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आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों में चरम पर पहुंची गुटबाजी, अधिकारी ने लगाई फटकार

महराजगंज जिले की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां इस समय दो खेमों में बंटी नजर आ रही हैं। एक खेमे की जिलाध्यक्ष छाया भारती को माना जाता हैं, तो वहीँ दूसरे खेमे की जिलाध्यक्ष अमीरुन निशा हैं। लेकिन जब अचानक बिना अनुमति अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अमीरुन निशा ने आंगनवाड़ी कर्मचारीयों एवं कार्यकत्रियों को साथ लेकर धरना शुरू कर दिया, तो उन्हें जिला  कार्यक्रम अधिकारी के गुस्से का सामना करना पड़ा। जिसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने भी तत्काल धरना समाप्त कर दिया।

 

गौरतलब है कि पोषण माह में बिना अनुमति अपनी विभिन्न मांगों को अमीरुन निशा द्वारा धरना प्रदर्शन किये जाने की खबर जैसे ही जिला कार्यक्रम अधिकारी विजेंद्र जायसवाल  को मिली, तो वे तुरंत धरना स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मचारियों एवं कार्यकत्रियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि पोषण माह में फील्ड में रहने के बजाय धरना देना ठीक नहीं है। साथ ही यह भी पूछा कि किसकी इजाजत से धरना दिया जा रहा है?  जिला कार्यक्रम अधिकारी के गुस्से को देखते हुए आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं अन्य कर्मचारियों ने चुप्पी साध मुंह छिपाना शुरू कर दिया।

 

प्रभारी जिला कार्यक्रम आधिकारी विजेंद्र जायसवाल यहीं नहीं रुके, उन्होंने सख्त लहजे में फटकार लगाते हुए सभी से तत्काल धरना खत्म कर अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाने को कहा और ऐसा न करनेवालों  पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी तक दे डाली। जिसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने भी तत्काल धरना समाप्त कर दिया।

(शिवरतन कुमार गुप्ता (राज़) की रिपोर्ट)

गीता गोपीनाथ होंगी आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारतीय मूल की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर गीता गोपीनाथ को मुख्य अर्थशास्त्री और अनुसंधान विभाग का प्रमुख नियुक्त किया है। गीता मौरी ओब्स्टफेल्ड की जगह लेंगी,जो दिसंबर में सेवानिवृत्त होंगे। 

गीता गोपीनाथ, भारत के पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के बाद ऐसी दूसरी भारतीय हैं जिन्हें इस पद की जिम्मेदारी दी गई है। हार्वर्ड विश्वविद्याल में गीता इंटरनेशनल इकॉनमिक स्टडीज की प्रोफेसर हैं।

आईएमएफ ने ट्वीट के जरिए इसकी घोषणा करते हुए कहा कि आईएमएफ प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लगार्द ने गीता को मुख्य अर्थशास्त्री के तौर पर नियुक्त किया है। गीता मौरी की जगह लेंगी, जो कि आईएमएफ से दिसंबर में रिटायर हो रहें है। वहीँ गीता गोपीनाथ  की न्युक्ति पर  क्रिस्टीन  लगार्द का कहना है कि गोपीनाथ का अकादमिक प्रदर्शन काफी अच्छा है। वे दुनिया की बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक हैं और उनका लीडरशिप में रिकॉर्ड भी काफी बेहतर है। 

एसएचओ के उत्पीड़न से महिला सिपाही ने लगाई फाँसी,मुकदमा दर्ज

बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ थाना कोतवाली में तैनात महिला सिपाही मोनिका रावत (25 वर्षीया) ने पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली है। पुलिस को शव के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। मोनिका रावत ने अपनी सुसाइड नोट में एसएचओ परशुराम ओझा और मुंशी रुखसार अहमद द्वारा ड्यूटी के नाम पर शोषण और उत्पीड़न करने की बात लिखी है। सुसाइड नोट को पहले काफी देर तक उच्चाधिकारी छिपाते रहे,लेकिन अंत में सुसाइड नोट सोशल मीडिया में वायरल हो गया। कई घण्टों के बाद पुलिस अधीक्षक वी.पी.श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंच घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। बताते है कि मृतक महिला सिपाही थाने के पास ही एक बैंक के निकट किराए के मकान में रहती थी।

सुसाइड नोट में मृतका ने लिखा है कि वह थाने में सीसीटीएनएस के पद पर तैनात थी और उसकी थाने के बाहर भी बार बार ड्यूटी लगा कर उसको टार्चर किया जा रहा था। जबकि इसी पद पर तैनात अन्य पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बाहर नहीं लगाई जाती है। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि डिपार्टमेंट में जो हो रहा है उसे होने दो तभी सब खुश रहे सकते हैं। मैंने इसका विरोध किया तो कार्यालय में मौजूद थाना प्रभारी एसएचओ परशुराम ओझा और कार्यालय मुंशी मोहम्मद रुखसार अहमद द्वारा परेशान किया जाने लगा। गैर हाजिरी भी अंकित करा दी गई।

मोनिका रावत ने पत्र में लिखा है कि आज दि0 29/ 09/018 को जब मैं अपनी छुट्टी के लिये एसएचओ परशुराम ओझा के पास गई, तो उन्होंने रजिस्टर फेक दिया और बोले कि हम छुट्टी नही देंगे।  पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ सर्किल) के पास जाओ। मुझे समझ मे नही आता कि आखिर जिन छुट्टीयो पर हमारा हक है उनके लिये भी हमे उच्चाधिकारियों के सामने अपने मजबूरियों भीख मांगनी पड़ती है। आखिर कब तक यह सब कर्मचारियों को झेलना पड़ेगा। अगर आज छुट्टी मिल गई होती, तो यह कदम नही उठाना पड़ता और न ही रोना व परेशान होना पड़ता।

यह भी पढ़ें : विवेक तिवारी मर्डर केस: पत्नी ने की सीबीआई जांच और नौकरी की मांग

मोनिका रावत मूल रूप से हरदोई जिले निवासी थीं। मोनिका ने अपने  सुसाइड नोट में मम्मी पापा से माफी मांगते हुये लिखा है कि सॉरी मम्मी पापा जो भी आप लोगो के साथ गलत किया हो सके तो माफ कर देना।

(शिवरतन कुमार गुप्ता (राज़) की रिपोर्ट )

365 दिन में सिर्फ12 घंटे के लिए खुलता है छत्तीसगढ़ का यह मन्दिर

यूँ तो हमारे देश में कई मंदिर हैं जहाँ साल भर भक्तों का ताँता लगा रहता है। लेकिन क्या आपको पता है कि छत्तीसगढ़ में एक ऐसा भी मंदिर है, जो साल के 365 दिनों में महज 12 घंटों के लिए खुलता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि यहाँ आने वाले श्रद्धालु  रेंगते हुए देवी के दर्शनों के लिए पहुंचतें हैं।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कोंडागांव ज़िले में स्थित यह मंदिर माता लिंगेश्वरी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यहाँ पर माता लिंगरूप में विराजमान हैं। हर साल गणेश चतुर्थी के ख़त्म होने पर यह मंदिर 12 घंटों के लिए खोला जाता है, जिसके चलते यहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु देवी माँ के दर्शनों के लिए उमड़ पडतें हैं। यहाँ न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से भी लोग देवी मां के दर्शनों के लिए खिंचे चले आतें हैं।

इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहाँ पर माता को खीरा अर्पित करने से भक्तों की सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं। खासकर विवाहित जोड़ों की, जो माता लिंगेश्वरी के दरबार में संतान प्राप्ति की कामना लेकर आतें हैं। 

राज कपूर की पत्नी कृष्णा का 87 वर्ष की उम्र में निधन 

शोमैन राज कपूर की पत्नी कृष्णा राज कपूर का सोमवार सुबह मुंबई में निधन हो गया। 87 वर्ष की कृष्णा काफी समय से बीमार चल रही थीं। फिल्म अभिनेता रणधीर कपूर के मुताबिक सुबह 5 बजे कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनकी मां का निधन हो गया।

कृष्णा राज कपूर का जन्म 1931 में हुआ था और उनकी शादी 1946 में राज कपूर से हुई थी। उनके परिवार में तीन बेटे- रणधीर, ऋषि और राजीव, जबकि दो बेटियां- रितु और रीमा हैं। शादी से पहले उनका नाम कृष्णा मल्होत्रा था।

कृष्णा राज कपूर के निधन की खबर सुनते ही बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई। अनुपम खेर, सुहेल सेठ, रवीना टंडन, मधुर भंडारकर, रिदिमा कपूर, और सोहा अली खान ने ट्वीट कर उन्हें श्रधांजलि दी ।

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SBI ने दिया जोर का झटका, घटाई ATM से पैसा निकालने की लिमिट

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने एटीएम ट्रांजेक्शन में बढ़ रही धोखाधड़ी के चलते एटीएम से पैसे निकालने की सीमा घटा दी है। एसबीआई के फैसले के बाद अब  बैंक के एटीएम से 20 हजार रुपये ही  निकाले जा सकेंगें। नया नियम 31 अक्तूबर 2018  से लागू होगा।

अब तक एसबीआई के एटीएम से एक दिन में 40 हजार रुपये तक निकाले जा सकते थे, लेकिन एसबीआई के नए फैसले के बाद अब यह सीमा घटकर 20 हजार रुपये रह गई है। 

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने इस मामले में सभी बैंक शाखाओं को लिखित आदेश में कहा है कि एटीएम ट्रांजेक्शन में धोखाधड़ी की शिकायतें बढ़ रही हैं, जिसके मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। साथ ही कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने का मकसद भी बैंक के इस फैसले की बड़ी वजह बताई जा रही है। 

1 अक्तूबर से बदलेंगी ये चीजें, पड़ेगा आपकी जेब पर असर

1 अक्तूबर 2018 से आपके रोजमर्रा जीवन से जुडी कुछ चीजें बदल जाएँगी। जहाँ एक तरफ पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से आम आदमी बेहाल है, तो वहीँ अब एलपीजी सिलेंडर और सीएनजी के दाम बढने से आम आदमी की जेब पर दोहरी मार पड़ने वाली है।  ऐसा नहीं है कि सरकार द्वारा बीते दिनों लिए गए फैसलों से सिर्फ वस्तुओं के दाम ही बढ़ें हैं, बल्कि कुछ फैसले लोगों को राहत देते भी नजर आयेंगे। तो आईये जानते हैं कि अक्तूबर में किन किन चीजों के दामों में हुई है बढ़ोत्तरी और कहाँ मिलेगी आपको राहत।

1.  बचत योजनाओं पर मिलेगा ज्यादा ब्याज : बीते दिनों केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बढाने का ऐलान किया था। नई ब्याज दरें  1 अक्तूबर से लागू होनी हैं। जिससे कि अब सुकन्या समृद्धि योजना, पीपीएफ, किसान विकास पात्र, सीनियर सिटिजन, सेविंग अकाउंट, जैसी अन्य बचत योजनाओं पर ज्यादा ब्याज मिलेगा।

2. कमोडिटीज मार्केट ऑपरेशंस पर नहीं लगेगा शुल्क : बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज 1 अक्टूबर से कमोडिटी डेरिवेटिव्स में कारोबार शुर करेगा। कमोडिटीज मार्केट को बढ़ावा देने के लिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने कमोडिटीज मार्केट ऑपरेशंस शुल्क पर भी एक साल की छूट भी दी है।  

3. रसोई गैस हुई मंहगी : सरकार ने जहां एक तरफ छोटे निवेशकों  को राहत देते हुए बचत योजनाओं पर ज्यादा ब्याज देने की घोषणा की है। वहीँ दूसरी तरफ एलपीजी सिलेंडर महंगा होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। रसोई गैस के दाम बढ़ने से सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 2.89 रुपये और बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर  9 रुपये महंगा हो गया है। जिससे अब सब्सिडी वाला सिलेंडर 502.40 रुपये और बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 879 रुपये में मिलेगा।

4. कॉल ड्रॉप पर लगेगा  जुर्माना : 1 अक्तूबर से ट्राई ने कॉल ड्राप पर टेलीकॉम कंपनियों से जुर्माना वसूलने का फैसला लिया है। मोबाईल उपभोक्ताओं को  कॉल ड्राप से निजात दिलाने के लिए  ट्राई की तरफ से कॉल ड्रॉप की परिभाषा में 2010 के बाद पहली बार बदलाव भी किया गया है ।

5. ऑनलाइन शॉपिंग होगी महँगी : जीएसटी के तहत टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) और टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) के प्रावधान लागू होने से ऑनलाइन शॉपिंग महँगी हो जाएगी है। 1 अक्तूबर से लागू होने वाले प्रावधान के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को टीसीएस (TCS) कलेक्शन के लिए उन सभी राज्यों में रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जहां उसके सप्लायर्स हैं।

विवेक तिवारी मर्डर केस: पत्नी ने की सीबीआई जांच और नौकरी की मांग

लखनऊ के गोमती नगर में पुलिस की गोली का शिकार हुए विवेक तिवारी की पत्नी ने मामले की सीबीआई जाँच करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने 1 करोड़ रुपये और पुलिस विभाग में नौकरी बतौर मुआवजा माँगा है। एप्पल में एरिया सेल्स मैनेजर के तौर पर काम करने वाले  विवेक तिवारी की पत्नी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें यूपी पुलिस की जाँच पर भरोसा नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को देर रात विवेक तिवारी अपनी सहकर्मी के साथ आईफोन की लॉन्चिंग से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने उनपर गोली चला दी। गोली लगते ही उनका संतुलन बिगड गया और गाडी डिवाइडर से जा टकराई। हादसे के बाद विवेक को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। विवेक की सहकर्मी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर गोली चलाने वाले कॉन्स्टेबल प्रशांत कुमार और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच के बाद अब दोनों आरोपी सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है।

वहीँ इस मामले में पुलिस का कहना है कि गस्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने विवेक तिवारी को गाडी रोकने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने भागने का प्रयास किया। जबकि विवेक की सहकर्मी सना खान का कहना है कि विवेक उन्हें घर ड्रॉप करने जा रहे थे। इसी बीच आरोपी पुलिसवालों ने गाड़ी रोकने की कोशिश की। लेकिन जब विवेक ने साइड से गाड़ी निकालनी चाही तो पुलिसवालों ने सामने से बाइक लगा दी। जिससे विवेक की गाड़ी बाइक से जा लगी। बाइक पर पीछे बैठे सिपाही के हाथों में लाठी थी, आगे वाले सिपाही के पास बंदूक। जिसके बाद आगे बैठे सिपाही ने विवेक पर गोली चला दी।

सुप्रीमकोर्ट का बड़ा फैसला, महिलाओं के लिए खुले सबरीमाला के दरवाज़े

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का रास्ता साफ़ कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सभी उम्र की महिलाएं  भगवन अयप्पा के दर्शन कर सकेगीं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने अपने फैसले में कहा कि सभी अनुयायियों को पूजा करने का अधिकार है। लैंगिक आधार पर श्रद्धालुओं से भेदभाव नहीं किया जा सकता।

जहाँ एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लोगों ने खुशी जताई है, वहीँ त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड के अध्यक्ष एम पद्मकुमार का कहना है  कि वो फैसले के खिलाफ रिव्यू पेटीशन दायर करेंगे। ‘द इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन’ ने बीते 800 सालों से सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबन्दी को चुनौती दी थी। वहीँ केरल सरकार पहले ही साफ़ कर चुकी है कि वह मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में है।

केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से लेकर 50 साल की उम्र तक की महिलाओं को मंदिर में जाने की इजाजत नहीं है। बताया जाता है कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे। ऐसे में युवा और किशोरी महिलाओं का मंदिर में वर्जित है। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से लगभग 175 किलोमीटर दूर स्थित सबरीमाला मंदिर चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहाँ नवम्बर से जनवरी तक श्रद्धालु भगवान अयप्पा  के दर्शनों  के लिए जाते हैं। मकर संक्रांति के दिन यहाँ भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिलती है, जबकि बाकी दिनों में यह मंदिर आम भक्तों के लिए बंद रहता है। 

दवा की दुकानें रही बन्द, एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

महराजगंज : आल इंडियाआर्गनाइजेशन एवं उत्तर प्रदेश केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर  जिले की सभी छोटी बड़ी (थोक एवं फुटकर) दवा की दुकानें बन्द रहीं। दवा विक्रेताओं ने सुबह से ही अपनी अपनी प्रतिष्ठानों को बन्द कर जिला परिषद मार्केट में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा के सम्मुख इकट्ठा हुए।जहां संगठन के पदाधिकारियों ने अपने सम्बोधन के माध्यम से  केंद्र की मोदी सरकार एवं प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों का खूब बिरोध किया ।केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट वेलफेयर एशोशिएशन के जिला महामन्त्री विनय कुमार नायक ने कहा की केंद्र और प्रदेश सरकारें दवा दुकानदारों का जिस तरह उत्पीड़न करा रही है,इसको संगठन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। आज हम सब पर अंग्रेजों के शासन काल सन 1940 की ड्रग्स एक्ट को थोपा जा रहा है,जो गैर न्यायिक है। आल इंडिया आर्गनाइजेशन एवं उत्तर प्रदेश केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की तीन प्रमुख मांगों में शामिल है कि 

1:- ऑनलाइन फार्मसी को हर हाल में लागू न किया जाए ।
2:-फुटकर दवा की दुकानों पर फार्मासिस्टों की अनिवार्यता तत्काल समाप्त किया जाए।

3:-खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच के नाम पर की जा रही दवा दुकानदारों का उत्पीड़न को विशेष तौर से रोका जाए। 

 

दवा विक्रेताओं ने एक स्वर में कहा की अभी यह बन्दी एक सांकेकित है,सरकारों द्वारा हमारी मांगों को अविलम्ब पूरी नहीं की जाती हैं तो हम सब अनिश्चितकालीन बन्दी करने को विवश होंगे। दवा विक्रेताओं का समूह जिलाध्यक्ष  ज्ञानेन्द्र नाथ द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला परिषद मार्केट से पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचा।जहाँ प्रधानमन्त्री,मुख्यमंत्री एवं ड्रग्स कन्ट्रोलर को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।

( शिवरतन कुमार गुप्ता की रिपोर्ट )