग अबॉट ने सोमवार को जॉर्ज फ्लॉयड के परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं जाहिर की. उन्होंने फ्लॉयड के परिवार को उसके सम्मान में टेक्सास कैपिटल में फहराया गया एक झंडा भी सौंपा.

अबॉट ने पुलिसिया तंत्र में सुधार को समर्थन देने का भी संकेत दिया.उधर, फ्लॉयड की मौत को दो हफ्ते गुजर जाने के बाद भी प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे और चार्लोट-मेकलेनबर्ग के पुलिस अधिकारी को प्रदर्शनकारियों के गुस्से का शिकार होना पड़ा.

सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने सीएमपीडी कैप्टन ब्रेड कोच को नारेबाजी करते हुए घेर लिया और एक श्वेत पुरुष प्रदर्शनकारी ने उनके बाल काट दिए.

देश में 9,987 नए मामलों के बाद संक्रमितों की संख्या 2,66,598, मृतकों की संख्या 7,466 : मंत्रालय

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के एक दिन में रिकॉर्ड 9,987 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद मंगलवार सुबह आठ बजे तक कुल संक्रमितों की संख्या 2,66,598 हो गई. वहीं एक दिन में रिकॉर्ड 266 लोगों की मौत के साथ ही मृतकों की संख्या 7,466 तक पहुंच गई.

जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय (Johns Hopkins University) के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका (America), ब्राजील (Brazil), रूस (Russia) और ब्रिटेन (Britain) के बाद कोविड-19 (COVID-19) से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला भारत पांचवां देश बन गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health ) ने बताया कि देश में फिलहाल 1,29,917 मरीजों का उपचार चल रहा है और 1,29,214 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं जबकि एक व्यक्ति देश से बाहर जा चुका है.

मंत्रालय ने बताया, ‘‘ अब तक 48.47 फीसदी लोग स्वस्थ हो चुके हैं.’’कुल संक्रमितों में विदेश नागरिक भी शामिल हैं.

मंगलवार सुबह तक हुई 266 मौतों में से सबसे ज्यादा 109 लोगों की जान महाराष्ट्र (Maharashtra) में गई है. इसके बाद दिल्ली (Delhi) में 62, गुजरात (Gujarat) में 31, तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 17, हरियाणा (Haryana) में 11, पश्चिम बंगाल (West Bengal) में नौ, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आठ, राजस्थान (Rajasthan) में छह, जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में चार, कर्नाटक (Karnataka) में तीन, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)और पंजाब (Punjab) में दो-दो और बिहार (Bihar) तथा केरल (Kerala) में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है.

भाजपा (BJP) का कांग्रेस (Congress) पर पलटवार, मोदी सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) को प्रभावी बनाया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को कहा कि संप्रग सरकार में मनरेगा योजना (MGNREGA) “लूट ” का पर्यायवाची थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे कामगारों के लिए प्रभावी और उपयुक्त बनाया. पार्टी ने कांग्रेस (Congress) के दावे को खारिज किया कि यह ” सबसे प्रभावी योजना ” थी.

भाजपा की यह प्रतिक्रिया तब आई है जब कांग्रेस ने मांग की की थी कोरोना वायरस संकट की वजह से मांग को पूरा करने के लिए “कांग्रेस की योजना” को व्यापक बनाया जाए. कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने एक अंग्रेजी दैनिक में लिखे लेख में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act-MGNREGA) की अहमियत को रेखांकित किया और इसे लाने के लिए अपनी पार्टी को श्रेय दिया.

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी (abhishek manu singhvi) ने कहा कि योजना ने साबित किया है कि वह दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक कल्याण कार्यक्रम है और स्पष्ट रूप से यह सबसे ज्यादा प्रभावी सरकारी योजना है. इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा को और प्रभावी बनाया है और इसमें से भ्रष्टाचार खत्म किया है.

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz Hussain) ने एक बयान में कहा कि मोदी सरकार के छह साल के कार्यकाल में मनरेगा के तहत 3.95 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के 10 साल के शासनकाल में 1.75 लाख रुपये आवंटित किए गए थे.

उन्होंने कहा कि प्रवासी कामगारों (Migrant Labour) को राहत देने के लिए भाजपा सरकार ने 40,000 करोड़ रुपये योजना के तहत आवंटित किए हैं, जो 2020-21 के बजट में पहले से ही आवंटित 61,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त हैं.

हुसैन ने कहा, “मनरेगा पर कुछ कहने से पहले, सोनिया गांधी और कांग्रेस नेताओं को मनरेगा के तहत आंवटित कोष को देखना चाहिए। रोजगार गारंटी योजना संप्रग कार्यकाल में लूट का पर्यायवाची बन गई थी.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोगों ने ‘‘दरकिनार’’ कर दिया है और अपने आपको प्रासंगिक बनाने के लिए वह झूठे आरोप लगा रही है.

शिवपाल की सपा में हो सकती है वापसी , अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को पत्र लिखकर कहा ‘Thank You’

समाजवादी पार्टी( Samajwadi Parti) से जुड़ी एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है. सूत्रों के हवाले से दावा किया जा है कि शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) की पार्टी में वापसी हो सकती है.

दरअसल समाजवादी पार्टी ने शिवपाल यादव की विधान सभा सदस्यता समाप्त करने की याचिका विधान सभा अध्यक्ष को दी थी, लेकिन 23 मार्च को सपा ने अपनी ये याचिका वापस ले ली थी. जिसके बाद शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को पत्र लिखकर धन्यवाद कहा है.

आपको बता दें कि अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच 2017 मे अनबन शुरू हुई थी. जिसके बाद  2018 में शिवपाल यादव ने अपनी अलग पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (Pragatisheel Samajwadi Party) बना ली थी. सितम्बर 2019 में समाजवादी पार्टी ने दल परिवर्तन के आधार पर शिवपाल यादव की सदस्यता खत्म करने के लिये विधान सभा स्पीकर के यह याचिका दायर की थी. लेकिन अब अटकलें लगाई जा रही है कि शिवपाल यादव की समाजवादी पार्टी में वापसी हो सकती है.