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जानिए क्या है एसेंशियल कमोडिटी एक्ट, जिसे किसानों के लिए बदल रही है सरकार

बीते बुधवार से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के बारे में जानकारी दे रही हैं. इस दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके, इसके लिए सरकार एसेंशियल कमोडिटी एक्ट, 1955 (आवश्यक वस्तु अधिनियम) में संशोधन करेगी. इस एक्‍ट से अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दालें, प्याज और आलू सहित कृषि खाद्य सामग्री को बाहर किया जाएगा. ऐसे में सवाल है कि एसेंशियल कमोडिटी एक्ट क्‍या है और इसका किसानों को कैसे फायदा मिलेगा.




दरअसल, इस एक्‍ट के तहत जो भी वस्‍तुएं आती हैं, सरकार इनके उत्पादन, बिक्री, दाम, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करती है. इसके बाद सरकार के पास अधिकार आ जाता है कि वह उस पैकेज्ड वस्‍तुओं का अधिकतम खुदरा मूल्य तय कर दे. उस मूल्य से अधिक दाम पर चीजों को बेचने पर सजा का प्रावधान है.

किसी उल्लंघनकर्ता को 7 साल के कारावास या जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है. इसके अलावा अधिकतम 6 माह के लिए नजरबंद किया जा सकता है. यहां आपको बता दें कि इस एक्‍ट को साल 1955 में संसद से पास किया गया था. इस एक्‍ट को लाने का मकसद लोगों को जरूरी चीजें उचित दाम पर और आसानी से उपलब्ध कराना था.


इसमें बदलाव करते हुए अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दालें, प्याज और आलू सहित कृषि खाद्य सामग्री को एक्‍ट से बाहर किया जाएगा. इसका मतलब साफ है कि इन सभी कृषि खाद्य सामग्री पर सरकार का नियंत्रण नहीं रहेगा और किसान अपने हिसाब से मूल्‍य तय कर आपूर्ति और बिक्री कर सकेंगे. हालांकि, सरकार समय-समय पर इसकी समीक्षा करती रहेगी. जरूरत पड़ने पर नियमों को सख्‍त किया जा सकता है.

Uttar Pradesh : मेरठ जिले में अब हर सोमवार और गुरुवार को रहेगा पूर्ण लॉकडाउन, DM ने दिए आदेश

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए डीएम (DM) द्वारा एक दिन के लिए लागू किए गए पूर्ण लॉकडाउन (Lockdown) से मिली सफलता को लेकर अधिकारियों में उत्साह देखने को मिल रहा है. जिसके चलते  शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के बचत भवन में बैठक करते हुए डीएम ने आगे भी इस व्यवस्था को जारी रखने के आदेश दिए हैं.

जिलाधिकारी अनिल धींगरा ने आज पुलिस-प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए गुरुवार को किए गए संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर चर्चा की. इस दौरान अधिकांश विभागों के अधिकारियों ने लॉकडाउन को पूरी तरह सफल बताते हुए आगे भी इसे जारी रखने की पैरवी की, जिसके बाद डीएम अनिल धींगरा ने सप्ताह में दो दिन पूर्ण लॉकडाउन रखने के आदेश दिए हैं.

डीएम ने बताया कि अब हर हफ्ते के सोमवार और गुरुवार को जिले में पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा. इस दौरान सिर्फ दूध और दवा की सप्लाई की अनुमति दी जाएगी. उसके लिए भी निर्धारित समय तय किया जाएगा. वहीं, बैंकों के कर्मचारी इन दोनों दिन सिर्फ बैंक का आंतरिक कार्य करेंगे. जिन उद्योगों और इंडस्ट्री का चलना अति आवश्यक है, सिर्फ उन्हें ही इन दो दिन कार्य की अनुमति दी जाएगी.

उन्होंने बताया गुरुवार देर रात जली कोठी क्षेत्र में लॉकडाउन तोड़कर दावत करने के मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. वहीं, इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सिंचाई विभाग के सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित सभी पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है. सभी आरोपी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

Nirmala Sitaraman ने कृषि क्षेत्र के लिए किए 11 बड़े एलान, जानिए बड़ी बातें…

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए के ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ पैकेज का आज तीसरा ब्रेकअप दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस दौरान उन्होंने खेती और कृषि श्रेत्र को लेकर पैकेज का एलान किया.  उन्होंने कहा,” आज किसान मुसीबत का सामना कर रहा है. 20 लाख करोड़ रुपए के ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ पैकेज इन्हीं के लिए हैं.”

निर्मला सीतारमण ने कहा,” आत्म निर्भर भारत के लिए पीएम ने सप्लाय चेन और टेक्नोलॉजी सुधारों का ज़िक्र किया था. सो, आज हम कृषि पर बात करेंगे. भारत के किसानों ने हमेशा विपरीत हालात में अपनी क्षमता दिखाई है. भारत दूध, जूट का नम्बर वन उत्पादक है. गन्ने कपास समेत कई उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है.”

उन्होंने कहा,” तीसरे पैकेज में 11 एलान हैं. जिनमें से 8 बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, क्षमता और बेहतर करने से संबंधित हैं. जबकि बाकी 3 शासन और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित होंगे.”  उन्होंने कहा,” तीसरी किस्त में किसान क्रेडिट कार्ड के लिए 2 लाख करोड़ हैं. किसानों के खाते में 18, 700 करोड़ा रुपये किसानों को दिए. फसल बीमा योजना के लिए  6400 करोड़ रुपये, MSP के लिए 17,300 करोड़ रुपये दिए गए. ”

कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए सरकार एक लाख करोड़ देगी. ये एग्रीग्रेटर्स, एफपीओ, प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी आदि के लिए फार्म गेट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए दिया जाएगा जैसे कोल्ड स्टोरेज.

MFEs के लिए 10,000 करोड़ रुपये की योजना लेकर आई

वित्त मंत्री ने कहा कि फूड एंटरप्राइजेज माइक्रो साइज के लिए 10 हजार करोड़ रुपये दिया जाएगा. क्लस्टर आधार पर ताकि वे ग्लोबल स्टैंडर्ड के प्रोडक्ट बना सकें, वेलनेस, हर्बल, ऑर्गनिक प्रोडक्ट करने वाले 2 लाख माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज को फायदा होगा. जैसे बिहार में मखाना उत्पाद, कश्मीर में केसर, कर्नाटक में रागी उत्पादन, नॉर्थ ईस्ट में ऑर्गनिक फूड, तेलंगाना में हल्दी.

मछुआरों को नई नौकाएं दी जाएंगी

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, इसकी घोषणा बजट में की गई की, कोरोना की वजह से इसे तत्काल लागू किया जा रहा है. मछुआरों को नई नौकाएं दी जाएंगी. 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.  सरकार ने समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की योजना शुरू की है.

डेयरी प्रोसेसिंग में बढ़ावा देने, कैटल फीड प्रोडक्शन में निर्यात के लिए 15,000 करोड़

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि निजी निवेश डेयरी प्रोसेसिंग में बढ़ावा देने, कैटल फीड प्रोडक्शन में निर्यात के लिए 15,000 करोड़ रुपये का फंड है. चीज जैसे नीश प्रोडक्ट के ​प्लांट लगाने के लिए सरकार प्रोत्साहन देगी. इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फुट एंड माउथ डिजीज और ब्रुसेलोसिस के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 13,343 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए 4000 करोड़ रुपये

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा,”हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए 4000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं; अगले 2 वर्षों में 10,00,000 हेक्टेयर जमीन को कवर किया जाएगा”

500 करोड़ रुपये मधुमक्खी पालन के लिए

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 500 करोड़ रुपये मधुमक्खी पालन पर खर्च किए जाएंगे. दो लाख से ज्यादा मधुमक्खी पालकों को इससे मदद मिलेगी.

किसानों के लिए एक और एलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आवश्य वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन किया जा रहा है. फल, सब्जियों को खेतों से बाजार तक लाने के लिए, खराब होने से बचाने के लिए 500 करोड़ रुपये की अगले 6 महीने तक इस पायलट प्रोजेक्ट को बढ़ा दिया गया है. आलू, प्याज, खाद्यान्न, खाद्य तेल, तिलहन, दाल आदि के लिए स्टॉक सीमा को खत्म किया जा रहा है. हालांकि विशेष आपदा परिस्थितियों में इसके लिए सीमाएं निर्धारित की जा सकती हैं.

आत्म-निर्भर भारत का मतलब यह नहीं कि हम दुनिया से अपने आप को काट लेंगे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म-निर्भर भारत के आह्वान का मतलब यह कतई नहीं है कि हम दुनिया से अपने आप को काट लेंगे. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के अभियान का यह अर्थ नहीं है कि भारत अपनी ‘ अर्थव्यवस्था को पृथक रखने वाला देश’ बन जाएगा. वित्तमंत्री ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री के इस आह्वान का मतलब एक भरोसे वाले भारत से है जो अपनी ताकत पर निर्भर रह सकता है और साथ ही वैश्विक स्तर पर भी अपना योगदान दे सकता है. वित्त मंत्री ने कहा कि देश के पास क्षमता और उद्यमिता है, जिससे वह बेहतर क्षमता का निर्माण कर सकता है और दुनिया की मदद कर सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से जब प्रधानमंत्री ‘आत्मनिर्भर’ भारत की बात कर रहे हैं तो उसका मतलब सिर्फ देश के अंदर ही सिमट कर रहना नहीं है और न ही खुद को दुनिया से काटना है.’’

8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज दिया जाएगा

उन्होंने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज दिया जाएगा. अनाज बांटने पर केंद्र 3500 करोड़ रुपये खर्च करेगा. अगले 3 महीने में एक देश-एक राशन कार्ड की सुविधा होगी. रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार तक लोन दिया जाएगा. 50 लाख स्ट्रीट वेंडर को 5 हजार करोड़ की मदद दी जाएगी.

आर्थिक राहत पैकेज: प्रवासी मज़दूरों को दो महीनों तक बिना कार्ड मुफ्त मिलेगा राशन, 8Cr. लोगों को होगा फायदा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने दूसरे प्रेस कॉन्फ्रेंस में गरीबों, छोटे किसानों और प्रवासी मज़दूरों के लिए बड़े एलान किए. इस दौरान उन्होंने प्रवासी मज़दूरों के लिए मुफ्त राशन का भी एलान किया. उन्होंने बताया कि जो लोग गैर कार्ड धारक हैं, उन्हें प्रति व्यक्ति 5 किलो गेंहू/चावल और एक किलो चना प्रति परिवार दिया जाएगा. ये राशन मज़दूरों को अगले दो महीने तक दिया जाएगा.

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि लगभग 8 करोड़ प्रवासी मज़दूरों को इससे लाभ मिलेंगा. इस पर 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे. उन्होंने बताया कि इसे लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी. अनुराग ठाकुर ने बताया कि जो लोग नेशनल फूड सेक्योरिटी एक्ट में नहीं आते या जिन्हें राज्यों का राशन कार्ड नहीं मिल पाता, वैसे ही मज़दूरों के लिए ये प्रावधान किया गया है.

वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation One Ration Card)
वित्त मंत्री की ओर से बताया गया कि राशन बांटने में तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके लिए उन्होंने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का एलान किया. इसके तहत राशन कार्ड धारक देश के किसी हिस्से में भी कि अपने राज्य में बने राशन कार्ड से अपने हिस्से का राशन आसानी से ले सकेंगे.

मार्च 2021 तक इसमें 100 फीसदी पीडीएस पॉपुलेशन को कवर कर लिया जाएगा. फिलहाल 83 फीसदी पीडीएस पॉपुलेशन इसमें कवर हो चुकी है. अगले साल मार्च तक इस योजना को पूरा कर लिया जाएगा.

बेघरों को मुफ्त खाना
इसके अलावा राज्यों को राज्य आपदा प्रबंधन कोष से खर्च की इजाजत दी गई. केंद्र सरकार ने राज्यों को 11 हज़रा करोड़ रुपए SDRF को मजबूत करने के लिए दिए गए. इससे शेल्टर बनाए गए, जिसमें तीन समय का भोजन उपलब्ध कराया गया.

12 हज़ार स्वयं सहायता समूह ने 3 करोड़ मास्क और 1.20 लाख लीटर सेनेटाइजर का उत्पादन किया गया. 15 मार्च के बाद से 7200 हज़ार नए स्वयं सहायता समूह बनाये गए.

Vijay Mallya को ब्रिटेन हाई कोर्ट से कड़ा झटका, 28 दिन में भेजा जा सकता है भारत

शराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) को एक बार फिर ब्रिटेन (Britain) की अदालत से करारा झटका लगा है. ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने माल्या की भारत के प्रत्यर्पण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अपील करने की इजाजत वाली याचिका को खारिज कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक इस याचिका के खारिज हो जाने के बाद माल्या के पास कोई रास्ता नहीं बचा है और उसे 28 दिनों में भारत को सौंपा जा सकता है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार अब ब्रिटेन के होम सेक्रेटरी को माल्या के प्रत्यर्पण के दस्तावेज पर 28 दिन में हस्ताक्षर करना होगा. ये हस्ताक्षर हो जाने के बाद ब्रिटेन का संबंधित विभाग भारत के साथ माल्या के प्रत्यर्पण के संबंध में काम करेगा. बता दें कि ब्रिटेन के उच्च न्यायालय ने पिछले माह विजय माल्या की प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था.

माल्या के लिये यह बड़ा झटका है, क्योंकि बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन्स (Kinghfisher Airlines) के कर्ज से संबंधित धोखाधड़ी और धनशोधन के मामले (Money Laundering Case) में भारत प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ उसकी अपील हाई कोर्ट में पिछले महीने ही खारिज हो गई थी.64 साल के माल्या के पास हाई कोर्ट के फैसले के बाद से इससे भी ऊंची अदालत में जाने की अनुमति मांगने का आवेदन दाखिल करने के लिए 20 अप्रैल से लेकर 14 दिन का समय था. हाई कोर्ट ने ब्रिटेन के गृह मंत्री द्वारा प्रमाणित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत के प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ माल्या की अपील खारिज कर दी थी.

ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा कि माल्या की विधि के प्रश्न (प्वाइंट ऑफ लॉ) को प्रमाणित करने की अपील सभी तीनों आधारों पर खारिज हो गयी, जिनमें मौखिक दलीलों पर सुनवाई, तैयार किये गये सवालों पर प्रमाणपत्र देना और सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए अनुमति देना शामिल हैं.

अपील के लिये आवेदन पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया इस सप्ताह की शुरूआत में पेश की जा चुकी है. इससे पहले विजय माल्या ने गुरुवार को सरकार से 100 प्रतिशत कर्ज चुकाने के उनके प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कहा. साथ ही उन्होंने सरकार से उनके खिलाफ मामले बंद करने की अपील भी की.

माल्या ने हाल में घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज पर भारत सरकार को बधाई देते हुए अफसोस जताया कि उनके बकाया चुकाने के प्रस्तावों को बार-बार नजरअंदाज किया गया.

Coronavirus Crisis : Lockdown के बीच सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं मजदूर, MP और UP में घर जा रहे 14 मजदूरों की मौत

कोरोना वायरस (Coronavirus) पर काबू पाने के लिए देशभर में लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के बीच प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटने के लिए मजबूर हैं. सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) बंद होने की वजह से मजदूर पैदल ही अपने घरों की ओर चल पड़े हैं. ऐसे में मजदूर अपने घर जाते हुए रास्ते में हादसों का भी शिकार हो रहे हैं. जहां उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में  बिहार जा रहे 6 मजदूर सड़क हादसे का शिकार हो गए तो वहीं, मध्य प्रदेश के गुना में  बस और ट्रक में भिड़त से आठ मजूदरों की मौत हो गई.

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फ़रनगर (Muzaffarnagar) में पैदल जा रहे 6 प्रवासी मजदूरों को यूपी रोडवेज की बस ने कुचल दिया है. इस हादसे में दो लोग घायल बताए जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि ये प्रवासी मजदूर पंजाब से अपने घर बिहार के गोपालगंज लौट रहे थे. यह हादसा बुधवार रात 11 बजे का है. पुलिस ने बताया कि बस खाली थी और उसका ड्राइवर फरार है. यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने आधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि “किसी भी कीमत” पर कोई प्रवासी मजदूर पैदल नहीं जाए. हाल ही में पैदल जा रहे मजदूरों की दुर्घटना के कई मामले सामने आए हैं.

वहीं, मध्य प्रदेश के गुना में अपने घर जा रहे 8 प्रवासी मजदूर सड़क हादसे का शिकार हो गए और 54 लोग घायल हैं. ये मजदूर महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश जा रहे थे. तभी हाइवे एक ट्रक और बस में भिड़त हो गई. हादसे में 8 मजदूरों की जान चली गई. इस हादसे में बस में सवार 40 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंच गई है. राहत एवं बचाव कार्य जारी है. घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है.

COVID-19 Lockdown: 30 June तक सामान्य ट्रेनों में बुक की गई रेल टिकटें रद्द, Refund देगा रेलवे

भारतीय रेल (Indian Railways) ने सामान्य यात्री ट्रेनों में 30 जून तक की यात्रा के लिए बुक सभी टिकटों को रद्द कर दिया है, इसमें मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों और उपनगरीय सेवाएं भी शामिल हैं. सभी यात्रियों को पूरा किराया रिफंड कर दिया जाएगा. रेलवे ने गुरुवार को बयान में यह जानकारी दी. हालांकि, रेलवे ने कहा कि इस दौरान, प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए चलाई जा रहीं ‘श्रमिक’ ट्रेनें और नई दिल्ली तथा प्रमुख स्टेशनों के बीच चल रही 15 जोड़ी विशेष ट्रेनों का परिचालन जारी रहेगा.

इससे पहले बुधवार को रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों में 22 मई से वेटिंग टिकट की शुरुआत करने की घोषणा की थी. रेलवे बोर्ड ने बुधवार को न केवल अपनी वर्तमान विशेष ट्रेनों, बल्कि आगामी सभी ट्रेनों में यात्रा के लिए 22 मई से प्रतीक्षा सूची का प्रावधान शुरू करने संबंधी आदेश जारी किया. वर्तमान विशेष ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट बुक किये जा रहे हैं, वहीं 22 मई से शुरू हो रही यात्राओं के वास्ते 15 मई से टिकटों की बुकिंग में प्रतीक्षा सूची में टिकट बुक कराने का प्रावधान होगा. अब 1 AC में 20, एग्जीक्यूटिव क्लास में 20, 2AC में 50, 3AC में 100, AC चेयर कार में 100 और स्लिपर में 200 तक वेटिंग टिकट काटे जाएंगे.

पीटीआई के मुताबिक, कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाये गये लॉकडाउन से पहले यात्रियों द्वारा बुक कराई गई 94 लाख टिकटों के रद्द होने पर भारतीय रेलवे को 1,490 करोड़ रुपये का नुकसान होगा.

रेलवे के शीर्ष अधिकारियों ने ‘पीटीआई’ को बताया कि 22 मार्च से 14 अप्रैल के बीच यात्रा के लिए बुक कराई गई 55 लाख टिकटों के लिए 830 करोड़ रुपये की राशि वापस की जाएगी. रेलवे ने 21 दिन के लॉकडाउन लागू होने से तीन दिन पहले 22 मार्च को अपनी यात्री ट्रेन सेवाओं को व्यापक पैमाने पर स्थगित कर दिया था.

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन को 15 अप्रैल से बढ़ाकर तीन मई तक किए जाने के निर्णय के कारण बुक कराए गए 39 लाख टिकटों के लिए 660 करोड़ रुपये की राशि वापस की जायेगी.

Kalashtami 2020 : 14 मई को मनाई जाएगी कालाष्टमी, जानिए पाएं काल भैरव की कृपा और पूजा विधि

14 मई 2020 को कालाष्टमी मनाई जाएगी. काल भैरव को भगवान शिव का अवतार माना गया है. मान्यता है कि इस दिन काल भैरव की पूजा करने से जीवन में आने वाली बधाएं दूर होती हैं. शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की अष्ठमी की तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है. इस समय ज्येष्ठ मास चल रहा है. ज्येष्ठ मास की कालाष्टमी को विशेष माना गया है. इस दिन एक विशेष संयोग बन रहा है इस दिन देव गुरु बृहस्पति वक्री हो रहे हैं.




मां दुर्गा की होती है पूजा
इस दिन मां दुर्गा की पूजा भी शुभ फल प्रदान करने वाली मानी गई है. सुबह स्नान करने के बाद मां दुर्गा का स्मरण करते हुए पूजा आरंभ करनी चाहिए. मां दुर्गा की पूजा के उपरांत काल भैरव की पूजा करनी चाहिए. इस दिन दुर्गा चालीसा का पाठ करना श्रेयष्कर माना गया है.

व्रत की विधि
इस दिन जो लोग व्रत रखते हैं वे पूजा प्रारंभ करने से पूर्व व्रत का संकल्प लें. मां पार्वती और भोलेनाथ की पूजा करें.

कुत्ते को भोजन कराएं
कहा जाता है इस दिन कुत्ते को भोजन कराने से काल भैरव प्रसन्न होते हैं. जिन लोगों के जीवन में कोई संकट और परेशानी बनी हुई है उन्हें आज के दिन कुत्ते को रोटी, गुड और आटे से बने पकौडियां खिलानी चाहिए.

मंत्र
ॐ कालभैरवाय नम:
दुर्गा चालीसा
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥
शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥
रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥
तुम संसार शक्ति लै कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥
अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥
प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥
शिव योगी तुम्हरे गुण गावें। ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥
रूप सरस्वती को तुम धारा। दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥
धरयो रूप नरसिंह को अम्बा। परगट भई फाड़कर खम्बा॥
रक्षा करि प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥
लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं। श्री नारायण अंग समाहीं॥
क्षीरसिन्धु में करत विलासा। दयासिन्धु दीजै मन आसा॥
हिंगलाज में तुम्हीं भवानी। महिमा अमित न जात बखानी॥
मातंगी अरु धूमावति माता। भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥
श्री भैरव तारा जग तारिणी। छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥
केहरि वाहन सोह भवानी। लांगुर वीर चलत अगवानी॥
कर में खप्पर खड्ग विराजै। जाको देख काल डर भाजै॥
सोहै अस्त्र और त्रिशूला। जाते उठत शत्रु हिय शूला॥
नगरकोट में तुम्हीं विराजत। तिहुंलोक में डंका बाजत॥
शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे। रक्तबीज शंखन संहारे॥
महिषासुर नृप अति अभिमानी। जेहि अघ भार मही अकुलानी॥
रूप कराल कालिका धारा। सेन सहित तुम तिहि संहारा॥
परी गाढ़ संतन पर जब जब। भई सहाय मातु तुम तब तब॥
अमरपुरी अरु बासव लोका। तब महिमा सब रहें अशोका॥
ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी। तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥
प्रेम भक्ति से जो यश गावें। दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥
ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई। जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥
जोगी सुर मुनि कहत पुकारी। योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥
शंकर आचारज तप कीनो। काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥
निशिदिन ध्यान धरो शंकर को। काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥
शक्ति रूप का मरम न पायो। शक्ति गई तब मन पछितायो॥
शरणागत हुई कीर्ति बखानी। जय जय जय जगदम्ब भवानी॥
भई प्रसन्न आदि जगदम्बा। दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥
मोको मातु कष्ट अति घेरो। तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥
आशा तृष्णा निपट सतावें। रिपू मुरख मौही डरपावे॥
शत्रु नाश कीजै महारानी। सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥
करो कृपा हे मातु दयाला। ऋद्धि-सिद्धि दै करहु निहाला।
जब लगि जिऊं दया फल पाऊं । तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं ॥
दुर्गा चालीसा जो कोई गावै। सब सुख भोग परमपद पावै॥
देवीदास शरण निज जानी। करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥



काजल राघवानी खेसारी लाल का ‘छतरी जल्दी लगावा ना’ हुआ वायरल, देखें वीडियो

काजल राघवानी (Kajal Raghwani) और खेसारी लाल (Khesari lal) का भोजपुरी गाना ‘छतरी जल्दी लगावा ना’ ( Chhatari Jaldi Lagawa) को लोग काफ़ी पसंद कर रहे हैं. इस वीडियो को यूट्यूब पर 29,680,900 बार देखा गया है.

यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहे इस वीडियो में खेसारी लाल यादव (khesari lal yadav ) और काजल राघवानी (kajal raghwani) रोमांस करते नज़र आ रहे हैं. जो उनके फैन्स को दीवाना बना रहा है. भोजपुरी फिल्म ‘इंतेकाम’ (Intaqam) के ‘छतरी जल्दी लगावा ना’ गाने को खेसारी लाल और इंदु सोनाली ने गाया है.




COVID-19 : दिल्ली के मुख्यमंत्री ने 17 मई के बाद लॉकडाउन में ढील देने के लिए लोगों, विशेषज्ञों से मांगे सुझाव

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 17 मई के बाद लॉकडाउन में ढील देने के संबंध में लोगों और विशेषज्ञों से मंगलवार को सुझाव मांगे. केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार केन्द्र को इस संबंध में बृहस्पतिवार को प्रस्ताव भेजेगी.

केजरीवाल ने ऑनलाइन एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 17 मई के बाद क्या किया जाए इस संबंध में लोग उनकी सरकार को सुझाव भेज सकते हैं. अच्छे सुझावों पर विशेषज्ञों और डॉक्टरों से चर्चा की जाएगी.

सुझाव टोल-फ्री नंबर 1031 , व्हाट्सएप नंबर 8800007722, या delhicm.suggestions@gmail.com पर बुधवार शाम पांच बजे तक भेजे जा सकते हैं. केजरीवाल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा था कि निषिद्ध क्षेत्रों को छोड़कर राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी जानी चाहिए.