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बॉलीवुड एक्टर इरफान खान का 54 साल की उम्र निधन, मुंबई के अस्पताल में तोड़ा दम

बॉलीवुड एक्टर इरफान खान का आज निधन हो गया है. वे मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती थे. उनकी हालत काफी गंभीर थी.

डायरेक्टर शूजीत सरकार ने इरफान खान के निधन की खबर दी है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा- मेरा प्यारा दोस्त इरफान. तुम लड़े और लड़े और लड़े. मुझे तुम पर हमेशा गर्व रहेगा. हम दोबारा मिलेंगे. सुतापा और बाबिल को मेरी संवेदनाएं. तुमने भी लड़ाई लड़ी. सुतापा इस लड़ाई में जो तुम दे सकती थीं तुमने सब दिया. ओम शांति. इरफान खान को सलाम.


बॉलीवुड के टैलेंटेड अभिनाताओं में शामिल इरफान खान के यूं अचानक चले जाने से उनके फैंस और बॉलीवुड सेलेब्स सदमे में हैं. दो साल पहले मार्च 2018 में इरफान को न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी का पता चला था. विदेश में इस बीमारी का इलाज कराकर इरफान खान ठीक हो गए थे. भारत लौटने के बाद इरफान खान ने अंग्रेजी मीडियम में काम किया था. किसे पता था ये मूवी इरफान की जिंदगी की आखिरी फिल्म साबित होगी.

सिने जगत में अपने योगदान के लिए इरफान खान को कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा जा चुका था. इरफान खान को 2011 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा साल 2012 में उन्हें फिल्म पान सिंह तोमर के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. इन्हें 2004 में बेस्ट एक्टर फॉर निगेटिव रोल के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया था. इसके अलावा 2008 में बेस्ट एक्टर इन सपोर्टिंग रोल का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था.

Coronavirus संक्रमण से उबरीं बॉलीवुड गायिका Kanika Kapoor ने सरकारी इंतजाम पर उठाए सवाल

कोविड-19 (COVID-19) से संक्रमित हुई पहली बॉलीवुड सेलिब्रिटी एवं गायिका कनिका कपूर (Kanika Kapoor) ने संक्रमण को रोकने संबंधी सरकारी इंतजाम पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि एक व्यक्ति पर नकारात्मकता थोपने से वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता.

पिछली 19 मार्च को संक्रमित पाए जाने के बाद आलोचना के घेरे में आई कनिका ने रविवार को एक ट्वीट किया कि जब वह लंदन (Landon) से मुंबई (Mumbai) लौटी थीं, उस वक्त उन्हें खुद को पृथक-वास में रखने की कोई सलाह नहीं दी गई थी और मुंबई से लखनऊ (Lucknow) आने पर उनकी कोई जांच तक नहीं की गयी.

 

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उन्होंने ट्वीट (Tweet) में कहा “मैं जिसके संपर्क में आई, चाहे वह ब्रिटेन हो, मुंबई हो या फिर लखनऊ, किसी में भी कोविड-19 के लक्षण नहीं पाए गए. बल्कि सच्चाई यह है कि उन सब की जांच रिपोर्ट में उनके संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हुई.” कनिका ने कहा, “किसी एक व्यक्ति पर नकारात्मकता थोपने से वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता.” माना जा रहा है कि उनका इशारा लखनऊ में कोरोना संक्रमण फैलाने को लेकर की गई अपनी आलोचना की तरफ था.

कनिका ने हवाई अड्डों पर संक्रमितों की जांच की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैं 10 मार्च को ब्रिटेन से मुंबई आई और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मेरी नियमित जांच हुई. उस वक्त मुझे ऐसा कोई परामर्श नहीं दिया गया कि मुझे खुद को पृथक-वास में रखने की जरूरत है. मुझे अपनी तबीयत जरा भी खराब नहीं लगी तो मैंने खुद को पृथक-वास में नहीं रखा.

“उन्होंने कहा,” मैं अगले दिन यानी 11 मार्च को अपने परिवार से मिलने लखनऊ गई. घरेलू उड़ानों के लिए उस वक्त तक जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी. उसके बाद 14 और 15 मार्च को मैंने अपने मित्र द्वारा दिए गए लंच और डिनर कार्यक्रम में शिरकत की. मैंने कोई भी पार्टी आयोजित नहीं की और मैं पूरी तरह से ठीक थी.”

कनिका ने ट्वीट किया,‘‘ मुझे 17 और 18 मार्च को कुछ लक्षणों का एहसास हुआ तो मैंने अपनी जांच का अनुरोध किया. मैं 19 मार्च को संक्रमित पाई गई और 20 मार्च को जब मुझे इस बारे में पता चला, तो मैंने अस्पताल जाना बेहतर समझा. मुझे तीन बार जांच में संक्रमित नहीं जाए जाने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई.” उन्होंने कहा “मैं उन डॉक्टरों और नर्सों का खासतौर पर शुक्रिया अदा करना चाहूंगी, जिन्होंने मेरे बेहद भावुक और कड़ी परीक्षा वाले लम्हों में मेरा बहुत ख्याल रखा.”

गौरतलब है कि गत 14 और 15 मार्च को लखनऊ में आयोजित कुछ पार्टियों में कनिका ने शिरकत की थी. इनमें उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह (Jai Pratap Singh), राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया (Vasundhara Raje Scindia)  और उनके सांसद पुत्र दुष्यंत (Dushyant Singh) सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. हालांकि इन सब की जांच रिपोर्ट में वे संक्रमित नहीं पाए गए थे.

गत 19 मार्च को कनिका के संक्रमित होने का पता चलने के बाद उनकी यह कहते हुए तीखी आलोचना की गई थी कि उन्होंने लंदन से लौटने पर हवाई अड्डा प्रशासन द्वारा खुद को पृथक-वास में रखने की सलाह न मानते हुए पार्टियां आयोजित कीं. इस मामले में कनिका के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था.

कनिका को लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई (SGPI) में भर्ती किया गया था और गत छह अप्रैल को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी. इस वक्त वह लखनऊ में अपने परिवार के साथ हैं.

PM Narendra Modi ने मुख्यमंत्रियों से कहा, COVID-19)की चुनौती को अवसर में बदलें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राज्यों से कहा कि प्रशासनिक सुधारों (Administrative Reforms) के माध्यम से कोविड-19 (COVID-19) की चुनौती को अवसर में बदलें और जमीनी हकीकत के आधार पर लॉकडाउन (Lockdown) में ढील देने के लिए वे अपनी नीतियां बनाएं. यह जानकारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackery) के कार्यालय ने बयान में कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस में मोदी ने संकेत दिए कि कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण तीन मई के बाद भी ज्यादा समय तक रह सकता है और लोगों को मास्क का प्रयोग और सैनिटाइजर्स ज्यादा समय तक इस्तेमाल करने की जरूरत है.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘‘हालांकि विस्तारित लॉकडाउन (Extended Lockdown) समय तीन मई को खत्म होगा, इसलिए हर राज्य को अपने वर्तमान कड़े दिशानिर्देशों में छूट शुरू करने की नीति पर निर्णय करना होगा. इसमें यातायात को अनुमति देने, बुजुर्गों को घर से बाहर आना है अथवा नहीं, दुकानों को कैसे खुलने की अनुमति देना है, आदि शामिल हैं.’’

प्रधानमंत्री ने राज्यों को सलाह दी कि अपने प्रशासन और नीतियों में सुधार लाकर वे वर्तमान चुनौतियों को अवसर में बदलने की संभावनाएं तलाशें. प्रधानमंत्री ने राज्यों से कहा, ‘‘यह अपराध नहीं है कि कुछ राज्यों में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं. बढ़ती संख्या के दबाव में नहीं आएं क्योंकि पूरा देश कोरोना वायरस की चुनौती का सामना कर रहा है.’’ भारत में लॉकडाउन का अंतिम सप्ताह चल रहा है और प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा कि देश को कोरोना वायरस से लड़ने के साथ ही साथ अर्थव्यवस्था को भी महत्व देना होगा. प्रधानमंत्री ने राज्यों को सलाह दी कि अपने प्रशासन और नीतियों में सुधार लाकर वे वर्तमान चुनौतियों को अवसर में बदलने की संभावनाएं तलाशें. प्रधानमंत्री ने राज्यों से कहा, ‘‘यह अपराध नहीं है कि कुछ राज्यों में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं. बढ़ती संख्या के दबाव में नहीं आएं क्योंकि पूरा देश कोरोना वायरस की चुनौती का सामना कर रहा है.’’

केंद्र सरकार ने बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस (Video Conference) में मोदी ने कोरोना वायरस से अत्यधिक संक्रमित क्षेत्रों में दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने के महत्व पर जोर दिया. 22 मई के बाद उन्होंने चौथी बार मुख्यमंत्रियों के साथ वार्ता की है. इसने कहा कि प्रधानमंत्री ने बताया कि लॉकडाउन के ‘‘सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं क्योंकि पिछले डेढ़ महीने में देश में हजारों जिंदगियां बचाई गई हैं.’’ केंद्र सरकार ने बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस में मोदी ने कोरोना वायरस से अत्यधिक संक्रमित क्षेत्रों में दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने के महत्व पर जोर दिया. 22 मई के बाद उन्होंने चौथी बार मुख्यमंत्रियों के साथ वार्ता की है.

जब तक मैं मुख्यमंत्री हूं, बाहर फंसे बंगाल के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं : Mamata Banerjee

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) पर काबू के लिए लागू लॉकडाउन (Lockdown) के कारण राज्य से बाहर फंसे लोगों को हरसंभव मदद का सोमवार को आश्वासन दिया और कहा कि उन लोगों तक पहुंचने के लिए किए जा रहे प्रयायों की वह व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगी.


ममता ने ट्विटर (Twitter) पर कहा कि राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) शहर में फंसे छात्रों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है और वे जल्द ही अपने घर लौटने के लिए यात्रा शुरू करेंगे.उन्होंने जोर दिया कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, पश्चिम बंगाल के कहीं भी फंसे लोगों को असहाय महसूस करने की जरूरत नहीं है.

ममता ने ट्वीट किया, ‘‘पश्चिम बंगाल सरकार लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे बंगाल के लोगों को घर लौटने में हरसंभव मदद शुरू करेगी. मैंने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ज़रूरतमंदों की मदद करें. जब तक मैं यहां हूं, बंगाल के किसी भी निवासी को असहाय महसूस नहीं करना चाहिए. मैं इन कठिन समय में आपके साथ हूं.’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी कर रही हूं और हम यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे कि सभी को जरूरी मदद मिले. प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और कोटा में फंसे बंगाल के सभी छात्र जल्द ही अपने घर लौटेंगे.’’

पिछले हफ्ते, मुख्य सचिव राजीव सिन्हा (Rajiv Sinha) ने कोटा में फंसे लगभग 5,000 छात्रों को वापस लाने में असमथर्तता जतायी थी. उन्होंने कहा था कि इस समय उन्हें ला पाना संभव नहीं है. कोटा इंजीनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए तैयारी कराने वाले संस्थानों का एक प्रमुख केंद्र है.सिन्हा ने छात्रों और उनके परिवारों से “कुछ और दिनों के लिए धैर्य रखने” का आग्रह किया था.

Maharashtra में COVID-19 से एक और पुलिसकर्मी की गई जान, 3 दिन में तीसरी मौत

देश में तेज़ी से फैल रहे कोरोना (Coronavirus) संकट के बीच मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. जहां एक तरफ़ देश में कोरोना से संक्रमित मरीज़ों का आंकड़ा बढ़कर 28 हजार के पार पहुंच गया है और तो वहीं अब तक 850 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में एक और पुलिसकर्मी की इस वायरस की वजह से जान चली गई. मुंबई पुलिस ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है.

मुंबई पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ‘कुर्ला ट्रैफिक डिवीजन से एचसी शिवाजी नारायण सोनवने (56) के निधन के बारे में सूचित  करते हुए हमें खेद है. एचसी सोनवणे कोरोनावायरस से जूझ रहे थे. हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं.

आपको बता दें कि राज्य में 100 से भी ज़्यादा पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं. इससे पहले मुम्बई पुलिस से जुड़े दो हेड कॉन्स्टेबलों की कोरोना के वजह से मृत्यु हो गई. लॉकडाउन के दौरान राज्य में करीब 150 पुलिस कर्मियों पर हमले भी हो चुके हैं. इन मामलों में 482 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. रविवार तक राज्य में 107 पुलिस कर्मी कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)  ने रविवार को कहा था कि ‘दो पुलिस कॉन्स्टेबलों की मृत्यु हुई है. यह दुख की बात है. उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. मैं बार-बार संयम रखने की बात करता हूं. हर जगह कुछ होने पर सबसे पहले लोग पुलिस पर आरोप लगाते हैं. यह पुलिस दिन रात हमारे लिए काम करती है. कोरोना के लिए लड़ते-लड़ते उनकी मृत्यु हुई.”

ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र पुलिस ने अब तक लॉकडाउन के उल्लंघन में 72698 मामले दर्ज किए हैं. राज्य में 15434 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. पुलिस कंट्रोल रूम में अब तक कोरोना संबंधित शिकायत और मदद के लिए 78474 फोन कॉल भी आए हैं.

Uttar Pradesh के स्कूलों में नहीं बढ़ेगी फीस, योगी सरकार के आदेश से अभिभावकों को मिलेगी राहत

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Government) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को लेकर लॉकडाउन (Lockdown) से जूझ रहे प्रदेश के लाखों अभिभावकों को बड़ी राहत दी है. कोरोना महामारी को लेकर सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों को सत्र 2020-21 में फीस नहीं बढ़ाने का आदेश दिया है. शासन की तरफ से सोमवार को इस बाबत यूपी के सभी जनपदों के डीएम (DM) को आदेश जारी कर दिया गया. इस आदेश में कहा गया है कि यूपी में संचालित सभी बोर्ड के स्कूल शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए शुल्क वृद्धि नहीं करें. साथ ही 2019-20 में जिस फी-स्ट्रक्चर के तहत छात्रों का एडमिशन लिया गया था, नए सत्र में भी उसी आधार पर सबको प्रवेश दिया जाए. प्रदेश के सभी जिलों के डीएम को कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाए.

यूपी के स्कूलों में फीस (Fees) वृद्धि संबंधी आदेश को लेकर सरकार ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए अभिभावकों को फीस जमा करने में दिक्कत आ रही है. लॉकडाउन के कारण कुछ छात्र-छात्राओं के रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है. ऐसे में कई अभिभावकों के लिए बढ़ी हुई स्कूल फीस देना संभव नहीं है. इन स्थितियों को देखते हुए ही सरकार ने फीस वृद्धि न करने का आदेश जारी किया है. प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला (Aradhana Shukla) की ओर से जारी इस आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि जनहित और छात्रहित को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है. इसलिए सभी जिलों के डीएम को इस आदेश का पालन कड़ाई से कराने को कहा गया है.

प्रमुख सचिव की ओर से जारी आदेश में इस बात की भी ताकीद की गई है कि अगर स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस अभिभावकों से ले ली है, तो अगले शैक्षणिक सत्र में इसे एडजस्ट करना होगा. सरकार के आदेश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि यदि किसी स्कूल ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में फीस बढ़ोतरी कर बढ़ी दर से शुल्क ले लिया है, तो आगामी महीनों में यह अतिरिक्त शुल्क समायोजित की जाए. आपको बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए यूपी समेत पूरे देश में लॉकडाउन है. ऐसे में राज्य के सभी स्कूल बंद हैं. कुछ स्कूलों में लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जरूर शुरू की गई हैं, लेकिन इसी बीच निजी स्कूलों में फीस वृद्धि को लेकर कई शहरों से शिकायतें आई थीं. इन शिकायतों को देखते हुए ही सरकार ने यह आदेश जारी किया है.

Maharashtra Cabinet ने एक बार फिर राज्यपाल से की सिफारिश, CM Uddhav Thackeray को MLC मनोनीत करने को कहा

महाराष्ट्र( Maharashtra) के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari ) पर दबाव बनाते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को एक बार फिर उनसे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को विधान परिषद सदस्य (MLC) मनोनीत करने को कहा. उद्धव ठाकरे ने पिछले साल 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद संभाला था और अब उन्हें पद पर बने रहने के लिए एक महीने के भीतर ही विधानमंडल का सदस्य बनना होगा. अब तक वह राज्य विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं.

उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि भगत सिंह कोश्यारी से विधान परिषद में राज्यपाल की ओर से मनोनीत किए जाने वाले दो सदस्यों में से एक सदस्य के तौर पर उद्धव ठाकरे को मनोनीत किए जाने की सिफारिश की जाए. इससे पहले भी इस महीने की शुरुआत में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्यपाल से ऐसा ही निवेदन किया गया था. कोरोना वायरस (Corona Virus) महामारी की वजह से सभी चुनाव टाले जाने की वजह से ठाकरे चुनाव लड़कर विधायक नहीं बन पाए हैं.

उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत करने को लेकर अब तक कोश्यारी ने मंजूरी नहीं दी है. ऐसे में शिवसेना सांसद संजय राउत ने देरी को लेकर पार्टी के मुखपत्र सामना (Samana) में लिखे लेख में रविवार को बीजेपी (BJP) के केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साधा था.

भारत में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में हैं. यहां अब तक कुल 8590 मामले सामने आ चुके हैं. पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में 522 नए मामले सामने आए हैं और 27 लोगों की मौत हुई है. वहीं इलाज के बाद पूरी तरह से रिकवर हो जाने के बाद सोमवार को 94 लोगों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया. राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministery) के मुताबिक, महाराष्ट्र में अब तक 369 लोगों की इस वायरस के वजह से मौत हो चुकी है. अब तक राज्य में 1282 मरीज ठीक हो कर घर लौट चुके हैं. सिर्फ मुंबई (Mumbai) में कोरोना मरीजों की संख्या 5776 है.

COVID-19: Maharashtra में मरीजों की संख्या 8500 के पार, एक दिन में 27 लोगों की मौत

महाराष्ट्र (Maharashtra) और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) कोरोना संक्रमण का हॉटस्पॉट बना हुआ है. सोमवार की शाम को महाराष्ट्र सरकार के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Coronavirus) मरीजों की संख्या 8590 पहुंच गई है. राज्य में अब तक 369 लोगों की मौत हुई है. अब तक राज्य में 1282 मरीज ठीक हो कर घर लौट चुके हैं. मुंबई में कोरोना मरीजों की संख्या 5776 पहुंची है. मुंबई में अब तक कोरोना वायरस से 219 लोगों की मौत हुई है.

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में 522 नए मामले सामने आए हैं. पिछले 24 घंटे में 27 लोगों की मौत हुई है, 94 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं और 27 कोरोना मरीजों की मौत हुई है. इनमें से 15 मौत मुंबई में हुई है. पिछले 24 घंटे में जिन 27 लोगों की मौत हुई है उसमें 15 पुरुष और 12 महिलाएं हैं.

कुल 27 मृतकों में से 13 मृतकों की उम्र 60 साल से अधिक है जबकि 8 मरीजों की उम्र 40 से 59 साल के बीच है. इन 27 मृतकों में से 22 मरीजों को पहले से मेडिकल बीमारी जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन, अस्थमा, दिल की बीमारी भी इत्यादि था. एक मरीज को एचआईवी था और एक कैंसर पीड़ित मरीज भी था.

अब तक महाराष्ट्र राज्य में 1,45,677 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है जबकि 9, 399 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वॉरन्टीन किया गया है. मुंबई में महानगर पालिका के 24 वार्ड है जिसमे से 6 वार्ड में कोरोना मरीजों की संख्या 300 से अधिक है.

बीएमसी (BMC) कोरोना रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में आज कोरोना के 395 मरीज पॉजिटिव पाए गए. अब तक मुंबई में 5589 कोरोना मरीज पाए गए हैं. 118 कोरोना पॉजिटिव मरीज इलाज के बाद स्वास्थ्य हो गए. अब तक 1015 कोरोना पॉजिटिव मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं.

Corona Crisis के बीच म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) के लिए RBI ने दिए 50 हजार करोड़

कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच केंद्रीय रिजर्व बैंक ( Reserve Bank of India) ने म्युचुअल फंड सेक्टर को बड़ी राहत दी है.रिजर्व बैंक ने म्यूच्युअल फंड निवेशकों ( Mutual Fund Investors) को 50 हजार करोड़ रुपए की स्पेशल लिक्विडिटी फैसिलिटी ( Special Liquidity Facility)  के तहत दिए हैं. ग़ौरतलब है कि  म्युच्युअल फंड सेक्टर को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था.

हाल ही में शीर्ष Mutual Fund कंपनियों में शुमार फ्रैंकलिन टेंपलटन (Franklin Templeton) ने अपनी 6 स्कीम्स को बंद कर दिया था. इसी के बाद से बाजार में एक हलचल थी कि निवेशक कहीं अपनी स्कीम्स से पैसा ना निकाल लें. इसीलिए निवेशकों को भरोसा देने और म्युच्युअल फंड सेक्टर की मदद के लिए आरबीआई ने इस पैकेज का एलान किया है.

आरबीआई की ओर से 50 हजार करोड़ रुपये के एलान के जरिए आरबीआई यह संकेत देना चाहती है कि आप घबराएं नहीं. सरकार, आरबीआई और बाकी संस्थाएं सभी सेक्टर को लेकर चिंतित हैं. माना जा रहा है कि आरबीआई आगे भी कुछ और पैसे का एलान कर सकता है.

इससे पहले भी आरबीआई पैकेज का एलान और रेपो रेट को कम करके आम लोगों को राहत दे चुका है. रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस महामारी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष उपस्थित चुनौतियों को दूर करने के लिये राहत के उपायों की दूसरी किस्त की घोषणा की थी. इसमें रिजर्व बैंक ने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) के प्रावधानों में ढील देने, बैंकों को लाभांश भुगतान से छूट देने और बैंकों को अधिक कर्ज बांटने में सक्षम बनाने के लिये रिवर्स रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती करने समेत कई उपाय किये थे.

पवन सिंह और मोनालिसा का रोमांस से भरा वीडियो वायरल, 5 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने देखा

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन सिंह (Pawan Singh) के गानों को काफी ज्यादा पसंद किया जाता है. इस समय पवन सिंह की भोजपुरी फिल्म ‘पवन राजा’ का एक रोमांटिक गाना काफी पसंद किया जा रहा है.

यह गाना है ‘दिया गुल कर…’ इस गाने को भोजपुरी सिनेमा के किंग कहे जाने वाले पवन सिंह और भोजपुरी सिंगर इंदु सोनाली ने गाया है. इसके बोल मनोज मतलबी ने लिखे हैं और अवनीश झा ने संगीत दिया है.

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन सिंह (Pawan Singh) के गानों को काफी ज्यादा पसंद किया जाता है. रिलीज होते ही उनके गाने यूट्यूब पर छा जाते हैं. इस समय पवन सिंह की भोजपुरी फिल्म ‘पवन राजा’ का एक रोमांटिक गाना काफी पसंद किया जा रहा है.

यह गाना है ‘दिया गुल कर…’ इस गाने को भोजपुरी सिनेमा के किंग कहे जाने वाले पवन सिंह और भोजपुरी सिंगर इंदु सोनाली ने गाया है. इसके बोल मनोज मतलबी ने लिखे हैं और अवनीश झा ने संगीत दिया है.

इस गाने में मोनालिसा (MonalisaM) और पवन सिंह का भरपूर डांस और रोमांस दिखाया गया है. हालांकि, एक दो बार भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह (Akshara Singh) भी गाने में नजर आती हैं. इस गाने को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं. यू-ट्यूब (You Tube) पर गाने के रोमांटिक वीडियो को 5 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है.

इस गाने में मोनालिसा और पवन सिंह का भरपूर डांस और रोमांस दिखाया गया है. हालांकि, एक दो बार भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह भी गाने में नजर आती हैं. इस गाने को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं. यू-ट्यूब पर गाने के रोमांटिक वीडियो को 5 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है.