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Bihar : पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज, बिहार के मजदूरों को इकट्ठा करने का आरोप

पप्पू यादव (Pappu Yadav) के खिलाफ दिल्ली (Delhi) के अमर कालोनी में FIR दर्ज की गई है. पूर्व सांसद के खिलाफ महामारी एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पप्पू यादव पर आरोप है कि उन्होंने बिहार के मजदूरों की मदद के नाम पर मंगलवार की सुबह दिल्ली के ओखला मंडी में सैकड़ों की भीड़ जुटाई.

ओखला रोड पर 200 से 250 लोग जमा हो गए और बिहार सरकार का विरोध करने लगे. इन लोगों का कहना था कि उनकी घर वापसी के इंतजाम कराए जाएं. इन मजदूरों की जिद है कि इन्हें बिहार जल्द से जल्द भेजा जाए, क्योंकि अब इनके पास पैसे नहीं हैं. मकान मालिक किराया मांग रहे, जहां काम करते थे वहां से भी पैसे नहीं मिल रहे. इनका कहना है कि इनके पास हजारों रुपए नहीं है कि वो ट्रेन का टिकट करा सकें.

पप्पू यादव ने इस दौरान बिहार सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि वे उन सबको घर पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे. इस दौरान पप्पू यादव कोरोना वायरस के खतरे को भूल गए और एक बड़ी भीड़ जुटा कर गरीबों की जान संकट में डाल दी. पप्पू यादव ने कहा कि बिहार के एक-एक मजदूरों को घर ले जाया जाएगा. अगर सरकार के पास रेलवे का किराया नहीं है तो वो किराया देने के लिए तैयार हैं.

 

 

सपना चौधरी के इस गाने की दुनिया हुई फैन, 12 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया Video

हरियाणवी डांसर और सिंगर सपना चौधरी  (Sapna Choudhary) आए दिन अपने डांस के लिए सुर्खियों में रहती हैं. सोशल मीडिया पर उनके गाने तेजी से वायरल होते हैं. लॉकडाउन में सपना के पुराने गाने भी वायरल हो रहे हैं. उनके डांस का अंदाज इतना मोहक है कि उनकी अदाओं को देखकर हर इंसान उनके ही रंग में रंग जाता है. उनकी दीवानगी का आलम ये है कि सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो भी वायरल (Viral Video) हो जाते हैं. ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सपना ने ऐसे ठुमके लगाए कि वहां बैठे दर्शक भी टकटकी लगाकर सिर्फ देखते रह गए.

जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें हरियाणा की देसी क्वीन सपना चौधरी जोरदार डांस कर रही हैं. वीडियो में सपना चौधरी सुपरहिट हरियाणवी गाना ‘गजबन पानी ने चाली’ पर धमाकेदार डांस करती हुई नजर आ रही हैं. इस वीडियो को अब तक 12 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है.



आपको बता दें कि सपना ने अपने करियर की शुरुआत हरियाणवी रागिनियों से की थी. इसके बाद वह धीरे-धीरे आगे बढ़ती गईं. उन्‍होंने बिग बॉस 11 में भी हिस्‍सा लिया था. इसमें उन्‍हें काफी सुर्खियां मिली थीं. सपना चौधरी ने फिल्म ‘दोस्ती के साइड इफेक्ट्स’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. फिल्म को तो बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी नहीं मिली लेकिन इस फिल्म में सपना की एक्टिंग को जमकर पसंद किया गया. हालांकि अब सपना उन स्टार्स में शुमार हो चुकी हैं जिनकी हर अदा सोशल मीडिया पर छा जाती है.




रिलीज होते ही धूम मचा रहा है Salman Khan का गाना, देखिए रोमांटिक VIDEO

बीते कुछ दिनों से बॉलीवुड के दबंग सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan)  के फैंस को बेसब्री से उनके नए गाने का इंतजार था. गाने के टीजर ने पहले ही सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया था. वहीं अब यह फुल सॉन्ग ‘तेरे बिना (Tere Bina)’ भी कुछ ही मिनट पहले रिलीज कर दिया गया है. जो सामने आते ही इंटरनेट की दुनिया में धूम मचा रहा है. लोगों को सलमान खान (Salman Khan) और जैकलीन फर्नांडीज (Jacqueline Fernandez) का यह रोमांटिक अवतार खूब पसंद आ रहा है.




गाने की रिलीज की जानकारी सलमान खान ने अपनी सोशल मीडिया इंस्टाग्राम और ट्विटर वॉल पर दी है. जिसके साथ उन्होंने गाने का यूट्यूब लिंक भी शेयर किया है. गाने को रिलीज होने के 25 मिनट बाद ही तकरीबन 2 लाख बार देखा जा चुका है. व्यूज देखकर ऐसा लग रहा है कि इस गाने को देखकर सल्लू मियां के फैंस को इस लॉकडाउन मे भी राहत मिल गई है.

सलमान खान (Salman Khan) और जैकलीन फर्नांडीज (Jacqueline Fernandez) पर फिल्माए गए इस लव सॉन्ग को उनके पनवेल फार्महाउस में सरकार द्वारा जारी किए गए सभी आवश्यक दिशा-निदेशरें के तहत शूट किया गया है. यह पहली बार है जब दोनों अपनी सुपरहिट फिल्म ‘रेस 3’ के बाद एक साथ फिर से स्क्रीन स्पेस साझा करते नजर आ रहे हैं. दोनों का रोमांटिक अंदाज लोगों के दिलों पर छा चुका है.



COVID-19 in Uttar Pradesh : कोरोना पॉजिटिव मामलों के मुकाबले ठीक होने वालों का आंकड़ा बढ़ा

उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हापुड़ और मेरठ में मंगलवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दो और लोगों की जान ले ली. इसके बाद उत्तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों की तादाद बढ़कर 82 हो गई. हालांकि प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection) के 112 नए मामले सामने आए हैं. इस तरह राज्य में अब तक संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3,664 हो गई है. इनमें से 1,873 रोगी ठीक हो कर घर जा चुके हैं. जबकि प्रदेश में इस वक्त कोरोना वायरस से संक्रमित 1,709 मरीजों का इलाज चल रहा है. हालांकि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक्टिव केस के मुकाबले अधिक लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं.

प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि जब से कोरोना वायरस संक्रमण फैला है, सोमवार शाम पहली बार ये स्थिति आयी कि ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पाने वालों की संख्या 1,758 थी और संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 1,735 थी. मंगलवार को भी यही स्थिति रही, जो कि अच्छा लक्षण है. साथ ही उन्‍होंने बताया कि प्रदेश में 53,459 पृथक बेड और 1260 बेड वेंटिलेटर की सुविधा के साथ हैं. जबकि पृथक केंद्रों में इस समय 9,515 लोग हैं. वहीं सोमवार को कुल 4,754 नमूनों की जांच की गई.

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में हापुड़ और मेरठ जिले में कोविड-19 संक्रमित दो और लोगों की मौत हो गई. हालांकि प्रदेश में सबसे ज्यादा 24 मौतें आगरा में हुई हैं. उसके बाद मेरठ में 14, मुरादाबाद में सात, कानपुर नगर में छह, फिरोजाबाद और मथुरा में चार-चार, अलीगढ़ में तीन, गाजियाबाद, झांसी और गौतम बुद्ध नगर में दो-दो तथा हापुड़, ललितपुर, प्रयागराज, एटा, मैनपुरी, बिजनौर, कानपुर देहात, अमरोहा, बरेली, बस्ती, बुलंदशहर, लखनऊ, वाराणसी और श्रावस्ती में एक-एक शख्स की मृत्यु हुई है।

प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि हम आरोग्य सेतु ऐप का लगातार उपयोग कर रहे हैं. देश में बडी भारी संख्या में लगातार लोग उसे डाउनलोड कर रहे हैं. उसका लाभ भी देखने को मिल रहा है. उससे जितने अलर्ट मिल रहे हैं, उन्हें जिलों को उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि जिलों में लोगों से संपर्क कर उनका हालचाल पूछा जा सके. इसके अलावा लखनऊ मुख्यालय स्थित नियंत्रण कक्ष से भी लगातार लोगों को फोन किया जा रहा हैं. अब तक 2,722 लोगों को फोन किया गया, उनमें से दस लोग संक्रमित निकले, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

उन्होंने बताया कि निगरानी टीम हॉटस्पाट एवं गैर हॉटस्पाट क्षेत्रों में लगातार सर्वेक्षण कर लोगों से संपर्क कर रही हैं. अगर किसी में किसी तरह का लक्षण है तो उनके परीक्षण के लिए सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी जा रही है. जहां जरूरत हुई, लोगों को चिकित्सालयों में भर्ती कराया गया है.

प्रसाद ने कहा कि प्रवासी कामगार रोज भिन्न भिन्न राज्यों से लौट रहे हैं. पृथकवास में रखे गये श्रमिकों एवं कामगारों को लेकर कई जिलों से सूचना प्राप्त हो रही है कि उनमें से कुछ संक्रमित हैं. उन्होंने कहा कि बहुत जरूरी है कि 21 दिन घर पर पृथकवास में रहने का कड़ाई से पालन कराया जाए. अगर वे 21 दिन घर पर रहते हैं और बाहर नहीं निकलते तो किसी तरह का संक्रमण नहीं फैलेगा. जिनको लक्षण नहीं होने के कारण घर में ही पृथकवास में भेजा गया है, उनसे अनुरोध है कि वे घरों में भी बुजुर्ग, पहले से बीमार लोगों और गर्भवती महिला से दूरी बनाकर रखें, क्योंकि उन्हें संक्रमित होने पर ज्यादा कठिनाई का सामना करना पड़ता है. ऐसे लोगों को हर हाल में बचाने की जरूरत है.

Uttar Pradesh : योगी सरकार का बड़ा फैसला, 2020-21 में नहीं होगा किसी भी आधिकारी या कर्मचारी का ट्रांसफर

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मंगलवार शाम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने अपने अहम फैसले में तबादला सत्र (Transfer Session) को शून्य घोषित कर दिया है. कोरोना (COVID-19) के मौजूदा हालात को देखते हुए तबादला सत्र को शून्य घोषित किया गया है. इसके तहत वर्ष 2020-21 के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पर रोक लगा दी गई है. इसके तहत इस साल आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, पीपीएस समेत सभी अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोक रहेगी.

आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के चलते अग्रिम आदेश तक ट्रांसफर पर रोक रहेगी. इसके अलावा सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट), मृत्यु, बीमारी, प्रोन्नति (प्रमोशन), त्यागपत्र (इस्तीफा), निलंबन, बर्खास्तगी से खाली पदों को अनुमोदन लेकर ही मिलेगी तैनाती. अपरिहार्य स्थिति में मुख्यमंत्री से बिना अनुमोदन नहीं होगा कोई भी स्थानांतरण (तबादला). गौरतलब है कि प्रदेश में नई स्थानांतरण नीति के तहत अप्रैल-मई महीने में तबादले किए जाते रहे हैं.


इससे पहले योगी सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के भत्तों पर कैंची चलाई थी. सरकार ने नगर प्रतिकर भत्ता और सचिवालय भत्ता समेत कर्मचारियों के 6 प्रकार के भत्तों को ख़त्म करने का फैसला लिया है. बताया जा रहा है कि सरकार ने इस पर मुहर भी लगा दी है और जल्द ही वित्त विभाग शासनादेश जारी कर सकता है. अनुमान के मुताबिक, इन भत्तों के खत्म होने से सरकार को एक साल में 1500 करोड़ की बचत होगी.

PM Narendra Modi बोले- ‘आत्म निर्भर भारत’ बनाना होगा, अपने लोकल के लिए वोकल बनना है

पीएम मोदी ने आज देश को कोरोना काल में पांचवी बार संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए ‘वोकल’ बनना है. पीएम मोदी ने कहा,”आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए ‘वोकल’ बनना है. न सिर्फ लोकल प्रोडक्ट खरीदने हैं, बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है.मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश ऐसा कर सकता है.”

उन्होंने आगे कहा,”साथियों, आत्मनिर्भरता,आत्मबल और आत्मविश्वास से ही संभव है. आत्मनिर्भरता, ग्लोबल सप्लाई चेन में कड़ी स्पर्धा के लिए भी देश को तैयार करती है.” उन्होंने कहा, ”अब रिफॉर्म के उस दायरे को व्यापक करना है. नई ऊंचाई देनी है. ये रिफॉर्मस खेती से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन में होंगे, ताकि किसान भी सशक्त हो और भविष्य में कोरोना जैसे किसी दूसरे संकट में कृषि पर कम से कम असर हो.”

पीएम मोदी ने कहा,” कोरोना संकट का सामना करते हुए, नए संकल्प के साथ मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं. ये आर्थिक पैकेज, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा. हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं. जो रिजर्व बैंक के फैसले थे और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है. उसे जोड़ दें तो ये करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है.

आत्मनिर्भर भारत के लिए पीएम मोदी ने आर्थिक पैकेज की घोषणा की. इस दौरान उन्होंने कहा,”आत्मनिर्भर भारत की ये भव्य इमारत, पांच पिलर्स पर खड़ी होगी. पहला पिलर इकॉनॉमी एक ऐसी इकॉनॉमी जो इक्रिमेंटल चेंज नहीं बल्कि क्वांटम जंप लाए दूसरा पिलर इफ्रास्ट्रकचर, एक ऐसा इफ्रास्ट्रकचरजो आधुनिक भारत की पहचान बने. तीसरा पिलर हमारा सिस्टम, एक ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति-नीति नहीं, बल्कि 21वीं सदी के सपनों को साकार करने वाली तकनीक व्यवस्थाओं पर आधारित हो. चौथा पिलर हमारी डेमोग्राफी, दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी में हमारी डेमोग्राफी हमारी ताकत है, आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है. पांचवां पिलर डिमांड, हमारी अर्थव्यवस्था में डिमांड और सप्लाई चेन का जो चक्र है. जो ताकत है, उसे पूरी क्षमता से इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है.”

 

उन्होंने कहा,” विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है, आत्मनिर्भर भारत.” भारत जब आत्मनिर्भरता की बात करता है तो आत्मकेंद्रित व्यवस्था की वकालत नहीं करता. भारत की आत्मनिर्भरता में संसार के सुख, सहयोग और शांति की चिंता होती है.”

Coronavirus Outbreak : पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का एलान किया, देश की जीडीपी का करीब 10 फीसदी

देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया. उन्होंने कहा कि ये पैकेज भारत की जीडीपी का करीब दस फीसदी है. ये पैकेज आत्म निर्भर भारत बनाने के लिए काम करेगा. ये पैकेज देश की विकास यात्रा को नई गति देगा.

पीएम मोदी ने कहा, ‘’ हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं जो रिजर्व बैंक के फैसले थे और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है उसे जोड़ दें तो ये  करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है. ये पैकेज भारत की GDP का  करीब-करीब 10 प्रतिशत है.’’

पीएम मोदी ने कहा अपने संबोधन के शुरुआत में कहा, ’’सभी देशवासियों को आदर पूर्वक नमस्कार, कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा हो रहे हैं. साथियों, एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है. विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं. सारी दुनिया, जिंदगी बचाने की जंग में जुटी है.’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘’लेकिन थकना, हारना, टूटना-बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है. सतर्क रहते हुए, ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए, अब हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है.’’

पीएम मोदी ने कहा, ‘’21वीं सदी भारत की हो ये हमारा सपना नहीं, ये हम सभी की जिम्मेदारी है. विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है आत्मनिर्भर भारत. एक राष्ट्र के रूप में आज हम एक बहुत ही अहम मोड़ पर खड़े हैं. इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है. जब कोरोना संकट शुरु हुआ तब भारत में एक भी पीपीई (PPE) किट नहीं बनती थी. एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था. आज स्थिति ये है कि भारत में ही हर रोज  2 लाख PPE और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं.’’

इसके साथ ही उन्होंन कहा कि विश्व के सामने भारत का मूलभूत चिंतन आशा की किरण नजर आता है. भारत की संस्कृति, भारत के संस्कार, उस आत्मनिर्भरता की बात करते हैं जिसकी आत्मा वसुधैव कुटुंबकम है.

पीएम मोदी का कोरोना काल में ये देश के नाम पांचवा संबोधन था. इससे पहले पीएम मोदी ने 19 मार्च, 24 मार्च, 3 अप्रैल और 14 अप्रैल को देश को संबोधित किया था. वहीं कल सोमवार को पीएम मोदी ने कोरोना वायरस को लेकर सभी राज्यों के सीएम के साथ पांचवी बार बैठक की थी. ये बैठक करीब सवा छह घंटे तक चली थी. इसमें सभी राज्यों को मुख्यमंत्रियों ने अपनी-अपनी बात रखी और सुझाव दिए थे. पीएम मोदी ने 15 मई तक सभी राज्यों के सीएम से ब्लूप्रिंट मांगा था.

COVID-19 Lockdown 3.0 : महाराष्ट्र में फंसे लोग यहां करें रजिस्‍ट्रेशन, सरकार भेजेगी घर

कोरोना वायरस (CoronaVirus) का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. कई राज्‍यों में भारी संख्‍या में दूसरे राज्‍यों के लोग फंसे हुए हैं.  महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में दूसरे राज्‍यों के लोगों की संख्‍या ज्‍यादा है. ऐसे में यह खबर फंसे हुए लोगों को राहत देने वाली है. दरअसल, महाराष्‍ट्र पुलिस https://covid19.mhpolice.in/registration वेबसाइट के जरिए उन लोगों का रजिस्‍ट्रेशन कर रही है, जो राज्‍य के अंदर या राज्‍य से बाहर यात्रा करना चाहते हैं.

इस वेबसाइट पर जाकर यात्रियों को अपना रजिस्‍ट्रेशन कराना होगा. यहां से यात्रियों के लिए ट्रेवल पास जारी होगा. उसके बाद प्रशासन की निगरानी में चयनित यात्रियों को यात्रा करने की इजाजत मिलेगी. महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस के मामले देश में सबसे ज्‍यादा हैं. इसलिए अनिवार्य रूप से सभी यात्रियों की जांच और स्क्रिनिंग होगी. उसके बाद उन्‍हें यात्रा करने की इजाजत मिलेगी.

महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिकों के लिए मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमाओं तक मुफ्त बस सेवाएं शुरू की है. राज्य परिवहन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि प्रवासी मजदूरों द्वारा अपनी जान जोखिम में डालते हुए राजमार्गों एवं रेल मार्गों पर पैदल ही सफर पर निकल जाने को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है.

अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार को औरंगाबाद जिले में मध्य प्रदेश के 16 प्रवासी श्रमिकों की मालगाड़ी से कटकर मर जाने की घटना राज्य सरकार के इस फैसले की मुख्य वजह है. उन्‍होंने बताया कि अगले दो दिनों में महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें गुजरात और मध्य प्रदेश की सीमाओं तक 300 फेरे लगाएंगी तथा यात्रियों के बीच एक दूसरे से दूरी बनाने के नियम के तहत उनमें आधी सीटें ही भरी जाएंगी.

उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार ने कहा है कि उसकी कई अपील के बावजूद प्रवासी श्रमिक रूके रहने के मूड में कत्तई नहीं हैं. औरंगाबाद में 16 मजदूरों की मौत के बाद राज्य सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष बसें चलाने का निर्णय लिया है.’ अधिकारी ने बताया कि बसें मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र बोरिवली से चलेगी और गुजरात सीमा तक जाएगी तथा इसी तरह, उत्तर महाराष्ट्र में नासिक और धुले से रवाना होकर बसें मध्य प्रदेश सीमा तक जाएगी.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों का भाड़ा का बोझ उठाएगी क्योंकि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रवासी घर के लिए दुसाध्य यात्रा पर रवाना होकर तथा सड़क एवं राजमार्ग पर पैदल चलकर अपनी जान जोखिम में न डालें.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया आदेश- जो बिहार वापस आना चाहते हैं उन्हें 7 दिनों में लाएं

कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण के बीच बाहरी राज्यों से बिहार लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की वापसी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने बड़ा ऐलान किया है. सीएम नीतीश कुमार ने आज अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार के बाहर रह रहे जो लोग वापस आना चाहते हैं, उन्हें 7 दिनों के भीतर लाया जाए. मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अधिकारियों को साफ-साफ कहा है कि ऐसी व्यवस्था करें कि कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू लॉकडाउन की वजह से राज्य के बाहर फंसे सभी लोगों को तत्काल वापस लाया जा सके. मुख्यमंत्री ने इसके लिए 7 दिन की डेडलाइन भी तय कर दी है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर आज सभी जिलों के डीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में यह निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने इस बैठक में सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि रेलवे तथा अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक तैयारियां की जाएं. उन्होंने बाहरी राज्यों में फंसे बिहार के लोगों के अलावा पटना तथा प्रदेश के अन्य शहरों में फंसे लोगों को भी वापस उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था करने का आदेश दिया.

CM नीतीश के निर्देश

1- राज्य सरकार सभी ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण से रक्षा के लिए परिवारों को साबुन और 4 मास्क देगी.

2- 7 दिनों के अंदर बिहार आने के इच्छुक लोगों को वापस लाने की पूरी व्यवस्था की जाए. इसके लिए सभी राज्यों और रेलवे के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाए.

3- बाहर से आने वालों की संख्या को देखते हुए प्रखंड स्तरों पर क्वारंटाइन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए. इन सेंटरों पर साबुन, सैनेटाइजर आदि की व्यवस्था रहे, इसका विशेष ख्याल रखा जाए.

4- पटना और अन्य शहरों में फंसे लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए एसओपी बनाई जाए.

5- बाहर से आने वाले अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सके, इसके लिए तमाम इंतजाम किए जाएं, ताकि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके.

6- निर्माण कार्यों के लिए निर्धारित गाइडलाइन का पालन हो. बालू, गिट्टी, सीमेंट और ईंट उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाए.

7- ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन के उपाय करने पर ध्यान दिया जाए. स्किल सर्वे कर श्रमिकों की आजीविका का इंतजाम किया जाए.

8- सभी जिलों में कोरोना टेस्टिंग की व्यवस्था हो, इसके लिए सभी जरूरी कार्रवाई करें. कोरोना मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए वॉलेंटियर्स की संख्या बढ़ाएं.

9- कोरोना जांच किट्स की उपलब्धता सभी जिलों में सुनिश्चित की जाए.

10- फसल क्षति के लिए कृषि अनुदान देने के काम में तेजी लाई जाए.

Lockdown बढ़ाना इकोनॉमी के लिए आत्मघाती होगा, गरीबों की बढ़ेंगी मुश्किलें: आनंद महिंद्रा

आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने सोमवार को कहा कि यदि लॉकडाउन (Lockdown in India) को अधिक लंबी अवधि के लिये बढ़ाया जाता है, तो यह देश के लिये ‘आर्थिक हारा-किरी’ साबित हो सकता है. महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) के चेयरमैन ने कहा कि लॉकडाउन से लाखों लोगों की जान बची है, लेकिन यदि इसे और बढ़ाया गया तो यह समाज के निचले तबके के लिये गंभीर मुश्किलें खड़ी कर सकता है.

आपको बता दें कि जापान में युद्ध में पराजित होने वाले योद्धाओं के बंदी बनाए जाने से बचने के लिए अपने ही चाकू को अपने पेट में घोंप कर आत्महत्या करने की प्रथा को हाराकीरी कहा जाता था.

महिंद्रा ने एक ट्वीट में कहा, “पिछले कुछ दिनों में ग्राफ की तेजी पर अंकुश लगने के बावजूद नये मामलों की संख्या बढ़ी है. हमारी आबादी और शेष दुनिया के सापेक्ष कम मामलों को देखते हुए अधिक जांच के साथ साथ संक्रमण के नये मामलों की वृद्धि अपरिहार्य है. हम सुगमता से ग्राफ के समतल होने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं.’’ उन्होंने कहा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लॉकडाउन ने मदद नहीं की है.

महिंद्रा ने कहा कि भारत ने अपनी सामूहिक लड़ाई में लाखों संभावित मौतों को टाला है. भारत में प्रति 10 लाख लोगों पर मृत्यु की दर 1.4 है, जो 35 के वैश्विक औसत और अमेरिका 228 की दर की तुलना में काफी कम है. हमें लॉकडाउन से चिकित्सा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का भी समय मिला है.’’

उन्होंने कहा, लेकिन अगर लॉकडाउन को लंबे समय तक बढ़ाया जाता है, तो देश आर्थिक हारा-किरी करने के जोखिम में पहुंच जायेगा. उन्होंने कहा, “काम-काज करती हुई और वृद्धि करती हुई अर्थव्यवस्था आजीविका के लिये एक प्रतिरक्षा प्रणाली की तरह है. लॉकडाउन इस प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है और हमारे समाज में सबसे अधिक हानि पहुंचाता है.’’

महिंद्रा ने कहा कि देश का लक्ष्य टाली जा सकने वाली मौतों को टाला जाना होना चाहिये. देश को तेजी से ऑक्सीजन लाइनों से लैस अस्पताल बनाने, व्यापक जांच करने और संक्रमित लोगों के संपर्क में आये लोगों को खोज निकालने की जरूरत है. महिंद्रा ने कहा कि आखिरकार, बुजुर्गों और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा की दृष्टि से समाज के कमजोर लोगों की सुरक्षा के लिये प्रयास किये जाने चाहिये.

उन्होंने एक सहयोगी की बात दोहराते हुए ट्वीट किया, “हमें वायरस के साथ ही रहना होगा. यह (वायरस) पर्यटक वीजा पर किसी अंतिम तिथि तक के लिए नहीं आया है.’’