Home Blog Page 233

सुनील गावस्कर ने भारत और आस्ट्रेलिया के बीच T20 World Cup की अदला बदली का प्रस्ताव रखा

सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के मामले थमने की स्थिति में भारत आस्ट्रेलिया के साथ T20 विश्व कप (T20 World Cup) की अदला बदली कर सकता है और 2021 की जगह इस साल इस टूर्नामेंट का आयोजन कर सकता है.

कोविड-19 (Covid-19) के कारण दुनिया भर में खेल प्रतियोगितांए ठप्प पड़ी हैं और इससे आस्ट्रेलिया (Australia) में 18 अक्टूबर से 15 नवंबर तक होने वाले T20 विश्व कप पर भी संशय के बादल छा गए हैं. भारत को 2021 में T20 विश्व कप की मेजबानी करनी है.

गावस्कर ने ‘इंडिया टुडे’ से कहा, ‘‘जैसा कि हम सभी को पता है आस्ट्रेलिया ने 30 सितंबर तक देश में विदेशियों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है. टूर्नामेंट अक्टूबर के मध्य में शुरू होगा इसलिए फिलहाल इसका आयोजन मुश्किल लगता है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगले साल T20 विश्व कप भारत में होना है. अगर भारत और आस्ट्रेलिया समझौता करते हैं और भारत में कोविड-19(Covid-19)  मामलों की संख्या थम जाती है तो वे टूर्नामेंट की अदला बदली कर सकते हैं. यह भारत में इस साल अक्टूबर-नवंबर में हो सकता है और आस्ट्रेलिया में अगले साल लगभग इसी समय.’’

गावस्कर ने कहा आईपीएल (IPL) को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है लेकिन इसके सितंबर में आयोजन की संभावना है.

साथ ही उन्होंने कहा कि ‘‘अगर ऐसा होता है तो T20 विश्व कप के ठीक पहले आईपीएल का आयोजन हो सकता है जिससे कि खिलाड़ियों को पर्याप्त अभ्यास मिल जाए। इसके बाद आप नवंबर में टी20 विश्व कप और दिसंबर में यूएई (UAE) में एशिया कप (Asia Cup) का आयोजन कर सकते हो। दिसंबर यूएई में टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए काफी बेहतर समय है.’’

शिवराज सिंह चौहान ने किया पांच सदस्यीय मंत्रिपरिषद का गठन, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने शपथ लेने के 29 दिन बाद मंगलवार को पांच सदस्यीय मंत्रिपरिषद का गठन किया. कोरोना वायरस ( Coronavirus) को फैलने से रोकने के लिए लगे लॉकडाउन(Lockdown)के बीच राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) ने राजभवन में एक छोटे एवं सादे समारोह में इन सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.

शिवराज सिंह चौहान ने जिन पांच सदस्यों को अपने मंत्रिपरिषद में शामिल किया है उनमें तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat), गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput), नरोत्तम मिश्रा(Narottam Mishra), मीना सिंह (Meena Singh) एवं कमल पटेल (Kamal Patel) शामिल हैं. इनमें से तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के समर्थक हैं.

ये दोनों कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे और सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद उन 22 विधायकों में शामिल थे जो कांग्रेस (Congress) छोड़ कर भाजपा (BJP) में शामिल हुए थे. आज शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों में एक ब्राह्मण :मिश्रा:, एक क्षत्रिय :राजपूत:, एक अनुसूचित जाति :सिलावट:, एक अनुसूचित जनजाति एवं एक अन्य पिछड़ा वर्ग :पटेल: से हैं और इस प्रकार चौहान ने इस विस्तार में जातीय समीकरण को ध्यान में रखा है.

 

 

COVID-19: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के 153 नए केस, कुल मामलों की संख्या 1337 हुई

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 1154 एक्टिव मामले हैं क्योंकि सामने आए कुल 1337 मामलों में से 162 लोगों को स्वस्थ होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है. जबकि 21 लोगों की संक्रमण के कारण मौत हो गई है. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन में यह जानकारी दी गई. हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि राज्य में मंगलवार को कुल 153 नए कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं.

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद (Amit Mohan Prasad) ने  बताया कि कल 3039 नमूने जांच के लिए भेजे गये, जिसमें से 2800 नमूनों की जांच की गयी. अब तक 34,285 लोगों के नमूनों की जांच की गई जिनमें से 32,991 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है. 1,242 लोगों को पृथक वार्ड में रखा गया है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 15 जांच प्रयोगशाल हैं.

इससे पहले अपर मुख्य सचिव गृह और सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया ‘‘आपात सेवा कहां हो, और कहां पर नहीं, इसका निर्धारण चिकित्सा विभाग ने कर दिया है. अगर कहीं कोई बीमार है तो किसी भी सूरत में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित अस्पतालों के अलावा और कहीं भी न जाएं. किसी भी गैर अनुमोदित अस्पताल के आपात वार्ड में न जाएं.”

उन्होंने कहा, ”गैर अनुमोदित अस्पताल के आपात वार्ड में जाने पर उन अस्पतालों से दूसरों को भी खतरा हो सकता है. केवल जहां पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ हैं, वहीं आपात सेवाओं की अनुमति दी गयी है. इस बारे में शासनादेश भी जारी हो चुका है.” अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड—19 के उपचार के लिये ‘प्लाज्मा थेरेपी’ के बारे में आयी खबरों के मद्देनजर राज्य में भी इस थेरेपी पर काम करने के लिये प्रोत्साहित किया. मुख्यमंत्री को यह बताया गया कि प्रदेश में दो जगह इस थेरेपी पर काम हो रहा है.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने आज ‘टीम-11’ की बैठक में इस बात पर जोर दिया कि पृथक-वास में रखे गये लोगों को भी आवश्यक दूरी बनाये रखने की जरूरत है. रायबरेली में पृथक रखे गये लोगों की एक बार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद दोबारा हुई जांच में वे कोविड-19 संक्रमित पाये गये हैं. अवस्थी के मुताबिक योगी ने कहा कि हॉटस्पॉट घोषित किये गये इलाकों में पूरी टेस्टिंग हो और उनके बाहर भी टेस्टिंग करायी जाए. जिन क्षेत्रों में आवश्यकता हो तो उसमें ‘पूल टेस्टिंग’ करायी जाए. चूंकि कानपुर में टेस्टिंग का भार ज्यादा है, इसलिये वहां विशेष व्यवस्था की जाए.

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ लोग आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कर चुके हैं. यह एक बड़ी उपलब्धि है. ऐप में जो अलर्ट देने की व्यवस्था है, तो लगभग 200 अलर्ट भी आ चुके हैं. इसका वास्तविक उपयोग भी स्वास्थ्य विभाग और सम्बन्धित जिलाधिकारी करेंगे. साथ ही इस ऐप के उपयोगकर्ताओं के लिये भी यह उपयोगी होगा.

 

Coronavirus : महाराष्ट्र में 5,218 पहुंची मरीजों की संख्या, मुंबई-पुणे को लॉकडाउन में दी गई छूट वापस

महाराष्ट्र (maharashtra) में कोरोना वायरस (Coronavirus) रोज नए रेकॉर्ड बना रहा है. मंगलवार को भी राज्य में 500 से ज्यादा मरीज पाए गए जिसके बाद महाराष्ट्र में कुल मरीजों की संख्या 5,218 हो गई है. इस तरह देश के एक चौथाई से ज्यादा मामले अकेले महाराष्ट्र में हैं.

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से अब तक कुल 251 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि कुल मरीजों में से अब तक 722 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं. इस तरह राज्य में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 4,245 है. मुंबई (Mumbai) और पुणे (Pune) में महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन (lockdown) से जो राहत दी थी उसे अब रद्द करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और पुणे में लॉकडाउन के दौरान दी गई राहत और छूट को वापस लेने का फैसला लिया है क्योंकि लोग मनमाने ढंग से बर्ताव कर रहे हैं. राज्य के बाकी हिस्सों में आंशिक ढील मिलती रहेगी.’ सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने जब कुछ सहूलियत दी तो भारी संख्या में लोग सड़कों पर निकले थे.

मुंबई से सटे कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र में तेजी से कोरोना वायरस बढ़ रहा है. मंगलवार को 7 नए मरीजों की पुष्टि की गई, जिसके बाद कल्याण-डोंबिवली में कुल मरीजों की संख्या 85 हो गई है. अब तक मरने वालों की संख्या तीन है. यहां कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 4 दिन में 25 नए मरीज पाए गए हैं.

Coronavirus पर सलमान खान का गाना ‘प्यार करोना’ रिलीज, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान (Salman Khan) का कोरोना वायरस  (Coronavirus) को लेकर जागरुकता फैलाने के लिए एक गाना ‘प्यार करोना'(Pyar Karona)  म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुआ है. जिसे लोग काफ़ी पसंद भी कर रहे है.

सलमान ने अपने सोशल अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह ‘प्यार करोना’ गाना गाते हुए नजर आ रहे हैं. गाने को शेयर करते हुए सलमान खान ने लिखा, “इमोशनली पास रहो और फिजिकली दूर रहो ना… प्यार करोना.”इस गाने को साजिद नाडियाडवाला ने कंपोज किया है और इसके बोल खुद सलमान ने हुसैन दलाल के साथ मिलकर लिखे हैं. कोरोना पर लिखे इस गाने में सलमान लोगों को जागरूक कर रहे हैं

आपको बता दें कि सलमान खान लॉकडाउन के कारण अपने पनवेल के फार्म हाउस पर फंसे हुये हैं और सोशल मीडिया के जरिए लगातार अपने फैंस को घर में रहने की अपील कर रहे है.

Lockdown के दौरान अनुष्का-विराट लूडो के ज़रिए लोगों को दिया ये संदेश

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण देशभर में चल रहे (Lockdown) के दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) और टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohali) लूडो खेल रहे हैं. अनुष्का ने शनिवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें वे विराट और माता-पिता के साथ ऑनलाइन लूडो खेलती हुई नज़र आ रही हैं.

इस फोटो में साफ़ देखा जा सकता है कि विराट और अनुष्का के माता-पिता खेल में उनसे आगे हैं, जबकि अनुष्का के सभी चार पीस अभी भी घर के अंदर हैं. खुश होकर अपनी हार को मजेदार तरीके से स्वीकार करते हुए अनुष्का ने लिखा, “मैं हार नहीं रही हूं .. मैं घर पर रह रही हूं और सामाजिक दूरी का अभ्यास कर रही हूं.”

गौरतलब है कि विराट और अनुष्का सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और अपने फैंस के बीच अपनी एक्टिविटी को शेयर करते रहते हैं. अनुष्का शर्मा ने हाल ही में एक वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है, जिसमें वह अपने पति और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कोहली को चिढ़ाती हुई नजर आ रही हैं. वीडियो में अनुष्का विराट कोहली को आवाज़ देती हैं और कहती हैं, ‘कोहली..कोहली.. ए कोहली चौका मार ना, क्या कर रहा है?’ फिर विराट उनकी तरफ गुस्से में देखते हैं और बिना कुछ बोले शांत हो जाते हैं. दोनों का ये मजेदार वीडियो फैन्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

वीडियो शेयर करते हुएअनुष्का ने लिखा, “मुझे लगा इन दिनों विराट कोहली क्रिकेट को बहुत ज्‍यादा मिस कर रहे होंगे, क्‍योंकि मैदान पर लाखों फैंस का उन्‍हें प्‍यार मिलता है. वो जरूर एक खास तरफ के फैन को मिस कर रहे होंगे.. तो मैंने सोचा मैं ही उन्हें ये अनुभव करवा दूं.”

Vijay Mallya को बड़ा झटका, हाईकोर्ट से खारिज हुई प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका

मनी लॉन्ड्रिंग केस भगोड़ा घोषित किए जा चुके शराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) को लंदन हाइकोर्ट (London High Court)  से आज एक बड़ा झटका लगा है. लंदन के रॉयल कोर्ट आफ जस्टिस में लॉर्ड जस्टिस स्टीफन इर्विन और जस्टिस एलिजाबेथ लाइंग के दो सदस्यीय बेंच ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है.

विजय माल्या ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इसी साल फरवरी महीने में 64 वर्षीय माल्या ने यह याचिका दायर की थी. भारत में कई बैंकों से माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा उधार लिए गए 9,000 करोड़ रुपये के वित्तीय अपराधों के लिए विजय माल्या वांटेड है.

कहा जा रहा है कि हाईकोई से इस याचिका के खारिज हो जाने के बाद विजय माल्या के पास प्रत्यर्पण पर अंतिम निर्णय का मामला अब वहां की गृह सचिव प्रीति पटेल के पास जाएगा.


आपको बता दें कि माल्या ने 31 मार्च को अपने ट्वीट में कहा था, ‘मैंने बैंकों को लगातार उनके पूरे पैसे चुकाने के लिए ऑफर किया है. न तो बैंक पैसे लेने में तैयार रहे हैं और ना ही प्रवर्तन निदेशालय संपत्तियों को छोड़ने के लिए. काश! इस समय वित्त मंत्री मेरी बात को सुनतीं.’

ग़ौरतलब है कि  भारत में प्रत्यर्पण के संबंध में अप्रैल 2017 में​ माल्या को​ गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, इसके बाद तुरंत बेल मिल गयी. इसके बाद अक्टूबर 2017 में ही एक बार फिर गिरफ्तार किया गया. यह गिरफ्तारी प्रर्वतन निदेशालय के एक एफिडेविट के आधार पर की गई थी. दिसंबर 2018 में यूके कोर्ट ने विजय माल्या को प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया. इसके बाद प्रीवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग कोर्ट ने विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था.

Palghar Mob Lynching पर केंद्र ने उद्धव सरकार से मांगी रिपोर्ट, दो पुलिसकर्मी बर्खास्त

महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की मॉब लिंचिंग मामले में 101 लोगों को हिरासत में लेने के साथ ही पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक़ घटना की जांच कर रहे कोंकण रेंज के आईजी ने कासा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज और सेकेंड ऑफिसर को निलंबित कर दिया है. वहीं गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार से इस मामले रिपोर्ट तलब की है. सूत्रों के मुताबिक, इस रिपोर्ट में पूछा गया है कि सरकार की ओर से क्या-क्या कार्रवाई की गई है?

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में साधुओं की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने हत्या पर नाराजगी जताई है. परिषद के अध्य्क्ष नरेंद्र गिरी महराज ने ऐलान किया है कि लॉक डाउन के बाद नागाओं की फौज महाराष्ट्र कूच करेगी. उनका आरोप है कि महराष्ट्र में रावण राज चल रहा है.

नरेंद्र गिरी महराज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने साधुओं को मारने के लिए सुपुर्द कर दिया. ऐसी वीभत्स हत्या, ऐसी दर्दनाक मौत पर मुझे आश्चर्य है कि यह मनुष्य नहीं कर सकता. यह राक्षस हैं और राक्षस लोग ही ऐसा कर सकते हैं. मुझे लगता है महाराष्ट्र में अब रावण राज आ गया है, उद्धव ठाकरे का राज नहीं है रावण राज है.

दरसल बीते 16-17 अप्रैल की रात पालघर के गड़चिनचले गांव में मुंबई से सूरत जा रहे दो साधु और उनका ड्राइवर मॉब लिंचिंग का शिकार हो गए थे। ये लोग मुंबई से सूरत अपने गुरू के अंतिम संस्कार में जा रहे थे.बताया जा रहा है कि  लॉकडाउन के चलते पुलिस ने साधुओं को हाइवे पर जाने से रोक दिया. फिर इको कार में सवार साधु ग्रामीण इलाके की तरफ मुड़ गए जहां मॉब लिंचिंग के शिकार हो गए. पुलिस की माने तो अफवाह के कारण साधु और ड्राइवर भीड़ के शिकार हुए. भीड़ ने चोर समझ कर साधुओं की गाड़ी रोकी थी. मौके पर फौरन पुलिस भी पहुंची, लेकिन लाठी-डंडों- कुल्हाड़ी और दूसरे हथियारों से लैस 200 की भीड़ के आगे पुलिसवालों की एक नहीं चली

Source : आजतक

Lockdown-2.0: जानिए 20 अप्रैल से किन सेवाओं में मिलेगी छूट और किसके लिए करना होगा इंतज़ार ?

केंद्र सरकार की तरफ से 16 अप्रैल को गाइडलाइन जारी की गई थी जिनमें बताया गया था कि 20 अप्रैल से कृषि क्षेत्रों से जुड़े कार्य चालू रहेंगे. बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन, प्राइवेट गार्ड, किसानों से जुड़े हर तरीके के काम, आनलाइन जरूरी सामान डिलेवरी हो सकेगी. पहले जरूरी सेवाएं ही थीं छूट के दायरे में लेकिन अब छोटे उद्योग, छोटे काम से जुड़े लोग, छोटी दुकानें और आम जरूरत से जुड़े व्यवसायिक संस्थान शामिल है.

ग्रामीण इलाकों को खास खयाल रखा गया है इसीलिए वहां पर मनरेगा, कंसट्रक्शन, छोटी प्रोडक्शन यूनिट, ईंट बनाने का काम, वहां पर जरूरत से जुड़ी दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई. ग्रामीण इलाकों में फैक्ट्रियों के भी खोलने की अनुमति दी गई है.कर्मचारियों से काम की आड़ में कोरोना वायरस खतरे के मापदंडों का उल्लंघन न हो इसके लिए खास नियम बनाए गए हैं, ये नियम फैक्ट्री और वर्क प्लेस के लिए हैं इसका पालन न होने की सूरत में सजा का प्रावधान हैं. मास्क पहनना अनिवार्य होगा और थूकने पर पाबंदी है.

यातायात के मामले में आप चार पहिया गाड़ी यानी कार में ड्राइवर के अलावा केवल एक व्यक्ति बैठ सकेगा, जबकि दोपहिया वाहनों पर केवल ड्राइवर बैठ सकेगा. साथ ही क्वॉरेंटाइन जिन लोगों किया गया है अगर वह उसका अनुपालन नहीं करते हैं तो आईपीसी की धारा 188 के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जिला मजिस्ट्रेट को भी कहा गया है कि वे कड़ाई से नियमों का पालन कराएं.

लॉक डाउन के दूसरे चरण में 20 अप्रैल से ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के लोगों को राहत देने के लिए छोटे वित्तीय संस्थानों के भी संचालन की अनुमति सरकार ने दी. इसमें कॉपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी, नॉन बैंकिंग फाइनेंसियल इंस्टिट्यूशन, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी शामिल हैं जो कि मिनिमम स्टाफ के साथ आपरेट कर सकेंगी.

ग्रामीण इलाकों में आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के काम की भी अनुमति सरकार ने दी. इसके अलावा बैंबू कोकोनट ट्राइबल इलाकों में माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस से जुड़े कामों की भी अनुमति दी. लाकडाउन के दौरान ई कामर्स कंपनियां सिर्फ जरूरी सामानों की सप्लाई कर सकेंगी. वहीं गैर जरूरी सामानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा.

माइग्रेंट लेबर यानी दिहाड़ी मजदूर को बड़ी राहत, लॉक डाउन के दूसरे चरण में जिन कामों में रियायत दी गई है. उसमें उसका इस्तेमाल किया जा सकता है अगर राज्य सरकार को उचित लगता है तो लेकिन यह काम कुछ शर्तों के साथ होगा, इनके स्वास्थ्य की पूरी जांच होनी चाहिए, प्रदेश के बाहर इनका मूवमेंट नहीं होना चाहिए, और इनका स्किल टेस्ट होना चाहिए.

 

भारत में कोरोना वायरस से मृत्यु की दर 3.3 फीसदी, 47 जिलों में नहीं आया नया केस- स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारत में कोविड-19 से मृत्यु की दर करीब 3.3 फीसदी है जबकि अब तक 13 फीसदी से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं. मंत्रालय की तरफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मृत्यु दर की जानकारी दी गई.

देश में कोविड-19 की स्थिति को लेकर आयोजित दैनिक संवाददाता सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, “आंकड़े दर्शाते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों में 14.4 फीसदी 0-45 आयु वर्ग के थे, 10.3 फीसदी 45-60 वर्ष के, 33.1 फीसदी 60-75 वर्ष के और 42.2 फीसदी 75 या उससे अधिक आयु के थे.”

अग्रवाल ने कहा, “हमने पाया कि मरने वालों में 75.3 फीसदी 60 वर्ष या अधिक उम्र के थे और 83 फीसदी मामलों में मरीज अन्य रोगों से भी ग्रस्त थे.” केंद्र सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक शनिवार की शाम तक कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 488 हो गई जबकि संक्रमितों की संख्या 14,792 हो गई है.

अग्रवाल ने कहा, “23 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के 47 जिलों में कोरोना वायरस का कोई का कोई नया मामला नहीं आया. कर्नाटक में कोडागू और पुडुचेरी में माहे नए जिले हैं जिन्हें इस सूची में शामिल किया गया है. इन जिलों में पिछले 28 दिनों में नए मामले सामने नहीं आए हैं.”