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देश में COVID-19 के रिकॉर्ड 9,983 नये मामले, कुल मामले 2,56,611 हुए; मृतकों की संख्या 7,135 हुई

देश में कोविड-19 (COVID-19) के रिकॉर्ड 9,983 नये मामले सामने आने के बाद देशभर में संक्रमितों की कुल संख्या 2,56,611 पर पहुंच गई है जबकि संक्रमण के कारण 206 और मौतें होने के साथ ही मरने वालों की संख्या 7,135 हो गई है.

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया में अमेरिका, ब्राजील, रूस और ब्रिटेन के बाद कोविड-19 महामारी से सबसे अधिक प्रभावित होने वाला पांचवां देश है.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,25,381 है, जबकि 1,24,094 मरीज बीमारी से ठीक हो चुके हैं. एक मरीज देश से बाहर जा चुका है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इस प्रकार, अब तक लगभग 48.36 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं.’’ पुष्टि किए गए मामलों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. रविवार सुबह से हुई 206 मौतों में से, 91 मौतें महाराष्ट्र में, 30 मौतें गुजरात में, 18-18 मौतें तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में, 13-13 मौतें पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में, नौ राजस्थान में, चार हरियाणा में, दो-दो मौतें आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में हुई हैं, जबकि ओडिशा और पंजाब में एक-एक मौत हुई है.

देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण अभी तक हुई कुल 7,135 मौतों में से, 3,060 मौतों के साथ महाराष्ट्र सबसे ऊपर है, जिसके बाद गुजरात में 1,249 मौतें हुईं, जबकि दिल्ली में 761 मौतें हुई हैं. इसके अलावा, मध्य प्रदेश में 412, पश्चिम बंगाल में 396, उत्तर प्रदेश में 275, तमिलनाडु में 269, राजस्थान में 240 और तेलंगाना में 123 मौतें हुई हैं.

मरने वालों की संख्या आंध्र प्रदेश में 75, कर्नाटक में 61 और पंजाब में 51 तक पहुंच गई. जम्मू-कश्मीर में बीमारी के कारण 41 लोगों की मौत हुई है, जबकि बिहार में 30 मौतें हुई हैं, हरियाणा में 28, केरल में 15, उत्तराखंड में 13, ओडिशा में नौ और झारखण्ड में सात लोगों की मौत हुई हैं.

हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में पांच-पांच मौतें हुई हैं, जबकि असम और छत्तीसगढ़ में चार-चार मौतें हुई हैं. मेघालय और लद्दाख में एक -एक मौत हुई है. मंत्रालय की बेवसाइट के अनुसार, मरने वाले 70 प्रतिशत से अधिक मरीज अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुबह में जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक पुष्ट मामले महाराष्ट्र में हैं, जहां 85,975 मामले हैं, उसके बाद तमिलनाडु में 31,667 मामले, दिल्ली में 27,654 मामले, गुजरात में 20,070, राजस्थान में 10,599, उत्तर प्रदेश में 10,536 और मध्य प्रदेश में 9,401 मामले हैं.

कोविड-19 मामलों की संख्या पश्चिम बंगाल में 8,187, कर्नाटक में 5,452, बिहार में 5,088 और आंध्र प्रदेश में 4,708 हो गई है. हरियाणा में संक्रमण के 4,448 मामले, जम्मू-कश्मीर में 4,087 मामले, तेलंगाना में 3,580 मामले और ओडिशा में 2,856 मामले हो गये हैं.

पंजाब में कोरोना वायरस के 2,608 मामले सामने आए हैं जबकि असम में 2,565 मामले हैं. केरल में वायरस से 1,914 लोग और उत्तराखंड में 1,355 लोग संक्रमित हुए हैं. झारखंड में कोविड-19 के 1,099 मामले सामने आए हैं, जबकि छत्तीसगढ़ से 1,073 मामले सामने आए हैं. त्रिपुरा में संक्रमण के 800 मामले, हिमाचल प्रदेश में 413, चंडीगढ़ में 314 और गोवा में 300 मामले हैं. मणिपुर में 172 और नगालैंड में 118 मामले हैं.

लद्दाख में कोविड​​-19 के 103, पुडुचेरी में 99 , अरुणाचल प्रदेश में 51 , मेघालय में 36 , मिजोरम में 34 जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में संक्रमण के अब तक 33 मामले सामने आए हैं. दादर और नागर हवेली में 20 मामले हैं जबकि सिक्किम में अब तक सात मामले सामने आए हैं.मंत्रालय की वेबसाइट पर कहा गया कि हमारे आंकड़ों का आईसीएमआर के साथ मिलान किया जा रहा है.

 

Uttar Pradesh : अयोध्या (Ayodhya) में 10 जून को शुरू होगा राम मंदिर का निमार्ण

अयोध्या (Ayodhya)में राम मंदिर का निर्माण (Ram Mandir construction) 10 जून यानी बुधवार से शुरू होगा, जिस दिन मंदिर की नींव के लिए पहली ईंट रखी जाएगी. मंदिर न्यास के प्रमुख के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी.

इस अवसर पर राम जन्मभूमि स्थल पर कुबेर टीला मंदिर (Kuber Tila shrine) में भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा की जाएगी. उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में उच्चतम न्यायालय ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में राम मंदिर के निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त करते हुये रामजन्मभूमि स्थल को मंदिर निर्माण के लिए आवंटित करने का आदेश दिया था.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास (Shri Ram Janmabhoomi Teertha Kshetra Trust ) के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास (Mahant Nritya Gopal Das) के प्रवक्ता महंत कमल नयन दास (Mahant Kamal Nayan Das) ने कहा, ‘‘रुद्राभिषेक’’ अनुष्ठान भगवान राम द्वारा निर्धारित परंपरा का पालन है, जिन्होंने लंका पर आक्रमण करने से पहले भगवान शिव की पूजा की थी.

मंदिर की नींव रखने का कार्य इन विशेष पूजाओं के बाद शुरू होगा. महंत नृत्य गोपाल दास की ओर से कमल नयन दास और अन्य पुजारीगण पूजा करेंगे.अनुष्ठान प्रात: आठ बजे से शुरू होगा. गोपाल दास ने हाल ही में स्थल का दौरा किया था. कमल नयन दास ने कहा, ‘‘यह धार्मिक अनुष्ठान कम से कम दो घंटे तक चलेगा और उसके बाद मंदिर की नींव रखने के साथ ही भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा.’’

मार्च में, राम लला (Ram Lalla) की मूर्ति को स्थल पर बने अस्थायी मंदिर से नए स्थान पर ले जाया गया. 11 मई को स्थल को समतल करने के लिए मशीन तैनात की गई थी. ये काम श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की देखरेख में किया गया था. 21 मई को खुदाई के दौरान मंदिर स्थल से कई अवशेष मिले थे.

इसमें पांच फुट की शिवलिंग, खंडित मूर्तियां, पुष्प, कलश, विभिन्न कलाकृतियां, मेहराब के पत्थर, 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ, 8 रेड सैंड स्टोन के स्तंभ, आमलक और विभिन्न प्रकार के पत्थर शामिल हैं. ट्रस्ट इन पुरातात्विक वस्तुओं को संरक्षित करने की भी योजना बना रही है.

सोनू सूद से मदद मांगने वालो के ट्वीट हो रहे हैं डिलीट, एक्टर की अपील- कृपा कर जरूरतमंद ही रिक्वेस्ट डालें

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ( Sonu Sood ) प्रवासी मजदूरों (Migrant Labour)  और कामगारों को देशभर से उनके घर भेजने में मदद कर रहे हैं. एक्टर को लोग अपना मसीहा बता रहे हैं. महाराष्ट्र (Maharashtra) के राज्यपाल (Governor) ने उन्होंने महात्मा की उपाधि भी दे डाली. एक्टर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से उद्धव ठाकरे (Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray) से मुलाकात कर प्रवासी मजदूरों की मदद करने के लिए भी कहा. लेकिन इन सब के बीच सोनू सूद की अलोचना होनी भी शुरू हो गई है. शिवसेना के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने उन पर तंज कसा और उनकी मदद पर सवाल उठाए थे.

सोनू सूद ने सबसे पहले सोशल मीडिया के जरिए ही लोगों की मदद करना शुरू किया. ट्विटर पर मिले मैसेज के जरिए सोनू सूद ने लोगों ने की मदद की. लोगों ने उनका आभार भी जताया. लेकिन अब एक हैरानी वाली बात सामने आई है, जिससे सोनू सूद खुद भी आहत हो सकते हैं. दरअसल, सोनू सूद ने जिन लोगों की मदद ट्विटर की जरिए की थी, उस वक्त तो उन लोगों ने आभार व्यक्त कर दिया, लेकिन अब उनके ये ट्वीट डिलीट होते जा रहे हैं.

पूर्व पत्रकार और माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिकता विश्वविद्यालय (Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication) में प्रोफेसर सर दिलीप मंडल (Dilip Mandal) ने इन ट्वीट को लेकर शक जताया है. उन्होंने कई स्क्रीनशॉट्स शेयर करते हुए लिखा, ‘सोनू सूद ने ट्विटर पर जिन आईडी के ट्वीट के जवाब में मदद की और घर पहुंचने पर जिन आईडी ने थैंक्स ट्वीट किया, उनमें ज्यादातर आईडी अपना पोस्ट डिलीट कर चुकी हैं. ये लोग थे या सिर्फ आईडी थे? सोनू के इमेज मैनेजर उनके वॉल की सफाई करें, उससे पहले सारे स्क्रीन शॉट ले लीजिए.’

ट्वीट डिलीट होने के मामले को देखते हुए सोनू सूद ने अपनी चिंता जाहिर की है. उन्होंने लोगों ने अपील की है कि सिर्फ जरूरतमंद लोग ही उनसे संपर्क करें. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘कृपा कर जरूरत मंद ही रिक्वेस्ट डालें. मैंने देखा है कि बहुत से लोग ट्वीट कर डिलीट कर रहें हैं जो उनका ग़लत लक्ष्य साबित करता है. इस से बहुत से ज़रूरत मंद प्रवासियों तक पहुँचने में हमें मुश्किल होगी. विश्वास की इस डोर में बाधा ना डालें.’

Source : ABP News

COVID-19 : तमिलनाडु (Tamil Nadu) में संक्रमण के मामले 31 हजार के पार, 269 की हुई मौत

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में बीते आठ दिनों में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 8000 से ज्यादा मामले सामने आने के बाद रविवार को कोविड-19 (COVID-19) का आंकड़ा 31 हजार के पार पहुंच गया. राज्य में महामारी से अब तक 269 लोगों की जान भी जा चुकी है.

स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के एक बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण रविवार को 20 वर्षीय एक लड़की समेत 18 और लोगों की मौत हो गई वहीं एक दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा 1,515 नए मामले सामने आए जिनसे कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 31,667 पहुंच गई है.

इस वायरस से संक्रमित 604 लोग रविवार को स्वस्थ हुए और इसके साथ ही राज्य में अब तक 16,999 संक्रमित लोग स्वस्थ हो चुके हैं. प्रदेश में फिलहाल 14,396 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. विभाग ने बताया कि संक्रमण के 1,515 नए मामलों में से 18 लोग विभिन्न राज्यों या विदेशों से लौटे हैं.

बुलेटिन में बताया गया कि चेन्नई जिले में राज्य में सर्वाधिक 1,155 नए मामले सामने आए और इसके साथ जिले में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 22,149 हो गई है. बुलेटिन के मुताबिक पड़ोसी वेल्लोर जिले (Vellore District) से 20 वर्षीय एक लड़की को 31 मई को सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. छह जून को वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई और उसी दिन उसकी मौत हो गई.

राज्य में अब तक महामारी से हुई कुल 269 मौत में से 212 मामले प्रदेश की राजधानी से हैं. प्रदेश में अब तक पांच लाख 66 हजार जांच की जा चुकी हैं. जिनमें से रविवार को ही 15,671 जांच की गईं.

 

Coronavirus : महाराष्ट्र में सामने आए 3000 से ज़्यादा नए केस , संक्रमण के मामलों में चीन को छोड़ा पीछे

महाराष्ट्र (Mahrashtra) में रविवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 3007 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 85975 हो गई. एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राज्य में संक्रमण की वजह से 91 और लोगों की मौत हो जाने के बाद राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 3060 हो गई है.

अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले चीन के मामलों से भी अधिक हो गए हैं. चीन (China) में संक्रमण के 83036 मामलों की पुष्टि हुई है. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 85975 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 39314 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, 3060 लोगों की मौत हुई है और 43591 लोगों का इलाज चल रहा है. राज्य में 551647 सैंपल की जांच की गई है.

महाराष्ट्र में अब तक कोविड-19 (COVID-19) से पुलिस के एक अधिकारी समेत कम से कम 33 कर्मियों की मौत हो चुकी है. एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 2,562 पुलिस कर्मियों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है.

अधिकारी ने कहा, ‘‘इन 33 पुलिस कर्मियों में 18 मुंबई पुलिस से हैं.’’ इस समय राज्य पुलिस बल के 1497 कर्मियों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है जिनमें 196 अधिकारी शामिल हैं. अधिकारी ने बताया कि इनके अतिरिक्त लॉकडाउन के दौरान 260 पुलिस कर्मियों पर हमले किए गए और इन मामलों में 841 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हमलों में करीब 86 पुलिस कर्मी घायल हो गए.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान 45 स्वास्थ्य कर्मियों (Health Workers) पर भी हमले किए गए. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा लागू आदेश की अवज्ञा करना) के तहत 1,23,424 मामले दर्ज किए हैं. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अवैध तरीके से परिवहन के 1,330 मामले दर्ज किए गए और इन मामलों में 23,866 लोगों की गिरफ्तारी के साथ 80 हजार से अधिक वाहन जब्त किए गए.

अधिकारी के मुताबिक पुलिस ने अनेक अपराधों के मामले में 6.62 करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला. पुलिस नियंत्रण कक्षों में कार्यरत कर्मियों ने लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 से संबंधित सवालों और शिकायतों से जुड़े एक लाख से अधिक फोन कॉल सुने.

संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi) 2020: जानिए संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व, मुहूर्त एवं पूजन विधि

संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी पूजा होती है. बताया जाता है कि जिन भक्तों पर भगवान गणेश जी की कृपा होती है उनके जीवन में सदैव ही सुख समृद्धि सदैव बनी रहती है और वे कष्टों से सदा दूर रहतें हैं. कहा जाता है कि महाभारत काल में भगवान गणेश के इस व्रत का वर्णन खुद भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर से किया था. कहा जाता है कि अगर पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव से इस व्रत को किया जाए तो भगवान गणेश अपने भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

इस बार संकष्टी चतुर्थी की तिथि 8 जून को  सोमवार को है.संकष्टी चतुर्थी  के दिन चंद्रोदय के बाद संकष्टी की पूजा का विधान है. 8 जून को 21 बजकर 56 मिनट पर चंद्रोदय होगा. मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के व्रत में केवल फल, जड़ यानि जमीन के अन्दर पौधों का भाग का ही सेवन करना चाहिए. तभी इस व्रत का पूर्ण लाभ मिलता  है. हालकिं साबूदाना खिचड़ी,आलू और मूँगफली से निर्मित आहार लिए जा सकते हैं.

जानकार बताते हैं कि इस व्रत का समापन चन्द्रमा के दर्शन करने के बाद किया जाना चाहिए. इस दिन शाम समय भगवान गणेश की पूजा-आरती करनी चाहिए. चंद्र दर्शन के बाद शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से चंद्रमा को अघ्र्य दें और भगवान गणेश जी की आरती गाएं.
श्री गणेशजी की आरती
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा.
एकदन्त दयावन्त, चार भुजाधारी.
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी.
पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा.
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा.
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा.
अँधे को आँख देत, कोढ़िन को काया.
बाँझन को पुत्र देत,निर्धन को माया.
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा.
दीनन की लाज राखो, शम्भु सुतवारी.
कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी.
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा.

अमित शाह (Amit Shah) ने जताया भरोसा, बोले- नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व में बिहार (Bihar) में NDA को मिलेगा दो-तिहाई बहुमत

बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar Legislative Assemly Election) का माहौल बनाते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance-NDA) के शासन में राज्य जंगल राज से निकलकर जनता राज में पहुंच गया है. उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व में राज्य विधानसभा चुनाव में एनडीए को दो-तिहाई बहुमत मिलेगा.

वर्चुअल रैली (Virtual Rally) के जरिये बिहार के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal-RJD) पर निशाना साधते हुए कहा कि जब आरजेडी सत्ता में थी तो राज्य की आर्थिक संवृद्धि दर केवल 3.9 प्रतिशत थी लेकिन एनडीए के कार्यकाल में यह बढ़कर 11.3 प्रतिशत हो गई. उन्होंने आरजेडी के चुनाव चिन्ह ‘लालटेन’ का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य लालटेन राज से एलईडी राज की तरफ बढ़ा.

अमित शाह ने कहा कि इस वर्चुअल रैली का बिहार के चुनाव प्रचार से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में लोगों के साथ जुड़ना है. उन्होंने कहा, ‘‘इस रैली का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत अभियान से लोगों को जोड़ना है और बीजेपी इस तरह की 75 सभाएं करेगी.’’

अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वे लोगों के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि JDU-BJP के शासन के दौरान बिहार जंगल राज से निकलकर जनता का राज में आ गया है.

थाली बजाकर उनकी रैली के खिलाफ विरोध करने वाले राजद पर निशाना साधते हुए शाह ने पूछा क्या किसी ने उन्हें रैली आयोजित करने से रोका है. उन्होंने कहा कि यद्यपि विपक्षी नेताओं ने कोविड-19 (COVID-19) के खिलाफ लड़ाई में देश को एकजुट करने के प्रधानमंत्री के प्रयासों को राजनीतिक प्रचार कहकर खारिज किया, लेकिन देश उनके साथ खड़ा रहा और उनकी अपीलों का पालन किया. शाह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 1.25 करोड़ प्रवासियों को सुरक्षित ढंग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया.

मोदी सरकार (Modi Government) की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को 70 वर्षों में छूने की हिम्मत नहीं की गई, उनका मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में समाधान किया गया. उन्होंने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने और तीन तलाक के खिलाफ कानून का जिक्र किया. महामारी से निपटने के लिए मोदी सरकार द्वारा गरीबों और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए उठाये गये विभिन्न कल्याणकारी कदमों का हवाला देते हुए शाह ने पूछा कि विपक्ष ने राजनीति करने के अलावा उनके लिए क्या किया है.

Delhi में बारिश के बाद मौसम हुआ सुहावना, पारा 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़का

राजधानी दिल्ली (Delhi) में रविवार सुबह एक बार फिर बारिश की फुहारों से मौसम सुहावना हो गया और शहर में तेज और ठंडी हवाएं चलीं, जिसके बाद तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के नीचे लुढ़क गया. शहर के लिए आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध कराने वाली सफदरजंग वेधशाला ने शाम साढ़े पांच बजे तक 5.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की और अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे था.

शनिवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, पालम में एक मिलीमीटर और लोधी रोड पर 4.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने कहा कि सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि क्षेत्र में 15 जून तक लू चलने की आशंका नहीं है. उन्होंने कहा कि अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है लेकिन यह 10 जून तक 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहेगा.

श्रीवास्तव ने कहा कि इसके बाद, बंगाल की खाड़ी में संभवत: कम दबाव वाला क्षेत्र बनने के चलते नमीयुक्त पुरवाई हवा चलने से दिल्ली-एनसीआर में 12 और 13 जून को बारिश होगी. 13 जून को आंधी आने की भी संभावना है.

 

Bihar में Coronavirus के 141 नए मामले आए सामने, संक्रमित मरीज़ों की संख्या बढ़कर 4972 हुई

बिहार (Bihar) में रविवार को कोविड-19 (COVID-19) के 141 नए मामले सामने आए. इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,972 हो गई है. वहीं मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में कोरोना वायरस (Coronavirus) से 51 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई. मृतक प्रवासी मजदूर (Migrant Labour) था और कुछ दिनों पहले ही दिल्ली (Delhi) से लौटा था. स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने बताया कि मुजफ्फरपुर में प्रवासी श्रमिक की मौत को मिलाकर अब तक राज्य में 30 लोग इस महमारी में अपनी जान गंवा चुके हैं.

मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन (Muzaffarpur District Administration) के मुताबिक मृतक प्रवासी मजदूर और उसकी पत्नी दोनों कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. दंपति को जिले में आने के बाद कटरा प्रखंड के क्वारंटीन सेंटर (Quarantine Centre) में रखा गया था और दो जून को जांच के लिए नमूने लिए गए थे.

प्रशासन के मुताबिक स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Primary Health Centre) में मेडिकल मदद मुहैया कराए जाने के बावजूद प्रवासी मजदूर की तबीयत बिगड़ती गई जिसके बाद 4 जून की रात सदर अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया, लेकिन अगली सुबह उसकी मौत हो गई. जिला प्रशासन ने बताया कि जांच रिपोर्ट शनिवार देर रात आई जिसमें पति और पत्नी के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मुजफ्फरपुर जिले में कोविड-19 के 30 नए मामले आए हैं. इसके साथ ही जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 108 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य के सुदूर पूर्वोत्तर हिस्से में बसे किशनगंज (Kishanganj) में आठ नए मामले आने के साथ संक्रमितों की संख्या 100 हो गई है. किशनगंज की सीमा नेपाल (Nepal) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) से लगती है. समस्तीपुर (Samastipur ), सुपौल (Supaul) और मुंगेर (Munger ) अन्य जिले हैं जहां रविवार को बड़ी संख्या में कोविड-19 के मामले आए.

Corona Crisis के बीच अमित शाह (Amit Shah) की बिहार (Bihar) रैली पर तेजस्वी ने साधा निशाना, बोले- ‘राजनीतिक फायदा’ लेने की कोशिश

बिहार (Bihar) में अमित शाह (Amit Shah) की डिजिटल रैली (Digital Rally ) से भाजपा (BJP) के चुनावी बिगुल बजाने के एक दिन पहले राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashvi Yadav) ने कहा कि देश में कोरोना वायरस संकट (Coronavirus Crisis) के समय चुनाव अभियान चलाना राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही लोगों की जान जाए लेकिन भगवा पार्टी की दिलचस्पी केवल चुनावी जीत में है. बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व वाली राजग सरकार प्रवासी मजदूरों (Migrant Labour) के साथ ‘‘सौतेला” व्यवहार कर रही है उन्होंने कहा कि इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव ( Bihar Legislative Assembly Election) में यह बड़ा मुद्दा होगा. एक साक्षात्कार में यादव ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि गरीबों की हितैषी तथा संविधान को सर्वोच्च मानने वाली समान विचाराधारा की पार्टियां एक साथ आएंगी और राज्य में ‘‘15 साल की विभाजनकारी और नाकाम सरकार” के खिलाफ लड़ेंगी. उन्होंने विपक्षी खेमे में फूट की खबरों को भी खारिज करते हुए कहा कि अलग दृष्टिकोण रखना किसी भी लोकतंत्र के लिए लाभकारी है. यादव का बयान ऐसे वक्त आया है जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सात मई को अमित शाह की रैली के जवाब में ‘गरीब अधिकार दिवस’ मनाने का फैसला किया है. शाह वीडियो कॉन्फ्रेंस और फेसबुक लाइव के जरिए राज्य के लोगों को संबोधित करेंगे. केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शाह की डिजिटल रैली के जरिए भाजपा बिहार में चुनावी बिगुल बजा रही है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि पार्टी ने रैली के जरिए बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम एक लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया है. इसके अलावा सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी लोग भाषण सुन पाएंगे. राजद के ‘गरीब अधिकार दिवस’ के आयोजन को लेकर यादव ने ट्वीट कर कहा था कि भाजपा और जद (यू) सिर्फ अपनी सत्ता की भूख मिटाना चाहती है लेकिन हम गरीबों-मजदूरों के पेट की भूख मिटाना चाहते है. सात जून को सभी बिहारवासी अपने-अपने घरों में थाली, कटोरा और गिलास बजाएंगे. बाहर से लौटे सभी श्रमिक भाई भी थाली-कटोरा बजा चैन की नींद सो रही बिहार सरकार को जगायेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन कोरोना योद्धाओं के सम्मान में लोगों से थाली, ताली बजाने को कहा था. राजद भी अपने अभियान से इसकी याद दिलाएगी. यादव ने कहा, ‘‘देश में स्वास्थ्य की आधारभूत संरचना को तहस-नहस करने वाले संकट और राज्य में सामुदायिक स्तर पर संक्रमण के फैलने के बीच (भाजपा की) डिजिटल चुनावी रैली भाजपा की प्राथमिकताओं को दिखाती है.” पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस समय चुनाव अभियान चलाना राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश जैसा है. गरीबों, जरूरतमंद और प्रवासी श्रमिकों की मदद करने के बजाए वे जान की कीमत पर चुनाव जीतना चाहते हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और बिहार में राजग सरकार ने लोगों के कल्याण का विचार त्याग दिया है. यादव ने कहा कि सरकार बनाने के बजाए लोगों की जान बचाना ज्यादा महत्वपूर्ण है. क्या चुनाव अभियान के दौरान बिहार के प्रवासी मजदूरों की बदहाली के मुद्दे को उठाया जाएगा, इस पर यादव ने कहा कि नीतीश कुमार सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को नजरअंदाज किया है. राजद नेता ने कहा, ‘‘29 मई को बिहार सरकार ने जिला पुलिस अधीक्षकों को एक पत्र जारी कर कहा है कि प्रवासी मजदूरों के लौटने के कारण लूटपाट, डकैती और अपराध की घटनाएं बढेंगी क्योंकि सरकार उनको रोजगार देने में सक्षम नहीं है.” यादव ने कहा, ‘‘एक तरह से सरकार ने कहा है कि प्रवासी श्रमिक अपराधी है. बिहारी स्वाभिमानी हैं और नीतीश सरकार द्वारा की जा रही उपेक्षा और अपमान, निश्चित तौर पर चुनावी मुद्दा बनेगा.” उन्होंने कहा कि सरकार अपना फर्ज निभाने में नाकाम रही है. यादव ने दावा किया कि ‘इतिहास में पहली बार’ किसी राज्य सरकार ने अपने ही लोगों को आने से रोक दिया. विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘केवल बिहार के मुख्यमंत्री ने ही अपने प्रवासी श्रमिकों को आने की इजाजत नहीं दी, फंसे हुए लोगों को खाना नहीं दिया और ट्रेन का किराया भी देने से इनकार कर दिया, जबकि, झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली हमारी सरकार ने फंसे हुए लोगों को विमान से लाने का इंतजाम किया.” उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड-19 के संकट ने ‘‘कुमार के लापरवाह और अमानवीय रुख को उजागर कर दिया. ऐसे लोग जो उनकी राजनीति का अनुसरण करते हैं, उन्हें पता है कि वह (नीतीश) गरीब विरोधी, मजदूर विरोधी, किसान विरोधी, युवा और आम आदमी के विरोधी हैं और हमेशा उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया है. ” कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए अक्टूबर-नवंबर में होने वाला विधानसभा चुनाव क्या समय पर हो पाएगा, इस पर यादव ने कहा कि इस पर निर्वाचन आयोग को फैसला करना है. यादव ने कहा, ‘‘यह चुनाव आयोग का विशेषाधिकार है कि वह संवैधानिक बाध्यताओं और प्रक्रियागत कानूनों को ध्यान में रखते हुए कब चुनाव कराना चाहता है . लेकिन, एक चीज मैं जरूर कहना चाहूंगा कि बिहार के लोग सरकार बदलने के लिए जितना व्यग्र हैं , उतना पहले कभी नहीं थे.” राज्य में भाजपा, जदयू और लोजपा का गठबंधन है. राजद, कांग्रेस और अन्य दलों का गठबंधन सत्ताधारी राजग को विधानसभा चुनाव में चुनौती देगा. वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में राजग को राजद-जद(यू)-कांग्रेस के महागठबंधन से हार मिली थी लेकिन कुमार ने 2017 में अपनी राह अलग कर ली और चार साल के अंतराल के बाद फिर से भगवा पार्टी से हाथ मिला लिया था.